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  • पुरुषों की वो आदतें जो जीत लेते हैं महिलाओं का दिल

    लाइफस्टाइल– जब आप किसी के साथ रिश्ता बनाते हैं। तो आपको अपने जीवन मे कई विशेष बदलाव लाने पड़ते हैं। आपको अपने आप को अपने पार्टनर के मुताबिक ढालना पड़ता है। 
    वहीं कई बार हम यह नहीं समझ पाते हैं कि महिला पार्टनर को क्या चीजें बेहद पसंद हैं और किन चीजों से वह सबसे ज्यादा खुश रहेगी। तो आज हम आपको बताने जा रहे हैं। महिलाओं की उन तीन इच्छओं के बारे में जिन्हें अपने पार्टनर से महिलाएं चाहती हैं। 

    सम्मान-

    महिलाएं अपने पार्टनर से सम्मान चाहती हैं। महिलाओं को हमेशा अपने पार्टनर से बराबरी का दर्जा को सम्मान की अभिलाषा रहती है। जो भी व्यक्ति महिलाओं का सम्मान करता है। उसे जीवन मे सदैव सुख प्राप्त होता है और उनका गृहस्थ जीवन बेहद सुखमय होता है।

    केयर-

    अगर महिला का पार्टनर अपने पार्टनर की केयर करता है और हर छोटी छोटी बात का ध्यान रखते हुए उसका ख्याल रखता है। उसके सुख दुख में उसके साथ खड़ा रहता है। तो महिला ऐसे पार्टनर पर आंख बंद करके विश्वास करती हैं और।उनका रिश्ता बेहद खूबसूरत बना रहता है।

    काम मे मदद-

    महिलाओं को घर का काम बहुत अधिक करना पड़ता है। लोग यही सोचते हैं कि महिलाएं सिर्फ घर के काम करने के लिए बनी हैं। लेकिन अगर पार्टनर घर के काम में महिलाओं की मदद करती है। तो उनका रिश्ता मजबूत होता है और घर मे सुख समृद्धि बनी रहती है।

  • आज है विश्व कैंसर दिवस, जानें इसकी थीम और इतिहास

    देश:- आज 4 फरवरी के दिन देश विश्व कैंसर दिवस मना रहा है। हर साल विश्व कैंसर दिवस पूरी दुनिया मे कैंसर उन्नमूलन और कैंसर के बचाव के उपचार हेतु जागरूकता फैलाने के लिए मनाया जाता है। जगह जगह कैंसर जैसी बड़ी बीमारी के बचाव हेतु अभियान चलाए जाते हैं और लोगों को इसकी जानकारी दी जाती है।

    आखिर क्यों मनाया जाता है कैंसर दिवस-

    ज्यादातर लोग कैंसर को छुआछूत की बीमारी समझते हैं। संक्रमित व्यक्ति के साथ दोहरा व्यवहार करते हैं। इस मानसिकता को खत्म करने के उद्देश्य से हर वर्ष विश्व कैंसर दिवस मनाया जाता है। इस दिन लोगों को कैंसर के विषय मे जानकारी दी जाती है उन्हें प्रोत्साहित किया जाता है और समाज मे कैंसर को लेकर बनी दोहरी विचारधारा को खत्म कर उन्हें इसकी सही जानकारी दी जाती है।
    क्योंकि यह दोहरी मानसिकता समाज मे भेदभाव उत्पन्न करती है और संक्रमित व्यक्ति को असमानता जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

    क्या है विश्व कैंसर दिवस की थीम 2023-

    इस साल विश्व कैंसर दिवस की थीम क्लोज द गैप रखी गई है। इस थीम के माध्यम से लोगों के मध्य कैंसर को लेकर फैली असमानताओं को पहचान कर खत्म करने का उद्देश्य रखा गया है।
    जानकारी के लिए बता दें अंतराष्ट्रीय कैंसर संघ द्वारा विश्व कैंसर दिवस मनाने की घोषणा 4 फरवरी 2002 को की गई थी। पहली बार विश्व कैंसर दिवस का आयोजन फ्रांस की राजधानी पेरिस में आयोजित हुए विश्व शिखर सम्मेलन में किया गया था।

