Category: national

  • Anurag Thakur On Opposition: गुंडे और अपराधी को ममता का संरक्षण

    Anurag Thakur On Opposition: विपक्षी गठबंधन इंडिया के सांसदों का दल आज शनिवार (29 जुलाई) को मणिपुर जा रहा है, जिस पर बीजेपी नेता और केंद्रीय मंत्री अनुराग ठाकुर ने निशाना साधा है. कोलकाता में अनुराग ठाकुर ने कहा, गठबंधन के सांसदों को बंगाल आना चाहिए. अधीर रंजन को सांसदों के साथ बंगाल की स्थिति भी देखनी चाहिए.

  • Manipur Violence: ‘INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हूं इसलिए…

    Asaduddin Owaisi On Manipur Violence: हिंसा से जूझ रहे मणिपुर के हालात का जायजा लेने जा रहे विपक्षी दलों के गठबंधन को लेकर एआईएमआईएम प्रमुख और हैदराबाद सांसद असदुद्दीन ओवैसी ने शुक्रवार (28 जुलाई) को कहा कि उन्हें बुलाया जाता तो वह जरूर शामिल होते. 

    ओवैसी ने कहा, ”मैं INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हूं, इसलिए ही मुझे वहां बुलाया नहीं गया है. अगर मुझे बुलाया जाता तो जरूर शामिल होता.” बता दें कि 16 विपक्षी दलों के सांसदों का प्रतिनिधिमंडल 29 और 30 जुलाई को मणिपुर में हिंसा प्रभावित राहत शिविरों का दौरा करेगा. नेता पीड़ितों से बात करेंगे और राज्य के हालात का जायजा लेंगे. 

    मणिपुर हिंसा मामले पर ये बोले असदुद्दीन ओवैसी

    मणिपुर हिंसा के मामले पर असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ”मणिपुर की घटना के वीडियो से उन दो महिलाओं की छवि खराब हुई है और यह मणिपुर में बीजेपी की सरकार के रहते बीते 80 दिनों से हो रहा है. मणिपुर की घटना से बीजेपी और मोदी जी से जवाब देते नहीं बन रहा था तो अब पूरे देश की छवि खराब होने के बाद से बीजेपी इस मुद्दे पर संसद में बहस के लिए तैयार हुई है.”

    मणिपुर को लेकर ओवैसी का मोदी सरकार पर निशाना

    न्यूज एजेंसी एएनआई से एआईएमआईएम प्रमुख ओवैसी ने कहा, ”मुद्दा यह है कि मोदी सरकार अपनी छवि को लेकर ज्यादा चिंतित है. यह हिंसा पिछले तीन महीनों से जारी है… यह शर्मनाक है कि उन्हें उन दो महिलाओं और कई अन्य महिलाओं के साथ हुए रेप की कोई चिंता नहीं है. उनके लिए सब कुछ एक साजिश है, लेकिन मणिपुर में हिंसा के बारे में क्या?”

    ओवैसी ने कहा, ”वे जानबूझकर इसे नियंत्रित नहीं कर पा रहे हैं. इसलिए साजिश का एक नया कोण दिया जा रहा है… मुख्यमंत्री को हटाएं, सारी जांच सीबीआई को सौंपी जाए और हथियार लूटने का मामला एनआईए को दिया जाए. तभी न्याय हो सकेगा.”

  • Manipur Violence: सीबीआई ने तेज की मणिपुर हिंसा की जांच

    Manipur Violence: मणिपुर हिंसा को लेकर जारी बवाल के बीच सीबीआई ने मामले की जांच तेज कर दी है. जिसके बाद अब आरोपियों की गिरफ्तारी का सिलसिला भी शुरू हो चुका है. सीबीआई ने इस मामले में कुल 6 एफआईआर दर्ज की थी, जिसके बाद अब तक 10 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है. सीबीआई सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि ये सभी गिरफ्तारियां अलग-अलग समय में हुई हैं. इसके अलावा महिलाओं को निर्वस्त्र घुमाए जाने को लेकर भी सीबीआई एफआईआर दर्ज करने की तैयारी में है. 

