वैलेंटाइन वीक के बीच अचानक से एक छोटा वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया गया जिसमें एक लड़का-लकड़ी के इशारों के इश्क को दिखाया गया। फिर क्या था ये वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और इसके साथ ही मलयालम एक्ट्रेस प्रिया प्रकाश वारियर रातोंरात सोशल मीडिया की उभरती सितारा बन गईं। प्रिया के विरोध में बीजेपी नेता उतरे हैं। हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) नेता ने पीएम मोदी को चिट्ठी लिखकर बोर्ड परीक्षाओं के मद्देनजर प्रिया के गाने पर बैन लगाने की मांग की है।
मध्य प्रदेश के हौशंगाबाद में बीजेपी खेल प्रकोष्ठ के जिला संयोजक संजीव मिश्रा ने ये बात कही है। उन्होंने कहा कि बोर्ड की परीक्षाएं करीब हैं ऐसे में इस वीडियो पर रोक लगनी चाहिए। फेसबुक पर एक स्टेटस लिखते हुए उन्होंने इससे होने वाले नुकसान के बारे में बताया है। संजीव ने युवाओं को सलाह देते हुए कहा है कि लड़की के फॉलोअर्स बनने से अच्छा है पकौड़े बेचें।
नई दिल्ली. सामना के संपादकीय में नीरव मोदी के जरिए पीएम मोदी और बीजेपी पर निशाना साधा गया है. सामना के संपादकीय में लिखा गया है कि ना खाऊंगा ना खाने दूंगा, पीएम की ये घोषणा असफल रही है.
इसमें आगे लिखा है कि 2014 का चुनाव जीतने के लिए बीजेपी के साथ जो अमीर खड़े हुए थे वो किस योग्यता के थे, अब दिखाई दे रहे हैं. पीएम मोदी पर सवाल उठाते हुए सामना में लिखा गया है कि नीरव मोदी दावोस कैसे गया, जब पहले ही इसके खिलाफ शिकायत दर्ज हो चुकी थी. कैसे नीरव मोदी उस बैठक में शामिल हुआ, जब पीएम मोदी उद्योगपतियों से मिल रहे थे.
सामना में तंज कसते हुए कहा गया है कि नीरव मोदी का आधार बैंक से लिंक किया होता तो कुछ बातें सामने आ गई होती. आम आदमी को आधार कार्ड के बैगर शमशान में लकड़ी भी नहीं मिल रही, लेकिन नीरव को आधार कार्ड के बिना 11 हजार करोड़ की लूटने का मौका मिला.
पीएम मोदी पर हमला करते हुए लिखा गया है कि नीरव मोदी बीजेपी के हमसफर थे यानी चुनाव के लिए पैसा जमा करने में ये महाशय आगे थे और बीजेपी नेताओं का इनपर आशीर्वाद था. बैंको में लूट का हिस्सा बीजेपी के खजाने में गया.
मालदीव में 15 दिन की इमरजेंसी लागू करके सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस को गिरफ्तार करने के बाद श्रीलंका में निर्वासित जीवन बिता रहे पूर्व राष्ट्रपति मोहम्मद नशीद ने भारत से सैन्य कार्रवाई करने की मांग की थी। लेकिन अब यहां एक नया रूप देखने को मिला है। मालदीव में चल रहे राजनीतिक गतिरोध के बीच आज(14 फरवरी) को सेना ने यहां की संसद पर अपना कब्जा जमा लिया है।
खबर के मुताबिक सेना के जवानों ने संसद में मौजूद सांसदों को खींचकर बेरहमी के साथ बाहर निकाला है। इस बात की जानकारी सोशल मीडिया के जरिए मिली है।
Maldives: The military personnel in Male threw all Members of Parliament (MPs) out of the Parliament building premises earlier today. pic.twitter.com/Z4NP7rtyoK
वहीं, मालदीवियन डेमोक्रेटिक पार्टी (एमडीपी) ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी है। ट्वीट के जरिए कहा गया है कि यहां सुरक्षा बलों ने सांसदों को मजलिस परिसर से बाहर फेंक दिया गया है, चीफ जस्टिल अबदुल्ला सईद सच सामने ला रहे थे और उन्हें भी उनके चैंबर से घसीट कर ले जाया गया।
