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  • घर पर बनाए लजीज छाछ

    जीवनशैली– आज हमारी लाइफ काफी व्यस्त हो गई है लेकिन इस व्यस्तता के बीच भी हम अपने खाने पीने के साथ कोई रिस्क नही लेते हैं। अच्छा और लजीज खाना हमें अपनी ओर खींच ही लेता है। वही अगर हम दही से बने प्रोडक्ट्स की बात करें तो ज्यादातर लोगों को पसन्द होते हैं।

    वही अगर आप कई लोग छाछ के काफी शौकीन होते हैं। कहते हैं छाछ हमारे पेट के लिये काफी फायदेमंद होती है और इसको पीने से एसिडिटी की समस्या से निजात मिलता है। 
    अब अगर आप छाछ के शौकीन हैं और बार बार बाजार जाकर छाछ खरीद कर लाते हैं। तो यह खबर आपके मतलब की साबित होगी। क्योंकि इस खबर में हम आपको बताने जा रहे छाछ बनाने का घरेलू उपाय…

    सामग्री-

    अगर आप अपने घर पर छाछ बनाना चाहते हैं तो इसके लिए आपको आवश्यकता होगी, दही, जीरा, काला नमक, चाट मसाला और थोड़े पानी की।
    छाछ बनाने के लिए आप सबसे पहले एक बर्तन में दही डाल लें। फिर उसमें उतना ही पानी डाले जितना उसमे आपने दही डाला है। उसके बाद उसे अच्छे से मठ ले। फिर उसमें आप जीरा, नमक और चाट मसाला अच्छे से मिला ले। इसके बाद आप इसे फ्रिज में ठंडा करके इसके स्वाद का लुफ्त उठा सकते हैं

