Category: national

  • PM Kisan Yojana: November 15, 2023

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    In a groundbreaking move scheduled for November 15, 2023, Prime Minister Narendra Modi is set to bestow a significant gift upon the small-scale farmers of India, particularly in the picturesque region of Khunti, Jharkhand. The focal point of this event is the 15th installment of the PM Kisan Samman Nidhi Yojana, a testament to the government’s unwavering commitment to agricultural welfare.

    Budget Allocations and Transfers:

    Adding to the anticipation, PM Modi, in a strategic move, will transfer the allocated funds for the PM Kisan Yojana directly to Jharkhand. This follows the successful disbursement of the 14th installment in Gujarat on July 27, 2023, where a staggering ₹17,000 crore was transferred to the bank accounts of 8.5 crore farmers.

    Unveiling the World’s Largest Direct Transfer Scheme:

    Launched just before the 2019 Lok Sabha Elections, the PM Kisan Yojana stands as a monumental direct transfer scheme globally. Providing financial assistance of ₹6,000 to farmers in three installments over four months, the Modi government has, to date, transferred over ₹2.59 lakh crore to the bank accounts of more than 11 crore farmers across 14 installments.

    Kist Distribution Timeline:

    Understanding the disbursement timeline is crucial for farmers eagerly awaiting financial assistance. The installments are distributed thrice a year: the first between April and July, the second from August to November, and the third from December to March. State and union territory governments share the responsibility of verifying and uploading accurate beneficiary information, ensuring the seamless provision of benefits after cross-referencing with PFMS and income tax data.

    As the nation eagerly awaits this historic event, the impact of the PM Kisan Yojana continues to resonate, not just in financial terms but in the empowerment of millions of farmers. Stay tuned for updates on November 15, 2023, as the saga of agricultural prosperity unfolds in Jharkhand, marking another stride toward the welfare of India’s backbone – its farmers.

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  • सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन, जानें बिहार के लाल ने कैसे भरी सपनों की उड़ान

    सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन, जानें बिहार के लाल ने कैसे भरी सपनों की उड़ान

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    बीते दिन सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन देर रात मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया। सुब्रत राय ने 75 वर्ष की उम्र में कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उनका निधन हार्ट अटैक के चलते हुआ है। 12 तारीख को उन्हें अस्पताल में एडमिट करवाया गया था। उनको मधुमेह की समस्या भी थी और सुब्रत लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। 

    कब हुआ सुब्रत का जन्म:

    सुब्रत का जन्म बिहार के अरिया जिले में 10 जून 1948 को हुआ था। वह मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे। उनका जीवन सादगी से परिपूर्ण था। अपने अथक प्रयास से उन्होंने लोकप्रियता हासिल की और एक जानेमाने बिजनेस मैन बन गए। फाइनेंस, रियल स्टेट, मीडिया और हॉस्पिटेलिटी जैसे कई संस्थानों पर उनका जलवा दिखता था। उन्होंने सहारा ग्रुप की स्थापना की और मध्यम वर्गीय परिवार का सहारा बने। 

    सुब्रत ने अपने सपनों की उड़ान गोरखपुर से भरी। यहाँ वह सरकारी इंजीनियरिंग संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहे थे। 1976 में उन्होंने चिटफंड कम्पनी सहारा का अधिग्रहण किया। 1978 में उन्होंने इसे सहारा इंडिया बनाया और देखते ही देखते यह एक बड़ा बिजनेस ग्रुप बन गया। 

    सुब्रत यही नहीं रुके उन्होंने सहारा का विस्तार शुरू किया। 1992 में समाचार की दुनिया में सहारा का परचम लहराया। सुब्रत ने राष्ट्रीय सहारा के नाम से एक समाचार चैनल लॉन्च किया। एक समय ऐसा आया जब सहारा ग्रुप भारत का सबसे विश्वसनीय ग्रुप बन गया। सहारा इंडिया में भारतीय रेलवे के बाद सबसे अधिक 12 लाख कर्मचारी काम करते थे। यह सुब्रत के लिए बड़ी सफलता थी। 

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  • पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम देगी 2 लाख से ज्यादा ब्याज

