Category: national

  • Land For Job Case: वह सामने आकर बताएं लालू का परिवार दूध का धुला

    Land For Job Case: बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील मोदी ने नीतीश कुमार पर कटाक्ष करते हुए कहा-  उन लोगों के मुख से लोक लाज की बात शोभा नहीं देती। जिन लोगों ने जमीन के बदले नौकरी मामले में पहले लालू के परिवार के खिलाफ जाँच एजेंसियों को सबूत दिए और बाद में अपने हित के लिए उनको गले लगाया और सरकार बना ली। 

    उन्होंने आगे कहा- अगर हिम्मत है तो ललन सिंह सबके सामने आकर  मांगें। बताएं कि उन्होंने लालू के परिवार के विरोध में जो सबूत दिए वह गलत हैं लालू का परिवार निर्दोष है। वही नीतीश कुमार को अगर लोक लाज की जरा भी पड़ी होती तो क्या वह किसी चारघोटाले के अपराधी के साथ हाथ मिलाते। क्या तेजस्वी के साथ मिलकर सरकार बनाना नीतीश के लिए लोक लाज का प्रमाण है। 

    उन्होंने तेजस्वी को साल 2025 के लिए अपना उत्तराधिकारी घोषित किया है क्या यह सही है बिहार की जनता के लिए यह सही किया गया है।

  • PM Modi Speech Live: सोनिया गांधी और राहुल गांधी 2008 में चीन गए और कम्युनिस्ट पार्टी से मिले

    बीजेपी सांसद राज्यवर्धन राठौड़ ने सदन में कहा कि मैं 2008 बीजिंग ओलंपिक (चीन में) में था. हमें पता चला कि सोनिया गांधी और राहुल गांधी हमसे मिलने आ रहे हैं. वे हमसे मिलने नहीं आये, वे चीन की कम्युनिस्ट पार्टी से मिले. उन पर देशद्रोह का मुकदमा चलना चाहिए.राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस हमारी सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाई है, लेकिन वे खुद अविश्वास के लायक भी नहीं हैं. उन्होंने राजस्थान को धोखा दिया है. पिछले 40 वर्षों में मणिपुर में हुई हिंसा के लिए कांग्रेस जिम्मेदार है. कश्मीर में हिंसा और पंजाब में आतंकवाद के लिए भी ये जिम्मेदार हैं.

    ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वे (विपक्ष) बोलने को तैयार हैं, लेकिन सुनने को तैयार नहीं हैं. वे देश के लोगों या इस सदन की बात नहीं सुनना चाहते. पीएम ने संसद के बाहर मणिपुर पर एक संवेदनशील बयान दिया लेकिन उन्होंने (विपक्ष) जोर देकर कहा कि पीएम सदन में बयान दें.ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कहा कि वे (विपक्ष) बोलने को तैयार हैं, लेकिन सुनने को तैयार नहीं हैं. वे देश के लोगों या इस सदन की बात नहीं सुनना चाहते. पीएम ने संसद के बाहर मणिपुर पर एक संवेदनशील बयान दिया लेकिन उन्होंने (विपक्ष) जोर देकर कहा कि पीएम सदन में बयान दें

  • Adhir Ranjan Chowdhury Speech: क्यों सचिवालय ने काटा अधीर रंजन का भाषण

    Adhir Ranjan Chowdhury Speech: बीते तीन दिनों में संसद में काफी हंगामा देखने को मिला। विपक्ष द्वारा लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर कई नेताओं ने अपनी बात रखी। अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा प्रधानमंत्री मोदी के भाषण के साथ समाप्त हुई। सोशल मीडिया पर राहुल गांधी, अमित शाह, स्मृति ईरानी समेत कई नेताओं के भाषण सुर्ख़ियों में बने रहे। जब बीते दिन कांग्रेस नेता अधीर रंजन ने सत्तापक्ष पर हमला बोला तो हंगामा मच गया। अधीर रंजन को एक दिन के लिए सदन से सस्पेंड किया गया। वही अब खबर मिल रही है कि विपक्ष इसे लेकर हंगामे की तैयारी में है। दावा यह भी किया जा रहा है की अधीर रंजन के भाषण से कई चीजों को सचिवालय द्वारा हटा दिया गया है। जिससे विपक्ष नाराज है। 