  • बढ़ता Uric Acid आपसे छीन सकता है जीवन

    High Uric Acid Level: आज बदलती जीवनशैली और खानपान की खराब आदतें कई गंभीर रोगों को जन्म दे रही हैं। ऐसे ही एक रोग का नाम है यूरिक एसिड। जी हां, आज यूरिक एसिड युवा हो या बुजुर्ग दोनों के लिए बहुत गंभीर समस्या बन चुका है, जिसकी वजह से गठिया, जोड़ों में दर्द और आर्थराइटिस जैसे समस्याओं से लोग पीड़ित हैं।
    ऐसे में यह जानना जरूरी हो जाता है आखिर क्या है यूरिक एसिड, इसके लक्षण और बचाव के तरीके।
    यूरिक एसिड क्या होता है?
    यूरिक एसिड शरीर में पैदा होने वाला कचरा है। यह खाद्य पदार्थों के पाचन से उत्पन्न होता है और इसमें प्यूरिन होता है। जब शरीर में प्यूरिन टूटता है तो उससे यूरिक एसिड निकलता है। हमारे शरीर में किडनी यूरिक एसिड को फिल्टर करती है और फिर पेशाब के जरिए उसे शरीर से बाहर निकाल देती है। जब कोई व्यक्ति अपने भोजन में अधिक मात्रा में प्यूरिक का सेवन करता है और उसका शरीर यूरिक एसिड को उतनी तेजी से शरीर से बाहर नहीं धकेल पाता है तो शरीर में यूरिक एसिड की मात्रा बढ़ने लगती है। ऐसा होने पर उस व्यक्ति के खून में यूरिक एसिड प्रवाह होने लगता है, जो शरीर के कई अंगों तक फैल जाता है।
    यूरिक एसिड का ज्यादातर हिस्सा किडनियों के जरिए फिल्टर हो जाता है जो टॉयलेट के जरिए शरीर से बाहर आ जाता है, लेकिन अगर यूरिक एसिड शरीर में ज्यादा बन रहा है या किडनी फिल्टर नहीं कर पाती तो खून में यूरिक एसिड का लेवल बढ़ जाता है। बाद में यह हड्डियों के बीच में जमा हो जाता है और इससे गाउट की समस्या पैदा हो जाती है। यूरिक एसिड के बढ़ने से शरीर की मांसपेशियों में सूजन आ जाती है जिससे दर्द महसूस होता है और ये दर्द शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है।
    यूरिक एसिड बढ़ने के मुख्य कारण-
    -खान-पान और लाइफस्टाइल में बदलाव यूरिक एसिड बढ़ने का सबसे बड़ा कारण है।
    -ज्यादा वजन होने या मोटापे के कारण भी यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है।
    -तनाव के कराण भी शरीर में यूरिक एसिड इकट्ठा हो सकता है।
    -रेड मीट, सी फूड, दाल, राजमा, मशरूम, गोभी, टमाटर, मटर, पनीर, भिंडी, अरबी और चावल खाने से भी यूरिक एसिड बढ़ता है।
    -यदि किसी को किडनी की बीमारी है तो यूरिक एसिड बढ़ सकता है।
    -डायबिटीज के मरीजों में भी यूरिक एसिड बढ़ने की समस्या होती है।
    -हाइपोथायरायडिज्म यानी थायरायड कम होने की वजह से भी यूरिक एसिड की समस्या हो सकती है।
    यूरिक एसिड बढ़ने के लक्षण-
    -एड़ियों, उंगलियों और घुटनों में दर्द इसके लक्षण हो सकते हैं।
    -यूरिक एसिड के क्रिस्टल जोड़ों में जमा हो जाते हैं, जिससे जोड़ों में सूजन महसूस होती है। इसे गाउट कहा जाता है।
    -यूरिक एसिड में पेशाब से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं, किडनी में पथरी भी हो सकती है।
    -यूरिक एसिड बढ़ जाने पर जोड़ों में असहनीय दर्द होता है और उठने-बैठने में परेशानी होती है।
    -इसमें व्यक्ति ज्यादा जल्दी थकान भी महसूस करने लगता है।
    -हाथ-पैर की उंगलियों में सूजन आ जाती है और भयंकर दर्द होता है।
    यूरिक एसिड का इलाज –
    -यूरिक एसिड का स्तर बढ़ने पर इसको नियंत्रित करने के लिए आपको अपने डॉक्टर से सलाह लेनी चाहिए।
    -रोजाना सुबद 2 से 3 अखरोट खाएं। ऐसा करने से बढ़ा हुआ यूरिक एसिड धीरे-धीरे कम होने लगेगा।
    -हाई फायबर फूड जैसे ओटमील, दलिया, बींस, ब्राउन राईस (ब्राउन चावल) खाने से यूरिक एसिड की ज्यादातर मात्रा एब्जॉर्ब हो जाएगी और उसका लेवल कम हो जाएगा।
    -अजवाईन का सेवन रोजाना करें। इससे भी यूरिक एसिड की मात्रा कम होगी।
    -बाहर का खाना खाने के शौकीन हैं तो तुरंत बंद कर दें और खान में फल, सब्जियां और फायबूर फूड शामिल करें।
    -राजमा, छोले, अरबी, चावल, मैदा रेड मीट जैसी चीजें ना खाएं।

