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  • ये कार एक्सेसरीज गर्मियों के लिए काफी काम की

    डेस्क। गर्मी के मौसम में यात्रा करना बहुत ही कठिन होता है। अधिक गर्मी के कारण एसी भी केबिन को बहुत ज्यादा ठंडा नहीं कर पाता है। ऐसे में कुछ कार एक्सेसरीज आपके बहुत काम आ सकती हैं जिनका इस्तेमाल करके आप गाड़ी को गर्म होने से बच भी सकते हैं।
    इनकी कीमत भी ज्यादा नहीं है। तो चलिए जानते हैं इन सस्ती कार एक्सेसरीज के बारे में सब कुछ 

    विंडशील्ड स्क्रीन

    इस एक्सेसरी से शीशे के जरिए गाड़ी के अंदर सीधे धूप नहीं आती है, जिससे स्टीयरिंग, सीटविंड और डैशबोर्ड ज्यादा गर्म भी नहीं होते है। इसकी कीमत 300 रुपये से 500 रुपये के बीच में है जिसे आप ऑनलाइन या ऑफलाइन खरीद भी सकते हैं। 

    ब्लोअर

    ब्लोअर की मदद से आपकी गर्म गाड़ी बहुत तेजी से ठंडी हो जाती है और इसे 12V के चार्जिंग सॉकेट से चलाया जा सकता है। और यह एसी की हवा को तेजी से बाहर फेंकता है जिससे गाड़ी बहुत जल्दी ठंडी भी हो जाती है। इसे भी ऑनलाइन और ऑफलाइन खरीदा भी जा सकता है। 

    साइड ग्लास कार कर्टेन

    तेज धूप के कारण गाड़ी में साइड ग्लास और बैक ग्लास के जरिए भी बहुत हीट होती है। इससे बचने के लिए आप साइड ग्लास कर्टन का इस्तेमाल कर सकते हैं इससे गाड़ी कम गर्म होगी और इसकी कीमत 500 रुपये से भी कम है। 

    कार विंडो फैन

    यह सोलर एनर्जी से काम करता है और जब गाड़ी को लॉक किया जाता है तो यह अपने आप काम करने लगता है और केबिन के अंदर की गर्म हवा को बाहर भी निकालने लगता है। इसकी कीमत केवल 2000 रुपये से शुरू होती है।

  • सेक्सी फिल्में देखने वाले बच्चों द्वारा असुरक्षित यौन संबंध बनाए जाने की संभावना अधिक

     

     

    डेस्क रिपोर्ट:

    सेक्स दृश्यों से भरपूर फिल्में देखने वाले बच्चों के यौन-स्वच्छंद होने और सेक्सुअली एक्टिव होने की संभावना ज़्यादा होती है.एक नए अध्ययन में पाया गया है कि सेक्सी फिल्में देखने वाले बच्चे, ऐसी फिल्में नहीं देखने वाले बच्चों की तुलना में न केवल जल्दी अपना कौमार्य खोते हैं, अर्थात ऐसे बच्चे पहला सेक्स अनुभव अथवा पहला यौन संबंध जल्दी स्थापित करते हैं, बल्कि सेक्सी फिल्में देखने वाले बच्चों द्वारा असुरक्षित यौन संबंध बनाए जाने की संभावना भी ज़्यादा होती है.समाचारपत्र ‘डेली मेल’ की एक ख़बर के अनुसार, छह साल तक चले इस अध्ययन में 1,200 से भी ज़्यादा बच्चों पर फिल्मों में दिखाए जाने वाले सेक्स दृश्यों के असर की पड़ताल की गई. अमेरिका के दार्थमाउथ कॉलेज और आईवी लीग यूनिवर्सिटी के अनुसंधानकर्ताओं ने वर्ष 1998 से लेकर वर्ष 2004 तक की 684 फिल्मों का सर्वे किया और उनमें दिखाए गए सेक्स दृश्यों के आधार पर उनका वर्गीकरण किया. ‘आइज़ वाइड शट’ जैसी फिल्मों को ‘अधिक सेक्स दृश्य’ वाली श्रेणी में रखा गया, जबकि ‘लॉर्ड ऑफ द रिंग्स : द रिटर्न ऑफ द किंग’ को ‘कम सेक्स दृश्य’ वाली श्रेणी में रखा गया था.