The MDP condemns manhandling & use of force by the defense forces in removing opposition MPs from the Majlis premises. The MDP reiterates its call on the Maldives regime to stop obstructing the proper functioning of the Majlis & attempts to intimidate opposition parliamentarians pic.twitter.com/7zJnmg1CHD
संसद को सुरक्षा बलों ने इससे पहले मंगलवार को चारों ओर से घेर लिया था और सासंदों को संसद में घुसने भी नहीं दिया था। वहीं, मालदीव में विपक्षी दलों के नेताओं को भी गिरफ्तार किया गया है। अब यहां और ज्यादा तनावपूर्ण स्थिति बन गई है। विपक्षी दलों को नजरबंद तक किया गया है।
नई दिल्ली, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड में लगभग 90 हजार पदों पर वैकेंसी के लिए नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है। इच्छुक उम्मीदवार इंडियन रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इन पदों पर 10वीं पास उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं।
इन पदों पर उम्मीदवारों का चयन लिखित परीक्षा के द्वारा होगा। आरआरसी ग्रुप डी के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवार 12 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। उम्मीदवारों की उम्र सीमा 18 से 31 साल के बीच रखी गई है।
वहीं असिस्टेंट लोको पायलट के पदों पर आवेदन करने वाले उम्मीदवार 5 मार्च तक आवेदन कर सकते हैं। उनकी उम्र सीमा 18 साल से 28 साल के बीच रखी गई है। ग्रुप डी के पदों की मासिक आय 19,900 से 63,200 रुपये है। वहीं असिस्टेंट लोको पायलट के पदों के लिए 18,000 से 56,900 रुपये है।
नई दिल्ली दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में परीक्षा पर चर्चा कार्यक्रम में आज वहां उपस्थित छात्रों से कहा कि आप लोग टेंशन में हैं क्या? यह भूल जाइए कि आप प्रधानमंत्री से बात कर रहे हैं। यह सोचिए मैं आपको दोस्त हूं। उन्होंने कहा कि यह देश के प्रधानमंत्री नहीं बल्कि छात्रों का कार्यक्रम है।
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उन्होंने कहा कि मैं सबसे पहले अपने उन शिक्षिकों को नमन करता हूं जिन्होंने मुझे अभी भी विद्यार्थी बनाए रखा। बता दें कि इस परिचर्चा का शीर्षक मेकिंग एक्जाम फन चैट विद पीएम मोदी रखा गया था। पीएम मोदी ने परीक्षा को लेकर बच्चों को उनके सवालों के जवाब दिए और तनावमुक्त रहने के लिए कुछ टिप्स भी दिए।
‘‘परीक्षा पर चर्चा’’ कार्यक्रम के माध्यम से दिल्ली में छात्रों से सीधा संवाद एवं अन्य क्षेत्रों से वीडियोकांफ्रेंसिंग के जरिए संपर्क किया। पीएम मोदी ने कहा आत्मविश्वास हर पल प्रयासों से, खुद को ऑब्जर्ब करने से आता है, दिमाग से ये ख्याल निकाल दीजिए कि कोई आपकी परीक्षा ले रहा है। मन में आत्मविश्वास होना बेहद जरूरी है, ये कोई जड़ी बूटी नहीं, ये खुद नहीं आता, हमें हर पल खुद को कसौटी पर कसने की आदत डालनी चाहिए। मम्मी या कोई कह दें कि एग्जाम में जाने से पहले ऐसा टेबलेट ले लेना और आ जाए।