    जानें अधीर रंजन के भाषण की सबसे विवादित बातें –

    अधीर रंजन ने सदन में जोरदार भाषण दिया और बीजेपी सरकार की नीतियों से लेकर पीएम मोदी पर कटाक्ष किया। अधीर रंजन के भाषण की सबसे विवादित बात जो सत्तापक्ष को कांटे की तरह चुभ गई वह थी अंधे राजा वाली बात। सचिवालय ने अधीर रंजन के भाषण से सभी विवादित बातों को काटा है जिसमें मुख्य रूप से मोदी की तुलना नीरव मोदी से और अंधे राजा वाला बयान शामिल है। 

    सोनिया ने क्यों बुलाई बैठक –

    कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी ने सुबह करीब 10:30 बजे ये बैठक बुलाई है। बैठक में विपक्ष के कई बड़े नेता शामिल हो सकते हैं। सूत्रों का दावा है कि बैठक में विपक्ष सरकार के खिलाफ रणनीति बनाएगा और आगामी चुनाव के परिपेक्ष्य में भी चर्चा करेगा। इसके अलावा विपक्ष आज अधीर रंजन के निलंबन की संदर्भ में प्रदर्शन करने की तैयारी भी कर सकता है। 

     

  • Gyanvapi Survey: ‘कहीं दोबारा बाबरी न हो जाए’

    Asaduddin Owaisi On Gyanvapi: ऑल इंडिया मजलिए-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) नेता और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने ज्ञानवापी सर्वे को लेकर कहा है कि उन्हें आशंका है कि कहीं दूसरा बाबरी न हो जाए. ओवैसी ने कहा, एएसआई की रिपोर्ट आने के बाद बीजेपी-आरएसएस नैरेटिव सेट करेंगे. साथ ही उन्होंने जयपुर-मुंबई एक्सप्रेस में गोलीकांड को लेकर कांग्रेस पर कटाक्ष किया और कहा कि मोहब्बत की दुकान है तो चलाओ न.

    ओवैसी ने कहा, 23 दिसम्बर, 1949 को जब बाबरी मस्जिद में मूर्तियां रखी गईं, तो नमाज बंद हो गई. हम मस्जिद से महरूम हो गए. 6 दिसम्बर, 1992 को शिलान्यास की अनुमति दी गई और मस्जिद चली गई. हमें डर है कि एएसआई की रिपोर्ट के आने के बाद दूसरा (बाबरी मस्जिद) न हो जाए. 

    ओवैसी ने पूछा- सर्वे के बाद क्या होगा?

    उन्होंने सवाल किया कि सर्वे के बाद मस्जिद का रिलीजियस करेक्टर रहेगा या चेंज होगा? क्या नमाज़ बंद होगी? उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ के बयान पर ओवैसी ने कहा, तकलीफ है कि मुख्यमंत्री आदेश आने के पहले ही तरफदारी कर रहे हैं. 

    नूंह हिंसा पर बोले- मुसलमानों का घर तोड़ा गया

    ओवैसी ने नूंह हिंसा को लेकर बयान दिया और हरियाणा की बीजेपी सरकार पर निशाना साधा. नूंह हिंसा में शामिल आरोपियों के घरों पर बुलडोजर चलाने पर ओवैसी ने कहा, वहां पूरे के पूरे मुसलमानों के घर तोड़े गए. जिसने मस्जिद जलाई, इमाम का कत्ल किया, उसका घर भी तोड़ो. हैदराबाद सांसद ने कहा, बुलडोजर से इंसाफ करेंगे तो फिर कोर्ट क्या करेगा. इनका सपोर्ट संलिप्तता साफ जाहिर होती है.

