Category: national

  • Nuh Communal Clash: एक देश में दो मणिपुर नहीं रह सकते

    Haryana Violence: हरियाणा के नूंह जिले में हिंसा के बाद क्षेत्र में तनाव फैला हुआ है. इलाके में भारी मात्रा में पुलिस फोर्स के साथ ही अर्द्धसैनिक बलों की तैनाती की गई है. इंटरनेट बंद करके कर्फ्यू लगा दिया है. वहीं, हिंसा को लेकर विपक्षी दल बीजेपी सरकार पर हमलावर है. इस बीच कांग्रेस ने पीएम मोदी से तुरंत मामले का संज्ञान लेने की अपील की है, ताकि मणिपुर जैसी स्थिति न बनने पाए.

    कांग्रेस नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने ट्वीट कर कहा, हरियाणा में स्थिति भयावह है. मेवात से फरीदाबाद तक हिंसा फैल गई है. प्रधानमंत्री इस मामले का पूर्ण संज्ञान लें क्योंकि एक ही समय में एक ही देश में दो मणिपुर नहीं रह सकते.

    बीजेपी-जेजेपी सरकार फेल- भूपेंद्र हुड्डा

    पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता, भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने हिंसा को लेकर राज्य की बीजेपी-जेजेपी सरकार पर हमला बोला है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, प्रदेश में कानून व्यवस्था को कायम करने में बीजेपी-जेजेपी पूरी तरह विफल साबित हुई है. नूंह में हुई हिंसा सरकार की विफलता का परिणाम है. सरकार अपनी जिम्मेदारी को समझें और शांति कायम करने के लिए संवेदनशीलता के साथ हरसंभव प्रयास करें. जनता उकसावे व अफवाहों पर पैनी नजर रखें और प्रेम व भाईचारे की स्थापना में एक दूसरे का सहयोग करें. 

    गृह मंत्री बोले- स्थिति नियंत्रण में

    हरियाणा के गृह मत्री अनिल विज ने बताया है कि नूंह में स्थिति नियंत्रण में है, जिले में कर्फ्यू लागू किया गया है. उन्होंने आशंका जताई है कि हिंसा के पीछे योजनाबद्ध रणनीति हो सकती है. विज ने कहा, नूंह में दोनों समुदाय लंबे समय से रह रहे थे. किसी ने वहां जहर बोया है. इतने बड़े पैमाने पर हिंसा बिना प्लान के नहीं हो सकती है. वहां, पत्थर इकठ्ठा करके रखे हुए थे, हथियार और गोलियां मिली हैं. ये सब कुछ अचानक नहीं हो सकता है. ऐसा लगता है कि इसके पीछे इंजीनियरिंग की गई है. कोई मास्टरमाइंड है. हम गहराई से जांच करेंगे और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त एक्शन लेंगे.

  • Raghav Chadha on Delhi Services Bill: ये धर्म और अधर्म की लड़ाई है

    AAP on Delhi Services Bill: अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर से जुड़ा दिल्ली सेवा बिल मंगलवार (1 अगस्त) को लोकसभा में पेश किया जाना है. इस पर आम आदमी पार्टी के राजयसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर बीजेपी पर लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने का आरोप लगाया. राघव चड्ढा ने कहा कि अगर ये बिल पास हो गया तो फिर दिल्ली में बिजली और पानी का बिल जीरो आएगा या नहीं ये बीजेपी के LG तय करेंगे.

    राघव चड्ढा ने कहा कि इससे ज्यादा असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कागज एक बिल के रूप में शायद ही पहले कभी संसद भवन में पेश किया गया होगा. उन्होंने कहा कि एक चुनी हुई सरकार की शक्तियां चंद बाबू के हाथों में सौंपी जा रही है.

    राघव चड्ढा बोले- सरकार की नहीं, 2 करोड़ लोगों की शक्तियां छीन रही बीजेपी

    राघव चड्ढा ने आगे कहा, “लोग वोट देकर अपनी सरकार चुनते हैं ताकि सरकार उनके लिए काम कर सके, लेकिन जब उस सरकार की शक्तियां ही छीन ली जाएंगी तो फिर काम कैसे होगा यानी ये लोग(बीजेपी) सरकार की नहीं बल्कि दिल्ली के 2 करोड़ लोगों की शक्तियां छीन रहे हैं.” राघव चड्ढा ने कहा कि इसका मतलब यह है कि अब वह सारी शक्तियां एलजी के पास चली जाएंगी यानी आपका बिजली और पानी का बिल जीरो आएगा या नहीं ये सब एलजी तय करेंगे.

