Category: health

  • क्या आपको पता है दूध पीने का सही तरीका

    डेस्क। आपका कमजोर शरीर इंसान को निराश कर देता है। ऐसा शरीर न सिर्फ कमजोर होता है बल्कि कई बार आपको हंसी का पात्र भी बना देता है। स्वस्थ और तंदरूस्त रहने के लिए सही वेट का होना बेहद जरूरी है। और अगर आप वेट बढ़ाना चाहते हैं तो दूध पीना आपके लिए बहुत लाभदायक होता है।

    मगर दूध पीने का सही तरीका पता होना चाहिए। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनको दूध में मिलाकर सेवन करने से वेट तेजी से बढ़ता है। आइए जानते हैं हीरे जैसी फैलादी शरीर पाने के लिए क्या खाना चाहिए।

    केले को दूध में मिलाकर खाना बहुत लाभदायक होता है। ऐसे में दूध पीने से वेट तेजी से बढ़ता है। केले में बहुत ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है।

    दूध में खजूर मिलाकर पीने से बॉडी में शक्ति बढ़ती है। इससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है। खजूर कैल्शियम, विटामिन सी और कई अहम पोषक तत्वों से भरपूर होता है

    आपको बता दें कि अंजीर पोषक तत्वों से भरपूर होता है। अंजीर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और विटामिन पाए जाते हैं। दूध के साथ अंजीर का सेवन करने से वजन बढ़ता है। ऐसे में दूध पीने से कई प्रकार रोगों का खतरा दूर रहता है।

  • सुखी अदरक होती है इतनी लाभकारी, मिलेगा इन समस्याओं से छुटकारा

    डेस्क। Dry Ginger Powder Benefits: सर्दियों का मौसम आते ही शरीर की इम्युनिटी तेजी से कम भी होने लगती है जिसकी वजह से सर्दी-जुकाम समेत कई तरह की मौसमी बीमारियां हमारे शरीर को अपनी चपेट में लेने लग जाती हैं।
    सर्दियों के मौसम में वातावरण नम होता है जिसकी वजह से बैक्टिरिया और फंगस तेजी से ग्रोथ भी करते हैं। साथ ही जब इनका हमला हमारे शरीर पर होता है तो दिक्कतें और भी बढ़ने लगती हैं।
    वहीं आपको बता दें कि किचन में रखा एक मसाला सर्दियों की दिक्कतों से आपको छुटकारा दिला सकता है। साथ ही इसके पाउडर को दूध में डालकर पिया जाए तो शरीर की इम्युनिटी जबरदस्त हो जाती है।
    सर्दियों के मौसम में सौंठ का ऐसे करें इस्तेमाल
    1. सौंठ का इस्तेमाल आमतौर पर सभी घरों में किया ही जाता है। वहीं ज्यादातर लोग इसे मसाले के तौर पर यूज करते हैं तो आपको बता दें कि सौंठ को कई जगहों पर आयुर्वेदिक औषधि की तरह भीं इस्तेमाल किया जाता है। सौंठ के पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से गले की खराश से भी निजात मिलता है।
    2. हेल्थ एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि सौंठ का इस्तेमाल सूजन को खत्म करने के लिए भी किया जाता है और इसका सेवन करने से शरीर डिटॉक्स होता है और शरीर के सारे टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं वहीं शहद में मिलाकर इसका सेवन करने से यह ज्यादा फायदेमंद साबित भी होता है।
    3. आपको बताते हैं कि सौंठ के पाउडर को दूध में मिलाकर भी आप पी सकते हैं। इससे आपको सर्दी की मौसमी बीमारियों से छुटकारा मिलता है और सर्दी-जुकाम कम हो जाता है और शरीर की इम्युनिटी बढ़ने लगती है।
    4. ठंड के मौसम में कई लोगों के जोड़ों में दर्द की समस्या देखने को मिलती है तो आप सौंठ वाला दूध पीकर जोड़ों के दर्द से निजात पा सकते है। वहीं इसके अलावा यह पाचन तंत्र को भी ठीक रखता है और सौंठ वाला दूध अपच, पेट दर्द जैसी समस्याओं से भी आपको छुटकारा दिलाता है।

