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  • अगर सेक्स के दौरान पुरुष में होती है यह चीज, तो स्त्रियां करती हैं नफरत

    लाइफस्टाइल- सेक्स लाइफ(Sex Life) का सबसे अनोखा अनुभव(experience) है। कहते हैं सेक्स से दो लोगों के आपसी संबंध(strong relationship) मजबूत होते हैं और मानसिक तनाव(stress) से आराम मिलती है। वहीं सेक्स(sex) को लेकर कामसूत्र ग्रंथ(kamsutra granth) में कई बड़े खुलासे किए गए हैं। जिन्हें अगर आप जान लेते हैं तो आप अपनी सेक्स लाइफ(sex Life) को बेहतर तरीके से जी सकते हैं।

    कामसूत्र ग्रंथ(kamsutra granth) के मुताबिक जब स्त्री और पुरूष(male) के मध्य संभोग(Sex) होता है। तो दोनो ही उसका आनंद(enjoy) लेते हैं। वहीं आज तक यह समझना मुश्किल रहा है कि आखिर स्त्री संभोग(women Sex) में इतना लीन क्यों होती है और उसे किस तरह के पुरूष सेक्स(male Sex) के लिये चाहिए होते हैं।
    कामसूत्र(kamsutra) में कहा गया है कि स्त्री पुरुष(male-female) के चुम्बन(kiss), आलिंगन(hug) की वजह से सेक्स(Sex) की ओर आकर्षित होती है। वहीं स्त्री पुरुष जिस सुख के लिये सेक्स(why male and female sex) करते हैं उसे आज तक कोई नहीं समझ पाया है। क्योंकि वास्तव में यह उनका मानसिक आनंद(enjoy) होता है जिसे शब्दों में उल्लेखित नहीं किया जा सकता है।
    पुरुष कब हो जाते हैं संतुष्ट और स्त्री को किस तरह के पुरुष नहीं पसन्द-
    आचार्य ओघालिक(Acharya ogholik) के मुताबिक जब पुरुष स्खलित(male semen) हो जाता है। तो उसकी उत्तेजना खत्म हो जाती है। इसके बाद उसका मन सेक्स(Sex) से हट जाता है और उसे स्त्री की आवश्यकता नहीं रहती है। लेकिन स्त्री(female) इससे बिल्कुल अलग होती है। वह इतने में संतुष्ट(satisfaction) नहीं होती है। 
    क्योंकि स्त्री(female) को ऐसे पुरुष पसन्द होते हैं। तो तेजी से और देर तक सेक्स(sex) करने का सामर्थ्य रखते हैं। वह देर में स्खलित(semen) होते हैं और स्त्री की इच्छा के मुताबिक उसके साथ सेक्स करते रहते हैं।
    वहीं अगर कोई पुरुष जल्दी ही स्खलित(semen) हो जाता है। सेक्स(sex) से स्त्री को संतुष्ट(satisfaction) नहीं कर पाता है और बार-बार सेक्स के दौरान थका महसूस करता है। स्त्री ऐसे पुरुषों(male satisfaction) से संतुष्ट नहीं रहती हैं और इनसे नफ़रत(hate) करती हैं।

  • स्त्री जब स्त्री के साथ करती है ?

    लाइफ:- आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने जीवन से जुड़े कई पहलुओं पर अपना मत रखा है। आज संसार का प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन मे सुखी रहना चाहता है। वहीं अगर कोई अपना जीवन आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) के मार्गदर्शन(Guidence) के मुताबिक व्यतीत करता है तो उसे कष्टों का सामना कम करना पड़ता है।

    आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने वैसे तो व्यक्ति के स्वभाव को लेकर कई रहस्यों से पर्दा हटाया है। वहीं उन्होंने स्त्री के बारे में एक बड़ी बात कही है। आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का मानना है कि अगर कोई स्त्री पवित्र है, सकारात्मक(positive) रहती है और अपने जीवन मे खुश रहती है। तो स्त्री ही उस स्त्री के साथ ईर्ष्या का व्यवहार रखती है। स्त्री उससे जलती है और उसका अहित सोचती हैं।
    आचार्य चाणक्य(Chanakya Granth) के मुताबिक पवित्र स्त्री की दुश्मन स्त्री ही होती है। वह उसकी पवित्रता पर सवाल उठाती है और उससे ईर्ष्या करती है। निरंतर दूसरे लोगो से उसकी चुंगली करती रहती है।
    आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya)ने कहा है कि जो लोग मूढ़ होते हैं वह बुद्धिमान व्यक्ति से ईर्ष्या करते हैं। अपवित्र स्त्री पवित्र स्त्री से ईर्ष्या करती है। बदसूरत औरत खूबसूरत औरत से ईर्ष्या करती है और यह लोग ईर्ष्या की आग में निरंतर जलते रहते हैं।