  • इन आदतों को अपनाएं और अपने दिल को रखे सुरक्षित

    हेल्थ – हमारी जीवन शैली आज बिलकुल बदल गई है। आज हम अपने लिए वक्त नहीं निकाल पा रहे है। वही अगर हम दिल की बात करें तो यह हमारे शरीर का सबसे प्रमुख अंग है अगर दिन की धड़कन मंद पड़ी तो हम मौत के दरवाजे पर आ जाते है और इसके बंद होते ही मौत हमे अपनी बाहों में भर लेती है। वही जब से कोविड काल आया है तब से हमने ह्रदयघात के मामलो को लेकर खूब बाते सुनी है। आय दिन सुनने को मिल जाता है की हमारे किसी साथी की मौत ह्रदयघात से हो गई है। हम यह सुनकर परेशान होने लगते है क्योंकि हमे पता होता है की उसको स्वास्थ्य से जुडी कोई समस्या नहीं है. 
    वही ह्रदयघात को लेकर डब्ल्यूएचओ ने कहा है की  दिल से संबंधित बीमारियों यानी कार्डियोवैस्कुलर डिजीज के कारण हर साल करीब 1.79 करोड़ लोगों की मौत हो जाती है.आज हार्ट अटैक आना मानो आम बात हो गई है। पता ही नहीं चलता कब बैठे बैठे हमे ह्रदयघात की समस्या से जूझना पड़ता है। हार्ट अटैक को लेकर जानकारों का कहना है की यह कोई नई बीमारी नहीं है यह सालो से चली आ रही समस्या है। पहले इससे कम लोग प्रभावित होते थे क्योंकि पहले के लोगो का खान पान काफी अच्छा होता था. लेकिन अब हार्ट अटैक से नॉर्मली ज्यादतर लोग प्रभावित होते है। 
    हार्ट अटैक का मूल कारण हमारी दिनचर्या में होने वाला परिवर्तन है। आज हम न तो रात में समय से सोते है और न ही हम अपने खान पान का ध्यान रखते है , हमे हर समय काम या पैसे की चिंता लगी रहती है जो हमारे लिए समस्या बनती जा रही है। इन सभी आदतों का सीधा प्रभाव हमारे ह्रदय पर पड़ता है और हमारा ह्रदय कमजोर होने लगता है। वही आज हम आपको बताने जा रहे है कुछ ऐसे टिप्स जिनका अगर आप इस्तेमाल करते है तो आपको ह्रदय सम्बन्धित समस्याओ से निजात मिलेगा। 

    फल और हरी सब्जी –

    आप अगर अपने हार्ट को बेहतर रखना चाहते है तो आप अपनी डाइट में फल और हरी सब्जी को शमिल कर ले।  सुबह फल का नाश्ता करें और खाने में हरी सब्जी ही खाये। क्योंकि फल और सब्जी विटामिन्स का भंडार होते है और यहाँ हमारे ह्रदय को मजबूत बनाते है। 

    बादाम और अखरोट-

    बादाम और अखरोट को सेहत के लिए काफी अच्छा बताया गया है। बादाम का नियमित सेवन करने से ब्लड प्रेशर लेवल कंट्र्रोल होता है और शुगर लेवल सही होता है। वही अखरोट ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होता है जो धमनी के स्वास्थ्य में सुधार करने और हृदय रोग से संबंधित सूजन को कम करने में मदद करता है. अगर आप इसका नियमित सेवन करते है तो आपको ह्रदय से जुडी समस्याओं से निजात मिलेगा। 

    व्यायाम –

    अगर आप अपने ह्रदय को बीमारियों से बचाना चाहते है तो आप अपनी आदत में यह डाल ले की आपको नियमित व्यायाम करना है। क्योंकि नियमित व्यायाम करने से हमारा स्वास्थ्य अच्छा होता है और हमे बीमारियों से लड़ने की शक्ति मिलती है। व्यायाम से हमारी टेंशन खत्म होती है और मन फ्रेश रहता है।

  • पहली डेट पर किया यह काम तो यह डेट होगी आपकी आख़िरी डेट

    रिश्ते – आज के समय में किसी के साथ रिलेशनशिप में आना आम बात है।  हर लड़का और लड़की अपनी लाइफ में किसी न किसी के साथ जुड़े होते है। वही एक दूसरे को जानने और समझने के लिए प्रत्येक कपल डेट पर जाता है. पहले डेट पर जाना काफी अलग होता था और कुछ ही लोग इस विषय में जानते थे। लेकिन आज जितना पॉपुलर किसी के साथ रिलेशनशिप में आना है उतना ही पॉपुलर किसी के साथ डेट पर जाना है। आज के समय में डेट पर जाना हर लड़के का सपना बन गया है। 
    वही जब कोई लड़का पहली बार अपनी दोस्त के साथ डेट पर जाता है तो उसके लिए यह काफी एक्ससाइटमेंट भरा होता है।  लड़का और लड़की दोनों ही अपनी पहली डेट को बेहतर बनाने का हर संभव प्रयास करते है. दोनों यही चाहते है की उनकी यह पहली मुलाक़ात यादगार बन जाए। लेकिन कई बार लोगो से ऐसी गलतियां हो जाती है की उनकी पूरी डेट बर्बाद हो जाती है और उनकी फर्स्ट डेट का एक्सपीरिएंस बेहद खराब होता है।  वही आज हम आपको बताने जा रहे है कुछ ऐसे टिप्स जिन्हे अगर आपने फॉलो कर लिया तो आप अपनी फर्स्ट डेट को बेहतरीन बना सकते है। 

