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  • परिवार को न्याय नहीं मिला तो उठा लूंगा हथियार : BSF जवान की धमकी

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    बांग्‍लादेश बॉर्डर पर तैनात बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) के जवान अजय कुमार का एक वीडियो इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल है. सहारनपुर निवासी अजय कुमार ने एक वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से अपने परिवार के लिए न्याय की गुहार लगायी है. वीडियो में बीएसएफ जवान ने धमकी दी है कि अगर उन्हें और उनके परिवार को न्याय नहीं मिला तो वह हथियार उठा लेगा.

    गंगोह के गांव तातारपुर निवासी अजय सिंह बीएसएफ की 102 बटालियन में तैनात है. इन दिनों उनकी पोस्टिंग बांग्‍लादेश बॉर्डर पर है. वीडियो में अजय कुमार कहते नजर आ रहे हैं, ”मैंने सरहद की रक्षा के लिए हथियार उठाए हैं. मुझे इतना मजबूर मत करो. मगर अब मैं अपने परिवार की रक्षा के लिए हथियार उठाऊंगा. जिसका जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन होगा.”

    जवान का आरोप है कि ग्राम प्रधान की मदद से पुलिस ने उसके लहलहाती फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर बर्बाद कर दिया. इतना ही नहीं उसके बुजुर्ग पिता पर झूठे केस लगाकर जेल में डाल दिया. घर की महिलाओं को भी वांछित करार दे दिया. उसका कहना है कि जिला पुलिस की मिलीभगत से उसका परिवार बर्बाद हो गया.

    सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवान अजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ से न्याय की गुहार लगाई है। सोशल मीडिया पर वीडियो के जरिए जवान अजय सिंह ने स्पष्ट कहा है कि यदि न्याय नहीं मिला तो देश की जगह पर अपने घर की सुरक्षा के लिए हथियार उठा लेगा।वीडियो में जवान ने केंद्र और प्रदेश की बीजेपी सरकार पर भी सवाल उठाते हुए उनके परिवार के साथ हुई ज्यादती का आरोप मढ़ा है.

    क्या है पूरा मामला?
    गांव तातारपुर का बीएसएफ जवान अजय सिंह ने कहा है कि मुझे हद से ज्यादा मजबूर मत करो, मैंने सीमा की सुरक्षा के लिए हथियार उठाए हैं, मगर अब मैं अपने परिवार की रक्षा के लिए हथियार उठाऊंगा, जिसका जिम्मेदार पुलिस-प्रशासन होगा। जवान अजय सिंह ने ये दर्द वीडियो के जरिए पीएम और मुख्यमंत्री के पास पहुंचाने का प्रयास किया है। उसने उस वीडियो में कहा है कि वह देश की रक्षा के खातिर मुस्तैद है लेकिन यहां उसका परिवार खतरे में है। पुलिस रवैये से परेशान होकर उसने वीडियो के जरिए यह चेतावनी जारी की है।

    साल 2013 में अभिनेता इरफान खान की फिल्म पान सिंह तोमर में पुलिस के रवैसे से तंग आकर जिस तरह से फौजी पान सिंह बागी बना था, उसी तरह थाना गंगोह के गांव तातारपुर का जवान भी बनने को तैयार है। भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ जवान अजय सिंह ने खुद का वीडियो बनाकर वायरल किया है।

    उनके मुताबिक पुलिस ने पट्टे की जमीन पर लहलहाती फसल पर ट्रैक्टर चलवाकर कब्जा करवा दिया। मेरे बुजुर्ग पिता को पीटा और तमाम धाराएं लगाकर जेल भेजा गया। कॉलेज में पढ़ने वाली बहनों को वांछित कर दिया। पुलिस ने दबंगई दिखाते हुए तोड़फोड़ की। वीडियो में जवान ने ग्राम प्रधान पर भी आरोप लगाए हैं। वीडियो में जवान ने कहा कि आखिर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं हो रही ? हमारी सुनवाई क्यों नहीं की जा रही ?

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  • चंदन गुप्ता की हत्या मामले में एक और गिरफ्तार, अभी भी 14 आरोपी फरार

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    गणतंत्र दिवस पर तिरंगा यात्रा को लेकर हुई हिंसा व युवक चंदन गुप्ता की हत्या मामले में पुलिस को शनिवार को एक और सफलता हाथ लगी है। शनिवार को कासगंज हिंसा व हत्या मामले में एसओजी टीम ने आरोपी राहत कुरेशी को गिरफ्तार कर लिया। हालांकि इस मामले में अभी भी 14 आरोपी फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है।