    सुरक्षित सेक्स:

    एक रिश्ते को लम्बे समय तक चलाने के लिए दो सबसे ज़रूरी बातें

    चाहे आप शादीशुदा हों, किसी को डेट कर रहे हो या एक रात के रिश्तों में विश्वास रखते हो अपने साथी से सुरक्षित सेक्स के बारे में बात करना बेहद ज़रूरी है। एक और विषय जिसके बारे में बात करना अजीब हो सकता है के लिए पेश है हमारी सुझाव पुस्तिका: क्या करें जब आपको कोई यौन संचारित रोग हो या हो जाएंIसेक्स करने से पहले अपने साथी से सुरक्षित सेक्स के बारे में बात करें! अगर आप वर्जिन हैं तो आपके साथी को आपसे किसी भी प्रकार के संक्रमण का खतरा ना के बराबर है। लेकिन हो सकता है कि आपके साथी ने पहले सेक्स किया हो। और अगर उन्होंने एक बार भी बिना कंडोम के सेक्स किया तो इस बात की पूरी संभावना है कि उन्हें यौन संचारित रोग होI

    – यह ना सोचें कि एक लड़के की जेब में हमेशा कंडोम मौजूद रहेगा। पूछ लेना बेहतर है। एक बार आप किसी के साथ आश्वस्त हो गए हैं और यौन सम्बन्ध स्थापित करने के बारे में बात कर चुके हैं तो आप कुछ ऐसा कह सकते हैं:

    ‘मुझे ख़ुशी है कि हम सेक्स के बारे में बात कर सकते हैं क्यूंकि मैं भी कंडोम और गर्भनिरोधकों..’उसके बाद आप उनकी प्रतिक्रिया देखकर गर्भनिरोध के अलग अलग तरीकों के बारे में बात कर सकते हैंI गर्भनिरोध के अलग-अलग तरीकों के बारे में यहाँ पढ़ेंIइस वार्तालाप के लिए उपयुक्त समय ढूंढना मुश्किल हो सकता है। शायद आप तब बात कर पाएं जब एक रोमांटिक फिल्म में कोई कामुक दृश्य आ रहा होI

    ‘क्या यह कंडोम का इस्तेमाल करेगा?’अपने साथी की प्रतिक्रिया का इंतज़ार करेंI अगर वो कहते हैं कि उन्हें नहीं लगता कि वो करेगा तो उन्हें कंडोम या गर्भनिरोधक इस्तेमाल करे बिना सेक्स करने से होने वाले जोखिमों के बारे में बताएंI

    ‘कहीं वो गर्भवती ना हो जाएं या उसे किसी प्रकार का कोई यौन संक्रमण ना जाए’

    अपने साथी को कैसे बताएं कि आपको यौन संक्रमित रोग है:

    अगर आपको यौन संक्रमण है तो यह अत्यंत महत्त्वपूर्ण है कि आप अपने साथी को इस बात से अवगत कराएं। और अगर आप यह बात कहने का उपयुक्त समय ढूंढ लें और उन्हें अपनी बात अच्छी तरह से समझा दें तो इस बात की पूरी संभावना है कि वो आपको समझ जायेंगेI

    उपयुक्त समय- सही समय अत्यंत आवश्यक हैI फोरप्ले या सेक्स के दौरान अपने साथी को नहीं बताएंI यह बात निर्वस्त्र होकर नहीं हो सकती। जैसे आप अपने रिश्ते की और गतिविधियों के बारे में चर्चा करते हैं, इस बारे में ऐसे ही बात करनी होगीI

              जब वहां केवल आप दोनों हो और आपके पास अपने साथी की प्रतिक्रिया देखने का पूरा मौक़ा हो, तब उनसे पूछें कि क्या उन्हें कभी यौन संक्रमण हुआ है और क्या वो इस बारे में कुछ जानते हैंI हो सकता है कि यह उनके साथ  भी हुआ होI खुल कर बात करें – इससे आपके साथी को लगेगा कि वो भी आपके साथ दिल खोल कर बात कर सकते हैंI

