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  • रंगों के साइड-इफैक्ट से बचना है तो लगाए नैचुरल क्लींसर

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    होली का त्योहार आने को कुछ दिन ही बाकी है। होली एक ऐसा त्योहार है, जिसके रंगों से कोई दूर नहीं रह सकता, लेकिन मार्कीट में मिलने वाले इन रंगों में कई कैमिकल्स मिले होते है, जो हमारी स्किन और आंखों को नुकसान पहुंचा सकता है।

    अगर आप होली में मस्ती भी करन चाहते है और होली के रंगों के साइड-इफैक्ट से भी बचे रहना चाहते है तो आज हम आपको कुछ नैचुरल क्लींसर बनाने के बारे में बताएंगे, जिनकी मदद से आप होली के रंगों से होने वाले नुकसान से बच सकते है।

    1. स्किन के लिए बनाएं क्लींसर
    स्किन के लिए क्लींसर बनाने के लिए आधे कप ठंडे दूध में 1 चम्मच वेजीटेबल ऑयल मिलाएं। इस मिक्सचर को अपने चेहरे पर कॉटन की मदद से लगाएं और अपना चेहरे पर लगा रंग साफ करें।

    2. कॉम्बीनेशन स्किन के लिए क्लींसर
    अगर आपकी स्किन ऑयली या कॉम्बीनेशन वाली है तो आधे चम्मच नींबू के रस में 1 चम्मच खीरे का रस और ठंडा दूध मिलाएं। 10 मिनट के बाद इससे चेहरा साफ करें। फिर इसे पानी से धो दें।

    3. नाखूनों के लिए क्लींसर
    नाखूनों से होली का रंग छुड़ाने के लिए पहले नाखूनों को ठंडे पानी से धोएं। फिर 1 चम्मच बादाम के तेल में 2 चम्मच सिरका या नींबू का रस मिलाएं। फिर इसमें उंगलियां डुबोएं और कुछ समय तक ऐसे ही छोड़ दें।

    4. बालों के लिए क्लींसर
    बालों से रंग निकालने के लिए बालों को पहले ठंडे पानी से धो लें। इससे रंग सिर की त्वचा पर रंग बैठ जाएगा। बालों में शुद्ध नारियल तेल लगाकर मसाज करें। इसके 1 घंटे बाद सिर की त्वचा पर नींबू का रस लगाएं।

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  • कई राज खोलती है आपके हंसने का अंदाज, तो आइए जानते है आपके हंसने का अंदाज !

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    दुनिया में हर व्यक्ति का स्वभाव और हंसने का अंदाज अलग-अलग होता है. हर इंसान की हंसी अलग तरह की होती है लेकिन क्या आप जानते है कि आपके हंसने का अंदाज पर्सनेलटी और स्वभाव से जुड़े कई राज खोलता है. आपकी हंसने के अंदाज से अच्छाई और बुराई से लेकर स्वभाव तक के बारे में पता लगाया जा सकता है. तो आइए जानते है आपकी हंसी आपके स्वभाव के बारे में क्या कहती है.

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    1. खिलखिलाकर हंसना

    इस तरह हंसने वाले लोग उत्साही प्रवृति और बुद्धिमान तरह के होते है. इनके मन बिल्कुल साफ होता है और यह लोग मदद के लिए हमेशा तैयार रहते है. इस तरह हंसने वाले लोग अपने जीवन में प्यार को बहुत अहमियत देते है.

    2. तेज आवाज निकाल कर हंसना

    स्वाभिमानी और परिश्रमी तरह के लोग तेज आवाज निकाल कर हंसते है लेकिन तेज आवाज निकाल कर हंसने के साथ चेहरे के हाव-भाव बदलने वाले लोग अभिमानी भी होते है.

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    3. मंद-मंद मुस्कुराना

    मंद-मंद मुस्कुराने वाले लोग बुद्धिमान और गंभीर प्रवृति के होते है. इस तरह हंसने वाले लोग जल्दी गुस्सा न करने के साथ-साथ कठिन समय में भी धैर्य से काम लेते हैं.