  • व्यक्ति की इस आदत से पता चलता है उसका व्यवहार

    आध्यात्मिक- आचार्य चाणक्य(Chanakya niti) ने जीवन को सकारात्मक(positive) दिशा दिखाने के लिए चाणक्य नीति(Chanakya niti) के माध्यम से व्यक्ति का मार्गदर्शन(guidence) किया है। मान्यता है कि जो व्यक्ति आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) के बताए मार्ग पर चलता है और अपने जीवन को सकारात्मक(positivity) दिशा की ओर ले जाता है। उस व्यक्ति के भीतर परिस्थितियों से लड़ने का स्मार्थ्य विकसित होता है।

    आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का मानना था कि अगर आप किसी व्यक्ति को परखना चाहते हैं। तो उसके त्याग को परखें। क्योंकि जो व्यक्ति त्याग कर सकता है। वह आपको कभी धोखा नहीं दे सकता और उसके जीवन का एकमात्र लक्ष्य समर्पण होता है।
    आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya)का मानना है कि जिस प्रकार सोने की परख उसे पीटकर, काटकर, गर्म करके होती है। उसी प्रकार व्यक्ति की परख उसके त्याग से होती है। व्यक्ति का आचरण कैसा है। उसका व्यवहार(behaviour) कैसा है। उसमें कौन से गुण हैं। यह सब व्यक्ति के त्याग से जाना जा सकता है।

  • वो महिला जो सेक्स के बाद अपने प्रेमी को देती थी मौत

    लाइफस्टाइल- इतिहास(History) में क्रूरता के कई साक्ष्य मिल जाएंगे। ऐसे राजा महाराजाओं की कहानियों इतिहास(History) में मुद्रित हैं जिन्होंने अपने स्वार्थ के लिए अपने भाई-बहन, पिता, चाचा हर किसी के साथ छल-कपट किया।

    लेकिन आज हम आपको एक ऐसी महिला(women) के बारे में बताने जा रहे हैं। जो सुंदरता(beauty) में हर किसी को मात देती थी। उसे देखकर ऐसा प्रतीत होता था मानों वह कोई अप्सरा(Apaara) हो। लेकिन उसकी क्रूरता से हर कोई भयभीत था। कहा जाता है कि यह ऐसी क्रूर रानी थी जिसे किसी से भी प्रेम नहीं था। यह अपने प्रेमियों को सेक्स(Sex) करने के पश्चात मौत देती थी।
    जानें कौन थी क्रूर रानी-
    यह रानी मिस्र की थीं इनका नाम क्लियोपेट्रा था। यह बेहद खूबसूरत थी। हर कोई इनकी खूबसूरती का दीवाना था। कहते हैं कि लोग इन्हें कभी नजर उठाकर नहीं देखते थे क्योंकि जो एक दफा इन्हें देख लेता वह इनके प्रेम में मदहोश हो जाता था।
    लेकिन इनके अंदर काबिलियत का भंडार था। बुद्धि बेहद पैनी थी और यह सभी को आकर्षित कर लेती हैं। इन्हें कई भाषाएं आती थी। यह पुरुष और महिलाओं दोनों को अपनी भाषा और अपने सौंदर्य से अपनी ओर आकर्षित कर लेती थीं।
    यह 14 साल की उम्र से अपने पिता के साथ सत्ता पर हावी थीं। वहीं 18 साल की उम्र में यह रानी बन गईं। कई राजाओं ने जब इनपर हावी होना चाहा तो इन्होंने सेक्स को अपना हथियार बना लिया। 
    अब यह हर किसी को अपने सौंदर्य का दीवाना बनाती और अपने विद्रोही को अपने प्यार के जाल में फसा कर सेक्स के बाद मौत के घाट उतार देती थीं। इतिहास के मुताबिक 
    जूलियस सीजन के साथ रातें गुजारकर वह सिंहासन को वापस पाने में सक्षम बनी, दूसरे प्रेमी मार्क एंटनी के साथ भी उसने ऐसा ही किया।

  • औरत ये करने में हैं पुरुषों से आगे….?

