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  • गर्मियों में एक बार बनाओ Oreo Shake, सबका हो जाएगा पसंदीदा

     

    डेस्क। गर्मियों के मौसम में सबका कुछ ठंडा-ठंडा खाने का मन होता है। ऐसे में शेक्स से बढ़िया और क्या हो सकता है। वैसे भी गर्मियों में अपने शरीर को ताजगी और गले को ठंडक देने के लिए लोग आमतौर पर जूस, शेक, शिकंजी और ठंडी-ठंडी आइस्क्रीम का सेवन करना काफी पसंद करते हैं।

    ऐसे में आज हम आपको घर पर ही ओरियो कोकोनट मिल्कशेक बनाने की रेसिपी बताएंगे। कोकोनट एक बहुत ही पौष्टिक सुपरफूड है जो मैग्निशियम, कैलशियम, विटामिन सी, पोटेशियम, फॉस्फोरस और सोडियम जैसे कई एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता हैं। वहीं ओरियो बिस्केट का स्वाद बच्चों से लेकर बड़ों को खूब पसंद आता है और फ्रूट शेक के मुक़ाबके डेलिशियस भी। इसके साथ ही इसे बनाना भी महज 5 मिनट का काम है। तो आइये जानते हैं ओरियो कोकोनट मिल्कशेक बनाने की रेसिपी-

    शेक बनाने की सामग्री (Ingredients for Oreo shake)

    -ओरियो बिस्कुट 7-8

    -कोकोनट शुगर 1/2 टेबल स्पून

    -चॉकलेट का पाउडर 1/2 टेबल स्पून

    -नारियल का दूध 1 1/2 कप

    -चॉकलेट चिप्स आवश्यकता के अनुसार

    -वनीला आइसक्रीम 2 बड़े चम्मच ले लें

    -बर्फ के टुकड़े 8-9

    रेसिपी (Recipe of oreo shake)

    इसको बनाने के लिए आप सबसे पहले एक मिक्सर जार में ओरियो बिस्कुट को डाल कर ग्राइंड कर लें।

    इसके बाद आप इसमें कोकोनट शुगर, चॉकलेट पाउडर और कोकोनट मिल्क भी डाल दें।

    फिर आप इन सारी चीजों को अच्छी तरह से ग्राइंड कर के स्मूद मिक्चर तैयार कर लें।

    इसके बाद आप इसमें कुछ बर्फ के टुकड़े और वनीला आइसक्रीम भी डाल दीजिये। 

    फिर आप इसको एक बार अच्छी तरह से लास्ट ब्लेंड दें। 

    इसके बाद आप इसे ग्लास में सर्व करें। और इसका मजा लें।

    आप इसको चॉकलेट पाउडर, चॉकलेट चिप्स और वनीला आइसक्रीम से भी ऊपर से गार्निश कर सकते हैं। 

  • कच्ची हल्दी के फायदे जानने के बाद अभी खरीद लाओगे

    डेस्क। हल्दी का सेवन करना हर तरह से सेहत के लिए फायदेमंद है। आजकल लोग मार्केट में मिलने वाले हल्दी पाउडर का इस्तेमाल करते हैं और शायद आप ऐसा इसी लिए करते हैं क्योंकि आप कच्ची हल्दी के फायदों के बारे में नहीं जानतें। बता दें कि कच्ची हल्दी दिखने में बिल्कुल अदरक की तरह होती है, लेकिन जब आप इसे काटते हैं, तो अंदर से ये पीले रंग की होती है। आज भी कई गांवों में कच्ची हल्दी को पीसकर सब्जी, दाल आदि में डाला जाता है। कच्ची हल्दी एक बेहद ही हेल्दी हर्ब (Herb) है। चोट, घावों, सूजन, इंफेक्शन, सर्दी-जुकाम आदि को दूर करने में कच्ची हल्दी बेहद फायदेमंद होती है। 

    कच्ची हल्दी को दूध में उबालकर पीने से सर्दी-जुकाम, खांसी, इंफेक्शन आदि दूर होने के साथ ही रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाया जा सकता है। यह बेहद ही आसान घरेलू उपाय है। खासकर, सर्दियों के मौसम में होने वाली शारीरिक समस्याओं से बचने के लिए कच्ची हल्दी का सेवन जरूर करना चाहिए। 