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    4. कंजूसी से हंसने वाले

    कंजूसी से और रूक-रूक कर हंसने वाले लोग विवेक की बजाय भावना से काम लेते हैं. इस तरह के लोग पैसों की बचत करने में भी विश्वास रखते है.

    5. ही-ही करके हंसना

    मौकापरस्त और धूर्त किस्म के लोग इस तरह की बनावटी हंसी हंसते है. बौद्धिक क्षमता वोले इस तरह के लोगो के पर कभी भरोसा नहीं करना चाहिए.

     

  • मां जरूर याद रखें ये छोटे-छोटे नुस्खे, बच्चे से हर समस्या रहेगी दूर

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    भले ही आप बच्चे की परवरिश में कोई कसर न छोड़ें, लेकिन लाख सावधानियां बरतने के बाद भी कोई न कोई गलती हो ही जाती है। बच्चों की परवरिश करना आसान काम नहीं है क्योंकि बच्चे बेहद नाजुक और संवेदनशील होते हैं। बदलते मौसम में उन्हें सर्दी, खांसी और त्वचा संबंधी कई प्रॉबल्म भी हो सकती है। ऐसे में उन्हें खास केयर की जरूरत होती है, ताकि उन्हें इन परेशानियों से बचा कर रखा जा सकें।

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    अक्सर छोटे बच्चे बीमार होते है तो सबसे ज्यादा मां टेंशन में पढ़ जाती है, उनकी सेहत सुधारने में लगी रहती है, लेकिन जरूरी नहीं है कि छोटी-छोटी बीमारियों के लिए बच्चों को डॉक्टर के पास ले जाया जाए, बल्कि आप कुछ छोटे-छोटे नुस्खे इस्तेमाल करके भी बच्चे को इन परेशानियों से बचाए रख सकते है। आज हम आपको बच्चों की सेहत दुरुस्त रखने के कुछ टिप्स बताएंगे, जो हर मां को पता होने चाहिए।

    1. गले में खराश
    अगर बच्चे के गले में खराश और दर्द है तो उसे 1 चम्मच शहद चटाएं। इससे गले की खराश पैदा करने वाले कीटाणुओं को संमाप्त होते है और यह स्वाद में मीठा होने के कारण बच्चों को पसंद भी बेहद आता है।

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    2. हिचकी आने पर चीनी
    जब बच्चे की हिचकियां रूकने का नाम ही नहीं लेती तो मां अक्सर चिंता में पड़ जाती है। इस तरह की परेशानी में परेशान न हो बल्कि बच्चे को एक चम्मच चीनी खिला दें। चीनी खाने से डायफरग्राम की मांसपेशियों को राहत मिलती है और हिचकी रुक जाती है।

    3.शरीर में खुजली
    अगर बच्चे की शरीर में खुजली हो रही है तो उसके नहाने के पानी में ओट्स मिला दें। यह उन बच्चों के लिए भी काफी मददगार है, जिन्हें चिकनपॉक्स की समस्या रहती है। खुजली से राहत मिलती है।

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    4. सर्दी भगाएं हल्दी-दूध
    बच्चों को जल्दी सर्दी लग जाती है। ऐसे में उसे दूध में हल्दी मिलाकर पिलाएं। इससे बच्चों को काफी राहत मिलेगी।

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    5. पाचनक्रिया दुरुस्त
    अगर बच्चे का हाजमा खराब है तो भी बड़ी परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में बच्चों को नींबू चटाएं, इससे दस्त की समस्या दूर रहेगी क्योंकि नींबू में साल्विया के निर्माण में कमी आती है और दस्त में आराम मिलता है।

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  • बार-बार हो रहा है जुकाम तो हो सकता है इस बीमारी का संकेत

