Category: national

  • No Confidence Motion Debate: सांसद गिरधारी यादव ने बीजेपी पर बोला ऐसा कि भड़क उठे पीठासीन अधिकारी

    No Confidence Motion Debate: जनता दल यूनाइटेड पार्टी के लोकसभा सांसद गिरधारी यादव ने कल सदन में बीजेपी को लेकर ऐसा बयान दिया है कि पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल ने उनको भरी सभा में टोंक दिया। 
     
    सांसद गिरधारी यादव ने सदन में जातीय जनगणना पर चर्चा करते हुए बीजेपी को पिछडो की विरोधी पार्टी बताया। उन्होंने कहा बीजेपी आरएसएस के एजेंडे पर काम करती है। यह गाय भैंस की जनगणना करवा सकती है लेकिन इनको जातीय जनगणना से समस्या है। यह लोग सिर्फ अपने उद्देश्य के लिए काम करते हैं। 

    सांसद ने जैसे ही आरएसएस का नाम लिया तो पीठासीन अधिकारी राजेंद्र अग्रवाल भड़क उठे। उन्होंने उनको टोंकते हुए कहा- नो-नो आप यह नहीं कह सकते आप किसी भी पार्टी का नाम लीजिए लेकिन आप आरएसएस का नाम नहीं ले सकते। यह अनुचित है। आपको उनकी तारीफ़ करनी है तो कीजिये लेकिन आप ऐसा नहीं बोल सकते। 

  • No Confidence Motion:आदिवासी नहीं है म्यामांर के लोग’, NDA के सहयोगी सांसद

    MNF MP Support No Confidence Motion: राज्यसभा की कार्यवाही के दौरान गुरुवार (10 अगस्त) को एक हैरान करने वाला वाकया हुआ जब एनडीए के सहयोगी मिजो नेशनल फ्रंट (MNF) के सांसद का माइक बंद कर दिया गया. एमएनएफ सांसद ने ट्वीट कर इसकी जानकारी दी. उन्होंने इससे पहले गुरुवार सुबह ही कहा था कि वे अविश्वास प्रस्ताव पर मोदी सरकार के खिलाफ वोट करेंगे. उन्होंने ‘मणिपुर के जनजातीय लोगों को म्यांमारी’ कहने का विरोध किया था.

    राज्यसभा में हंगामे के बीच एमएनएफ के सांसद के वेंलल्वना मणिपुर की स्थिति पर बोलने के लिए खड़े हुए तो उन्होंने बुधवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के भाषण का जिक्र किया. अमित शाह ने सैन्य तख्तापलट के बाद म्यांमार से मिजोरम में अनियंत्रित घुसपैठ का जिक्र किया था. 

    रिकॉर्ड से हटाया गया भाषण

    इसके बाद सभापति जगदीप धनखड़ ने उन्हें अनुमति नहीं दी तो पूरे विपक्ष ने एक सुर में एमएनएफ सांसद का समर्थन किया. कुछ विपक्षी सदस्य नारे लगाते हुए वेल में आ गए. विपक्ष के विरोध के बीच धनखड़ ने सदन की कार्यवाही दिन भर के लिए स्थगित कर दी और आदेश दिया कि वनलालवेना का भाषण रिकॉर्ड में नहीं जाएगा.

    इंडियन एक्सप्रेस से वेंलल्वना ने कहा कि उन्होंने सदन को बताया कि वे मिजोरम से हैं. आदिवासी सांसद हैं. अमित शाह के भाषण का जिक्र करते हुए उन्होंने बताया कि गृह मंत्री ने कहा कि मणिपुर में आदिवासी लोग म्यांमार के हैं. हम बताना चाहते हैं कि हम म्यांमार के नहीं हैं. हम भारतीय हैं. हम ब्रिटिश शासन से पहले यहां रह रहे हैं.

    हम पूर्वोत्तर के असली मालिक- वनलालवेना

    वेंलल्वना ने आगे कहा कहा, “भारत में ब्रिटिश अभियान से पहले, हम 200 वर्षों से यहां रह रहे हैं. हम भारतीय स्वतंत्रता से पहले कई वर्षों से पूर्वोत्तर में रह रहे थे. हम विदेशी नहीं हैं. हम कई वर्षों से पूर्वोत्तर के असली मालिक हैं.”

