Category: national

  • भारत को ऐसी ऊर्जा चाहिए जो गरीबों के लिए सस्ती और सुलभ हो: पीएम मोदी

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    प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ऊर्जा की कीमतों का निर्धारण तर्क संगत और जिम्मेदारी पूर्ण तरीके से करने का आह्वान किया ताकि सभी को सस्ती ऊर्जा सुलभ हो सके। तेल उत्पादक देशों के संगठन ओपेक के प्रमुख सदस्य सऊदी अरब के पेट्रोलियम मंत्री खालिद ए-अल-फालिह की मौजूदगी में मोदी ने कहा कि ऊर्जा की कीमतों को कृत्रिम तरीके से तोड़-मरोड़ कर निर्धारित करने के प्रयास स्वयं में बहुत घातक हैं।

    अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा मंच (आईईएफ) के सम्मेलन को यहां संबोधित करते हुए मोदी ने कहा कि यह (कीमतों का उचित निर्धारण) तेल उत्पादक देशों के हित में है क्योंकि (ऊर्जा के) उपभोग वाले देश बाजार वृद्धि कर रहे हैं। प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत को ऐसी ऊर्जा चाहिए जो गरीबों के लिए सस्ती हो और उनकी पहुंच में हो।

    उन्होंने कहा कि साफ, सस्ती और सतत ऊर्जा की आपूर्ति और उस तक पहुंच महत्वपूर्ण है। इसलिए तेल एवं गैस की कीमतों का निर्धारण जिम्मेदारी पूर्ण तरीके से किया जाना चाहिए। मोदी ने यह भी रेखांकित किया कि भारत ने कम मुद्रास्फीति पर उच्च वृद्धि दर हासिल की है।

    उन्होंने कहा कि अगले दो से पांच साल में भारत में ऊर्जा की मांग सबसे ज्यादा होगी और प्राथमिक ऊर्जा स्रोत के रुप में कोयले की मांग धीरे – धीरे खत्म हो सकती है। आर्थिक सहयोग एवं विकास संगठन (ओईसीडी) से बाहर के देशों में ऊर्जा का उपभोग बढ़ा है और सौर ऊर्जा सस्ती हुई है।

  • भारत बंद : केंद्र Sarkar ने दिए राज्यों को सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने के निर्देश

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    नई दिल्ली.  केन्द्रीय गृह मंत्रालय ने कुछ संगठनों के आह्वान पर कल किए जा रहे भारत बंद के मद्देनजर राज्यों को सभी एहतियाती उपाय करने तथा सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम करने को कहा है. मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से कुछ संगठनों ने कल भारत बंद का आह्वान किया है.

    इसे देखते हुए मंत्रालय ने राज्यों को सुरक्षा बढ़ाने और किसी अप्रिय स्थिति को रोकने के लिए समुचित इंतजाम करने को कहा है. जरूरत पडऩे पर राज्य प्रभावित क्षेत्रों में निषेधाज्ञा लागू कर धारा 144 भी लगा सकते हैं. अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकारों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जरूरत के अनुसार सुरक्षा कर्मियों की गश्त बढ़ा सकते हैं जिससे जान-माल के नुकसान पर रोक लगाई जा सके.

    राज्यों को जारी की गयी सलाह में स्पष्ट किया गया है कि जिला मजिस्ट्रेट और पुलिस अधीक्षक को अपने-अपने क्षेत्रों में कानून-व्यवस्था की स्थिति नियंत्रण में रखने की जिम्मेदारी पर सख्ती से अमल करने को कहा जाए. रिपोर्टों के अनुसार इन संगठनों ने नौकरियों और शिक्षण संस्थानों में अनुसूचित जाति और जनजाति समुदाय को दिये जा रहे आरक्षण के विरोध में बंद का आह्वान किया है.

    उल्लेखनीय है कि उच्चतम न्यायालय द्वारा अनुसूचित जाति जनजाति अत्याचार निवारण अधिनियम के बारे में हाल में दिये गये फैसले के विरोध में दलित संगठनों ने 2 अप्रैल को देश भर में बंद का आयोजन किया था. इस दौरान हुई हिंसा में कुछ लोग मारे गये थे और कई घायल हो गये थे.