    26 जनवरी को तिरंगा यात्रा के दौरान हुई हिंसा में युवक चंदन गुप्ता की हत्या कर दी गई। इसके बाद कई दिन तक जनपद के हालात सामान्य नहीं हो सके थे। इस मामले में पुलिस ने दो दिन पहले मुख्य आरोपी सलीम जावेद को गिरफ्तार किया था। वहीं आज पुलिस ने चंदन की हत्या के मामले में एक आरोपी राहत कुरैशी पुत्र जफर को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपी के कब्जे से पुलिस को एक तमंचा मिला है।

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    पुलिस अधीक्षक पीयूष श्रीवास्तव की ओर से उदी गई जानकारी के मुताबिक, पुलिस ने शहर के इस्माइलपुर रोड से आज आरोपी राहत कुरैशी पुत्र जफर निवासी मोहल्ला नबाब को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से एक तमंचा और दो कारतूस बरामद किये हैं। पुलिस उससे पूछताछ करने में जुटी है। चंदन हत्याकांड के नामजद आरोपियों में सलीम, वसीम और नसीम के अलावा जाहिद जग्गा, आसिफ हिटलर, असलम, असीम, नसरुद्दीन, आकरम, तौफीक, खिल्लन, शबाब, राहत, सलमान, मोहसिन, साकिब, बब्लू, नीशू और वासिफ शामिल हैं।

    यूपी पुलिस ने कासगंज हिंसा की अपडेट दी हैः-

    – अब तक 13 आफआईआर दर्ज की गई हैं।
    – कुल 126 लोग गिरफ्तार किए गए हैं जिसमें 45 नामजद आरोपी हैं।
    – जोनल और सेक्टर के आधार पर पुलिस गश्त कर रही है।
    – स्थिति नियंत्रण में है।

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  • नीतीश कुमार देश के अगले पीएम हो सकते हैं : एनपीपी

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    नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) ने शुक्रवार को संभावना जताई कि बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार देश के अगले प्रधानमंत्री हो सकते हैं। एनपीपी के मुताबिक 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के परवर्ती के रूप में नीतीश कुमार देश की सत्ता के शिखर पद को संभाल सकते हैं। एनपीपी अध्यक्ष वानवेई राय खार्लुखी ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, “आज हम राजग (मणिपुर में) में हैं और यहां (मेघालय में) भाजपा के साथ हमारा मुकाबला है। आप नहीं जान सकते कि नीतीश कुमार प्रधानमंत्री हो सकते हैं।”

    उनके इस बयान के पीछे की वजह के बारे में पूछे जाने पर एनपीपी नेता ने कहा, “मैं इसे कांग्रेस के विवेक पर छोड़ता हूं क्योंकि मैं जिस तरीके से देख रहा हूं उससे भाजपा को सत्ता से बाहर करने वाला सिर्फ एक व्यक्ति है वह नीतीश कुमार हैं। यही मेरा मानना है जबकि अन्य लोग इसे अलग तरह से देख सकते हैं।”

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    उन्होंने कहा, “यह मेरा अनुमान है जो हो भी सकता है और नहीं भी, लेकिन मैं जिस तरीके से भारतीय राजनीति का मूल्यांकन कर रहा हूं उसमें उनके लिए (कांग्रेस) यही एक समाधान है न कि राहुल गांधी।”

    एनपीपी भाजपा की अगुवाई में केंद्र की राजग सरकार के गठबंधन में शामिल है। मेघालय में इसके दो विधायक हैं। इस पार्टी का गठन पूर्व लोकसभाध्यक्ष पूर्नो अजीटोक संगमा ने किया था।

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    हालांकि त्रिपुरा, नागालैंड और मेघालय में आगागी विधानसभा चुनाव में एनपीपी ने भाजपा के साथ चुनाव पूर्व गठबंधन नहीं किया है।

  • महिलाओं की सुरक्षा करेगा “हिम्मत प्लस ऐप”, ऐसे करें इसका इस्तेमाल

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    नयी दिल्ली।  दिल्ली पुलिस ने दोबारा हिम्मत ऐप लॉन्च किया। इस ऐप को हिम्मत प्लस नाम दिया गया है। दरअसल, महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखकर इस ऐप को बनाया गया है। ऐप सुनिश्चित करता है कि रात में घर लौटने वाली कामकाजी महिलाएं सुरक्षित रहें। 2015 में लॉन्च हुए इस ऐप को उसकी उम्मीद के मुताबिक लोगों का साथ नही मिला। इस बार इस ऐप में कई सुधार किए गए हैं और उम्मीद है कि इस बार इसे खासा लोगों का साथ मिलेंगे।