    वेंलल्वना ने मणिपुर में 300 चर्चों को जलाने का दावा किया और बताया कि ऐसा कम्युनिस्ट देशों में भी कभी नहीं हुआ है. उन्होंने सवाल पूछा कि क्या 300 से ज्यादा चर्चों को जलाने के बाद भी हम एक धर्मनिरपेक्ष राज्य हैं? उन्होंने पूर्वोत्तर के पहाड़ी इलाकों को आदिवासी लोगों का बताते हुए इनकी रक्षा करने की अपील की.

    इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में सांसद ने साफ किया कि वे केवल मणिपुर को लेकर एनडीए के विरोध में थे. इसके अलावा वे एनडीए का हिस्सा बने रहेंगे और केंद्र को समर्थन जारी रखेंगे.

  • CEC Appointment Bill: चुनाव आयुक्त की नियुक्ति में CJI का रोल खत्म करने वाले बिल पर ममता बनर्जी

    CEC Selection Bill: केंद्र ने गुरुवार (10 अगस्त) को राज्यसभा में मुख्य निर्वाचन आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के चयन से संबंधित एक बिल पेश किया था. इल बिल को लेकर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. अब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी सरकार पर निशाना साधा है. 

    ममता बनर्जी ने शनिवार (12 अगस्त) को इस बिल के विरोध में कहा, “बीजेपी अराजकता के आगे झुक गई है. इस हफ्ते सीईसी की नियुक्ति के लिए 3 सदस्यीय पैनल में सीजेआई (CJI) की भूमिका महत्वपूर्ण है. हम चुनाव आयुक्त के चयन में सीजेआई की जगह कैबिनेट मंत्री को लाने का कड़ा विरोध करते हैं.

    ममता बनर्जी का बीजेपी पर कटाक्ष 

    मुख्यमंत्री ने दावा किया कि सीजेआई को नियुक्ति पैनल से बाहर करने की योजना बीजेपी की बेचैनी को दर्शाती है, जो बताती है कि उनके वोट हेरफेर को नुकसान हो सकता है. भारत को न्यायपालिका के प्रति इस घोर उपेक्षा पर सवाल उठाना चाहिए. हम भारत के लिए न्यायपालिका से अपील करते हैं. माई लॉर्ड हमारे देश को बचाइए.”

    बिल में क्या हैं प्रावधान?

    इस विधेयक में मुख्य चुनाव आयुक्त और चुनाव आयुक्तों के चयन के लिए पैनल में भारत के चीफ जस्टिस की जगह एक कैबिनेट मंत्री को शामिल करने का प्रावधान है, जिससे पोल पैनल के सदस्यों की नियुक्तियों में सरकार को अधिक नियंत्रण प्राप्त करने की अनुमति मिलेगी. राज्यसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने मुख्य निर्वाचन आयुक्त और अन्य निर्वाचन आयुक्त (नियुक्ति, सेवा शर्तें और पदावधि) विधेयक, 2023 पेश किया था. 

    बिल के विरोध में कई विपक्षी दल 

    कई विपक्षी दल केंद्र के इस बिल के विरोध में हैं. कांग्रेस, तृणमूल, ‘आप’ और वाम दलों सहित अन्य विपक्षी दल इसका विरोध कर रहे हैं. बिल पेश करने के दौरान भी विपक्ष की तरफ से काफी हंगामा किया गया था. विपक्ष ने बीजेपी पर सुप्रीम कोर्ट की संविधान पीठ के आदेश को कमजोर करने और पलटने का आरोप लगाया है. 

  • Rahul Gandhi Wayanad Visit: सांसदी बहाल होने के बाद पहली बार वायनाड पहुंचेंगे राहुल

    Rahul Gandhi Wayanad Visit: कांग्रेस नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) शनिवार (12 अगस्त) को दो दिवसीय दौरे पर अपने संसदीय क्षेत्र वायनाड पहुंच रहे हैं. हाल ही में लोकसभा की सदस्यता बहाल होने के बाद कांग्रेस नेता का ये पहला वायनाड दौरा है. राहुल गांधी के दौरे को लेकर कांग्रेस की केरल यूनिट (Kerala Congress) में उत्साह है.

    मोदी सरनेम मामले में सुप्रीम कोर्ट से सजा पर रोक के बाद सोमवार (7 अगस्त) को राहुल गांधी की लोकसभा सदस्यता बहाल कर दी गई थी, जिसके बाद एक बार फिर वह संसद पहुंचे थे. उन्होंने मोदी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लिया था और मणिपुर पर केंद्र को घेरा था.

