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  • जनरल वीके सिंह इराक में मारे गये 38 भारतीयों के अवशेष लाने के लिए इराक हुए रवाना

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    भारत के विदेश राज्य मंत्री जनवल वीके सिंह रविवार (एक अप्रैल) को इस्लामिक स्टेट के हाथों मारे गये 38 भारतीयों के अवशेष लाने के लिए इराक रवाना हो गए हैं। जनरल सिंह सी-17 विमान से इराक जा रहे हैं। जनरल सिंह सोमवार या मंगलवार तक भारत वापस आ सकते हैं। विदेश राज्य मंत्री सिंह ने शनिवार को मीडिया को बताया था कि मारे गये भारतीयों के मृतकों के परिजनों को अवशेष लेने के लिए हवाईअड्डे नहीं लाना होगा। मृतकों के अवशेष परिजनों तक पहुँचाए जाएंगे। मृतकों के अवशेष सौंपने के लिए जनरल सिंह सबसे पहले अमृतसर फिर पटना और कोलकाता जाएंगे। आतंकी संगठन इस्लामिक स्टेट ने साल 2015 में इराक में काम करने वाले 40 भारतीयों को बंधक बना लिया था। भारतीय बंधको में से एक जान बचाकर भागने में सफल रहा बाकि 39 की आतंकवादियों ने हत्या कर दी।

    देश का सबसे बड़ा ‘पेमेंट बैंक’ आपका पोस्ट ऑफिस , मिलेंगी ये फ्री सर्विसेज

    डीएनए टेस्ट से 38 भारतीयों के शवों की पहचान हो चुकी है। 39वें भारतीय के शव की पहचान अभी बाकी है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने संसद के बज़ट सत्र के उत्तरार्ध में राज्य सभा में जानकारी दी थी कि मोसुल में इस्लामिक स्टटे द्वारा बंधक बनाए गये 39 भारतीयों की मौत हो चुकी है। विदेश मंत्री स्वराज ने बताया कि डीएनए टेस्ट के बाद 39 भारतीयों के मारे जाने की पुष्टि हुई। वहीं मृतकों के कुछ परिजनों ने नरेंद्र मोदी सरकार पर मृतकों की स्थिति के बारे में झूठ बोलने का आरोप लगाया। मृतकों के परिजनों का आरोप था कि मोदी सरकार ने पिछले तीन सालों में कई बार कहा कि इराक में फँसे हुए सभी भारतीय सुरक्षित हैं।

    सुषमा स्वराज ने राज्य सभा में जानकारी दी थी कि इराक के बदूश में एक टीले में शवों के होने की सूचना मिलने के बाद जब उसकी जाँच हुई तो वहाँ बहुत बड़ी संख्या में दफनाए गए शव मिले। इन शवों में ही उन भारतीयों के शव भी थे जिन्हें इस्लामिक स्टेट ने बंधक बनाया था। इराक के एक अधिकारी ने  बताया था कि सभी 39 भारतीयों के शवों को बगदाद के फोरेसिंक साइंस विभाग के मेडिको लीगल इंस्टीट्यूट के मुर्दाघर में एक फ्रीजर में रखा गया है।

    लॉन्च होने के 48 घंटे के भीतर जीसैट-6ए सैटेलाइट से टूटा इसरो का सम्पर्क

    सुषमा स्वराज द्वारा सभी भारतीयों के मारे जाने की जानकारी देने के बाद उनके परिजनों ने तीखी प्रतिक्रिया दी।

    मृतकों के परिजनों ने क्या कहा-

    –  इराक में मारे गए सुरजित कुमार की पत्नी ने कहा, मेरे पति 2013 में इराक गए थे और वह 2014 से लापता हैं। हमने सरकार से कोई डिमांड नहीं की। मेरा एक छोटा बच्चा है और सरकार से मुझे कोई सहायता नहीं मिली है।

    – पति दविंदर सिंह की मौत की पुष्टि पर पत्नी मंजीत कौर रोते हुए बोलीं, ‘मेरे पति 2011 में इराक गए थे और मेरी उनसे आखिरी बार बात 15 जून 2014 को हुई थी। सरकार ने हमें हमेशा यही कहा कि वह जिंदा हैं। हमारी सरकार से कोई मांग नहीं है।