  • Rose Day 2023: आज है रोज डे, इन शायरियों के साथ अपने साथी को करें खुश

    Rose Day 2023: आज प्रेम का दिन यानी रोज डे है। आज के दिन लोग अपने साथियों को गुलाब देकर खुश करते हैं। गुलाब लोगों को भावनात्मक रूप से जोड़ता है और प्रेम में गुलाब का अलग ही महत्व है। क्योंकि जो का आपके महंगे तोहफे नहीं कर पाते वह काम एक गुलाब कर देता है।

    वहीं आज हम आपको कुछ ऐसी शायरी बताने जा रहे हैं। जिन्हें आप रोज डे पर अपने पार्टनर को भेजकर उनका दिल जीत सकते हैं।
    तुम्हें देखा तो तुम्हारे हो गए
    तुम्हें क्या गुलाब भेजें 
    तुम्हारे जैसा गुलाब हमें मिलता ही नहीं।
    Happy Rose Day 
    गुलाब से क्या तुम्हारी तुलना करें
    तुम तो खुद गुलाब से खूबसूरत हो
    Happy Rose Day 
    तुम्हारे प्रेम में हम खुद लुटा देंगे
    गुलाब देना क्या है
    तुम मांग कर देखो
    तुम्हारी मुस्कुराहट के लिए
    हम अपने आप को मिटा देंगे
    Happy Rose Day 
    नयन तुम्हारे देखें जबसे
    तुमसे सुंदर कुछ भी नहीं
    तुम्हें गुलाब मैं क्या दूंगा
    तुम खुद गुलाब से सुंदर हो
    Happy Rose Day 
    तुम्हारे चेहरे को देखा
    और तुम्हें देंखने के बाद 
    हमने कुछ नहीं देखा
    Happy Rose Day

  • Valentines Day 2023:- जानें वैलेंटाइन डे का इतिहास

    Valentines Day 2023- फरवरी के महीने को लोग प्रेम का महीना कहते हैं। क्योंकि आज के दिन लोग अपने पसंदीदा व्यक्ति को अपने दिल की बात बताते हैं और उसे अपना बना लेते हैं। वैलेंटाइन डे एक सफ्ताह का पर्व होता है। इसकी शुरुआत 7 फरवरी से होती है। सात फरवरी को लोग रोज देकर अपने पार्टनर को अपने करीब लाते हैं और 14 फरवरी को अलग-अलग अंदाज में अपने साथी को प्रपोज करते हैं।

    जानें क्यों मनाते हैं वैलेंटाइन डे-

    बताया जाता है कि वैलेंटाइन डे की कहानी रोम के एक संत वैलेंटाइन से जुड़ी हुई है।रोम के राजा क्लाउडियस प्यार के सख्त खिलाफ थे, क्योंकि उनका मानना था कि अगर सैनिक प्यार करने लगेंगे,तो उनका मन काम से भटक जाएगा और इससे रोम की सेना कमजोर होगी। 
    यही वजह थी कि उन्होंने सैनिकों के शादी करने पर भी रोक लगा रखी थी। वहीं, दूसरी तरफ संत वैलेंटाइन प्यार का प्रचार करते थे। इतना ही नहीं उन्होंने राजा के खिलाफ जाकर कई लोगों की शादियां भी करवाई थी।।
    संत वैलेंटाइन ने लोगों की शादियां करवाकर राजा क्लाउडियस की धारणा को गलत साबित किया, जिसकी वजह से रोम के राजा ने उन्हें फांसी की सजा सुना दी। इसके बाद 14 फरवरी के दिन ही संत वैलेंटाइन को फांसी दी गई और उसी दिन से वैलेंटाइन डे मनाने की शुरुआत हुई।
    बता दें दुनिया में पहली बार 496 में वैलेंटाइन डे सेलिब्रेट किया गया था। इसके बाद पांचवी शताब्दी में रोम के पोप गेलैसियस ने 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में मनाने का एलान किया।

  • अगर शरीर से आती है पसीने की बदबू तो हो सकती हैं यह बीमारियां

    लाइफस्टाइल– कभी-कभी हम अपने शरीर से आने वाली बदबू से परेशान हो जाते हैं। ऐसा होता है हम इससे बचने के लिए कई तरह के महंगे डियो इस्तेमाल करते हैं। ज्यादातर हमें यही लगता है कि यह गंध हमारे शरीर में आने वाले पसीने से आता है। लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता है। कई बार हमारे शरीर की गंध कई बड़ी बीमारियों का संकेत देती है।

