Category: national

  • SSC पेपर लीक धांधली पर राजनाथ सिंह का बयान, वापस घर जाएं छात्र, पूरी हो गई है मांग

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    नई दिल्ली ;  कर्मचारी चयन आयोग (SSC) के पेपर लीक मामले पर केन्द्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह का बयान आ गया है। राजनाथ सिंह ने कहा है कि विरोध कर रहे छात्रों को अब विरोध प्रदर्शन बंद कर देना चाहिए। मामले की जांच अब सीबीआई को सौंप दी गई है। छात्रों की मांग को पूरी कर दी गई है। छात्रों को अब घर वापस जाना चाहिए। राजनाथ सिंह ने आश्वासन दिया है कि SSC  पेपर लीक मामले की सीबीआई जांच होगी। उन्होंने यह भी कहा कि जांच के आदेश भी दिए जा चुके हैं।

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    कर्मचारी चयन आयोग (SSC) का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। इसी को देखते हुए राजनाथ सिंह ने छात्रों को कहा है कि अब उन्हें विरोध नहीं करना चाहिए। उन्हे अब धैर्य से काम लेना चाहिए। जल्द ही इस मामले में फैसला भी आ जाएगा

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    राजनाथ सिंह के इस बयान के बाद छात्रों ने भी प्रतिक्रिया दी है। दिल्ली के पीयूष ने कहा है कि हम राजनाथ सिंह के फैसले का स्वागत करते हैं लेकिन हम विरोध तब तक बंद नहीं करेंगे जब तक हमें यह नहीं दिख जाता कि हमारे विरोध को देखते हुए उचित कार्रवाई हो रही है।

  • जानिये, रेल मंत्रालय ने महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा तैयार किया नया प्लान!

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    NEW DELH,  रेलवे ने ट्रेनों में अकेले सफर करने वाली महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा को लेकर अब संजीदगी दिखाते हुए एक नया प्लान तैयार किया है। जिसके तहत रेल मंत्रालय ने महिलाओं के लिए हर ट्रेन में अब स्पेशल कंपार्टमेंट की व्यवस्था करने का आदेश जारी किया है। इसके अनुसार ट्रेन के स्लीपर कोच में अकेली महिला या महिलाओं के ग्रुप को कोच में एक जगह पर 6 बर्थ आवंटित की जाएगी जो महिलाओं का विशेष कंपार्टमेंट होगा।

    महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रेलवे गंभीर
    उत्तर मध्य रेलवे के झांसी मंडल के जनसंपर्क अधिकारी (पीआरओ) मनोज कुमार ने बताया कि महिलाओं की सुरक्षा को लेकर रेलवे गंभीर है। इसीलिए प्रत्येक ट्रेन में स्पेशल कंपार्टमेंट बनाए जाने की व्यवस्था की गई है। आरक्षण के अनुसार चार्टिग की व्यवस्था का आदेश रेलवे अधिकारियों को मिल गया है। अब महिलाएं आराम से अकेले सफर कर सकती हैं। महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए रेल मंत्री पीयूष गोयल ने यह प्लान बनाया है। जिसका पालन कराने के लिए रेलवे बोर्ड द्वारा सभी जोन को आदेश जारी कर दिया गया है।

    ट्रेन में महिलाओं के लिए विशेष कंपार्टमेंट का सिस्टम
    प्रत्येक ट्रेन में महिलाओं के लिए विशेष कंपार्टमेंट का सिस्टम रिजर्वेशन के थ्रू बनाया जाएगा। ट्रेन डेस्टिनेशन के दौरान पडऩे वाले स्टेशनों से बुक हुए टिकट के डाटा के अनुसार अकेली सफर करने वाली महिलाओं का कंपार्टमेंट बनाया जाएगा। स्पेशल कंपार्टमेंट में किसी भी पुरुष को जगह नहीं दी जाएगी। वेटिंग लिस्ट में पुरुष यात्री के स्थान पर गर्भवती महिला को कंफर्म बर्थ मिलेगी। रेलवे बोर्ड ने सभी जोनल रेलवे को अधिसूचना जारी कर रिजर्वेशन चार्ट सिस्टम में बदलाव का निर्देश दिया है।