     

  • दिल्ली के उद्योगपति ने बैंकों के हड़पे 648 करोड़ 43 लाख रुपये, अब जमा नहीं कराने पर संपत्ति की सील

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    बैंकों से करोड़ों की ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब दिल्ली के उद्योगपति पर बैंकों के 648 करोड़ 43 लाख की भारी भरकम राशि हड़पने का आरोप लगा है। लोन लेकर राशि हड़पने के चलते अब बैंक आरोपी की संपत्ति सील कर रहे हैं। उद्योगपति की दिल्ली के साथ ही सोनीपत औद्योगिक क्षेत्र स्थित पांच प्लॉटों में बने राइस मिल व चावल गोदाम सील किए गए हैं। आरोपी ने चावल एक्सपोर्ट करने की कंपनी बनाने के नाम पर दस बैंकों से मार्च 2017 में यह राशि लोन के रूप में ली थी। उसके बाद श्री बांके बिहारी कंपनी की तरफ से लोन के रूप में एक किश्त भी वापस जमा नहीं कराई गई। जिस पर दिल्ली के करोलबाग से आई टीम ने कार्रवाई करते हुए पांच राइस मिल व गोदाम सील कर दिए हैं। कार्रवाई के दौरान राई के नायब तहसीलदार और पुलिस बल भी मौजूद रहा।

    पिछले दिनों फैक्टरी में आगजनी के बाद राई औद्योगिक क्षेत्र फिर से से सुर्खियों में आ गया। राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लॉट नंबर 2253 से 2257 में स्थित राइस मिल व 505 सहित अन्य प्लॉट में बने गोदाम श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी के नाम से है। इनमें चावल तैयार करने के साथ ही रखा जाता है और उसे विदेश में एक्सपोर्ट किया जाता है। एसबीआई ने कंपनी के निदेशक अमर चंद, रामलाल गुप्ता, राजकुमार गुप्ता व शकुंतला पर करीब 10 बैंकों का 648 करोड़ 43 लाख 85 हजार का लोन बताया है। कंपनी के नाम पर मार्च, 2017 में लोन लिया गया था। जिसके बाद से एक भी किश्त जमा नहीं कराई गई।

    इस पर बैंकों की तरफ से नोटिस भी दिया गया, लेकिन नोटिस जारी करने के बाद कंपनी की तरफ से कोई जवाब नहीं आया। व्यक्तिगत तौर पर जब कंपनी मालिक से मिलने का प्रयास किया गया तो वह फरार हो गया। जब बैंक अधिकारी कंपनी में पहुंचे तो कंपनी बंद मिली। यहां कोई भी कार्य नहीं चल रहा था। जिस पर बैंक टीम ने नायब तहसीलदार राई हवा सिंह के नेतृत्व में शुक्रवार को कंपनी व गोदाम सील कर दिए। कंपनी के मु य दरवाजे पर ताला जड़ दिया। बैंकों द्वारा कई घंटे तक सील करने की कार्रवाई की गई। इस कार्रवाई के दौरान अन्य उद्योगपतियों में हड़कंप मचा रहा। सबसे पहले कंपनी के प्लॉट नंबर 2253 से 57 तक फैली कंपनी पर सील लगाई गई। बैंक अधिकारियों का कहना है कि श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी की प्रॉपर्टी सील की गई है।

    फाच्र्यून कंपनी है गारंटर

    एसबीआई बैंक अधिकारियों की तरफ से कंपनी के बाहर एक नोटिस चस्पा किया गया है। नोटिस में लिखा गया है कि कर्जा लेते वक्त फाच्र्यून नामक कंपनी श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी की गारंटर बनी थी। इसलिए इस कंपनी पर भी कानून शिकंजा कसा जा सकता है।

    इन बैंकों से इतना लिया गया लोन

    बैंक का नाम राशि
    स्टेट बैंक ऑफ मैसूर 209,85,57,412.96
    स्टेट बैंक ऑफ बीकानेर एंड जयपुर 87,62,25,302.50
    स्टेट बैंक ऑफ पटियाला 66,24,24,503.63
    स्टेट बैंक ऑफ हैदराबाद 36,54,12,930.50
    आंध्रा बैंक 46,05,22,930.23
    कैनरा बैंक 41,59,69,304.92
    आरियंटल बैंक ऑफ कॉमर्स 61,70,07,546.54
    पंजाब नेशनल बैंक 46,77,75,403
    विजया बैंक 26,03,40, 459.47
    सिंडिकेट बैंक 26,01,49,750
    कुल राशि 648,43,85,543.75
    – एसबीआई द्वारा जारी सूची।
    वर्जन
    श्री बांके बिहारी एक्सपोर्ट कंपनी पर लोन न चुकाने का मामला सामने आया है। इसके चलते एसबीआई द्वारा कंपनी को सील कर दिया गया है। बैंक की तरफ से कार्रवाई को लेकर ड्यूटी मजिस्ट्रेट की जि मेदारी मिली थी। जिस पर कार्रवाई की गई है।
    हवा सिंह, नायब तहसीलदार, राई।
    वर्जन
    कंपनी की तरफ से करीब 648 करोड़ रुपये बैंकों के कर्ज की अदायगी नहीं की गई। इसके चलते फर्म की कंपनियों को सील किया जा रहा है। बाद में इनकी नीलामी कर बैंक की पूंजी को पूरा किया जाएगा।
    शालिनी शर्मा, अधिकारी, एसबीआई करोलबाग, दिल्ली।