हर पल कसौटी पर कसने की आदत डालनी होगी। उन्होंने कनाडा के स्नो बोर्ड के खिलाड़ी का उदाहरण दिया जो दक्षिण कोरिया में स्नो बोर्ड खेल में हिस्सा लेने और कांस्य पदक जीतने से पहले दुर्घटना का शिकार हो गया था। उन्होंने कहा कि वह युवक कोमा में चला गया था लेकिन कोमा से लौटने के बाद उसने अपने देश के लिए ब्रांज मेडल जीता जबकि उसकी हड्डी पसली टूट गई थी। पीएम मोदी ने कहा पेपरों से पहले खुद को एकाग्र करें। ध्यान खास विधा नहीं है, रोज हम कोई 1 काम पूरे ध्यान से जरूर करते हैं।
बस उसे पेपरों में भी आजमाएं। परीक्षा में इस भाव से बैठिये की आप ही अपना भविष्य तय करेंगे। स्कूल जाते वक्त दिमाग से यह निकाल दें कि आप परीक्षा देने जा रहे हैं। ‘‘ आप यह समझिए कि आप ही अपने को अंक देने वाले हैं। इस भाव के साथ आप परीक्षा में बैठिए।’’ सचिन तेंदुलकर ने कहा था कि वे यह नहीं सोचते कि आगे वाली गेंद कैसी होगी या पिछली गेंद कैसी थी बल्कि उस समय की गेंद खेलते है।
वर्तमान में जीने की आदत ध्यान केंद्रित करने का रास्ता खोल देती है। इसका अर्थ यह नहीं है कि अतीत का महत्व नहीं है, अतीत का अपना महत्घ्व है, लेकिन जब वह बोझ बन जाता है तो भविष्घ्य के सपने रौंद देता है और वर्तमान भी मुश्किलों भरा हो जाता है। एक सवालः ‘परीक्षा के दौरान मां बाप बच्चों पर दबाव बनाते हैं लेकिन संतुष्ट नहीं होते हैं। इससे बच्चों की अंदर की इच्छाएं मर जाती हैं। ऐसे में क्या करें? पीएम मोदीः मोदी ने इस सवाल पर चुटकी लेते हुए कहा कि क्या बच्चे चाहते हैं कि मैं अब उनके माता-पिता की क्लास लूं।
‘हमें अपने माता-पिता के इरादों पर शक नहीं करना चाहिए, यह स्वीकार करना चाहिए कि मां-बाप ने आपके सपनों को साकार करने के लिए जीवन खपा दिया है। एक बार यह तय कर लें तब सब कुछ ठीक हो जाता है।’’ कुछ माता-पिता अपने बच्चों से अपने अधूरे सपनों को पूरा करवाना चाहते हैं। यह ठीक नहीं होता है। हर बच्चे में हुनर होता है, सभी माता-पिता से अनुरोध है कि अपने बच्चों को केवल एक परीक्षा से नहीं तोलें। जिंदगी में ऐसे बहुत से एक्जाम आएंगे इसीलिए उन्हें प्रेरित करें।
‘‘आप अपने दोस्तों के साथ स्पर्धा में क्यों उतरते हैं? आपके सपने अलग हैं, वातावरण अलग है। पहले हमें खुद को जानना चाहिए। जब आप प्रतिस्पर्धा में उतरते हैं तो तनाव महसूस होता है। आप खुद के लिए काम करें। प्रतिस्पर्धा अपने आप हो जाएगी, पहले आप खुद को जानने की कोशिश करें और जिसमें समर्थ हैं, उसी में आगे बढने की कोशिश करिए।’’ स्वयं से स्पर्धा करें, अगर एक बार हम खुद से दो कदम आगे बढ़ना सीख लेंगे तो भीतर से ऊर्जा प्रकट होगी जो नए क्षितिजों को पार करने की ताकत देगी इसलिए प्रतिस्पर्धा से निकलकर अनुस्पर्धा करें।
सबसे पहले बच्चों को ‘‘डिफोकस’’ होना सीखना चाहिए। घड़े में अगर पानी ऊपर तक भर जाएगा तो पानी तो बाहर निकलेगा ही। इसीलिए सबसे पहले डिफोकस होना सीखिए, इससे आपको तनाव नहीं होगा। आज छात्रों के इर्द गिर्द 24 घंटे परीक्षा, कैरियर जैसे शब्द चलते रहते हैं। यह समझने की जरूरत है कि इससे भी परे दुनिया है। खेलकूद है, पंचमहाभूत हैं जिसमें पृथ्वी, आकाश, वायु, जल, अग्नि शामिल है।
हमारे शरीर की रचना ही ऐसी बनी है कि जब भी हम इन पंचमहाभूतों के सम्पर्क में आते हैं, तो यह हमें तरोताजा कर देती है।’’छात्रों को अपनी पसंद की चीजें करने जैसे खेलने, गीत गाने, खुले पांव मिट्टी पर चलने आदि नहीं छोड़ना चाहिए। अपने बहुमूल्य समय का भरपूर उपयोग करें। सबसे पहले प्राथमिकता तय करें। समय के अनुसार अपने टाइमटेबल को तय करें। सभी छात्रों को डायरी लिखनी चाहिए, डायरी में लिखें कि कल क्या क्या करना है।