    वायरल वीडियो मामले में जांच
    केंद्र सरकार की तरफ से सुप्रीम कोर्ट में बताया गया है कि महिलाओं के वीडियो वाले मामले की जांच सीबीआई को सौंप दी गई है. हालांकि वायरल वीडियो मामले की जांच को सीबीआई ने औपचारिक तौर पर अपने हाथ में नहीं लिया है. इस मामले में मणिपुर पुलिस ने वायरल वीडियो में दिख रहे 8 लोगों को गिरफ्तार किया था. 

    सुप्रीम कोर्ट ने लिया था संज्ञान
    गृह मंत्रालय ने अपने सचिव अजय कुमार भल्ला के जरिए दाखिल हलफनामे में सुप्रीम कोर्ट से इस मामले की सुनवाई मणिपुर से बाहर ट्रांसफर करने की भी अपील की, जिससे मुकदमे की सुनवाई समयबद्ध तरीके से पूरी हो सके. मणिपुर के कांगपोकपी जिले में चार मई को दो महिलाओं को भीड़ के निर्वस्त्र कर उन्हें घुमाए जाने की घटना का पता 19 जुलाई को सामने आए एक वीडियो के जरिए चला. सुप्रीम कोर्ट ने 20 जुलाई को घटना पर संज्ञान लिया था और कहा था कि वह वीडियो से ‘‘बहुत व्यथित’’ है और हिंसा को अंजाम देने के हथियार के रूप में महिलाओं का इस्तेमाल ‘‘किसी भी संवैधानिक लोकतंत्र में पूरी तरह अस्वीकार्य है.’’ 

    चीफ जस्टिस ने दिए थे निर्देश
    चीफ जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़ की अध्यक्षता वाली पीठ ने केंद्र और मणिपुर सरकार को तत्काल  एहतियाती कदम उठाने और उन कदमों की जानकारी उसे देने का निर्देश दिया था. केंद्र ने अपना जवाब देते हुए कहा, ‘‘मणिपुर सरकार ने 26 जुलाई 2023 को लिखी एक चिट्ठी में कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग के सचिव से इस मामले की जांच सीबीआई को सौंपने की सिफारिश की थी जिसे गृह मंत्रालय ने 27 जुलाई को मंजूरी दे दी. सुप्रीम कोर्ट की बेंच मणिपुर में जातीय हिंसा से जुड़ी याचिकाओं पर 28 जुलाई को सुनवाई करने वाली थी, लेकिन बेंच के मौजूद नहीं होने के चलते इसे टाल दिया गया. 

  • Violence In Manipur: इंडिया जा रहा है मणिपुर

    Violence In Manipur: मणिपुर हिंसा को लेकर सत्तापक्ष और  विपक्ष के बीच तना-तनी जारी है। विपक्ष लगातार हिंसा पर पीएम मोदी से जवाब मांग रहा है। वही अब इंडिया यानी ‘इंडियन नेशनल डेवपलपमेंटल इन्क्लूसिव अलायंस के प्रतिनिधिमंडल मणिपुर जा रहे हैं। उन्होंने कहा है पीएम मणिपुर हिंसा को भूल गए हैं लेकिन हमें वह याद है हम पीड़ितों से मिलने जा रहे हैं। 

    सांसद गौरव गोगोई कहते हैं यह आसान नही है। हिंसा प्रभावित जगह पर जाना मुश्किल भरा है। लेकिन हम जा रहे हैं हम राहत कैम्प में जायेगे और वही से हिंसा प्रभावित लोगों से मुलाकात करेगे। हम देखना चाहते हैं सरकार उनके लिए क्या कर रही है। उनकी स्थिति अभी कैसी है उनके ऊपर क्या बीत रही है। जिससे हम सदन में उनके हक की आवाज उठा सकें। 