    मोदी सरनेम मामले में सूरत की सीजेएम कोर्ट ने इसी साल 23 मार्च को राहुल गांधी को दो साल की सजा सुनाई थी, जिसके चलते उनकी संसद सदस्यता समाप्त कर दी गई थी. करीब चार महीने से ज्यादा समय के बाद बीती 4 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट ने सजा पर रोक लगाने का आदेश दिया था.

    केरल कांग्रेस ने की भव्य स्वागत की तैयारी

    वायनाड जिला कांग्रेस कमेटी ने राहुल गांधी के स्वागत के लिए भव्य तैयारियां की है. शनिवार दोपहर 3.30 बजे कलपेट्टा स्थित नए बस स्टैंड परिसर में उनके स्वागत का कार्यक्रम रखा गया है. इस मौके पर राहुल गांधी कैथांगु परियोजना के तहत निर्मित घरों की चाबियां लाभार्थियों को सौंपेंगे.

    दौरे के दूसरे दिन रविवार को राहुल गांधी 12 बजे जिले के नल्लूरनाडु में अंबेडकर मेमोरियल कैंसर सेंटर में स्थापित एक हाई-टेंशन ट्रांसफॉर्मर का उद्घाटन करेंगे. रविवार को ही वे कोझिकोड जिल के कोडानचेरी में सामुदायिक विकलांगता प्रबधन केंद्र की आधारशिला भी रखेंगे.

    सांसदी जाने के बाद वायनाड गए थे राहुल

    इससे पहले राहुल गांधी संसद सदस्यता जाने के बाद 11 अप्रैल को वायनाड के दौरे पर गए थे. उस दौरान उन्होंने संसद सदस्यता खत्म किए जाने को लेकर मोदी सरकार पर हमला बोला था. राहुल गांधी ने कहा था, ‘मेरी संसद सदस्यता छीन ली गई, मेरा घर छीन लिया. मेरे पीछे पुलिस लगा दी, लेकिन मुझे इससे फर्क नहीं पड़ता है. 50 बार मेरा घर ले लो, लेकिन मैं भारत और वायनाड के लोगों के मुद्दों को उठाता रहूंगा.’

    बीजेपी पर निशाना साधते हुए राहुल गांधी ने कहा था, ‘सांसद तो बस एक टैग है. यह एक पद है इसलिए बीजेपी टैग हटा सकती है, वे पद ले सकते हैं, वे घर ले सकते हैं और वे मुझे जेल में भी डाल सकते हैं, लेकिन वे मुझे वायनाड के लोगों का प्रतिनिधित्व करने से नहीं रोक सकते हैं.’ अब राहुल गांधी सांसदी बहाल होने के बाद वायनाड पहुंच रहे हैं तो उम्मीद है कि वे एक बार फिर बीजेपी पर हमला बोलेंगे. 

  • Nuh Violence News: क्या हैं नूह के हालात, 13 अगस्त तक इंटरनेट निलंबित

    Nuh Violence News: हरियाणा के नूह में हिंसा खत्म होने का नाम नहीं ले रही है। हिन्दू मुस्लिम विवाद उफान पर है। वही अब नूह में मोबाइल इंटरनेट और एसएमएस सेवाओं का निलंबन 13 अगस्त तक बढ़ा दिया है। 

    हरियाणा के गृह सचिव कहते हैं नूह में अभी स्थिति ठीक नहीं है। हिन्दू-मुस्लिम विवाद की आग में जल रहे हैं। कभी भी कोई हिंसक गतिविधि हो सकती है। कानून व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से नूह में इंटरनेट सेवा के निलंबन को बढ़ाया गया है। 

    पुलिस अधिकारीयों के मुताबिक अभी लोगों के मन में द्वेष का भाव है। कोई भी हिंसक सामग्री का सोशल मीडिया से व्यापक प्रचार-प्रसार कर सकता है। तनाव की स्थिति पर जल्द ही नियंत्रण प्राप्त किया जा सके इसलिए यह निर्णय लिया गया है। 

