Category: national

  • श्रीदेवी की बॉडी की दुबई में क्‍यों हो रही है फॉरेंसिक जांच? जानें अहम वजह

    [object Promise]

    श्रीदेवी का बीती रात दुबई के होटल में कार्डिएक अरेस्‍ट के कारण निधन हो गया है. रविवार शाम तक उनकी बॉडी मुंबई आएगी. इसके पहले दुबई में श्रीदेवी की बॉडी का पोस्‍टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच हो रही है. दरअसल भारत में इस तरह की दशाओं में मौत होने पर इस तरह की जांच का चलन नहीं है लेकिन दुबई में ऐसा नहीं है:

    नहीं रहीं “रूप की रानी”, “नागिन सी आंखों वाली”, बॉलीवुड की चांदनी श्रीदेवी

    1. दुबई, संयुक्‍त अरब अमीरात (यूएई) का प्रमुख शहर है. यहां के कानून के मुताबिक यदि किसी विदेशी नागरिक की अचानक मौत हो जाती है तो उसके कारणों की पड़ताल के लिए इस तरह की जांच की जाती है.

    2. पोस्टमॉर्टम और फोरेंसिक जांच के बाद जारी रिपोर्ट में मौत की असल वजह बताई जाती है. इस दस्‍तावेज को पुलिस को सौंपा जाता है. उसके बाद पुलिस तफ्शीश कर रिपोर्ट पर अपनी मुहर लगाती है.

    3. इस रिपोर्ट के आधार पर पुलिस मृतक से संबंधित दूतावास को सूचित करती है. इसके लिए पूरी कागजी प्रक्रिया की जाती है. उसके बाद दूतावास मृतक का पासपोर्ट कैंसिल कर नो-ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट(एनओसी) जारी करती है. उसके बाद बॉडी को परिजनों को सौंप दिया जाता है.

    भाजपा मंत्री, सांसद, विधायक समेत सभी नेताओं ने जूते पहन कर की श्रीराम की आरती

    4. दरअसल श्रीदेवी(54) दुबई में एक शादी अटैंड करने गई थीं. शनिवार रात करीब 12 बजे श्रीदेवी को कार्डिएक अरेस्‍ट आया.  हादसे के वक्त उनके पति बोनी कपूर और छोटी बेटी उनके साथ थी.

    5. 1963 में जन्मी श्रीदेवी ने 1967 में एक बाल कलाकार के रूप में अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी. श्रीदेवी ने हिंदी के अलावा तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयाली फिल्मों में भी काम किया. वर्ष 2012 में उन्होंने ‘इंग्लिश विंग्लिश’ के साथ बॉलीवुड में कमबैक किया था. श्रीदेवी को 2013 में पद्म श्री से सम्मानित किया गया था.

    6. श्रीदेवी का जन्म 13 अगस्त 1963 को तमिलनाडु के शिवाकाशी में हुआ था. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत महज चार साल की उम्र में एक तमिल फिल्म कंधन करुणई से की. उन्होंने बाल कलाकार के रूप में तेलुगु और मलयालम फिल्मों में भी अभिनय किया था.

    7. दक्षिण भारतीय फिल्मों में काम करने के बाद श्रीदेवी ने साल 1978 में बतौर मुख्य कलाकार फिल्म ‘सोलहवां सावन’ से अपने हिंदी फ़िल्म करियर की शुरुआत की.

    8. 80 के दशक में हिंदी फिल्मों में श्रीदेवी अपनी सफलता के चरम पर थीं. इस प्रसिद्धि के कारण उनको पहला फीमेल सुपरस्‍टार कहा गया.

    9. साल 1997 में फिल्म ‘जुदाई’ के बाद से श्रीदेवी 15 सालों के लिए फिल्मों से दूर रहीं. साल 2012 में फिल्म ‘इंग्लिश विंगलिश’ से उन्होंने वापसी की और वह भी सुपरहिट साबित हुई.