    कांग्रेस सांसद अधीर रंजन चौधरी कहते हैं- हम मणिपुर जा रहे हैं। वहां की स्थिति गंभीर होती जा रही है सरकार इसे गम्भीरता से नही ले रही है। यह चिंता का विषय है वहां जातिय दंगें बढ़ रहे हैं। दूसरे राज्यों के लोग मणिपुर में जुड़ गए हैं। हम जानते हैं हम मणिपुर में बहुत जगह नही जा पाएंगे। लेकिन हम जनाना चाहते हैं वहां क्या चल रहा है और सरकार हमसे क्या छुपा रही है। 

    जानकारी के लिए बता दें विपक्षी गठबंधन इंडिया के कुल 21 सांसद मणिपुर जा  रहे हैं। जिसमें कांग्रेस के 4 सांसद, JDU के 2 सांसद, TMC के 1 सांसद, DMK के 1 सांसद, RLD का 1 सांसद, शिवसेना( UBT) का 1 सांसद, AAP से 1 सांसद के अलावा दूसरे विपक्षी दलों के 10 और सांसद डेलिगेशन का हिस्सा होंगे। 

  • Monsoon Session: ‘संविधान से इंडिया शब्द को हटा दिया जाए

    Parliament Monsoon Session 2023: उत्तराखंड से बीजेपी के राज्यसभा सांसद नरेश बसंल ने शुक्रवार (28 जुलाई) को एक चौंकाने वाला बयान दिया. उन्होंने राज्यसभा में कहा कि संविधान से इंडिया शब्द को हटा दिया जाए क्योंकि ये गुलामी का प्रतीक है.  

    उन्होंने कहा, ”पीएम नरेंद्र मोदी ने लाल किले से देश के नाम संबोधन में कहा था कि दासता के प्रतीक चिह्नों से देश को मुक्ति दिलाना जरूरी है. पीएम मोदी ने अपने भाषण में आजादी के अमृतकाल के लिए बनाए अपने पांच प्रणों में से एक औपनिवेशिक माइंडसेट से देश को मुक्त कराने का भी जिक्र किया था.”

    बंसल ने आगे कहा, ”विगत नौ सालों में पीएम मोदी ने अनेक कदम उठाए हैं. उन्होंने कई मौके पर औपनिवेशिक विरासत और प्रतीक चिह्नों को हटाने की जगह परंपरागत भारतीय मूल्यों को अपनाने की वकालत की है. अंग्रेजों ने देश का नाम बदलकर इंडिया कर दिया. भारत के स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों के कारण 1947 में देश आजाद हुआ और 1950 में संविधान मिला. इसमें ‘INDIA That Is Bharat’ लिख दिया गया, लेकिन हमारे देश का नाम हजारों साल से भारत रहा. भारत ही लिखा जाए. भारत देश का वास्तविक नाम है. देश का अंग्रेजी नाम इंडिया शब्द गुलामी की निशानी है.” 

    नरेश बसंल ने ये बयान कैसे समय दिया?
    बसंल ने ये बात ऐसे समय पर बोली है जब विपक्षी गठबंधन इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इंक्लूसिव अलायंस (इंडिया) पर लगातार हमला किया जा रहा है. हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘इंडिया’ की तुलना इंडियन मुजाहिदीन से कर दी थी.

    विपक्षी गठबंधनों का ‘इंडिया’ नाम रखे जाने के बाद असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने भी इसे गुलामी का प्रतीक बताया था. इसके जवाब में कांग्रेस सहित अन्य विपक्षी दल कह रहे हैं कि बीजेपी लोकसभा चुनाव हारेगी. 