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    हिम्मत प्लस ऐप,
    इस ऐप को इस्तेमाल करना बहुत ही आसान है। यह हिंदी और इंग्लिश दोनों भाषाओं में उपलब्ध है। इसे आप एंड्राइड और ios दोनों फ़ोन पर इंस्टाल किया जा सकता हैं। गूगल प्ले स्टोर से यह एप डाउनलोड किया जा सकता है। इसपर रजिस्टर करने के लिए आपको बस अपना नाम, पता ,फ़ोन नंबर और जॉब(वैकल्पिक) भरना है। कोइन भी दो विश्वसनीय लोगो के नंबर दें। आप चाहे तो अन्य लोगों के नंबर भी ऐड कर सकती हैं। ऐप खोलते ही स्क्रीन पर sos का आप्शन आता है।
    कोई भी संकट लगते ही आप इस ऐप को खोलकर इस sos बटन को दबाएँ, ऐसा करते ही पुलिस और आपके चुने हुए करीबी लोगों को अलर्ट मेसेज मिल जाएगा। इस बार हिम्मत एप में QR कोड भी है, एअरपोर्ट समेत 5 मेट्रो स्टेशन के बाहर खड़े होने वाले टैक्सी, ऑटोरिक्शा, कैब इत्यादि को रजिस्टर किया गया है, जिससे उस वाहन की लोकेशन समेत पूरी जानकारी पुलिस को मिल जाएगी। इसके साथ-साथ sos बटन दबाते ही आपके फ़ोन से वीडियो और ऑडियो रिकॉर्ड होना शुरू हो जाएगा।
    हिम्मत प्लस ऐप, 1

    इस प्रकार किसी भी खतरनाक घटना को रोका जा सकता है। महिला सुरक्षा के कई अन्य ऐप मार्किट में हैं, मगर यह ऐप दिल्ली पुलिस का ऑफिसियल ऐप है जिसके कारण ये बाकि ऐप से बेहतर है। पिछली बार इस एप को लगभग 20 हज़ार रजिस्ट्रेशन मिले थे। इस बार पुलिस को उम्मीद है की रजिस्ट्रेशन ज्यादा होंगे और इस ऐप का प्रयोग करके महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सकेगी।

  • भविष्य तो क्या बताएंगे, आपके बैंक अकाउंट को चूना लगा जाएंगे ये Facebook लिंक

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    मुरादाबाद । सावधान हो जाएं, फेसबुक, इंस्टाग्राम, वाहट्एप पर भूत भविष्य बताने वाला लिंक आपका भविष्य नहीं बता रहा है, बल्कि इसे चुराने का काम कर रहा है। इस लिंक के जरिये आपके ई-मेल और बैंक अकाउंट की डिटेल हैकर तक पहुंच रही है। इससे बचने के लिए संचार मंत्रालय का विजिलेंस सेल लोगों जागरूक कर रहा है। समय-समय पर पासवर्ड बदलने की सलाह दे रहा है।

    आपका डाटा चोरी करने के लिए हैकर्स लगातार नये-नये तरीके अपना रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोगों को आकर्षित करने के लिए हैकर्स पिछले जन्म में आप क्या थे? आपका चेहरा किससे मिलता है, जैसे लिंक का प्रयोग कर इस पर क्लिक करने के लिए कहते हैं। चूंकि सोशल मीडिया का अकाउंट बनाने के लिए ई-मेल और मोबाइल नंबर देना पड़ता, साथ ही बैंक खाते से भी ई-मेल जुड़ा होता है तो ऐसे में इनकी पूरी डिटेल हैकर तक पहुंच जाती है।

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    ऐसे होती है चोरी

    जैसे ही आप लिंक पर क्लिक करते हैं, वैसे ही नई विंडो खुल जाती है और आप थर्ड पार्टी एप या अन्य वेब पेज पर पहुंच जाते हैं। शेयर करने के लिए थर्ड पार्टी एप और वेब पेज से फेसबुक पर लॉग इन हो जाते हैं। पासवर्ड आइडी उसके सर्वर में सेव हो जाती है। हैकर्स ई-मेल के जरिये बैंक अकाउंट तक पहुंच जाता है। हैकर्स सारी आपकी गोपनीय सूचना चोरी कर लेता है और बैंक से खाते से रुपये तक गायब कर लेता है।

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    जागरूक करने को मोबाइल कंपनियों को मिले निर्देश

    इस तरह के मामले का खुलासा होने के बाद संचार मंत्रालय ने विजिलेंस सेल को विशेष निर्देश जारी किए हैं। लोगों को जागरूक करने के लिए कहा है। सभी मोबाइल कंपनियों को भी लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए गए हैं। लोगों से कहा जा रहा ह कि हर सप्ताह या 15 दिन में सोशल मीडिया के अकाउंट का पासवर्ड बदलते रहें।

    लिंक चोरी करने के मामले में मंत्रालय गंभीर है और बीएसएनएल अपने उपभोक्ताओं को एसएमएस भेज कर जागरूक कर रहा है। अनवांटेड मैसेज आदि पर लिंक करने के बजाय डिलीट करने की सलाह दी जा रही है।

    – संजय प्रसाद, महाप्रबंधक, बीएसएनएल मुरादाबाद

    इस तरह के होते हैं लिंक

    – आप पिछले जन्म में कैसे थे?