     बोलने का ढंग- इस तरह से ना बताएं कि परेशानी सुनने में और भी ज़्यादा बड़ी और खतरनाक लगेंI बात की शुरुआत ऐसे ना करें:

  • पीरियड्स आने से पहले शरीर देने लगता है ये संकेत

    पीरियड्स आने से पहले और उसके दौरान महिलाओं को कई तरह की शारीरिक दिक्कतें होने लगती है. साथ ही साथ कुछ शारीरिक कष्ट भी शुरू हो जाते हैं. जैसे  ब्लॉटिंग, शरीर में अकड़न, दर्द और मूड स्विंग्स जैसी दिक्कतें शुरू होती है. इन सारी चीजों को इग्नोर नहीं किया जा सकता है. पीरियड्स से पहले हर बार कुछ नए-नए दिक्कतें हो सकती है.  अगर आपकी लाइफस्टाइल हेल्दी है तो आपको पीरियड्स से पहले का अनुभव अलग हो सकता है. 

    पैरों में दर्द होना

    पीरियड्स आने से पहले पैरों में अजीब सा दर्द होने लगता है. सिर्फ इतना ही नहीं जांघों में भी खिंचाव का अनुभव होता है. आपने ध्यान दिया होगा कि पीरियड्स आने से पहले आपको अचानक से पैर में अजीब सा दर्द होने लगताहै. 

    पेट, पेडू के साथ कमर के आसपास दर्द होना

    पीरियड्स आने से पहले पेट के इर्द-गिर्द हल्का दर्द होने लगता है. वो दर्द ऐसा होता है कि आप आराम से भाप सकते हैं कि आपको जल्द ही पीरियड्स आने वाला है. जरूरी नहीं है कि हर महिलाओं को एक जैसा दर्द ही होगा लेकिन किसी को तेज और किसी को मीठा दर्द हो सकता है. इस दर्द के बाद आपको अंदाजा मिल जाएगा कि पीरियड्स आने वाला है. 

    कमजोर महसूस होना

    पीरियड्स से पहले कुछ लोगों को कमजोरी महसूस होती है. वह तुरंत थक जाते हैं. यह संकेत देखकर औरतें या लड़कियां समझ जाती है कि उन्हें पीरियड्स आने वाला है. 

    मूड स्विंग भी होने लगते हैं

    पीरियड्स होने से पहले मूड स्विंग होने लगते हैं. जिसकी वजह से चिड़चिड़ापन, उदासी, तनाव जैसी स्थिति होती है. पीरियड्स से पहले पिंप्लस भी आ सकते हैं. 

    ब्रेस्ट में दर्द या साइज में होते है बदलाव

    पीरियड्स आने से पहले कई ऐसी महिलाएं जिनके ब्रेस्ट में बदलाव होने लगते हैं. जैसे ब्रेस्ट में सूजन, साइज में बदलाव और दर्द जैसी समस्या हो सकती है. ब्रेस्ट में कुछ ऐसे चेंजेज देखने को मिलते हैं जिसकी वजह से पता चल जाता है पीरियड्स आने वाला है. 

    पीरियड्स आने से पहले होने वाली दिक्कतों से बचना है तो इन बातों का रखें ख्याल

    अपना डाइट अच्छा रखें. यानि हेल्दी डाइट लें

    8 घंटे की नींद पूरी करें

    शरीर को ज्यादा से ज्यादा आराम दें

    साफ-सफाई का ध्यान रखें

    अच्छे क्वालिटी के सैनिटरी पैड का इस्तेमाल करें

  • Success tips: सफलता के यह सरल मंत्र आज ही रट लें

    जीवन शैली: जीवन में प्रत्येक व्यक्ति सफल होने का विचार करता है। हर किसी की यही अभिलाषा रहती है कि वह अपने जीवन को एक सकारात्मक दिशा में ले जाए और अपने जीवन का लक्ष्य निर्धारित कर जीवन को सफल बनाए। कई बार हम सफल होने के लिए अपने दैनिक व्यवहार में परिवर्तन करते हुए अपने जीवन को व्यवस्थित करते हैं। वहीं आज हम आपको जीवन के कुछ ऐसे विशेष नियम बताने जा रहे हैं जिनका यदि आप अनुसरण करते हैं तो आप अपने जीवन को सफलता के मार्ग की ओर अग्रसर कर पाते हैं। 