    नरेश बंसल ने क्या कहा?
    नरेश बंसल ने कहा कि देश को मूल और प्रमाणिक नाम भारत से ही मान्यता दी जानी चाहिए है. ऐसे में आजादी के अमृतकाल में संविधान के अनुच्छेद 1 में संशोधन कर  ‘INDIA That Is Bharat’ हटाकर भारत रखा जाए. 

  • Artificial Intelligence: सावधान AI कर देगा आपको कंगाल

    Artificial Intelligence: तकनीकी ने लोगों की जिंदगी बेहद आसान कर दी है। अब कोई भी काम इतना कठिन नहीं है कि उसे तकनीकी के उपयोग से न किया जा सके। वही अभी हाल ही में सुर्खियों में आए आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) लोगों के लिए दिमाग को भी आराम दिया है। अब आप जो सोचते हैं वह काम आसानी से आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) के माध्यम से कर लेते हैं। 

    आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) ने लोगों के काम को आज जितना आसान बनाया है इसके उपयोग से साइबर क्राइम में उतना ही इजाफा हुआ है।  आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI)  के आने से अब साइबर चोर बड़ी आसानी से लोगों को चुना लगा रहे हैं और उन्हें इसकी भनक तक नहीं लग रही है। फेडरेशन ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (FBI) ने चेतावनी देते हुए कहा है कि आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) भले ही सुविधाजनक है लेकिन इससे एंड्रायड और आईफोन यूजर्स को सतर्क रहने की आवश्यकता है। 

    फेडरेशन ब्यूरो ऑफ इंवेस्टिगेशन (FBI) के मुताबिक आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) का ज्यादा उपयोग निगेटिव काम के लिए हो रहा है। ठग इसके माध्यम से लोगों की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग से ऐसे मालवेयर तैयार किये जा रहे हैं जो लोगों का बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं। आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) लोगों के लिए इतना खतरनाक है कि इससे बनें मालवेयर को कोई ताकतवर एंटीवायरस भी नहीं पहचान पाता है। 

    आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI) ने लोगों का जीवन बदलने की जगह उसको संकट में डाल दिया है। युवा इसके उपयोग से गलत चीजें सीख रहा है। आज आर्टिफिशल इंटेलिजेंस (AI)की मदद से सबसे अधिक आतंकी हथियार और ठगी के उपयोग हेतु सॉफ्टवेयर बनाए जा रहे हैं। 

  • SC on Manipur Violence: मई से अब तक ऐसे कितने केस हुए दर्ज

    Supreme Court on Manipur Viral Video: मणिपुर मामले पर आज (31 जुलाई) सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई. इस दौरान पीड़ित महिलाओं की तरफ से पेश हुए वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल ने कहा, सरकार ने जांच सीबीआई को सौंप दी है और मुकदमा असम ट्रांसफर करने की सिफारिश की है. हम दोनों ही बातों का विरोध कर रहे हैं. वहीं सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा, हमने मामला कभी असम ट्रांसफर करने का अनुरोध नहीं किया है. सिर्फ यही कहा है कि मामला मणिपुर से बाहर ट्रांसफर किया जाए.

    कुकी समुदाय के वकील कॉलिन गोंजाल्विस ने सुनवाई के दौरान कहा, आदिवासियों को अपने इलाके की कोर्ट से बाहर जाने में समस्या आएगी. इसके अलावा वकील इंदिरा जयसिंह का कहना है कि कई आवेदन हैं. सिर्फ इन 2 महिलाओं का मामला नहीं है. कईयों के साथ दुर्व्यवहार हुआ है. CJI ने मामले पर सवाल किया कि हम यह जानना चाहेंगे कि मई से अब तक ऐसे मामलों में कितने मुकदमे दर्ज किए गए. एक व्यवस्था बनाने की ज़रूरत है, जिससे महिलाओं के विरुद्ध हिंसा के मामलों को देखा जा सके. सीजेआई ने आगे कहा कि हम दोनों पक्षों को सुनेंगे फिर तय करेंगे कि किस तरह का कदम उठाना बेहतर होगा. 