    – आप किस सेलेब्रिटी जैसे दिखते हैं?

    – आप बुढ़ापे में कैसे दिखेंगे?

    – आपका फेसबुक प्रोफाइल किन लोगों ने देखा?

    – आपकी मृत्यु कब और कैसे होगी?

    – आपके गैंग में कौन-कौन है?

    – आपकी बीवी या गर्लफ्रेंड आपसे कितना प्यार करती है?

    – आप अगले जन्म में क्या होंगे?

    – आपकी नौकरी कब लगेगी?

  • आडवाणी के बाद एक और रथयात्रा, कौन निकाल रहा है ये रथ यात्रा , जानिये !

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    लखनऊ. 1990 में तत्कालीन भाजपा अध्यक्ष लालकृष्ण आडवाणी ने एक रथयात्रा निकाली थी। मकसद था, अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण। तब से लेकर अब तक कई और रथ यात्राएं निकल चुकी हैं। लेकिन, राममंदिर का संकल्प पूरा नहीं हो पाया। रामलला टेंट में हैं। और राममंदिर निर्माण के लिए उच्चतम न्यायालय में सुनवाई फिर से शुरू होने वाली है। इस बीच एक और रथयात्रा निकलने जा रही है। नाम है राम राज्य रथ यात्रा। इस रथ यात्रा को उप्र के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 13 फरवरी को अयोध्या से रवाना करेंगे। यात्रा देश के छह राज्यों से निकलेगी। 39 दिनों तक राम राज्य रथ यात्रा जगह-जगह घूमेगी। इस दौरान 40 प्रमुख सभाएं भी होगीं। इन सभाओं के लिए संबंधित राज्य सरकारों ने अनुमति दे दी है। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने भी राज्यों को ताकीद कर दिया है कि वे राम राज्य रथ यात्रा की सुरक्षा का इंतजाम करें। कुल मिलाकर 2018 के आम चुनावों में राम मंदिर निर्माण को भाजपा प्रमुख मुद्दा बनाना चाहती है। यह सब इसी कवायद का एक हिस्सा है।

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    रामदास मिशन यूनिवर्सिल सोसाइटी निकाल रहा है यात्रा
    महाराष्ट्र की एक संस्था है रामदास मिशन यूनिवर्सिल सोसाइटी। यूं तो इसका नाम और काम अभी तक महाराष्ट्र तक ही सीमित है। लेकिन जल्द ही यह अंतरराष्ट्रीय क्षितिज पर छा जाएगी। माना जा रहा है कि इस संस्था को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का वरदहस्त प्राप्त है। यही संस्था राम राज्य रथ यात्रा की प्रमुख आयोजक है। इस सोसाइटी के कामों को आगे बढ़ाएंगे राष्ट्रीय स्वंय संघ और उनके अनुषंगी संगठन। अयोध्या में एक जगह है कारसेवक पुरम। यहां रामलला मंदिर के निर्माण के लिए पत्थर तरासे जा रहे हैं। बड़ी कार्यशाला है यह। यह कार्यशाला विहिप की है। इस कार्यालय की स्थापना 1990 में राम मंदिर आंदोलन के दौरान हुई थी। तब से यहां पर कारसेवक मंदिर निर्माण के लिए पत्थरों को तराशने का काम कर रहे हैं। इसी जगह से राम राज्य रथ यात्रा निकलेगी। इसलिए हाल ही में कार्यशाला की सफाई और रंगाई पुताई भी की गयी है।

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    कारसेवक पुरम से रामेश्वर तक रामराज्य रथयात्रा
    कुछ माह पहले अयोध्या से रामेश्वरम तक एक रेलगाड़ी की शुरुआत की गयी थी। तब तक किसी को यह भान नहीं था कि भाजपा इस रेलगाड़ी को किसी गुप्त एजेंडे के तहत चलवा रही है। हालांकि तबसे यही कहा जा रहा है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। लेकिन, अब यह तय हो गया है कि इस यात्रा का मकसद भी राममंदिर के मुद्दे को फिर से गरमाना था। अब इसी कारसेवक पुरम से रामेश्वर तक रामराज्य रथयात्रा निकलेगी। 13 फरवरी से 39 दिनों तक चलने वाली यह यात्रा देश के छह प्रमुख राज्यों से होकर गुजरेगी और इस दौरान 40 सभाएं होंगी। रामेश्वरम में यह यात्रा 23 मार्च तक पहुंचेगी। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ विश्व हिंदू परिषद के अयोध्या स्थित कारसेवकपुरम मुख्यालय से रामराज्य रथयात्रा को हरी झंडी दिखाएंगे। 13 फरवरी को यह रथ यात्रा यहां से चलकर मध्य प्रदेश , महाराष्ट्र, केरल, तमिलनाडु सहित छह राज्यों से होकर गुजरेगी।