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    बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों को जुकाम, नाक बंद, सिर में दर्द होना, नाक से पानी गिरने की समस्या हो रही है और आप समझ रहे हैं कि यह बदलते मौसम के कारण है तो आपको सावधान होने की जरूरत है क्योंकि यह साइनोसाइटिस बीमारी हो सकती है।

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    Sinusitis

    इस समस्या के होने पर सिर में, गालों व ऊपर के जबड़े में दर्द होने लगता है। साइनस खोपड़ी में भरी हुई कैविटी होती है। यह सांस द्वारा ली गई गंदगी को बाहर निकालती है और जब किसी प्रॉब्लम के कारण बलगम का निकलना बंद हो जाता है तो साइनोसाइटिस की समस्या हो जाती है।

    इस समस्या के कारण सूंघने की शक्ति कमजोर हो जाती है और सांस लेने में भी मुश्किल होने लगती है।आज हम आपको इसके लक्षण और इस समस्या से बचने के तरीके बताएंगे, जिसे इस्तेमाल करके आप स्वस्थ रह सकते हैं।

    1. साइनोसाइटिस बीमारी के लक्षण
    इस समस्या के होने पर आवाज में बदलाव होने लगता है।
    सिर में दर्द और भारीपन होने के साथ हल्का बुखार होने लगता है।
    दांतों में दर्द और चेहरे में सूजन होने लगता है।
    तनाव की समस्या होने लगती हैं।
    नाक से पीला द्रव गिरने की समस्या हो सकती है।
    नाक और गले में बलगम रहने लगती है।

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    Sinusitis

    2. इस तरह करें बचाव
    इस से बचने के लिए तैराकी न करें, अगर तैराकी करनी ही है तो नाक ढक लें।
    किसी बात की टैंशन न लें और पूरा आराम करें।
    अपनी नाक को नमक वाले पानी से साफ करें।
    हर रोज 8 से 10 गिलास पानी पीएं
    नाक और गले में बलगम न होने दें। सुबह उठते हुए गर्म पानी पीएं क्योंकि गर्म पानी बलगम के प्रवाह में मदद मिलती है।
    एलर्जी से बचने के लिए अपने तकिए और बिस्तर की सफाई करते रहें।
    ज्यादा खूशबूदार परफ्यूम से बचें।
    जुकाम या वायरल इंफेक्शन होने वाले लोगों सो दूर रहें।
    सुबह-सुबह ताजी हवा लें।

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  • ब्लड प्रेशर कंट्रोल करते हैं ये 4 फल

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    अपने खान-पान और जीवनशैली में सुधार करने के बाद हम बीमारियों से राहत पा सकते हैं। ऐसे ही एक बीमारी है ब्लड प्रेशर। फिर चाहे ब्लड प्रेशर हाई हो या लो, दोनों ही शरीर के लिए नुकसानदायक है।

    लेकिन खान-पान में ऐसी चीजों को शामिल करके जिनसे ब्लड प्रेशर कंट्रोल होता है हम इससे काफी हद तक निजाद पा सकते हैं। आज हम आपको बता रहे हैं ऐसे कुछ फलों के बारे में जिनसे ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है।

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    अंगूर-

    अंगूर: अंगूर पौटेशियम और फास्फोरस का अच्छा सोर्स हैं। हाई बल्ड प्रेशर में ये बहुत ही फायदेमंद होते हैं।

    केला: केले में 450 mg पौटेशियम, विटामिन B6, विटामिन-सी, मैग्नीशियम पाया जाता है। जो आपके ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करता है।

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    नारियल का पानी: नारियल का पानी में पौटेशियम, सोडियम, कैल्शियम, विटामिन सी और दूसरे अच्छे पौषक तत्व होते हैं जो ब्लड प्रेशर को कंट्रोल करते हैं।

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    ब्लड प्रेशर को करना हैं कंट्रोल

    तरबूज के जूस में आर्जिनिन होता है जो कि एक अमीनो एसिड है जो ब्लड प्रेशर को लो करने में मदद करता है। यही नहीं ये ब्लड क्लोटिंग , स्ट्रोक्स और हार्ट अलाइनमेंट को रोकने में भी मदद करता है।