    संदीप दीक्षित के बयान पर दिया ये जवाब
    वहीं, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा कि इस बिल को पास होने से नहीं रोकना चाहिए क्योंकि इसमें कुछ गलत नज़र नहीं आता. इस पर राघव चड्ढा ने कहा कि भले ही कुछ नेताओं ने भावनाओं में आकर ये बयान दिया होगा, लेकिन मुझे लगता है कि पूरा विपक्षी गठबंधन INDIA एक साथ है. लोकतंत्र के साथ है और इस बिल को हराने के लिए सब साथ आएंगे. राघव ने कहा कि बीजेपी के अंदर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चाहते हैं कि संविधान बना रहे, लोकतंत्र बना रहे हैं वह भी हमारा साथ देंगे.

    राघव चड्ढा ने कहा- ये धर्म और अधर्म की लड़ाई
    जब राघव चड्ढा से ये पूछा गया कि बिना नंबर के इस बिल को कैसे सदन में रोक पायएंगे? इस पर राघव ने जवाब देते हुए कहा, “राज्यसभा में सत्ता पक्ष के पास आंकड़े नहीं हैं इसलिए राज्यसभा में क्या होगा? ऊंट किस करवट बैठेगा? ये तब ही पता चलेगा जब राज्य सभा में यह बिल पेश किया जाएगा. ये धर्म और अधर्म की लड़ाई है. जिसमें धर्म ही जीतेगा.”

  • Raghav Chadha on Delhi Services Bill: ये धर्म और अधर्म की लड़ाई है

    AAP on Delhi Services Bill: अधिकारियों की पोस्टिंग और ट्रांसफर से जुड़ा दिल्ली सेवा बिल मंगलवार (1 अगस्त) को लोकसभा में पेश किया जाना है. इस पर आम आदमी पार्टी के राजयसभा सांसद राघव चड्ढा ने एक बार फिर बीजेपी पर लोकतंत्र और संविधान की हत्या करने का आरोप लगाया. राघव चड्ढा ने कहा कि अगर ये बिल पास हो गया तो फिर दिल्ली में बिजली और पानी का बिल जीरो आएगा या नहीं ये बीजेपी के LG तय करेंगे.

    राघव चड्ढा ने कहा कि इससे ज्यादा असंवैधानिक और अलोकतांत्रिक कागज एक बिल के रूप में शायद ही पहले कभी संसद भवन में पेश किया गया होगा. उन्होंने कहा कि एक चुनी हुई सरकार की शक्तियां चंद बाबू के हाथों में सौंपी जा रही है.

    राघव चड्ढा बोले- सरकार की नहीं, 2 करोड़ लोगों की शक्तियां छीन रही बीजेपी

    राघव चड्ढा ने आगे कहा, “लोग वोट देकर अपनी सरकार चुनते हैं ताकि सरकार उनके लिए काम कर सके, लेकिन जब उस सरकार की शक्तियां ही छीन ली जाएंगी तो फिर काम कैसे होगा यानी ये लोग(बीजेपी) सरकार की नहीं बल्कि दिल्ली के 2 करोड़ लोगों की शक्तियां छीन रहे हैं.” राघव चड्ढा ने कहा कि इसका मतलब यह है कि अब वह सारी शक्तियां एलजी के पास चली जाएंगी यानी आपका बिजली और पानी का बिल जीरो आएगा या नहीं ये सब एलजी तय करेंगे.

    संदीप दीक्षित के बयान पर दिया ये जवाब
    वहीं, कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा कि इस बिल को पास होने से नहीं रोकना चाहिए क्योंकि इसमें कुछ गलत नज़र नहीं आता. इस पर राघव चड्ढा ने कहा कि भले ही कुछ नेताओं ने भावनाओं में आकर ये बयान दिया होगा, लेकिन मुझे लगता है कि पूरा विपक्षी गठबंधन INDIA एक साथ है. लोकतंत्र के साथ है और इस बिल को हराने के लिए सब साथ आएंगे. राघव ने कहा कि बीजेपी के अंदर कुछ लोग ऐसे भी हैं जो चाहते हैं कि संविधान बना रहे, लोकतंत्र बना रहे हैं वह भी हमारा साथ देंगे.