    लाइफस्टाइल- स्त्री और पुरुष एक दूसरे के पूरक होते हैं। स्त्री के बिना पुरुष और पुरुष के बिना स्त्री अधूरी है। इस संसार में बहुत से काम ऐसे हैं जिनको स्त्री और पुरुष मिलकर कर सकते हैं। लेकिन कुछ काम ऐसे हैं जिन्हें सिर्फ स्त्री ही कर सकती है।

    आचार्य चाणक्य(According to Acharya Chanakya) ने स्त्रियों के व्यवहार को लेकर कई बड़े खुलासे किए हैं। वहीं आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya say about women) का कहना है कि स्त्री एक मात्र ऐसी है जिसके समान बातें कोई नहीं कर सकता है। इस संसार मे सबसे अधिक बातें करने में स्त्री आगे है। आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) के मुताबिक स्त्री बातें करने में सबसे अधिक माहिर होती है। बातों में उसे पुरुष कभी नहीं हरा सकते हैं। वहीं अगर पुरुष स्त्री से बातों में जितना चाहता है तो यह असंभव है।
    आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का कहना है कि इस संसार मे ऐसी कोई कल्पना नहीं है जिसे एक कवि या लेखक नहीं कर सकता है। इस संसार मे स्त्री की तुलना में कोई भी पुरूष बात नहीं कर सकता है। जिस व्यक्ति ने शराब का सेवन किया है उसकी तुलना में कोई भी व्यक्ति बकवास नहीं कर सकता है।

  • जानें स्त्री में कब तक बनी रहती है सेक्स की इच्छा…?

    लाइफस्टाइल:- सेक्स(Sex) जो स्त्री पुरुष के जीवन का अमुख हिस्सा माना जाता है। कहते हैं सेक्स(Sex) करने से व्यक्ति का स्ट्रेस कम होता है और दो लोगों के मध्य के सम्बंध मजबूत होते हैं। अगर कोई स्त्री पुरुष के साथ शरीरिक रूप से जुड़ती है तो वह उसपर अटूट विश्वास करती है।

    वहीं सेक्स के परिपेक्ष्य में कामसूत्र(Kamasutra Granth) में कई बड़े रहस्यों से पर्दा उठाया गया है। वैसे तो हमने सामान्य तौर पर सुना है कि पुरुषों में सेक्स(sex) की इच्छा अधिक होती है। पुरूष सेक्स करने के लिए सदैव उत्तेजित रहते हैं। लेकिन वास्तविकता में स्त्री और पुरुष दोनों के मन मे सेक्स की इच्छा होती है।
    कामसूत्र ग्रंथ के मुताबिक(According to kamsutra)- पुरुष में शुरुआत में सेक्स की इच्छा अधिक होती है। लेकिन जब पुरूष स्खलित हो जाता है तो उसकी सेक्स की इच्छा समाप्त हो जाती है और उसका मन सेक्स से भर जाता है। लेकिन स्त्री के साथ ऐसा नहीं होता। क्योंकि स्त्री में सेक्स(Sex) की इच्छा धीरे-धीरे जाग्रत होती है और बाद में यह तेज हो जाती है।
    कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra Granth) के मुताबिक स्त्री में सेक्स की इच्छा शुरुआत से लेकर पुरूष के स्खलित होने तक लगातार बनी रहती है। स्त्री पुरुष की तरह शुरुआत से ही सेक्स की अनुभूति महसूस करती है और सेक्स(Sex) के अंत मे उसे भी सुख का अनुभव होता है।

  • International Women’s Day 2023:- भारतीय संविधान में महिलाओं को मिले हैं यह पांच अधिकार

    International Women’s Day 2023:- हर वर्ष 8 मार्च को अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। हर जगह महिलाओं के हक की बात होती है। लोग छोटे-छोटे कार्यक्रम आयोजित कर महिलाओं को उनके अधिकार दिलाने की बड़ी-बड़ी बातें करते हैं। 

    लेकिन आज भी समाज मे महिलाओं को पुरूष के बराबरी के अधिकार नहीं प्राप्त हैं। समाज मे एक वर्ग ऐसा है जो आज भी महिलाओं के साथ दोहरा व्यवहार करता है। उसे अपने जीवन के निर्णय लेने का हक नहीं देता और अपने नियम महिलाओं पर थोपता है।
    वहीं आज हम आपको महिलाओं के उन अधिकारों के विषय में बताने जा रहे हैं। जो भारतीय संविधान में महिलाओं को दिए गए हैं और महिलाएं अपने अधिकार के आधार पर अपने हक की लड़ाई लड़ सकती हैं।

    वेतन का अधिकार-

    भारतीय संविधान में महिलाओं को समान वेतन का अधिकार दिया गया है। इस अधिकार के मुताबिक यदि महिला और पुरुष किसी दफ्तर में समान काम करते हैं। तो उन्हें उस काम के लिए समान वेतन दिया जाएगा। उनके साथ परिश्रम को लेकर किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं किया जाएगा।

