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  • OMG इस एक वजह से बनाई जातीं हैं महिलाओं के पैंट की जेब छोटी

    जीवन शैली- हम कपड़े खरीदते हैं तो हमारे दिमाग में यही रहता है कि काश हमें  मिल जाए जो हमारे ड्रेसिंग सेन्स को बेहतरीन बना दे। आजकल स्त्री और पुरुष के कपड़ों में कोई ख़ास अंतर नहीं है।  वहीं जींस एक ऐसी कॉमन ड्रेस है जिसे स्त्री और पुरुष दोनों पहनते हैं लेकिन एक चीज जो आप सभी ने ध्यान दी होगी की महिला की पैंट की जेब पुरुष की पैंट की जेब से छोटी होती है। अब सवाल यह उठता है कि पैंट की जेब में इतना अंतर क्यों ? क्या महिलाओं की पैंट की जेब छोटी बनाने के पीछे कोई लॉजिक है- तो आइये जानते हैं। 

    असल में महिलाओं की पैंट की जेब छोटी होती है इसका एक विशेष कारण यह है कि कंपनियां मार्केट में हैंड वॉलेट और महिलाओं के पर्स का बाजार खत्म नहीं करना चाहती हैं। कंपनियों का मानना है कि यदि महिलाओं की पैंट की जेब पुरुष की पैंट की जेब की तरह बड़ी बनाई जाएगी तो महिलाएं पर्स रखना बंद कर देंगी और यह बाजार खत्म हो जाएगा। 

    जानकारों का मानना है कि हमारा समाज फैशन के मामले में महिलाओं पर अधिक ध्यान देता है, फैशन का केंद्र बिंदु महिलाएं होती हैं, महिलाओं की पैंट में छोटी जेब रखने का एक कारण यह भी है कि उनकी जींस को स्टाइलिश और अटेंशन ग्रेबिंग लुक दिया जा सके।

  • आपकी यह आदतें रिश्ते को बनाएंगी मजबूत

    जीवन शैली : किसी के साथ रिश्ते में आना बेहद आसान है लेकिन उस रिश्ते को उम्दा तरीके से निभा पाना बेहद कठिन। असल में जब दो लोग किसी रिश्ते में आते हैं तो वह सिर्फ एक दूसरे की अच्छी आदतों को नहीं अपितु उनकी बुरी आदतों को भी स्वीकार करते हैं। लेकिन कई बार- हम देखते हैं कि लोगों का एक अच्छा रिश्ता उनकी छोटी- छोटी आदतों की वजह से टूट जाता है। 

    वही आज हम आपको कुछ ऐसी आदतों के विषय में बताने जा रहे हैं जिनको अगर आप अपना लेते हैं तो आपका रिश्ता सिर्फ सफल नही होगा बल्कि आप अपने पार्टनर के साथ जीवन पर्यंत खुश रहेगे। 

    वक्त देना सीखें –

    जब दो लोग रिश्ते में आते हैं तो उनको एक दूसरे को वक्त जरुर देना चाहिए। कई बार हम देखते हैं कि शुरुआत में पार्टनर अपने साथी को खूब वक्त देते हैं और बाद में वह उनके साथ टाइम एक्सपेंड नहीं करते। पार्टनर की यह आदत उनके रिश्ते को सबसे अधिक प्रभावित करती है कई बार साथी को वक्त न देने के कारण एक बेहतर रिश्ता खराब हो जाता है।  रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि सभी को अपने रिश्ते को वक्त देना ही चाहिए यदि आप अधिक व्यस्त हैं तो आप अपने पार्टनर के लिए स्पेशन टाइम बना लें और उस समय अपने सभी काम छोड़कर उसके साथ वक्त बिताएं। यदि आप यह करते हैं तो इससे आपका रिश्ता मजबूत होता है और आप दोनो के मध्य प्रेम बना रहता है। 

    बातों को सुनें :