  • आवासीय क्षेत्रों में नहीं चलेंगे क्लब, पब और रेस्टोरेंट, मोदी सरकार का बड़ा फैसला

    [object Promise]

    नई दिल्ली, दिल्ली में चल रहे सीलिंग अभियान के बीच केंद्र सरकार ने आवासीय परिसरों में क्लब, पब और रेंस्टोरेंट को अनुमति नहीं देने और बिना पार्किंग वाले व्यावसायिक क्षेत्रों को पैदल क्षेत्र घोषित करने का प्रस्ताव किया है।

    [object Promise]
    best-pubs-in-delhi

    केंद्रीय आवास एवं शहरी कार्यमंत्री हरदीप सिंह पुरी ने आज यहां एक संवाददाता सम्मेलन में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि केंद्र सरकार का ध्यान दिल्ली में रहने वाले नागरिकों के हितों पर केंद्रित है और मास्टर प्लान 2021 में बदलाव के लिए मांगे गये सुझावों के आधार पर परिवर्तन प्रस्ताव तैयार किये गये हैं।

    उन्होंने कहा कि आवासीय परिसरों में क्लब, पब और रेस्टोरेंट को अनुमति नहीं देने का प्रस्ताव किया गया है। इसके अलावा जिन क्षेत्रों में पार्किंग की व्यवस्था नहीं की जा सकती उन क्षेत्रों को ‘पैदल क्षेत्र’ घोषित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि मास्टर प्लान 2021 में बदलाव के लिए दिल्ली में प्लोर एरिया रेशो (एफएआर) में एकरुपता लाने का प्रस्ताव किया गया है।

    गोदामों से संबंधित प्रावधानों में भी बदलाव किया गया है। आवासीय क्षेत्रों में ऐसे कार्यालय या दुकान खोली जा सकती हैं जिनसे प्रदूषण नहीं फैलता हो। पूरी दिल्ली में पार्किंग शुल्क, भूमि परिवर्तन शुल्क, एफएआर शुल्क आदि में समानता लायी जायेगी।

    Read More : बेटियों को शादी के लिए नहीं आत्मनिर्भर बनाने के लिए पढ़ाएं : स्वाती सिंह

     

  • 16 राज्यों में 58 सीटों पर राज्यसभा चुनाव की घोषणा, 23 मार्च को होगी वोटिंग

    [object Promise]

    नई दिल्ली. 16 राज्यों की 58 राज्यसभा सीटों के लिए 23 मार्च को चुनाव होगा. राज्यसभा चुनाव को लेकर शुक्रवार को चुनाव आयोग ने ऐलान किया.

    चुनाव आयोग ने ऐलान किया है कि अप्रैल-मई 2018 में रिटायर हो रहे सदस्यों की सीटों पर राज्यसभा के चुनाव कराए जाएंगे. बता दें कि कार्यकाल समाप्त होने के कारण 16 राज्यों से राज्यसभा के 58 सीटों पर चुनाव कराए जाएंगे.

    इसके अलावा केरल की एक राज्यसभा सीट के लिए उपचुनाव भी कराया जाएगा. आयोग इन सीटों को भरने के लिए 5 मार्च को अधिसूचना जारी करेगा. नामांकन भरने की अंतिम तिथि 12 मार्च होगी, जबकि प्रत्याशी 15 मार्च तक अपना नाम वापस ले सकेंगे. राज्यसभा के सभी सीटों के लिए 23 मार्च को मतदान होगा.

    काउंटिंग भी इसी दिन होगी. उच्च सदन के सदस्यों का कार्यकाल खत्म होने की तिथि को देखते हुए 26 मार्च से पहले तक चुनाव प्रक्रिया को पूरा करना होगा. चुनाव आयोग ने इसे देखते हुए चुनाव के कार्यक्रम की घोषणा की है. हाल में ही दिल्ली से तीन राज्यसभा सीटों को भरा गया था.