    नाम और पहचान की गोपनीयता: 

    आपने अक्सर देखा होगा की जब किसी महिला के साथ दोहरा व्यवहार होता है। उसका शोषण होता है। यह उसके साथ कोई व्यक्ति जबर्दस्ती करता है। तो उसका नाम गोपनीय रखा जाता है। यह अधिकार महिला को संविधान में दिया गया है। संविधान के मुताबिक महिला अपना बयान किसी महिला पुलिस अधिकारी की मौजूदगी में दर्ज कराने का अधिकार रखती है। वो चाहे तो सीधे जिलाधिकारी के सामने भी शिकायत दर्ज करा सकती है। वहीं उसकी पहचान गुप्त रखी जाएगी।

    मातृत्व लाभ- 

    भारतीय संविधान में महिलाओं को यह हक दिया गया है। इसके अंतर्गत नौकरी पेशा महिलाओं को मातृत्व का लाभ पाने का अधिकार दिया गया है। मातृत्व लाभ अधिनियम के तहत प्रसव के पहले से लेकर बच्‍चे के जन्‍म के बाद तक महिलाएं 6 महीने की छुट्टी ले सकती हैं। इस दौरान महिलाओं के वेतन में किसी भी प्रकार की कटौती नहीं की जाएगी।

    मुफ्त कानूनी मदद-

    संविधान के मुताबिक महिला को मुफ्त कानूनी मदद मिलेगी। वह जब चाहें महिला कॉन्स्टेबल को मदद ले सकती है। वहीं अदालत में महिला का केस निःशुल लड़ा जाएगा।

    रात में गिरफ्तारी नहीं- 

    संविधान के नियमों के मुताबिक भारत मे किसी भी महिला की गिरफ्तारी दिन के उजाले में होगी। यदि महिला ने कोई गम्भीर अपराध किया है तो भी उसकी गिरफ्तारी रात में नहीं होगी।

  • पति के काम से पत्नी पर पड़ता है प्रभाव

    लाइफस्टाइल- कहते हैं पति और पत्नी(Husband wife relationship) एक दूसरे के पूरक होते हैं। यह एक दूसरे का मार्गदर्शन करते रहते हैं। जब पति कोई काम करता है तो उससे पत्नी का जीवन प्रभावित होता है। वहीं कोई भी धार्मिक अनुष्ठान बिना पति पत्नी के सम्पूर्ण नहीं हो सकता है।

    आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने पति-पत्नी के रिश्ते को सबसे पवित्र रिश्ता बताया है। चाणक्य(According to Acharya Chanakya) का कहना है कि जब कोई काम पति करता है तो उससे पत्नी भी प्रभावित होती है। पति के कर्म पत्नी के जीवन पर अनुकूल और प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।
    आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का कहना है कि अगर किसी का पति अधर्मी है। वह सदैव गलत मार्ग पर चलता है। लोगों का अहित करता है और पाप में लिप्त हैं। तो उसके इन कर्मों का प्रभाव व्यक्ति की पत्नी पर पड़ता है।
    आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का कहना है कि पति के बुरे कर्म का फल पत्नी को मिलता है। अगर पति नकारात्मक(negativity) काम करता है तो पत्नी का जीवन खराब हो जाता है और उसके जीवन मे दुख के बादल मंडराने लगते हैं।

  • अधिक स्त्रियों वाले देश मे महिलाओं को पसंद है सेक्स, जानें आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र की महिलाओं में सेक्स की इच्छा

    लाइफस्टाइल- सेक्स(Sex) आज स्त्री हो या पुरूष सभी के जीवन की जरूरत बन गई है। लोग आंनद के लिए सेक्स(Sex) करते हैं। क्योंकि सेक्स करने से व्यक्ति को मानसिक तनाव(, mental stress) से आराम मिलता है। व्यक्ति की मनोदशा बेहतर रहती है। स्त्रियों के चेहरे(skin glow) पर अलग ग्लो आता है।

