Category: health

  • ग्रीन टी के हैं बड़े नुकसान, फेल हो सकता है लीवर

    हेल्थ– आज के समय मे अनियमित समय पर भोजन करना हमारी आदत बन गया है। लोग अपनी व्यस्तता भरी जिंदगी में अगर सबसे कम किसी को समय देते हैं तो वह है अपना शरीर। वहीं उनकी इस लापरवाही के कारण उनका वजह दिन प्रतिदिन बढ़ता जाता है और वह काफी परेशान रहते हैं।
    बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिये लोग महंगे महंगे डाइट प्लान से लेकर जिम तक जॉइन कर लेते हैं। वहीं कई लोग वजन घटाने के लिए ग्रीन टी का उपयोग करते हैं। जानकारो का कहना है कि ग्रीन टी का रोजाना सेवन हमारे शरीर का फैट कम करता है।
    लेकिन क्या आपको पता है कि वास्तव में ग्रीन टी के सेवन से वजन कम ही नहीं होता है। लेकिन इससे मेटाबॉलिज्म (metabolism) और एनर्जी को फायदा मिलता है। लेकिन ग्रीन टी का अधिक सेवन हमारे शरीर के लिये काफी नुकसान दायक होता है। 

    जानिए ग्रीन टी के सेवन से होने वाले नुकसान-

    ग्रीन टी में टैनिन नामक रसायन पाया जाता है। जो हीमोग्लोबिन को ऑब्जर्व कर लेता है। जिससे हमारे शरीर मे खून की कमी होने लगती है। विशेषज्ञ का कहना है कि यदि आप ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो आपको दिन में महज 2 बार ग्रीन टी पीनी चाहिए। क्योंकि अधिक ग्रीन टी हेल्थ के लिये नुकसान दायक होती है।
    ग्रीन टी में भी कैफीन होता है और अगर बॉडी में इसका इंटेक ज्यादा हो तो डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम भी हो सकती है। इसलिए जिन्हें कब्ज की शिकायत हो उन्हें ग्रीन टी से दूरी बनाकर रखनी चाहिए।
    इसके साथ ही विशेषज्ञ कहते हैं कि ग्रीन टी लीवर के लिये काफी नुकसान दायक होती है। यदि आप अधिक ग्रीन टी का सेवन करते हैं तो आपका लीवर भी फेल हो सकता है। एसीडिटी की समस्या या एंग्जायटी से पीड़ितों को ग्रीन टी के सेवन से बचकर रहना चाहिए।

  • सर्दियों में जरुर ट्राई करें गोभी उत्तपम की ये रेसिपी

    Gobhi uttapam Recipe: अगर आप साउथ इंडियन फूड पसन्द करते हैं और नाश्ते में कुछ हल्का और टेस्टी भी खाना पसंद करते हैं तो ट्राई करें ये झटपट बनने वाली रेसिपी गोभी उत्तपम को।
    इस रेसिपी को बनाने के लिए फूलगोभी का इस्तेमाल भी किया जाता है। वहीं जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा  देता है। ये रेसिपी न सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी होती है बल्कि बनने में भी बेहद आसान लगती है। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं कैसे बनाया जाता है टेस्टी गोभी का उत्तपम।
    Gobhi Uttapam Recipe: गोभी उत्तपम बनाने के लिए सामग्री-
    -1 कप सूजी
    -2 टेबल स्पून दही
    -4-5 कढ़ी पत्ता
    -1/2 कप फूलगोभी , कद्दूकस
    -2 हरीमिर्च
    -1 टी स्पून अदरक
    -2 टेबल स्पून प्याज
    -2 टी स्पून हरा धनिया
    -स्वादानुसार नमक
    -1/2 टी स्पून काली मिर्च
    -फ्रूट सॉल्ट
    -तेल
    जानिए गोभी उत्तपम बनाने की वि​धि-
    गोभी उत्तपम बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में सूजी, दही, नमक, हरी मिर्च, अदरक, कढ़ीपत्ता, प्याज, कालीमिर्च पाउडर डालकर मिक्स करके पानी की मदद से बैटर तैयार करें। अब इसके बाद बैटर को कुछ देर के एक तरफ रख दें। वहीं थोड़ी देर बाद बैटर में कददूकस की हुई गोभी डालकर डालकर मिक्स करने के बाद इसमें फ्रूट सॉल्ट मिक्स कर दीजिए। अब गैस पर एक पैन रखकर उसमें तेल लगाकर उसे चिकना करते हुए गर्म कर लें। वहीं अब बैटर को पैन पर डालकर गोलाकार में फैलाकर ढक्कन लगाकर सेक लीजिए। ऐसा ही कुछ देर बाद दूसरी तरफ से भी सेक लें और आपका टेस्टी गोभी उत्तपम बनकर तैयार है, इसे गरमागरम ही सर्व करें।