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    Watermelon ब्लड प्रेशर को करना हैं कंट्रोल

    इस आलेख में दी गई जानकारियों पर हम यह दावा नहीं करते कि ये पूर्णतया सत्य व सटीक हैं तथा इन्हें अपनाने से अपेक्षित परिणाम मिलेगा। इन्हें अपनाने से पहले संबंधित क्षेत्र के विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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  • एसिडिटी होने पर अपनाएं ये 5 नुस्खें, तुरंत मिलेगा आराम

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    लाइफस्टाइल और खान-पान की बदलती आदतों की वजह से सेहत से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानी हमें हमेशा घेरे रखती हैं। इन्हीं परेशानियों में आम हैं एसिडिटी।

    यह समस्या किसी भी मौसम में हो सकती है, जिसकी वजह तली, भुनी और मसालेदार चीजें खाना है। एसिडिटी होने पर पेट में तेज जलन होने लगती है, कभी-कभी खट्टी डकारें आना शुरू हो जाती है।

    इससे राहत पाने के लिए हम लोग अक्सर दवाइयों का सेवन करते है लेकिन फिर भी फर्क नजर न आए तो घरेलू नुस्खे इस्तेमाल करें। आज हम आपको कुछ ऐसे नुस्खे बताएंगे, जिन्हें एसिडिटी होने पर तुरंत आजमा कर देंखे। इनसे काफी आराम मिलेगा।

    1. नींबू और बेकिंग सोडा
    एक गिलास ठंडे पानी में एक चम्मच नींबू का रस डालें। फिर इसमें 1 चम्मच बेकिंग सोडा डालकर तुरंत पीएं। इससे एसिडिटी दूर रहेगी।

    2. लौंग
    एसिडिटी होने पर लौंग चबाएं या फिर आप इसे पानी में उबालकर पीएं। इससे गैस और एसिडिटी की प्रॉबल्म दूर रहेगी।

    3. केला
    केले की अल्कलाइन प्रॉपर्टी पेट के एसिड को न्यूट्रिलाइज करती है। अगर आपको एसिडिटी या खट्टे डकार आ रही है तो तुरंत केला खाएं। इससे काफी राहत मिलेगी।

    4. अदरक
    पेट में जलन हो या फिर सीने में, ऐसी स्थिति में अदरक का एक छोटा सा टुकड़ा लेकर चबाएं। इससे काफी राहत मिलेगी। इसके अलावा 1 चम्मच शहद में अदरक का रस मिलाकर पीएं।

    5. ठंडा दूध
    जिन लोगों को अक्सर एसिडिटी की समस्या रहती है, रोजाना 1 गिलास ठंडा दूध पीएं। दूध पेट में जाकर एसिड को न्यूट्रिलाइज करता है और पेट को ठंडक पहुंचाता है।

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  • बोतल बंद पानी पीने वाले हो जाएं सावधान, 93% सैंपल हुए फेल

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    गरमी का मौसम आ गया है. इस मौसम में प्यास खूब लगती है. कई लोग खुला पानी पीने से बेहतर बोतल बंद पानी पीना पसंद करते है. अगर आपको पता चले कि बोतल बंद पानी खुले पानी से ज्यादा खतरनाक है ?. आप सोच रहे होंगे आप सस्ते लोकल ब्रांड का पानी नहीं पीते लोकल बोतल बंद पानी खतरनाक होता होगा.

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    तो हम बता दें कि बिस्लेरी और एक्वाफिना समेत कई कंपनियों की  93 प्रतिशत बोतलबंद पानी में प्लास्टिक के बारीक कण मिले हैं जो आपकी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हैं. यह रिसर्च किसी एक ब्रांड से नहीं किया गया पूरी दुनिया के 11 बड़े ब्रांड्स को इसमें शामिल किया गया है.