    – बिहार के इराक में मारे गए विद्या भूषण तिवारी के चाचा का कहना है, मुझे समझ नहीं आ रहा है कि मैं क्या कहूं। मैं चार सालों से सरकार से यही मांग कर रहा हूं कि मेरे भतीजे को कैसे भी कर वापस बुलाया जाए लेकिन इस पर कोई सुनवाई नहीं हो रही है और अचानक इस तरह की खबर आई है कि वह जिंदा नहीं है।

    – इराक में मारे गए राजेश चंदन के पिता का कहना है कि मेरा बेटा 2013 में इराक गया और वह हर शुक्रवार हमसे फोन पर बात करता था। हमने सरकार से क्या मांगा था कुछ नहीं, हमने तो उसे पहले ही खो दिया था। राजेश चंदन हिमाचल प्रदेश के रहने वाले थे।

    – इराक से एक भारतीय हरजीत मसीह जो किसी तरह बचकर भारत लौट आया था, उसका कहना था कि मैंने सरकार को पहले ही सच्चाई बता दी कि 39 लोग मारे गए हैं। सरकार ने 39 परिवार वालों को गुमाराह किया है।

    –  इस मामले में जालंधर से मारे गए मृतक के एक भाई ने कहा कि मुझे इस बारे में जानकारी तो थी लेकिन यह कब, कैसे हुआ इसकी कोई सूचना नहीं दी गई है। उन्होंने कहा कि इस मामेल में मेरा दो बार DNA सैंपल भी  लिया गया था।

    – इस मामले में मारे गए गुर्चन सिंह की पत्नी हरजीत कौर ने कहा है कि वह 2013-14 में मेरे पति इराक से मोसुल के लिए गए थे। सरकार मुझसे हमेशा यही कहती रही कि मेरे पति जिंदा है। मुझे इस खबर के बाद यह भी समझ नहीं आ रहा है कि मैं क्या करूं।

  • देशभर में 14 अप्रैल को ” हल्ला बोल” आंदोलन चलाने का एलान

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    नई दिल्ली, एसएससी कैंडिडेंट्स की ‘युवा हल्ला बोल’ कमिटी ने कहा है कि एक महीने बाद भी सरकार ने उनकी मांगों को नहीं सुना है जो कि उनकी असंवेदनशीलता को दिखाता है।

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    स्टूडेंट्स अब 14 अप्रैल को देशभर में हल्ला बोल आंदोलन का चलाने के लिए शेड्यूल का ऐलान करेंगे। स्टूडेंट्स ने कहा है कि अगर उनकी मांगें नहीं मानी जा रही, तो यूनियन मिनिस्टर जितेंद्र कुमार को इस्तीफा देना चाहिए।

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    SSC-scam

    जब तक मांगें पूरी नहीं होगी आंदोलन जारी रहेगा। हम लाठीचार्ज की निंदा करते हैं। स्टूडेंट्स ने कहा कि जिस तरह से पुलिस ने संसद मार्ग को 15 मिनट में खाली करवाया, वो दिखाता है कि सरकार को बेरोजगार युवाओं की कोई परवाह नहीं।

    स्टूडेंट्स ने मांग की कि सीबीएसई जांच के अलावा स्टूडेंट्स से राय लेकर एसएससी सिस्टम में सुधार किए जाएं। साथ ही, 14 अप्रैल से स्टूडेंट्स के लिए एंटी करप्शन हेल्पलाइन जारी की जाए।

  • देश का सबसे बड़ा ‘पेमेंट बैंक’ आपका पोस्ट ऑफिस , मिलेंगी ये फ्री सर्विसेज

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    नई दिल्ली, 1 अप्रैल यानी आज से पूरे देश में देश का सबसे बड़ा पेमेंट बैंक अपनी सर्विस शुरू कर देगा। इंडिया पोस्ट पेमेंट बैंक इसके जरिए सभी नागरिकों को कई सारी सेवाएं फ्री में देगा।

    यह पेमेंट बैंक देश के सभी पोस्ट ऑफिस में खोला जाएगा। पूरे देश में इस वक्त इंडिया पोस्ट के 1।55 लाख पोस्ट ऑफिस हैं। इसमें 650 पेमेंट बैंक उनकी सहायता करेंगे। इसके तहत एक लाख रुपये तक का बचत खाता, 25 हजार तक की जमा राशि पर 5.5 फीसदी ब्याज, चालू खाता और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं मिलेंगी।