  • अगर बनाना है नए साल का जश्न शानदार तो जाएं इन चार जगहों पर

    Happy new year- साल 2022 खत्म होने वाला है। लोग अब नए साल के जश्न की तैयारी में जुट गए हैं। कई लोग अगर नए साल का जश्न अपने शहर में सेलीब्रेट करने का प्लान बना रहे हैं। तो कई लोग ऐसे भी हैं जो नए साल पर कहीं बाहर जाकर जश्न मनाते हैं। 
    वहीं अगर इस बार आप भी किसी दूसरे शहर जाकर अपने नए साल के जश्न को यादगार बनाना चाहते हैं। तो यह आर्टिकल आपके काम का साबित होगा। क्योंकि इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी खास जगहों के बारे में जहाँ जाकर आप बड़े धूम धाम से अपने नए साल का जश्न सेलीब्रेट कर सकते हैं।

    गोवा- 

    अगर आप नए साल का जश्न मनाने हेतु गोवा जाते हैं तो यह आपके लिए सबसे शानदार जगह साबित होगी। क्योंकि गोवा में नए साल का जश्न बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। रात भर पार्टी चलती है और लोग समुद्र के किनारे रात को एन्जॉय करते हैं।

    गुलमर्ग- 

    अगर आप इस नए साल पर वादियों और बर्फ का मजा लेना चाहते हैं। तो आपको गुल मर्ग जाना चाहिए। यह शानदार जगह है और दिसम्बर में यहां का नजारा कुछ और ही होता है।

    मनाली- 

    अगर आप ठंडक में ठंडक का मजा लेना चाहते हैं तो आपको इस नए साल का जश्न मनाने मनाली जाना चाहिए। यहां बर्फ गिरती है और काफी ठिठुरन रहती है। लेकिन यहां का नजारा लोगों को खूब आकर्षित करता है।

    उदयपुर-

    राजस्‍थान का उदयपुर. झीलों के इस शहर में आप रॉयल अंदाज में न्‍यू ईयर ईव को सेलिब्रेट कर सकती हैं. यहां कई ऐसे रिजॉर्ट और क्‍लब हैं जहां आप अपने परिवार दोस्‍तों के साथ मजे कर सकते हैं।

  • कोविड संक्रमण से कमजोर हो रहा है लीवर

    हेल्थ– कोविड की पुनर्वापसी से हर कोई परेशान है। लोग इससे बचने के तरह तरह के उपाय खोज रहे हैं। प्रत्येक देश की सरकार ने लोगों को सतर्क रहने की चेतावनी दी है। वहीं चीन, अमेरिका और नेपाल में कोविड से मौत का आकड़ा तेजी से बढ़ता जा रहा है।
    लेकिन कोविड के इस तहिमाम के बीच अगर सबसे अधिक परेशानी कोई झेल रहा है तो वह है मनुष्य क्योंकि कोविड के भय ने लोगों को डिप्रेशन का शिकार बना दिया है। लोग चिंता में रहते हैं। वहीं कुछ अध्ययन में सामने आया है कि कोविड के प्रकोप के चलते लोगों की किडनी और लीवर प्रभावित हो रहे हैं।
    एक अध्ययन के मुताबिक कोरोना हमारे लीवर को कमजोर कर रहा है। क्योंकि इससे लीवर में कड़ापन आ जाता है और हमारा लीवर डैमेज होने लगता है। इसके साथ ही लीवर में सूजन बढ़ जाती है और फाइब्रोसिस हो जाता है। जिस कारण लिवर कैंसर या लिवर फेल्योर होने की संभावना बढ़ जाती है।
    कहा गया है कि कोविड हमारे शरीर की रोग प्रतिरोधक शक्ति को कम करता है और हम आय दिन बीमार रहने लगते हैं। वहीं जो व्यक्ति कोरोना से संक्रमित होता है उसके बाल झड़ना, सांस फूलने जैसी समस्या होने स्वाभाविक है।