  • शिवराज के नए नवेले ‘मंत्री’ Computer baba ने सरकारी गेस्ट हाउस की छत पर रमाने लगे धूनी

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    भोपाल,  मध्यप्रदेश सरकार ने पांच संतों को राज्यमंत्री का दर्जा दिया है, कम्प्यूटर बाबा, पंडित योगेंद्र महंत, स्वामी नर्मदानंद, स्वामी हरिहरानंद और गृहस्थ संत भय्यूजी महाराज। आशा थी ये सभी अब सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाएंगे और उसमे सहभागी बनेंगे। लेकिन शिवराज सरकार के नए नवेले ‘मंत्री’ कंप्यूटर बाबा अपनी तपस्या में अभी भी लीन हैं। मंगलवार को वे भोपाल पहुंचे तो सरकारी गेस्ट हाउस की छत पर ही धूनी रमाने लगे। राज्यमंत्री बनने के बाद भी बाबा के कर्मकांड जारी है।

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    computer Baba

    दरअसल, शिवराज सरकार द्वारा राज्यमंत्री का दर्जा दिए जाने वाले पांच बाबाओं में से कंम्प्यूटर बाबा भी है। मंगलवार को वे भोपाल पहुंचे तो सरकारी गेस्ट हाउस की छत पर ही धूनी रमाने लगे। बाबा धूनी रमाते हुए मीडिया के कैमरे में कैद भी हुए है। इस पर जब बाबा से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बंगला नहीं मिला इसलिए गेस्ट हाउस में ही रहकर पूजा  कर रहा हूं। वही साधु संतों की नाराजगी पर कंप्यूटर बाबा ने कहा कि ना साधु नाराज है औऱ ना ही कोई संत। यदि चुनाव में भारतीय जनता पार्टी प्रचार की जिम्मेदारी देती है तो मैं जरूर भारतीय जनता पार्टी के लिए प्रचार करूंगा।

     इसके साथ ही हाइकोर्ट के नोटिस पर बाबा ने कहा कि इस पर जबाब देना सरकार का काम है। हमारा काम तो सिर्फ पूजा-पाठ करना है।कर्म करेंगे तो उसका फल ज़रूर मिलेगा। गेस्ट हाउस की छत पर धुनी रमाने के सवाल पर उन्होंने कहा कि हम लोग तप तपस्या करते रहते हैं। ये 18 साल तक चलती है। ये आखिरी साल का तप है। छह धूनी होती हैं, तीन तीन साल तापते हैं। पंचधूनी, सप्तधूनी, द्वादश धूनी, चौरासी कोट और ये कोट खप्पर है|

  • सीबीआई ने 40 लाख रुपये रिश्वत लेते इंकम टैक्स कमिश्नर को किया गिरफ्तार

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    गुवाहटी, सीबीआई ने इंकम टैक्स कमिश्नर (आडिट) श्वेताभ सुमन को रिश्वत लेने के आरोप में गिरफ्तार किया है। सुमन पर 40 लाख रुपये रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया गया है जबकि उन्होंने 50 लाख रुपये मांगे थे। सुमन के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।

    श्वेताभ के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के एक मामले में 2005 में भी केस दर्ज किया गया था। सीबीआई ने गुवाहटी, जोरहत, नागांव, दिल्ली, नोएडा, शिलांग, होजाई और अन्य स्थानों पर दबिश दी। 40 लाख रुपये के साथ-साथ काफी दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं।

    सीबीआई के अधिकारियों के मुताबिक, साल 2017-18 में इंकम टैक्स कमिश्नर ने जोरहट स्थित कारोबारी का अनुचित पक्षपात करने के लिए रिश्वत मांगी थी। इस मामले में मैसर्स विन पावर इन्फ्रा प्राइवेट लिमिटेड के आकलन के संबंध में पक्षपात का करार हुआ था। ये मामला टैक्स चोरी से बचाने का है।

    सीबीआई ने इस मामले में इनकम टैक्स कमिश्नर के खिलाफ केस भी दर्ज कर लिया है। इसके अलावा इनकम टैक्स ऑफिसर (ऑडिट) प्रताप दास के साथ ही एडवोकेट व चार्टर्ड अकाउंटैंट रमेशन गोयनका, अमित गोयनका और जोरहाट के कारोबारी सुरेश अगरवाला के खिलाफ भी कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

