Category: national

  • भारत के सबसे बड़े कोइनसिक्योर एक्सचेंज में से २० करोड़ के बिटकॉइन की चोरी

    [object Promise]

    भारत में एक शीर्ष एक्सचेंज फर्म से करीब 20 करोड़ रुपए कीमत के करीब 438 बिटकॉइन चोरी होने का मामला सामने आया है। इसे क्रिप्टोकरेंसी की अब तक की सबसे बड़ी चोरी का मामला सामने माना जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह जानकारी सामने आई है। कॉइनसिक्योर जो कि दिल्ली का एक बड़ा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज है ने साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई है। इस एफआईआर में उसने अपने सीएसओ अमिताभ सक्सेना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फर्म के वॉलेट से गलत तरीके से पैसों को निकासी की है। इस एक्सचेंज ने सरकार से अपील की है कि अमिताभ सक्सेना का पासपोर्ट जब्त कर लिया जाए और क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं वो देश छोड़कर भाग न जाएं। यह मामला आईपीसी सेक्शन और आईटी एक्ट की धारा 66 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

    कैसे हुआ खुलासा: आपको बता दें कि कॉइनसिक्योर के देशभर में 2 लाख यूजर्स हैं। एक्सचेंज ने पाया कि वो सभी बिटकॉइन जिन्हें ऑफलाइन स्टोर किया गया था वो सभी गायब हो गए हैं। बाद में जानकारी में यह बात सामने आई है कि प्राइवेट की- यानी कि पासवर्ड को कि कंपनी के पास और ऑफलाइन स्टोर किया जाता है वो ऑनलाइन हैक हो गया जिसने हैक को अंजाम दे दिया। कंपनी ने हैकर्स का पता लगाने की भरसक कोशिश की लेकिन सभी प्रभावित वॉलेट से डेटा को डिलीट किया जा चुका था और हैकर्स ने ऐसा कोई सुराग नहीं छोड़ा जिससे मालूम किया जा सके कि बिटकॉइन को कहां ट्रांसफर किया गया। गौरतलब है कि बिटकॉइन ने साल 2017 के दिसंबर महीने में 19,000 का स्तर छू लिया था, बिटकॉइन के चलते काफी सारे लोगों ने खूब कमाई की, इसमें बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन भी शामिल थे। हालांकि साल 2018 में इसमें तेज गिरावट आई और ये फिलहाल 7,820 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। हैकर्स ने एक प्रमुख बिटकॉइन एक्सचेंज फर्म को 20 करोड़ का चूना लगाया है। फर्म के ज्यादातर वॉलिट्स हैक हो गए थे। कुल मिलाकर 440 बिटकॉइन्स की चोरी हुई है। इसे क्रिप्टोकरंसी की चोरी की सबसे बड़ी वारदात कहा जा रहा है। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस चोरी की पुष्टि करते हुए कहा है कि कॉइनसिक्यॉर नाम की क्रिप्टोकरंसी फर्म ने उन्हें इस चोरी के बारे में बताया। इस संदर्भ में आईपीसी कि विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी ऐक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

    कॉइनसिक्यॉर के देशभर में 2 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं। कंपनी ने पुलिस को बताया कि उन्हें इस चोरी के बारे में सोमवार को उस वक्त पता चला जब सभी वॉलिट्स को चेक किया जा रहा है। कंपनी के एक सीनियर सिक्यॉरिटी ऑफिसर को पता चला कि जिन बिटकॉइन्स को ऑफलाइन स्टोर करके रखा गया था, वे सभी गायब हो चुके हैं। बाद में पता चला कि वॉलिट्स के प्राइवेट कीज यानी पासवर्ड्स- जिन्हें ऑफलाइन स्टोर करके रखा गया था, ऑनलाइन लीक हो चुके थे, जिस वजह से हैकिंग हुई। बिटकॉइन धमाल मचा रहा है। बिटकॉइन के बेतहाशा बढ़ने से लोग अन्य क्रिप्टोकरंसीज के प्रति भी आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि इथेरियम, लाइटकॉइन, रिपल जैसी डिजिटल करंसीज लगातार चढ़ रही हैं।