    हम अक्सर अपनी कहना जानते हैं मानों बचपन से हमें यही सिखाया गया है कि अपनी कहो लेकिन धैर्य के साथ किसी की मत सुनों। हमारी यह आदतें हमारे रिश्ते को प्रभावित करती हैं और पार्टनर के मध्य बेवजह का झगड़ा शुरू हो जाता है। अगर आप किसी के साथ रिश्ते में बंधे हैं तो आपको अपने अंदर सुनने की प्रवृति विकसित करनी होगी। आपको अपने पार्टनर की हर बात सुननी चाहिए और उसके साथ बैठ कर उसकी समस्या का हल निकालने का प्रयास करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे आपके पार्टनर का आप पर विश्वास बढ़ता है और आपका रिश्ता मजबूत होता है। 

    तनाव को नजर-अंदाज करें :

    कई बार हम अपने पार्टनर से झगड़ा करते हैं और तनाव में रहने लगते हैं। बार-बार यही सोचते हैं कि क्या सामने वाले की नजर में हमारी कोई इज्जत नहीं है क्या हम उसके लिए महत्वपूर्ण नही हैं। यह सभी बातें हमें तनाव में जकड़ती हैं और तनाव के चलते हम अपने रिश्ते को खत्म कर देते हैं।  कोशिश करनी चाहिए कि अपने आपस के झगड़े को सौम्यता के साथ सुलझा लें और अपने आपसी झगड़े को बार-बार याद करके तनाव न लें। 

    गलतियों को स्वीकार करें :

    जब दो लोगो रिश्ते में आते हैं और कभी-कभी दोनों में आपसी कहा-सुनी होती है तो लोग अपने पार्टनर के सम्मुख झुकना नहीं पसंद करते हैं। लोगों की न झुकने और अपनी गलती को न स्वीकारने की आदत उनके रिश्ते को कमजोर बनाती है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी गलतियों को स्वीकार लेता है तो उसके रिश्ते में कभी फूट नही पडती और व्यक्ति अपने रिश्ते को बेहतर और सफल बना पाता है। 

  • मीठे से नहीं इन तीन आदतों से होता है ब्लड शुगर

    जीवन शैली: आज समय काफी बदल गया है, बीमारियां अब उम्र नहीं देखती, बच्चें हों या बड़े सब किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं वहीँ जब बाद आती है शुगर की तो हम सभी परेशान हो जाते हैं। आम तौर पर हमें लगता है शुगर या डायबिटीज अधिक मीठे के सेवन से होता है लेकिन जानकारों का मानना है कि यह एक गंभीर बीमारी है जो सिर्फ मीठा खाने से नहीं अपितु हमारी दैनिक आदतों से भी होती है। जो आइये जानते हैं किन आदतों के कारण होती है शुगर या डायबिटीज की समस्या। 

    नीद की समस्या-

    आज कल हम तकनीकी से जुड़ गए हैं पूरे दिन हम ऑफिस में अपना काम करते हैं और रात में समय पर सोने की जगह मोबाइल फोन चलाने में जुटे रहते हैं। जिसके चलते अगर सबसे अधिक कुछ प्रभावित होता है तो वह है हमारे सोने का समय। जब हम समय पर नहीं सोते हैं तो इससे हमारे शरीर में इन्सुलिन का प्रवाह सही नही होता है और हमारा ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। जानकारों का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति को रोजाना ८ घंटे की नींद लेनी चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आप कई बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं और आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। 

    तनाव- 

    तनाव मानों आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग हो गया है। छोटे-छोटे बच्चे भी आजकल तनाव में रहने लगे हैं। तनाव से हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है यह कई प्रकार की बीमारियों हमें जकड़ता है। वहीं तनाव के कारण शरीर में इन्सुलिन का प्रवाह बढ़ता है और डायबिटीज की समस्या से हमें जूझना पड़ता है। 

    योग से दूरी :