    सुनना –

    अगर आप पहली बार डेट पर जा रहे है तो आप जल्दी जल्दी में कोई फैसला न ले।  अपने अंदर पेशेंस लाएं अपने पार्टनर को सुने और उसके मन की बात को जानने की कोशिश करें। पहली बार डेट पर जाए तो एक दूसरे को समझने के लिए अपने अंदर धर्य रखे और एक दूसरे से भावनात्मक रूप से जुड़ने का हर संभव प्रयास करें। 

    एक्स से बनाये दूरी –

    अगर आप पहली दफा अपने पार्टनर के साथ डेट पर गए है तो आप अपने एक्स से दूरी बनाकर रखे। अपनी एक्स की बात अगर आप अपनी पहली डेट पर अपने पार्टनर के सामने करते है तो इसका आपके पार्टनर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है और आपकी डेट खराब हो जाती है। वही आपके पार्टनर को यह अनुभूति होने लगती है की आज भी आपके दिल में उससे ज्यादा इम्पोर्टेंस आपके एक्स की है। 

    कमियों को करें नजरअंदाज –

    आज के समय में कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है जिसमे कमियां न हो। आपको अपने पार्टनर की कमियों को नजरअंदाज करना चाहिए और अपनी पहली डेट पर उसकी अच्छाइयों की सरहाना करनी चाहिए।  अगर आप अपने पार्टनर की कमियों को नजरअंदाज करते है और उसकी अच्छाइयों को तराशते है और उन्ही के साथ खुश रहते है तो यह आपकी फर्स्ट डेट को अच्छा बनाता है। 

    तुलना करने से बचे –

    कुछ लोगो की आदत होती है की वह अपने पार्टनर की तुलना अन्य किसी व्यक्ति से करने लगते है। आपको डेट या अपनी लाइफ के फैसले लेते समय कभी भी अपने पार्टनर की तुलना किसी अन्य व्यक्ति से नहीं करनी चाहिए।  क्योंकि भगवान ने इस दुनिया में सभी को अलग अलग आदतों के साथ गढ़ा है तो जब आप किसी की तुलना किसी से कर देते है. तो यह आपके पार्टनर पर नकारात्मक प्रभाव डालता है और आपकी डेट भी इस तरह की हरकतों से बर्बाद हो जाती है।