    बिना किसी दिक्कत के महिलाएं करेंगी सफर 
    रेलवे की वर्तमान व्यवस्था के अनुसार 45 वर्ष की महिलाओं के लिए लोअर बर्थ का कोटा निर्धारित है ,लेकिन यह कोच में कहीं भी आवंटित कर दिया जाता है। इससे अकेली सफर करने वाली महिलाओं को काफी दिक्कत होती है। अब अकेली सफर करने वाली महिलाओं एवं युवतियों को इस तरह की दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा। अब प्रत्येक ट्रेन के प्रत्येक स्लीपर कोच में अकेली महिला, गर्भवती महिला तथा महिलाओं के ग्रुप को मिलाकर 6 महिलाओं का एक स्पेशल कंपार्टमेंट बनाया जाएगा। वहां महिलाएं आराम से बिना किसी दिक्कत सफर कर सकेंगी।

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  • SSC परीक्षा में धांधली का आरोप, मोदी सरकार की नाक के नीचे युवाओं का विरोध जारी, CBI जाँच की माँग

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    SSC की ओर से आयोजित होने वाली परीक्षाओं में धांधली के आरोप में दिल्ली में परीक्षार्थी लगातार प्रदर्शन कर रहे है. शुक्रवार को होली वाले दिन भी दिल्ली में SSC के दफ्तर के बाहर हजारों कैंडिडेट डटे रहे. छात्रों ने 21 फरवरी को CGL 2017 की टीयर 2 परीक्षा में पेपर लीक की सीबीआई जांच कराने की मांग की है.

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    दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी कथित घोटाले की सीबीआई से जांच कराने की मांग की है. केजरीवाल ने शुक्रवार को ट्वीट किया, “हजारों परिक्षार्थी इस घोटाले की सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं. यह मसला उनके भविष्य से जुड़ा है. केंद्र सरकार को तत्काल उनकी मांग को स्वीकार करना चाहिए और सीबीआई जांच का आदेश देना चाहिए.”

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    गुरुवार को SSC ने कहा था कि छात्रों की तरफ से उठाए गए मसले की प्रारंभिक जांच CFSL और CBI करेगी. शुरुआती जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद ही आगे की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी. सरकार और SSC के इस आश्वासन के बाद भी प्रदर्शनकारी छात्र डटे हुए है, छात्रों का कहना है कि सरकार मामले की सीधे जांच कराने की बजाए उलझाने में लगी हुई है.

    परीक्षार्थियों का आरोप है की CGL ही नहीं SSC की बाकी परीक्षाओं में भी जमकर धांधली हो रही है जिससे उनका भविष्य अधर में पड़ गया है. प्रदर्शनकारी छात्रों के मुताबिक हाल ही में 21 फरवरी को CGL टीयर 2 परीक्षा के दौरान पेपर सोशल मीडिया पर लीक हो गया. पेपर लीक होने के बाद छात्रों को परीक्षा के बीच से ही उठा दिया गया. SSC ने छात्रों को परीक्षा देने से रोकने का कारण ‘technical glitch’ बताया जिसके बाद परीक्षार्थीयों का गुस्सा फूट पड़ा.

  • रंग और हुड़दंग से सराबोर है पूरा देश, सीमा पर जवानों ने खेली होली, यहां देखें झलकियाँ

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    होली के उत्सव में पूरा देश रंगों से सराबोर है। अलग-अलग हिस्सों से होली के जश्न की तस्वीरें मिल रही हैं। हर तरफ गुझिया की महक के साथ फागुनी गीतों की बयार है। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने उमंग के इस पर्व की बधाई दी है। विदेशों में भी होली के त्योहार की धूम है। आप भी शामिल हों होली के रंगों के बीच और देखिए कहां बरस रहे हैं कौन से रंग।

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    Holi LIVE Updates: रंगों में सराबोर लोग ऐसे मना रहे हैं होली का त्योहार

    – सैफई में उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व समाजवादी पार्टी के मुखिया अखिलेश यादव ने चाचा शिवपाल यादव केे साथ मनाई होली। दूर किए रंज।

     – सीमा पर जवानों ने भी होली के त्योहार को उत्साह के साथ मनाया। बॉर्डर पर होली मनाते जवानों का एक वी‌डियो भी न्यूज एजेंसी एएनआई ने ट्वीट किया है।

    – मध्य प्रदेश में होली का पर्व उत्साह और उमंग के साथ मनाया जा रहा है। हर तरफ रंगों की बौछारों और अबीर-गुलाल से एक-दूसरे को सराबोर करने की होड़ मची है। वहीं, राज्यपाल आनंदीबेन पटेल और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रदेशवासियों को होली की शुभकामनाएं दी हैं।

    – पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने शुक्रवार को होली के मौके पर लोगों को शुभकामनाएं दीं। साथ ही उन्होंने लोगों से भारत के इस पारंपरिक त्योहार को एकता, सहिष्णुता, भाईचारे और संवेदना के रंगों से मनाने का आह्वान किया।

    – अमरिंदर सिंह ने कहा, “आकर्षक रंगों और वसंत के फूलों की गर्मी के साथ चलिए इस त्योहार को हमारे दिलों को छू जाने दीजिए। होली वसंत के आगमन का प्रतीक है, हमारे जिंदगी में इस फैल जाने दीजिए।”

    – पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक वी.पी. सिंह बदनौर ने एक संदेश में कहा, “यह त्योहार वसंत के आगमन का निशान है और सभी लोगों को साथ लाता है। इसके पारस्परिक प्रेम और सद्भाव की भावना के कारण लोग जाति, पंथ और धर्म के सभी भेदों को भूल जाते हैं।”

    – गुजरात चुनावों पर तंज कसते हुए कुमार विश्वास ने एक जोगीरा लिखा है।

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    – भोले बाबा की नगरी वाराणसी में होली की खुमारी छाई है।

    – आज गूगल भी होली के रंग में सराबोर में सराबोर है। डूडल बनाकर मनाया होली का जश्न।

    – केंद्रीय अल्पसंख्य कल्याण मामलों में मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने अपने आवास पर होली का जश्न मनाया।

    – मशहूर कवि और राजनेता कुमार विश्वास राजनीतिक जोगीरा की सीरीज चला रहे हैं। ट्विटर पर लिखा, ‘हम से पूछो कैसे करते अपने सत्यानाश, भरी जवानी में अडवाणी होने का अहसास। जोगीरा सारा रारारा…!!! ‘

    – बॉलीवुड अभिनेता ऋषि कपूर ने होली की शुभकामनाओं के साथ एक सुझाव भी दिया है। उन्होंने ट्वीट किया, ‘होली की शुभ कामनाएँ सभी को याद रहे होली खेलें मगर ज़िम्मेदारी से। Happy Holi to all!’

    – ऋषिकेश स्थित परमार्थ निकेतन में मनाया जा रहा होली का जश्न। बड़ी संख्या में विदेशी भी शिरकत कर रहे हैं।

  • कांग्रेस कमेटी का दफ्तर होगा कुर्क, न्यायालय का आदेश !

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    नई दिल्ली,  बिल्डर की बकाया राशि भुगतान नहीं करने के आरोप में पटियाला हाउस कोर्ट ने दिल्ली कांग्रेस कमेटी के ऑफिस को कुर्क करने का आदेश दिया है। खबर लिखे जाने तक दिल्ली पुलिस इस आदेश पर संज्ञान लेते हुए कार्यालय पहुंच चुकी थी।

    आपको बता दूं कि कांग्रेस के उपर उक्त बिल्डर का 95 लाख रुपये बकाया है। जब कांग्रेस ने बकाया राशि नहीं जमा करवाई तो बिल्डर कोर्ट चला गया। कोर्ट ने अब कार्यालय कुर्क का आदेश दे दिया है।

    दिल्ली स्थित 14 वर्ष पुराने कांग्रेस के दफ्तर को कोर्ट ने कुर्क करने के आदेश दिए हैं। दिल्ली पुलिस कार्रवाई करने के लिए पार्टी ऑफिस भी पहुंच गई है।

    पटियाला हाउस कोर्ट के आदेश पर यह कदम उठाया जा रहा है।
    आपको बता दें कि दिल्ली के कांग्रेस के दफ्तर को कुर्क करने के पीछे बड़ी वजह यह है कि उन्होंने बिल्डर की बकाया राशि नहीं चुकाई है। बिल्डर के 95 लाख रुपये का बकाया है। इसलिए कोटज़् के आदेश पर दफ्तर कुकज़् करने की कारज़्वाई की जा रही है।

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  • विधान सभा विशेषाधिकार समिति के सामने हाजिरी मामले में हाई कोर्ट आज करेगा अंशु प्रकाश की याचिका पर सुनवाई

