Category: health

  • कामोत्तेजक आहार से आपको मिलेगा सेक्स का बेस्ट अनुभव

    डेस्क। सेक्स तब और भी आनंददायक हो जाता है जब आप और आपका साथी सेक्स पावर बढ़ाने वाले खाद्य पदार्थ खाने का विकल्प चुनते हैं! कुछ खाद्य पदार्थ कामोद्दीपक (Aphrodisiac) के रूप में कार्य भी करते हैं जो शरीर में ऑक्सीटोसिन और ‘फील गुड’ हार्मोन की रिहाई को बढ़ाते भी हैं जो किसी व्यक्ति को और उत्तेजित भी बना सकते हैं…
    ये सभी खाद्य पदार्थ संभावित रूप से यौन इच्छा को बढ़ाते हैं और आवश्यक पोषक तत्व और विटामिन प्रदान करके यौन स्वास्थ्य में सुधार भी करते हैं। यहां कुछ कामोत्तेजक खाद्य पदार्थ हैं, जिनका सेवन आप वास्तव में अच्छा सेक्स करने के लिए कर सकते हैं।
    डार्क चॉकलेट: डार्क चॉकलेट में फेनिलथाइलामाइन (Phenylethylamine) होता है, जो एंडोर्फिन (Endorphins) ko रिलीज कर सकता है और मूड में सुधार भी करता है। इसमें फ्लेवोनॉयड्स (Flavonoids) भी होते हैं, जो रक्त प्रवाह और निम्न रक्तचाप को बेहतर बनाने में काफी मदद करते हैं, जो स्तंभन दोष के लिए सहायक हो सकते हैं और आप दोनों को उत्तेजित करने के लिए रक्त प्रवाह को पर्याप्त बना देते हैं। अगर आप एक कदम आगे बढ़ना चाहते हैं, तो आप अपने साथी के शरीर पर कुछ डार्क चॉकलेट लगा सकते हैं और कुछ अतिरिक्त प्रभाव के लिए उसे चाट भी सकते हैं।
    ओइस्टर: ओइस्टर को अक्सर कामोत्तेजक माना जाता है, क्योंकि इसमें उच्च स्तर का जस्ता होता है, जो टेस्टोस्टेरोन (Testosterone) के उत्पादन के लिए आवश्यक भी होता है। जिंक शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता में सुधार करने में भी यह मदद करता है। डेट नाइट पर ओइस्टर खाना आपको और आपके पार्टनर को जुनून एवं डिजायर की रात का आश्वासन दे सकता है।
    एवोकाडो: एवोकाडो स्वस्थ वसा और पोटेशियम से काफी भरपूर होता है, जो रक्त प्रवाह को बेहतर बनाने और ऊर्जा के स्तर को बढ़ाने में भी काफी मदद करता है। इसमें विटामिन ई भी होता है, जो स्वस्थ यौन जीवन के लिए आवश्यक हार्मोन उत्पादन में सुधार करने में भी मदद कर सकता है इससे आपकी यौन इच्छा और आनंद भी बढ़ता है।
    तरबूज: तरबूज में सिट्रूलाइन (Citrulline), एक एमिनो एसिड पाया जाता है जो लिंग में रक्त के प्रवाह को बेहतर बनाने और यौन क्रिया को बढ़ाने में काफी मदद करता है। यह नाइट्रिक ऑक्साइड उत्पादन को बढ़ाने में भी आपकी काफी मदद कर सकता है, जो यौन उत्तेजना को बेहतर बनाने में मदद करता है। यह भी एक बहुत ही हाइड्रेटिंग फल है जो प्राकृतिक स्नेहन में आपकी मदद कर सकता है।
    Maca: Maca एक जड़ वाली सब्जी है, जिसे अक्सर यौन क्रिया और कामेच्छा में सुधार के लिए पूरक के रूप में उपयोग किया जाता है और इसमें यौगिक होते हैं जो हार्मोन के स्तर को संतुलित करने और ऊर्जा और सहनशक्ति में सुधार करने में काफी मदद कर सकते हैं। यह आपके मेटाबॉलिज्म को नियंत्रित रखता है और आपको सक्रिय महसूस भी कराता है।
    नोट- बता दें इस लेख में दी गई तमाम जानकारियों को सूचनात्मक उद्देश्य से लिखा गया है और इसकी वास्तविकता, सटीकता एवं विशिष्ट परिणाम की हम कोई गारंटी नहीं लेते हैं।