    वहीं आधार भुगतान का पता बन जाएगा। एक बार सेवा शुरू होने के बाद आईपीपीबी देश का सबसे बड़ा वित्तीय सेवा नेटवर्क बन जाएगा।

    बता दें कि इसके तहत पोस्ट मैन और ग्रामीण डाक सेवक शहरी और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल पेमेंट सेवा पहुंचाएंगे। 2015 में आरबीआई ने भारतीय पोस्ट को पेमेंट बैंक के रूप में काम करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी थी।

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  • एक अप्रैल से 10 करोड़ गरीब परिवारों को मिलेगा 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा

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    नई दिल्ली, नए वित्त वर्ष की शुरूआत एक अप्रैल से हाे रही है। वित्त वर्ष की शुरूआत के साथ ही आयकर, बीमा, बैंकिंग और जीएसटी के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा बदलाव देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को मिलने वाला 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा है। यह योजना एक अप्रैल से ही शुरू हो रही है। इसका फायदा देश के आम लोगों को ही होगा। इस स्वास्थ्य बीमा योजना को कैबिनेट ने ‘आयुष्मान भारत’ नाम दिया है।

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    योजना के तहत 5 लाख रुपये तक का बीमा प्रत्येक परिवार को मिलेगा। इस योजना में अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च भी शामिल होगा। 10.74 करोड़ परिवारों को इस योजना का लाभ मिलेगा। स्कीम के तहत पैनल में शामिल देश के किसी भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल में कैशलेस इलाज कराया जा सकेगा। योजना का अनुमानित लागत 12,000 करोड़ रुपये है।

    एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए वित्त वर्ष में आयकर, बीमा, बैंकिंग और जीएसटी के क्षेत्र में कई बड़े बदलाव हो रहे हैं। इनमें सबसे बड़ा बदलाव देश के 10 करोड़ गरीब परिवारों को मिलने वाला 5 लाख रुपये तक स्वास्थ्य बीमा है। यह योजना एक अप्रैल से ही शुरू हो रही है। इससे सीधा फायदा देश के आम लोगों को ही होगा। आइए जानते हैं कि ‘आयुष्मान योजना’ के साथ अन्य बड़े बदलावों के बारे में।

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    5 लाख रुपये तक का बीमा प्रत्येक परिवार को, अस्पताल में भर्ती होने से पहले और बाद का खर्च भी शामिल ,10.74 करोड़ परिवार को फायदा मिलेगा ,पैनल में शामिल किसी भी अस्पताल में कैशलेस इलाज ,12,000 करोड़ रुपये योजना की अनुमानित लागत 40,000 रुपये की मानक कटौती का लाभ मिलेगा वेतन भोगियों को,19,200 का परिवहन भत्ता और 15,000 रुपये के मेडिकल भत्ते की सुविधा वापस ली गई स्वास्थ्य बीमा पॉलिसी में ज्यादा छूट ,10 फीसदी छूट दो साल के बीमा कवर के लिए 40,000 रुपये देने पर ,दोनों साल 20-20 हजार की कर छूट का दावा भी कर सकते हैं।

    1 लाख की गई गंभीर बीमारियों पर मिलने वाली टैक्स छूट पर ,80,000 रुपये है वर्तमान में 80 से ज्यादा उम्र के बुजुर्गों के लिए ,60,000 रुपये की सीमा 60-80 साल वरिष्ठ नागरिकों के लिए ,50,000 रुपये टैक्स छूट की सीमा की गई स्वास्थ्य बीमा प्रीमियर और आम मेडिकल खर्च पर ,30,000 रुपये थी पहले यह सीमा सेक्शन 80डी के तहत वरिष्ठ नागरिकों को ब्याज में कर राहत,5 गुना बढ़ाकर 50,000 रुपये की गई जमा से प्राप्त आय पर टैक्स छूट की सीमा ,15 लाख रुपये की गई निवेश की सीमा प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत ,7.5 लाख रुपये थी पहले यह सीमा ,2020 तक किया गया।