  • अपने पार्टनर के साथ रिश्ते को मजबूत बनाना है तो अपनाएं यह टिप्स

    रिलेशनशिप– जब आप किसी के साथ रिलेशनशिप में जाते हैं। तो वह व्यक्ति आपकी लाइफ का हिस्सा बन जाता है। वहीं आप दोनो एक दूसरे के सुख दुख के साथी बनने का हर सम्भव प्रयास करते हैं। कई पार्टनर बेहतर करने के चक्कर मे कुछ ऐसी चीजें कर देते हैं जो उनके लिये समस्या बन जाती है। वहीं कई लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने रिश्ते को बेहतर तरीके से संभाले रखते हैं।
    वहीं आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल करके आप अपने रिश्ते को न सिर्फ मजबूती दे सकते हैं। बल्कि आप अपने रिश्ते में जान भी डाल सकते हैं। तो आइये जानते हैं….

    वक्त बिताना-

    अगर आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं तो आपको अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताना चाहिए। आपको सदैव यह कोशिश करनी चाहिए कि आप किस तरह से अपने पार्टनर को समझ सकें और वह आपके साथ खुश रहता है या नहीं यह जान सकें।

    शेयरिंग-

    जब आप अपने पार्टनर के साथ अपने जीवन से जुड़ी अहम बातों को साझा करते हैं तो यह आपके पार्टनर का आपपर विश्वास बढ़ाता है और आपके रिश्ते को एक अलग मजबूती मिलती है। 

    शक को कहें अलविदा- 

    कोशिश करें की आप अपने पार्टनर पर बात-बात पर शक न करें और यदि वह आपको अपने जीवन से जुड़ा कोई रहस्य बताता है। तो आप उसपर बात बात पर शक न करें। क्योंकि शक आपके रिश्ते को खराब कर देता है और आपके पार्टनर और आपके बीच बात बात पर मतभेद शुरू हो जाता है।

  • गोभी उत्तपम बनाने की सबसे आसान रेसिपी, नाश्ते में जरुर करें ट्राई

    Gobhi uttapam Recipe: अगर आप साउथ इंडियन फूड पसन्द करते हैं और नाश्ते में कुछ हल्का और टेस्टी भी खाना पसंद करते हैं तो ट्राई करें ये झटपट बनने वाली रेसिपी गोभी उत्तपम को।
    इस रेसिपी को बनाने के लिए फूलगोभी का इस्तेमाल भी किया जाता है। वहीं जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है। ये रेसिपी न सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी होती है बल्कि बनने में भी बेहद आसान लगती है। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं कैसे बनाया जाता है टेस्टी गोभी का उत्तपम।
    Gobhi Uttapam Recipe: गोभी उत्तपम बनाने के लिए सामग्री-
    -1 कप सूजी
    -2 टेबल स्पून दही
    -4-5 कढ़ी पत्ता
    -1/2 कप फूलगोभी , कद्दूकस
    -2 हरीमिर्च
    -1 टी स्पून अदरक
    -2 टेबल स्पून प्याज
    -2 टी स्पून हरा धनिया
    -स्वादानुसार नमक
    -1/2 टी स्पून काली मिर्च
    -फ्रूट सॉल्ट
    -तेल
    जानिए गोभी उत्तपम बनाने की वि​धि-
    गोभी उत्तपम बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में सूजी, दही, नमक, हरी मिर्च, अदरक, कढ़ीपत्ता, प्याज, कालीमिर्च पाउडर डालकर मिक्स करके पानी की मदद से बैटर तैयार करें। अब इसके बाद बैटर को कुछ देर के एक तरफ रख दें। वहीं थोड़ी देर बाद बैटर में कददूकस की हुई गोभी डालकर डालकर मिक्स करने के बाद इसमें फ्रूट सॉल्ट मिक्स कर दीजिए। अब गैस पर एक पैन रखकर उसमें तेल लगाकर उसे चिकना करते हुए गर्म कर लें। वहीं अब बैटर को पैन पर डालकर गोलाकार में फैलाकर ढक्कन लगाकर सेक लीजिए। ऐसा ही कुछ देर बाद दूसरी तरफ से भी सेक लें और आपका टेस्टी गोभी उत्तपम बनकर तैयार है, इसे गरमागरम ही सर्व करें।