  • नमक लेगा आपकी जान हो जाएं जरा सावधान- रिपोर्ट

    लाइफस्टाइल– नमक के बिना मानो खाने का स्वाद ही बिगड़ जाता है। कुछ लोगों को खाने में अधिक नमक भाता है तो कुछ लोगों का काम हल्के नमक से ही चल जाता है। लेकिन समस्या तब होती है जब ये स्वाद बढ़ाने वाला नमक हमारी जान का दुश्मन बन जाता है। हां ठीक सुना आपने जान का दुश्मन। असल मे विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दावा किया है कि विश्व मे सबसे ज्यादा मौत का कारण नमक बन रहा है।

    WHO ने दावा किया है कि विश्व में सबसे अधिक बीमारियों का कारण नमक है। नमक का अधिक सेवन लोगों की जान ले रहा है। 2025 तक विश्व के 30 फीसदी लोगों को नमक का सेवन कम करवाने का लक्ष्य है। यह आसान नहीं है क्योंकि लोगों को सुस्त नमक का भोजन रास नहीं आता है और लोग खाने में ऊपर से नमक डालकर अपना स्वाद बनाते हैं।
    रिपोर्ट का दावा है कि अगर जल्द ही नमक के बढ़ते सेवन पर लगाम नहीं लगाई गई। तो आगामी सात साल के नमक से होने वाली बीमारियों से लोग ज्यादा ग्रसित होंगे। रिपोर्ट के मुताबिक नमक सोडियम का भंडार है। नमक स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद साबित होता है। लेकिन अगर कोई नमक का उपयोग अधिक मात्रा में करता है तो उसको ह्रदय रोग, स्ट्रोक व किडनी की समस्याओं से जूझना पड़ता है।
    रिपोर्ट का यह भी कहना है कि आज के समय हर दूसरे व्यक्ति को मोटापे की समस्या है। अगर मोटापे से निजात पाना है तो आपको सोडियम की मात्रा शरीर मे कम करनी होगी। अन्यथा नमक आपको संसार में नहीं रहने देगा और आपका सुख चैन छिन जाएगा। पूरी दुनिया मे 10.8 नमक का सेवन लोग करते हैं। वहीं भारत के लोगों को खाने में तेज नमक खाने का खूब शौक है।

  • साइकिल से भी धीरे चलती है यह ट्रेन, 46 किलोमीटर का सफर तय करने में लगता है इतना समय

    रोचक– भारत एक ऐसा देश है जहां लोग सबसे अधिक यात्रा करना ट्रेन से पसन्द करते हैं। लोगों को ट्रेन का सफर बेहद आरामदायक और सेफ्टी का लगता है। ज्यादातर लोग तेज चलने वाली ट्रेनों से सफर करना पसंद करते हैं। वहीं देश मे कई ऐसी सुपरफास्ट ट्रेन हैं जो आपको आपकी डेस्टिनेशन तक आसानी से लेकर जाती हैं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी ट्रेन के विषय में बताने जा रहे हैं जो बेहद स्लो चलती है।