    योजना का विस्तार एनपीएस से आम लोग भी निकाल सकेंगे पैसे,नेशनल पेंशन स्कीम में जमा रकम निकालने पर टैक्स छूट का लाभ गैर-कर्मचारी वर्ग को भी मिलेगा ,1.55 लाख डाकघर देशभर के पेमेंट बैंक के रूप में भी सेवाएं देंगे,1 लाख रुपये तक का बचत खाता खोल सकेंगे 25,000 तक की जमा राशि पर 5.5% ब्याज, चालू खाता और थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं मिलेंगी,पोस्ट मैन और ग्रामीण डाक सेवक शहरी और ग्रामीण इलाकों में डिजिटल भुगतान सेवा पहुंचाएंगे।

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  • जगन्नाथ मंदिर : 34 साल के बाद 12वीं सदी का रत्न भंडार, सिर्फ लंगोटी पहनकर देखेगी टीम

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    पुरी, बारहवीं सदी के जगन्नाथ मंदिर का कोषागार 34 साल के अंतराल के बाद बुधवार को निरीक्षण के लिए खोला जाएगा। जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) के मुख्य प्रशासक पीके जेना ने संवाददाताओं को बताया कि 10 सदस्यीय एक समिति 4 अप्रैल को रत्न भंडार (कोषागार) के तल, छत और दीवार की भौतिक स्थिति का निरीक्षण करेगी। जेना ने बताया कि टीम में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के दो विशेषज्ञ भी शामिल हैं।

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    रत्न भंडार

    टीम केवल ढांचागत स्थिरता और सुरक्षा के बारे में जानने के लिए रत्न भंडार का निरीक्षण करेगी। उन्होंने कहा कि किसी को भी रत्न भंडार में रखे आभूषणों को छूने की अनुमति नहीं दी जाएगी। रत्न भंडार में देवों के कीमती आभूषण रखे हैं। पिछली बार इसका निरीक्षण 1984 में किया गया था। तब इसके सात कक्षों में से केवल तीन कक्ष खोले गए थे।

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    निरीक्षण टीम में पुरी के राजा गजपति महाराज दिव्यसिंह देव या उनके प्रतिनिधि और पत्तजोशी महापात्र भी शामिल होंगे। जेना ने कहा कि रत्न भंडार को दोपहर बाद खोलने के प्रबंध किए जा रहे हैं और निरीक्षण के दौरान मंदिर परिसर में कोई श्रद्धालु नहीं होगा। उन्होंने कहा कि टीम के सभी सदस्यों को कोषागार में प्रवेश से पहले तीन लेवल की जांच से गुजरना होगा। पुलिस के अधिकारी टीम के सदस्यों की तलाशी लेंगे, जिससे कि वे कोई धातु या इलेक्ट्रानिक उपकरण न ले जा सकें।

    बता दें कि इससे पहले यह 1984, 1978, 1926 और 1905 में खोला गया था। मंदिर के अधिकारियों को कोषागार की चाबी उसी दिन पुरी स्थित सरकारी कोषागार से मिलेगी। जगन्नाथ मंदिर पुरी में स्थित है और हिन्दुओं के चार धामों में से एक है। तीन अन्य धाम बद्रीनाथ, द्वारका और रामेश्वरम हैं।

    रत्न भंडार गृह का निरीक्षण करने वाले 10 लोगों की टीम में पुरी के गजपति महाराजा और आर्कियोलॉजी के दो अधिकारी शामिल हैं, बताया जा रहा है इन लोगों को भी मंदिर के खजानें में हाथ लगाने की इजाजत नहीं होगी। प्रदीप जेना मीडिया को बताया कि हो सकता है कि रत्न भंडार गृह में सांप भी निकलें इसलिए पहले से ही सांप पकड़ने वालों को बुलवाया जाएगा ताकि कोई अनहोनी न हो।

  • ‘Tiger’ को 5 साल की सजा, जोधपुर जेल में रहेंगे आसाराम के साथ

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    जोधपुर। जोधपुर। फिल्म हम साथ साथ हैं कि शूटिंग के दौरान कांकणी गांव के भागोडा की ढाणी में काला हिरण शिकार मामले में फिल्म अभिनेता सलमान खान दोषी करार दिए गए हैं। इसके साथ अन्य सभी आरोपियों को बरी कर दिया गया है। 28 मार्च को इस मामले में सीजेएम ग्रामीण देवकुमार खत्री की कोर्ट में सुनवाई हुई थी। इसके बाद जज ने अपना फैसला सुरक्षित रख लिया था।