    पुलिस से जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती

    अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने कहा कि मैं अधिक तथ्य रखना चाहूंगा. कल सुनवाई कीजिए, वहीं कपिल सिब्बल बोले कि खुद पुलिस की इस मामले में भूमिका है. उनसे जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती. सुप्रीम कोर्ट किसी निष्पक्ष जांच एजेंसी को मामला सौंपे. सॉलिसिटर जनरल मेहता ने इस पर कहा कि हमें कोई आपत्ति नहीं है अगर सुप्रीम कोर्ट जांच की निगरानी करे. 

    महिला कार्यकर्ताओं के पैनल की मांग

    वकील इंदिरा जयसिंह ने मामले में कहा कि किसी भी जांच से पहले सभी पीड़ित महिलाओं में विश्वास जगाना ज़रूरी है ताकि वह खुलकर बयान दे सकें. इसके लिए महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं का एक पैनल गठित किया जाए. वह महिलाओं के पास जाए. इसमें सैयदा हमीद, उमा चक्रवर्ती जैसी महिलाएं हो सकती हैं. इस पर सीजेआई ने कहा कि यानी आप जांच से पहले यह प्रक्रिया चाहती हैं. मान लीजिए हम ऐसा करते हैं तो इसमें समय लग जाएगा. जयसिंह बोलीं कि सिर्फ 4 हफ्ते का समय दिया जाए, जिस पर सीजेआई ने कहा कि तब तक जांच का क्या होगा? क्या उसे पुलिस के पास बने रहने दिया जाए?

    जांच में एक महिला अधिकारी को भी रखा जाए

    सुनवाई के दौरान कॉलिन गोंजाल्विस ने कहा कि 5 सेवानिवृत्त डीजीपी के नाम हमने सुझाए हैं, उन्हें जांच का ज़िम्मा दिया है. सीजेआई बोले कि क्या सभी पुरुष है? वकील इंदिरा जयसिंह- जांच टीम में एक पूर्व महिला IPS अधिकारी को भी रखा जाए. गोंजाल्विस बोले कि केंद्र ने मणिपुर के हालात पर कुछ नहीं किया. जांच सीबीआई को न सौंपी जाए.

    कई राज्यों में भी ऐसी घटनाएं

    वहीं वकील बांसुरी स्वराज ने बंगाल, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में भी महिलाओं के उत्पीड़न का मामला रखा. उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल में पंचायत चुनाव प्रत्याशी को निर्वस्त्र किया गया. ऐसी घटनाएं कई राज्यों में हो रही हैं. सुप्रीम कोर्ट को उन पर भी मणिपुर जैसा आदेश देना चाहिए. 

    बांसुरी स्वराज बोले कि भारत की सभी बेटियों की रक्षा कीजिए. बंगाल, छत्तीसगढ़, राजस्थान, केरल में भी घटनाएं हुई हैं. राजस्थान में अनुसूचित जाति की महिलाओं का उत्पीड़न हुआ. अटॉर्नी जनरल ने बोले कि मेरे पास किसी याचिका की कॉपी नहीं है। मैं उन्हें देखे बिना कैसे जवाब दे सकता हूं. 

  • Haryana Clash : नूंह में शोभायात्रा के जुलूस पर पथराव, हिंदू और मुस्लिम समुदाय के बीच हिंसक झड़प , स्थिति बिगड़ी इंटरनेट बैन, बॉर्डर सील

    हरियाणा के मेवात जिले के नंदा गांव में सोमवार को विश्व हिंदू परिषद और मातृ शक्ति दुर्गा भाग्य द्वारा आयोजित ब्रजमंडल यात्रा के दौरान दो गुटों में झड़प हो गई. एक दूसरे पर पथराव किया. उपद्रवियों ने इस बार कई गलियों में आग लगा दी है. झड़प रोकने की कोशिश में पुलिस से भी झड़प हुई. कुछ जगहों पर गोलीबारी भी हुई है. इस घटना में 20 से ज्यादा लोग गंभीर रूप से घायल हैं. इसे देखते हुए स्थानीय प्रशासन ने गुरुग्राम-सेहना तक का रास्ता बंद कर दिया है.