    जानें कब हुई थी हिंसा –

    नूंह में 31 अगस्त को हिंसा तब भड़की जब हिन्दू समुदाय की जलाभिषेक यात्रा पर मुस्लिम समुदाय के लोगों ने हमला कर दिया। हिंसा में 6 लोगों की मौके के मौत हुई। हर तरफ गोलियों की आवाज थी। आगजनी की घटनाएं हुईं और जगह-जगह सार्वजानिक सम्पत्ति को हानि पहुंचाई गई। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने हिंसा को साजिश बताया और कहा- जो सार्वजानिक सम्पत्ति का नुकसान हुआ है उसकी भरपाई उपद्रवियों से की जाएगी। 

  • Successfully Brings Back Its Citizens from Israel Amid Ongoing Conflict

    In a remarkable humanitarian effort, India has initiated ‘Operation Ajay’ to repatriate its citizens from Israel, a nation embroiled in a conflict with Hamas. On a heartwarming Friday, the inaugural flight transported 212 Indian nationals back to the safety of Delhi. Upon their arrival, Union Minister Rajeev Chandrasekhar extended a warm welcome to the returning citizens, lauding the tireless efforts of Prime Minister Modi and External Affairs Minister Jaishankar in ensuring the well-being of Indians in Israel. He also engaged with the students among the returning passengers.

    The Indians who had been reunited with their homeland expressed their deep gratitude towards the Indian government and fervently wished for peace to return to the beleaguered region. They recounted the hardships they had endured in Israel due to the ongoing conflict. India’s Ambassador to Israel, Sanjeev Singla, affirmed that the embassy had been working relentlessly to assist Indian nationals who wished to return. He eagerly announced that another flight would depart on Saturday, carrying more passengers back home. He earnestly encouraged the Indian community in Israel to remain composed and diligently adhere to the local safety advisories.

    Arindam Bagchi, the spokesperson for the External Affairs Ministry, disclosed that ‘Operation Ajay’ had been officially launched by Jaishankar on Thursday. He also shared the reassuring news that, thus far, there had been no reported Indian casualties in the conflict. With approximately 18,000 Indians residing in Israel, the ministry remains vigilant, closely monitoring the situation and urging Indian nationals to heed the advisories issued by the embassy. For the convenience of those in need, the embassy has established a dedicated helpline.

    This monumental operation, christened ‘Operation Ajay,’ was spearheaded by Prime Minister Narendra Modi with the primary aim of safely repatriating the estimated 18,000 Indians in Israel. The registration process for Indian citizens kicked off on Thursday, while the Indian embassy in Israel has been actively extending support to Indian companies and providing a dedicated helpline for Indian nationals seeking assistance.

    Recognizing the gravity of the situation, the Ministry of External Affairs established a 24-hour control room to continuously monitor the escalating conflict, disseminate critical information, and provide immediate assistance. Earlier, External Affairs Minister S. Jaishankar chaired a pivotal meeting, meticulously reviewing the preparations for the successful execution of ‘Operation Ajay.’ This resolute and empathetic endeavor is a testament to India’s unwavering commitment to the safety and well-being of its citizens, even in the face of adversity.

  • Sikkim Flash Floods: सिक्किम में बादल फटने से 5 की मौत, जवानों समेत 40 लापता, पीएम मोदी ने सीएम प्रेम तमांग से की बात

    Sikkim Cloud Burst: सिक्किम में बादल फटने से अचानक आई प्राकृतिक आपदा के कारण अब तक 5 लोगों ने जान गंवा दी है और सुरक्षाबलों के जवानों समेत 40 लोग लापता बताए जा रहे हैं. इस बीच स्थिति का जायजा लेने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार (4 अक्टूबर)को सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात की है. 

    पीएम मोदी ने अपने आधिकारिक X हैंडल से पोस्ट किया, ”सिक्किम के मुख्यमंत्री प्रेम सिंह तमांग से बात की और राज्य के कुछ हिस्सों में दुर्भाग्यपूर्ण प्राकृतिक आपदा के मद्देनजर स्थिति का जायजा लिया. चुनौती से निपटने में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया. मैं सभी प्रभावितों की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं.”

    पांच पुल ढहे, बांधों को हुआ नुकसान

    इस आपदा के कारण पांच पुल ढह गए हैं, जिनमें मंगतम झील का पुल, सिंघताम का इंद्राणी पुल, शिरवानी पुल, लिंगी पुल और जंगू का पुल शामिल हैं. चुंगथान में 1200 मेगावाट का तीस्ता ऊर्जा बांध बुरी तरह प्रभावित हुआ है. सिंघताम में एनएचपीसी का बांध क्षतिग्रस्त हुआ है.