  • भीमराव अंबेडकर जयंती पीएम मोदी ने दी शुभकामनाएं, कई राज्यों में अलर्ट

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    बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर की आज 127वीं जयंती है। राजद, जदयू, बीजेपी, कांग्रेस, राकांपा एवं लोजपा सहित कई छोटे-बड़े दल अंबेडकर जयंती के मौके पर अंतिम पायदान पर खड़े लोगों के सामाजिक उत्थान में बाबा साहेब अंबेडकर के योगदान को याद कर रहे है। अंबेडकर जयंती पर सभी दलों के कई कार्यक्रम आयोजित कर रहे है, लेकिन मकसद एक है अंबेडकर के नाम पर अपने वोट बैंक को दुरुस्त करना। वहीं गृह मंत्रालय इस मौके पर किसी भी तरह की जातीय व सियासी बवाल ना हो, इसके लिए अलर्ट जारी कर चुका है।

    राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करते हुए गृह मंत्रालय ने अंबेडकर की मूर्तियों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है।
    अंबेडकर जयंती पर पंजाब के भी कई शहरों में अलर्ट जारी करने के साथ अमृतसर, जालंधर और फरीदकोट में सुरक्षा बढ़ाई गई है। वहीं यूपी के हापुड़ में अंबेडकर जयंती से पहले चाक-चौबंद सुरक्षा की गई और सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च भी किया। वहीं अंबेडकर जयंती के अवसर पर गुजरात में दलित नेता जिग्नेश मेवाणी ने बीजेपी को चुनौती दी है कि वे बीजेपी नेताओं को अंबेडकर की प्रतिमा को हाथ भी नहीं लगाने देंगे।

    संविधान निर्माता भीमराव अंबेडकर की जयंती पर जातीय हिंसा की आशंका से गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों को सतर्क किया है। राज्य सरकारों को एडवाइजरी जारी करते हुए गृह मंत्रालय ने अंबेडकर की मूर्तियों की भी सुरक्षा सुनिश्चित करने को कहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 14 अप्रैल की सुबह-सुबह देशवासियों को अंबेडकर जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि बाबा साहेब ने समाज के गरीब और कमजोर तबके को आगे बढऩे की उम्मीद दी. हमारा संविधान बनाने वाले बाबा साहेब के प्रति हम हमेशा आभारी रहेंगे।

    कांग्रेस ने डॉक्टर बाबा साहेब अंबेडकर की जयंती पर श्रद्धांजलि देते हुए ट्वीट किया कि भारतीय संविधान के निर्माता बाबा साहेब का जीवन हमारे लिए प्रेरणा का स्रोत है। भीमराव अंबेडकर का जन्म 14 अप्रैल, 1891 को मध्य प्रदेश के महू नामक एक गांव में हुआ था। इनके पिता का नाम रामजी मालोजी सकपाल था। इनके पिता ब्रिटिश भारतीय सेना में काम करते थे। ये अपने माता-पिता की 14 वीं संतान थे। ये महार जाति से ताल्लुक रखते थे, जिसे हिंदू धर्म में अछूत माना जाता था। दरअसल, घर की आर्थिक स्थिति अच्छी न होने के कारण इनका पालन-पोषण बड़ी मुश्किल से हो पाया। इन परिस्थितियों में ये तीन भाई- बलराम, आनंदराव और भीमराव तथा दो बहनें मंजुला और तुलसा ही जीवित बच सके। सभी भाई-बहनों में सिर्फ इन्हें ही उच्च शिक्षा मिल सकी।

    बीआर अंबेडकर को 15 अगस्त, 1947 को देश की आजादी के बाद देश के पहले संविधान के निर्माण के लिए 29 अगस्त, 1947 को संविधान की प्रारूप समिति का अध्यक्ष बनाया गया। फिर दो वर्ष, 11 माह, 18 दिन के बाद संविधान बनकर तैयार हुआ। 26 नवंबर, 1949 को इसे अपनाया गया और 26 जनवरी, 1950 को लागू कर दिया गया। दरअसल, अंबेडकर की गिनती दुनिया के सबसे मेधावी व्यक्तियों में होती थी। वे नौ भाषाओं के जानकार थे। इन्हें देश-विदेश के कई विश्वविद्यालयों से पीएचडी की कई मानद उपाधियां मिली थीं। इनके पास कुल 32 डिग्रियां थीं। यही वजह है कि कानूनविद् अंबेडकर को प्रथम प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भारत का पहला कानून मंत्री बनाया था।

  • IIT Delhi के छात्र ने नीलगिरी छात्रावास में किया सुसाइड

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    इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, नई दिल्ली के एक छात्र ने सुबह अपने छात्रावास के कमरे में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 21 साल के गोपाल मालू, रसायन विज्ञान में एक पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे थे। वो एमएससी प्रथम वर्ष के छात्र थे। पश्चिम बंगाल के हुगली जिला निवासी मालू, आईआईटी दिल्ली के नीलगिरी छात्रावास में रह रहे थे।