    कच्ची हल्दी में मौजूद पोषक तत्व

    कच्ची हल्दी में सबसे ज्यादा एंटीबैक्टीरियल, एंटीऑक्सीडेंट, एंटीफंगल तत्व मौजूद होते हैं। ये तीनों ही तत्व शरीर को कई रोगों से बचाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही कच्ची हल्दी में विटामिन सी, के, पोटैशियम, प्रोटीन, फाइबर, कैल्शियम, आयरन, मैग्नीशियम, कॉपर, जिंक, फॉस्फोरस, थियामिन, राइबोफ्लेविन जैसे तत्व भी मौजूद होते हैं। इन सभी तत्वों की जरूरत शरीर के अंगों को स्वस्थ रहने एवं सुचारू रूप से कार्य करने के लिए प्रेरित करती है।

    व्यक्ति की प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाए

    कोरोना महामारी के दौरान एक्सपर्ट भी शुरू से कहते आ रहे हैं कि हर किसी को ऐसी चीजों को सेवन जरूर करना चाहिए, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करने में कारगर है। कच्ची हल्दी का सेवन आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ावा देता है

    कच्ची हल्दी के फायदे कैंसर से बचाए 

    कच्ची हल्दी में मौजूद करक्यूमिन तत्व कैंसर कोशिकाओं को शरीर में बढ़ने से रोक रोकता है। क्योंकि इसमें एंटी-कैंसर गुण होते हैं। पुरुषों में होने वाले प्रोस्टेट कैंसर और महिलाओं में होने वाले ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को भी यह कम करता हैं। ऐसे में हर किसी को कच्ची हल्दी का सेवन किसी ना किसी रूप में जरूर करना चाहिए। 

    वजन घटाने में भी कारगर है कच्ची हल्दी…

    जिन लोगों का वजन बढ़ रहा है, वे कच्ची हल्दी का सेवन कर सकते हैं। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन मेटाबोलिक सिंड्रोम जैसे हार्ट डिजीज, स्ट्रोक, मोटापा, डायबिटीज आदि की समस्याओं को कम कर सकता है। मोटापा कम करने के लिए आप किसी डाइटिशियन से सलाह लेकर कच्ची हल्दी का सही मात्रा में सेवन करना शुरू कर दें।

  • Lips लगा देते हैं आपकी खूबसूरती में चार चांद, शेप के हिसाब से करें स्टाइल

    डेस्क। चहरे की खूबसूरती को बढ़ाने में होंठों (Lips) की महत्वपूर्ण भूमिका होती हैं जो आपके चहरे को और भी आकर्षक बनने का काम करते हैं। जरूरी हैं कि होंठों पर ऐसे मेकअप किया जाए (Lips Makeup) की देखने वाले बस देखते ही रह जाएं।

    वैसे तो महिलाएं होंठों पर मेकअप करती हैं पर वो यह भूल जाती हैं कि हर लिप का शेप अलग होता हैं और इसपर मेकअप करने का तरीका भी अलग होता हैं। होंठो के मेकअप की सही जानकारी ना होना आपके चेहरे को भद्दा बना सकता है। ऐसे में आज हम आपके लिए कुछ ऐसे मेकअप टिप्स लेकर आए हैं जो आपके लिप्स (Lips) को आकर्षक (Attractive Lips Makeup) बनाने में कारगर हैं। 

    आइये आपको बताते हैं इन मेकअप टिप्स के बारे में (Makeup Tips for Lips)

    अगर आपके ऊपरी और नीचे के होंठो (Lips) के आकार आपस में मेल नहीं खाते तो आपको लिप पेंसिल का इस्तेमाल करना चाहिए। जिससे दोनों होठ दिखने में बराबर नज़र आ सकें। इसके लिए आप हल्के हाथ से लिप लाइनर लगाएं। फिर उसे ब्लैंड कर लें।

    सब जानते हैं कि फ्लैट लिप्स खूबसूरत नहीं दिखते। इनमें न तो उभार होता है और ना ही इनका कोई आकार होते हैं। फ्लैट होंठ वालों को हल्के लिपस्टिक शेड का इस्तमाल करना चाहिए। क्योंकि गहरे रंग फ्लैट होंठो पर फैले हुए नज़र आते हैं। इससे आप अपने लिप्स को एक अच्छा शेप भी दे सकते हैं।

    पतले होंठ किसी भी महिला या लड़की को पसंद नहीं होते हैं न ही ये पुरुषों को आकर्षित करते हैं। होंठो को मोटा दिखाने के लिए आप लिप लाइनर को अपने होंठो के शेप से बाहर की ओर भी लगा सकती हैं। और फिर उसे ब्लैंड कर लीजिए। इस बात का ध्यान रहें कि होंठो को मोटा दिखाने के लिए डार्क कलर का इस्तेमाल करना चाहिए।