    तीनों सीटें आम आदमी पार्टी के खाते में गई थीं. मार्च में राज्यसभा की 58 सीटों पर होने वाले चुनाव पर भाजपा और कांग्रेस दोनों की नजरें टिकी हुई हैं. केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा ज्यादा से ज्यादा सीटें जीत कर उच्च सदन में अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश करेगी, वहीं कांग्रेस भी खुद को प्रभावी बनाए रखने का प्रयास करेगी. हालांकि, राज्यवार ब्यौरे को देखें तो भाजपा का पलड़ा भारी दिखता है.

    उत्तर प्रदेश में राज्यसभा  की सबसे ज्यादा 10 सीटें रिक्त होने वाली हैं. भाजपा ने पिछले साल संपन्न हुए विधानसभा चुनावों में प्रचंड बहुमत हासिल किया था. ऐसे में ज्यादातर सीटें सत्तारूढ़ पार्टी के खाते में जाएंगी. इसके बाद बिहार और महाराष्ट्र में 6-6 सीटें रिक्त होने जा रही हैं. इन दोनों राज्यों में भी भाजपा सत्ता में है. ऐसे में इन दोनों राज्यों में भी बीजेपी का पक्ष मजबूत है.

    पश्चिम बंगाल में 5 और गुजरात एवं कर्नाटक में राज्यसभा की 4-4 सीटों के लिए चुनाव होना है. मध्य प्रदेश में भी 5 सीटों के लिए चुनाव होगा. बता दें कि जिन 16 राज्यों में राज्यसभा की सीटें रिक्त हो रहीं हैं, उनमें से 12 प्रदेशों में भाजपा सत्ता में (कुछ में गठबंधन के साथ) है. भाजपा को उम्मीद है कि इनमें ज्यादा से ज्यादा सीटें जीतने से राज्यसभा में उसकी स्थिति मजबूत होगी.

    Read More : बाजार जा रही युवती को पेट्रोल डालकर सरेराह जिंदा जला दिया

     

  • पुलिस स्टेशन में आपकी एफआईआर लिखने से मना कर देते है, तो बोलिये ये सिर्फ एक शब्द, तुरंत FIR दर्ज़ करनी पड़ेगी

    [object Promise]

    दिल्ली. भारत के संविधान को विश्व में सबसे ज्यादा मजबूत और मानवीय माना गया है. इसका कारण यह है कि समय के अनुसार भारतीय संविधान के नियमों में परिवर्तन करने का भी संशोधन रखा गया है. लेकिन फिर भी देखा जाता है कि भारत में लोगों को पूरा न्याय नहीं मिल पाता. इसका कारण यह है कि जब भी कोई अपराध होता है और आप इसकी एफआईआर कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाते है तो वह किसी न किसी कारण से आपकी एफआईआर लिखने से मना कर देते है.

    [object Promise]
    पुलिस स्टेशन में एफआईआर

    लेकिन आज हम आपको एक ऐसा शब्द बताने जा रहे है जिसका इस्तेमाल करने से पुलिस को आपकी एफआईआर दर्ज करनी ही पड़ेगी. अक्सर देखा जाता है कि पुलिस आपकी एफआईआर दर्ज करने से इसलिए मना कर देती है क्योंकि जिस क्षेत्र में अपराध होता है वह क्षत्र उस पुलिस स्टेशन के अंदर नहीं आता और वह आपको उस क्षेत्र के पुलिस स्टेशन में जाने की सलाह देते है.

    लेकिन आपको बता दें कि जब भी आप इस शब्द का इस्तेमाल करेंगे तो नियम के अनुसार पुलिस को आपकी एफआईआर दर्ज करनी ही पड़ेगी. आप भी जानना चाहते होंगे कि आखिर वह शब्द कौन सा है ? तो आपको बता देते है कि वह शब्द है जीरो एफआईआर. जी हाँ अगर आपके साथ कोई अपराध हुआ है और उसकी रिपोर्ट दर्ज कराने के लिए पुलिस स्टेशन जाते है तो वहाँ आपको वहां जीरो एफआईआर दर्ज कराने के लिए बोलना है जिसके बाद पुलिस को आपकी रिपोर्ट दर्ज करनी ही पड़ेगी.