    पोस्ट ऑफिस की यह स्कीम देगी 2 लाख से ज्यादा ब्याज

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    Best Post Office Saving Scheme: अपने बेहतर भविष्य के लिए दुनिया भर के लोग अपनी इनकम से कुछ धन बचाकर सेविंग का विकल्प चुनते हैं। बहुत से लोग सेविंग के लिए शेयर बाजार या प्रॉपर्टी को चुनते हैं। तो आम आदमी अपने भविष्य के लिए सुरक्षित विकल्प चुनता है। आम नागरिक निवेश के लिए सबसे अधिक विश्वास पोस्ट ऑफिस की स्कीम पर करते हैं। क्योंकि पोस्ट ऑफिस की स्कीम आपको सुरक्षा के साथ -साथ अच्छा रिटर्न भी देती हैं और आप अपनी जरूरत के हिसाब से निवेश के लिए पोस्ट ऑफिस में स्कीम भी चुन सकते हैं। पोस्ट ऑफिस में बच्चों से लेकर बूढ़े तक के निवेश हेतु बेहतर स्कीम के विकल्प मौजूद हैं। वही आज हम आपको पोस्ट ऑफिस की एक शानदार स्कीम के विषय में बताने जा रहे हैं। जो काफी लोकप्रिय है और इसमें आपको अच्छा रिटर्न भी मिलता है। 

    जानें क्या पोस्ट ऑफिस की स्कीम:

    असल में हम बात कर रहे हैं पोस्ट ऑफिस की पोस्ट ऑफिस टाइम डिपॉजिट स्कीम (Post Office Time Deposit Scheme) की। यह आज के समय में आम नागरिकों के बीच काफी लोकप्रिय है। इसमें आपको निवेश पर 7.5 फीसदी का ब्याज मिलता है। पहले इस योजना के तहत महज 7 फीसदी ब्याज मिलता था। 7.5 फीसदी ब्याज हर तीन माह में पोस्ट ऑफिस की स्कीम में होने वाले संसोधन के बाद हुआ है। 

    पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेशक अपने अनुकूल समय सीमा तय कर सकते हैं और अपना धन एक,दो या पांच वर्ष तक के लिए निवेश कर सकते हैं। हालाकि अगर आप इस स्कीम में धन दो से तीन वर्ष के लिए निवेश करते हैं तो आपको ब्याज 6.5 फीसदी मिलेगा। लेकिन अगर आप धन का निवेश पांच वर्ष के लिए करते हैं तो आपको निवेश पर ब्यान 7.5 फीसदी मिलेगा। 

    पोस्ट ऑफिस की इस स्कीम में निवेश पर आयकर विभाग द्वारा व्यक्ति को टैंक्स छूट भी मिलती है। अगर आप पांच वर्ष के लिए पांच लाख का निवेश करते हैं तो 7.5 फीसदी ब्याज दर के हिसाब से आपको आपके मूलधन पर 2 लाख से अधिक का ब्याज प्राप्त होगा। यानी पांच साल में आपकी रकम 7 लाख से अधिक हो जाएगी। 

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  • सुशांत से ब्रेकअप के बाद बिगड़ा हाल, माँ ने फाड़ीं फोटो……….विक्की से हुई मुलाक़ात

    सुशांत से ब्रेकअप के बाद बिगड़ा हाल, माँ ने फाड़ीं फोटो……….विक्की से हुई मुलाक़ात

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    दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत और अंकिता लोखंडे की प्रेम कहानी के चर्चे पवित्र रिश्ता सीरियल से शुरू हुए और आज भी लोगों की जुबान पर हैं। दोनों के फैंस उन्हें साथ देखना चाहते थे। सुशांत और अंकिता की जोड़ी की सराहना हर कोई करता था। लेकिन अचानक से दोनों अलग हो गए। जब सुशांत और अंकिता का ब्रेकअप हुआ तो हर कोई दंग था।

    सुशांत के चाहने वालों ने अंकिता को गलत ठहरा दिया था तो कुछ लोगों का कहना था कि सक्सेस के नशे में चूर सुशांत ने अंकिता से दूरी बनाई और उनकी भावनाओं के साथ खिलवाड़ किया। वही अब दोनों की लव लाइफ को लेकर एक बड़ा खुलास हुआ है। जिसमें पता चला कि सुशांत से अलग होना अंकिता के लिए कितना कठिन था। 