    जयपुर-मुंबई ट्रेन गोलीकांड पर कांग्रेस पर कटाक्ष

    जयपुर से मुंबई जा रही ट्रेन में हुए गोलीकांड पर ओवैसी ने कांग्रेस की गहलोत सरकार पर निशाना साधा. ओवैसी ने कहा, कांग्रेस वाले कहते हैं कि मोहब्बत की दुकान है तो चलाओ न. उन्होंने कहा, ‘आप’ (दिल्ली), केसीआर (तेलंगाना) ने दिया है, तो नीतीश कुमार और अशोक गहलोत मुआवजा क्यों नहीं देते हैं.

  • Assam Rifles: असम राइफल्स को न हटाएं’, मणिपुर के कुकी विधायकों

    Manipur Violence News: मणिपुर में 3 महीने से ज्यादा समय से जारी जातीय हिंसा के बीच देश का सबसे पुराना अर्द्धसैनिक बल असम राइफल्स (Assam Rifles) पर विवाद शुरू हो गया है. विरोध ऐसा है कि राज्य के दो प्रमुख समुदाय मैतेई और कुकी एक दूसरे के सामने हैं. दोनों समुदाय के विधायकों ने असम राइफल्स को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखा है. मैतेई और कुकी विधायकों ने ये पत्र अलग-अलग लिखा है और दोनों की मांग भी अलग-अलग है.

    जातीय हिंसा से ग्रस्त मणिपुर में सेना और दूसरे केंद्रीय बलों के साथ असम राइफल्स की तैनाती की गई है. राज्य में 3 मई को आदिवासी समुदाय की रैली के बाद जातीय हिंसा भड़क गई थी. ये रैली राज्य में बहुसंख्यक मैतेई समुदाय को अनुसूचित जनजाति का दर्जा दिए जाने के हाई कोर्ट के आदेश के बाद निकाली गई थी. 

    मैतेई विधायकों ने लिखा था पीएम को पत्र

    प्रधानमंत्री को लिखे पत्र में 40 विधायकों (अधिकांश मैतेई) ने जातीय हिंसा के दौरान तैनात असम राइफल्स को राज्य से हटाने की मांग की. 40 विधायकों के पत्र में कहा गया है कि असम राइफल्स को उनकी वर्तमान तैनाती वाली जगहों से हटाया जाए और उनकी जगह राज्य में सुरक्षा और स्थिरता बहाल करने के लिए राज्य सुरक्षा बलों के साथ विश्वसनीय केंद्रीय बलों की तैनाती की जाए.

    कुकी विधायकों ने की न हटाने की मांग

    अब 10 कुकी विधायकों ने भी प्रधानमंत्री मोदी को पत्र लिखा है और केंद्र सरकार से असम राइफल्स को न हटाने की अपील की है. कुकी विधायकों ने कहा है कि ऐसा होने से राज्य में आदिवासी समुदाय की सुरक्षा खतरे में पड़ जाएगी.

    समाचार एजेंसी पीटीआई के मुताबिक, कुकी विधायकों ने पत्र में कहा कि असम राइफल्स के कर्मी दो युद्धरत समुदायों के बीच बफर जोन बनाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं. प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन में विधायकों ने कहा कि भारत का सबसे पुराना अर्धसैनिक बल असम राइफल्स अपनी स्थापना के बाद से ही देश की आंतरिक और बाहरी रक्षा में योगदान कर रहा है.

    पीएम मोदी से हस्तक्षेप की अपील

    आदिवासी विधायकों ने कहा कि अब तक, असम राइफल्स मणिपुर में स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बीएसएफ, आईटीबीपी, आरएएफ, सीआरपीएफ आदि जैसे अन्य केंद्रीय बलों के साथ संयुक्त रूप से कड़ी मेहनत कर रही है. उन्होंने कहा, “हम, मणिपुर के 10 आदिवासी विधायक विनम्रतापूर्वक आपका ध्यान आकर्षित करना चाहते हैं और आपके आशीर्वाद व तत्काल हस्तक्षेप का अनुरोध करते हैं.