    काम का वजन आज दिमाग पर इतना बढ़ गया है कि हम अपने स्वास्थ्य पर बिल्कुल ध्यान नही दे पाते हैं न तो हम सही तरीके से भोजन करते हैं और न ही हम योग करते हैं। हमारी यह आदतें हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं एवं इससे भी ब्लड शुगर की समस्या होने की सम्भावना अधिक होती है। 

  • सोने से पहले ब्रा पैंटी उतार देना चाहिए

     

     

    डेस्क रिपोर्ट: ।

    रात को सोने से पहले पैंटी जरूरी उतार देना चाहिए। इससे न सिर्फ कम्फर्ट मिलता है, बल्कि कई तरह के इन्फेक्शन से भी बचाव होता है।यदि आपने सिंथेटिक अंडरवियर पहना है, तो हवा का सही रूप से आना-जाना रूक सकता है। पैंट, पजामा या स्कर्ट के नीचे पैंटी पहनना जरूरी हो जाता है। कम्फर्ट के हिसाब से और शरीर की जरूरतों के लिए भी। यह पहने जाने वाले कपड़ों को योनि से होने वाले किसी भी प्रकार के स्राव से बचाता है। यदि आपने किसी प्रकार के टाइट कपड़े पहने हैं, तो यह रगड़ और इससे होने वाले जलन से भी बचाव करता है। हमें ध्यान सिर्फ इतना रखना है कि सिंथेटिक पैंटी की बजाय कॉटन पैंटी पहनना चाहिए। पर कभी- कभी पैंटी नहीं पहनना भी जरूरी हो जाता है। खासकर रात में। कई बार रात में पैंटी पहनने से ही कई प्रकार की दिक्कतें हो जाती हैं और नहीं पहनने से उन परेशानियों से  राहत मिल जाती है।

    1: यह ज्यादा आरामदायक होगा 

    जापान ओब्स्टेट गायनेको जर्नल में हुई स्टडी बताती है कि वेजाइना को स्वस्थ रखने के लिए सबसे जरूरी है वेंटिलेशन। दिन भर की थकान के बाद जब आप सोने जाती हैं, तो आपको सबसे अधिक आराम की जरूरत होती है। ढीले कपड़ों में नींद अच्छी तरह आती है। अलग-अलग डिज़ाइन और ब्रांड का अंडरवियर आपके कम्फर्ट जोन में खलल पैदा कर सकता है। इससे आपको खुजली की समस्या भी हो सकती है। यदि आप ढीली पैंट, मुलायम लेगिंग, या कोई लॉन्ग पोशाक में नींद लेने जाती हैं, तो आपको साउंड स्लीप मिल सकती है।

    2. सुचारू रूप से हवा की आवाजाही 

    यदि आपने सिंथेटिक अंडरवियर पहना है, तो हवा का सही रूप से आना-जाना रूक सकता है। जिस तरह से सांस लेने के लिए हवा जरूरी है, उसी तरह योनि क्षेत्र में भी हवा की आवाजाही जरूरी है। योनि सबसे संवेदनशील क्षेत्र है। यदि सही तरीके से हवा का आना-जाना नहीं हो पाता है, तो इससे नमी बनने लगती है। कपड़े की मौजूदगी इस समस्या को और बढ़ा सकती है। अंडरवियर नहीं पहनने से योनि क्षेत्र को अतिरिक्त गर्मी और नमी से छुटकारा मिल जाता है।

    3. लाल चकत्ते और जलन नहीं होगी 

    एशियन पसिफ़िक ट्रॉपिकल डिजीज जर्नल के शोध आलेख के अनुसार, जब हम टाइट जींस या टाइट पजामी पहनते हैं, तो पैरों, जांघों और योनि क्षेत्र में बहुत अधिक पसीना जम जाता है। पसीना और रगड़ से स्किन पर लाल चकत्ते, घमौरियां और जलन हो सकती है। कभी कभार इसके कारण हीट रैशेस और दर्दनाक फुंसी भी हो जाती है।