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    मीडिया सूत्रों की मानें तो अंकिता लोखंडे और सुशांत सिंह राजपूत एक दूसरे से शादी करना चाहते थे। लेकिन गलैमर की दुनिया में कदम रखते ही सुशांत का मन बदल गया। उन्होंने अंकिता से अलग होने का फैसला किया। दोनों के बीच अनबन होने लगी। ब्रेकअप के बाद अंकिता डिप्रेशन में चली गईं तो सुशांत अपनी लाइफ एन्जॉय करने लगे। 

    बताया जाता है सुशांत से अलग होने के बाद अंकिता का करियर डाउन हुआ। वह मानसिक तनाव में आ गई। दो साल से अधिक समय तक वह डिप्रेशन से जूझती रहीं। उनको हमेशा लगता था सुशांत वापस आएंगे। अंकिता ने स्वयं बीबीसी से बातचीत के दौरान कहा- मैं सुशांत के वापस आने का इन्तजार कर रही थी। मेरी स्थिति कुछ स्वीकारने की नहीं थी। घर में हम दोनों के साथ की कई फोटों लगीं थी। 

    मेरी माँ को यह नहीं अच्छा लगा। उन्होंने सुशांत के साथ की मेरी फोटोज हटाई। वह चाहती थीं मैं आगे बढूं। उन्होंने सभी फोटोज फाड़ दीं। यह बेहद दर्दनाक था मैं बहुत रोई लेकिन माँ को दया नहीं आई। माँ ने ऐसा सिर्फ मेरे लिए किया वह जानती थीं जब तक सुशांत मेरे दिमाग में रहेगा मेरे जीवन में कोई अन्य नहीं आ पाएगा। 

    जिस दिन माँ ने मेरी और सुशांत की यादों को खत्म किया। वह दिन बेहद दर्दनाक था। मुझे याद है उस दिन मैं बहुत दुखी हुई। मुझे महसूस हुआ सब खत्म हो गया। अब वह कभी वापस नहीं आएगा। इस सबके 6 महीने बाद विक्की मेरे जीवन में आए। उन्होंने मुझे खुश रखने के लिए सभी प्रयास किये। वह मेरे पार्टनर बाद में बने पहले मेरे दोस्त बनें और हमने ख़ुशी से शादी की। 

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  • सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन, जानें बिहार के लाल ने कैसे भरी सपनों की उड़ान

    बीते दिन सहारा प्रमुख सुब्रत राय का निधन देर रात मुंबई के अस्पताल में निधन हो गया। सुब्रत राय ने 75 वर्ष की उम्र में कोकिलाबेन धीरूभाई अम्बानी अस्पताल में अंतिम सांस ली। सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक उनका निधन हार्ट अटैक के चलते हुआ है। 12 तारीख को उन्हें अस्पताल में एडमिट करवाया गया था। उनको मधुमेह की समस्या भी थी और सुब्रत लम्बे समय से बीमार चल रहे थे। 

    कब हुआ सुब्रत का जन्म:

    सुब्रत का जन्म बिहार के अरिया जिले में 10 जून 1948 को हुआ था। वह मध्यमवर्गीय परिवार से आते थे। उनका जीवन सादगी से परिपूर्ण था। अपने अथक प्रयास से उन्होंने लोकप्रियता हासिल की और एक जानेमाने बिजनेस मैन बन गए। फाइनेंस, रियल स्टेट, मीडिया और हॉस्पिटेलिटी जैसे कई संस्थानों पर उनका जलवा दिखता था। उन्होंने सहारा ग्रुप की स्थापना की और मध्यम वर्गीय परिवार का सहारा बने। 

    सुब्रत ने अपने सपनों की उड़ान गोरखपुर से भरी। यहाँ वह सरकारी इंजीनियरिंग संस्थान से मैकेनिकल इंजीनियरिंग कर रहे थे। 1976 में उन्होंने चिटफंड कम्पनी सहारा का अधिग्रहण किया। 1978 में उन्होंने इसे सहारा इंडिया बनाया और देखते ही देखते यह एक बड़ा बिजनेस ग्रुप बन गया। 