नयी दिल्ली, कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने बैंक घोटाले को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर अपना तीखा हमला जारी रखते हुए आज उनकी ‘वफादारी’ पर सवाल उठाए और कहा कि घोटालेबाज एक-एक कर विदेश भाग रहे हैं लेकिन खुद को देश का ‘ चैाकीदार’ बताने वाले मोदी खामोश हैं।
गांधी ने मोदी के न ‘खाऊंगा और न खाने दूंगा’ और खुद को देश का ‘ चैाकीदार’ बताने वाले बयान का हवाला देकर तंज करते हुए कविता के रूप में ट्विट किया है,“ पहले ललित फिर माल्याअब नीरव भी हुआ फरार कहाँ है ‘न खाऊँगा, न खाने दूँगा’ कहने वाला देश का चैाकीदार”
उन्होंने सरकारी क्षेत्र के पंजाब नेशनल बैंक में 11400 करोड़ रुपए के घोटाले के आरोपी नीरव मोदी के देश छोड़कर भागने के मामले में प्रधानमंत्री से बयान देकर पूरी स्थिति देश के समक्ष रखने की मांग करते हुए अगले ट्वीट में लिखे कविता के दूसरे छंद में कहा है “साहेब की खामोशी का राज जानने को जनता बेकरार, उनकी चुप्पी चीख-चीख कर बताएध् वो किसके हैं वफादार।”
कांग्रेस पार्टी आईपीएल के पूर्व आयुक्त ललित मोदी, 9000 करोड़ रुपए का बैंक घोटाला कर विदेश भागे शराब कारोबारी विजय माल्या और अब बैंकों को बड़े स्तर पर चूना लगाने वाले नीरव मोदी तथा उसके अन्य साथियों को लेकर मोदी सरकार को लगातार घेर रही है। कांग्रेस का आरोप है कि सरकार इन मुद्दों पर निष्क्रियता बरत रही है और जानबूझकर चुप्पी साधे हुए है।
मुंबई : सीबीआई द्वारा शनिवार को पीएनबी घोटाले में गिरफ्तार किए गए पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्टी ने पूछताछ के दौरान कबूल किया है कि उसे एलओयू (लेटर ऑफ अंडरटेकिंग) जारी करने के बदले रिश्वत मिलती थी। इसके साथ उसने कहा कि एलओयू के अमाउंट के आधार पर परसेंटेज भी फिक्स था।
इस मामले में गिरफ्तार आरोपी हेमंत भट पीएनबी घोटाले के मुख्य आरोपी नीरव मोदी का अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता था। भट और कविता मानकिकर नीरव मोदी की कंपनियों की तरफ से खाता खोलने के लिए अधिकृत हस्ताक्षरकर्ता थे। इसके साथ ही हेमंत भट, नीरव मोदी की 15 से 16 कंपनियों में डायरेक्टर भी है। शनिवार देर रात तक सीबीआई ने गिरफ्तार हुए तीनों आरोपियों से पूछताछ की।
इसी आधार पर पंजाब नेशनल बैंक से अहम दस्तावेज भी बरामद किए गए हैं। पूछताछ के दौरान शेट्टी ने अन्य बैंक अधिकारियों के शामिल होने की भी बात कही। इसके बाद ही सीबीआई ने इन अधिकारियों से पूछताछ करने की तैयारी में है। सीबीआई तीनों को मुंबई में पीएनबी की ब्रैंडी हाउस ब्रांच में लेकर गई।
पंजाब नेशनल बैंक (पीएनबी) के साथ 11300 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी करने के मामले में सीबीआई ने शनिवार को तीन लोगों को गिरफ्तार किया था। इन तीनों को 14 दिन की सीबीआई रिमांड में दिया गया है। जिसमे पीएनबी के पूर्व डिप्टी मैनेजर गोकुलनाथ शेट्ठी, मनोज खरात (पूर्व पीएनबी अधिकारी) और हेमंत भट्ट शामिल हैं।