  • Wrestlers Press Conference: बृजभूषण सिंह के खिलाफ फिर खुलेगा मोर्चा

    Vinesh Phogat-Bajrang Punia PC: पहलवान विनेश फोगाट, बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक गुरुवार (10 अगस्त) को प्रेंस कॉन्फ्रेंस करेंगे. विनेश फोगाट ने ट्वीट कर कहा कि 10 अगस्त को वह राजघाट पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले हैं. यह प्रेस कॉन्फ्रेंस ऐसे समय पर होने जा रही है, जब कुश्ती महासंघ का चुनाव होने वाला है, भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के सांसद बृजभूषण शरण सिंह के खिलाफ दाखिल चार्जशीट पर सुनवाई चल रही है और एशियाई खेलों के लिए कुछ पहलवानों को मिली छूट का मुद्दा गर्माया हुआ है.

    विनेश फोगाट ने ट्विटर पर पोस्ट कर लिखा, ‘हम कल 12.30 बजे दिल्ली के राजघाट में प्रेस कांफ्रेंस करने वाले हैं.’  उनके साथ बजरंग पुनिया और साक्षी मलिक ने भी ट्वीट करके इसका ऐलान किया है. पिछले महीने विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को एशियन गेम्स में प्रवेश के लिए एड हॉक कमेटी की ओर से छूट दी गई, जिसका कई पहलवानों ने विरोध किया.

    विनेश और पुनिया ने फेसबुक लाइव कर आरोपों का दिया जवाब
    23 सितंबर से चीन के हेंगजो में एशियन गेम्स शुरू होने वाले हैं. रेसलर अंतिम पंघल ने विनेश फोगाट और बजरंग पुनिया को ट्रायल्स में छूट को लेकर आपत्ति जताई थी, जिसके बाद दोनों पहलवानों ने फेसबुक लाइव पर आकर आरोपों का जवाब दिया. विनेश फोगाट ने कहा कि वह ट्रायल्स के खिलाफ नहीं हैं और न ही वह अंतिम को ब्लेम कर रही हैं. उन्होंने कहा कि अंतिम पंघल अभी यह बात समझने के लिए बहुत छोटी हैं, लेकिन वह अपनी जगह ठीक हैं. विनेश ने कहा कि अंतिम अपने हक के लिए लड़ रही हैं, लेकिन गलत हम भी नहीं हैं.

    रेसलर अंतिम पंघल ने उठाए थे ट्रायल्स में छूट पर सवाल
    इंडियन ओलंपिक एसोसिएशन (आईओए) की एड हॉक कमेटी ने विनेश और बजरंग पुनिया को ट्रायल्स में छूट देते हुए सीधे एशियन गेम्स 2023 में प्रवेश की अनुमति दे दी थी. इस पर अंतिम पंघल ने एक वीडियो के जरिए सवाल उठाए और कोर्ट भी पहुंचीं. हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने रेसलर अंतिम और सुजीत कलकाल की याचिका खारिज कर दी.

  • Nuh Violence: नूंह हिंसा के बाद हरियाणा सरकार ने बुलडोजर से गिराईं 1200 से ज्यादा इमारतें

    Nuh Violence: हरियाणा के नूंह जिले में शोभा यात्रा के दौरान पथराव के बाद भड़की हिंसा के बाद अब पुलिस कार्रवाई जारी है. नूंह के बाद आसपास फैली इस हिंसा में 6 लोगों की मौत हुई थी और 80 से ज्यादा लोग घायल हुए थे. जिसके बाद अब बुलडोजर एक्शन भी तेजी से हो रहा है, कई लोगों के घरों पर खट्टर सरकार ने बुलडोजर की कार्रवाई की है, जिनमें से ज्यादातर मुसलमानों के घर हैं. अब तक 1200 से ज्यादा इमारतों को गिराया जा चुका है, जिनमें घर और दुकानें शामिल हैं. 