    सरयू के तट से राम का होगा जयघोष
    जिन रास्तों से रामराज्य रथ यात्रा निकलेगी वहां जनसभाएं की जाएगीं। इस दौरान रामराज्य की स्थापना और राम मंदिर निर्माण का लोगों से संकल्प कराया जाएगा। कुल मिलाकर राम नाम का जाप होगा और राममंदिर का संकल्प दोहराया जाएगा। यात्रा के उद्देश्यों के बारे में पर्चे पर राम राज्य की पुनस्र्थापना, शैक्षणिक पाठ्यक्रमों में रामायण शामिल करने और राम जन्मभूमि में राम मंदिर निर्माण के संकल्प की बात कही गई है। नव्य अयोध्या योजना के बाद एक बार फिर सरयू के तट से राम का जयघोष होगा। यात्रा वहां तक जाएगी जिन रास्तों से राम वनगमन के समय गए थे। राम राज्य रथ यात्रा को लेकर केंद्र सरकार भी काफी गंभीर है। गृहमंत्रालय ने जिन राज्यों से रथ यात्रा निकलेगी उन राज्यों के पुलिस प्रमुखों को पत्र जारी कर यात्रा को सुरक्षा उपलब्ध कराने का निर्देश दिया है। इस यात्रा के लिए बंट रहे पर्चे में नेतृत्वकर्ता के तौर पर स्वामी कृष्णानंद सरस्वती और शक्ति शांतानंद महर्षि का नाम दर्ज है।

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  • सर्च में हेराफेरी और पक्षपात करने का Google पर आरोप, ICC ने 136 करोड़ का लगाया जुर्माना

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    हर किसी के सवालों का झट से जवाब देने वाले सर्च इंजन गूगल को भारतीय प्रतिस्पर्धा आयोग (सीसीआई) ने अनुशासन तोड़ने तथा सर्च में पक्षपात करने का दोषी पाया है। जिसके बाद सीसीआई गूगल पर 136 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया है।

    सीसीआई का काम भारत में व्यापार में एकाधिकार के खिलाफ निगाह बनाए रखना होता है। उसने आदेश दिया है कि यह जुर्माना गूगल को 2 माह में भरना होगा। गूगल पर भारतीय बाजार में ऑनलाइन सर्च में पक्षपात का व्‍यवहार करने का आरोप लगा है। साल 2012 में दर्ज की गई शिकायत पर फैसला सुनाने हुए सीसीआई ने कहा कि गूगल पर यह जुर्माना विश्‍वास-विरोधी आचरण करने की वजह से लगाया गया है।

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    सीसीआई ने यह आदेश मैट्रीमोनी डॉट कॉम लिमिटेड और कन्ज्यूमर यूनिटी एंड ट्रस्ट सोसाइटी (सीयूटीएस) की ओर से आरोप लगाए जाने के बाद फैसला सुनाया है। इसआदेश के मुताबिक कंपनी पर यह जुर्माना तीन वित्त वर्षों 2013, 2014 और 2015 में भारतीय परिचालन से आय के पांच प्रतिशत के बराबर है जो 135.86 करोड़ रुपये बैठता है। जिसका जुर्माना भरना होगा।

    योगी के मंत्री की योगी से बगावत

    गूगल के खिलाफ शिकायत मैट्रीमॉनी डॉट कॉम औरसीयूटीएस  ने भी साल 2012 में गूगल एलएलसी, गूगल इंडिया प्राइवेट लिमिटेड और गूगल आयरलैंड लिमिटेड के खिलाफ यह शिकायत दर्ज करवाई थी। फिलहाल गूगल की ओर से इस बारे में अभी तक कोई बयान नहीं आया है।

  • PM मोदी के इस मंत्र से 2019 का चुनाव जीतेगी BJP

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    नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बीजेपी सांसदों से बजट में घोषित कल्याण योजनाओं की जानकारी आम लोगों के बीच पहुंचाने को कहा है। बीजेपी संसदीय दल की बैठक में उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि इन योजनाओं को लोकप्रिय बनाना एवं प्रचार-प्रसार करना आगामी चुनाव में उनकी जीत की कुंजी साबित होगी।
    बैठक में मौजूद नेताओं के अनुसार प्रधानमंत्री ने कहा कि सांसदों की सफलता पार्टी के प्रदर्शन पर निर्भर करती है, ऐसे में उन्हें सरकार की गरीबोन्मुखी व किसान कल्याण योजनाओं को जनता के बीच लोकप्रिय बनाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने आगे कहा कि वे इसके बारे में अपने निर्वाचन क्षेत्रों में लोगों को अगले एक महीने में जानकारी दें।

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    Minister Narendra Modi with BJP President Amit Shah, Home Minister Rajnath Singh