    इन 7 करंसीज की इथेरियम बिटकॉइन की सबसे नजदीकी प्रतिस्पर्धी के रूप में उभर रहा है। 2014 में आया इथेरियम अभी दूसरी सबसे मूल्यवान करंसी है। बिटकॉइन की तरह यह भी एक तरह का ब्लॉकचेन नेटवर्क ही है। बिटकॉइन और इथेरियम में मुख्य अंतर मकसद और क्षमता का है। बिटकॉइन ब्लॉकचेन के इस्तेमाल का मकसद यह जानने के लिए होता है कि बिटकॉइन किन-किनके पास है जबकि इथेरियम ब्लॉकचेन के जरिए डीसेंट्रलाइज्ड ऐप्लिकेशंस बनाए जाते हैं। कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की नजर में रिपल बिटकॉइन का उत्तराधिकारी है। 2012 में बिटकॉइन के पूर्व डिवेलपरों ने रिपल लॉन्च की थी। यह एक स्टार्टअप है जिसकी वेबसाइट कहती है कि रिपल एक ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी है जो बैंकों, पेमेंट प्रवाइडरों, डिजिटल ऐसेट एक्सचेंजों और कंपनियों को जोड़ती है। यह स्टार्टअप रिपल के नाम से पेमेंट नेटवर्क भी ऑपरेट करता है। रिपल की क्रिप्टोकरंसी XRP है। पिछले साल दिसंबर 2012 तक लाइटकॉइन की कीमत 5,700 प्रतिशत बढ़ चुकी थी जबकि उस अवधि तक बिटकॉइन 1,550 प्रतिशत ही मजबूत हुआ था।

    यह पियर-टु-पियर क्रिप्टोकरंसी है जिसे गूगल के पूर्व एंप्लॉयी और कॉइनबेस में इंजिनियरिंग के पूर्व डायरेक्टर चार्ली ली ने बनाया था। टेक्निकल इंप्लेमेंटेशन के लिहाज से लाइटकॉइन बिटकॉइन से बहुत मिलता-जुलता है। दावा किया जा रहा है कि जेडकैस (ZEC) पहली परमिशनलेस क्रिप्टोकरंसी है जो ट्रांजैक्शन को पूरी तरह सुरक्षित रखती है। बिटकॉइन की तरह ही Zcash भी ब्लॉकचेन आधारित करंसी है। अक्टूबर 2016 में लॉन्च हुई यह डिजिटल करंसी का मॉनेटरी बेस भी बिटकॉइन के बराबर है। डैश बिटकॉइन का एक और कड़ा प्रतिस्पर्धी है। यह एक ओपन सोर्स पियर-टु-पियर क्रिप्टोकरंसी है। डैश का इस्तेमाल त्वरित, ऑनलाइन या इन-स्टोर प्राइवेट पेमेंट्स के लिए किया जाता है। इसके लिए दुनियाभर के हजारों यूजर्स सिक्यॉर ओपन-सोर्स प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।
    मोनेरो के बारे में कहा जाता है कि यह एक सुरक्षित, निजी और अज्ञात क्रिप्टोकरंसी है। इसकी लॉन्चिंग अप्रैल 2014 में हुई। मोनरो के डिवेलपर्स नेटवर्क की ट्रांजैक्शन फी 80 प्रतिशत तक कम करने का प्रयास कर रहे हैं। आईओटीए भी बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। इसका मार्केट कैप 0.75 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। बिटकॉइन के डिवेलपमेंट के बाद आईओटीए को थर्ड जेनरेशन के ब्लॉकचेन का प्रतिनिधित्व करता है। कंपनी ने हैकर्स का पता लगाने की कोशिश की लेकिन पता चला कि प्रभावित वॉलिट्स के सभी डेटा लॉग्स को उड़ा दिया गया है। इस तरह हैकर्स ने कोई सुराग नहीं छोड़ा कि बिटकॉइन्स कहां ट्रांसफर किए गए हैं। कंपनी की वेबसाइट तभी से बंद है। गुरुवार रात को कंपनी ने वेबसाइट पर एक मेसेज पोस्ट कर अपने यूजर्स को हैकिंग के बारे में जानकारी दी।