    मुसलमानों की ज्यादातर संपत्तियां 
    हिंदुस्तान टाइम्स की ग्राउंड रिपोर्ट में बताया गया है कि नूंह जिले में महज पांच दिनों में ही 1,208 इमारतें और अन्य संरचनाएं ध्वस्त कर दी गईं, जिनमें अधिकांश मुस्लिम मुस्लिम समुदाय की हैं. कई रिपोर्टर जब मौके पर पहुंचे और पूछताछ की तो पाया गया कि गिराई गई ज्यादातर संपत्तियां मुसलमानों की हैं. इसके अलावा 7 अगस्त को पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट ने भी इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए हरियाणा सरकार से पूछा कि क्या सरकार बुलडोजर कार्रवाई की एकतरफा प्रकृति को देखते हुए “जातीय सफाई” में शामिल है. इसके बाद इस कार्रवाई पर रोक लगा दी गई. 

    रिपोर्ट में बताया गया है कि ध्वस्त की गई संपत्तियां नूंह, नलहर, पुन्हाना, तौरू, नांगल मुबारकपुर, शाहपुर, अगोन, अदबर चौक, नलहर रोड, तिरंगा चौक और नगीना के शहरों और गांवों में थीं. जहां बड़ी संख्या में इमारतों को गिराया गया. स्थानीय लोगों का आरोप है कि कई इमारतें अवैध नहीं थीं, उसके बावजूद उन्हें गिरा दिया गया. 

    अधिकारियों की बैठक के बाद लिया फैसला
    एचटी की रिपोर्ट में हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर के ओएसडी जवाहर यादव से बातचीत की गई है. जिसमें उन्होंने बताया है कि तमाम अलग-अलग विभागों के अधिकारी उन इमारतों की पहचान करने में शामिल थे, जिन्हें ध्वस्त करने की जरूरत थी. इसे लेकर 1 अगस्त को एक बैठक आयोजित की गई और हर अधिकारी ने अपने क्षेत्रों के रिकॉर्ड को स्कैन किया. इसके बाद हिंसा में शामिल संदिग्धों के बयानों के आधार पर अभियान चलाया गया.

    हरियाणा सरकार के मुताबिक गिराए गए घर उन सभी लोगों के थे जिन्हें या तो गिरफ्तार कर लिया गया था या उनकी पहचान कर ली गई थी कि वो अवैध तौर पर बने हुए हैं. उन्होंने बताया कि इस कार्रवाई से पहले कानूनी राय भी ली गई थी. परिवारों को नोटिस देने के सवाल पर ओएसडी ने बताया कि 30 जून को एक नोटिस दिया गया था, यानी 1 अगस्त को होने वाली बैठक से पहले ही ये हो गया था. 

    मुस्लिमों ने लगाए आरोप
    हालांकि जिन लोगों की संपत्तियां गिराई गई हं, उनका कहना है कि प्रशासन की तरफ से कोई नोटिस या सूचना तक नहीं दी गई. सीधे बुलडोजर उनके घरों और दुकानों तक पहुंचा और उन्हें गिरा दिया. रिपोर्ट में खेरली कंकर गांव के लियाकत अली का जिक्र किया गया है, जो एक टाइल्स शोरूम के मालिक हैं. उन्होंने बताया कि उनके शोरूम को ध्वस्त करने से कुछ मिनट पहले एक नोटिस पोस्ट किया गया था. उन्होंने बताया कि संपत्ति का पंजीकरण कराया था और पिछले छह साल से इसे चला रहे थे. इस दौरान प्रशासन ने कभी कोई नोटिस नहीं भेजा. 

    इसी तरह नूंह जिले के कई गांव और कस्बों में रहने वाले मुसलमानों का भी यही कहना है, उनका आरोप है कि वैध होने के बावजूद उनके घरों और दुकानों को तोड़ दिया गया. रिपोर्ट में जो जानकारी दी गई है, उसके मुताबिक पूरे हरियाणा में सबसे ज्यादा कार्रवाई मुस्लिम समुदाय के लोगों की संपत्तियों पर की गई है. जिसे लेकर अधिकारियों और सरकार के अपने-अपने तर्क हैं. 