  • दूसरे की पत्नी पर फ़िदा हुआ पति

    कहा जाता है कि एक महिला दुनिया की हर चीज शेयर कर सकती है लेकिन उसका पति नहीं। कोई भी पत्नी कभी भी यह बर्दाश्त नहीं कर सकती कि उसका पति किसी दूसरी महिला को पसंद करे। क्योंकि वह एक आदमी के साथ घर बसाने के लिए सब कुछ पीछे छोड़ने का सपना देखती है। लेकिन वह एक अनजान महिला के लिए धोखा खाना नहीं समझता। एक विवाहित महिला के लिए यह स्वीकार करना बहुत मुश्किल होता है कि उसका पति किसी अन्य महिला से प्यार करता है। इसमें कोई शक नहीं कि आज एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के मामले काफी आम हो गए हैं। अब अगर आपके पति को किसी परायी महिला से प्यार हो जाए तो क्या होगा? इस स्थिति को कैसे संभालना है, विशेषज्ञ से जानें।

    जब भी किसी महिला के साथ ऐसा होता है तो उसका सबसे बुरा हाल होता है। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आता कि किससे बात करें और कैसे खुद को इस समस्या से बाहर निकालें। ऐसे नाजुक रिश्ते को बेहतर तरीके से हैंडल करना चाहिए।

    पत्नी अपनी बात खुलकर रखें

    हो सकता है कि आपके पति इस बारे में बात न करना चाहें। लेकिन आप एक बार उससे शांति से बात करने की कोशिश करें। इस नाजुक स्थिति को संभालने का सही तरीका है बिना किसी झूठ के बातचीत करना। संवाद के जरिए पति-पत्नी अपना भविष्य बेहतर तरीके से तय कर सकेंगे। इस दौरान क्रोध और कटुता से बचें।

    पति-पत्नी को अपने परिवार से सहयोग मिलेगा

    अपने पति से बात करने के बाद मामले को परिवार वालों के सामने उठाएं। यहां परिवार और बड़ों की मदद लेना बहुत जरूरी है। क्योंकि दो लोगों के बीच शादी में परिवार बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसे में टूटे रिश्ते को बचाने के लिए सभी की मदद लेनी पड़ती है। इस भावनात्मक स्थिति में परिवार के सहयोग से चीजें आसानी से सुलझ सकती हैं।

    दर्द को दबाने से तकलीफ ही बढ़ेगी

    हर महिला को सबसे पहले जो करना चाहिए वह अपनी भावनाओं को दबाना नहीं है। क्योंकि दर्द को दबाने से तकलीफ और बढ़ जाएगी। आप अंदर ही अंदर घुट जाएंगे। इस वजह से आप लगातार दुखी, क्रोधित या बेवफा महसूस करेंगे। तो आइए इन सभी भावनाओं को बाहर आने दें।

    विशेषज्ञ की सलाह लें

    अगर सब कुछ करने के बाद भी आप स्थिति को सही तरीके से नहीं संभाल पा रहे हैं तो आपको विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए। आपका परिवार इस मामले में भावनात्मक रूप से शामिल है इसलिए सही सलाह मिलना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञ खुद को अभिव्यक्त करने के लिए एक सुरक्षित स्थान रहता है।

  • बड़े स्तनो वाली महिलाओं के लिए सही ब्रा का चुनाव

    डेस्क रिपोर्ट:

    महिलाओं/लड़कियों  को अपने ब्रेस्ट के साइज़ के अनुसार ब्रा का सिलेक्शन करना चाहिए। यदि  ब्रा अन-कम्फर्टेबल है तो चाहे आप कितनी भी खूबसूरत  ड्रेस क्यों न पहन लें, आपका कम्फर्ट लेवल कम ही रहेगा। खासतौर से यदि आपके ब्रेस्ट साइज़ में बड़े/हैवी है, तो आपको  इस बारे में ज्यादा सावधानी बरतनी चाहिए। ए‍क रिसर्च के अनुसार 70 प्रतिशत महिलाएं टाइट ब्रा पहनती हैं और 10 प्रतिशत महिलाएं लूज़ ब्रा पहनती हैं। रिसर्च बताती है कि लम्बे समय तक टाइट ब्रा पहनने वाली महिलाओं को ब्रेस्‍ट कैंसर होने का खतरा बढ़ जाता है। वही लूज ब्रा पहनने वाली महिलाये ब्रेस्‍ट सैगिंग जैसी समस्या से पीड़ित हो सकती है। आमतौर पर महिलाएं अपने ब्रेस्ट साइज या ब्रा के कम्फर्ट को चेक किये  बिना ही किसी भी तरह की  ब्रा सिलेक्ट कर लेती हैं जो बाद में उनके लिए परेशानी का कारण बन जाता है। अतः इस प्रकार की किसी भी समस्या से बचने के लिए  ये बहुत जरूरी है कि अपने ब्रेस्‍ट के शेप के अनुसार ब्रा का सिलेक्शन करें।

    आज इस आर्टिकल के माध्यम से आप कुछ ऐसे टिप्स के बारे में जानेंगी जो आपके हैवी ब्रेस्ट के ब्रा को सेलेक्ट करने में यूजफुल होंगी;;;

     अधिकतर ब्रा की  स्ट्रेप्स पर ज्यादा ध्यान देती हैं। ब्रा में लगी अंडरवायर पर उनका ध्यान ही नहीं जाता है. हमेशा ब्रा की शॉपिंग करतें समय उसके अंदर के अंडरवायर को एक बार अच्छे से चेक जरूर कर लें, कि वो चुभेंगे तो नहीं?, या फिर वो अच्छी तरह से इन्सर्टेड है ? आप चाहें तो एक्सपर्ट्स की सलाह भी ले सकती है। ज्यादातर बड़े ब्रेस्ट वाली महिलाएं छोटे साइज वाली ब्रा सेलेक्ट करतीं  हैं ताकि उनके ब्रेस्ट फर्म व स्मॉल लुक दें। कुछ महिलाएं साइज तो सही चुनती हैं लेकिन उनका ध्यान  स्ट्रैप और बैंड पर ज्यादा होता है, कप साइज पर वह ध्यान नहीं दे पाती। जिसके कारण ब्रा बहुत ज्यादा टाइट होती  है और ब्रा स्ट्रैप स्किन पर निशान बना देती है। बेहतर यही है कि ब्रा खरीदते समय सबसे पहले कप साइज  पर ध्यान दें और उसके बाद ब्रा की अन्य डीटेल्स पर। यदि आप स्टोर से ब्रा खरीद रही है तो वहा मौजूद फीमेल स्टाफ की मदद लेकर सही साइज़ चुन सकती है, और यदि आप ऑनलाइन ब्रा खरीद रही है तो क्लोविया साइज़ चार्ट फॉर ब्रेस्ट की हेल्प से अपने लिए सर्वोत्तम ब्रा का चुनाव कर सकतीं है

  • 40 की उम्र में 25 की होगी त्वचा, तुरंत करें ऐसा

    हर कोई लंबे समय तक जवान और खूबसूरत दिखना चाहता है। इसलिए जैसे-जैसे वे बड़े होते जाते हैं, वे अपनी त्वचा की देखभाल में कई महंगे सौंदर्य उत्पादों को शामिल करते हैं जो न केवल रसायनों से भरे होते हैं बल्कि उनका कोई प्रभाव भी नहीं दिखता है। तो अगर आप बढ़ती उम्र के कारण चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों और फाइन लाइन्स से परेशान हैं तो आज हम आपके लिए रॉ मिल्क फेस पैक लेकर आए हैं। यह एक एंटी एजिंग फेस पैक है। दूध में कई ऐसे गुण होते हैं जो आपकी त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही दूध त्वचा को अंदर से पोषण प्रदान करता है जो त्वचा को पोषित रखने में भी मदद करता है, तो आइए जानते हैं (How To Make Raw Milk Face Pack) कच्चे दूध का फेस पैक कैसे बनाएं…..