    इस सामूहिक झड़प के बाद जुलूस में शामिल करीब 2500 लोग अपनी जान बचाने के लिए नल्हड़ मंदिर में फंस गए हैं. जिनमें बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं हैं. मंदिर के बाहर दो गुटों के बीच पथराव जारी है. सड़क और सड़क से गुजर रहे लोग अपनी जान बचाने के लिए इस मंदिर के अंदर फंस गए। वे यहीं फंसे हुए हैं.

    तनाव कम करने के लिए पड़ोसी जिलों से पुलिस बल लाने के कदम उठाए गए हैं। ताजा समाचार के अनुसार, क्षेत्र में लगभग एक हजार सशस्त्र पुलिस बल तैनात किए गए हैं। जिले की सीमाएं बंद कर दी गई हैं. उपायुक्त प्रशांत पवार ने कहा, जिले में शांति बनाए रखने के लिए 144 धारी जारी की गई है.

    बताया जा रहा है कि यह यात्रा नूंह नल्हड़ शिव मंदिर से फिरोजपुर-धिदरका तक शुरू हुई। जब जुलूस त्रिरंग पार्क पहुंचा तो वहां पहले से ही लोगों का एक समूह जमा था. इन्हें आपस में भिड़कर पीटा गया. यह टकराव पहले हुए विवाद पर आधारित है.

    घटना पर हरियाणा के गृह मंत्री अनिल विज ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है. उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस से अनुमति मिलने और पुलिस सुरक्षा के बावजूद जुलूस के दौरान हिंसा की घटना हुई. शांति बनाए रखने के लिए, जावानीस को हेलीकॉप्टर से घटनास्थल पर ले जाया गया और मार डाला गया। साथ ही इस जिले में 2 अगस्त तक इंटरनेट सेवा पूरी तरह से बंद कर दी गई है.

  • Nuh Violence: पुलिस दौड़ती रही, उपद्रवी जगह बदलते रहे

    पड़ोसी जिले नूंह में भड़की हिंसा की आग गुरुग्राम जिले में तेजी से फैल चुकी है। पहले सोहना फिर सेक्टर 57 की निर्माणाधीन मस्जिद और इसके बाद बादशाहपुर के नजदीक हाईवे पर उपद्रवियों ने बवाल काटा। इस बीच उपद्रवियों की बदलती जगहों पर पुलिस दौड़ती रही। उधर, नूंह में हालात बेकाबू होते देख पुलिस बल के बाद अर्धसैनिक बलों की 20 कंपनियां तैनात कर दी गई हैं। सोहना में सोमवार शाम हुए बवाल के बाद जिला प्रशासन का पूरा ध्यान सोहना पर केंद्रित रहा। हालात काबू करने के लिए पुलिस के साथ प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। 

    जिला प्रशासन ने सोहना को संवेदनशील मानते हुए पूरा ध्यान क्षेत्र विशेष पर लगा दिया। इधर, उपद्रवी सोहना में शांत हुए और न्यू गुरुग्राम के सेक्टर- 57 में निर्माणाधीन धार्मिक स्थल पर हमला बोल दिया। आधी रात को हुई इस घटना में समुदाय विशेष के 22 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। एक अन्य घायल हो गया। प्रशासन ने इस घटना पर ध्यान लगाया। इस बीच बादशाहपुर सोहना रोड पर बनी झुग्गियों में आग लगा दी गई। कई दुकानों पर उपद्रवी हमलावर हो गए। कई दुकानें जबरन बंद कराई गईं। माहौल बिगड़ता देख पुलिस बादशाहपुर में मौके पर पहुंची। मौके पर पुलिस और पक्ष विशेष के बीच झड़प हुईं। 
     