  • बढ़ता पेट आपको बना रहा इन जान लेवा बीमारियों का शिकार

    डेस्क। बढ़ता हुआ मोटापा ना सिर्फ शरीर को भद्दा और मोटा दिखाता है बल्कि ये शारीरिक और मानसिक रूप से आपको बीमार भी बनाता है। वहीं अधिक वजन प्रजनन और श्वसन क्रिया से लेकर याददाश्त और मूड तक को ये काफी प्रभावित करता है। मोटापा मधुमेह, हृदय रोग और कुछ कैंसर सहित कई घातक बीमारियों का जोखिम भी ये बढ़ा सकता है। साथ ही मोटापा को कंट्रोल नहीं किया जाए तो ये तनाव का कारण बनता चला है। बढ़ता मोटापा की वजह से कई क्रॉनिक बीमारियों का जोखिम भी बढ़ जाता है।
    आपको बता दें वजन को कंट्रोल किया जाए तो मोटापे के जोखिम से बचा जा सकता है। वहीं मोटे लोगों के लिए उनके वजन से 5-10 किलों वेट लॉस करना भी उनकी सेहत को बहुत फायदा पहुंचा सकता है। भले ही मोटापा का शिकार लोग आदर्श वजन हासिल नहीं कर सकें लेकिन वो मोटापा की वजह से होने वाले जोखिम से आराम से बच सकते हैं। आज हम आपको मोटापा की वजह से लोगों को कौन-कौन सी बीमारियों का जोखिम होता है इस बारे में बताएंगे।
    शरीर का वजन दिल के कई रोगों के कारकों से सीधे जुड़ा होता है। जैसे-जैसे बीएमआई बढ़ता है, वैसे-वैसे ब्लड प्रेशर, खराब कोलेस्ट्रॉल, रक्त शर्करा और सूजन में वृद्धि जैसी बीमारियों को जोर मिलता है। ये परिवर्तन कोरोनरी हृदय रोग, स्ट्रोक, और हार्ट अटैक के जोखिम भी बढ़ाता है।
    डाइबटीज एवं ब्लड प्रेशर का खतरा बढ़ता है:
    जिन लोगों का मोटापा बढ़ता है उन्हें डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर की बीमारी का खतरा भी अधिक होता है। साथ ही एक्सपर्ट के मुताबिक टाइप 2 डायबिटीज के 80 फीसदी मरीजों की हिस्ट्री में मोटापा भी शामिल है। डाइबीटिज और हाइपरटेंशन का क्लोजिंग रिलेशन है और अगर आपके डाइबीटिज है तो अधिक संभावना है कि ब्लड प्रेशर भी हाई रह सकता है।
    किडनी की भी परेशानी हो सकती है:
    मोटापा अधिक होने पर किडनी की कार्यक्षमता काफी प्रभावित होती है क्योंकि किडनी को अतिरिक्त काम करना पड़ता है। वहीं जब किडनी सही ढंग से ब्लड को प्यूरीफाई नहीं कर पाती तो किडनी फेल होने की संभावना भी बढ़ जाती है।
    अस्थमा का खतरा:
    मोटापे के कारण से अस्थमा की बीमारी का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं अमेरिकन लंग एसोसिएशन की ओर से पेश एक रिपोर्ट के अनुसार सीने और पेट के आसपास अधिक चर्बी और वजन की वजह से फेफड़े संकुचित हो जाते हैं जिससे ऐसे में व्यक्ति को सांस लेने में काफी तकलीफ होती है। क्योंकि अतिरिक्त फैट फेफड़ों को ट्रिगर करने का काम करता है और अस्थमा का कारण भी बन सकता है।

  • पान खाए भूख की बीमारी छुटकारा पाएं

    जीवन शैली- शरीर के लिए प्रत्येक चीज सीमित दायरे में हो तो वह फायदेमंद होती है। क्योंकि न किसी चीज की अति बेहतर है और न किसी चीज की कमी।
    कुछ ऐसा ही कॉन्सेप्ट भोजन का है। अगर आप भोजन सीमित मात्रा में करते हैं तो यह आपको उत्तम स्वास्थ्य देता है। लेकिन अधिक और कम भोजन आपको बीमारियों की बेड़ियों में जकड़ता है।
    अगर आप ज्यादा भोजन करते हैं तो आपका मोटापा बढ़ने लगता है। वही कम भोजन आपको कुपोषण की ओर धकेलता है। वही कई लोग हमारे आस पास हमने ऐसे देखे होंगे जो कुछ खाते ही नहीं है। ऐसा नही होता की उन्हें खाने का मन नहीं करता लेकिन उन्हें भूख ही नही लगती है। जिस कारण वह पूरे दिन बिना कुछ खाए पिये रहते हैं।
    ऐसे लोग भूख न लगने की आदत से मुक्त होना चाहते हैं और डॉक्टर से भूख की दवाइयां लेते हैं। वही आज हम आपको एक ऐसी घरेलू चीज के बारे में बताने जा रहे हैं। जिसको खाने से आपको खूब भूख भी लगेगी और आपका स्वास्थ्य भी अच्छा रहेगा।
    असल में हम बात कर रहे हैं पान की। पान सेहत के लिये काफी फायदेमंद साबित होता है। इससे पेट से जुड़ी समस्याओं के साथ साथ बेचैनी से भी निजात मिलता है। अगर आप पान का सेवन नित्य करते हैं तो आपका तनाव कम होता है और आपको कब्ज की समस्या नही होती है।
    अगर आप चाहते हैं कि आपकी भुख से जुड़ी समस्या खत्म हो जाए और आपका पेट अच्छा रहे। तो आपको अपनी आदत में पान खाना डाल लेना चाहिए। भोजन के बाद नित्य एक पान खाने से खाना अच्छा पचता है। 
    बता दें पान बिना चुना वाला और सौंफ व गुलकंद वाला होना चाहिए। यह दोनो चीजे स्वास्थ्य को बेहतर रखती है। वही जब आपका भोजन अच्छे से पचता है तो आपको भूख लगती है और आप ठीक से भोजन करते हैं।