  • सेक्स के बाद पुरुषों और महिलाओं में आते हैं अलग-अलग ख्याल पर ये होती है झिझक

    डेस्क। सेक्स करने के बाद या तो पार्टनर के साथ प्यारा सा हग हो सकता है या फिर आपकी कमरे से जल्द बाहर जाने की इच्छा। वहीं कुछ लोग सेक्स के बाद पार्टनर के साथ किस करना और उसके करीब रहना भी काफी पसंद करते हैं।
    वहीं कुछ लोग तुरंत नींद की आगोश में चले जाते हैं। और सेक्स के बाद कई तरह की चीजें दिमाग में भी आती हैं, साथ ही यह मानसिक और भावनात्मक रूप से उत्तेजक भी होती है। पर सेक्स करने के बाद पुरुष और महिलाएं वास्तव में क्या सोचते हैं? आज हम इस बारे में ही बात भी करेंगे।
    ~ काफी जुड़ा हुआ महसूस करती हूं
    सेक्स के बाद पार्टनर के साथ खुद को ज्यादा जुड़ी हुई महसूस कर पाती हूं। उसके करीब रहना और उसके शरीर पर उंगलियों को फेर कर एक अलग तरह के सुकून का एहसास होता है। 
    ~ कई अजीब विचार आते हैं
    सेक्स करने के दौरान बहुत ही अच्छा महसूस होता है। लेकिन जैसे ही इससे बाहर निकलता हूं ऐसा लगता है कि यह एक पाप ही है। इसी वजह से मैं किसी भी रिश्ते में ज्यादा दिन टिक नहीं पाता हूं।
    ~ कमरे से निकलना चाहती हूं बाहर
    सेक्स के बाद मुझे साथी की बाहों में रहना बिलकुल भी पसंद नहीं है। मैं अकेले ही रहना चाहती हूं, साथ ही आनेवाले कल के बारे में सोच सकूं कि मुझे क्या करना है। सेक्स के बाद मैं खुद को काफी शांत पाती हूं और ऐसा लगता है कि अगर मैं इस वक्त कोई प्लानिंग करूं तो वो जरूर सफल हो जाएंगी।
    ~ क्या मैंने संतुष्ट किया
    सेक्स करने के बाद अक्सर दिमाग में यह आता है कि क्या मैंने अपने पार्टनर को खुश किया है या नहीं। वो कैसा सेक्स करना चाहती थी पर मैं शर्म की वजह से कुछ भी पूछ नहीं पाता हूं। और मैं यहीं सोचता हूं सो जाता हूं।
    ~ सेक्स के बाद याद आती है स्वच्छता
    ये स्वीकार करना बहुत अजीब सा है कि सेक्स के बाद मैं साथी की सफाई के बारे में सोचने लगती हूं। और अक्सर ओरल सेक्स के बाद मेरे मन में विचार आने लगता है कि क्या उसके दांत साफ थे। क्या वो आज नहाया भी था या नहीं। इसलिए मैं संबंध बनाने के बाद पार्टनर के करीब भी नहीं जा पाती हूं।
    ~क्या वो पूर्व प्रेमिका के साथ भी ऐसे ही करता होगा
    ये सोचना बहुत ही शर्मनाक रहा है। पर सेक्स करने के बाद मैं अपने पार्टनर के बारे में सोचती हूं कि क्या उसने अपनी एक्स के साथ ऐसे ही सबकुछ किया होगा जैसे कि वो मेरे साथ कर रहा है। बार-बार यहीं सोच आती है और उस पल मैं एक अजीब एहसास से पार्टनर को लेकर भर भी जाती हूं।