    दो समुदायों की लड़ाई में पुलिस और प्रशासन के अनुसार संवेदनशील इलाके से इतर 24 घंटे में कई अलग इलाकों पर घटना हुई। अतिरिक्त पुलिस बल लगाने के बजाय गिनती के पुलिस कर्मियों के सहारे साम्प्रदायिक घटना रोकने का प्रयास जारी रहा। हालांकि देर रात धार्मिक स्थल पर हुए हमले के दौरान चार पुलिसकर्मी मौके पर तैनात रहे। उधर, समुदाय विशेष की भीड़ में गिनती के पुलिसकर्मी बौने हो गए और घटना पुलिस कर्मियों के सामने घटित हुई।

    प्रशासन ने सोहना-पटौदी को माना संवेदनशील
    जिला प्रशासन ने सोहना और पटौदी को संवेदनशील माना है। ऐसे में अतिरिक्त पुलिस बल केवल दो जगहों पर तैनात किए गए। हालांकि जिला उपायुक्त निशांत कुमार का दावा है कि दोनों गुटों के धार्मिक स्थलों पर अतिरिक्त पुलिस बल लगाने की तैयारी है। इस शुक्रवार तक शांति बहाली के लिए लगातार प्रयास जारी रहेंगे। नूंह की तरह जिले के अलग अलग क्षेत्र में शांति वार्ता का दौर चलेगा।

    नूंह, सोहना और गुरुग्राम में शांति समिति की बैठक
    नूंह और सोहना में मंगलवार को शांति समितियों की बैठक हुई। बैठक में शामिल लोगों ने जिला प्रशासन को शांति व्यवस्था बनाए रखने में पूरी मदद का भरोसा दिया। नूंह में जिले के उपायुक्त प्रशांत पवार और पुलिस अधीक्षक नरेंद्र सिंह ने बैठक की अध्यक्षता की। एसपी ने समिति के सदस्यों से अभियुक्तों की पहचान करने में मदद करने की अपील की। 

     

    सोहना में गुरुग्राम के उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने बैठक की अध्यक्षता करते हुए उनसे कस्बे में शांति और सौहार्द बहाल करने का आग्रह किया। उन्होंने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने की भी अपील की और कहा कि सौहार्द बिगाड़ना वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। बैठक में सोहना के विधायक संजय सिंह और पूर्व विधायक तेजपाल तंवर समेत कई लोग शामिल हुए।

  • Assembly Election 2023: कांग्रेस धारा 370 को गोदी में रखकर…

    Madhya pradesh Assembly Election 2023: केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने मध्य प्रदेश बीजेपी यूनिट को देश का सबसे अच्छा संगठन बताया है. इंदौर में आयोजित बूथ स्तर के कार्यकर्ताओं के सम्मेलन में गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि मध्य प्रदेश का पार्टी संगठन देश का नंबर वन संगठन है. उन्होंने कहा, इसे बनाने में दिवंगत कुशाभाऊ ठाकरे ने दधीचि की तरह अपनी अस्थियां गला दीं, तो राजमाता राजघराने की मर्यादा लांघकर गांव-गांव और गली-गली घूमीं.

    शाह ने कहा, ”मैं प्रदेश की जनता को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिसने 2014 और 2019 के चुनाव में बीजेपी की झोली वोटों से भर दी और 15 महीनों को छोड़कर 2003 के बाद से प्रदेश में लगातार बीजेपी की सरकार बनाई. प्रदेश में चार महीने बाद विधानसभा के चुनाव होने जा रहे हैं और आज मालवा की धरती से हम अपने चुनाव अभियान की शुरूआत कर रहे हैं. इंदौर के बाद ऐसे ही कार्यकर्ता सम्मेलन पूरे प्रदेश में होंगे.”