    कच्चे दूध का फेस पैक बनाने के लिए सामग्री-

    2 केले
    2 चम्मच शहद
    1 विटामिन- ई
    2 से 3 चम्मच कच्चा दूध 

    कच्चे दूध का फेस पैक कैसे बनाएं?

    कच्चे दूध का फेस पैक बनाने के लिए आप सबसे पहले एक बोतल लें।
    फिर आप 2 केले छीलकर अच्छे से मैश कर लें।
    फिर इसमें 2 बड़े चम्मच शहद और 2 से 3 बड़े चम्मच कच्चा दूध मिलाएं।
    – फिर आप इन चिनो चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें.
    फिर आप 1 विटामिन-ई कैप्सूल को पंचर करके डालें।

    कच्चे दूध का फेस पैक कैसे लगाएं?

    कच्चे दूध का फेस पैक लगाने से पहले अपने चेहरे को अच्छी तरह धो लें।
    फिर आप तैयार पैक को चेहरे पर अच्छे से लगाएं।
    फिर आप इसे करीब 15-20 मिनट तक सुखा लें।
    फिर आप अपने चेहरे को सादे पानी से धो लें।
    अच्छे परिणाम के लिए आपको इस पैक को हफ्ते में कम से कम 2-3 बार आजमाना चाहिए।

    कच्चे दूध के फायदे (कच्चे दूध के फायदे):

    कच्चा दूध आपकी त्वचा को कोमल बनाने में मदद करता है।
    कच्चा दूध त्वचा को गहराई से पोषण देता है।
    कच्चा दूध लगाने से आपके चेहरे पर बढ़ती उम्र के निशान धीमे पड़ने लगते हैं।

  • महिलाओं के सुडौल स्तन पुरुषों की पसंद

     

     

    डेस्क रिपोर्ट:

    अक्सर लड़कियां पुरुषों की कमजोरी का कारण बनती है। महिलाओं के स्तन पुरुषों कि कमजोरी होते है और उन्हें देखते ही पुरुष कामुक हो जाते हैं। अक्सर लड़कों के साथ ऐसा जरूर होता है कि अगर वह किसी भरे बदन वाली लड़की को देखते हैं तो कुछ बोले बिना रह नहीं पाते हैं। अक्सर लड़कों के साथ ऐसा जरूर होता है कि अगर वह किसी भरे बदन वाली लड़की को देखते हैं तो कुछ बोले बिना रह नहीं पाते हैं। अब चाहे वह दिल में आह भरें या दिल की आह निकाल दें लेकिन इस तरह की लड़की देखते ही वह बैचैन हो जाते हैं। तो आखिर ऐसा क्यों है कि लड़कों को भरे बदन वाली लड़कियां ही पसंद आती हैं तो हम बताते हैं आपको इसके कारण????भरे बदन वाली लड़कियों के हर अंग को साफ़-साफ़ देखा जाता है।

    एक वैज्ञानिक सर्वे के अनुसार लड़कों को लड़कियों के उभार देखना काफी पसंद होता है। इसलिए जिन लड़कियों का शरीर भरा हुआ होता है वहां लड़कों को उनके कुछ पार्ट्स देखने में काफी मजा आता है।कई रिसर्च के अनुसार 20 में से 16 मर्दो को लड़कियों का भरा हुआ बदन काफी उत्तेजित करता हैं इनको लड़कियों का प्लस साइज वाला फिगर काफी आकर्षित करता हैं। ऐसा देखा जाता है कि जिन लड़कियों का शरीर भरा हुआ होता है उनकी फिगर भी अच्छी खासी होती है। यही फिगर ही लड़कियों को खुबसूरत बना रही होती है। इसलिए लड़कों को इस तरह की लड़कियां पसंद आती हैं। लडकियों के शरीर में अगर हड्डियाँ साफ़ नजर आ रही होती हैं तो लड़कों को यह बिलकुल भी पसंद नहीं होता है।