    अगर आपके होंठ मोटे और भारी होते हैं। आप खास टिप्स की मदद से अपने उपरी मोटे होंठ को सुंदर दिखा सकती हैं। अपने होठों पर पहले नैचुरल लिपस्टिक लगा लीजिए अब ऊपर की ओर थोड़ा हल्का टोन ब्राइट लिपस्टिक लगाइये। लिप्स को एक पतला लुक देने के लिए अंदर की ओर गहरा शेड लगाएं इससे आपके लिप्स बहुत सुंदर दिखने लगेंगे।

    होंठों का निचला हिस्सा हैवी यानि की थोड़ा मोटा हो तो अपने आप ही सुंदर और आकर्षित दिखता है। अगर फिर भी आप इसे छिपाना चाहती हैं तो इसका तरीका बहुत ही सरल है। आप अपने दोनों होंठों पर लिप कलर इस्तेमाल करें। फिर सही संतुलन के लिए ऊपरी होंठ के केंद्र को सफ़ेद पेंसिल या क्रीमी न्यूड मैट कलर के साथ इसे बराबर कर लें। आपके होंठ पतले नज़र आएंगे।

    कई लोगों पर छोटे होंठ काफी क्यूट और खूबसूरत नज़र आते हैं। आप इससे प्यारा सा पाउट लुक भी क्रिएट कर सकती हैं।पर ऐसे होठों की परफेक्ट शेपिंग के लिए आप शाइन करने वाली लिपस्टिक जो बहुत गहरे रंग की ना हो लगा सकतीं हैं। इससे होठ और छोटे दिखते हैं। अपने होठों को निखारने के लिए ब्राइट और सॉफ्ट लिप कलर ही चुनें।

  • घर पर बनाइये Organic Sunscreen, बस इन इंग्रिडेंट्स से

     

    How To Make Sunscreen At Home । धूप, टैनिंग और प्रदूषण से बचाव के लिए लोग अपने फेस और हाथ-पैरों पर Sun Cream का इस्‍तेमाल करते हैं। Sunscreen आपकी त्‍वचा को UV Rays से होने वाले नुकसान से बचाता है और आपकी स्किन में मेलेलिन सिकरिशन को भी रोकता है।

    कैमिकलयुक्‍त सनस्‍क्रीन अगर स्किन पर अधिक देर तक रह जाए तो स्किन को काफी नुकसान भी हो सकता है। इसी कारण से कई लोग सनस्‍क्रीन लोशन के इस्‍तेमाल से कतराते हैं। पर क्‍या हो अगर आप नेचुरल चीजों से खुद ही अपना Sunscreen बनाना सीख लें? (Make Sunscreen At home) आप घर पर मौजूद कुछ नेचुरल चीजों से होममेड सनस्क्रीन बना सकते हैं और ये बाजार में मिलने वही Sunscreen से ज्यादा कारगर भी होगी। और इसकी सबसे खास बात ये है कि इनके इस्‍तेमाल से आपकी स्किन को थोड़ा भी नुकसान नहीं होगा उल्टा ये आपको एक्स्ट्रा व्हाइटिंग और ग्‍लोइंग स्किन देगा। आज हम आपको घर पर Sunscreen बनाने का पूरा प्रोसेस बताएंगे।

    होममेड सनस्क्रीन घर पर किस तरह बना सकते हैं(How to make Sunscreen at home)

    होममेड सनस्‍क्रीन बनाने की सामग्री (Ingredients to make Sunscreen at home) 

    कोकोनट ऑयल- 1 चौथाई कप

    रेस्पबेरी ऑयल- 1 टेबल स्पून

    जिंक डाइऑक्साइड- 2 टेबलस्पून

    कैरेट सीड ऑयल- तेल 1 टेबल स्पून

    शीया बटर- 2 टेबलस्पून

    ऑलिव ऑयल- आधा कप

    वैक्स- 1 चौथाई कप.