  • पेले होने का मतलब

    Sports descriptive:- पेले के निधन से सारी दुनिया उदास है! उन्होंने अपने चाहने वालों को आनंद के अनगिनत अवसर दिए! पेले के चाहने वाले कहते हैं कि वे महानतम थे। वे तीन बार जीती फीफा वर्ल्ड कप विजेता ब्राजील टीम के सदस्य रहे। वे दो बार उन ब्राजील की टीमों में रहे। उन्हें साल 2000 में फीफा फ्लेयर आफ दि सैंचुरी का भी सम्मान मिला। पर क्या पेले को मुख्य रूप से इसी आधार पर सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी माना जाए क्योंकि वे तीन बार जीती ब्राजील टीम में सदस्य थे? वे 1958 में ब्राजील की टीम में थे। वे तब मात्र 17 साल के थे। वैसे वे 1962 और 1966 के वर्ल्ड कपों में चोटिल होने के कारण कोई खास जौहर नहीं दिखा सके थे। हां, 1970 के वर्ल्ड कप में वे अपने पीक पर थे। पर उस टीम के बारे में कहा जाता है कि वो वर्ल्ड कप में अब तक खेली महानतम टीम थी। वो टीम वैसे कहा जाय तो पेले के बिना भी वर्ल्ड कप जीतने की कुव्वत रखती थी। उस टीम में गर्सन, टोस्टओ, रेविलिनिओ और जेरजिन्हो जैसे महान फाऱवर्ड खिलाड़ी थे। ये किसी भी टीम की रक्षा पंक्ति को भेद सकने वाले महान खिलाडी थे।
    एक बात समझी जाए कि फुटबॉल का मतलब बड़ी शॉट खेलना कतई नहीं है। बड़ा खिलाड़ी तो वो ही होता है, जो ड्रिबलिंग करने में माहिर होता है। उसे ही दर्शक देखने जाते हैं। इस लिहाज से पेले बेजोड़ रहे हैं। खेल के मैदान में पेले के दोनों पैर चलते थे। उनका हेड शॉट भी बेहतरीन होता था। पेले के 1970 में इटली के खिलाफ फाइनल में हेडर से किए गोल को ज़रा याद करें। उस गोल के चित्र अब भी यदा-कदा देखने को मिल जाते हैं। वैसे, उस फाइनल में एक गोल कार्लोस एलबर्टों ने पेले की ही पास पर किया था।
    अगर गेंद उनके बायें पैर पर आ गई उनका गेंद पर नियंत्रण और विरोधी खिलाड़ी को छकाने की कला दुबारा देखने को नहीं मिलेगी। पेले के बारे में विरोधी टीम को पता ही नहीं चलता था कि वे कब अपनी पोजीशन चेंज कर लेंगे। वे मैदान में हर जगह मौजूद रहते थे। पेले की लाजवाब ड्रिबलिंग कला थी। उनका अपनी टीम पर गजब का प्रभाव था। हां, पासिंग और रफ्तार में दोनों का कोई सानी नहीं हुआ।
    पेले ने अपने करियर में 760 गोल किये जिनमें से 541 लीग चैम्पियनशिपों में किये गए थे, जिसके कारण वे सर्वकालीन सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी माने जाते हैं। कुल मिलाकर पेले ने 1363 खेलों में 1281 गोल किए।
    हालांकि इनके आंकड़ों को चुनौती भी मिलती है। पेले खुद ही गोल करने के लालच में नहीं रहते थे। वे साथी खिलाड़ियों को गोल करने के बेहतरीन अवसर भी देते थे। वे बड़े और अहम मैचों में छा जाते थे। वे छोटी-कमजोर टीमों के खिलाफ अपने जौहर नहीं दिखा पाते थे। 
     अगर बात मैदान से हटकर करें तो पेले फुटबॉल के मैदान को छोड़ने के बाद सामाजिक कार्यों से जुड़ गए। ब्राजील में करप्शन से लेकर गरीबी के खिलाफ लड़ते रहे। पेले को 1992 में पर्यावरण के लिये संयुक्त राष्ट्र का राजदूत नियुक्त किया गया।