    जानें किन टिप्स को अपनाकर आप अपने जीवन में हो सकते हैं सफल:

    संकल्प:-
     
    संकल्प सफलता का पहला मंत्र है यदि कोई व्यक्ति अपने जीवन में सफल होना चाहता है और अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल करना चाहता है तो आपको अपने जीवन के लक्ष्य को हासिल करने का संकल्प लेना होगा और अपने संकल्प के आधार पर अपनी तैयारी को सुनियोजित करना होगा  और सफलता के पथ पर आगे बढ़ना होगा। 

    सुबह उठने का समय:

    यदि आप अपने जीवन में कुछ बेहतर करना चाहते हैं, अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल करना चाहते हैं तो आपको अपनी सुबह उठने की आदत में बदलाव करना होगा क्योंकि कई लोग रात  में देर तक जागते हैं और सुबह देर से उठते हैं आपकी यह आदत आपके भीतर आलस को जन्म देती है। 

    अब अगर आप समय पर उठना नहीं जानते हैं तो आप अपने लक्ष्य को कैसे हासिल करेंगे। जो व्यक्ति सुबह उठता है उसका मन सकारात्मक ऊर्जा से भरा रहता है और व्यक्ति अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित कर पाता है जीवन में सफल रहने के लिए व्यक्ति को सुबह जल्दी उठना चाहिए। 

    पूजा – पाठ :

    जो व्यक्ति सफल और सुखी है उसका आध्यात्म से जुड़ाव रहा है। आध्यात्म आपको मन की शांति देता है अगर आप अपने जीवन में अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं तो आपको आध्यात्म से जुड़ाव रखना होगा और नियमित रूप से पूजा-पाठ करनी चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आप सकारात्मक रहते हैं व अपने लक्ष्य की तरफ ध्यान केंद्रित कर पाते हैं। 

  • जानें कब होता है अकेलापन

    जीवन शैली: मनुष्य का जीवन सबसे सुंदर बताया गया है। यह समाजिक प्राणी है और लोगों के बीच उनसे जुड़कर रहना उसका स्वाभाव है। यदि मनुष्य को समाज से प्रथक कर दिया जाए तो वह मानसिक तनाव में आ जाएगा हो सकता है यह तनाव उसके जीवन को तिल-तिल करके खत्म कर दे। वहीं आज के समय में हर दूसरा व्यक्ति अकेलेपन से जूझ रहा है। 

    लोग अपनों के बीच भी अकेले हैं उन्हें हमेशा आवश्यकता रहती है एक सहारे की जो उनकी मानसिक स्थिति को समझ सके और उसे सहारा दे सके। लेकिन उनके पास कोई नही होता है और लोग अकेलेपन की वजह से परेशान रहते हैं। यह अकेलापन व्यक्ति के लिए जहर बन जाता है इससे व्यक्ति शारीरिक और मानसिक दोनों प्रकार से व्यथित रहता है। अकेलेपन के कारण व्यक्ति कई गलत आदतें सीख लेता है और स्वयं को तकलीफ देता है। वही आज हम अकेलेपन के विषय में जानेंगे –

    जानें क्या है अकेलापन :