    कैसे बनाए सनस्क्रीन (How to make Sunscreen) 

    किसी बर्तन में ये सारी सामग्री निकल लें। इसे एक साथ किसी कटोरे में मिला ले मगर जिंक ऑक्साइड को अभी इसमें ना डालें। अब चम्मच की मदद से सभी चीज़ों को अच्‍छी तरह से फेटे। इसके बाद एक तवे को आंच पर रखें और उस तवे पर कटोरे को रख दीजिए। ऐसा करने के कुछ देर बाद सारी सामग्री पिघल जाएगी।

    इसी बीच बीच में चलते रहिए ताकि सभी चीज़े आपस में अच्‍छी तरह से मिल जाएं और नीचे से जले भी नहीं। जब सारी सामग्री पिघलकर मिक्‍स हो जाए तो इसे तवे पर से उतार लीजिए। अब इसमें जिंक ऑक्साइड डालें और अच्‍छी तरह से मिला दें। इसके कुछ देर बाद जब ये ठंडी हो जाए तो इसे किसी कांच के कंटेनर में रखकर फ्रिज में रख दीजिये। और अब जब भी आप बाहर जाएं तो इसे बिना किसी चिंता के चेहरे और हाथ पर लगा लें। घर पर बनी यह नेचुरल होममेड Sunscreen स्किन के लिए पूरी तरह से सुरक्षित हैं।

    इन बातों को ध्यान में रखें

    –इस्‍तेमाल करने से पहले इस क्रीम का पैच टेस्‍ट जरूर कर लें।

    –अगर आपकी स्किन सेंसिटिव है तो इसका इस्‍तेमाल बिना एक्सपर्ट की सलाह के न करें।

    –जिंक ऑक्साइड स्किन पर एलर्जी कर सकता है, इसलिए ध्यान रखें।

    – थोड़ी मात्रा में ही इसका इस्तेमाल करें।

    -बता दें कि वाटरप्रूफ सनस्क्रीन नहीं है और पसीना आने पर ये हट सकता है।

  • स्किन टाइप के हिसाब से जानिए मुल्तानी मिट्टी लगाने का तरीका

    Monsoon Skin Care। मुलतानी मिट्टी एक ऐसा प्राकृतिक लेप है जो हर प्रकार की त्वचा (Skin) के लिए लाभकारी है इसका कोई भी साइड इफ़ेक्ट भी नहीं होता। फिर चाहे आपकी स्किन ऑइली (Oily Skin)हो, ड्राई (Dry Skin), कॉम्बिनेशन स्किन हो (Combination Skin), किसी भी स्किन टाइप की हो मुल्तानी मिट्टी सभी की स्किन प्रॉब्लम्स का समाधान कर देती है। 

    आपने अक्सर मानसून में नोटिस किया होगा कि त्वचा पर चिपचिपाहट (Stickiness on skin) की समस्या बहुत अधिक बढ़ जाती है। मॉनसून आने से पहले और बरसात के मौसम में त्वचा पर आने वाला सीबम (Sebum) बहुत अधिक मात्रा में रिलीज होता है। खासतौर पर ऑइली स्किन वालों के लिए तो यह समस्या बेहद ही विकट हो जाती है। जिन्हें इस मौसम में पिंपल (Pimple) और ऐक्ने (Acne) की शिकायत रहती है उनको भी इससे जूझना पड़ता है। अपनी इन सभी समस्याओं को दूर करने के लिए आप मुलतानी मिट्टी के पैक (Multani Mitti Face Pack) का उपयोग करें सकते हैं।

    स्किन टाइप के हिसाब से जानिए मुल्तानी मिट्टी के उयोग

    1. ड्राई स्किन वालो के लिए

    रूखी त्वचा में नमी लाने और इसे और भी ग्लोइंग बनाने के लिए आप मुलतानी मिट्टी के साथ इस विधि से फेस पैक तैयार कर के अप्लाई कर सकते हैं…

    1 चम्मच मुलतानी मिट्टी पाउडर

    3 चम्मच कच्चा दूध

    चौथाई चम्मच शहद

    आधा चम्मच ऐलोवेरा जेल

    इन सभी चीजों को मिलाकर एक लेप तैयार करें और इसे 20 मिनट के लिए चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। जब लेप सूख जाए तो इसे ताजे पानी से धोकर साफ करने के तुरंत बाद त्वचा पर मॉइश्चराइजर लगा लें और हल्के हाथों से इसे मसाज करें।

    2. ऑइली स्किन

    अगर आपकी त्वचा तैलीय है तो आपको गर्मी और बारिश के मौसम में अधिक समस्या का सामना करना पड़ता है क्योंकि इस मौसम में ऑइल ग्लैंड्स अधिक ऐक्टिव हो जाती हैं और चेहरे पर हर समय चिपचिपाहट महसूस होती रहती है।

    1 चम्मच मुलतानी मिट्टी

    आधा चम्मच ऐलोवेरा जेल

    1 चम्मच चंदन पाउडर

    2 से तीन चम्मच गुलाबजल

    ऊपर लिखी सभी चीजों को मिलाकर फेस पैक तैयार करें और इसे 25 मिनट के लिए अपनी त्वचा पर लगाइये। सूखने के बाद चेहरा अच्छे से साफ करें और वॉटर बेस्ड मॉइश्चराइजर त्वचा पर लगाएं या फिर ऐलोवेरा जेल अप्लाई करें।