    भले ही अपराध किसी भी क्षेत्र में हुआ हो उसकी एफआईआर आप किसी भी पुलिस स्टेशन में जीरो एफआईआर के नाम से करा सकते है. बता दे कि इसमें सबसे पहले आपकी रिपोर्ट दर्ज की जाएगी. जिसके बाद इस रिपोर्ट को ज्यूरिडिक्शन वाले पुलिस स्टेशन में फॉरवर्ड कर दिया जाता है.

    दरअसल इसे लागू करने का सबसे बड़ा मकसद यही है कि ज्यूरिडिक्शन के कारण किसी भी व्यक्ति को न्याय मिलने में जरा सी भी देर न हो. दरअसल इस तरह के नियम की शुरुआत निर्भया बलात्कार के बाद से की गई है जिसमें सभी भारत निवासियों ने निर्भया के न्याय के लिए सरकार से मांग की थी और सड़कों पर प्रदर्शन भी किया था.

  • बाबा राम देव की मुश्किलें बढ़ सकती, प्रियंका की किताब में कुछ रहस्यों के खुलासे से देखें वीडियो

    [object Promise]

    नई दिल्ली. योग गुरु बाबा राम देव पर एक महिला पत्रकार की किताब लिखी किताब इन दिनों चर्चा में है. रिसर्च के बाद  लिखी गई इस पुस्तक में कुछ ऐसे रहस्यों का जिक्र से बाबा  की मुश्किलें बढ़ सकती है.

     

    अंग्रेजी महिला पत्रकार प्रियंका पाठक है, जो कई सालों से बाबा रामदेव पर रिसर्च कर रही है, इस रिसर्च के दौरान महिला ने बाबा पर गंभीर आरोप तो लगाएं ही साथ ही किसी साजिश की तरफ भी इशारा किया है. newstrend.news के अनुसार अगर किताब में लिखी बातों को सच माना जाए तो यही सामने आता है कि बाबा रामदेव भी राम रहीम या फिर आसाराम से कम नहीं है. यहां अभी कुछ कह पाना गलत होगा, लेकिन यहां आपको उस बुक के कुछ राज को बताने जा रहे हैं.

    हैं. बता दें कि इस किताब में बाबा की लाइफ से जुड़े हर जानकारी को बड़े ही सहज ढंग से पेश किया गया है. साथ ही बाबा कैसे फर्श से शीर्ष पर पहुंचे इस बात का भी खुलासा हुआ है. महिला पत्रकार के मुताबिक, बाबा रामदेव के गुरू शंकर देव एक दिन सुबह टहलने के लिए गये, लेकिन वहां से उनका अता-पता नहीं चला, ऐसे में या तो वो गायब हो गये या उन्हेंं गायब किया गया. बता दें कि शंकर देव वहीं है, जिन्होंन हरिद्वार में अरबों रूपये की जमीन रामदेव को दान किया था.

    इस रहस्य का जिक्र करती हुई प्रियंका आगे लिखती  है कि जिससे रामदेव ने जो कुछ भी सीखा, वो कुछ समय के बाद रहस्मयी मौत का शिकार हो गया?पत्रकार ने आगे सवाल उठाया कि जब शंकर गुरू गायब हुए तो रामदेव ब्रिटेन में थे, खबर सुनने के बाद भी वहां दो महीनों तक क्यों रहे? ये किसी साजिश की तरफ घोर इशारा कर रहा है.