    सुब्रत यही नहीं रुके उन्होंने सहारा का विस्तार शुरू किया। 1992 में समाचार की दुनिया में सहारा का परचम लहराया। सुब्रत ने राष्ट्रीय सहारा के नाम से एक समाचार चैनल लॉन्च किया। एक समय ऐसा आया जब सहारा ग्रुप भारत का सबसे विश्वसनीय ग्रुप बन गया। सहारा इंडिया में भारतीय रेलवे के बाद सबसे अधिक 12 लाख कर्मचारी काम करते थे। यह सुब्रत के लिए बड़ी सफलता थी। 

  • इन तीन बातों से होती है सच्चे प्रेमी की पहचान

    इन तीन बातों से होती है सच्चे प्रेमी की पहचान

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    प्यार अनुभव है। जिसे हर कोई महसूस नहीं कर सकता। लेकिन जो लोग प्रेम को महसूस करते हैं उन्हें इसकी वास्तविकता की परख होती है। प्रेम में यदि आपको वास्तविक साथी मिल जाता है तो आपका जीवन साकार हो जाता है। लेकिन यदि आपको कोई ऐसा साथी मिल जाता है जो आपके भाव को नहीं समझता तो प्रेम आपके लिए पीड़ा बन जाता है। वही आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनके माध्यम से आप पता लगा सकते हैं कि जिसके प्रेम में आप पड़े हैं वह वास्तव में आपसे प्रेम करता भी है या नहीं –

    भावनात्मक जुड़ाव:

    अगर आप किसी से सच्चा प्रेम करते हैं तो उससे आपका भावनात्मक जुड़ाव अवश्य होगा। आप उसकी पीड़ा को समझ कर उसे सलाह नहीं देंगे बल्कि उसका साथ देने के लिए तत्पर होंगे। आप उसके दर्द को अपना समझ कर महसूस कर पाएंगे। आपका आपके प्रेमी से इतना भावनात्मक जुड़ाव हो जाएगा कि आप उसके प्रति समर्पित होंगे और अभिलाषा से अधिक उससे सत्य से जोड़ कर रखेंगे। अब अगर आपके पार्टनर का आपसे भावनात्मक जुड़ाव है तो आप लकी हैं कि आपको इस कलियुग में सच्चा प्रेम करने वाला पार्टनर प्राप्त हुआ है। 

    बातों को साझा करना:

    अगर आप अपने पार्टनर के साथ हैं और आप अपने मन की सभी बातें एक दूसरे से बिना सोचे-समझे साझा कर पाते हैं। तो आपका पार्टनर आपसे सच्चा प्रेम करता है। लेकिन अगर आपको यह महसूस होता है कि आप अपने पार्टनर से अपने मन की बात नहीं कह पा रहे हैं। कुछ भी कहने से आपको कई बार सोचना पड़ता है। तो आपके रिश्ते में प्रेम की कमी है और आपको ऐसे रिश्तों से सावधान रहने की आवश्यकता है। 

    मर्यादा:

    कुछ लोग प्रेम के नाम पर अपनी शरीरिक अभिलाषा पूर्ण करते हैं। ऐसे में आपको सदैव यह देखना चाहिए कि आप जिससे प्रेम करते हैं क्या वह मर्यादा में रहता है और आपके साथ शरीरिक अभिलाषा से नहीं बल्कि मर्यादा से जुड़ा है। यदि आपका पार्टनर मर्यादा में रहता है आपके भाव का सम्मान करता है। आपको समझता है और सेक्स के लिए नहीं अपितु भाव के लिए आपसे जुड़ा है तो आप उसे हमेशा आपसे साथ रखें क्योंकि सच्चे प्रेमी की यही पहचान है। 

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  • सिंगल कहकर मोदी- राहुल पर बरसे ओवैसी

    सिंगल कहकर मोदी- राहुल पर बरसे ओवैसी

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    Owaisi In Telangana: चुनावी जनसभाएं देश में जारी हैं। नेता जी के बयाना अब व्यक्तिगत होने लगे हैं। राजनीति का स्वरुप बदल गया है नेता जी को जरा भी लज्जा नहीं आती किसी पर व्यक्तिगत कटाक्ष करते हुए। वही अब निजी कटाक्ष की कतार में नाम आया है ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असुद्दीन ओवैसी का। ओवैसी ने राहुल पर बरसते हुए कहा- जो लोग सिंगल रहते हैं वह अपनी भड़ास दूसरों पर निकालते हैं। 