    प्रधानमंत्री की यह टिप्पणी साल 2018 में कुछ राज्यों में होनेवाले विधानसभा चुनावों और 2019 के लोकसभा चुनाव के संदर्भ में काफी महत्वपूर्ण है। बैठक के बाद संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने पत्रकारों से कहा कि प्रधानमंत्री ने बजट के बारे में विस्तार से चर्चा की और विशेषतौर पर किसानों और गरीबों पर इसके सकारात्मक प्रभावों तथा स्वास्थ्य बीमा योजना से 10 करोड़ परिवारों को होने वाले लाभ का जिक्र किया।

    बीजेपी संसदीय दल की बैठक के कुछ समय बाद ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी फिलिस्तीन, यूएई और ओमान की यात्रा पर रवाना हो गए। पार्टी संसदीय दल की बैठक में बीजेपी अध्यक्ष अमित शाह ने राफेल सौदे की जानकारी सार्वजनिक करने की मांग और इसको लेकर आरोप लगाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी पर निशाना साधा। शाह ने राहुल की राजनीति के तौर-तरीकों को अलोकतांत्रिक करार दिया। उन्होंने कहा कि यह बात प्रधानमंत्री के भाषण में कांग्रेस पार्टी के बाधा डालने से स्पष्ट होती है। साथ ही उन्होंने राफेल लड़ाकू विमान सौदे से जुड़ी बातों को राष्ट्रीय हित से जुड़ा बताते हुए इस पर राजनीति करने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष की आलोचना की। संसदीय कार्य मंत्री अनंत कुमार ने बताया कि बैठक में अमित शाह ने कहा, गांधी की राजनीति का तरीका अलोकतांत्रिक है इसलिये प्रधानमंत्री के भाषण के दौरान इस प्रकार से व्यवधान डाला गया।

    बैठक में प्रधानमंत्री मोदी, पार्टी अध्यक्ष अमित शाह के अलावा केंद्रीय मंत्री राजनाथ सिंह, अरुण जेटली, वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी समेत कई नेता शामिल हुए। राफेल विमान सौदे पर कांग्रेस के आरोपों के संदर्भ में अनंत कुमार ने कहा कि सरकार राफेल सौदे के मुख्य बिन्दुओं को बता चुकी है और बताएंगे भी, लेकिन हर एक बात को लेकर चर्चा करना देशहित में कितना उचित है? यही बात राष्ट्रीय अध्यक्ष ने बैठक में कही।

    उल्लेखनीय है कि प्रधानमंत्री मोदी ने जब लोकसभा में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा का जवाब देना शुरू किया था तब कांग्रेस और वामदलों के सदस्य आसन के पास आकर नारेबाजी करने लगे और पूरे भाषण के दौरान शोर-शराबा करते रहे। बीजेपी संसदीय दल की बैठक ऐसे समय में हुई है जब दो दिन पहले ही संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर जवाब देते हुए प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर तीखा प्रहार किया।

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  • सुंजवान आतंकी हमले में शहीद हो गए पांच जवान, हमला करने वाले चारों आतंकी ढेर

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    जम्मू के सुंजवान आर्मी कैंप में पिछले 31 घंटे से जारी ऑपरेशन खत्म हो चुका है। शनिवार (10 फरवरी) सुबह 4.55 बजे कुछ आतंकियों ने कैम्प पर हमला कर दिया था। इस हमले में सूबेदार मगनलाल चौधरी और हवलदार हबीबुल्ला कुरैशी शहीद हो गए। पांच महिलाओं और एक बच्ची सहित नौ लोग घायल हैं, जिनमें से दो की हालत गंभीर है। शनिवार दिन चढ़ते-चढ़ते भारतीय सेना की बख्तरबंद गाड़ियां और एयरफोर्स के पैरा कमांडो सुंजवान कैम्प पर पहुंच गए और आतंकियों के खात्मे का ऑपरेशन शुरू कर दिया गया।

    ऑपरेशन में सुरक्षा बलों ने चार आतंकियों को मार गिराया है। अभी कई अन्य आतंकियों के छिपे होने की संभावना है। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अभी इस ऑपरेशन के बारे में ज्यादा जानकारी देना मुनासिब नहीं है। उन्होंने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा से मुलाकात भी की। इस पूरे ऑपरेशन पर लोकमत न्यूज की नजर बनी हुई है। यहां से पढ़िए लाइव न्यूज अपडेट्स।

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    – सुंजवान आतंकी हमले में पांच जवान शहीद हो गए हैं। 10 अन्य लोग घायल हुए हैं जिसमें 6 महिला और बच्चे हैं। हमले में एक प्रेग्नेंट महिला घायल हो गई थी। डॉक्टरों की कड़ी मेहनत के बाद उस महिला ने एक बच्ची को जन्म दिया है।

    – गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा है कि अभी इस ऑपरेशन के बारे में ज्यादा जानकारी देना मुनासिब नहीं है। उन्होंने जम्मू कश्मीर के राज्यपाल एन एन वोहरा से मुलाकात भी की।

    – भारतीय सुरक्षा बलों ने सुंजवान आर्मी कैम्प पर हमला करने वाले चौथे आतंकी को भी मार गिराया है। सर्च ऑपरेशन अभी भी जारी है।

    – इस हमले में अब तक 6 लोगों की मौत हो चुकी है जिसमें चार सुरक्षा बल के जवान शामिल हैं।

    – सेना के प्रवक्ता देविंदर आनंद ने बताया कि शनिवार सुबह से चल रहे अभियान में अत्याधुनिक हथियारों से लैस तीन आतंकी मारे गए हैं। ये आतंकी सेना की वर्दी में थे और एके 56 असाल्ट राइफलों, गोला बारूद और हथगोलों से लैस थे। तलाशी से पुष्टि हुई है कि वे जैश ए मोहम्मद के आतंकी हैं। ऑपरेशन जारी है।

    – आवासीय परिसर के लगभग 150 मकानों की तलाशी पूरी हो गई है और महिलाओं, बच्चों को सुरक्षित जगह पर पहुंचाया गया है। यह शिविर 36 ब्रिगेड के तहत पहली जम्मू कश्मीर लाइट इन्फेंट्री के अंतर्गत आता है।

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    सदन में हुआ हंगामा

    सदन में शनिवार को सेना के कैंप पर हुए हमले को लेकर जबरदस्त गुस्सा देखा गया है। इस बीच बीजेपी विधायकों ने पाकिस्तान मुर्दाबाद के नारे लगाए। वहीं मोहम्मद अकबर लोन  के द्वारा पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगने के बाद सदन में जमकर हंगामा हुआ। नेशनल कांफ्रेंस के कार्यकारी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने हमले की निदा करते हुए कहा कि जम्मू और सुंजवान में मुठभेड़ की खबर बेहद परेशान करने वाली है। हमारे सुरक्षाबलों और उनके परिवार वालों को किसी तरह का नुकसान पहुंचाए बिना इस मुठभेड़ के खत्म होने की उम्मीद है।

    सदन अध्यक्ष ने हमले के तार रोहिंग्या शरणार्थियों से जोड़े

    वहीं, मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने इस हमले पर अपना गुस्सा जाहिर करते हुए कहा कि आज सुंजवान में हुए आतंकवादी हमले से व्यथित हूं। मेरी संवेदनाएं घायलों और उनके परिवारों के साथ हैं। इसके अलावा जम्मू-कश्मीर विधानसभा के अध्यक्ष कवींद्र गुप्ता ने इस हमले के तार रोहिंग्या शरणार्थियों से जोड़े, जिसके बाद विधानसभा में काफी हंगामा हुआ। सदन में हंगामे के बाद में उन्होंने हालांकि अपना बयान वापस ले लिया।

    ऐसे किया कैंप पर हमला

    आपको बता दें, जम्मू के एक सैन्य शिविर में शनिवार तड़के घुसे आतंकवादियों ने फैमिली क्वार्टरों में दाखिल होकर सो रहे लोगों पर गोलीबारी शुरू कर दी। इस गोलीबारी में दो जवान शहीद हो गए, जबकि महिलाओं व बच्चों समेत छह अन्य घायल हो गए। शहीद होने वाले जवान में सेना के एक कनिष्ठ अधिकारी भी शामिल हैं। संभवत: सीमा पार से आए आतंकवादी शनिवार तड़के 4.45 मिनट पर जम्मू के सुंजवान सैन्य शिविर में घुस गए और जूनियर कमीशंड अधिकारियों के फैमिली क्वार्टरों में घुसकर गोलीबारी करने लगे।

    ऐसे की की गई कार्रवाई

    सेना ने अपने बयान में कहा, ‘घटना में एक जेसीओ (जूनियर कमीशंड अधिकारी) शहीद हो गया, जबकि तीन महिलाओं व बच्चों समेत छह लोग घायल हो गए। हमले में सेना के परिजनों को घटनास्थल से सुरक्षित बाहर निकालने के क्रम में जवान शहीद हो गया। घटना की सूचना मिलते ही त्वरित प्रतिक्रिया टीम ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया और घरों में घुसे आतंकवादियों को अलग-थलग कर दिया। क्वार्टरों में महिलाओं और बच्चों की मौजूदगी की वजह से, कम से कम क्षति पहुंचाने के लिए अभियान काफी सतर्कता से आगे बढ़ाया गया।