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    नई दिल्ली : दिल्ली हाई कोर्ट दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश की याचिका पर सोमवार (पाँच मार्च) को सुनवाई करेगा। अंशु प्रकाश ने हाई कोर्ट से  दिल्ली विधानसभा की विशेषाधिकार समिति के उस आदेश पर रोक लगाने की मांग की है जिसमें उनके समेत तीन आईएएस अफसरों को सोमवार दोपहर 3 बजे समिति के सामने हाजिर होने के लिए कहा गया है।

    दरअसल 19 फरवरी को दिल्ली के मुख्य सचिव अंशु प्रकाश ने ये आरोप लगाया था कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर उनके सामने उनके पार्टी के 2 विधायकों ने उनके साथ कथित मारपीट की थी। जिसके बाद दोनों आरोपी विधायकों को प्रकाश जारवाल और अमानतुल्ला खान गिरफ्तार किया गया।  बाद में मामले की जांच करते हुए दिल्ली पुलिस ने मुख्यमंत्री ्अरविंद केजरीवाल के आवास पर सीसीटीवी फुटेज भी चेक किया।

    आम आदमी पार्टी अंशु प्रकाश द्वारा लगाए गए आरोपों से इनकार करती रही है। आम आदमी पार्टी ने आरोप लगाया कि अंशु प्रकाश और दिल्ली के कुछ और नौकरशाह भारतीय जनता पार्टी (बीेजपी) के इशारे पर काम कर रहे हैं। अंशु प्रकाश ने आम आदमी पार्टी के इन आरोपों को बेबुनियाद बताया।

    अंशु प्रकाश दिल्ली सरकार के सचिवों की बैठक में पिछले हफ्ते इस शर्त पर राजी हुए कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल नौकरशाहों को आश्वासन देंगे कि उनके संग मारपीट नहीं होगी। पुलिस द्वारा कराई गई अंशु प्रकाश के मेडिकल रिपोर्ट में उन्हें चोट लगने की पुष्टि हुई थी। पुलिस इस मामले में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उप-मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया से भी पूछताछ कर सकती है।

  • धार्मिक स्थल पर मीट फेंके जाने की अफवाह के बाद सांप्रदायिक तनाव, धारा 144 लागू

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    नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले में बीफ को लेकर अफवाह ने तनाव का माहौल पैदा कर दिया है। खबर के अनुसार शुक्रवार (2 मार्च) को होली के पर्व पर मंदिर में मांस फेंकने की अफवाह से लोगों के अंदर रोष पैदा हो गया है।

    दत्तापुकुर के चलताबेरिया इलाके ये घटना बताई जा रही है। कहा जा रहा है कि मंदिर के मांस फेकने की खबर के बाद लोगों ने जमकर नारेबाजी की, लेकिन किसी भी तरह की सांप्रदायिक हिंसा की खबर अभी तक नहीं आई है। हालात काबू में रहें इसलिए रेपिड एक्शन फोर्स (आएएफ) को मौके पर रवाना कर दिया गया। साथ ही यहां धारा 144 के तहत कर्फ्यू लगा दिया गया है।

    वहीं, पूरे घटनाक्रम पर पुलिस का कहना है कि यहां के हालात पर काबू पा लिया गया है, शांति कायम रहे इसलिए पुलिसबल भी तैनात है। हालांकि पुलिस अधिकारी मंदिर में मांस फेंके जाने की खबर की पुष्टि नहीं कर सके। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है।

    इस तरह की घटनाएं पहले भी देखी जा चुकी हैं। यूपी समेत कई राज्यों में बीफ की अफवाह ने उग्र रूप पहले लिया हुआ है, इसलिए ही यहां पुलिस पूरी तरह से चौक्कनी हैं ताकि किसी भी तरह की कोई घटना नहीं हो पाए। पुलिस के अनुसार ये महज एक अफवाह भी हो सकती है हम मामले की फिलहाल जांच कर रहे हैं।

  • बिप्लब कुमार देब ने ली त्रिपुरा के मुख्यमंत्री पद की शपथ, ये 9 मंत्री हुए कैबिनेट में शमिल