    राघव चड्ढा ने कहा- ये धर्म और अधर्म की लड़ाई
    जब राघव चड्ढा से ये पूछा गया कि बिना नंबर के इस बिल को कैसे सदन में रोक पायएंगे? इस पर राघव ने जवाब देते हुए कहा, “राज्यसभा में सत्ता पक्ष के पास आंकड़े नहीं हैं इसलिए राज्यसभा में क्या होगा? ऊंट किस करवट बैठेगा? ये तब ही पता चलेगा जब राज्य सभा में यह बिल पेश किया जाएगा. ये धर्म और अधर्म की लड़ाई है. जिसमें धर्म ही जीतेगा.”

  • India’s Missing Women : देशभर में तीन वर्षों में 13 लाख से अधिक लड़कियां और महिलाएं लापता

    पिछले सप्ताह संसद में पेश किए गए केंद्रीय गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, देशभर में तीन वर्ष (2019 से 2021) में 13.13 लाख से अधिक लड़कियां और महिलाएं लापता हुईं। जिनकी उम्र 18 साल से अधिक उम्र की 10,61,648 महिलाएं व उससे कम उम्र की 2,51,430 लड़कियां लापता हुईं। इनमें से ज्यादातर मध्य प्रदेश से थीं। वहीं इस मामले में पश्चिम बंगाल दूसरे स्थान पर है।

    राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो के द्वारा संसद में उपलब्ध कराये गये डेटा के अनुसार मध्य प्रदेश में 2019 और 2021 के बीच 1,60,180 महिलाएं और 38,234 लड़कियां लापता हो गईं। पश्चिम बंगाल से कुल 1,56,905 महिलाएं और 36,606 लड़कियां लापता हो गईं। वहीं महाराष्ट्र में 1,78,400 महिलाएं और 13,033 लड़कियां लापता हो गईं। केंद्र शासित प्रदेशों में दिल्ली में लड़कियों और महिलाओं के लापता होने की संख्या सबसे अधिक रही।

     

  • Haryana Riots : हिंसा से कुछ नहीं मिलेगा सिर्फ देश का नुकसान होगा, भाईचार बनाए रखें

    Haryana Riots, Nuh Hinsa Reason, CM Khattar : नूह में जलाभिषेक के दौरान हिंसा भड़क उठी। हर तरफ तबाही का मंजर छा गया। आग, पत्थर, तलवारें और गोलियों ने लोगों का सीना डर से चीर दिया। हिंसा की आग ऐसी जली कि अब उसमें पूरा हरियाणा झुलस रहा है। नूह में तनाव की स्थिति बनी हुई है। नूह समेत हरियाणा के आसपास के कई इलाकों में 5 अगस्त तक इंटरनेट सेवा निलंबित करदी गई है। सीएम खट्टर ने हिंसा को साजिश करार दिया है और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है। 

    जलते हरियाणा को देख पूरे भारत का ह्रदय कांप रहा है। वही कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने लोगों से भाईचार बनाए रखने की अपील करते हुए कहा- हिंसा से कुछ हासिल नहीं होगा। इससे देश का नुकसान होगा, यह कैसी देशभक्ति है। देश क्रोध और नफरत की तरफ नहीं बढ़ सकता। देश के लिए शांति आवश्यक है सभी भारतीय भाइयों से अपील है शांति बनाए रखें हिंसा से कुछ हासिल नहीं होगा इससे सिर्फ देश का नुकसान है। 

    हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर ने हरियाणा हिंसा को सोची समझी साजिश बताया है। हिंसा के परिपेक्ष्य में जाँच चल रही है। जो भी नुकसान हुआ है उसकी भरपाई उपद्रवियों से की जाएगी। हिंसा में अबतक 6 लोगों की मौत हुई है। नूह हिंसा ने पूरे देश का माहौल बिगाड़ दिया है। हर तरफ नफरत की आग जल रही है किसी को यह नहीं मालूम की आगे उनके साथ क्या होगा और हिंसा उन्हें किस प्रकार खाख कर देगी। 

  • Sharad Pawar Remarks: पीएम मोदी के साथ नजर आए शरद पवार का तंज

    Lokmanya Tilak National Award Ceremony: एनसीपी प्रमुख शरद पवार ने मंगलवार (1 अगस्त) को महाराष्ट्र के पुणे में आयोजित किए गए लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मंच साझा किया. यह समारोह भारतीय राष्ट्रवादी, महान समाज सुधारक और स्वतंत्रता सेनानी बाल गंगाधर तिलक की 103वीं पुण्यतिथि के मौके आयोजित किया गया.

    इंडिया टुडे के खबर के मुताबिक, समारोह में अपने भाषण के दौरान एनसीपी प्रमुख ने परोक्ष रूप से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर तंज कसा. उन्होंने कहा कि ‘शिवाजी महाराज ने कभी किसी की जमीन नहीं छीनी.’