    वहीं सेक्स(Sex) को लेकर स्त्री और पुरुष की अलग-अलग विचार अपने मन में रखते हैं। जहां एक ओर पुरुष सेक्स(male think about sex) को लेकर हमेशा विचार करता रहता है। वहीं कामसूत्र ग्रंथ में महिलाओं(women thik about Sex) की सेक्स इच्छा को लेकर ऐसी बातें कही गई हैं। जिन्हें सुनकर आप दंग रह जाएंगे।
    कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra Granth) के मुताबिक जिन देशों में स्त्रियों की संख्या अधिक होती है, जो देश विकास(Developing country) के पथ पर तेजी से आगे बढ़ते हैं, और जो देश विकासशील हों। उन देशों में स्त्रियों को अपनी सेक्स(Sex) की इच्छा को शांत करने के लिए ऐसे पुरूष की जरूरत होती है जो सेक्स कला में निपुण हों। जिन्हें सेक्स आता हो और जो जल्दी ही स्खलित न होते हों।
    कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra Granth) के मुताबिक इन दोशों की स्त्रियों को ऐसे पुरुष की आवश्यकता होती है। जो उनकी यानि में अपना लिंग डालकर उसपर तेज से प्रहार कर सकें। ज्यादा देर तक लगातार उनके साथ सेक्स करें। सेक्स(Sex time) के दौरान उनके साथ देर तक आलिंगन करे। वहीं अगर सेक्स(Sex) की इच्छा महिला की पुरूष शांत नहीं कर पाता है। तो इन देशों की स्त्रियां सेक्स के लिए सेक्स टॉय का उपयोग करती हैं।
    जानें कैसे हैं आंध्रप्रदेश की महिलाएं-
    कामसूत्र ग्रंथ(kamsutra granth) में आंध्रप्रदेश(Andrapradesh women behaviour) की महिलाओं को चरित्रहीन महिला कहा गया है। ग्रंथ के मुताबिक यहां रहने वाली महिलाएं स्वभाव से नाजुक लगती हैं। लेकिन यह महिलाएं सेक्स(like Sex) को बेहद पसंद करती हैं। इनके मन मे सदैव अश्लील विचार(Noughty thought) आते रहते हैं। यह चरित्र से बेहद सेक्स(Sex) की ओर आकर्षित होती हैं।
    महाराष्ट्र की महिलाओं में सेक्स की इच्छा-
    कामसूत्र ग्रंथ के मुताबिक- महाराष्ट्र की महिलाओं को तेज सेक्स(Maharastra women like Hard Sex) पसन्द है। यह महिलाएं अश्लील बातों में अधिक रुचि रखती हैं। यह सेक्स की 64 कलाओं को पसन्द करती हैं।

  • सेक्स के समय स्त्री और पुरुष में तेजी से होती है यह चीज

    लाइफस्टाइल- सेक्स लाइफ(Sex Life) के लिए बेहद आवश्यक है। सेक्स करने से व्यक्ति को मानसिक तनाव(mental stress) से आराम मिलता है और व्यक्ति का मन शांत रहता है। सेक्स दो लोगों के रिश्ते को मजबूती देता है। लेकिन सेक्स(Sex) के दौरान स्त्री और पुरुष के मन मे वैसे तो अलग-अलग विचार आते हैं। लेकिन एक विचार ऐसा है जो दोनों के मन से एक जैसा उत्पन्न होता है वह है उत्तेजना को शांत करने का भाव।

    कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra facts) के मुताबिक जब स्त्री और पुरुष सेक्स करते हैं। तो उनका मन उत्तेजना से भर जाता है। उनके मन मे बार-बार यही विचार आता है कि वह क्या करें कि उनकी सेक्स(Sex) की इच्छा शांत हो सके। व्यक्ति सेक्स(Sex thoughts) करते समय उचित अनुचित कुछ नहीं सोचता। क्योंकि उस दौरान उसका मन सिर्फ अपनी इच्छा को शांत करने के लिए दौड़ता है।
    सेक्स शास्त्र(Sex Shastra) में लिखा है जिस प्रकार घोड़ा भागते वक्त यह नहीं देखता कि उसके मार्ग में कितने गड्ढे हैं कितना पानी है। उसी प्रकार सेक्स(sex) के दौरान व्यक्ति यह नहीं सोचता वह जो कर रहा है उसका परिणाम क्या होगा। क्योंकि उस वक्त उसका उद्देश्य अपनी सेक्स की इच्छा को शांत कर परम सुख(Sex) प्राप्त करना होता है।
    कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra Granth) में यह भी कहा गया है कि जब आप अपनी सेक्स की इच्छा को शांत करने का प्रयास कर रहे हों। तो आपको अपने सहभागी की इच्छा को जानने की आवश्यकता होती है। क्योंकि स्त्री को प्रत्येक स्थिति में सेक्स करना नहीं पसन्द होता है। आप सेक्स की उसी स्थिति में उसके साथ सम्बंध बनाए जिसमे आपके साथ उसे भी मजा आ रहा हो।