    क्या बोले ओवैसी:

    ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख असुद्दीन ओवैसी ने एक जनसभा को सम्बोधित करते हुए कहा- जो लोग सिंगल रहते हैं वह लोग दूसरों पर अपनी भड़ास निकालते हैं। किसी को भी सिंगल नहीं रहना चाहिए। एक बात सभी याद कर लें कि उन्हें किसी न किसी के साथ रहना चाहिए। घर में कोई होना चाहिए। घर में कोई रहता है तो मन सही रहता है। देश में दो लोगों की जोड़ी( राहुल- मोदी ) है जिनके घर में कोई नहीं है। वह लोग हताश निराश हैं उनकी निराशा दूसरों पर निकलती है। 

    उन्होंने आगे कहा- हैदराबाद का कांग्रेस मुख्यालय मोहन भागवत द्वारा नियंत्रित किया जाता है। तेलंगाना प्रमुख रेवंत रेड्डी का संबंध आरएसएस के साथ है। उन्होंने अपनी शुरुआत आरएसएस के साथ की। वह आरएसएस को कभी नहीं छोड़ सकते। बता दें कि 130 सीटों वाली तेलंगाना विधानसभा के लिए 30 नवंबर को चुनाव होने हैं. 3 दिसंबर को मतगणना होगी। ओवैसी ने तेलंगाना में केवल नौ सीटों पर चुनाव लड़ने का फैसला किया है। 

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  • Unveiling the Signs of a Stroke: A Comprehensive Guide

    Unveiling the Signs of a Stroke: A Comprehensive Guide

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    In today’s fast-paced world, health awareness is paramount. Understanding the signs of a stroke is crucial for prompt medical intervention. Our comprehensive guide aims to equip you with the knowledge needed to recognize the silent threat of a stroke and act swiftly.

    One of the primary indicators of a stroke is the sudden onset of weakness or numbness, typically on one side of the body. This can manifest in the face, arm, or leg, making it imperative to pay attention to any unexplained loss of strength.

    Strokes often disrupt cognitive function, leading to confusion and difficulty in articulating thoughts. If you or someone around you experiences sudden speech problems or seems disoriented, it could be a red flag.

    Vision abnormalities, such as sudden blurred or double vision, can be indicative of a stroke. Ignoring these visual disturbances can exacerbate the situation, underscoring the importance of swift action.

    While headaches are common, a sudden and severe headache, often described as the worst one ever experienced, can be a warning sign of a stroke. Coupled with other symptoms, it warrants immediate attention.

    High blood pressure, or hypertension, is a major contributor to strokes. Regular monitoring, a balanced diet, and a healthy lifestyle can significantly reduce this risk.

    Making positive lifestyle changes, such as quitting smoking, maintaining a healthy weight, and exercising regularly, can substantially decrease the likelihood of strokes.

    Frequent health check-ups play a pivotal role in early detection and prevention. Regular consultations with healthcare professionals help manage risk factors and ensure proactive health maintenance.

    The key to effective emergency response lies in swift recognition of stroke signs. Educating yourself and those around you is the first line of defense against the silent threat.

    Having emergency contact information readily available can make a critical difference. Ensure that important numbers are saved in your phone and easily accessible to others in case of an emergency.

    Time is of the essence when dealing with a stroke. Immediate medical attention can minimize damage and improve outcomes. Understanding the urgency is paramount for effective response.

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  • नाना पाटेकर ने फैन को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

    नाना पाटेकर ने फैन को जड़ा थप्पड़, वीडियो वायरल

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    Nana Patekar Slapped A Fan: सिनेमा जगत में कोई भी अभिनेता अगर लोकप्रिय हुआ है तो उसकी लोकप्रियता उसके फैंस से होती है। अगर अभिनेता के फैंस ही नहीं होंगे तो उसका सिनेमा जगत में वजूद खत्म होने में वक्त नहीं लगेगा। बहुत से अभिनेता अपने फैंस का सम्मान करते हैं। लेकिन आज फिल्मो में आम आदमी के हितकर्ता का किरदार निभाने वाले एक अभिनेता ने सड़क पर अपने फैन को थप्पड़ जड़ दिया। उसकी यह हरकत बेहद शर्मनाक है और सोशल मीडिया पर उसकी जमकर आलोचना हो रही है। 