    3. कॉम्बिनेशन स्किन वाले

    आपकी त्वचा कहीं से ऑइली और कहीं से ड्राई है तो इस तरह की त्वचा को मिक्स स्किन टाइप या कॉम्बिनेश स्किन भी कहा जाता है। ऐसी त्वचा पर चेहरे के किसी हिस्से में ऑइल आता है और कहीं से त्वचा रूखी हुई रहती है। इसके लिए आप

    1 चम्मच मुलतानी मिट्टी

    1 चम्मच गुलाबजल

    1 चम्मच ऐलोवेरा जेल

    आधा चम्मच शहद

    लेकर सभी चीजों को मिलाकर पेस्ट बना लें। अब इस फेस पैक को आप 20 मिनट के लिए लगाएं। आपकी त्वचा जहां से अधिक ऑइली है वहां ऑइल बैलंस होगा और जहां ड्राई है वहां मॉइश्चर बढ़ेगा।

  • क्या होती है Chicken Skin? कब और कैसे मिलेगा निजाद

     

    Chicken Skin problem । किसी बच्चे की खूबसूरत, मुलायम स्किन को देखकर हमेशा मन में एक ही ख्याल आता है कि काश मेरी त्वचा हमेशा के लिए ऐसी ही बनी रहे। लेकिन ऐसा होता कहां है। 

    टीनएज, यानी 13 से 18 साल की उम्र में स्किन में ब्रेकआउट, पिंपल्स, एक्ने मार्क्स और मिडिल एज में ड्राई स्किन की समस्या होने लगती है जिसके बाद कई बार हम कई तरह के ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल कर लेते हैं। 

    वहीं 40 की उम्र तक पहुंचते हुए फेस पर झुर्रियां, काले घेरे और दाग-धब्बे भी हो जाते हैं। सरल भाषा में कहें तो स्किन के मैच्योर होने की भी एक प्रक्रिया होती है जिसमें जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है वो त्वचा पर अपना प्रभाव डालती जाती है। इन्हीं स्किन प्रॉब्लम में से एक है आंखों के नीचे होने वाली त्वचा पर छोटे-छोटे सफेद रंग के बम्प्स या दाने होना। मेडिकल भाषा में इन्हें केराटॉसिस पिलैरिस (Keratosis pilaris) भी कहा जाता है। आमतौर पर अंग्रेजी में कुछ लोग इसे चिकन स्किन (Chicken Skin) भी कहते हैं।

    ज्यादातर लोग इस प्रॉब्लम पर ध्यान ही नहीं देते हैं, लेकिन थोड़े वक्त के बाद इन दानों में खुजली, जलन और हल्का दर्द महसूस होने पर लोगों का ध्यान इसपर जाता है। डॉक्टरों के अनुसार आमतौर पर चिकन स्किन की समस्या 30 से 35 साल की उम्र के बाद ज्यादा साफ तौर से नजर आती है। यह केवल आंखों के नीचे नहीं बल्कि हाथ और पैर पर भी होती हैं।

    क्या है चिकन स्किन के कारण? (Causes of Chicken Skin or Keratosis Pilaris?)

    – किसी फूड रिएक्शन से चिकन स्किन की समस्या हो सकती है।

    – स्किन पोर्स में केराटिन प्रोटीन ब्लॉक होने के कारण भी यह प्रॉब्लम हो सकती है और वक्त के साथ बढ़ भी जाती है।

    – कुछ मामलों में अधिक दवा का सेवन करने से भी यह समस्या लोगों में होती देखी गई है।

    चिकन स्किन के इलाज के घरेलू नुस्खे (Home Remedies for Chicken Skin treatment)

    गुलाब जल का प्रयोग

    कई रिसर्च में यह बताया गया है कि गुलाब जल में एंटी इन्फ्लेमेटरी प्रॉपर्टीज पाई जाती हैं। जिस कारण से अगर आपको शुरुआत में चिकन स्किन की समस्या नजर आती है तो इस पर गुलाब जल लगाने से इससे आराम मिलता है। इस समस्या से पूर्णता निजात पाने के लिए आप दिन में दो बार गुलाब जल का इस्तेमाल करें।