    बाबा के एक और गुरू की रहस्मयी हुई थी मौत

    अपनी पुस्तक में आगे लिखते हुए प्रियंका ने कहा कि 1995 में जिस बाबा ने रामदेव को आयुर्वेद दवाईयों का लाइसेंस दिलवाया था, उनकी भी मौत 2003 में हो गई. ये कोई इत्तेफाक था या साजिश यह कह पाना मुश्किल है, लेकिन स्वामी योगानंद की मौत के बाद तुरंत ही उन्हें बाबा रा्मदेव के आश्रम में ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया था, अगर उनके पार्थिव शरीर को आनन फानन में आश्रम नहीं ले जाया जाता तो पोस्टमार्टम होता है, जिससे रहस्य सामने आता है.प्रियंंका के मुताबिक, कुछ समय बाद ही उनकी हत्या का केस भी बंद करा दिया गया, जोकि किसी न किसी तरफ इशारा जरूर कर रहा है.

    राजीव दीक्षित की मौत पर भी उठाए सवाल

    प्रियंका ने आगे जिक्र करते हुए कहा कि बाबा के करीबियोंं में से एक रहे राजीव दीक्षित की मौत भी रहस्य बना है. बता दें कि राजीव वहीं है, जिनके स्वदेशी अभियान पर पतंजलि का सारा कारोबार चल रहा है. दरअसल, दीक्षित की मौत के संबोधन के दौरान बाथरूम में हुई थी, लेकिन उनकी लाश को भी पोस्टमार्टम नहीं करने दिया गया और तुरंत ही उसे आनन फानन में जला दिया गया था.

  • चिदंबरम बोले- बजट में फेल हुए जेटली, उनकी जगह मैं होता तो दे देता इस्तीफा

    [object Promise]

    कोलकाताः पूर्व केंद्रीय वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने कहा कि अगर वह वित्त मंत्री अरुण जेटली के स्थान पर होते तो इस्तीफा दे देते। भारत चैंबर ऑफ कामर्स की ओर से आयोजित परिचर्चा के दौरान चिदंबरम ने कहा, ‘‘अगर मैं जेटली की जगह पर होता तो मैं क्या करता? मैं इस्तीफा दे देता।’’
    मुंबई पहुंचने के बाद यहां रखा जाएगा श्रीदेवी का पार्थिव शरीर, तस्वीरें आई सामने
    वह केंद्रीय बजट 2018-19 के संदर्भ में राजकोषीय समेकन के मुद्दे पर बात कर रहे थे। चिदंबरम ने कहा, ‘‘जेटली ने दूसरों द्वारा लिखे गए बजट भाषण को पढ़ने में निश्चित तौर पर मुश्किल स्थिति का सामना किया होगा।’’ केंद्रीय बजट की आलोचना करते हुए चिदंबरम ने कहा कि सरकार राजकोषीय समेकन में पूरी तरह विफल रही है।

    संसद में अटेंडेंस और सवाल पूछने के मामले में राहुल फिसड्डी, ये नेता भी पीछे नहीं

  • पतंजलि पर कस्टम्स डिपार्टमेंट ने कसा शिकंजा, चीन भेजी जा रही 50 टन लाल चंदन की लकड़ी जब्त

    [object Promise]

    योगी से कारोबारी बने बाबा रामदेव एक बार फिर चर्चा में हैं। इस बार लाल चंदन की लकड़ी को लेकर पतंजली आयुर्वेद के खिलाफ जांच की जा रही है। पतंजली द्वारा चीन भेजी जा रही 50 टन लाल चंदन की लकड़ी को डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू इंटेलिजेंस (DRI) ने जब्त कर लिया है। उसके कब्जे से छुड़ाने के लिए बाबा रामदेव की पतंजलि आयुर्वेद ने दिल्ली हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। यह लकड़ी DRI और कस्टम्स डिपार्टमेंट ने जब्त की है। सरकारी एजेंसियों को शक था कि खेप में बेहतर क्वॉलिटी की ए और बी ग्रेड की लकड़ी है। जबकि पतंजलि का कहना है कि यह लकड़ी सी ग्रेड की है,जिसे एक्सपोर्ट करने की इजाजत है।