    अभिनेता का नाम नाना पाटेकर है। नाना पाटेकर वाराणसी में अपनी फिल्म की शूटिंग कर रहे थे। उन्होंने बादामी रंग का शूट पहन रखा था। एक फैन उनके पास सैल्फी लेने आता है और नाना पाटेकर उसको थप्पड़ लगा देते हैं। बाद में नाना के बॉडीगार्ड फैन को घसीट कर अलग ले जाते हैं। नाना अपनी इस हरकत की वजह से जमकर ट्रोल हो रहे हैं। यूजर्स उनकी आलोचना कर रहे हैं। 

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    जानें क्या कह रहे यूजर्स:

    अनुराग भदौरिया नामक यूजर्स सोशल मीडिया पर लिखता है – नाना पाटेकर साहब ये बनारसी लोग हैं और इन्ही फ़ैन की वजह से आप परदे पर हीरो हो।।आप इन्ही को थप्पड़ मार रहे हो।।आप को माफ़ी माँगनी चाहिये।।

    शुभम शुक्ला- ये नाना पाटेकर हैं. इनका व्यवहार देखिए. माना कि आप बहुत बड़े स्टार हैं, माना कि आप बहुत व्यस्त थे, माना कि आप किसी झुँझलाहट में थे. लेकिन इसका मतलब ये थोड़ी ना कि ऐसा व्यवहार करेंगे? सेल्फी लेने गए व्यक्ति को ऐसे बेइज्जत करेंगे? सेल्फी लेने गया लड़का तो नाना पाटेकर ने सिर पर मारा जोरदार थप्पड़, फिर गर्दन पकड़कर बाहर किया. क्या यह व्यवहार सही है?

    ये नाना पाटेकर हैं. इनका व्यवहार देखिए. माना कि आप बहुत बड़े स्टार हैं, माना कि आप बहुत व्यस्त थे, माना कि आप किसी झुँझलाहट में थे. लेकिन इसका मतलब ये थोड़ी ना कि ऐसा व्यवहार करेंगे? सेल्फी लेने गए व्यक्ति को ऐसे बेइज्जत करेंगे? सेल्फी लेने गया लड़का तो नाना पाटेकर ने सिर पर मारा… pic.twitter.com/1xkGen9OhM

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  • MP Assembly Election 2023: धोखेबाजी ने गिराई सरकार

    MP Assembly Election 2023: एमपी में आज चुनावी रैली का आख़िरी दिन है। कांग्रेस महासचिव ने आज ददिया में चुनावी सभा को संबोधित करते हुए कहा- पीएम मोदी के नाम एक मेरे नाम फिल्म बननी चाहिए। उन्होंने कहा- मोदी जी का क्या कहना है वह तो अपनी व्यथा से ही व्यथित हैं। जनता को अपनी पीड़ा ही सुनाते रहते हैं। कर्नाटक गए तो गालियों की एक लिस्ट लेकर गए, रोए और बताने लगे कि मुझे इतनी गालियां दी गई। एमपी आए तो पुनः उन्होंने अपनी पीड़ा की गाथा रिपीट की। आपको सलमान खान की फिल्म तेरे नाम याद है उस फिल्म में वह शुरू से अंत तक रोता रहता है। वैसे ही मोदी जी का हाल है उनके लिए भी एक फिल्म मेरे नाम बननी चाहिए। 

    उन्होंने आगे कहा- मोदी जी टॉप क्लास आदमी हैं। दुनिया के कायर और गद्दार उन्होंने एकजुट कर लिए हैं। मुझे बीजेपी और आरएसएस के उन कार्यकर्ताओं पर तरस आता है जो लम्बे समय से संघर्ष कर रहे हैं। वास्तव में उनकी स्थिति बेहद खराब है। बहुत लोगों ने विश्वासघात किया लेकिन कुछ लोगों ने तो जनता की पीठ में छुरा खोंप दिया। एमपी में हमारी सरकार थी लेकिन उनकी धोखेबाजी ने सरकार गिरा दी। परिवर्तन का समय आ गया है। जनता इन धोखेबाजों को सबक सीखने के लिए तत्पर है।