    अकेलापन पीड़ा दायक है यह व्यक्ति को भावनात्मक तोड़ देता है। जब व्यक्ति स्वयं को अकेला महसूस करता है तो वह स्वयं को समाज से प्रथक समझता है, उसे रिश्ते नहीं दिखाई देते उसे लगता है उसके आस पास उसका कोई नहीं है सब कुछ मिथ्या है। सभी उससे स्वार्थ सिद्दी के लिए जुड़े हैं। अकेलापन व्यक्ति को तब महसूस होता है जब वह अपने मन की व्यथा किसी को नहीं बता पाता है और अंदर ही अन्दर टूटता रहता है। वास्तव में अकेलापन व्यक्ति को तोड़ने की एक विधा है जो सीधे उसके मस्तिस्क को प्रभावित करती है। 

    कब होता है अकेलापन –

    मनुष्य एक सामाजिक प्राणी है, उसे लोगों के साथ रहना पंसद है जो व्यक्ति स्वयं तक सीमित रहता है जल्दी किसी पर विश्वास नही कर पाता उसे अकेलापन अधिक सताता है। व्यक्ति जब लोगों से मिलता है उनसे बात करता है उनको स्पर्श करता है तो उसका मन प्रसन्न रहता है लेकिन जो व्यक्ति लोगों से प्रत्यक्ष बात नहीं कर पाता, अपने मन की पीड़ा किसी को नहीं बताता वह निरंतर दुखी रहता है और मानसिक तनाव उसके जीवन में जहर घोल देता है। अकेलापन लोगों से दूर रहने और अपने मन की व्यथा किसी से न कह पाने के कारण होता है। 
     

  • National Doctor’s Day: जानें क्यों मनाया जाता है नेशनल डॉक्टर डे

    National Doctor’s Day: पूरा भारत आज नेशनल डॉक्टर डे मना रहा है। क्योंकि आज के दिन पश्चिम बंगाल के पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय का जन्म बिहार के पटना में हुआ था। 1991 से  नेशनल डॉक्टर डे मनाने की शुरुआत हुई। इस दिन को मनाने का खास उद्देश्य लोगों के लिए ईश्वर का रूप कहे जाने वाले डॉक्टर को सम्मान देना होता है। 

    जानें इतिहास:

    भारत में  नेशनल डॉक्टर डे पहली बार 1991 में मनाया गया। यह दिन पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. बिधान चंद्र रॉय को समर्पित है। भारत में Healthcare System में इनका बड़ा योगदान रहा है। इस वर्ष डॉक्टर डे की थीम ‘Celebrating Resilience and Healing Hands’. रही है। 

    क्या है विशेष: 

    डॉक्टर्स डे उन सभी डॉक्टर्स के प्रति आभार प्रकट करने का दिन है जो दिन रात अस्‍पतालों में सेवा में लगे रहते है. मरीजों को ठीक करना डॉक्टर्स की ड्यूटी होती है, लेकिन इसके लिए वो चौबीसों घंटे तैयार रहते हैं. उनके इस लगन और जज्बे को सलाम करने के लिए यह खास दिन हर साल मनाया जाता है. इस दिन तमाम जगहों पर कई तरह के कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है. कई जगहों पर मुफ्त शिविर और मुफ्त में स्क्रीनिंग की सुविधा दी जाती है.

  • Tulsi Plant Remedies: तुलसी की जड़ से करें यह काम हो जाएगा चमत्कार

    जीवन शैली: तुलसी का पौधा हिन्दू धर्म में पुज्यनीय है। घर के आंगन में तुलसी का पौधा लगाना शुभ माना जाता है। प्रत्येक शुभ काम में तुलसी पूजन का प्रावधान है। वही यदि अगर तुलसी के पौधे से जुड़े कुछ काम आप करते हैं तो इससे आपके घर में सकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाता है और घर से सुख-समृद्धि दौड़ी चली जाती है। 

    ज्योतिष के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति अपने घर के मुख्य द्वार पर तुलसी की जड़ बांधता है तो घर में धन बढ़ता है। आपसी विवाद खत्म होता है और सभी का जीवन सुखमय रहता है। यदि आपके घर में नियमित रूप से तुलसी की पूजा नहीं होती है तो यह आपके परिवार के लिए संकट पैदा करता है वही जिस घर के लोग तुलसी की पूजा करते हैं और उसको जल अर्पित करते हैं तो आपके घर में सुख-समृद्धि आती है और आपके बिगड़े हुए कार्य सफल हो जाते हैं। 