    पासपोर्ट भी हुए जब्त
    लाल चंदन की लकड़ी के साथ पतंजलि कर्मचारी के पासपोर्ट भी जब्त किये गए हैं। पतंजलि के प्रवक्ता ने बताया कि, ‘हम कोई गैरकानूनी काम नहीं कर रहे हैं। लाल चंदन की लकड़ी हमने APFDCL (आंध्र प्रदेश फॉरेस्ट डिवेलपमेंट कॉर्प) से खरीदी है। एक्सपोर्ट में लगने वाले परचेज ऑर्डर, परफॉर्मा इनवॉइस, कृष्णापट्टनम बंदरगाह पर पड़ा माल, माल का दाम और डॉक्युमेंट्स, परमिशन और लाइसेंस सी कैटिगरी के लाल चंदन की लकड़ी आंध्र प्रदेश फॉरेस्ट डिवेलपमेंट कॉर्प ने सत्यापित की हुई है।’

    सी ग्रेड के साथ ए ग्रेड भेजे जाने का शक
    विभाग के कुछ अधिकारियों का कहना है कि कंपनी की खेप में सुपीरियर ग्रेड की चंदन को सी ग्रेड के चंदन की लकड़ियों के साथ भेजे जाने का शक है। जांच अभी जारी है। तब तक के लिए हमने एक्सपोर्ट रोके रखने के लिए कहा है। इस मामले में पतंजलि ने दिल्ली हाई कोर्ट से डीआरआई को उसका माल छोड़ने का आदेश जारी करने का अनुरोध किया है। पतंजलि के प्रवक्ता का कहना है कि चंदन की लकड़ियां आंध्र प्रदेश वन विभाग की तरफ से कराए गए ई-ऑक्शन में खरीदी थीं। कुछ स्वार्थी कारोबारी पतंजलि को लेकर भ्रामक और झूठी जानकारी फैला रहे हैं।

    बाबा रामदेव सबसे बड़े खरीदार
    पतंजलि आयुर्वेद देश में लाल चंदन के सबसे बड़े खरीदार के रूप में उभर रहा है। आंध्र प्रदेश सरकार की ओर से की गई हालिया नीलामी में ट्रस्ट ने करोड़ों रुपये का लाल चंदन खरीदा था। चीन के बाद देश में संभवत: बाबा रामदेव ही ऐसे खरीदार हैं, जिन्होंने इतने बड़े पैमाने पर इस कीमती लकड़ी को खरीदा था। सूत्रों के अनुसार पतंजलि योगपीठ आयुर्वेदिक दवाओं के उत्पादन के लिए लाल चंदन की लकड़ी का उपयोग करता है।

    Read More :अब बच्चे पढ़ेंगे अश्लील सामग्री महाराष्ट्र के स्कूलों में

  • शमशान की जगह बनी विधानसभा की इमारत! आत्माओं की शांति के लिए होगा पूजा पाठ

    [object Promise]

    एक तरफ सरकार अंधविश्वास के खिलाफ अभियान चला रही है, वहीं दूसरी ओर विधायकों द्वारा उनके सदन में ही भूत प्रेत होने की बाते फैलाई जा रही हैं। राजस्थान के बीजेपी विधायकों को इन दिनों भूतों का डर सता रहा है। तीन उपचुनाव हारने और  दो बीजेपी विधायकों की मौत के बाद विधानसभा में पिछले दो दिनों से भूत-प्रेत, जिन्न, चुड़ैल और पिचाशों पर मंथन चल रहा है। विधायकों ने सूबे की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के समक्ष आत्माओं की शांति के लिए हवन कराने और पंडितों को भोजन कराने का प्रस्ताव रखा है।