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    अभियोजन पक्ष के वकील ने बताया कि अदालत ने इस मामले में आरोपी अन्य कलाकारों सैफ अली खान, सोनाली बेन्द्रे, तब्बू और नीलम तथा एक स्थानीय निवासी दुश्यंत सिंह को ‘‘संदेह का लाभ’’ देते हुए बरी कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सलमान खान (52) को अदालत परिसर से पुलिस वाहन में जोधपुर केन्द्रीय कारागार ले जाया गया।चूंकि सलमान को तीन वर्ष से ज्यादा की सजा हुई है, इसलिए उन्हें जमानत के लिए उच्च न्यायालय में अर्जी देनी होगी।

     सलमान को चौथी बार जोधपुर केन्द्रीय कारागार ले जाया गया है। इससे पहले वह कुल18 दिनों के लिए तीन बार वर्ष 1998, 2006 और2007 में भी जोधपुर जेल में रह चुके हैं।गौरतलब है कि मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने1998 में हुई इस घटना के संबंध में28 मार्च को मुकदमे की सुनवाई पूरी की थी।
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    उन्होंने फैसला सुरक्षित रख लिया था।अभियोजन पक्ष के वकील महिपाल बिश्नोई ने आज संवाददाताओं को बताया कि अदालत ने सलमान खान को पांच साल कारावास और 10,000 रुपये जुर्माने की सजा सुनायी है।सलमान खान को अदालत ने वन्यजीव( संरक्षण) कानून के प्रावधान9/51 के तहत दोषी करार दिया। इस कानून के तहत दोषी को अधिकतम छह साल कैद की सजा हो सकती है।
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     सलमान पर आरोप था कि उन्होंने जोधपुर के निकट कांकाणी गांव के भागोडा की ढाणी में दो काले हिरणों का शिकार किया था। यह घटना‘ हम साथ साथ है’’ फिल्म की शूटिंग के दौरान अक्तूबर, 1998 की है। काली शर्ट पहने सलमान आज सुबह अपने अंगरक्षक के साथ अदालत पहुंचे थे।फैसला सुनाये जाने के वक्त अन्य आरोपी सिने कलाकार भी अदालत कक्ष में मौजूद थे। कुछ के परिजन भी साथ आये थे।
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  • Crime : तीन साल तक मां की लाश को फ्रीजर में रखकर पेंशन लेता रहा बेटा

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    कोलकाता. पश्चिम बंगाल में अपराध की एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है. यहां राजधानी कोलकाता के बेहाला में पुलिस ने करीब तीन साल से फ्रिज में रखा एक महिला का शव बरामद किया है. इस मामले में पुलिस ने मृतक महिला के बेटे और पिता को हिरासत में लिया है.

    आरोप है कि मृतक के बेटे ने मां की पेंशन पाने के लिए शव इतने सालों तक फ्रिज में रखा था. इसके लिए वह हर महीना अंगूठे के निशान लेता था. जानकारी के मुताबिक, मृतक महिला रिटायर्ड एफसीआई अधिकारी थीं, जिन्हें हर महीना 50,000 रुपए पेंशन मिलती थी.

    पुलिस ने बताया कि आरोपी सुब्रत मजूमदार हर महीने मां को मिल रही पेंशन बैंक से निकालता था. महिला की मौत के तीन साल बाद तक ऐसा चलता रहा. वहीं, पुलिस आरोपी से यह जानने की कोशिश कर रही है कि आखिर इतने दिनों तक शव को कैसे सुरक्षित रखा गया. दूसरी तरफ, मृतक महिला के पिता ने स्वीकार किया है कि बेटी का शव घर में रखे होने की उन्हें जानकारी थी.

    वहीं, आरोपी के पड़ोसियों ने एक न्यूज चैनल को बताया कि परिवार के लोग पड़ोस में किसी से बात नहीं करते थे. पड़ोसियों ने बताया कि उन्हें महिला की मौत की जानकारी थी, लेकिन अंतिम संस्कार किया गया या नहीं, इसकी जानकारी नहीं थी.

  • UIDAI में निकली वैकेंसी, ग्रेजुएट जल्द करें आवेदन

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    UIDAI 2018 में Online/Offline मोड में आवेदकों से आवेदन प्राप्त करने का प्रस्ताव है. पात्र उम्मीदवार अपना आवेदन UIDAI में 07/04/2018 से पहले जमा कर सकते हैं. नौकरी से जुड़ी पूर्ण जानकारी आप नीचे विस्तार से जान सकते है.