    मॉइस्चराइज करना है जरूरी

    ज्यादातर स्किन प्रॉब्लम का मुख्य कारण मॉइश्चर की कमी को माना जाता है। स्किन की नमी को बनाए रखने के लिए क्रीम या बॉडी लोशन का इस्तेमाल नियमित तौर पर करते रहे। शरीर के जो हिस्से हमेशा (गर्दन, हाथ, पैर) खुले रहते हैं यानी डायरेक्ट एक्सपोज़ होते हैं उनको दिन में 3 से 4 बार मॉइश्चराइज जरूर करना चाहिए।

    नहाने के लिए करें गर्म पानी का इस्तेमाल

    गर्म पानी से नहाने से स्किन के डेड सेल्स आसानी से चली जाती हैं और पोर्स लंबे वक्त तक क्लीन भी रहते हैं। जिन लोगों को चिकन स्किन की प्रॉब्लम होती है उन्हें हल्के गुनगुने पानी से नहाने की सलाह भी दी जाती है। अब चाहें आप गुनगुने पानी में थोड़ा सा गुलाब जल डालकर भी स्नान कर सकते हैं।

    क्या न करें

    अगर आपको चिकन स्किन की समस्या है तो माइल्ड और केमिकल फ्री साबुन का इस्तेमाल ही करें। किसी भी स्थिति में हार्ड बॉडी स्क्रब का इस्तेमाल न करें इससे आपको एक्सट्रीम कंडीशन का सामना करना पड़ सकता है। हार्ड बॉडी स्क्रब का इस्तेमाल चिकन स्किन की समस्या को भी बढ़ा सकता है। 

    स्किन में ज्यादा इरिटेशन होने पर आप उसे डॉक्टर को जरूर दिखाइए।

  • गर्मी में जरूर बनाए पोषण से भरपूर जामुन की ये आइसक्रीम

    डेस्क। गर्मी का मौसम आते ही आपको ठंडी-ठंडी चीजे खाने की क्रेविंग होने लग जाती है जैसे-जूस, नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, चुस्की,  शेक्स आदि। पर बाहर की ये चीजे कई तरह के केमिकल से भरी हुई होतीं हैं जिसके सेवन से आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचता है।

    इसी लिए हम आपके लिए घर पर जामुन आइसक्रीम बनाने की रेसिपी लेकर लाए हैं। बात दें कि जामुन एक सीजनल फ्रूट है जोकि गर्मियों में आपको आसानी से मिल जाएगा। इसके साथ ही ये आपकी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद बताया जाता है। डाइबटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह एक आयुर्वेदिक औषधि बताई जाती है। साथ ही यह रेसिपी बच्चों को शुद्ध फल खिलाने के लिए भी उपयुक्त है क्योंकि बच्चे फल खाने में आनाकानी करते रहते हैं। टेस्ट के मामले में ये आइसक्रीम बहुत ही स्वादिष्ट और लजीज होती है। तो आइये आपको बताते हैं स्वादिष्ट जामुन आइसक्रीम बनाने की रेसिपी-

    जामुन आइसक्रीम बनाने की सामग्री (Ingredients to make Ice cream at Home)

    -जामुन का गूदा

    -फैट फ्री दूध

    -चीनी

    -कॉर्न फ्लोर

    जामुन की आइसक्रीम बनाने की रेसिपी (Recipe to make Ice-cream at Home)

    इसे बनाने के लिए आप सबसे पहले आधा कप दूध में कॉर्नफ्लोर मिला लें।

    अब आप इसको अच्छी तरह से मिक्स कर लें। 

    इसके बाद आप एक बर्तन में दूध डालकर इसे उबाल लें।

    अब आप इसको करीब 4 मिनट तक मीडियम आंच पर चलाते रहिए।

    इसके बाद आप दूध में कॉर्नफ्लोर का मिक्चर मिला लें और मिलाकर गैस को बंद कर दें।

    अब आप इस मिक्चर को ठंडा होने दें और थोड़ी देर के लिए छोड़ दें।

    इसके बाद आप इसमें जामुन का पल्प और थोड़ी सी चीनी अच्छे से मिला लें।

    फिर आप इसको आइसक्रीम मोल्ड या एक कंटनेर में डालें और फॉइल से इसको अच्छे से कवर कर दें।