    सिक्किम में कहां पर फटा बादल, अब तक कितने शव बरामद?

    बता दें कि बादल फटने की घटना उत्तरी सिक्किम में ल्होनक झील पर हुई, जिसकी वजह से लाचेन घाटी से गुजरने वाली तीस्ता नदी में अचानक बाढ़ आ गई. आपदा में सेना के 23 जवान लापता हो गए थे. अब तक पांच शव बरामद हुए हैं. शव सेना के जवानों के हैं या आम लोगों के, अभी यह पहचान होना बाकी है. 

    उधर अधिकारियों ने बुधवार (4 अक्टूबर) को जानकारी दी अचानक बाढ़ आने और एक बांध से पानी छोड़े जाने के कारण स्थिति और बिगड़ गई. उन्होंने कहा कि बाढ़ मंगलवार देर रात करीब डेढ़ बजे आई.

      

    सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण के अधिकारी ने ये कहा

    सिक्किम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (SSDMA) के एक अधिकरी ने कहा, ‘‘बचाव और राहत प्रयासों के दौरान सिंगताम से तीन शव बरामद किए गए हैं.’’ एसएसडीएमए ने एक समाचार विज्ञप्ति में बताया कि ल्होनक झील के कुछ हिस्सों पर बादल फटने से बुधवार तड़के तीस्ता नदी बेसिन पर झील में अचानक जलस्तर बढ़ गया, जिससे मंगन, गंगटोक, पाकयोंग और नामची जिलों में कई प्रतिष्ठानों को नुकसान पहुंचा. 

    Source- abplive

  • Telangana Assembly Election 2023: Dharmapuri Statements Create Political Storm in Telangana TRS-BJP Battle

    In Telangana, the Bharatiya Janata Party (BJP) has put its full force behind establishing its presence. The party’s leaders have been targeting the ruling party, the Bharat Rashtra Samiti (TRS), and the Chief Minister, K. Chandrashekar Rao, consistently in their election campaigns. However, controversy erupted in the state following a statement by BJP’s Member of Parliament from Nizamabad, Arvind Dharmapuri.

    Dharmapuri made a statement during a public gathering, suggesting that if anything were to happen to Chief Minister K. Chandrashekar Rao and his son K.T. Rama Rao, the BJP would provide financial assistance to their families. This statement triggered a strong reaction not only from the TRS but also from the Bharat Rashtra Samiti.

    Dharmapuri also questioned the KCR Life Insurance Scheme. He raised concerns about the promise made by the Bharat Rashtra Samiti under this scheme to provide a 5 lakh rupees life insurance to families of deceased farmers. The scheme specifies that if the deceased farmer is under 56 years of age, their family would receive the insurance. Dharmapuri questioned the effectiveness of this support.

    Furthermore, he declared that if K. Chandrashekar Rao were to pass away, the BJP would offer 5 lakh rupees to his family, and if K.T. Rama Rao were to meet a similar fate, they would increase the amount to 10 lakh rupees. He added, “In any case, their time is up. But if young people were to lose their lives, the amount will be raised. If Kavita, KCR’s daughter, were to pass away, I would announce a sum of 20 lakh rupees.”

    These remarks from Dharmapuri received a sharp rebuke not just from the TRS but also from Kavita, the daughter of KCR and leader of the Bharat Rashtra Samiti, who questioned, “Arvind Dharmapuri, for the statements he made against me, will he make similar statements for his own daughters?”

  • Telangana Assembly Election 2023: Dharmapuri’s Statements Create Political Storm in Telangana’s TRS-BJP Battle

    In Telangana, the Bharatiya Janata Party (BJP) has put its full force behind establishing its presence. The party’s leaders have been targeting the ruling party, the Bharat Rashtra Samiti (TRS), and the Chief Minister, K. Chandrashekar Rao, consistently in their election campaigns. However, controversy erupted in the state following a statement by BJP’s Member of Parliament from Nizamabad, Arvind Dharmapuri.

    Dharmapuri made a statement during a public gathering, suggesting that if anything were to happen to Chief Minister K. Chandrashekar Rao and his son K.T. Rama Rao, the BJP would provide financial assistance to their families. This statement triggered a strong reaction not only from the TRS but also from the Bharat Rashtra Samiti.