    कंपनी के फाउंडर और सीईओ मोहित कालरा ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्हें शक है कि हैकिंग के पीछे कंपनी के भीतर के ही किसी शख्स का हाथ है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कीज को कभी ऑनलाइन नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा लगता है कि अपराध को जानबूझकर अंजाम दिया गया है। पुलिस ने बताया कि कंपनी के सर्वर को सीज कर दिया गया है ताकि किस स्तर पर हैकिंग हुई है, इसका सही-सही पता चल सके। इसकी भी जांच की जा रही है कि क्या और भी वॉलिट्स प्रभावित हुए हैं। कंपनी के सीनियर सिक्यॉरिटी ऑफिशल्स को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। साइबर सिक्यॉरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी जिस पासवर्ड को रखती है, उसे कभी भी ऑनलाइन सिस्टम से नहीं जोड़ा जाता है। लेकिन पुलिस को पता चला है कि न सिर्फ पासवर्ड्स ऑनलाइन थे, बल्कि उन्हें 12 घंटे से ज्यादा वक्त तक इस तरह रखा गया। केंद्र सरकार और आरबीआई देश भर में क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन पर रोक लगा चुकी है। लेकिन दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। राजधानी में स्थित एक बिटक्वाइन एक्सचेंज से 20 करोड़ रुपये के करीब 438 सिक्के चोरी हो गए हैं। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्वाइनसिक्योर ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में कंपनी के सीएसओ अमिताभ सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज कर दिया है।

    इसके साथ ही कंपनी ने सरकार से उसका पासपोर्ट रद्द करने की मांग भी की है। कंपनी को शक है कि वो देश छोड़कर कभी भी भाग सकता है। पुलिस ने आईपीसी और आईटी एक्ट के सेक्शन 66 में एफआईआर लिखी है। एक्सचेंज के फिलहाल पूरे देश में दो लाख से अधिक यूजर्स हैं। कंपनी को अपनी तहकीकात में पता चला कि जीतने भी बिटक्वाइन उसने ऑफलाइन स्टोर किए थे, वो सभी गायब हो गए। बाद में पता चला कि इन बिटक्वाइन के ऑफलाइन पासवर्ड को ऑनलाइन लीक कर दिया गया है। कंपनी ने हैकर्स का पता करने की कोशिश की, तो फिर सारे डाटा लॉग डिलीट कर दिए गए, जिससे यह बिटक्वाइन कहां पर ट्रांसफर किए गए हैं, इसके बारे में भी जानकारी नहीं मिल पाई। कंपनी ने अपनी वेबसाइट को इसके बाद से बंद कर दिया है। गुरुवार रात को कंपनी ने अपने सभी यूजर्स को इस चोरी की जानकारी वेबसाइट पर मैसेज के जरिए दे दी है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ मोहित कालरा ने कहा है कि उन्हें किसी भीतरी व्यक्ति पर चोरी करने की आशंका है। कालरा ने कहा है कि अगर बिटक्वाइन वापस नहीं मिले तो फिर वो अपनी जेब से ग्राहकों को नुकसान की भरपाई करेंगे। पुलिस ने भी कंपनी के सभी प्रमुख अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है।

  • बंद का असर कहीं नरम कहीं गर्म, हरिद्वार में दुकानें कराईं बंद

    [object Promise]