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    नई दिल्ली, 9 मार्च: त्रिपुरा में भाजपा ने पहली बार सरकार बना ली है। बिप्लब कुमार देब ने मुख्यमंत्री पद की शपथ ले ली है। वहीं जिष्णु देब बर्मन ने उप मुख्यमंत्री की शपथ ली है। इस शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, गृहमंत्री राजनाथ सिंह, लालकृष्ण आडवाणी, समेत भाजपा के कई दिग्गज नेता मौजूद हैं। त्रिपुरा के पूर्व मुख्यमंत्री माणिक सरकार भी शपथ ग्रहण समारोह में मौजूद हैं। आपको बता दें कि बिप्लब कुमार देब ने खुद माणिक सरकार को अपने शपथ ग्रहण समारोह के लिए आमंत्रित किया था। बिप्लब कुमार देब के साथ 9 विधायकों ने मंत्री पद की शपथ ली है।

    सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोले इच्छा मृत्यु मांगने वाले लोग

    शपथ ग्रहण समारोह की लाइव अपडेट्स

    – उप मुख्यमंत्री जिष्णु देब बर्मन आदिसवासी समुदाय से तात्लुक रखते हैं। फिलहाल ये विधायक नहीं है। जिष्णु ने चारिलाम सीट से पर्चा भरा था, लेकिन यहां लेफ्ट कैंडिडेट की मौत के बाद चुनाव रद्द कर दिए गए थे। इस सीट पर 15 मार्च को चुनाव होगा।

    – एनसी  देबबर्मा ने ली शपथ। आदिवासी संगठन IPFT के नेता हैं। प्रदेश में आदिवासियों के बड़े नेता माने जाते  हैं।

    – सुदियो रॉय बर्मन, प्रणब देब, मनोज देब, संताना चकमा, रतनलाल नाथ, मेवाड़ जमातिया ने मंत्री पद की शपथ ली है।

    – रतनलाल 5वीं बार विधायक बने हैं। इससे पहले चार बार वो कांग्रेस से चुनाव जीते चुके हैं। फिलहाल वो विधानसभा स्पीकर के प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं।

    – संताना चकमा फिलहाल कैबिनेट में शामिल होनेवाली इकलौती महिला विधायक हैं।

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  • सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या बोले इच्छा मृत्यु मांगने वाले लोग

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    सुप्रीम कोर्ट की पांच सदस्यीय बेंच ने इच्छा मृत्यु पर ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। कोर्ट के फैसले के मुताबिक, ‘ऐसे व्यक्ति जिनका उपचार व्यावहारिक रूप से असंभव है, उनकी इच्छा मृत्यु को कुछ दिशा-निर्देशों के साथ कानूनी मान्यता दे दी गई है। इसके लिए इच्छा मृत्यु मांग रहे व्यक्ति के परिजनों और डॉक्टरों की अनुमति चाहिए जिसमें यह कहा जाए कि व्यावहारिक रूप से इनका इलाज संभव नहीं है। इस फैसले के बाद मृत्यु शैय्या पर पहुंच चुके लोगों को निष्क्रिय इच्छामृत्यु दिया जा सकता है। कोर्ट के इस फैसले से इच्छा मृत्यु की मांग कर रहे लोगों ने राहत की सांस ली है। जानें इच्छा मृत्यु की मांग करने वाले लोगों ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर क्या कहा।

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    मिस्टर और मिसेज लवाते ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से असंतुष्टि जाहिर की है। उन्होंने कहा कि हम सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पूरी तरह संतुष्ट नहीं हैं। 75 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों को यह अधिकार दिया जाना चाहिए। सरकार को इस संबंध में एक पॉलिसी बनानी चाहिए।

    मस्कुलर डिस्ट्रॉफी जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही अनामिका मिश्रा ने सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर कहा है कि मैंने 2014 में प्रधानमंत्री मोदी से इच्छा मृत्यु की गुहार लगाई थी। उन्होंने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिकारियों को मामला देखने के आदेश दिए थे। सुप्रीम कोर्ट का ये एक अच्छा फैसला है।

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    क्या है लिविंग विल

    लिविंग विल के मुताबिक मरीज पहले से यह निर्देश देता है कि वह मरणासन्न स्थिति में पहुंचने या रजामंदी नहीं दे पाने की स्थिति में पहुंचने पर उसे किस तरह का इलाज दिया जाए। यह वैसी स्थिति में ली जा सकती है, जब बीमार शख्स के इलाज की संभावना ना के बराबर हो। मरीज अपनी इच्छा मृत्यु के लिए लिख सकता है। लेकिन इसके लिए गाइडलाइन जारी है। लिविंग विल के बाद का फैसला मेडिकल बोर्ड तय करेगी।

    याचिकाकर्ता का कहना

    – सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के वक्त वकील प्रशांत भूषण ने कहा था कि किसी की जिंदगी में  ऐसी स्थिति आ गई हो कि शख्स सपोर्ट सिस्टम के जिंदा नहीं रह सकता है तो, ऐसे में यह फैसला किया जाना चाहिए कि क्या बिना सपोर्ट सिस्टम के उस शख्स को बचाया जा सकता है या नहीं?