    बोतल की पानी से ज्यादा साफ नल का पानी है. बोतल के पानी में जो प्लास्टिक का कण मिला है उसे माइक्रोप्लास्टिक कहते हैं. यह रिसर्च न्यूयॉर्क की स्टेट यूनिवर्सिटी ने किया है. इस रिसर्च में इन  ब्रांड्स के 27 लॉट में से 259 बोतलों पर  टेस्ट किया गया. इसके लिए भारत के दिल्ली, मुंबई समेत दुनिया के 19 शहरों से नमूने चुने गये. इन बोतल की जांच के बाद जो हैरान करने वाला तथ्य सामने आया.

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    शरीर के लिए हानिकारक
    शोध में पाया गया कि लगभग 93 फीसदी बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के कण हैं।  प्लास्टिक के जो अवशेष पाए गए हैं, उनमें पॉलीप्रोपाइलीन, नायलॉन और पॉलीइथाईलीन टेरेपथालेट शामिल हैं। इन सबका इस्तेमाल बोतल के ढक्कन बनाने में होता है।

    शोधकर्ता का मानना है कि पानी में ज्यादातर प्लास्टिक पानी को बोतल में भरते समय आता है। यह बोतल और उसके ढक्कन से आ सकता है जो शरीर के बहुत ही हानिकारक हैं।

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    5 महाद्वीपों से लिए गए नमूने
    शोध में बताया गया कि जो व्यक्ति एक दिन में एक लीटर बोतल बंद पानी पीता है वह प्रतिवर्ष प्लास्टिक के दस हजार तक सूक्ष्म कण ग्रहण करता है। जिन ग्लोबल ब्रैंड्स के सैंपल लिए गए उनमें एक्वाफिना, और बिसलरी भी शामिल हैं।

    पांच महाद्वीपों में भारत, ब्राजील, चीन, इंडोनेशिया, केन्या, लेबनान, मेक्सिको, थाईलैंड और अमेरिका से 19 स्थानों से नमूने एकत्र किए गए। बोतल बंद पानी में प्लास्टिक के अदृश्य कणों को देखने के लिए शोध दल ने विशेष डाई और नीली रोशनी का उपयोग किया। शोध के दौरान 100 माइक्रोंस और 6.5 माइक्रोंस के आकार के दूषित कणों की पहचान हुई।

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  • जीवन में अपनाएंगे ये 9 आयुर्वेदिक नियम तो कभी नहीं पड़ेंगे बीमार

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    आजकल लोग अपने काम में इतने बिजी हैं कि वो अपनी सेहत पर ठीक से ध्यान नहीं दे पाते। इसके कारण आपको कई छोटी-मोटी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। जब तक आपकी सेहत ठीक नहीं होगी तब तक आप न ही कोई काम कर पाएंगे और न ही अपने परिवार का ख्याल ठीक से रख पाएंगे। इसलिए आपकी सेहत का ठीक रहना बहुत जरूरी है। ऐसे में आज हम आपको कुछ आयुर्वेदिक नियम बताएंगे, जिसे रूटीन में फॉलो करके आप अपनी कई परेशानियों से राहत पा सकते हैं।

    1. सांस लेने का तरीका
    दिनभर लंग्स को अच्छी तरह फुलाकर ही सांस लें। इससे लंग्स हेल्दी भी रहेंगे और आपके शरीर में ऑक्सीजन की मात्रा भी बढ़ेगी।

    2. पानी का सेवन
    पूरे दिन कम से कम 7-8 गिलास पानी का सेवन जरूर करें। इससे आपकी पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहेगी और दिल के रोगों का खतरा भी कम होगा।

    3. नाश्ता करना
    हमेशा 7 से 9 बजे के बीच ही नाश्ता करें। इससे दिनभर आपका दिमाग एक्टिव रहेगा और एनर्जी लेवल भी बढ़ेगा।

    4. भोजन का सही तरीका
    भोजन सही समय पर करें और खाने में एक ही तरह चीज खाएं। इससे आपके पेट से जुड़ी समस्याएं नहीं होंगी।