    देहरादून : सोशल मीडिया और दूसरे माध्यम से भारत बंद की अफवाह का असर सूबे में कहीं दिखाई दिया कहीं नहीं दिखा। अल्‍मोड़ा और टिहरी में व्‍यापारियों ने अपनी दुकानें बंद रखीं। वहीं, हरिद्वार जिले के बहादराबाद में आरक्षण विरोधियों ने दुकानें बं कराई। अल्‍मोड़ा जिले के चौखुटिया में भारत बंद का व्यापक असर देखने को मिला है।

    मिठाई व सब्जी की दुकानों को छोड़ सभी व्यवसायिक प्रतिष्ठान बंद हैं। चाय की दुकानें व होटल भी बंद होने से राहगीरों व यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ा है। वहीं, टिहरी जिले के घनसाली में भी बदं का असर देखने को मिला, जबकि सूबे के अन्‍य क्षेत्रों में बंद का बेअसर रहा। सोशल साइट पर भारत बंद की अपील रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में अभी बेअसर दिखी। शहर और देहात में अधिकांश दुकानें खुली रही, लेकिन बाजारों और सड़कों पर लोगों की भीड़ आम दिनों की अपेक्षा कम नजर आई है।

    शहर में पुलिस के सुरक्षा के कड़े बन्दोबस्त है साथ ही बार्डर पर पुलिस पर नजर रखे हुए है। सन्दिग्ध लोगों से पूछताछ की जा रही है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि धारा 144 का कड़ाई से पालन कराया जा रहा है। आरक्षण विरोधियों ने बहादराबाद में दुकानें बंद कराईं। एसपी सिटी और सीओ कनखल मौके पर पहुंच गए। स्थानीय व्यापारियों के एक गुट ने बाजार में पहुंचकर दुकानें बंद करा दी। पुलिस ने व्यापारियों को समझाया कि कोई अपनी मर्जी से दुकान बंद करना चाहता है, तो वह कर सकता है। जबरन किसी की दुकान बंद नहीं कराई जाएगी। व्यापारियों ने आपसी रजामंदी से विरोध स्वरूप बाजार की दुकानें बंद कर दी है। बाजार में पुलिस फोर्स तैनात हैं। सीओ सहित कई अधिकारी बहादराबाद में ही डेरा जमाए हुए हैं।

  • केस का बंटवारा CJI का विशेषाधिकार, नहीं जता सकते उनपर अविश्वास: SC

    [object Promise]
    नई दिल्ली,सुप्रीम कोर्ट ने संवैधानिक पीठों का गठन करने और कामकाज का बंटवारा करने की मांग वाली जनहित याचिका (पीआईएल) खारिज कर दी है। जस्टिस डी वाई चंद्रचूड़ ने बुधवार को फैसला सुनाते हुए कहा कि इस संस्था के प्रमुख के तौर पर चीफ जस्टिस पर अविश्वास जताया नहीं जा सकता।

     

    मुकदमों के बंटवारे और पीठों के गठन का उनके पास विशेषाधिकार है।’आदेश में कहा गया है कि चूंकि भारत के चीफ जस्टिस उच्च संवैधानिक पदाधिकारी हैं, ऐसे में सुप्रीम कोर्ट द्वारा संविधान के तहत आने वाले कार्यों को सुनिश्चित करने के लिए ‘उनके द्वारा निभाई जाने वाली जिम्मेदारियों को लेकर कोई अविश्वास नहीं हो सकता है।
    ’बीते 12 जनवरी को सुप्रीम कोर्ट के 4 वरिष्ठ जजों जस्टिस जे चेलमेश्वर, जस्टिस रंजन गोगोई, जस्टिस मदन बी लोकुर और जस्टिस कुरियन जोसेफ ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। इसमें जस्टिस चेलमेश्वर ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा के कामकाज के तौर-तरीकों पर सवाल उठाए थे। उन्होंने कहा था कि ‘लोकतंत्र दांव पर है। इसे ठीक नहीं किया तो सब खत्म हो जाएगा।’
    उन्होंने चीफ जस्टिस को 2 महीने पहले 7 पन्ने का लिखा पत्र भी जारी किया। इसमें आरोप लगाया गया था कि चीफ जस्टिस अपनी पसंद की बेंचों में केस भेजते हैं। देश के कानूनी इतिहास में यह पहला मौका था जब सुप्रीम कोर्ट के जजों ने अदालती सिस्टम पर सवाल उठाए थे।

  • जानिए क्या है देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’, इस योजना से कैसे और किसको मिलेगा लाभ !