    पुलिस को अभी तक आत्महत्या से जुड़ा कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। रिपोर्टस के अनुसार मालू ने पहले 10 अप्रैल को नींद की गोलियों खा करके आत्महत्या करने का प्रयास किया था। उसके बाद उन्हें सफदरजंग अस्पताल ले जाया गया और इलाज के बाद उन्हें छुट्टी दे दी गई।

    छात्र का भाई हुगली से दिल्ली आया और उसके साथ रह रहा था। इससे पहले 5 अप्रैल को आईआईटी बॉम्बे के एक 21 वर्षीय छात्र विनीषा यादव ने अपने आवास पर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। विनीषा के परिवार ने कहा कि वह गंभीर तनाव में थी और पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च में उसका इलाज चल रहा था। विनीषा अपनी तीसरी सेमेस्टर परीक्षाओं की तैयारी कर रही थीं।

  • प्रवीण तोगड़िया VHP से बहार, मोदी ग्रुप का विजय ??

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    विश्व हिंदू परिषद ने 52 सालों में पहली बार अपने अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए चुनाव करवाया। इस पद के लिए दो उम्मीदवार मैदान में थे और परिषद के सदस्यों में किसी एक के नाम पर सहमति नहीं बन सकी, जिसके बाद चुनाव कराने का फैसला किया गया था। तोगड़िया ने राघव रेड्डी का समर्थन किया था जो अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर अपनी लगातार तीसरी पारी के लिए चुनाव में खड़े थे। इनके मुकाबले में हिमाचल प्रदेश के पूर्व गवर्नर और एमपी हाईकोर्ट के पूर्व जज विष्णु सदाशिव कोकजे मैदान में खड़े थे।

    वीएचपी में अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष को परिषद के सदस्य मतदान की प्रक्रिया से चुनते हैं जबकि अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष का चयन निर्वाचित अध्यक्ष करता है। रेड्डी ने दोनों बार तोगड़िया को चुना था। पिछले साल दिसंबर में भुवनेश्वर में हुई बैठक में जब आरएसएस के एक धड़े ने कोकजे का नाम सुझाया तो तोगड़िया ने इसका कड़ा विरोध किया था। इससे पहले तोगड़िया ने कोकजे की उम्मीदवारी पर आश्चर्य व्यक्त करते हुए कहा था कि वह रेड्डी का समर्थन करेंगे। उन्होंने कहा, ‘रेड्डी युवा हैं, हिंदुत्व के लिए समर्पित हैं और उन्हें अशोक सिंघल ने चुना है। अगर कोकजे चुने जाते हैं तो यह तय है कि मैं कैबिनेट में नहीं रहूंगा।

    उन्होंने आगे कहा था, ‘यह चौंकाने वाला है कि जो व्यक्ति एक संवैधानिक पद पर रह चुका है वह एक सामाजिक-धार्मिक संगठन के चुनाव में खड़ा हो रहा है। वह 20 साल पहले पद से रिटायर हुए और उन्होंने हिंदुत्व के लिए कभी कुछ नहीं किया। फिर वीएचपी के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष के पद के लिए चुनाव लड़ रहे हैं।

  • राहुल ने खोला उपवास केंद्र सरकार पर बोला हमला, कहा – बीजेपी की विचारधारा देश को बांटने और दलितों को कुचलने की

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    नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोमवार को राजघाट पर उपवास रखने के बाद केंद्र सरकार पर हमला बोला. उन्होंने कहा कि आज देश में जो माहौल पैदा किया गया है वह बीजेपी की विचारधारा के कारण है. राहुल ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी की विचारधारा देश को बांटने की है और दलितों को कुचलने की है. राहुल ने आरोप लगाया कि ‘बीजेपी दलित विरोधी है, हम उन्हें 2019 में हराकर दिखाएंगे’. आपको बता दें कि राहुल गांधी ने बीजेपी सरकार पर दलित विरोधी होने का आरोप लगाकर उसके खिलाफ यह उपवास रखा.

    उपवास के बाद राहुल ने पत्रकारों से कहा कि बीजेपी की विचारधारा आदिवासियों और अल्पसंख्यकों को भी कुचलने की है. हम बीजेपी की विचारधारा के खिलाफ यहां खड़े हैं और जिंदगीभर खड़े रहेंगे. हम उनको (बीजेपी) 2019 में (लोकसभा चुनावों में) हराकर दिखाएंगे. आपको बता दें कि राहुल गांधी के उपवास पर उस समय विवाद हो गया जब कांग्रेस अध्यक्ष के साथ राजघाट पर पहुंचे कुछ पार्टी नेताओं की छोले-भटूरे खाते सुबह की तस्वीरें सामने आ गईं. हालांकि राहुल ने इस पर कुछ नहीं कहा.