    इसके बाद आप इसको फ्रिजर में कम से कम 7 घंटे के लिए जमने के लिए रख दें।

    अब आप जमे मिक्चर को निकालकर ब्लेंडर में पीस लें।

    अब इसे कंटेनर में डालकर एक बार और रात भर जमने के लिए रख दें।

    अब आपकी स्वादिष्ट जामुन की आइसक्रीम बनकर तैयार हो जाएगी।

  • बस ये तरीका अपना लो कभी नहीं पूछोगे वजन घटाने के उपाय

    How To Burn Belly Fat। क्या आप भी बढ़ते वजन से परेशान है। काफी कुछ ट्राई भी कर चुके हैं पर ये रुक नहीं रहा।लाख कोशिशों के बावजूद पेट की चर्बी पिघलने का नाम नहीं ले रही। ऐसे में जरूरी है कि आप डेली वर्कआउट के साथ-साथ कुछ ऐसी चीजें भी खाएं जिससे आपको मनचाहे नतीजे मिले। ऐसे में आप खसखस (Poppy Seeds) खा सकते हैं। खस खस के बीजों को वजन घटाने के लिए काफी कारगर माना जाता है।

    खसखस में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स के बारे में जानिए

    खसखस के बीजों (Poppy Seeds) को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। क्योंकि इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती है। साथ ही साथ ये कॉपर, ओमेगा 3 फैटी एसिड, प्रोटीन, कार्ब्स, कैल्शियम, फाइबर और मैंगनीज में भी रिच होता है।

    वजन घटाने के लिए कैसे यूज करें खसखस

    अगर आप पेट और कमर के आसपास बढ़ती चर्बी से परेशान हैं तो खसखस (Poppy Seeds) आपके लिए संजीवनी साबित हो सकता है। इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड वजन घटाने में काफी कारगर साबित होते हैं। आज हम आपको तीन आसान तरीके बताएंगे जिससे आप इसे कनजूम कर पाएंगे।

    1. फूड को करें गार्निशिंग

    चूंकि खसखस के बीजों में फाइबर काफी मात्रा में पाया जाता है इसलिए ये वजन घटाने में काफी मदद करता है। आपको अपनी डेली डाइट में इसे शामिल करना चाहिए। इसके बीजों खाने के ऊपर गार्निशिंग कर दें और नियमित तौर से इसका सेवन करें कुछ ही हफ्तों में इसका असर आपको देखने को मिलेगा।

    2. खसखस का शरबत पिएं

    अगर खसखस के सेवन का टेस्ट विकल्प चाहते हैं तो इसके लिए बाजार से खस सिरप को खरीदकर इसका शरबत बना कर सेवन करें। इसे पीने से लंबे वक्त तक आपको भूख नहीं लगेगी और आप भोजन भी कम खा पाएंगे। रेगुलर ऐसा करने से आपका बढ़ता हुआ वजन अपने आप कम होने लगेगा।

    3. दूध में मिलाएं खसखस

    खसखस और दूध को मिक्स करने से हमारे शरीर को कई तरह के फायदेमंद न्यूट्रिन्ट मिलते हैं। इसके सेवन से मसल्स और हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। आप एक ग्लास दूध में 1 चम्मच खसखस को मिलाकर उबाल लें और गुनगुना होने पर इसे पी लें। इससे लंबे वक्त तक आपका पेट भरा रहेगा और आप ओवरइटिंग की समस्या से बच जाएंगे। 

  • बॉडी से आता है एक्स्ट्रा पसीना और बदबू, ऐसे पाइए निजाद

    डेस्क। वैसे तो पसीना आना एक सामान्य बॉडी एक्टिविटी है। पर गर्मी के मौसम में कुछ लोगों को इतना पसीना आता है कि ये नार्मल नहीं रह जाती। आपकी इस बॉडी एक्टिविटी से आसपास बैठे लोग भी काफी असहज महसूस करने लग जाते हैं। इससे बचने के लिए लोग पाउडर और डियोज, परफ्यूम आदि का इस्तेमाल करते हैं।

    आप इससे बचने के लिए कई उपाय करते हैं पर दिन चढ़ने के बाद आपके सारे प्रयोग नाकाम हो जाते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि कुछ घरेलू उपाय कर इनसे निजाद पाया जाए। पर इसके लिए आपको कुछ आदतों को छोड़ना भी जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि कैसे आप इनसे निजाद पा सकते हैं।

    ज्यादा पसीने और इससे आने वाली बदबू से निजाद पाने के लिए रोजाना नहाने के बाद पानी में एक चुटकी बेकिंग सोडा मिलाएं और इसे अपने अंडरआर्म्स पर लगाएं। इससे आपको पसीने की गंध नहीं आएगी। अगर आपको बहुत ज्यादा पसीना आता है तो नहाने के बाद एक चुटकी बेकिंग सोडा में नींबू का रस मिलाकर अपने अंडरआर्म्स पर लगाने से आने वाली दुर्गंध दूर हो जाती है।