    [object Promise]
    छत्तीसगढ़ के बीजापुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की सबसे बड़ी स्वास्थ्य बीमा योजना ‘आयुष्मान भारत’ योजना का शुभारंभ किया। ‘आयुष्मान भारत’ अभियान के तहत प्रधानमंत्री मोदी ने बीजापुर में वैलनेस सेंटर का उद्घाटन किया।
    इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर लोगों को स्वास्थ्य बीमा मुहैया कराना है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों को इस योजना का लाभ मिल सकें। अभी भारत में 10 करोड़ बीपीएल घारक लोग है।
    [object Promise]
    modi-ayushman-bharat
    आयुष्मान योजना से जनता को कैसे लाभ मिलेगा 
    इस योजना के तहत सरकार हर परिवार को 5 लाख रूपए तक का फ्री में इलाज कराने की सुविधा मिलेगी। इस स्कीम के तहत परिवार के हर सदस्य को बीमा का फायदा मिलेगा।
    लोगों तक योजना को सही से पहुंचाया जा रहा है इसके लिए सरकार की तरफ से एक काउंसिल का भी गठन किया जाएगा। जिसकी अध्यक्षता राज्य के हैल्थ मिनिस्टर करेंगे।
    सरकार ने लोगों तक इस योजना को पहुंचाने के लिए अलग-अलग मापदंड तय किए है।
    ग्रामीण क्षेत्र 
    यदि कोई परिवार गांव में रहता है और उसे इस स्कीम का फायदा उठाना है तो उसके लिए सरकार की कई शर्तें हैं-
    • एक कमरे का कच्चा मकान, जिनमें 16 से 59 वर्ष के बीच की उम्र का कोई अडल्ट सदस्य न हों।
    • यदि किसी के परिवार में कोई आदमी नही है मतलब महिला मुखिया वाले परिवार, जिनमें 16 से 59 वर्ष के बीच का कोई पुरुष नही होना चाहिए।
    • ऐसे लोग जो विकलांग है लेकिन उनकी देखरेख करने वाला कोई अडल्ट सदस्य न हों।
    • जिन परिवारों के पास रहने के लिए घर न हों और कानुनी रूप से बंधुआ मजदूरी से मुक्त कराए गए हों।
    • [object Promise]
      pm-modi-launches-ayushman-yojana
    शहरी क्षेत्र
    • सरकार ने शहरी क्षेत्रों में रहने वाले गरीबों के लिए 11 कैटेगरी बनाई है। जिन्हें सरकार की स्कीम का फायदा मिलेगा।
    • स्कीम के अंतर्गत प्रति परिवार 5 लाख रूपए तक का कवर मिलेगा। इस कवर में लगभग सभी गंभीर बीमारियों का इलाज होगा।
    • स्कीम का फायदा हर लोगों तक पहुंचे इसके लिए सरकार ने परिवार में रहने वाले लोगों और उम्र पर किसी भी प्रकार की समयसीमा नहीं लगाई है।
    जानें किन-किन अस्पतालों में होगा इलाज
    • राज्यों के सभी सरकारी अस्पताल इस स्कीम के अंतर्गत आएंगे।
    • इम्प्लाई स्टेट इन्श्योरेंस कॉर्पोरेशंस से संबंधित अस्पतालों को बेड ऑक्यूपेंसी रेश्यो के पैरामीटर के आधार पर इसके पैनल में शामिल किया जा सकता है।
    • प्राइवेट अस्पतालों के मामले में निश्चित क्राइटेरिया के आधार ऑनलाइन इम्पैनल्ड किया जाएगा।

  • आरटीआई खुलासा: जानिये ‘आम आदमी सरकार’ ने चाय नाश्ते पर कितने करोड़ उड़ाये !