    पवार के बयान को पिछले साल शिवसेना में हुए विभाजन की तरफ इशारा करने से जोड़कर देखा जा रहा है क्योंकि उसकी वजह से महाविकास अघाड़ी सरकार गिर गई थी. विपक्षी दल आरोप लगाते आए हैं कि बीजेपी ने शिवसेना में विभाजन कराया था.

    एक-दूसरे हाथ मिलाते हुए नजर आए पीएम मोदी और शरद पवार

    हालांकि, समारोह के दौरान दोनों दिग्गजों ने हाथ मिलाया और एक दूसरे के शब्दों को साझा करते हुए और खुश नजर आए. इस समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार से सम्मानित किया गया. 1983 से तिलक स्मारक मंदिर ट्रस्ट की ओर से हर वर्ष दिए यह पुरस्कार दिया जाता है.

    एनसीपी में टूट के बाद से शरद पवार की पीएम मोदी से पहली मुलाकात

    बता दें कि पिछले दिनों में एनसीपी में भतीजे अजित पवार की बगावत के बाद भी शरद पवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर जमकार निशाना साधा था. अजित पवार की बगावत के बाद शरद पवार की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ यह पहली मुलाकात थी. अजित पवार शिवसेना और बीजेपी गठबंधन वाली महाराष्ट्र सरकार को समर्थन देकर उसका हिस्सा बन गए. बाद में  उन्हें डिप्टी सीएम बनाया गया.

  • Palghar Train Firing Update: जयपुर-एक्सप्रेस में हुई ताबड़तोड़ फायरिंग, चार की मौत

    Palghar Train Firing Update: जयपुर-एक्सप्रेस में ताबड़तोड़  फायरिंग से चार लोगों की मौके पर मौत हो गई है। मरने वाले लोगों में एक ASI और 3 यात्री शामिल हैं। ट्रेन में फायरिंग की क्या वजह थी यह अभी तक किसी को नहीं पता है। 

     ट्रेन में फायरिंग पालघर और मुंबई के बीच दहिसर में हुई। जिस युवक ने फायरिंग की वह कॉन्स्टेबल है। बताया गया है उसकी मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। उसने चलती ट्रेन में फायरिंग की और दहिसर स्टेशन पर ट्रेन से कूद गया। पुलिस ने  बंदूक के साथ हिरासत में ले लिया है। 

    बता दें जयपुर-मुंबई सेंट्रल सुपरफास्ट एक्सप्रेस ट्रेन नंबर 12956 में सुबह पांच बजे गोलीबारी की घटना हुई। ट्रेन दोपहर 2 बजे जयपुर स्टेशन से रवाना होती है और सुबह 6.55 पर मुंबई सेन्ट्रल पहुँचती है। 

  • Mustard Oil Loot Video : कंटेनर पलटने के बाद सरसों तेल लूटने की मची होड़, लोग बाल्टी भर-भर कर ले गए

    भिंड जिले के मिहोना क्षेत्र में बालाजी धाम के पास सरसों के तेल से भरा एक कंटेनर पलट गया, जिसके बाद सरसों के तेल की लूटपाट मच  गई। कंटेनर से बह रहे सरसों तेल को लूटने के लिए लोगों की होड़ लग गई। लोग जान जोखिम में डालकर कंटेनर से बह रहे सरसों तेल को अपने बर्तनों और डिब्बों में भरने लगे। भीड़ लगातार कंटेनर से निकल रहे सरसों के तेल को बाल्टी और डिब्बे में भर कर ले जाती रही। 

    मौके पर पहुंची पुलिस ने उन्हें ऐसा ना करने की समझाने की कोशिश की, लेकिन इसका कोई फायदा नहीं हुआ। फिर पुलिस के जवानों ने कंटेनर से दूर करने के लिए लोगों को खदेड़ना शुरू किया। कंटेनर में करीब 31,400 लीटर सरसों का तेल था। एक ऑटो को बचाने के चक्कर में चालक ने कंटेनर को खेत की तरफ मोड़ दिया जिससे वह खेत में पलट गया।

     

  • UP High Court: संबंध बनाने के बाद महिलाएं करा रहीं झूठे केस

    Allahabad HC On Rape Cases: इलाहाबाद हाईकोर्ट ने रेप और यौन दुराचार के बढ़ते मामलों की सुनवाई करते हुए हाल ही में काफी तल्ख टिप्पणी की. एक महिला से कथित तौर पर रेप के आरोपी को जमानत देते हुए इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा, इन दिनों कानून के पक्षपाती रवैये के कारण पुरुषों के साथ बहुत अन्याय हो रहा है. 