    बता दें शरीर की गंध का शारीरिक स्वच्छता से भी गहरा संबंध होता है। अगर आपको बहुत पसीना आता है, तो कभी भी आलस न करें। कपड़े पहनने से पहले सुनिश्चित करें कि वो धुले हुए हो। कपड़े पहनने से पहले उन्हें साफ कर लें। पसीने वाले कपड़े बार-बार पहनने से कई तरह की बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

    एंटीसेप्टिक साबुन का प्रयोग करें और एंटीफंगल पाउडर को उन बॉडी पार्ट्स पर लगाएं जहां अत्यधिक पसीना आता हो। नहाने के पानी में एक चुटकी नामक डालने से नहाने से भी दुर्गंध नहीं आती है। 

    क्या आप जानते हैं कि खीरा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। अगर आप नहाने के बाद खीरे के स्लाइस को अपने अंडरआर्म्स पर कुछ देर तक रखते हैं तो इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पसीने के बैक्टीरिया को खत्म कर देते है। और इससे पसीने की गंध नहीं आएगी और आपको इससे निजाद मिलेगा।

    पसीने की बदबू को रोकने में फाइबर की भी अहम भूमिका होती है। बता दें कि गेहूं, सोया और हरी सब्जियां जैसे अनाज खाने से पसीने की बदबू नहीं आती है। साथ ही अधिक पानी पीने से भी पसीने की दुर्गंध कम हो जाती है क्योंकि पानी के सेवन से पसीने का कंसेंट्रशन लेवल कम होता है।

  • आज भी पुरुष नहीं करते स्पर्म की समस्या पर बात, देखे रिपोर्ट

    लाइफ स्टाइल:- आज के समय मे कोई कितना भी स्मार्ट क्यों न हो उसे किसी चीज की ख्वाहिश हो या न हो लेकिन अपने परिवार की चाहत हर किसी को होती है और एक समय ऐसा आता है जब हम यह चाहते हैं कि हमारा एक बच्चा हो। लेकिन कई बार हमारी यह चाहत अधूरी रह जाती है। वही घर की महिलाएं बच्चा न होने पर पत्नी को दोष देने लगती है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि बच्चा न होने के लिए पुरष भी जिम्मेदार है। 

    असल मे आज के समय मे बच्चा पैदा करने के लिए पुरुष को कई प्रकार की समस्याओं का सामना करना पड़ता है। उनकी यह समस्याएं कम होने की जगह बढ़ती ही जा रही है। वही इस समस्या का कारण जानने के लिए भारत और जर्मनी के फर्टिलिटी एक्सपर्ट की एक टीम ने स्पर्म क्वॉलिटी और इजैक्‍युलेशन(स्पर्म का निकलना) के बीच के संबंध के बारे में जानने की कोशिश की है। 
    कस्तूरबा मेडिकल कॉलेज, MAHE-मणिपाल और जर्मनी की यूनिवर्सिटी ऑफ म्यूएनस्टर के रिसर्चर्स ने इजैक्‍युलेशन की लेंथ और इससे स्पर्म पर पड़ने वाले इसके असर को जानने की कोशिश की है। इस स्टडी के लिए, 10 हजार पुरुषों के दो इजैक्‍युलेशन के बीच के गैप और स्पर्म क्वॉलिटी को आंका गया. इसके नतीजे में पाया गया कि अगर आप प्रेग्नेंसी के लिए ट्राई कर रहे हैं तो स्पर्म की अच्छी क्वॉलिटी के लिए औसत गुणवत्ता के स्पर्म वाले पुरुषों को दो इजैक्‍युलेशन के बीच दो दिनों का गैप जरूर रखना चाहिए। वहीं दूसरी तरफ, जिन लोगों की स्पर्म क्वॉलिटी काफी ज्यादा खराब है, उन्हें इसे बेहतर बनाने के लिए दो इजैक्‍युलेशन के बीच 6 से 15 दिनों का गैप रखना चाहिए। 
    वही अगर हम बात भारत की करे तो यहाँ 50 फीसदीं पुरुष ऐसे हैं जिनके स्पर्म की क्वालिटी अच्छी नहीं है। लेकिन वह इसपर बात करने से झिझकते रहते हैं। यहाँ पुरुषों में फर्टिलिटी की समस्या पर आज भी खुलकर बात नहीं होता है और इसे अनदेखा किया जाता है. यही वजह है कि कई बार इसका ना तो पता चलता है और ना ही इलाज होता है।