  • सर्दी के मौसम में इन चीज़ों का करें सेवन, कम होगा कलेस्ट्रोल

    डेस्क। सर्दी के मौसम में सेहत का ध्यान रखना बेहद ही जरूरी होता है। वहीं अगर सर्दियों में कुछ आहार का सेवन करेंगे तो आपकी सेहत ठीक भी रहेगी। वहीं आपको बता दें कि सर्दियों में कोलेस्ट्रॉल का स्तर समान्य से अधिक होने की संभावना भी बनी रहती है। जिससे इस मौसम में दिल के रोग का खतरा बढ़ जाता है और कई खतरनाक रोग भी उत्पन्न हो जाते हैं।
    साथ ही आपको बता दें कि इंसान इस मौसम में ज्यादा ऑयली और मसालेदार खाना भी पसंद करते हैं। और सर्दियों में लोग एक्सरसाइज करने से भी काफी कतराते हैं जिस कारण से शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल बनने का ज्यादा खतरा भी होता है। वहीं इसलिए इस मौसम में आप अपनी डाइट में ऐसी चीजों को भी शामिल कीजिए जिससे बैड कोलेस्ट्रॉल कम हो सके और आपका गुड कोलेस्ट्रॉल भुई बढ़ सके। तो चलिए अब जानते है किन किन चीजों का सेवन करने से कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल में रहता है…
    लहसुन का करिए सेवन:
    सर्दियों के मौसम में अगर आप लहसुन का सेवन करेंगे तो इससे आपकी सेहत बिल्कुल ठीक रहेगी। वहीं लहसुन कोलेस्ट्रॉल को कंट्रोल करने के लिए काफी फायदेमंद भी होता है। साथ ही लहसुन में एंटी बैक्टिरीयल, एंटी फंगल और एंटी ऑक्सीडेंट्स गुण भी होते हैं, जो शरीर में कोलेस्ट्रॉल कम करने में सहायता भी करते हैं।
    हरी पत्तेदार सब्जियां का सेवन करें:
    अगर आप सर्दियों में हरी पत्तेदार सब्जियों का सेवन करेंगे तो सेहत को कई फायदे भी मिलेंगे। साथ ही सर्दी के मौसम में कई तरह की पत्तेदार सब्जियां भी आपको मिलती हैं। आप इन सब्जियों का सेवन आराम से कर सकते है, जिससे कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल रहेगा जैसे कि–पालक, पत्ता गोभी आदि बैड कोलेस्ट्रॉल को कम करने में काफी मददगार होते है।
    बीन्स का सेवन:
    सर्दी के मौसम में आप बीन्स को भी अपनी डाइट में शामिल कर सकते है। बीन्स कोलेस्ट्रॉल के रोगियों के लिए काफी लाभदायक हो सकती है। बीन्स में सॉल्युबल फाइबर पाया जाता है जो बैड कोलेस्ट्रॉल को काफी कम करता है। वहीं इसे में आपको बीन्स का सेवन करना चाहिए।

  • कैसे पूरी करें विटामिन डी की कमी

    डेस्क। विटामिन डी हमारे शरीर में हड्डियों और मांसपेशियों को काफी मजबूत बनाने का काम करता है। साथ ही शरीर में विटामिन डी की कमी भी इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है। साथ ही डी ग्रुप के विटामिन की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी, थकान और हड्डियों में दर्द भी होता है।
    विटामिन का सबसे प्राकृतिक स्रोत सूरज की रोशनी है। साथ ही विटामिन डी की कमी को आहार और सप्लीमेंट के जरिए भी पूरा किया जा सकता है। 
    वहीं सूर्य की किरणें विटामिन-डी का सबसे बड़ा स्रोत हैं, इसलिए इसे सनशाइन विटामिन भी बोला जाता है। साथ ही विटामिन-डी हमारी हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। वहीं इसके साथ ही यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट के स्तर को भी मैनेज करता है, जो हमारी हड्डियों को मजबूत भी बनाता है। साथ ही विटामिन-डी का स्तर कम होने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं वहीं जिससे ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का खतरा भी बढ़ जाता है।
    जिसे विटामिन डी की कमी है
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, अकेले प्राकृतिक (गैर-फोर्टिफाइड) खाद्य स्रोतों से पर्याप्त विटामिन डी प्राप्त करना कठिन भी है। साथ ही कई लोगों के लिए, शरीर में विटामिन डी की स्थिति को बनाए रखने के लिए विटामिन डी-फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन और धूप के संपर्क में आना भी आवश्यक है। हालांकि, कुछ लोगों को अपनी विटामिन डी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स लेने की आवश्यकता भी हो सकती है।

  • क्या सर्दी में गर्म पानी पीना आपके लिए होगा नुकसानदायक

    डेस्क। Can hot water damage body: इस वक्त ठंड से नॉर्थ इंडिया सहित देश के काफी हिस्सों में कड़ाके की ठंड जारी है। वहीं इस कड़ाके की सर्दी और शीतलहरी से बचने के लिए लोग गर्म पानी भी पी रहे हैं।

    वहीं कुछ लोग तो रेगुलर गर्म पानी भी पी रहे हैं ताकि उन्हें ठंड न लगे। वहीं लखनऊ डाइट क्लीनिक की डाइट एक्सपर्ट अश्वनी एच. कुमार के मुताबिक गर्म पानी पीना काफी अच्छा होता है पर अक्सर ठंड में हम काफी ज्यादा गर्म पानी पी लेते है जिसकी वजह से हमको कई तरह की दिक्कतें शरीर पर दिखाई देती हैं और सिर्फ इतना ही नहीं कई तरह की दूसरी समस्याएं भी शरीर में शुरू होने लग जाती है।