    रिक्ति का नाम: अनुभाग अधिकारी

    शिक्षा की आवश्यकता: Any Graduate, Any Post Graduate

    रिक्तियां: 02पोस्ट

    वेतन रुपये: 9300 – रुपये . 34800/- प्रति महीने

    अनुभव: 6 – 8 वर्ष

    नौकरी करने का स्थान: नई दिल्ली

    आवेदन करने की अंतिम तिथि: 07/04/2018

    चयन प्रक्रिया
    चयन या तो लिखित परीक्षा / कार्मिक साक्षात्कार / अन्य मोड के आधार पर यूनिक आइडेंटिफिकेशन अथॉरिटी ऑफ इंडिया UIDAI मानदंड या निर्णय द्वारा किया जाएगा.

    आवेदन कैसे करे?
    इच्छुक उम्मीदवार शैक्षिक योग्यता के सभी विवरणों के साथ अपने दस्तावेज प्रस्तुत कर सकते हैं साथ ही समर्थन दस्तावेज (प्रमाणित प्रतियां). ईमेल आईडी, संपर्क नंबर और पूरा डाक पता आपके आवेदनों के साथ उल्लेख किया जाना चाहिए. योग्यता मानदंडों के आधार पर साक्षात्कार में भाग लेने के लिए लघु और सूचीबद्ध उम्मीदवारों को ईमेल और फोन के माध्यम से सूचित किया जाएगा और नियुक्ति विशुद्ध रूप से अस्थायी है. साक्षात्कार में भाग लेने के लिए या चयनित होने पर पोस्ट में शामिल होने के लिए कोई टीए / डीए भुगतान नहीं किया जाएगा.

    नौकरी के लिए पता
    ADG (HR), Unique Identification Authority of India (UIDAI), 2ndFloor, Tower 1, Jeevan Bharti Building, Connaught Circus, New Delhi- 110001

  • भारत बंद के बाद देश में SC/ST पर ढाया जा रहा है जुल्‍म: दलित BJP सांसद

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    भारत बंद के पांच दिन बाद भाजपा सांसद उदित राज ने अपनी चुप्‍पी तोड़ी है। उन्‍होंने आरोप लगाया कि भारत बंद के दौरान प्रदर्शन के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में दलित समुदाय के सदस्यों को प्रताड़ित किया जा रहा है। इस बाबत उदित राज ने कई ट्वीट किए हैं। उदित राज ने अपने ट्वीट में कहा कि भारत बंद के समय हुए आंदोलन में हिस्सा लेने वाले प्रदर्शनकारियों के ऊपर अत्याचार की सूचनाएं मिल रही हैं। उन्‍होंने कहा यह चिंताजनक है। दलित सांसद ने कहा यह तत्‍तकाल रुकना चाहिए।

    उन्‍होंने कहा कि 2 अप्रैल के बाद दलितों को देशभर में प्रताड़ित किया जा रहा है। उत्‍तर प्रदेश, मध्‍य प्रदेश और राजस्‍थान के कई जिलों से इस तरह की शिकायते आई हैं। उदित राज ने बाकायदे उन जिलों का उल्‍लेख करते हुए कहा कि मेरठ, बुलंदशहर, बाड़मेर, जालौर, जयपुर, ग्वालियर, करौली में ये प्रमुख जिले हैं।

    उदित राज उत्तर पश्चिम दिल्ली लोकसभा सीट से भाजपा के सांसद हैं। उन्‍होंने कहा कि ग्वालियर में उनके द्वारा चलाए जा रहे दलित संगठन के एक कार्यकर्ता को प्रताड़ित किया गया है। उन्‍होंने कहा कि वह पूरी तरह से निर्दोष है। उसने कुछ भी गलत नहीं किया है।
    उल्लेखनीय है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा कथित बदलाव के विरोध में दलित संगठनों के बुलाए गए भारत बंद के दौरान दौरान हुए हिंसक प्रदर्शन में कम से कम 11 लोगों की मौत हो गई थी और कई अन्य घायल हो गए थे। उत्तर प्रदेश के मेरठ में कथित तौर पर दलित प्रदर्शनकारियों ने कलेक्टोरेट पर तोड़फोड़ की थी।