इसके बाद ही प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार को देशभर में 21 जगहों पर छापेमारी कर 25 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की हैं। ईडी के प्रवक्ता अनिल रावल ने आईएएनएस को बताया था, “ईडी ने नीरव मोदी मामले में देशभर में 21 जगहों की तलाशी ली और 25 करोड़ रुपये मूल्य के हीरा, सोना, कीमती पत्थर और जेवरात जब्त किए। अब तक इस मामले में 5,674 करोड़ रुपये की संपत्तियां जब्त की जा चुकी है।
मुंबईः पंजाब नैशनल बैंक में हुए 11400 करोड़ रुपए के महाघोटाले के आरोपी नीरव मोदी पर जांच एजेंसियों का शिकंजा कसता जा रहा है। नीरव मोदी के मुंबई स्थित घर पर प्रवर्तन निदेशालय छापेमारी कर रही है। वहीं नीरव मोदी के सूरत के 3 और दिल्ली के एक ठिकाने पर भी छापेमारी हो रही है। आज सुबह ही सीबीआई ने मुंबई की ब्रैडी हाउस ब्रांच को सील कर दिया है। इसी ब्रांच में नीरव मोदी घोटाला हुआ था।
3 आरोपियों को किया गिरफ्तार गौरतलब है कि पीएनबी घोटाले में सीबीआई ने 17 फरवरी को पहली गिरफ्तारी की। 3 आरोपियों गोकुलनाथ शेट्टी, मनोज करात, हेमंत भट् को अरेस्ट कर विशेष अदालत में पेश किया गया था जहां तीनों की 14 दिन के लिए CBI रिमांड पर भेज दिया है। अब 3 मार्च तक CBI इन तीनों से कई राज उगलवाएगी।
दिल्ली महिला आयोग (डीसीडब्ल्यू) को इतनी ख्याति कभी नहीं मिली जितनी इन दिनों मिल रही है। ये डीसीडब्ल्यू अध्यक्ष स्वाति जयहिंद के ही मेहनत का नतीजा है कि आज डीसीडब्ल्यू के आंदोलनों से लोग हजारों की संख्या में नागरिक जुड़ रहे हैं। आज स्वाति के कामों की वजह से उनक नाम हर दिल्लीवासी के जबान पर है।
स्वाति ने 31 जनवरी को बलात्कारी को छह माह में फांसी दिलाने की मांग लेकर 30 दिन सत्याग्रह शुरू किया था। इस सत्याग्रह के दौरान डीसीडब्ल्यू रात-दिन काम कर रहा है। खुद स्वाति जयहिंद भी रात-दिन काम कर रही हैं। सत्याग्रह की कड़ी में उन्होंने पिछले सप्ताह रेप रोको आंदोलन शुरू किया। उनके इस आंदोलन से हजारों लोग रोजाना जुड़ रहे हैं। इस आंदेलन को शुरू हुए आज सोमवार को पूरे सात दिन हो गए हैं।
इन सात दिनों में दिल्ली के अधिकतर इलाकों में लोगों के बीच में यह चर्चा का विषय बन चुका है। जनता खुद सामने आ रही है और इस पर खुलकर चर्चा भी कर रही है। लोगों का भारी समर्थन भी मिल रहा है लोग आगे आकर अपने आपको वॉलिंटियर बनने के लिए रजिस्टर भी कर रहे हैं।
रेप रोको आंदोलन के लिए अब तक हजारों युवाओं ने वॉलंटियर के लिए रजिस्टर्ड किया है। इन सभी लोगों का मानना है कि छोटी बच्चियों के रेपिस्ट को 6 महीने में फांसी की सजा मिलनी ही चाहिए साथ ही यह स्वाति जयहिंद की सभी मांगों का समर्थन भी कर रहे हैं।
दिल्ली का राजीव चौक रेप रोको आंदोलन के पोस्टर से रंग गया है, जहां भी नजर जा रही है युवा खुद आकर इस पोस्टर को हाथ में लेकर इसका समर्थन कर रहे हैं और लोगों को जागरुक भी कर रहे हैं कि यह आंदोलन हम सबका आंदोलन है इस आंदोलन से जुड़ने के लिए 9350181181 पर सम्पर्क करे, अभी नहीं तो कभी नहीं। बात केवल 8 महीने की बच्ची का नहीं है बात हमारी और आप सबकी है, हम सबको भारत देश को रेप मुक्त बनाना ही होगा इसके लिए जरूरी है कि उन दरिंदों के मन में एक डर पैदा हो तभी यह अपराध रुक सकता है।
फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या बढ़े