    जानें सबसे स्लो ट्रेन के बारे में-

    भारत की सबसे स्लो चलने वाली ट्रेन जिसकी स्पीड साइकिल की रफ्तार से भी कम है। यह ट्रेन मेट्टूप्लायम नीलगिरी पैसेंजर ट्रेन है। यह ट्रेन ऊटी से तमिलनाडु के इलाके में चलती है। लोग इसकी यात्रा के लिए महीनों पहले से बुकिंग करवाते हैं। वहीं अपनी रफ्तार के कारण यह ट्रेन सैलानियों के लिए काफी आकर्षक है।
    अगर कोई व्यक्ति इस ट्रेन से 46 किलोमीटर की यात्रा करता है तो उसे कम से कम 5 से 6 घण्टे का समय लगेगा। यह ट्रेन 10 किलोमीटर प्रति घंटा से कम रफ्तार में चलती है। इस ट्रेन को नीलगिरी माउंटेन ट्रेन के नाम से जाना जाता है। यह ट्रेन यूनिस्को विश्व धरोहर में शामिल है।
    लोग इस ट्रेन का सफर करने के लिए दूर-दूर से आते हैं। यह ट्रेन पहाड़ों, जंगलों को चीरते हुए निकलती है। ट्रेन में बैठने का नजारा बेहद खूबसूरत है यह लोगों को बेहद सुकून देता है। यह ट्रेन 7:10 पर मेट्टूप्लायम स्टेशन से चलती है और 12 बजे ऊटी आ जाती है।

  • स्त्री ऐसे पुरुष को बनाना चाहती हैं अपना पति..?

    लाइफस्टाइल- विवाह ह्रदय का सम्बंध है। यह जीवन पर्यंत के लिए दो लोगों को एक कर देता है। विवाह के बाद सिर्फ दो लोग नहीं मिलते। क्योंकि विवाह में दो परिवार, दो विचार, दो भावनाएं एक होती हैं। 

    वैसे तो सब कहते हैं कि विवाह प्रेम से होता है। जिन लोगों में प्रेम है उनका आपस मे मिलना सुनिश्चित है। ईश्वर लोगों का भाग्य लिखकर भेजता है। लेकिन स्त्रियों में हमेशा यह इच्छा रहती है कि उनका पति बड़ा सामर्थ्यवान हो।
    कामसूत्र ग्रन्थ में आचार्य वात्सायन कहते हैं विवाह भले ही दो लोगों को एक करता है। लेकिन स्त्रियां हमेशा अपने पति के रूप में एक ऐसे पुरूष को चाहती हैं। जो गुणवान हो, वशवर्ती हो, सामर्थ्यवान हो। स्त्री की ओर आकर्षित हो। उसकी इच्छाओं का सम्मान करता हो और प्रत्येक परिस्थितियों में उनके साथ खड़ा हो।

  • सुख के लिए संघर्ष क्यों

    सुख के लिए बहुत अधिक संघर्ष मत कीजिए। सुख और दुख एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। यदि जीवन में सुख है तो जीवन में दुख होना निश्चित है। आपका जीवन किससे प्रभावित होता है यह आपके व्यवहार पर निर्भर करता है। आप अगर जीवन भर सुखी रहना चाहते हैं तो आपको अपने आस-पास के लोगों को सुख देने का प्रयास करना चाहिए।

    सुख और दुख क्रिया है- जो आप अपने लिए करते हैं। इसके लिए ईश्वर को दोष देना निंदनीय है। ईश्वर सबको समान शक्तियां देता है। अब यह आपको निर्धारित करना चाहिए कि आप सुखी रहना चाहते हैं या जीवन में होने वाली प्रत्येक घटना को स्वीकार करने की जगह उसपर दुखी होना चाहते हैं।
    सुख के लिए प्रयास की नहीं स्वीकृति की आवश्यकता है। अगर आप स्वीकार लेते हैं कि जो हो रहा है वह उचित है। शांत मन से मुस्कुराते हैं। लोगों पर प्रतिबंध लगाने की जगह उनको स्वतंत्र छोड़ देते हैं। किसी को परखने की जगह स्वयं को निखारने लगते हैं। 
    आपके इस बात से फर्क नहीं पड़ता कि सब आपके साथ कैसे व्यवहार करते हैं। आप निस्वार्थ लोगों के प्रति समर्पित रहते हैं और सुख के लिए अपने कर्म पर निर्भर हो जाते हैं। तो सुख बेहद सरल हो जाता है और आप दुख पर विजय प्राप्त करते हैं।

  • अगर जाना है पहली बार डेट पर तो गांठ बांध लें यह तीन बातें

    लाइफस्टाइल– किसी को देखना और उसकी ओर खिंचे चले जाना हर किसी के साथ होता है। कई बार यह आकर्षक हमको उस व्यक्ति से जोड़ देता है। हम उसके साथ रिलेशनशिप में जाते हैं उसको अपने दिल की बात बताते हैं।