    पिछले दिनों कई दलित सांसदों ने इस बाबत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर अपनी नाराजगी जता चुके हैं। सावित्रीबाई फुले, छोटे लाल, इटावा के सांसद अशोक कुमार, नागिना के यशवंत सिंह दलितों के मसले पर राज्य और केंद्र सरकार की भूमिका पर सवाल उठा चुके हैं। भाजपा के सांसद छोटेलाल ने कहा कि उनके साथ मारपीट की गई थी और हथियार दिखाकर धमकाया गया था। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है।

  • जोधपुर कोर्ट ने सलमान खान को दी जमानत, मगर इन दो शर्तों के साथ

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    जोघपुर: काला हिरण शिकार मामले में जोधपुर सेंट्रल जेल में सजा काट रहे बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान को जोधपुर के सेशन कोर्ट ने जमानत दे दी. सलमान खान को 50-50 हजार के दो मुचलकों की शर्त पर कोर्ट ने जमानत दी है. बताया जा रहा है कि सलमान खान आज ही जेल से रिहा हो सकते हैं. बताया जा रहा है कि सलमान खान की रिहाई का आदेश तैयार किया जा रहा है  और शाम 5.30 बजे जेल भेजा जाएगा. उसके बाद करीब 6.30 बजे से 7 बजे तक के बीच सलमान खान रिहा हो सकते हैं. कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की अगली तारीख 7 मई निर्धारित की है.

    इस तरह से सलमान खान को जमानत तो मिली है, मगर कोर्ट ने मुचलके को भरने और अगली सुनवाई में रहने की जो शर्त रखी है, उसे पूरी करनी होगी. कोर्ट ने यह भी कहा है कि सलमान खान बिना कोर्ट को बताए देश से बाहर नहीं जा सकते हैं, और अगली सुनवाई में अनिवार्य तौर पर रहने को कहा है.

    ऐसी उम्मीदें थी कि मामले की सुनवाई कर रहे जज के तबादले के बाद सलमान खान मुश्किलों में घिर सकते हैं, मगर जज रवींद्र कुमार जोशी ने सलमान खान की जमानत अर्जी पर पूरी दलीलें सुनने के बाद शनिवार को अपना फैसला सुना दिया और जमानत अर्जी मंजूर कर ली. बता दें कि गुरुवार को जोधपुर की सीजेएम कोर्ट ने सलमान खान को 20 साल पुराने काले हिरण के शिकार से जुड़े मामले में दोषी करार देते हुए पांच साल कैद की सज़ा और 10,000 रुपये के जुर्माने की सज़ा सुनाई थी, जिसके बाद उन्हें कोर्ट से सीधे जोधपुर सेंट्रल जेल भेज दिया गया था.

    सलमान के वकील कोर्ट में दलील दी कि  हाईकोर्ट उनके मुव्विकल को दो अन्‍य मामलों में बरी कर चुका है. वहीं कोर्ट ने कहा कि यह साबित नहीं हो सकता कि चिंकारा को सलमान ने ही अपने लाइसेंस रिवॉल्‍वर से मारा था. सलमान खान के वकील ने कहा कि गवाहों के बयान पर भरोसा नहीं किया जा सकता है. सलमान के वकील ने कहा कि पोस्‍टमार्टम के लिए हिरण की हडि्डयां ही भेजी गई थीं.

    जोधपुर कोर्ट ने इस मामले में अन्य सभी आरोपियों – सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेंद्रे और नीलम को बरी कर दिया था. सलमान खान के खिलाफ जजमेंट 196 पेज का है. जोधपुर के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट (CJM) की अदालत में सज़ा पर बहस के दौरान जहां सरकारी वकील ने अधिकतम सजा की मांग की थी, वहीं सलमान के वकील ने कम से कम सजा दिए जाने का अनुरोध किया था. जोधपुर जेल में सलमान खान कैदी नंबर-106 हैं और उन्हें बैरक नंबर 2 में रखा गया है.

    टिप्पणियां मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट देव कुमार खत्री ने 1998 में हुई इस घटना के संबंध में 28 मार्च को मुकदमे की सुनवाई पूरी करते हुए फैसला बाद में सुनाने की घोषणा की थी. गौरतलब है कि फैसला सुनाए जाने के समय सभी आरोपी कलाकार सलमान खान, सैफ अली खान, तब्बू, सोनाली बेन्द्रे और नीलम अदालत में मौजूद थे.