    उन्हें 1995 में खेलों की दुनिया में विशेष योगदान के लिये युनेस्को सद्भावना राजदूत बनाया। पेले ने ब्राज़ीली फुटबॉल में भ्रष्टाचार को कम करने के लिये एक कानून प्रस्तावित किया, जिसे पेले कानून के नाम से जाना जाता है। माराडोना ने पेले की तरह का कोई सामाजिक आंदोलन से अपने को न हीं जोड़ा। 
    पेले का कद इतना ऊंचा था कि उनसे अमेरिका के राष्ट्रपति भी आदर से मिलते थे। उनका बचपन अभावों में गुजरा। पेले बेहद शांत और विनम्र थे।  
     पेले के भारत में भी करोड़ों फैंस हैं। वे दो बार भारत आए। वे भारत को प्रेम करते रहे। वे पहली बार जब कोलकाता आए थे तो देर रात को एयरपोर्ट पहुंचने पर भी हजारों फैन्स ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था।
    वे जब भी यहां आए तो भारत के फुटबॉल फैन्स ने उन्हें भरपूर स्नेह और सम्मान दिया। पेले 1977 में भारत आए थे। पेले कोलकाता (तब कलकता में) में एक प्रदर्शनी मैच खेलने आए थे। वे तब काज़्मोस क्लब से जुड़े हुए थे। काज़्मोस का एक मैच ईस्ट बंगाल के साथ रखा गया था। मुकाबला बराबर रहा था। बंगाली भद्रलोक पेले को खेलता देखकर अभिभूत थे। धन्य महसूस कर रहे थे। पेले का पीक तब तक नहीं रहा था।
     पेले ने कभी अपने चमत्कारी खेल का प्रदर्शन दिल्ली में नहीं किया! पर वे साल 2015 में दिल्ली आए थे। वे सुब्रत कप के फाइनल मैच के मुख्य अतिथि थे। पेले ने फाइनल मैच को देखा था। उन्हें देखने के लिए अंबेडकर स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। उन्होंने फाइनल मैच के बाद एक खुली जीप पर सारे स्टेडियम का चक्कर लगाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया था।
    पेले ने वहां पर मौजूद दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा था, ‘मैं सुब्रतो कप में हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। मुझे भारत के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों से मिलकर बहुत अच्छा लगा।’ वे उम्र दराज होने पर भी बिल्कुल फिट लग रहे थे। भारत महिला फुटबॉल टीम के कोच रहे अनादि बरूआ को याद है वह दिन जब पेले को देखने अंबेडकर स्टेडियम में सभी उम्र के हजारों फुटबॉल प्रेमी पहुंचे थे। हालांकि सुरक्षा कारणों के चलते वे किसी को ऑटोग्राफ नहीं दे सके थे!
    पेले को 2015 में दिल्ली में लाने का श्रेय भारतीय वायुसेना को ही जाता है! पेले ने फाइनल को देखने आए दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा था, ‘मैं भारतीय वायुसेना की कड़ी मेहनत से प्रभावित हूं।’ सुब्रतो कप का सफल आयोजन भारतीय वायुसेना ही करती है। चूंकि एयऱ चीफ मार्शल सुब्रत मुखर्जी फुटबॉल में गहरी दिलचस्पी लेते थे, इसलिए उनके नाम पर यह चैंपियनशिप चालू हुई थी। सुब्रतो मुखर्जी भारतीय एयरफोर्स के पहले प्रमुख थे।
    वे 1 अप्रैल 1954 को भारतीय वायुसेना के पहले प्रमुख बनाए गए थे। उनको फादर ऑफ द इंडियन एयर फोर्स कहा जाता है। सुब्रतो मुखर्जी बंगाल के एक प्रमुख परिवार से था। उनके पिता सतीश चंद्र मुखर्जी आईसीएस अफसर थे। सुब्रत मुखर्जी 1932 में वायुसेना में शामिल हुए।
    पेले को दुनिया सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक रूप में याद रखेगी! उनका कद इतना ऊंचा हो गया था कि वे अपने जीवनकाल में ही किसी दंतकथा का पात्र बन गए थे! 