  • सर्दियों के साथ यू टर्न ने रहा है कोरोना रहे सावधान

    स्वास्थ्य– कोरोना के तांडव से अब देश आजाद हो गया है। कोरोना के बढ़ते तांडव को देखते हुए जो एहतियात बरतने के लिए निर्देश दिए गए थे। वह भी अब हटा दिए गए हैं। लेकिन अब जानकारो ने एक बार पुनः यह दावा किया है कि लोगो को सतर्क रहने की आवश्यकता है। क्योंकि सर्दियां आ गई है और हो सकता है कि कोरोना पुनः देश में दस्तक दे।
    जानकारो का कहना है कि यदि किसी व्यक्ति के गले में खरास हो रही है। तो आपको इसके लिए लापरवाही नही करनी चाहिए। क्योंकि इसके आरम्भ के लक्षण सामान्य बीमारियों की तरह ही है। लेकिन जब यह प्रभावी होता तो इसके तांडव से ताहिमाम मच जाता है। तो अगर आपको अपने गले मे खरास महसूस हो तो आप लापरवाही न बरतें और डॉक्टर से इसका इलाज अवश्य करवाएं।
    वही अगर आपको खाँसी जुकाम है। तो आप लापरवाही करने की जगह डॉक्टर की सलाह मुताबिक दवा ले। क्योंकि कई लोग यह समझते हैं कि यह मौसम बदलने की वजह से हो रहा है। लेकिन कोरोना के भी यही लक्षण है और आपकी एक लापरवाही आपके लिए नासूर बन सकती है।
    अगर मौसम बदलने के साथ आपकी आंखें लाल हो रही है। आपके बदन में दर्द हो रहा है और आपको कमजोरी महसूस हो रही है। तो आप तुरंत डॉक्टर की सलाह ले और अपना इलाज करवाए। क्योंकि अगर आप ऐसा नही करते हैं तो इससे आपको काफी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है और आप कोविड की गिरफ्त में आ सकते हैं।

  • आलू बनाएगा आपकी स्किन को चमकदार, जाने क्या है तरीका

    जीवनशैली– आलू के बिना हम किसी भी सब्जी की कल्पना ही नही कर सकते। आलू ज्यादातर लोगों की पसंदीदा सब्जी होती है। आलू जो की स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है वही इसके इस्तेमाल में हमारी स्किन को भी काफी लाभ होता है।
    अगर आप आलू के रस को कुछ अलग अलग घरेलू चीजो के साथ मिलाकर अपनी स्किन पर लगाते है। तो यह न सिर्फ आपकी स्किन को ग्लोइंग बनाता है। बल्कि इसके फेस मॉस्क को चहरे पर लगाने से पिम्पल्स और डार्क सर्कल जैसी समस्या से निजात मिलता है।

    जाने कैसे बनायें आलू का फेस पैक-

    सबसे पहले एक आलू लें और उसका रूस एक कटोरी में निकाल ले। फिर आलू के रस में एक चम्मच शहद मिलाएं। इसे अच्छे से एक दूसरे में मिला ले। इसके बाद रोजाना इसे अपने चेहरे और गर्दन पर लगाए। अगर आप नित्य यह फेस पैक अपने चेहरे पर लगाते हैं तो इससे आपकी स्किन ग्लोइंग बनती है और आपकी स्किन से दाग धब्बे मिट जाते हैं।
    यदि आप चाहे तो आप अपने चेहरे पर आलू और टमाटर के रस का फेस पैक भी लगा सकते हैं। इसको लगाने से मुँहासे की समस्या से निजात मिलता है और आपकी स्किन ग्लोइंग लगने लगती है।