    Dharmapuri also questioned the KCR Life Insurance Scheme. He raised concerns about the promise made by the Bharat Rashtra Samiti under this scheme to provide a 5 lakh rupees life insurance to families of deceased farmers. The scheme specifies that if the deceased farmer is under 56 years of age, their family would receive the insurance. Dharmapuri questioned the effectiveness of this support.

    Furthermore, he declared that if K. Chandrashekar Rao were to pass away, the BJP would offer 5 lakh rupees to his family, and if K.T. Rama Rao were to meet a similar fate, they would increase the amount to 10 lakh rupees. He added, “In any case, their time is up. But if young people were to lose their lives, the amount will be raised. If Kavita, KCR’s daughter, were to pass away, I would announce a sum of 20 lakh rupees.”

    These remarks from Dharmapuri received a sharp rebuke not just from the TRS but also from Kavita, the daughter of KCR and leader of the Bharat Rashtra Samiti, who questioned, “Arvind Dharmapuri, for the statements he made against me, will he make similar statements for his own daughters?”

  • Birth Certificate Case: बीवी बच्चे सहित आजम को हुई जेल, अब क्या करेंगे समाजवादी नेता

    Birth Certificate Course: समाजवादी पार्टी के दिग्गज नेता आजम खान अपने भ्रष्टाचार के जाल में निरंतर फसते जा रहे हैं। आय दिन उनके खिलाफ नया अपराध दर्ज हो रहा है। वही अब उनके व उनके परिवार को राम पुर अदालत ने सात-सात वर्ष की सजा सुना दी है। सजा फर्जीवाड़े के संदर्भ में हुई है। पूरा मामला फर्जी बर्थ सर्टिफिकेट से जुड़ा हुआ है। आजम खान समाजवादी पार्टी के सबसे मजबूत मुस्लिम नेता माने जाते हैं। जानकार कहते हैं कि मुस्लिम समाज के बीच सपा की धाक आजम खान ने जमाई है। हालाकि बीजेपी ने समाजवादी पर माफिया और गुंडों को पोषित करने का आरोप कई बार लगाया है। 

    जानें क्या है पूरा मामला

    मामला बर्थ सर्टिफिकेट का है। आजम खान के बेटे अब्दुल्ला आजम खान पर दो जन्म प्रमाण पत्र रखने का आरोप लगा है। पहला जन्म प्रमाण पत्र जो उनका है वह 28 जून 2012 को रामपुर नगर पालिका द्वारा जारी किया गया है। इसके मुताबिक अब्दुल्ला आजम खान का जन्म रामपुर में हुआ है। जबकि दूसरा जन्म प्रमाण पत्र जनवरी 2015 में जारी किया गया है /इसमें अब्दुल्ला का जन्म स्थान लखनऊ दिखाया गया है। 

    अब्दुल्ला आजम खान ने अपने दोनों जन्म प्रमाण पत्र का उपयोग किया है। पहले प्रमाण पत्र के माध्यम से वह विदेश यात्रा पर गए जबकि दूसरे प्रमाण पत्र को उन्होंने कई सरकारी कार्यों में लगाया है। 

    मामला तब तूल में आया जब साल 2017 के विधानसभा चुनाव में स्वार सीट से अब्दुल्ला आजम खान ने चुनाव जीता और उनके खिलाफ फर्जीवाड़े का केस दर्ज हो गया। मामले की सुनवाई हुई और उनका फर्जीवाड़ा सामने आया। वही अब रामपुर अदालत ने इस मामले में उनको व उनके पिता व माता को सात-सात वर्ष की सजा सुनाई है। 

    किसपर दर्ज हुआ था केस

    फर्जीवाड़े का केस सिर्फ अब्दुल्ला आजम खान के खिलाफ नहीं दर्ज हुआ था। इस केस में उनकी माँ तंजीम फातिमा और पिता आजम खान भी शामिल थे तीनों पर। 420, 467, 468, 471 के तहत मामला दर्ज किया गया था। रामपुर एमपीएमएलए कोर्ट ने तीनों को दोषी करार देते हुए सजा सुनाई है। तीनों को धारा 467 और धारा 468 में सात और तीन साल की सजा सुनाई गई है और 15 साल का जुर्माना भी लगाया गया है। तीनों आरोपियों को जो सजा मिली हैं वह एक साथ चालू रहेंगी। तीनों आरोपियों को कोर्ट से सीधे जेल भेजा गया है। 

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