    5. स्नान करना
    खाना खाने के बाद ज्यादा मेहनत वाला काम न करें और न ही नहाएं। इसके अलावा भोजन के बाद 10-15 मिनट तर जरूर टहलें।

    6. भोजन के बाद पानी
    भोजन करने के 40 मिनट बाद ही पानी पीएं। इससे आपका डाइजेशन सिस्टम ठीक रहता है।

    7. धूप में समय बिताना
    रोजाना कम से कम 30 मिनट धूप में जरूर बिताएं। इससे आपके शरीर को विटामिन डी मिलता है। इसके साथ ही ऐसा करने से दर्द भी खत्म होगा और ब्लॉक भी हटेंगे।

    8. पूरी नींद
    हर किसी के लिए रोजाना कम से कम 8-9 घंटे की नींद लेना जरूरी है। इससे आप दिनभर ज्यादा फ्रैश और तरोताजा महसूस करते है।

    9. पॉश्चर का सही होना
    ऑफिस या घर का काम करते समय अपना पॉश्चर सही रखें। इससे आपको कमर दर्द की समस्या नहीं होगी।

  • घटाना चाहते हैं वजन, तो इन फूड्स का न करें सेवन

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    बढ़ते वजन को घटाने के लिए केवल व्यायाम करना या जिम जाना ही बहुत नहीं होता बल्कि इसके साथ अपने खान-पान पर ध्यान देने की भी जरूरत होती है। कुछ लोग जिम भी जाते है और व्यायाम भी करते है लेकिन उन्हें फायदा बिल्कुल भी नहीं होता क्योंकि वह अपनी डाइट में ऐसे फूड्स लेते हैं जिन में कैलोरी बहुत अधिक मात्रा में होती है। आज हम आपको ऐसे फूड्स बताएंगे जिन्हें नजरअंदाज करके आप अपने मोटापे को घटा सकते हैं

    1. सफेद चावल
    सफेद चावलों में पोषक तत्वों की कमी होने के अलावा यह वजन को भी बहुत तेजी से बढ़ाते हैं। यह ब्लड शूगर को भी बढ़ावा देते हैं इसलिए अपनी डाइट में सफेद चावल की जगह ब्राउन चावल को शामिल करें। इसमें पोषक तत्व भी काफी मात्रा में पाएं जाते हैं।

    2. अंगूर
    अंगूर चाहे ही हैल्दी फ्रूट है लेकिन इसमें शूगर की मात्रा काफी पाई जाती है अगर आप इसे खाते हैं तो इसे पचाने के लिए आपको सैर करने की जरूरत भी पड़ सकती है। यदि आप इसका सेवन करते हैं तो इसकी शूगर लेवल को स्थिर करने के लिए इसके साथ अपनी डाइट में कम कैलोरी चीज का इस्तेमाल करें।

    3. कम कैलोरी वाले स्नैक्स
    कुछ लोगों का मानना होता है कि कम कैलोरी वाले स्नैक्स खाने से वजन कम किया जा सकता है तो आपके लिए यह मानना गलत हो सकता है। इसलिए आप अपनी भूख को मिटाने के लिए स्नैक्स की जगह अपने भोजन को ही शामिल करें।

    4. डाइट सोडा
    जिन लोगों को कोलड्रिंक पसंद होती है उनका मानना होता है कि डाइट सोडा पीने से उनका वजन नहीं बढ़ेगा तो उनकी यह बात बिल्कुल भी सही नहीं है। इसके पीने से भूख बढ जाती है जिसके कारण आप भोजन अधिक खाने लगते हैं। जिससे वजन तेजी से बढ़ता है।

    5. ब्रेकफास्ट
    अनाज वाले नाश्ते में चाहे ही वसा कम मात्रा में होती है लेकिन उसमें शुगर की मात्रा काफी पाई जाती है। शुगर की मात्रा अधिक होने के कारण वजन घटाने की समस्या हो जाती है इसलिए आप अपने नाश्ते में नैचुरल और आर्गेनिक फूड शामिल करें।