    आंतकियों के सफाए के लिए तलाशी अभियान

    पुलिस और सेना के सूत्रों ने कहा कि सेना के ज्यादातर परिजनों को वहां से हटा लिया गया है। आतंकवादियों पर आखिरी हमले से पहले हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि इस अभियान में किसी नागरिक को नुकसान नहीं हो। जूनियर कमीशंड अधिकारियों की आवासीय इमारत में आतंकवादियों के सफाए के लिए हर कमरे की तलाशी ली जा रही है। इससे पहले खुफिया रपटों में कहा गया था कि आतंकवादी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के आतंकवादी संसद हमले के दोषी अफजल गुरु की पांचवीं बरसी पर हमले की साजिश रच रहे थे।

    गृहमंत्री राजनाथ ने की पुलिस महानिदेशक से बात

    केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने जम्मू एवं कश्मीर के पुलिस महानिदेशक एसपी वैद से बात की। उसके बाद उन्होंने दिल्ली में संवाददाताओं से कहा कि सुरक्षाबल अपना काम कर रहे हैं और इसमें कोई संदेह नहीं है कि इस अभियान को अंजाम तक पहुंचाया जाएगा। वे हमें कभी निराश नहीं करेंगे। सैन्य शिविर के आधा किलोमीटर के दायरे में आने वाले सभी शिक्षण संस्थानों को दिनभर के लिए बंद कर दिया गया।

    घाटी में बढ़ी आतंकी हमले की घटनाएं

    उल्लेखनीय है कि घाटी में सुरक्षा बलों पर आतंकी हमले की घटनाएं बढ़ती ही जा रही हैं। जम्मू कश्मीर के पुलवामा में पिछले महीने भी सीआरपीएफ कैंप पर आतंकी हमला हुआ था जिसमें 3 कैप्टन समेत पांच लोग शहीद हो गए थे। इस हमले की जिम्मेदारी जैश-ए-मोहम्मद ने ली थी। उस आतंकी हमले को लोकल आतंकियों ने अंजाम दिया था।

  • मोदी और भाजपा का तोड़ सोनिया गांधी ने खोजा, 2019 में ऐसे जीतेगी कांग्रेस

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    नई दिल्ली: देश की प्रमुख राजनीतिक पार्टी कांग्रेस का नेतृत्व सत्ता जाने के बाद से वापसी के लिए खासी बेचैन है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की लोकप्रियता के कारण देश के अधिकांश हिस्सों में कांग्रेस सत्ता में नहीं है. हिमाचल प्रदेश की सत्ता गंवाने के बावजूद उसे गुजरात में कुछ सफलता मिली, लेकिन वह भी सत्ता तक नहीं. सत्ता में वापसी को बेचैन कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने 2019 लोकसभा चुनाव के लिए प्रधानमंत्री मोदी और भारतीय जनता पार्टी को तोड़ निकाल लिया है.

    कांग्रेस संसदीय दल (सीपीपी) की अध्यक्ष सोनिया गांधी ने मान लिया है कि वह 2019 लोकसभा चुनाव में अकेले दम पर प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा के मजबूत संगठन का मुकाबला नहीं कर सकती है. लिहाजा सोनिया गांधी ने समान विचार वाले दलों के साथ गठबंधन पर विचार करने की बात कही है, ताकि संयुक्त विपक्ष के दम पर सत्ता में वापसी का रास्ता तैयार किया जा सके. इसे विचार में पूर्व में अपनाए गए बिहार फार्मूले को माना जा रहा है.

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    दिल्ली में सीपीपी  मीटिंग में सोनिया ने कहा कि गुजरात विधानसभा और राजस्थान उपचुनाव में पार्टी ने बेहतर प्रदर्शन किया है. ऐसे में कांग्रेस अध्यक्ष (राहुल गांधी) और समान विचार वाले दलों के साथ जुड़कर काम करने के लिए भाजपा को 2019 में हराने के लिए तैयार हूं. इससे भारत फिर लोकतांत्रिक, समावेशी, धर्मनिरपेक्ष, सहिष्णु और आर्थिक रूप से प्रगति के पथ पर वापस लौट आएगा. यही नहीं सोनिया ने आगे कहा कि गुजरात और राजस्थान में पार्टी के प्रदर्शन से साफ है कि देश में बदलाव की हवा चल निकली है, इसलिए सभी कार्यकर्ता 2019 की तैयारी शुरू कर दें.

    गौरतलब है कि कांग्रेस ने गुजरात चुनाव में भाजपा को कड़ी टक्कर देते हुए 80 सीटों पर जीत हासिल की थी, वहीं हाल ही में राजस्थान में विधानसभा की तीन सीटों पर हुए उपचुनाव में पार्टी ने भाजपा को हराया है. 2014 के आम चुनाव में कांग्रेस को भाजपा ने बुरी तरह हराया था. कांग्रेस महज 44 सीटों पर ही सिमट कर रह गई थी. वहीं भाजपा ने पार्टी अध्यक्ष अमित शाह और नरेंद्र मोदी के करिशमे के चलते कुल 283 सीटें हासिल की थीं.

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