    इसोफेगस को होता है नुकसान

    गर्म पानी पीने की वजह से सबसे ज्यादा असर इसोफेगस पर दिखाईं पड़ता है। यह खाने वाली नली है जो मुंह औऱ पेट को आपस में जोड़ती है। वहीं गर्म पानी पीने से इस पाइप में दाने भी निकलने लगते हैं और साथ ही इसमें जलन भी होने लगती है। यह दर्द और जलन लंबे समय तक आपको परेशान कर सकती है।

    हार्ड स्टूल

    गर्म पानी पीने से आपने ध्यान दिया होगा कि स्टूल हार्ड हो जाता है जिसकी वजह से कब्ज की प्रॉब्लम भी शुरू हो जाती है और जब भी आप ज्यादा गर्म पानी पीते हैं तो यह पेट को गर्म कर देती है। और इससे स्टूल सूखने भी लगता है और इसके अलावा यह बवासीर की प्रॉब्लम को ट्रिगर भी कर सकती है।

    शरीर में होती है पानी की कमी

    यह शरीर में पानी की कमी का कारण भी बन सकती है। वहीं इस वजह से डिहाइड्रेशन भी आपको हो सकता है और आपके होंठ भी सूख सकते हैं और पैरों में दर्द भी शुरू हो सकता है।

    पेट खराब हो जाता है

    गुनगुना पानी आपके पाचन तंत्र के लिए अच्छा साबित नही होता है वहीं अगर आप एक हद से ज्यादा गर्म पानी पीते हैं तो यह शरीर के लिए नुकसानदेह भी साबित हो सकता है। वहीं जब भी आप इसे ज्यादा पीते हैं तो ये पाचन क्रिया को डाइजेस्टिव एंजाइम्स को साफ भी कर सकता है। बता दें ये पेट के पीएच और गुड बैक्टीरिया को भी साफ कर देता है जो पेट की डाइजेस्टिव सिस्टम को भी खराब कर सकता है।

  • कोवोवेक्स और कोविशील्ड में बूस्टर की दौड़

    डेस्क। केंद्रीय औषधि नियामक प्राधिकरण के विशेषज्ञों का दल बुधवार को सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया की वैक्सीन कोवोवेक्स को वयस्कों के लिए विषम बूस्टर खुराक (Heterologous Booster Dose) के तौर पर अनुमति भी प्रदान कर सकता है। साथ ही अधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इसे वे वयस्क लगवा सकते हैं, जिन्होंने कोविशील्ड या कोवैक्सीन के दो डोज लिए भी हैं। विभिन्न देशों में कोविड के बढ़ते मामलों को ध्यान में रखते हुए ऐसा फैसला भी लिया जा सकता है ऐसी आशंका है।
    डीसीजीआई को लिखा था पत्र
    केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (सीडीएससीओ) की विषय विशेषज्ञ समिति की बैठक 11 जनवरी को होने वाली भी है। और सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया (SII) में सरकार और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने दुनिया भर में कोविड के बढ़ते मामलों को लेकर हाल ही में ड्रग्स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) को एक पत्र भी लिखा था, जिसमें कोवोवैक्स को वयस्कों के लिए विषम बूस्टर खुराक के रूप में मंजूरी देने की मांग करी गई थी।
    डीसीजीआई ने 28 दिसंबर 2021 को आपातकालीन स्थिति में 9 मार्च 2022 को 12-17 आयु वर्ग के लोगों के लिए और 28 जून, 2022 को 7-11 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए कोवोवैक्स के सीमित उपयोग को कुछ शर्तों के साथ ही मंजूरी भी दी थी। बता दें कोवोवैक्स का निर्माण एसआईआई ने नोवावैक्स की तकनीक का इस्तेमाल करते हुए किया है और इसे यूरोपियन मेडिसिन एजेंसी ने सशर्त अनुमति प्रदान की है।
    वहीं इसे 17 दिसंबर 2021 को विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा आपातकालीन उपयोग सूची में शामिल किया गया था और अगस्त 2020 में अमेरिका स्थित वैक्सीन निर्माता कंपनी नोवावैक्स ने एसआईआई के साथ व्यावसायिक स्तर पर भारत और निम्न मध्यम आय वाले देशों में इस वैक्सीन के विकास का करार भी किया गया था।