    विशेषज्ञ का कहना है कि पसीने से आने वाली बदबू कई बार हमें लोगों के बीच शर्मिंदा कर देती है। लेकिन यह एक सामान्य बात नहीं हो सकती है। जिन लोगों को सामान्य से अधिक पसीना आता है, वह हाइपरहाइड्रोसिस की स्थिति का डायग्नोस कर सकते हैं। वहीं आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि शरीर से आने वाली गंध किन-किन बीमारियों के देती है संकेत—-

    मधुमेह- 

    अगर आपके शरीर से बदबू आती है। तो यह मधुमेह का भी इशारा हो सकता है। क्योंकि अधिक पसीने के साथ आपकी सांस भी फूलती है और आपके शरीर से बदबू भी आने लगती है।

    किडनी की समस्या-

    अगर आपके शरीर से बदबू आती है। तो यह इशारा है कि आपकी किडनी में कोई समस्या उत्पन्न हो रही है। क्योंकि जब किडनी की समस्या होती है तो शरीर मे टॉक्सीन का निर्माण होता है और शरीर से बेहद खराब बदबू आती है।

    हार्मोनल उतार-चढ़ाव: 

    मुख्य रूप से गर्भावस्था के दौरान हार्मोनल उतार-चढ़ाव, प्री-मेनोपॉज या मेनोपोस में महिलाओं को गर्म चमक और रात के पसीने का अनुभव हो सकता है, जिससे अत्यधिक पसीना और गंध बढ़ जाती है।

  • जानें क्यों बिगड़ते जा रहे हैं बच्चे

    ज्ञान– आज कल हम देखते हैं कि बच्चे घर के बड़ों का सम्मान नहीं करते हैं। हर बात का वह जवाब देते हैं। यदि आप उनको सही मार्ग दिखाते हैं तो वह आपको गलत समझते हैं। बच्चों को लगता है कि आज उनका सबसे बड़ा दुश्मन उनके अपने ही हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बच्चों का व्यवहार इस प्रकार का क्यों होता जा रहा है।

    असल में बच्चे नासमझ होते हैं। वह वैसा व्यवहार ही करते हैं जैसा उन्हें अपने परिजनों से देखने को मिलता है। यदि आप अपने घर के बच्चों के सामने सकारात्मक व्यवहार करते हैं। वहीं यदि हम बच्चों के सम्मुख खराब व्यवहार करते हैं तो बच्चे भी आपसे सीख कर उसी प्रकार का व्यवहार करने लगते हैं।
    लेकिन बच्चो के व्यवहार के परिदृश्य में आचार्य चाणक्य ने कुछ विशेष बातें बताई हैं। जिनका सीधा संबंध अभिभावकों से है। आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि आप अपने बच्चों के सामने अपने से बड़ो का आदर नहीं करते हैं। उनसे ऊंची आवाज में बात करते हैं। छोटी-छोटी बात पर उनसे बहस करते हैं। तो आपके इस व्यवहार से बच्चे प्रभावित होते हैं और वह भी आपके साथ ऐसा ही व्यवहार करने लगते हैं।
    आचार्य चाणक्य का कहना है कि अगर आपकी भाषा मे विनम्रता का भाव नहीं है। तो आप अपने आसपास के लोगों को कभी बेहतर नहीं पा सकते। क्योंकि आपकी भाषा से व्यवहार का निर्माण होता है। वहीं तीखी बोली आपके रिश्तों के साथ-साथ बच्चों के व्यवहार को प्रभावित करती है और बच्चे गलत मार्ग पर जाते हैं।

  • जो मुश्किलों से हारता नहीं वहीं इतिहास रचता है

    लाइफ– हम आज ऐसे समाज का हिस्सा हैं जहां हमें अपने जीवन में हजार कमियां दिखाई देती है और हम दूसरों के जीवन को सही मानते हैं। हमें लगता है कि हमारे सामने बैठे व्यक्ति का जीवन कितना सुखमय व्यतीत हो रहा है और ईश्वर ने हमें इस संसार के सभी दुख दे दिए हैं। 