    वही अगर घर में नकारात्मक ऊर्जा का प्रवाह बढ़ जाए तो आपको घर के मुख्य द्वार पर तुलसी की जड़ बांध देना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो आपके घर में शांति बनी रहती है और सभी के बीच प्रेम पूर्ण व्यवहार होता है। 

  • अगर आपका दोस्त करता है यह काम तो दोस्ती पर कभी मत उठाना कोई सवाल

    जीवन शैली: दोस्ती इस संसार का सबसे खूबसूरत रिश्ता है। जाति धर्म से घिरे इस संसार में एक यही रिश्ता ऐसा है जो निस्वार्थ होता है। लेकिन दोस्ती हर कोई नहीं कर सकता, आपका दोस्त हर कोई नहीं बन सकता। क्योंकि दोस्ती सिर्फ कहने तक सीमित नहीं दोस्ती समर्पण का भाव है जो व्यक्ति अपने मित्र के प्रति बिना स्वार्थ के समर्पित है वही दोस्ती के बंधन में बंधा हुआ है। आज हम आपको कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे हैं जिससे आप यह अनुमान लगा सकते हैं आपके साथ जो व्यक्ति है वह आपका सच्चा मित्र है या आपके साथ किसी लाभ सिद्दी हेतु जुड़ा हुआ है। 

    जानें सच्चे मित्र के गुण-

    निस्वार्थ प्रेम- 

    जो व्यक्ति आपका सच्चा मित्र होगा वह आपसे अपना लाभ नहीं साधेगा। उसके मन में आपके प्रति द्वेष का भाव नहीं होगा। वह आपसे निस्वार्थ प्रेम करेगा और आपके हर अच्छे बुरे वक्त में आपका साथ देगा। सच्चा मित्र आपको सकारात्मक मार्ग पर चलने की प्रेरणा देगा और आपको एक बेहतर इंसान बनाने की कोशिश में जुटा रहेगा। 

    आगे बढ़ने की प्रेरणा-

    आप अगर किसी व्यक्ति के साथ रहते हैं तो वह हर अच्छे बुरे वक्त में आपका समर्थन करेगा उसका उद्देश्य यही होगा की आप अपने जीवन में कुछ बेहतर हासिल करें। वह आपको सदैव आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा और आपको आपके लक्ष्य के ओर ध्यान केंद्रित करने के लिए कहता रहेगा। 

    सत्य के साथ जीना –

    आपका मित्र कभी आपको झूठ के मार्ग पर आगे बढ़ने की प्रेरणा नहीं देगा। जो भी आपका सच्चा मित्र होगा वह आपको सत्य के साथ जीना और सत्य को स्वीकारना सिखाएगा और सत्य के मार्ग पर चलते हुए अपने लक्ष्य की और आगे बढ़ने की प्रेरणा देगा।

  • इन फूड्स को खाना शुरू करें नशों में आ जाएगी जान

    जीवन शैली: हमारा शरीर विटामिन्स और एन्जाइम्स के संतुलन से चलता है। यदि हमारे शरीर में सही मात्रा में विटामिन नहीं हैं तो हम अस्वस्थ हो जाते हैं। वही हमारे शरीर में पर्याप्त मात्रा में न्यट्रीशन पहुंचाने का काम हमारी नशे करती हैं। नशों के माध्यम से शरीर के सभी हिस्सों में एन्जाइम्स और न्यट्रीशन का प्रवाह होता है और हमारा स्वास्थ्य बेहतर रहता है। वही आज हम आपको कुछ ऐसे फूड्स के विषय में बताने जा रहे हैं जिनके सेवन से आपकी नशें मजबूत होती हैं और आपका स्वास्थ्य बेहतर बना रहता है। 

    कद्दू के बीज (Pumpkin Seeds For Healthy Nerves): कद्दू के बीच नशों के लिए काफी फायदेमंद होते हैं इसमें मैग्नीशियम, कॉपर, आयरन और जिंक पाए जाते हैं।  यह हमारी नशों को मजबूत बनाते हैं। इसके सेवन से हमारी नशें रेडिकल्स  फ्री होती हैं। 