  • Flying Kiss Row: उन्होंने दिखाया अपना कैरेक्टर, वो संसद में रहने के लायक नहीं

    Anil Antony on Flying Kiss Controversy: फ्लाइंग किस विवाद को लेकर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) कांग्रेस सांसद राहुल गांधी पर लगातार हमलावर है. बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अनिल एंटनी ने गुरुवार (10 अगस्त) को कहा कि राहुल गांधी को सबसे पहले तो अपने व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए और उन्होंने एक बार फिर संसद में अपना असली चरित्र दिखा दिया.

    लोकसभा की सदस्यता बहाल होने के बाद बुधवार को राहुल गांधी ने पहला भाषण दिया. अविश्वास प्रस्ताव पर दूसरे दिन की चर्चा के दौरान वह केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकर बरसे. तो केंद्रीयत्र मंत्री स्मृति ईरानी ने भी उनके हमलों पर पलटवार किया और गंभीर आरोप लगाया कि सदन से जाते समय राहुल ने संसद में फ्लाइंग किस का इशारा किया. इसके बाद बीजेपी की कई महिला सांसदों ने राहुल गांधी के खिलाफ शिकायत भी दर्ज की.

    क्या बोले बीजेपी नेता
    इस मुद्दे पर अब बीजेपी के राष्ट्रीय सचिव अनिल एंटनी ने कहा, ‘राहुल गांधी अपनी हरकतों से हर दिन बार-बार देश की जनता को दिखा रहे हैं कि किसी भी तरीके से वह संसद में रहने के योग्य नहीं हैं. कल संसद में उन्होंने एक बार फिर संसद में अपना असली चरित्र दिखा दिया. सबसे पहले तो उन्हें अपने व्यवहार के लिए माफी मांगनी चाहिए.’

    क्या बोलीं स्मृति ईरानी ?
    बुधवार को लोकसभा में अविश्वास प्रस्ताव पर राहुल गांधी के भाषण के बाद स्मृति ईरानी बोलने के लिए खड़ी हुईं तो उन्होंने आरोप लगाया कि संसद से जाते समय राहुल ने फ्लाइंग किस का इशारा किया, जहां महिलाएं भी बैठी हैं. स्मृति ईरानी ने कहा, ‘ऐसा व्यवहार सिर्फ एक स्त्री द्वेषी (Misogynist Man) व्यक्ति ही कर सकता है. ऐसा गरिमा विहीन आचरण इस देश के सदन में कभी नहीं देखा गया. ये उस खानदान के लक्षण हैं इसको सदन और पूरे देश ने देखा है.

  • Nuh Violence: गुरुग्राम में हिंसा फैलाने वाले आरोपियों की कब होगी गिरफ्तारी?

    Nuh Communal Violence: राजधानी दिल्ली से सटे गुरुग्राम में हिंसा फैलाने वाले आरोपियों की गिरफ्तारी पर गुरुग्राम पुलिस ने गुरुवार (10 अगस्त) को प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस कॉन्फ्रेंस में पुलिस ने बताया कि हिंसा के दिन से अब तक कहीं भी सांप्रदायिक तनाव जैसी स्थिति रिपोर्ट नहीं की गई है. हिंसा में शामिल आरोपियों को हालात बेहतर होते ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा.

    बीते दिनों नूह में एक समुदाय ने शिव मंदिर की शोभा यात्रा पर हमला कर दिया था जिसके बाद हरियाणा और आस-पास के जिलों में हिंसा फैल गई थी. ये हिंसा नूह की सीमा पार कर गुरुग्राम में भी हुई जहां के सेक्टर 57 में एक मस्जिद पर भीड़ ने हमला कर दिया. उसके बाद गुरुग्राम के तिगरा गांव हुई एक रैली में कथित तौर पर मुस्लिमों के आर्थिक बहिष्कार की अपील की गई थी.

    पुलिस ने शांति के लिए क्या कदम उठाए?
    इसी बीच हरियाणा पुलिस ने दावा किया है कि वह शांति स्थापित करने के लिए कई कदम उठा चुकी है. गुरुग्राम पुलिस कमिश्नर कला रामचंद्रन ने कहा, ‘हमने कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स को ब्लॉक किया है और कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स को सस्पेंड भी किया है. उन्होंने कहा कि भड़काऊ कंटेट पोस्ट करने के लिए कुछ लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है.’ 