देश में फास्ट ट्रैक कोर्ट की संख्या ज्यादा से ज्यादा होनी चाहिए, छोटी बच्चियों के रेपिस्ट को तुरंत फांसी की सजा होनी चाहिए तभी डर पैदा होगा, आज किसी को डर ही नहीं है जनता रेप रोको आंदोलन और स्वाति जयहिंद की डिमांड को जनता बिल्कुल जायज बता रही है।
किन्नर भी जुड़ रहे हैं आंदोलन से
अभी जो सिस्टम है उसके अनुसार रेप करो, जेल काटो और वापस आ जाओ, ऐसे कई लोग हैं जो जेल से वापस आने के बाद भी रेप में दोबारा से पकड़े गए हैं ऐसे लोगों को तो तुरंत फांसी की सजा होनी चाहिए। दिल्ली के किन्नर भी रेप रोको आंदोलन का समर्थन कर रहे हैं।
कई बार पकड़वा चुकी है अवैध शराब
स्वाति जयहिंद अवैध शराब और ड्रग्स के धंधे को बंद करने के लिए भी अपना अभियान छेड़े हुए हैं। शनिवार को जहां इन्होंने अलीपुर के डीडीए पार्क से अवैध शराब बरामद करवायी। इससे पहले डूसिब के शौचालय में अवैध शराब बेचते वहां दो लोगों को पकड़वाया। इसके अलावा वह दिल्ली के नरेला और बुराड़ी इलाके में कई जगह अवैध शराब पकड़वा चुकी हैं। नरेला में शराब मफिया द्वारा आयोग की वालंटियर को घायल करने पर उन्होंने अपना जबरदस्त अभियान शुरू किया और कई शराब माफियाआें को पकड़वाया।
आश्रम से छुड़वाई लड़कियां
स्वाति ने एक अभियान चलाकर लगातार खुद बाबा विरेन्द्र देव दीक्षित के आध्यात्मिक केन्द्र में जाकर लड़कियों को छुड़वाया जहां उनका शोषण किया जा रहा था। वह अदम्य साहस के साथ बिना किसी भय के इन सभी के खिलाफ अभियान छेड़े हुए हैं। उनका एक मात्र उद्देश्य महिला की सुरक्षा और उनके हितों की रक्षा करना है।
नई दिल्ली, 11,400 करोड़ के पीएनबी महाघोटाले में ईडी कई जगहों पर छापेमारी कर रही है। वहीं सोमवार सुबह रोटोमैक कंपनी के मालिक विक्रम कोठारी पर 800 करोड़ रुपए का बैंक लोन ना चुकाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया गया है।
बताया जा रहा है कि इलाहाबाद बैंक, बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ बड़ौदा, इंडियन ओवरसीज बैंक और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया ने नियम-कानून को ताक पर रखकर विक्रम कोठारी को इतना बड़ा लोन दिया था। विक्रम कोठारी पर बैंकों के 3000 करोड़ रुपए के लोन को ना लौटाने का आरोप है। मीडिया सूत्रों के अनुसार पीछे खबर थी कि विक्रम कोठारी भी लोन लेकर देश छोड़कर विदेश भाग गए है।
कोठारी ने इन खबरों का खंडन करते हुए कहा कि वह देश छोड़कर नहीं गए हैं, और यहीं कानपुर में ही हैं। कोठारी ने कहा कि मैंने बैंकों से लोन लिया है, ये गलत है कि अभी तक चुकता नहीं कर पा रहा हूं। मेरा बैंक का एलसी में केस चल रहा है, उसमें जल्द ही निष्कर्ष निकलेगा।
उन्होंने कहा कि मैं अभी कानपुर से बाहर नहीं निकला हूं, ना ही कहीं जाऊंगा। मेरे भारत जैसा महान देश कोई नहीं है। विक्रम कोठारी पर आरोप है कि इन्होंने बैंक के आला अधिकारियों के साथ मिली भगत करके अपनी संपत्तियों की कीमत ज्यादा दिखाकर उनपर करोड़ों का लोन लिया और फिर उन्हें चुकता करने से मुकर गए। विक्रम कोठारी ने 2012 में अपनी कंपनी रोटोमैक के नाम पर सबसे पहले इलाहबाद बैंक से 375 करोड़ का लोन लिया था।
इसके बाद यूनियन बैंक से 432 करोड़ का लोन लिया। इंडियन ओवरसीज़ बैंक से 1400 करोड़, बैंक ऑफ इण्डिया से लगभग 1300 करोड़ और बैंक ऑफ बड़ौदा से 600 करोड़ रुपये का लोन लिया, लेकिन किसी बैंक का लोन चुकता नहीं किया है।