  • जानें कैसे हुई थी चुम्बन की शुरुआत

    रिलेशनशिप- किस एक अनुभूति है जिसका सीधा संबंध रोमांस और स्नेह से है। साइकोलॉजी के मुताबिक जब कोई व्यक्ति आपको किस करता है तो आप उस व्यक्ति से भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं और आपका रिश्ता मजबूत होता है।
    वहीं अब एक सवाल यह भी है कि आखिर किस की शुरुआत कैसे हुई। वहीं सबसे पहले kiss किस व्यक्ति ने की। एक थ्योरी के मुताबिक चुम्बन एक एक्सीडेंट की देन है। रिसर्चर का कहना है कि लोगों ने एक दूसरे को महसूस करते हुए अचानक से एक दूसरे के होठों को चूम लिया होगा और यहीं से चुम्बन की शुरुआत हुई।
    वहीं यदि हम इतिहास की बात करें तो चुम्बन शिष्टाचार को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। कहते हैं लोग एक दूसरे को सम्मान देने के लिए चुंबन का उपयोग करते थे और अपने बड़े छोटे का माथा चूम कर प्रेम जाहिर करते थे। क्योंकि चुम्बन ह्रदय की गति तेज करता है और रिश्ते को मजबूती प्रदान करता है।

  • सौंफ खाइये और स्वस्थ हो जाइये

    लाइफस्टाइल– हर घर की रसोई में सौंफ मिल जाती है। क्योंकि इसका उपयोग ज़्यादातर सब्जियों को बनाने में किया जाता है। लोग कहते हैं कि इसके इस्तेमाल से सब्जियों में स्वाद बढ़ जाता है। 
    वहीं डॉक्टर का कहना है कि सौंफ का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे हमारी स्किन ग्लो करती है और हमारे शरीर मे रक्त प्रवाह भी बेहतर होता है।
    वहीं आज हम आपको सौंफ खाने के फ़ायदे के विषय मे बताने जा रहे हैं। 

    खाली पेट सौंफ का सेवन-

    अगर आप मोटे दाने की सौंफ को रात में भिगोकर रखते हैं और सुबह खाली पेट उसे खाते हैं। तो आपका वजन कम होता है और आप फिट रहते हैं। इसके साथ ही खाली पेट सौंफ खाने से एसीडिटी की समस्या से नहीं जूझना पड़ता है।

    खाने के बाद सौंफ-

    अगर आप रोजाना खाने के बाद सौंफ का सेवन करते हैं। तो आपके मुह से बदबू नहीं आती है और आपका भोजन अच्छे से पच जाता है। वहीं इसके सेवन से हार्ट अटैक की समस्या भी कम हो जाती है।

    स्वास्थ्य के लाभ-

    विशेषज्ञ का कहना है कि अगर आप रोजाना सौंफ का सेवन करते हैं तो आप एक्टिव रहते हैं और आपको कई विशेष समस्याओं से निजात मिलता है। वहीं सौंफ के लाभकारी तत्व आपको कैंसर, हार्ट अटैक की समस्या से निजात दिलाते हैं।

  • ऐसे ऐलोवेरा लगाने से आपको मिलेंगी चमचमाती त्वचा

    डेस्क। आज के समय में खराब लाइफस्टाइल, धूल मिट्टी और अनियमित खान के कारण सेहत के साथ-साथ स्किन पर भी काफी बुरा असर पड़ता है। और हमारे चेहरे की रौनक गायब होने के साथ-साथ स्किन संबंधी कई समस्याओं का भी सामना आपको करना पड़ता है।
    जिससे आप निजात पाने के लिए महंगे से मंहगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी करते हैं जिससे आपको नैचुरल निखार तो नहीं मिलता लेकिन आपकी स्किन और बेकार भी हो जाती हैं। वही ऐसे में आप चाहे तो गुलाब जल और एलोवेरा (Aloe Vera) का इस्तेमाल भी कर सकते है। साथ ही यह दोनों आपकी स्किन को हेल्दी रखने के साथ हर बीमारी से कोसों दूर भी रखेंगे।
    एलोवेरा (Aloe Vera) में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो स्किन संबंधी हर बीमारी से आपको कोसों दूर भी रखती हैं। वहीं गुलाब जल आपकी स्किन को हाइड्रेट करने के साथ ही मॉश्चराइज करके हेल्दी रखने में मदद भी करता है। साथ ही इसमें अलावा एंटी-एजिंग और मॉइस्चराइजिंग गुण भी पाए जाते हैं जो स्किन का रूखापन भी खत्म करते हैं।
    2 चम्मच एलोवेरा (Aloe Vera) जेल
    एक चम्मच गुलाब जल और एलोवेरा जेल दोनों को अच्छी तरह से मिक्स करके बोतल में रख लें। रात को सोने से पहले कॉटन की मदद से इसको चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। दूसरे दिन चेहरे को धो लें और इससे आपको फ्रेश स्किन के साथ हेल्दी और ब्राइट स्किन भी मिलेगी।