    अदालत ने कहा कि इन दिनों रेप और यौन दुराचार के मामलों में सही आरोपों का मिलना अपवाद की तरह है. पीठ ने कहा उनके पास सुनवाई के लिए आने वाले ज्यादातर रेप और यौन अपराध से जुड़े केस झूठे होते हैं.

    ‘हालात बिगड़ने पर लगाते है गंभीर आरोप’
    हाईकोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि ज्यादातर मामले इसलिए आते हैं क्योंकि महिलाओं को कानून ने अपर हैंड दे रखा है. वह लंबे समय तक पुरुषों के साथ शारीरिक संबंध में रहती हैं और बाद में संबंध बिगड़ने पर वह ऐसे गंभीर आरोप लगा देती हैं.

    अदालत ने न्यायिक अधिकारियों से इस संबंध में अपील करते हुए कहा कि न्यायिक अधिकारियों को ऐसे मामलों को सुनते हुए मामले की जमीनी हकीकत को ध्यान में रखते हुए फैसला देना चाहिए. अगर वह सिर्फ लगाए गए आरोपों को ही अंतिम सत्य मान रहे हैं तो वह निर्दोष लोगों के साथ काफी अन्याय कर रहे हैं. 

    यूपी हाईकोर्ट ने कहा, यह वह समय आ गया है जब अदालतों को ऐसे मामलों में जमानत देते समय बहुत सावधानी के साथ फैसला करना चाहिए. क्योंकि रेप और यौन दुराचार से जुड़े मामलों में कानून पुरुष आरोपियों के प्रति काफी अन्याय करता है. अदालत ने कहा, इन दिनों उनके खिलाफ ऐसे गंभीर आरोप लगाकर उनको ऐसे मामलों में फंसा देना बेहद सरल हो गया है.

    अदालत ने दे दी आरोपी को जमानत
    इलाहाबाद हाईकोर्ट की सिंगल बेंच ने ये ऑब्जर्वेशन एक आरोपी विवेक कुमार मौर्य को जमानत देते हुए की. मौर्य पर आरोप था कि उसने एक नाबालिग से शादी करने का झूठा वादा करते हुए उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए थे. जिस वजह से उसे यौन उत्पीड़न के आरोपों पर गिरफ्तार किया गया था. 

  • Delhi Service Bill: संसद में केंद्र कर रहा तानाशाही

    Parliament Monsoon Session 2023: देश की लोकसभा में मंगलवार (1 अगस्त) को दिल्ली सर्विस विधेयक पेश किया जाएगा. यह बिल राजधानी दिल्ली में ग्रुप ए के अधिकारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग और डिपॉर्टमेंट एलोकेशन का काम करेगा. आप सांसदों ने जहां इस बिल को असंवैधानिक करार दिया है तो वहीं केंद्रीय संसदीय कार्यमंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हमें भी जनता ने ही चुनकर भेजा है.

    मंगलवार को संसद की कार्यवाही में भाग लेने जाते हुए प्रह्लाद जोशी ने कहा कि हम जो कुछ भी कर रहे हैं वो संविधान की रूपरेखा के अनुरूप ही कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि इस सरकार को और पीएम मोदी को भी देश की जनता ने लोकतांत्रिक तरीके से चुनकर देश की सर्वोच्च सदन में भेजा है. उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल और उनकी टीम को पता होना चाहिए कि हमें भी जनता ने उसी प्रक्रिया से चुना है जिसकी वह बात कर रहे हैं, हम भी चुनी हुई सरकार हैं.

    वहीं आम आदमी पार्टी के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने कहा था कि उनके पास लोकसभा में भले ही बहुमत नहीं हो लेकिन उनके पास राज्यसभा में बहुमत है. उन्होंने कहा कि विपक्षी दलों के साथ हुए गठबंधन के बाद आप राज्यसभा में इस बिल के खिलाफ बहुमत में है. संजय सिंह ने दावा किया कि साथ में अन्य विपक्षी दलों के पास राज्यसभा में पर्याप्त संख्या बल है लिहाजा वह वहां से यह बिल पास नहीं होने देंगे. सिंह ने कहा कि यह बिल असंवैधानिक है क्योंकि इस बिल से दिल्ली के चुने हुए मुख्यमंत्री के अधिकार छीने जा रहे हैं.