    ‘आज बीजेपी गरीबों के दिलों की धड़कन’
    अमित शाह ने कहा, ”आप सभी यहां से यह संकल्प लेकर जाएं कि हम परिश्रम की पराकाष्ठा करेंगे और 2023 में रिकॉर्ड बहुमत से प्रदेश में बीजेपी की सरकार तथा 2024 में नरेंद्र मोदी को तीसरी बार देश का प्रधानमंत्री बनाएंगे. 2019 के लोकसभा चुनाव में एक सीट कम रह गई थी, लेकिन इस बार पूरी 29 सीटों पर कमल खिलाएंगे.” उन्‍होंने कहा कि देश में 70 सालों तक कांग्रेस की सरकारें रहीं, लेकिन गरीबों के लिए कोई काम नहीं किया गया. 

    बीजेपी की सरकार आने के बाद गरीबों के लिए जो काम हुए हैं, उसी कारण आज बीजेपी गरीबों के दिलों की धड़कन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गरीबों के मसीहा बन गए हैं. मध्यप्रदेश में जब कमलनाथ की सरकार थी, तो उस सरकार ने किसान सम्मान निधि योजना के लिए पात्र किसानों के नाम नहीं भेजे. फिर शिवराज की सरकार बनी और 10 दिनों में पात्र किसानों की सूची पहुंचा दी गई. 

    ‘नरेंद्र मोदी ने देश को सुरक्षित बनाया है’
    शाह ने कहा कि आज प्रदेश के 91.90 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि मिल रही है. 60.22 लाख घरों में नल कनेक्शन दिए हैं, 3.6 करोड़ गरीबों को पांच लाख तक का इलाज मुफ्त मिल रहा है. 80 लाख घरों में शौचालय बनाए गए हैं. 1.2 करोड़ परिवारों के लिए प्रति व्यक्ति प्रतिमाह पांच किलो अनाज नरेंद्र मोदी की सरकार दे रही है और शिवराज की सरकार उसे घर तक पहुंचा रही है. 11 लाख बहनों को उज्जवला योजना के गैस कनेक्शन मिले हैं. 

    शाह ने कहा कि 53 लाख प्रधानमंत्री आवास के लिए सवा दो लाख करोड़ रुपये हितग्राहियों के खातों में पहुंचाए गए हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार ने नौ सालों में दुनिया में भारत का झंडा बुलंद किया है. प्रधानमंत्री जहां जाते हैं, वहां मोदी-मोदी के नारे लगते हैं. ये नारे नरेंद्र मोदी के लिए नहीं, बल्कि मालवा की धरती, मध्यप्रदेश और भारत के लिए लगते हैं. नरेंद्र मोदी ने देश को सुरक्षित बनाया है. 

    पाकिस्तान से आलिया, मालिया, जमालिया…
    शाह ने कहा कि सोनिया-मनमोहन की सरकार के समय पाकिस्तान से आलिया, मालिया, जमालिया आते थे और बेकसूर लोगों को गोली मारकर चले जाते थे. वह सरकार उफ तक नहीं करती थी. आप सभी के वोटों से देश में नरेंद्र मोदी की सरकार बनी. लेकिन पाकिस्तान भूल गया था कि देश में अब सोनिया-मनमोहन की सरकार नहीं है.

    उन्‍होंने कहा, आतंकियों ने उरी और पुलवामा में हमारे जवानों पर हमला किया, मोदी सरकार ने 15 दिनों के अंदर सर्जिकल स्ट्राइक और एयर स्ट्राइक करके आतंकियों की उनके घर में घुसकर धज्जियां उड़ा दी. कांग्रेस 70 सालों तक धारा 370 को गोदी में रखकर पालती रही. मोदी सरकार ने धारा 370 हटा दी. उस समय कांग्रेस, यूपीए और अन्य दलों ने मिलकर इसका विरोध किया था. क्या ऐसी कांग्रेस को कोई वोट दे सकता है?