  • अगर सफेद बालों की समस्या से पाना है निजात तो अभी पढ़े यह खबर

    लाइफस्टाइल– आज के समय मे बालो से जुड़ी समस्या होना आम बात है। किसी के बाल अकास्मिक ही झड़ना शुरू हो जाते हैं। तो किसी के बाल उम्र से पहले ही सफेद हो जाते हैं। लोगो बालो की इन समस्याओं से निजात पाने हेतु हर सम्भव प्रयास करते हैं।
    लेकिन उनको इस समस्या से निजात नही मिल पाता है। वही आज हम आपको बताने जा रहे हैं एक ऐसा आयुर्वेदिक उपाय जिसके उपयोग से आप सफेद बालों की समस्या से निजात पा सकते हैं। तो आइए जानते हैं..
    अगर आपको सफेद बालों की समस्या है और आपके बाल झड़ते हैं। तो आप आंवले को।पीसकर उसे अपने बालों में पैक की तरह हफ्ते में एक बार लगाए। इससे आपके बाल झड़ना भी कम होंगे और आपको सफेद बालों की समस्या से भी निजात मिलेगा। बता दें आंवले में भरपूर मात्रा में विटामिन सी पाया जाता है।
    इसके अलावा आप मेहंदी की तरह अपने बालो में करी पत्ता को पीसकर लगा सकते हैं। इसे बालो के लिए अच्छा माना गया है और इससे सफेद बालो की समस्या से निजात मिलता है।
    अगर आपके बाल झड़ रहे हैं और यह सफेद भी हो गए हैं। तो आप इस समस्या से निजात पाने के लिए अपने बालों में एलोवेरा जेल लगा सकते हैं। यह बालों को सिल्की बनाता है और आपके बालों की समस्या से आपको निजात मिलता है।

  • जाने सिंगल रहना है कितना फायदेमंद

    रिलेशनशिप– कई रिपोर्ट्स यह दावा करते पाई जाती है कि यदि कोई व्यक्ति किसी के साथ रिलेशनशिप में है तो वह काफी खुश रहता है। उसकी लाइफ अच्छी गुजरती है और उसे तनाव से भी निजात मिलता है। लेकिन कई रिपोर्ट्स यह दावा भी करती है कि आप अपनी खुशी के लिए किसी पर निर्भर नहीं रह सकते हैं।
    अगर आप खुश रहना चाहते हैं तो आप अपनी सिंगल लाइफ में भी काफी खुश रह सकते हैं। क्योंकि जब एक व्यक्ति सिंगल रहता है तो उसे अपने जीवन के कई रहस्यो का पता चलता है और वह अपनी सर्जनात्मकता का विकास करने अपने लक्ष्य को हासिल कर लेता है। वही आज हम आपको इस आर्टिकल में बताने जा रहे हैं सिंगल रहने के फायदे के बारे में…… तो आइये जानते हैं।

    No स्ट्रेस-

    अगर आप अपनी लाइफ में सिंगल होते हैं तो आपको तनाव नही होता है। आपके दिमाग मे फजूल के ख़याल नही आते हैं और आप अपने लक्ष्य पर फोकस करते हैं। इसके अलावा पार्टनर होने पर जो खर्च बढ़ जाता है और उस खर्च की वजह से एक व्यक्ति तनाव में आता है। आप जब सिंगल होते हैं तो आप इस तनाव से बच जाते हैं और आपकी लाइफ पार्टनर वाले कपल से बेहतरीन होती है।

    खुद के लिए वक्त-

    .जब एक व्यक्ति सिंगल होता है तो उसे पार्टनर की टेंशन नही होती है। वह अपने लिए समय निकाल पाता है। समय से अपने सभी काम करता है और अपनी हेल्थ का पूरा खयाल रखता है। सिंगल व्यक्ति को इस बात की टेंशन नही रहती है कि उसे अपने पार्टनर को समय देना है। इसलिए वह अपने समय का सदुपयोग करता है और अपने करीबियों के साथ उसका जुड़ाव अच्छा होता है।

    बेहतरीन नींद-

    जब एक व्यक्ति सिंगल होता है तो वह बेफिक्र होता है। उसे किसी भी बात की टेंशन नही होती है। न वह देर रात तक जागता है और न अव्यवस्थित तरीके से अपनी रातों को खराब करके अपने रूटीन को बिगड़ता है। एक सिंगल व्यक्ति प्रॉपर नींद लेता है और अपने सभी का सुचारू समय पर करता है।