    हम अपना ज्यादातर व्यक्त दूसरों के जीवन के विषय मे सोचने में व्यतीत कर देते हैं और हमारा स्वयं पर ध्यान ही नहीं जाता कि हमें अपने जीवन मे क्या करना है। आखिर हम अपनी समस्यओं से कैसे निपटें- हम आपने सुख को किस प्रकार खोजें।
    व्यक्ति की दूसरों के विषय मे विचार करने की आदत एक समय आते-आते उसके लिए दुख बन जाती है और वह अपने सामने आए सभी मौकों को खो देता है और मुश्किलों से सीखने की जगह। आपने लक्ष्य से पीछे हट जाता है और दूसरों के जीवन को देखकर दुखी होता रहता है।
    लेकिन जो व्यक्ति आज के समय मे वास्तिविकता को स्वीकारता है। सत्य के साथ आगे बढ़ता है और मुश्किलों से लड़ने का स्मार्थ्य रखता है। दूसरों की बातों से ज्यादा स्वयं के लक्ष्य पर।ध्यान केंद्रित करता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास करता है।
    वह बुरे वक्त को अपना भाग्य नहीं। बल्कि परीक्षा मानता है और उसमें प्रथम आने के लिए प्रयास करता है। परिस्थितियों से हारता नहीं बल्कि परिस्थितियों को बदलने का साहस रखता है। 
    उसके लिए उनसे अधिक सुखी कोई नहीं होता और वह प्रयास किसी को नीचा दिखाने या किसी की बराबरी के लिए नहीं। अपितु आपने जीवन मे सफल बनाने में लगा रहता है। ऐसे व्यक्ति अपना इतिहास स्वयं रचते हैं। यह लोग पूरे समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। मुश्किलों से सीखते हैं और उस सीख से स्वयं को गढ़ते हैं।

  • जानें कैसे बदलता है व्यक्ति का व्यवहार

    ज्ञान– आप कैसे हैं। आप क्या करते हैं आपका आचरण कैसा है और आपकी संगत क्या है। यह सब आपके व्यवहार में दिख जाता है। लेकिन क्या आपको पता है कि आपका व्यवहार अपनी संगत से ही निर्मित होता है।

    ज्ञानात्माओं का कहना है कि आप जैसे लोगों के मध्य रहते हैं। आप जिस प्रकार के विचारों के विषय मे सोचते हैं और आप जिस प्रकार से लोगों से बातचीत करते हैं। आपका व्यवहार वैसा ही हो जाता है।
    अगर आप अपने दिन की शुरुआत अच्छे विचारों के साथ करते हैं और उचित कार्यों में अपना ध्यान लगाते हैं। तो आपका जीवन उसी पथ पर आगे बढ़ता है। वहीं यदि आप नकारात्मक विचारों के इर्द गिर्द रहते हैं तो आपका व्यवहार उसी प्रकार का हो जाता है और आप सदैव परेशान रहते हैं।

    कैसे बनता है व्यवहार-

    ज्ञानात्माओं का कहना है कि आपका व्यवहार आपके रोजमर्रा के जीवन पर निर्भर करता है। आप जैसे लोगों के मध्य रहते है आप उन्हीं की तरह व्यवहार करने लगते हैं। अतः आपकी संगत जैसी होगी आप वैसे ही हो जाएंगे। यदि आप अच्छे विचार वाले लोगों के मध्य रहते हैं। तो आपके विचार अच्छे होंगे और आप सकारात्मक रहेंगे। 
    वहीं यदि आप किसी बुरे विचार वाले लोगों के मध्य रहते हैं। तो इसका अपके ऊपर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आपके मन मे भी वैसे ही विचार आने लगते हैं।
    इसे हम ऐसे भी समझ सकते हैं। यदि आप किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रहते हैं। जो निरंतर इसी प्रयास में लगा रहता है कि वह क्या करे कि उसे अपार धन की प्राप्ति हो। तो आपकी ललक भी धन कमाने की ओर बढ़ती है। वहीं यदि आप ऐसे व्यक्ति के मध्य रहते हैं जो बार-बार यही सोचता है कि कैसे दूसरों का अहित करें तो आप भी दूसरों के अहित के विषय में विचार करने लगते हैं।