    यह पूछे जाने पर कि बीजेपी के दलित सांसद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदीको चिट्ठी लिख रहे हैं, राहुल गांधी ने कहा, ‘वे (बीजेपी के सांसद) हमें बताते हैं कि मोदीजी दलित विरोधी हैं. वे दलितों का हित नहीं चाहते हैं.’ उन्होंने कहा, ‘पूरा देश जानता है कि प्रधानमंत्री मोदी दलित विरोधी हैं. अब यह छुपा हुआ नहीं है.

    एक तस्वीर से घिरी कांग्रेस

    दरअसल, राहुल के उपवास पर बैठने से पहले जहां सिख दंगों में आरोपी कांग्रेस नेताओं जगदीश टाइटलर और सज्जन सिंह को वापस लौटाया गया, वहीं इसके बाद एक ऐसी तस्वीर सामने आई जो कांग्रेस के लिए उपहास की वजह बन गई. इस तस्वीर में कांग्रेसी नेता अरविंदर सिंह लवली, हारून यूसुफ छोले भटूरे खाते दिख रहे थे. मेज पर अजय माकन और बाकी कांग्रेस नेता भी मौजूद थे..

     

  • भारत के सबसे बड़े कोइनसिक्योर एक्सचेंज में से २० करोड़ के बिटकॉइन की चोरी

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    भारत में एक शीर्ष एक्सचेंज फर्म से करीब 20 करोड़ रुपए कीमत के करीब 438 बिटकॉइन चोरी होने का मामला सामने आया है। इसे क्रिप्टोकरेंसी की अब तक की सबसे बड़ी चोरी का मामला सामने माना जा रहा है। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के जरिए यह जानकारी सामने आई है। कॉइनसिक्योर जो कि दिल्ली का एक बड़ा क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज है ने साइबर सेल में एफआईआर दर्ज कराई है। इस एफआईआर में उसने अपने सीएसओ अमिताभ सक्सेना पर आरोप लगाया है कि उन्होंने फर्म के वॉलेट से गलत तरीके से पैसों को निकासी की है। इस एक्सचेंज ने सरकार से अपील की है कि अमिताभ सक्सेना का पासपोर्ट जब्त कर लिया जाए और क्योंकि उन्हें डर है कि कहीं वो देश छोड़कर भाग न जाएं। यह मामला आईपीसी सेक्शन और आईटी एक्ट की धारा 66 के अंतर्गत दर्ज किया गया है।

    कैसे हुआ खुलासा: आपको बता दें कि कॉइनसिक्योर के देशभर में 2 लाख यूजर्स हैं। एक्सचेंज ने पाया कि वो सभी बिटकॉइन जिन्हें ऑफलाइन स्टोर किया गया था वो सभी गायब हो गए हैं। बाद में जानकारी में यह बात सामने आई है कि प्राइवेट की- यानी कि पासवर्ड को कि कंपनी के पास और ऑफलाइन स्टोर किया जाता है वो ऑनलाइन हैक हो गया जिसने हैक को अंजाम दे दिया। कंपनी ने हैकर्स का पता लगाने की भरसक कोशिश की लेकिन सभी प्रभावित वॉलेट से डेटा को डिलीट किया जा चुका था और हैकर्स ने ऐसा कोई सुराग नहीं छोड़ा जिससे मालूम किया जा सके कि बिटकॉइन को कहां ट्रांसफर किया गया। गौरतलब है कि बिटकॉइन ने साल 2017 के दिसंबर महीने में 19,000 का स्तर छू लिया था, बिटकॉइन के चलते काफी सारे लोगों ने खूब कमाई की, इसमें बॉलीवुड अभिनेता अमिताभ बच्चन भी शामिल थे। हालांकि साल 2018 में इसमें तेज गिरावट आई और ये फिलहाल 7,820 डॉलर पर कारोबार कर रहा है। हैकर्स ने एक प्रमुख बिटकॉइन एक्सचेंज फर्म को 20 करोड़ का चूना लगाया है। फर्म के ज्यादातर वॉलिट्स हैक हो गए थे। कुल मिलाकर 440 बिटकॉइन्स की चोरी हुई है। इसे क्रिप्टोकरंसी की चोरी की सबसे बड़ी वारदात कहा जा रहा है। दिल्ली पुलिस के साइबर सेल के वरिष्ठ अधिकारियों ने इस चोरी की पुष्टि करते हुए कहा है कि कॉइनसिक्यॉर नाम की क्रिप्टोकरंसी फर्म ने उन्हें इस चोरी के बारे में बताया। इस संदर्भ में आईपीसी कि विभिन्न धाराओं के साथ-साथ आईटी ऐक्ट की धारा 66 के तहत केस दर्ज कर लिया गया है।