    क्विनोआ (Quinoa For Healthy Nerves): क्विनोआ में विटामिन इ और विटामिन बी पाया जाता है। इसके सेवन से नशें मजबूत होती हैं। वही यदि आप इसका सेवन रोजाना करते हैं तो इससे आपके मस्तिष्क सम्बन्धित बीमारियों से भी आराम मिलता है। 

    खट्टे फल (Citrus Fruits For Healthy Nerves): अगर आप रोजाना खट्टे फलों का सेवन करते हैं तो इससे आपकी नशें मजबूत होती हैं इसमें विटामिन सी पाया जाता है जो शरीर को स्वस्थ्य रखता है। खट्टे फलों के नियमित सेवन से रक्त साफ़ होता है और आपकी स्किन भी काफी ग्लोइंग हो जाती है। 

    हरी पत्तेदार सब्जियां (Green Leafy For Healthy Nerves): अगर आप रोजाना ब्रोकली, पालक, लौकी, तोरई आदि हरी सब्जी खाते हैं तो यह आपके शरीर में रक्त की कमी पूर्ण करता है। आपकी नशों को मजबूत करता है और आपके स्वास्थ्य को बेहतर रखने में मददगार साबित होता है। हरी सब्जियों में विटामिन बी पाया जाता है जो शरीर को हेल्थी रखता है। 

  • Water for Anti-ageing: पानी पीने से आप हो सकते हैं जवान

    जीवन शैली: पानी के बिना हम अपने जीवन की कल्पना नहीं कर सकते। पानी का उपयोग हम सिर्फ पीने के लिए नहीं अपितु अपने दैनिक जीवन की दिनचर्या के लिए भी करते हैं। पानी हमें बेहतर स्वास्थ्य प्रदान करता है। लेकिन क्या आपको पता है कि पानी हमारी स्किन के लिए कितना फायदेमंद साबित हो सकता है। अगर आप नियमित रूप से सही मात्रा में पानी पीते हैं तो यह आपको यंग रखता है। वही आज हम आपको पानी से जुड़े कुछ ऐसे नियम बताने जा रहे हैं जिनको अगर आपने अपना लिया तो आप हमेशा जवां दिखेंगे और आपकी स्किन ग्लोइंग बनी रहेगी। 

    हमारे बुजुर्ग हमें खाने के समय पानी पीने से अक्सर टोकते हैं उनका तर्क रहता है कि खाने के साथ पानी-पीने से भोजन हमारे शरीर में नहीं लगता है। लेकिन जानकारों का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति खाना – खाने के कुछ घंटो बाद पानी  पीता है तो उसका शरीर स्वस्थ्य रहता है और स्किन पर ग्लो आता है। अगर आपके गले में भोजन फसने लगता है तो आपको खाने के साथ शिकंजी, दूध या दही ले लेना चाहिए। 

    कई लोग बड़ी हड़बड़ी में रहते हैं। पानी पीते वक्त एक झटके में पानी पी लेते हैं और पानी पीने का कोई नियम नहीं अपनाते। लेकिन हमें पानी पीते वक्त सदैव यह याद रखना चाहिए कि पानी आराम से बैठ कर पीना चाहिए। पानी एक बार में न पीकर घूंट-घूंट पीना चाहिए। 

    गर्मियों में हमने देखा होगा कि लोग कहीं बाहर से आते हैं और फ्रिज से ठडा पानी निकाल कर पीने लगते हैं। लोगों को ठंडा पानी पीने से बचना चाहिए यह आपकी प्यास तो बुझा सकता है लेकिन इससे आपका स्वास्थ्य सबसे अधिक प्रभावित होना चाहिए। 

    इसके साथ ही सभी को सुबह चाय नाश्ता करने से पूर्व गुनगुना पानी पीना चाहिए। गुनगुना पानी पीने से आपका पेट साफ़ होता है और इससे आपकी स्किन ग्लो करती है और आपका मोटापा कम होगा।