    हर लड़का चाहता है कि वह जिसके साथ रहे उसकी पर्सनालिटी अच्छी होनी चाहिए। भरे बदन वाली लड़कियों के साथ चलने पर लड़कों को अच्छा फील भी होता है।मर्दो को दुबले बदन वाली महिलाओ की तुलना में भारी बदन वाली महिलाएं ज्यादा आकर्षित करती हैं इनके साथ वह यौन जिंदगी का मजा लूटने में ज्यादा दिलचस्पी लेते हैं। भरे बदन वाली लड़कियां बिस्तर में भी अच्छी होती हैं। लड़कों को जो सुख बिस्तर में चाहिए होता है वह इस तरह की लड़कियां आराम से देने में सक्षम होती हैं।

  • तुलसी के जड़ से करें यह काम जीवनभर होगी पैसों की बरसात

    हिंदू धर्म में तुलसी को एक पवित्र पौधा माना जाता है। कहा जाता है कि तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। कार्तिक मास में तुलसी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस दिन शालिग्राम और तुलसी का विवाह होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एकादशी के दिन तुलसी की पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है?

    आज 14 जून को कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इस दिन तुलसी को जल चढ़ाना चाहिए और मिठाई और फल चढ़ाने चाहिए। कहा जाता है कि इसकी जड़ में शालिग्राम होता है इसलिए इस दिन तुलसी की जड़ से जुड़े कुछ उपाय करना बहुत ही चमत्कारी होता है। आज हम आपको तुलसी की जड़ के कुछ चमत्कारी उपाय बताने जा रहे हैं। कहा जाता है कि इन उपायों को करने से कई परेशानियों से मुक्ति मिलती है.

    तुलसी की जड़ से जुड़े कुछ खास उपाय

    – शास्त्रों के अनुसार अगर आपकी कुंडली में नवग्रह का दोष है तो आपको तुलसी की जड़ की पूजा करनी चाहिए। इससे शनि सहित सभी दोषों से मुक्ति मिल सकती है।

    – शास्त्रों के अनुसार यदि तुलसी की जड़ को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में या जहां आप धन रखते हैं, वहां रख दें, जिससे धन आगमन के मार्ग खुल जाते हैं।

    – शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पौधे की जड़ लेकर उसे गंगाजल से धो लें। अब इसे पीले कपड़े में बांधकर घर में रख दें। इससे घर में कलह दूर होते हैं।

    – शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहता है तो तुलसी की जड़ को शुक्रवार के दिन चांदी के ताबीज में रखकर उसकी माला बनाकर धारण करें।
     
    – शास्त्रों के अनुसार तुलसी की जड़ की माला बनाकर मंदिर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे मन शांत रहता है और तनाव दूर होता है।

    – शास्त्रों के अनुसार तुलसी की जड़ की माला बनाकर अपने ऑफिस डेस्क पर रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। बिगड़े काम बनने लगते हैं और तरक्की होने लगती है।

  • किस उम्र में ब्रा पहनना शुरू करें लड़किया

     

     

    डेस्क रिपोर्ट:

    किस उम्र में ब्रा पहनना शुरू करें या किस तरह पहली बार करें ब्रा का चुनाव, यह प्रश्न बहुत जटिल है। जब आप अपनी टीनएज को याद करती होंगी, तो महसूस होता होगा कि ये सब कितना जटिल था। पर अब वक्त बदल रहा है। लड़कियों को अब पहले से ज्यादा एक्सपोजर है। वे अपने लुक और फिट को लेकर पहले से ज्यादा सजग हुईं हैं। ऐसे में अगर आपकी छोटी बहन या बेटी ब्रा पहनने की सही उम्र आपसे जानना चाहे, तो आप क्या सलाह देंगी? अरे परेशान न हों, क्योंकि आपकी मदद के लिए हमने इस बारे में एक एक्सपर्ट से बात की है। 