    कॉइनसिक्यॉर के देशभर में 2 लाख से ज्यादा यूजर्स हैं। कंपनी ने पुलिस को बताया कि उन्हें इस चोरी के बारे में सोमवार को उस वक्त पता चला जब सभी वॉलिट्स को चेक किया जा रहा है। कंपनी के एक सीनियर सिक्यॉरिटी ऑफिसर को पता चला कि जिन बिटकॉइन्स को ऑफलाइन स्टोर करके रखा गया था, वे सभी गायब हो चुके हैं। बाद में पता चला कि वॉलिट्स के प्राइवेट कीज यानी पासवर्ड्स- जिन्हें ऑफलाइन स्टोर करके रखा गया था, ऑनलाइन लीक हो चुके थे, जिस वजह से हैकिंग हुई। बिटकॉइन धमाल मचा रहा है। बिटकॉइन के बेतहाशा बढ़ने से लोग अन्य क्रिप्टोकरंसीज के प्रति भी आकर्षित हो रहे हैं। यही वजह है कि इथेरियम, लाइटकॉइन, रिपल जैसी डिजिटल करंसीज लगातार चढ़ रही हैं।

    इन 7 करंसीज की इथेरियम बिटकॉइन की सबसे नजदीकी प्रतिस्पर्धी के रूप में उभर रहा है। 2014 में आया इथेरियम अभी दूसरी सबसे मूल्यवान करंसी है। बिटकॉइन की तरह यह भी एक तरह का ब्लॉकचेन नेटवर्क ही है। बिटकॉइन और इथेरियम में मुख्य अंतर मकसद और क्षमता का है। बिटकॉइन ब्लॉकचेन के इस्तेमाल का मकसद यह जानने के लिए होता है कि बिटकॉइन किन-किनके पास है जबकि इथेरियम ब्लॉकचेन के जरिए डीसेंट्रलाइज्ड ऐप्लिकेशंस बनाए जाते हैं। कई इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स की नजर में रिपल बिटकॉइन का उत्तराधिकारी है। 2012 में बिटकॉइन के पूर्व डिवेलपरों ने रिपल लॉन्च की थी। यह एक स्टार्टअप है जिसकी वेबसाइट कहती है कि रिपल एक ब्लॉकचेन टेक्नॉलजी है जो बैंकों, पेमेंट प्रवाइडरों, डिजिटल ऐसेट एक्सचेंजों और कंपनियों को जोड़ती है। यह स्टार्टअप रिपल के नाम से पेमेंट नेटवर्क भी ऑपरेट करता है। रिपल की क्रिप्टोकरंसी XRP है। पिछले साल दिसंबर 2012 तक लाइटकॉइन की कीमत 5,700 प्रतिशत बढ़ चुकी थी जबकि उस अवधि तक बिटकॉइन 1,550 प्रतिशत ही मजबूत हुआ था।

    यह पियर-टु-पियर क्रिप्टोकरंसी है जिसे गूगल के पूर्व एंप्लॉयी और कॉइनबेस में इंजिनियरिंग के पूर्व डायरेक्टर चार्ली ली ने बनाया था। टेक्निकल इंप्लेमेंटेशन के लिहाज से लाइटकॉइन बिटकॉइन से बहुत मिलता-जुलता है। दावा किया जा रहा है कि जेडकैस (ZEC) पहली परमिशनलेस क्रिप्टोकरंसी है जो ट्रांजैक्शन को पूरी तरह सुरक्षित रखती है। बिटकॉइन की तरह ही Zcash भी ब्लॉकचेन आधारित करंसी है। अक्टूबर 2016 में लॉन्च हुई यह डिजिटल करंसी का मॉनेटरी बेस भी बिटकॉइन के बराबर है। डैश बिटकॉइन का एक और कड़ा प्रतिस्पर्धी है। यह एक ओपन सोर्स पियर-टु-पियर क्रिप्टोकरंसी है। डैश का इस्तेमाल त्वरित, ऑनलाइन या इन-स्टोर प्राइवेट पेमेंट्स के लिए किया जाता है। इसके लिए दुनियाभर के हजारों यूजर्स सिक्यॉर ओपन-सोर्स प्लैटफॉर्म का इस्तेमाल करते हैं।
    मोनेरो के बारे में कहा जाता है कि यह एक सुरक्षित, निजी और अज्ञात क्रिप्टोकरंसी है। इसकी लॉन्चिंग अप्रैल 2014 में हुई। मोनरो के डिवेलपर्स नेटवर्क की ट्रांजैक्शन फी 80 प्रतिशत तक कम करने का प्रयास कर रहे हैं। आईओटीए भी बड़ी तेजी से बढ़ रहा है। इसका मार्केट कैप 0.75 लाख करोड़ रुपये के आसपास है। बिटकॉइन के डिवेलपमेंट के बाद आईओटीए को थर्ड जेनरेशन के ब्लॉकचेन का प्रतिनिधित्व करता है। कंपनी ने हैकर्स का पता लगाने की कोशिश की लेकिन पता चला कि प्रभावित वॉलिट्स के सभी डेटा लॉग्स को उड़ा दिया गया है। इस तरह हैकर्स ने कोई सुराग नहीं छोड़ा कि बिटकॉइन्स कहां ट्रांसफर किए गए हैं। कंपनी की वेबसाइट तभी से बंद है। गुरुवार रात को कंपनी ने वेबसाइट पर एक मेसेज पोस्ट कर अपने यूजर्स को हैकिंग के बारे में जानकारी दी।