  • जानें क्यों जेब्रा के शरीर पर होती हैं काली, सफेद धारियां

    ज्ञान:- जब हम एबीसीडी पढ़ते हैं। तो अक्सर हमें बताया जाता है z फ़ॉर जेब्रा। जेब्रा यानी चित्तीदार घोड़ा। बच्चे अक्सर सवाल करते हैं कि आखिर जेब्रा के शरीर पर काली और सफेद धारियां क्यों होती हैं। इसका क्या मतलब है और क्या यह जेब्रा के लिए उपयोगी है। लेकिन हम बच्चों के इस सवाल का जवाब नहीं दे पाते हैं।

    वहीं आज हम आपको जेब्रा के शरीर पर होने वाली काली और सफेद धारियों का राज बताने जा रहे हैं। जिसे सुनकर आप चकित हो जाएंगे। असल मे जेब्रा के शरीर पर यह धारियां इसलिए होती हैं जिससे कोई मक्खी उनका खुन न चूस सके।
    विज्ञान का कहना है कि जेब्रा के शरीर पर काली सफेद धारियां उसे हॉर्सफ्लाइज से बचाती हैं। यह एक विशेष प्रकार की मक्खी होती हैं जो जानवरों का खून चुसती हैं। यह मक्खी दिन समय एक्टिव रहती हैं। वहीं जब जेब्रा के शरीर के पास जाती हैं तो काली नीली धारियां इन्हें भ्रमित करती हैं और यह उनका खुन नहीं चूस पाती हैं।

  • पुरुष और स्त्री करते हैं सेक्स तो होती हैं ऐसी चीजें की उड़ जाएंगे होश

    लाइफ स्टाइल- जिस प्रकार कौटिल्य(Acharya Chanakya) को अर्थशास्त्र के लिए जाना जाता है उसी प्रकार कामसूत्र ग्रन्थ(Kamasutra granth) को काम के लिए जाना जाता। कहते हैं सेक्स हमारे जीवन का अमुख अंग है इसके बिना मनुष्य के जीवन में कोई भाव नहीं है। यह दो लोगों के परस्पर मिलन का प्रमाण है और इससे दो लोगों के मध्य रिश्ता मजबूत होता है। वही कामसूत्र(Kamasutra) में सम्भोग(sex) को लेकर कई बड़े खुलासे किये गए हैं। कामसूत्र (According to kamsutra)के मुताबिक व्यक्ति अपनी मानसिक स्थिति के अनुरूप सेक्स करता है। सेक्स करने की जो व्यक्ति की क्रिया होती है उसके कुछ अमुख भेद हैं। 

    कामसूत्र के मुताबिक सेक्स के भेद-(according to kamsutra type of sex)
    मंद वेग-(slow sex)
    कामसूत्र (According to kamsutra)के मुताबिक यह ऐसी स्थिति है जिसमें व्यक्ति सेक्स (sex) के समय कम उत्तेजित होता है और उसके वीर्य(semen) कम निकलता है। वहीं वह स्त्री(woman) के नाखुक के निशान को सहने की शक्ति रखता है और सेक्स से अधिक उसके शरीर के स्पर्श को महसूस करता है। 
    चण्डवेग-(chandveg)
    यह स्थिति मंद वेग के विपरीत होती है। इसमें पुरुष (male) बहुत अधिक उत्तेजित होता है उसके अंदर सेक्स(sex enjoyments) की तीव्र इच्छा होती है। वह स्त्री के साथ सेक्स(sex Life) का आनंद लेता हो इस स्थिति में स्त्री भी पुरुष के साथ एन्जॉय करती है। 
    मध्यम वेग-(madhyamveg)
    यह स्थित मंद वेग से बेहतर होती है। इस स्थिति में पुरुष(male)के मन में सेक्स(sex Life) करने की इच्छा जाग्रत होती है लेकिन वह सेक्स(sex Life) को लेकर उसके मन में उठने वाले भाव को काबू करने में समर्थ होता है और अपनी भावनाओं(emotional touch) को किसी से भी छुपाने का गुण रखता है।