    [object Promise]

    दिल्ली की जनता को आम आदमी पार्टी का चाय पानी काफी महंगा पड़ रहा है। आम आदमी की सियासत के बल पर सत्ता में आई अरविंद केजरीवाल सरकार के खर्चे का चौंका देने वाला ब्यौरा सामने आया है। आप ने अपने तीन साल के कार्यलय में केवल चाय नाश्ते के लिए एक करोड़ से ज्यादा खर्च कर दिए हैं। इसमें से इस साल में 33 लाख रुपये का रिफ्रेशमेंट खाया गया, जबकि पिछले साल इसी रिफ्रेशमेंट पर 46 लाख रुपये खर्च किए गए थे। आरटीआई से मिली जानकारी में इस बात का खुलासा हुआ।

    [object Promise]
    AAP-PARTY2

    खबरों के अनुसार उत्तराखंड के हल्द्वानी के रहने वाले ऐक्टिविस्ट हेमंत सिंह गौनिया ने इस संबंध में फरवरी में आरटीआई फाइल कर सीएम ऑफिस में हुए खर्चो की जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में बताया गया कि वित्त वर्ष 2015-16 की अवधि में चाय और नमकीन पर 23.12 लाख रुपये जबकि 2016-17 की अवधि में 46.54 लाख रुपये खर्च किए गए। उसी तरह वित्त वर्ष-2017-18 की अवधि में चाय और नमकीन पर 33.36 लाख रुपये खर्चे। 2016 में 47.29 लाख रुपये में से 22,42,320 का बिल उनके सचिवालय ऑफिस और 24,86,921 का बिल उनके कैम्प ऑफिस में आया।

    [object Promise]
    AAP-PARTY2

    मोबाइल फोन पर खर्च हुए ढाई लाख
    यही नहीं अरविंद केजरीवाल ने तीन सालों में मोबाइल फोन पर ढाई लाख रुपये से अधिक खर्च किए। उनके दोनों फोन का बिल ढाई लाख रुपये से अधिक का आया है। मार्च 2015 से फरवरी 2018 तक मुख्यमंत्री के एक मोबाइल का बिल 108851 और दूसरे मोबाइल का बिल 147568 रुपये आया। आरटीआई के अनुसार वर्ष 2017 में दो कार खरीदने पर 4073736 रुपये खर्च किए गए। इनकी सर्विस व एसेसरीज लगाने में 82610 रुपये व मुख्यमंत्री के साथ चलने वाले दो वाहनों के पेट्रोल पर 9749 रुपये खर्च किए गए।

    [object Promise]
    AAP-PARTY2

    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य पर खर्च हुए 12 लाख रुपये 
    मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के स्वास्थ्य पर पिछले तीन साल में करीब 12 लाख रुपये खर्च हुए हैं। वर्ष 2017-18 में 357605 रुपये, वर्ष 2016-17 में 725699 और वर्ष 2015-16 में 110927 रुपये का मेडिकल रीम्बर्समेंट लिया गया। वहीं गौनिया ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह ऐसा खर्च है जिसपर लगाम लगाया जाना चाहिए और पैसा उन लोगों पर खर्च होना चाहिए जिनको एक वक्त का खाना नसीब नहीं होता। उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि सरकार अच्छे कार्यों के लिए अपने खर्चों में कटौती करेगी।

  • पैन कार्ड फॉर्म में ट्रांसजेंडरों के लिए होगा अलग से कॉलम

    [object Promise]

    नई दिल्ली : सरकार ने आयकर नियमों को संशोधित करते हुए ट्रांसजेंडरों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए पैन कार्ड फॉर्म में उनके लिए स्वतंत्र लिंग का कॉलम बनाया है। केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड ने कल एक अधिसूचना जारी कर पैन कार्ड आवेदन के फॉर्म में एक नया टिक बॉक्स बनाया है।