    1 :

    जब आने लगे एरोला में उभार 

    यदि किसी लड़की या बच्ची को लगता है कि उसे ब्रा पहननी चाहिए, तो ब्रेस्ट के बहुत अधिक विकसित न होने के बावजूद वह उसे कैरी कर सकती है। इससे उसे कोई शारीरिक समस्या नहीं हो सकती है। वैसे, प्रत्येक निप्पल के अंदर या आसपास छोटे उभार होते हैं, जो शर्ट के ऊपर से भी दिखाई देने लगते हैं। यदि कुछ ऐसा दिखने लगा है, तो सही साइज की ब्रा लेने का समय आ गया है। जब ब्रेस्ट का साइज बढ़ने लगता है, तो छूने या दबाने पर दर्द और कोमलता का भी एहसास होता है। साथ ही निप्पल या एरोला डार्क और बड़ा होता जाता है। इसकी शेप आगे से प्वाइंटी भी होने लगती है। 

    2 :

    ब्रेस्ट का आकार  

    आपको लड़कियों के विकास की औसत उम्र को समझना होगा। कुछ लड़कियां 9 साल में ही प्यूबर्टी फेज में आ जाती हैं और उनका शरीर डेवलप होने लगता है। वहीं कुछ लड़कियां 14 साल की उम्र तक प्यूबर्टी फेज में नहीं जाती हैं और उनके ब्रेस्ट भी उतने डेवलप नहीं हो पाते हैं। इसलिए उन्हें ब्रा की जरूरत नहीं पड़ती है। हालांकि भारत में लड़कियों द्वारा ब्रा पहनना शुरू करने की औसत उम्र 11-12 साल देखी जा रही है। 

    3 :

    प्यूबर्टी के लक्षणों को पहचानें 

    ब्रेस्ट डेवलप होने से पहले प्यूबिक हेयर्स ग्रो करने लगते हैं। इसके बाद ब्रेस्ट बड्स डेवलप होने लगते हैं। प्यूबर्टी के कारण लड़कियां थोड़ा वेट भी गेन करती हैं। उनका बेली एरिया पहले की अपेक्षा अधिक गोल दिखाई देने लगता है। यदि आपकी बेटी या छोटी बहन में कुछ ऐसे लक्षण दिखाई देने लगे हैं, तो आप उन्हें ब्रा पहनने की शुरुआत करा सकती हैं। 

    4:

     खेलने-कूदने में असुविधा होती है 

    जब टीनएज में पीरियड स्टार्ट होता है, तो बॉडी डेवलपमेंट भी स्टार्ट हो जाते हैं। निप्पल बाहर की ओर निकलने लगते हैं। ऐसी स्थिति में ब्रा की शुरुआत कराई जा सकती है। यदि बच्ची को दौड़ने या खेलने में ब्रेस्ट के पास अनकम्फर्टेबल महसूस होता है, तो उसे ब्रा की शुरुआत कराई जा सकती है।पहली ब्रा के लिए अंडरवायर ब्रा का चुनाव सही नहीं होता है। जिस लड़की के ब्रेस्ट बहुत बड़े होते हैं, उन्हें भी शुरुआत में इससे बचना चाहिए। स्ट्रैप्स और कप्स वाली ब्रा के चुनाव के लिए या तो लड़की खुद अपनी ब्रेस्ट का मेजरमेंट करे या अपनी मां या बहन को ऐसा करने के लिए कहे। सबसे अच्छा होता है कि इस कार्य में आप सेल्स वुमेन की मदद लें। वह आपको सही कप साइज की ब्रा देगी।