    पतंजलि पर कस्टम्स डिपार्टमेंट ने कसा शिकंजा, चीन भेजी जा रही 50 टन लाल चंदन की लकड़ी जब्त

    विधानसभा में भूत
    बीजेपी के इन विधायकों का दावा है कि भूत बहुत परेशान कर रहे हैं। जिस विधानसभा में अंधविश्वास को खत्म करने के लिए कई बार कानून तक बन चुके हैं, लेकिन आज उसी विधानसभा में विधायकों को भूत का डर सता रहा है। राजस्थान के बीजेपी विधायक अंधविश्वास में डूबे हुए हैं। इनका कहना है कि विधानसभा में विधायकों की संख्या एक साथ 200 नहीं हो रह पा रही है। किसी न किसी विधायक की मौत हो जा रही है। आलम यह है कि हर पांच साल बाद सरकार भी बदल रही है।

    बाजार जा रही युवती को पेट्रोल डालकर सरेराह जिंदा जला दिया

    17 साल में 8 विधायकों की मौत
    फरवरी 2001 में राजस्थान विधानसभा इस नए भवन में शिफ्ट हुई थी, तब अशोक गहलोत की सरकार थी और तब से कोई सरकार दोबारा सत्ता में नहीं आई। इसके बाद से 17 साल में आठ विधायकों की मौत सदन के सदस्य रहने के दौरान हुई, जबकि जेल में बंद हुए विधायक को लगता है कि इन सब के लिए सदन में मौजूद भूत-प्रेत ही जिम्मेदार हैं।

  • मैं इस देश की राजनीति का सबसे कम उम्र का आडवाणी: विश्वास

    [object Promise]

    अमेठीः अमेठी के शिवदुलारी डिग्री कॉलेज में आयोजित कवि सम्मेलन में आप नेता कुमार विश्वास शिरकत करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने खुद को देश की राजनीति में सबसे कम उम्र का आडवाणी बताया। माना जा रहा है कि उनका इशारा उन्हें पार्टी में नजरअंदाज किए जाने की ओर था।

    किशोरों की असल जिंदगी को प्रभावित कर रहा सोशल मीडिया, बिना वजह विवादों में फंस जाते हैं किशोर

    मोदी पर कसा तंज
    उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसते हुए कहा कि प्रधानमंत्री बेचारे साल-डेढ़ साल हमारे 15 लाख लौटाने के लिए पैसा जमा करते हैं कोई न कोई लेकर भाग जाता है। इस दौरान आप नेता ने कहा कि नीरव मोदी पैसे लेकर भाग गया। अजीब-अजीब बातें कर रहे प्रधानमंत्री जी के लिए, ग़लत बात है। प्रधानमंत्री बेचारे साल-डेढ़ साल में हमारे 15 लाख लौटाने के लिए पैसा जमा करते हैं कोई न कोई लेकर भाग जाता है।

    इलेक्टोरल बांड के जरिए चंदा योजना कितनी हो पाएगी सफल ?

    हम लोग कर रहे हैं लाख वापस आने के इंतजार
    उन्होंंने कहा की पिछली बार जोड़ा तो माल्या लेकर भाग गया। इस बार नीरव मोदी लेकर भाग गया। हम लोग इंतजार कर रहे 15 लाख वापस आए। उन्होंंने लोगों से कहा कि आपको मेरा इसलिए सम्मान करना चाहिए कि मैं इस देश की राजनीति का सबसे कम उम्र का आडवाणी हूं, और ये कोई और कहे इससे पहले मैं कह दूं। वहीं उनकी इन बातों पर अमेठी के लोग लोटपोट होते नजर आएं।

  • अंतिम यात्रा पर निकली श्रीदेवी, पहनाई गई लाल रंग की बनारसी साड़ी

    [object Promise]
    [object Promise]
    sridevi,_mumbai,_last_journey,_red_banarasi_sari,