    लेकिन इस सबके साथ ही आता है डेटिंग का कॉन्सेप्ट। जब आप पहली बार किसी के साथ डेट पर जाते हैं। यह बेहद अनोखा अनुभव होता है। लोग अपने आप को तैयार करते हैं। मन में कई सवाल होते हैं। यह होना मुनासिब है। लेकिन अपनी इन तैयारियों के बीच हम कुछ ऐसा काम कर देते हैं तो हमारी पहली डेट को बर्बाद कर देता है।

    जानें क्या करता है आपकी डेट बर्बाद-

    दिखावा-

    कई लोग जब पहली बार डेट पर जाते हैं तो वह अपने वास्तविक रूप में नहीं दिखाई देते। अपने साथी के सामने वह दिखावा करते हैं। यह दिखावा धन, कपड़े और बातचीत के तरीके का हो सकता है। 
    अगर आप यह सब करते हैं तो आपका पार्टनर आपको पहली नजर में आंक लेता है और आपके साथ डेट उसके लिए बेहद खराब हो जाती है। डेट पर जाए तो सच के साथ जाएं और अपने वास्तविक मूल्यों से समझौता न करें।

    सुरक्षित फील करवाएं-

    कई लोग अपने पार्टनर के साथ डेट पर जाते हैं और उसकी अनुमति के बिना ही उसको स्पर्श करने लगते हैं। अगर आप यह सब हरकतें करते हैं तो आपका पार्टनर आपके साथ असुरक्षित फील करता है और आपसे दूरी बनाने लगता है। कई बार पहली डेट पर ही आप दोनों के बीच तर्क-वितर्क हो जाता है और आपका रिश्ता खराब हो जाता है।

    तुलना करने से बचें-

    अगर आप अपने पार्टनर के साथ डेट पर गए हैं। तो आप उसके साथ क्वालिटी वक्त बिताने का प्रयास करें। उसकी बातों को सुनें उसकी वास्तविकता को स्वीकार करें और उसकी तुलना किसी अन्य व्यक्ति से न करें। अगर आप ऐसा करते हैं तो आपके पार्टनर का आपसे विश्वास कम होता है और आपकी डेट खराब हो जाती है।

  • रामायण की इन बेहतरीन चौपाइयों के साथ दें राम नवमी की शुभकामनाएं

    लाइफस्टाइल– आज पूरा भारत राम नवमी का पावन पर्व मना रहा है। चैत्र नवरात्रि का समापन रामनवमी के साथ होता है। कहते हैं असुरों का विनाश करने के लिए, धर्म की स्थापना करने के लिए प्रभु श्री राम ने धरती पर अयोध्या नरेश दशरथ जी के घर में जन्म लिया था।

    वहीं अगर आज राम नवमी के दिन अपने परिजनों को शुभकामनाएं अनोखें अंदाज में भेजना चाहते हैं। तो रामायण की इन प्रेरणादायक चौपाइयों के साथ आप उनको राम नवमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं।

    जानें कैसे दें राम नवमी की शुभकामनाएं-

    बिनु सत्संग विवेक न होई। 
    राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥
    सठ सुधरहिं सत्संगति पाई।
    पारस परस कुघात सुहाई॥ 
    आप सभी को रामनवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे।
    जा पर कृपा राम की होई।
    ता पर कृपा करहिं सब कोई॥
    जिनके कपट, दम्भ नहिं माया।
    तिनके ह्रदय बसहु रघुराया॥
    राम नवमी की ह्रदय से बधाई एवं शुभकामनाएं।
    कहेहु तात अस मोर प्रनामा।
    सब प्रकार प्रभु पूरनकामा॥
    दीन दयाल बिरिदु संभारी।
    हरहु नाथ मम संकट भारी॥
    राम नवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
    हरि अनंत हरि कथा अनंता।
    कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता॥
    रामचंद्र के चरित सुहाए।
    कलप कोटि लगि जाहिं न गाए॥
    जय श्री राम। राम नवमी की हार्दिक बधाई।
    एहि महँ रघुपति नाम उदारा।
    अति पावन पुरान श्रुति सारा॥
    मंगल भवन अमंगल हारी।
    उमा सहित जेहि जपत पुरारी॥
    सभी परिजनों और प्रिय साथियों को राम नवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 