    पुलिस कमिश्नर ने मीडिया को बताया, ‘नूह में हिंसा फैलाने के आरोप में अब तक 37 एफआईआर दर्ज की गई हैं और 79 लोगों को गिरफ्तार किया गया है. इसके अलावा गुरुग्राम में पुलिस ने 95 लोगों को हिरासत में लिया है जिनमें से 80 को जमानत पर रिहा कर दिया गया है. पुलिस ने कहा है वह इलाके में सांप्रदायिक तनाव की स्थिति को कम करने के लिए सभी कदम उठा रही है. 

    जिन जिलों में एहतियातन इंटरनेट बैन लगाया गया था उन इलाकों में स्थानीय प्रशासन के इनपुट के आधार पर इंटरनेट बैन हटाया जा सकता है. इसका फैसला शुक्रवार (11 अगस्त) को हो जाएगा. वहीं, इन इलाकों में हिंसा के बाद से बंद चल रहे स्कूलों को भी खोलने को लेकर फैसला हो सकता है. 

  • Imran Khan Arrested: कांग्रेस सांसद ने राहुल गांधी से जोड़ी इमरान खान की गिरफ्तारी

    Imran Khan Convicted: कांग्रेस सांसद कार्ति पी चिदंबरम ने शनिवार (5 अगस्त) को पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान की गिरफ्तारी पर प्रतिक्रिया दी. इमरान खान को तोशाखाना मामले में दोषी पाया गया है और तीन साल जेल की सजा सुनाई गई है.  कार्ति पी चिदंबरम ने ट्वीट कर कहा, “प्रमुख विपक्षी नेता को चुनाव लड़ने से रोकने के लिए पाकिस्तान भारत मॉडल को फॉलो कर रहा है.” कांग्रेस सांसद की प्रतिक्रिया इमरान की गिरफ्तार के कुछ मिनट बाद ही आई. इमरान को लाहौर में उनके जमान पार्क घर से गिरफ्तार किया गया. 

    3 साल की जेल और 1 लाख का जुर्माना

    तोशाखाना मामले में इमरान खान को 3 साल जेल की सजा सुनाई गई है. कोर्ट उनपर पर एक लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है. जुर्माना नहीं देने पर उन्हें छह महीने और जेल में सजा काटनी पड़ेगी. सजा सुनाते हुए कोर्ट ने साथ ही कहा कि इमरान खान ने जानबूझकर फर्जी जानकारी दी. 

    क्या है तोशाखाना मामला?

    “तोशाखाना” वह जगह है जहां विदेशी गणमान्य व्यक्तियों की तरफ से सरकारी अधिकारियों को दिए गए उपहार संग्रहीत किए जाते हैं. यह विभाग पाकिस्तान के कैबिनेट डिवीजन की प्रशासनिक देखरेख में संचालित होता है. 

    अगस्त 2018 से अप्रैल 2022 तक पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के रूप में कार्यरत इमरान खान पर अपने कार्यकाल के दौरान तोशाखाना से अपने पास रखे गए उपहारों की जानकारी जानबूझकर छिपाने का आरोप लगाया गया था. ये उपहार, जिनमें एक ग्रेफ कलाई घड़ी, एक अंगूठी और एक रोलेक्स घड़ी शामिल थी. 

    इमरान के खिलाफ कब दायर हुआ था केस?

    पाकिस्तान डेमोक्रेटिक मूवमेंट के सदस्यों की तरफ से अगस्त 2022 में खान के खिलाफ तोशाखाना से जुड़ा मामला दायर किया गया था. पाकिस्तान चुनाव आयोग (ECP) ने मामले की जांच शुरू की और 21 अक्टूबर, 2022 को खान को बेईमान व्यवहार, मनगढ़ंत जानकारी और गलत घोषणाओं के कारण पांच साल के लिए सार्वजनिक पद संभालने से अयोग्य घोषित कर दिया गया था.