    6. डिब्बाबंद सूप
    सूप से आप हल्की-फुल्की भूख तो मिटा लेते है लेकिन इसमें सोडियम की मात्रा बहुत अधिक होती है। जिसके कारण आपकी भूख तेजी से बढ़ जाती है और आप अधिक मात्रा में भोजन लेते है इसलिए अगर आप सूप लेना ही चाहते हैं तो कम सोडियम वाले सूप लें।

  • इमली का ऐसे करेंगे सेवन तो डायबिटीज और मोटापा रहेंगा दूर

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    इमली का इस्तेमाल लगभग खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए किया जाता है। फरवरी और मार्च के महीनों में इमली पकना भी शुरू हो जाती है। स्वाद में खट्टी होने के कारण यह मुंह को भी साफ रखती है। इमली के पत्तों का इस्तेमाल सब्जी और फूलों की चटनी बनाई जाती है।

    खट्टे-मीठे स्वाद के अलावा इमली सेहत से भरी भी होती है। इमली में कई पोषक तत्व जैसे विटामिन श्सीश्, श्ईश्, कैल्शियम, आयरन, फॉस्फोरस, पोटैशियम, मैगनीज और फाइबर भरपूर मात्रा में होते है। आज हम इमली खाने से सेहत को होने वाले कुछ फायदों के बारे में बताएंगे, जो आपको भी पता होने चाहिए।

    1. भूख बढ़ाएं
    अगर आपको भूख नहीं लगती है तो इमली का सेवन करें। पके हुए इमली के फलों को पानी के साथ मसलकर रस तैयार करें। फिर इसमें हल्की सी मात्रा में काला नमक मिलाएं। इससे भूख लगनी शुरू हो जाती है। दिन में ऐसा 2 बार करें, आपको काफी फर्क नजर आएगा।

    2. दुरुस्त पाचन क्रिया
    इमली के सेवन से पाचन क्रिया भी दुरुस्त रहती है। कब्ज से लेकर डायरिया जैसी पाचन संबंधी समस्याओं में भी इमली बेहद फायदेमंद है। एक चम्मच इमली के गूूदे को 1 लीटर पानी में मिलाकर उबाल लें। फिर इसका अर्क बनाकर पीएं।

    3. वजन करें कम
    अगर आप बढ़ते वजन से परेशान है तो इमली काफी मददगार साबित हो सकती है। इमली में अधिक मात्रा में हाइड्रोऑक्साइट्रिक एसिड होता है, जो फैट को जलाने वाले एन्जाइम को बढ़ाने में मदद करता है।

    4. मजबूत नर्वस सिस्टम
    इमली में थियामाइन से भरपूर होती है। थियामाइन तंत्रिका तंत्र को मजबूत बनाने और मांसपेशियों के विकास को बढ़ावा देने में मदद करता है। यह नर्वस सिस्टम को रिलैक्स करने में मदद करती है।

    5. डायबिटीज कंट्रोल
    इमली में ऐसा तत्व होता है, जो कार्बोहाइड्रेट्स को शुगर में अवशोषित और परिवर्तित करने से रोकता है, जो ब्लड शुगर को बढ़ने से रोकने में मदद करता है। आधे चम्मच इमली के गूदे को रोजाना लेने से डायबिटीज कंट्रोल में रहती है।

    6. चक्कर आने पर करें मदद
    अगर आपको चक्कर आने की समस्या रहती है तो बिना बीज की इमली को पानी में भिगो दें। फिर इस पानी में इमली को अच्छे से मसलकर चीनी मिलाएं और पीएं।

    7. गठिया दर्द में राहत
    गठिए के दर्द में भी इमली काफी फायदेमंद है। अगर जोड़ों में दर्द रहता है तो आधा चम्मच इमली के बीज के पाउडर को पानी के साथ लें। काफी आराम मिलेगा।

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