  • ऐसे पुरुषो की बढ़ती है सेक्स पावर

    [object Promise]
    ऐसे पुरुषो की बढ़ती है सेक्स पावर
    ऐसे पुरुषो की बढ़ती है सेक्स पावर
    [object Promise]
    आचार्य वात्सायन के मुताबिक़ अपनी जाति में करना चाहिए विवाह
    आचार्य वात्सायन के मुताबिक़ अपनी जाति में करना चाहिए विवाह
    [object Promise]
    इस विवाह से परिजनों को मिलती है खुशी
    इस विवाह से परिजनों को मिलती है खुशी
    [object Promise]
    सेक्स होता है एन्जॉय भरा और बढ़ती हैं सेक्स पावर
    सेक्स होता है एन्जॉय भरा और बढ़ती हैं सेक्स पावर

  • How to have safer sex

    [object Promise]
    How to have safer sex

    [object Promise]
    Safer sex is a way to reduce your risk of STIs and pregnancy

    [object Promise]
    Use lots of condom-safe lubrication

    [object Promise]
    Use a fresh condom

    [object Promise]
    Always sterilize sex toys

  • महावीर स्वामी जयंती:- जानें महावीर स्वामी के उपदेश और स्त्रियों के विषय मे तर्क

    लाइफस्टाइल- जैन समुदाय का प्रमुख पर्व महावीर जयंती इस साल 4 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस दिन महावीर स्वामी का जन्म हुआ था। यह जैन समुदाय के 24 वें तीर्थंकर थे।महावीर स्वामी के बचपन का नाम वर्धमान था। इनके पिता सिद्धार्थ और माता त्रिशला थीं।

    जैन धर्म की स्थापना किसने किया इसका श्रेय किसी को नहीं दिया गया है। कर्म और ज्ञान के आधार पर जैन धर्म के तीर्थंकर हुए। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर थे। जैन धर्म मे तीर्थंकर उस व्यक्ति को कहा जाता है जो सांसारिक सुख का त्याग करता है, मोह माया से विरक्त हो जाता है और लोगों को धर्म का पाठ पढ़ाता है।

    महावीर स्वामी के उपदेश-

    जैन धर्म के ग्रंथ आचारांग सूत्र के मुताबिक महावीर स्वामी एक साधु थे। वह अकेले रहते थे। उनका जीवन भ्रमण करना और लोगों को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना था। महावीर स्वामी ने अपनी भ्रमण यात्रा को 30 वर्ष की आयु में आरम्भ किया और 42 वर्ष तक यह भ्रमण करते रहे।
    महावीर स्वामी और गौतम बुद्ध में एक बात समान थी कि उन्होंने आम आदमी को उपदेश नहीं दिया। महावीर स्वामी अपने अनुयायियों को उपदेश देते थे। उन्होंने अपने अनुयायियों को असत्य से दूर रहने, मैथुन को त्यागने, हिंसा का विरोध करने, सांसारिक वस्तुओं का त्याग करने का उपदेश दिया।

    जैन धर्म के मुताबिक स्त्रियां-

    जैन ग्रंथो के मुताबिक स्त्रियों को लेकर महावीर स्वामी के कई अलग विचार थे। उनका मानना था कि महिलाएं कभी सन्यासी नहीं बन सकती हैं। महिलाओं में सबसे अधिक प्रलोभन होता है। उनके भीतर अंडाशय का निर्माण होता है जो मासिक धर्म के दौरान मर जाते हैं।
    कई लोगों का कहना है कि महावीर स्वामी के धर्म को मानने के लिए जिन नियमों को बनाया गया वह बेहद कठिन थे। उनका पालन करना आसान नहीं है। यही कारण है कि जैन धर्म का प्रसार-प्रचार भारत में भी कम हुआ है और विश्व स्तर पर भी जैन धर्म को लोग नहीं जान पाए।