    कंपनी के फाउंडर और सीईओ मोहित कालरा ने हमारे सहयोगी अखबार टाइम्स ऑफ इंडिया को बताया कि उन्हें शक है कि हैकिंग के पीछे कंपनी के भीतर के ही किसी शख्स का हाथ है। उन्होंने कहा कि प्राइवेट कीज को कभी ऑनलाइन नहीं किया जाना चाहिए। ऐसा लगता है कि अपराध को जानबूझकर अंजाम दिया गया है। पुलिस ने बताया कि कंपनी के सर्वर को सीज कर दिया गया है ताकि किस स्तर पर हैकिंग हुई है, इसका सही-सही पता चल सके। इसकी भी जांच की जा रही है कि क्या और भी वॉलिट्स प्रभावित हुए हैं। कंपनी के सीनियर सिक्यॉरिटी ऑफिशल्स को भी पूछताछ के लिए बुलाया गया है। साइबर सिक्यॉरिटी एक्सपर्ट्स का कहना है कि कंपनी जिस पासवर्ड को रखती है, उसे कभी भी ऑनलाइन सिस्टम से नहीं जोड़ा जाता है। लेकिन पुलिस को पता चला है कि न सिर्फ पासवर्ड्स ऑनलाइन थे, बल्कि उन्हें 12 घंटे से ज्यादा वक्त तक इस तरह रखा गया। केंद्र सरकार और आरबीआई देश भर में क्रिप्टोकरेंसी के लेनदेन पर रोक लगा चुकी है। लेकिन दिल्ली में एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसे सुनकर आप चौंक जाएंगे। राजधानी में स्थित एक बिटक्वाइन एक्सचेंज से 20 करोड़ रुपये के करीब 438 सिक्के चोरी हो गए हैं। क्रिप्टोकरेंसी एक्सचेंज क्वाइनसिक्योर ने दिल्ली पुलिस की साइबर सेल में कंपनी के सीएसओ अमिताभ सक्सेना के खिलाफ केस दर्ज कर दिया है।

    इसके साथ ही कंपनी ने सरकार से उसका पासपोर्ट रद्द करने की मांग भी की है। कंपनी को शक है कि वो देश छोड़कर कभी भी भाग सकता है। पुलिस ने आईपीसी और आईटी एक्ट के सेक्शन 66 में एफआईआर लिखी है। एक्सचेंज के फिलहाल पूरे देश में दो लाख से अधिक यूजर्स हैं। कंपनी को अपनी तहकीकात में पता चला कि जीतने भी बिटक्वाइन उसने ऑफलाइन स्टोर किए थे, वो सभी गायब हो गए। बाद में पता चला कि इन बिटक्वाइन के ऑफलाइन पासवर्ड को ऑनलाइन लीक कर दिया गया है। कंपनी ने हैकर्स का पता करने की कोशिश की, तो फिर सारे डाटा लॉग डिलीट कर दिए गए, जिससे यह बिटक्वाइन कहां पर ट्रांसफर किए गए हैं, इसके बारे में भी जानकारी नहीं मिल पाई। कंपनी ने अपनी वेबसाइट को इसके बाद से बंद कर दिया है। गुरुवार रात को कंपनी ने अपने सभी यूजर्स को इस चोरी की जानकारी वेबसाइट पर मैसेज के जरिए दे दी है। कंपनी के फाउंडर और सीईओ मोहित कालरा ने कहा है कि उन्हें किसी भीतरी व्यक्ति पर चोरी करने की आशंका है। कालरा ने कहा है कि अगर बिटक्वाइन वापस नहीं मिले तो फिर वो अपनी जेब से ग्राहकों को नुकसान की भरपाई करेंगे। पुलिस ने भी कंपनी के सभी प्रमुख अधिकारियों को पूछताछ के लिए बुलाया है।