    – प्रशांत भूषण का यह भी कहना था कि यह सिर्फ उस शख्स की मर्जी होनी चाहिए कि वह  सपोर्ट सिस्टम पर जिंदा रहना चाहता है, या नहीं। 

    – कोर्ट में प्रशांत भूषण ने यह भी दलील दी थी कि किसी शख्स को आप उसकी बिना मर्जी के जीने के लिए मजबूर नहीं कर सकते हैं। 

    – कोर्ट में यह भी कहा गया था कि एक ऐसा शख्स जो जीना ही नहीं चाहता है उसके लिए पूरी डॉक्टर की टीम लगाना कहां तक सही है।

    पूरा मामला

    2015 के फरवरी में सुप्रीम कोर्ट ने इच्छा मृत्यु ( पैसिव यूथेनेशिया) के लिए एक याचिका संविधान पीठ में भेजा था। जिसमें बताया गया था कि कोई शख्स बीमार है और मेडिकल के मुताबिक उसके ठीक होने की संभावना ना के बराबर हो। इसके लिए एक एनजीओ कॉमन कॉज ने याचिका दायर की थी। जिसपर चीफ जस्टिस पी सदाशिवम की अगवाई वाली बेंच फैसला किया था।

  • सीलिंग मुद्दे पर केजरीवाल चिंतित, PM मोदी और राहुल गांधी को लिखा खत

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    राजधानी में सीलिंग का मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है। दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भूख ​हड़ताल की चेतावनी के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को चिट्ठी लिखी। सीएम ने इस मुद्दे का समाधान निकालने के लिए दोनों से मिलने का समय मांगा। इसके साथ ही उन्होंने इस मुद्दे पर बिल लाने की भी मांग की है।

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    पीएम और राहुल को लिखे इस पत्र को केजरीवाल के ऑफिशियल ट्विटर अकाउंट पर भी शेयर किया गया। पीएम को भेजे खत में सीएम ने लिखा कि दिल्ली में आजकल व्यापारियों की दुकानें सील की जा रही हैं। ये वो व्यापारी हैं जो ईमानदारी के साथ 24 घंटे मेहनत करके अपना व्यापार चलाते हैं और सरकार को टैक्स देते हैं। बेईमान नहीं है और देश के विकास में अपना सहयोग देते हैं। केजरीवाल ने लिखा कि सीलिंग कानून में कुछ कमियां हैं और इन्हें दूर करना केंद्र सरकार की जिम्मेदारी है। उन्होंने मांग की कि तुरंत संसद में सीलिंग मामले में बिल लाया जाए और इस कानून में मौजूद कमियों को दूर किया जाए क्योंकि इसका खामियाजा व्यापारियों को भुगतना पड़ रहा है।

    अब इस स्टेट में दुष्कर्मियों के लिए होगी फांसी की सजा

    पत्र में केजरीवाल ने लिखा कि सीलिंग के कारण कई व्यापारी भूखमरी की कगार पर आ गए हैं। इस कार्रवाई से बड़ी संख्या में व्यापारी बेरोजगार हो जाएंगे, इससे राज्य की कानून व्यवस्था पर भी बुरा प्रभाव पड़ेगा। इसके साथ ही उन्होंने सीलिंग की कार्रवाई रोकने की मांग करते हुए पीएम से मिलने का समय भी मांगा। वहीं राहुल को लिखे पत्र में मुख्यमंत्री ने सीलिंग के मुद्दे को संसद में जोर-शोर से उठाने की मांग की ताकि केंद्र सरकार को इस पर बिल लाने व उसे पारित करने के लिए बाध्य किया जा सके। उन्होंने लिखा कि वे इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष से मिलना भी चाहते हैं। बता दें कि केजरीवाल ने शुक्रवार को चेतावनी दी थी कि यदि 31 मार्च तक कोई समाधान नहीं होता है तो वह भूख हड़ताल पर जाएंगे।