    मुंबई , श्रीदेवी की अंतिम यात्रा पर भेजने से पहले उनके संबंधियों ने उन्हें एक दुल्हन की तरह सजाया। इस यात्रा के लिए उन्हें लाल रंग की बनारसी साड़ी पहनाई गई है। उनके माथे पर बिंदी और होंठों पर लिपस्टिक भी लगाई गई है। उनके पार्थिव शरीर को मोगरा और चमेली के फूलों से सजाया गया है।

    [object Promise]
    sridevi,_mumbai,_last_journey,_red_banarasi_sari,

    जानकारों का कहना है कि श्रीदेवी को सफेद रंग बेहद पसंद था। इस बात का खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू के दौरान भी की थी। उस साक्षात्कार में उन्होंने अपनी आखिरी इच्छा जताते हुए कहा था कि जब वो इस दुनिया को अलविदा कहेंगी तब उनके अंतिम दर्शन में हर चीज सफेद रंग की होनी चाहिए। इस बात को ध्यान में रखते हुए उन्हें सफेद रंग के फूलों में लिपटाकर विदा किया जा रहा है।

    उनके अंतिम संस्कार के लिए दक्षिण भारत से पंडित बुलाए गए हैं। श्रीदेवी के आखिरी दर्शन और श्रद्धांजलि देने के लिए बॉलीवुड सेलिब्रेटीज सेलिब्रेशन स्पोट्र्स क्लब पहुंचे, जहां उनके पार्थिव शरीर को रखा गया था।

    [object Promise]
    sridevi-boni

    श्रीदेवी के पार्थिव शरीर के घर पहुंचते ही बॉलीवुड सितारों के आने का सिलसिला शुरु हो गया. श्रीदेवी के शव के अंतिम दर्शन करने के लिए पहुंचे सलमान खान शव को देखकर रोने लग पड़े.

    इस दौरान शव के अंतिम दर्शन करने के लिए अजय देवगन, जैकलीन फर्नांडीज, काजोल, सुष्मिता सेन, ऐश्वर्या राय, संजय कपूर, अक्षय खन्ना, हेमा मालिनी, अभिनेत्री तब्बू, निर्देशक सुभाष घई, फराह खान, सोनम कपूर और हजारों की तादात में श्रीदेवी के फैन्स अंतिम दर्शन करने के लिए सेलिब्रेशन क्लब पहुंचे.

    [object Promise]
    sri devi

    गौरतलब है कि श्रीदेवी का निधन शनिवार रात दुबई के एक होटल में चक्कर आने पर पानी भरे बाथटब में गिरने से हो गया था. रविवार सुबह इस खबर ने भारतीयों, विशेषकर उनके प्रशंसकों को स्तब्ध कर दिया था. दुबई प्रशासन ने विभिन्न शासकीय और चिकित्सकीय औपचारिकताओं को पूरा करने के कारण श्रीदेवी की मृत्यु के तीन दिन बाद मंगलवार शाम उनका पार्थिव शरीर उनके परिजनों को सौंपा है.

    [object Promise]
    .JPG 1

    बता दें, श्रीदेवी अपने परिवार से बेहद प्यार करती थीं। अपनी बड़ी बेटी जाह्नवी के वे बेहद करीब थीं। वो नहीं चाहती थीं कि उनकी बेटी फिल्मों में काम करे, लेकिन जब जाह्नवी ने हीरोइन बनने की इच्छा जताई तो वो मना नहीं कर सकीं। श्रीदेवी की मौत से उनकी बेटियां सदमे में हैं। कहा जा रहा है कि जाह्नवी को जबसे इस बात की खबर मिली है उनकी तबीयत खराब है। उनके पति बोनी कपूर भी पूरी तरह टूट चुके हैं। बेहद गमगीन माहौल है। लोग अभी भी इस बात पर विश्वास नहीं कर पा रहे हैं अब श्रीदेवी हमारे बीच नहीं रहीं।