    उल्लेखनीय है कि आयकर विभाग के लिए नीतियां बनाने का सर्वोच्च काम यही बोर्ड करता है। जारी अधिसूचना के अनुसार आयकर कानून की धारा 139 ए और 295 को संशोधित किया गया है। अभी तक पैन कार्ड के आवेदन फॉर्म में लिंग के चुनाव के लिए केवल पुरुष और महिला श्रेणी का ही विकल्प होता था।

    एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि इस संबंध में फैसला सीबीडीटी को मिले कुछ सुझावों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। पैन 10 अंकों की एक विशेष संख्या होती है जो आयकर विभाग व्यक्तियों और इकाइयों को आवंटित करता है। यह आयकर संबंधी सभी लेनदेन में महत्वपूर्ण होता है। अब सरकार ने इनकम टैक्स रिटर्न भरने के लिए आधार भी जरूरी कर दिया है।

    ताजा आंकड़ों के मुताबिक 5 मार्च तक कुल 33 करोड़ पैन में से 16।65 करोड़ आधार से लिंक हो चुके हैं। हाल ही में सीबीडीटी ने इन दोनों मुख्य डॉक्युमेंट को लिंक करने की तारीफ 30 जून निर्धारित की थी।

  • वाणिज्य दूतावास की महिला अधिकारी के साथ छेड़छाड़

    [object Promise]

    वाणिज्य दूतावास के एक वरिष्ठ अधिकारी के साथ यहां एक व्यक्ति ने कथित तौर पर छेड़छाड़ की। संयुक्त आयुक्त (अपराध) प्रवीण त्रिपाठी ने बताया कि अधेड़ महिला ने शेक्सपियर सारनी थाने में शिकायत दर्ज कराई की जब वह सैर कर रही थीं तभी एक व्यक्ति ने उनके साथ छेड़छाड़ की।

    महिला की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और आरोपी की पहचान रोहित अग्रवाल के रूप में की। वह दक्षिण कोलकाता के एक कॉलेज में कॉमर्स में तृतीय वर्ष का छात्र है। त्रिपाठी ने बताया कि उसे गुरूवार को गिरफ्तार कर लिया गया और इस समय उसे न्यायिक हिरासत में रखा गया है।

  • हादिया केस पर बोला SC: हरेक व्यक्ति को अपनी पसंद का पूरा अधिकार

    [object Promise]

    नई दिल्ली : सुप्रीम कोर्ट ने केरल हाई कोर्ट के फैसले को खारिज करते हुए करते हुए हादिया और शफीन जहां के बीच हुई अंतरधर्म विवाह को बहाल कर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि हादिया को ‘अपनी पसंद पर पूरा अधिकार ’ है। अदालत ने कहा कि किसी व्यक्ति के अर्थपूर्ण अस्तित्व के लिए किसी व्यक्ति के धार्मिक विचार अंतर्निहित हैं।

    प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति ए एम खानविल्कर और न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की पीठ ने दो अलग अलग लेकिन एक ही मत वाले फैसले में कहा कि कानून के अनुसार पसंद जाहिर करना किसी की व्यक्तिगत पहचान को स्वीकारना है। गौरतलब है कि शीर्ष अदालत ने आठ मार्च को हाई कोर्ट का फैसला खारिज कर दिया था जहां और हादिया की शादी अमान्य घोषित की गई थी।

  • 200 साल पुराने गुमनाम मंदिर का पुरातत्व विभाग करेगा संरक्षण

    [object Promise]