    लेखक वरिष्ठ संपादक, स्तभंकार और पूर्व सांसद आर.के. सिन्हा की कलम से

     

  • BF.7 से लड़ने के लिए कितना तैयार भारत

    डेस्क। भारत के पड़ोसी देश चीन में तबाही मचाने वाले कोरोना के वैरिएंट BF.7 के मामले भारत में भी सामने आए हैं । साथ ही कोविड से निपटने के लिए देश के अस्‍पतालों में मॉक ड्रिल हुई और लोगों को मास्‍क लगाने की सलाह भी दी जा रही है।
    बता दें महामारी विशेषज्ञों के मुताबिक, BF.7 वैरिएंट तेजी से फैलता है और इससे संक्रमित एक इंसान 18 लोगों को बीमार भी बना सकता है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चीन जैसे हालात बनने का खतरा कम है और इसमें सबसे बड़ा रोल रहेगा इंसान की इम्‍युनिटी का होगा।
    बता दें इम्‍युनिटी दो तरह की होती है हर्ड और हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी। पहले हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी को समझते हैं तो लैसेंट जर्नल की‍ रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर में हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी तब बनती है जब किसी शख्‍स को संक्रमण और वैक्‍सीनेशन दोनों ही हो चुका होता है। साथ ही ऐसे में उसके शरीर में एंटीबॉडी का लेवल भी बढ़ जाता है और संक्रमण का खतरा कम होता है। वहीं आसान भाषा में समझें तो संक्रमण और वैक्‍सीनेशन दोनों से मिलने वाली इम्‍युनिटी को ही हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी बोला जाता हैं।
    वहीं वैज्ञानिकों का कहना है, सुरक्षा के लेवल पर देखें तो हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी को ज्‍यादा बेहतर बताया जाता है। साथ ही जिन लोगों ने केवल वैक्‍सीन लगवा रखी है, उनके मुकाबले ये कोरोना से ज्‍यादा बेहतर तरीके से निपट भी पाते हैं। और आसान भाषा में समझे तों हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी दोहरे कवच के तौर पर काम करती है और इसे बेहतर माना जाता है। 
    तो आईए अब समझते हैं हर्ड इम्‍युनिटी क्‍या होती है-
    विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक, हर्ड इम्‍युनिटी को पॉप्‍युलेशन इम्‍युनिटी भी बोला जाता है वहीं आसान भाषा में समझें तो यह एक सामूहिक प्रतिरोधक क्षमता होती है। साथ ही एक तय आबादी को संक्रमित होने या उनके वैक्‍सीनेशन के बाद उनमें वारयस के खिलाफ जो प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है, उसे ही हर्ड इम्‍युनिटी भी कहते हैं। साथ ही इससे आबादी में दोबारा संक्रमण फैलने का खतरा भी घटता है और WHO का मानना है कि वैक्‍सीनेशन हर्ड इम्‍युनिटी विकसित करने का सबसे बेहतर तरीका रहा है।  

  • Happy new year wishes- नव वर्ष की शुभकामना संदेश एवं बेस्ट शायरी सन्देश

    Happy new year- अगर आप भी अपने दोस्तों को नए साल पर स्पेशल मैसेज भेजकर इम्फ्रेशन जमाना चाहते हैं। तो यह लेख आपके काम का साबित होने जा रहा है। क्योंकि इस लेख में हम आपको नए साल की शुभकामनाएं के साथ साथ नए साल पर अपने मित्रों को भेजने के लिए बेहतरीन शायरी भी बताने वाले हैं।

    Happy new year 2023 शुभकामना संदेश-

    • मेरे प्रिय मित्रों को नया साल मुबारक हो। आप सभी का नया वर्ष खुशियों से भरा रहे ऐसी मेरी कामना है।
    • परिजनों को नव वर्ष की अति आनंदमय शुभकामनाएं। ईश्वर आपको इस वर्ष सुख, समृद्धि, संस्कार और सफलता प्रदान करे।
    • मेरे जिगरी यारों को नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु श्री राम की कृपा सदैव आपपर बनी रहे और आपके सपनों को इस वर्ष बड़ी उड़ान मिले ऐसी मेरी कामना है।
    • आदरणीय आप सभी को नव वर्ष की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। शुभेच्छा है कि आप सदैव स्वस्थ और प्रसन्न रहें एवं ईश्वर का आशीर्वाद सदैव आपपर बरसता रहे।
    • अपनो को नव वर्ष की हार्दिक बधाई के साथ ढेर सारा प्यार। ईश्वर से यही प्रार्थना है कि आप सदैव खुश रहें एवं हमे अपना आशीर्वाद प्रदान करते रहें।

    Happy new year 2023 शायरी-

    1. गुलाब सा चमकता रहे आपका चेहरा
    खुशी से भर जाए नए साल का सवेरा।।
    Happy new year
    2. अपनों का अपार प्यार मिले
    जीवन आपका खुशियों से खिले।।
    Happy new year
    3. प्यार परिवार का साथ मिले
    आप इस नए साल सफलता के पथ पर आगे बढ़ें
    Happy new year
    4. बहार बनकर आए नया साल
    जीवन मे भर दे आपके खुशियां हजार
    Happy new year
    5. सुख, समृद्धि और सफलता के खुल जाए द्वार
    ईश्वर की कृपा बरसे आप पर अपार
    नया साल आपके जीवन मे लाए नई उम्मीद
    और इस वर्ष सफल हो जाए आपके मन की हर कोशिश.. Happy new year
    6.  अंधेरों से मत घबराओ
    नए साल में नई उम्मीद का प्रकाश जलाओ
    Happy new year
    7. रूठों को मनाना है
    इस नए साल सभी शिकायतें मिटाकर
    रिश्तों को मजबूत बनाना है
    Happy new year
    8. प्यार बरसेगा अपार
    क्योंकि नया साल लाया है नई उम्मीदों की बहार
    Happy new year

  • शराब बन सकती है आपके पिता बनने में बाधा

    डेस्क। शराब और सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है वहीं इस बात को तो हम सभी जानते हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग इन चीजों का सेवन करने से बाज नहीं आते और हाल ही में हुए एक रिसर्च में यह बात निकलकर सामने आई है कि आप कितनी मात्रा में और कब शराब पीते हैं इसका असर आपके फर्टिलिटी रेट पर सीधे तौर पर पड़ता है।
    यहां तक कि अगर आप तय मात्रा से ज्यादा शराब पीते हैं और फैमिली प्लानिंग के कुछ महीनों पहले तक शराब पीते हैं तो आप कभी बाप भी नहीं बन पाएंगे तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इसी से जुड़ी कुछ गंभीर जानकारियां भी देंगे।
    यूरोपियन जनरल आफ प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित हुईं एक रिसर्च में बताया गया है कि अगर आप फैमिली प्लानिंग से 3 महीने पहले तक शराब पीते हैं तो आपके बच्चे के अंदर कंजेनाइटल हार्ट डिजीज का खतरा 44% तक बढ़ जाता है और इस दौरान अगर आपको शराब पीने की लत है और आप एक बार जब पीने बैठते हैं तो 5 से ज्यादा पेग भी पी जाते हैं तो यह खतरा लगभग 52 फ़ीसदी तक और भी बढ़ जाता है। 
    वहीं इसके साथ ही ये आपके बाप बनने की संभावना को भी बेहद कम कर देती है और चीन के सेंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी के जिआब किन का तो यहां तक कहना है कि शराब में मौजूद टेराटोजन इतने ज्यादा खतरनाक होते हैं कि वह महिला के अंदर पल रहे भ्रूण को भी खराब कर सकते हैं।
    फैमिली प्लानिंग से पहले क्यों नहीं शराब पीना चाहिए
    रिपोर्ट के अनुसार अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं तो इस बात ख्याल आपको रखना चाहिए कि फैमिली प्लानिंग से लगभग 6 महीने पहले से शराब पीना पूरी तरह से बंद कर दीजिए। वहीं इसके साथ ही सिगरेट को भी अलविदा कह दें और अगर आप शराब और सिगरेट पीना बंद नहीं करते हैं तो आपके बच्चों पर इसका खतरनाक प्रभाव देखने को मिल सकता है साथ ही उसे गंभीर तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं। यहां तक कि अगर आपने बहुत ज्यादा शराब इन महीनों के दौरान पी है तो बच्चे की जान तक जा सकती है।