    अब तक गुमनाम से पड़े दक्षिण पश्चिम दिल्ली के करीब 200 साल पुराने मंदिर को पुरातत्व विभाग ने अपने संरक्षण में ले लिया है। यह पहला मौका है, जब दिल्ली सरकार के पुरातत्व विभाग और इंडियन नैशनल ट्रस्ट फॉर आर्ट ऐंड कल्चर हेरिटेज (इनटैक) ने किसी मंदिर को अपने निगरानी में लिया है। नांगल देवात गांव के इस मंदिर को दुर्लभ और सुंदर इमारतों में से एक माना जाता है, लेकिन अब इसका बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो चुका है। हेरिटेज इमारतों में यह ऐसा पहला मंदिर है, जिसे सरकार और इनटैक ने संरक्षण के लिए शॉर्टलिस्ट किया है। अब तक इनमें मस्जिदों, गुंबदों, बगीचों और मकबरों को ही शामिल किया जाता रहा है।

    यह मंदिर बहुत चर्चित नहीं रहा है, लेकिन फिर भी यहां बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते रहे हैं, यहां तक कि दूरदराज के इलाकों से भी लोगों का आना-जाना रहा है। एक अधिकारी ने बताया, ‘यह मंदिर 18वीं या 19वीं सदी का बना हुआ प्रतीत होता है। इस पर हुआ बेहतरीन प्रस्तरकार का काम मुगल शैली का है। अधिकारियों ने कहा कि मंदिर में ऐसी कई दुर्लभ पेंटिंग्स हैं, जिनका संरक्षण किया जाना चाहिए।

    उन्होंने कहा, ‘पहले पेंटिंग्स की सफाई की जाएगी, फिर उन्हें मजबूती दी जाएगी। ऐसी कई जगह हैं, जहां मंदिर की इमारत का प्लास्टर गिर रहा है और उसे बचाए जाने की जरूरत है। ऐसी कई शिल्पकारी और नक्काशियां हैं, जो काफी हद तक क्षतिग्रस्त हो गई हैं और उन्हें बचाए जाने की जरूरत है। हमारा काम इन्हें मजबूती देना है। हम इन्हें तोड़कर नए सिरे से बनाने नहीं जा रहे।’ इसके अलावा मंदिर के बाहरी हिस्से की सफाई की जाएगी और जहां जरूरी होगा वहां रिपेयरिंग का काम किया जाएगा।

    नांगल देवात गांव का इतिहास भी अपने आप में सुनहरा है। कुछ लोगों का कहना है कि आजादी की जंग इस गांव से ही शुरू हुई थी और 1930 में खुद देश के पहले पीएम जवाहरलाल नेहरू गांव आए थे और साहस के लिए ग्रामीणों की सराहना की थी।

  • उन्नाव और कठुवा कांड मामले में ‘आप’ प्रधानमंत्री आवास का घेराव करेगी

    [object Promise]

    आप आदमी पार्टी ने शुक्रवार को कहा कि वह उन्नाव व कठुआ दुष्कर्म मामलों पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ‘चुप्पी’ के खिलाफ रविवार को प्रधानमंत्री आवास का घेराव करेगी। पार्टी के वरिष्ठ नेता गोपाल राय ने मीडिया से कहा कि महिलाओं के खिलाफ बढ़ते हमलों को लेकर पार्टी रविवार के बाद देशव्यापी अभियान शुरू करेगी।

    गोपाल राय ने कहा, “भाजपा विधायक से पुलिस सुरक्षा वापस ली जानी चाहिए।” उन्होंने कहा कि आप रविवार की शाम को मध्य दिल्ली के पटेल चौक मेट्रो स्टेशन से मोदी के आवास तक जुलूस निकालेगी। यह पूछे जाने पर कि क्या आप ने रैली के लिए पुलिस से इजाजत मांगी है, राय ने मीडिया से बोले कि “महिलाओं पर हो रहे सभी हमले क्या पुलिस की अनुमति से हो रहे हैं?”

    राय ने कहा जब भी देश किसी मुश्किल का सामना कर रहा होता है तो प्रधानमंत्री चुप हो जाते हैं। उन्होंने कहा, “वह चुप क्यों हैं। क्या कारण है? यहां तक कि मनमोहन सिंह भी समय आने पर बोलते थे।” राय ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी व उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ उन्नाव दुष्कर्म मामले में आरोपी भाजपा विधायक को बचाने की कोशिश में हैं।