Category: health

  • ग्रीन टी की खूबियां जानने के बाद बन जाता है इसका मुरीद

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    ग्रीन टी पीजिए, रहेंगे स्वस्थ भी और चुस्त भी

    भारत में आज कॉफी ट्रेंड ने दस्तक दे दी है। वैसे हमारे यहां ज्यादातर युवा कॉफी के दीवाने पहले से रहे हैं। ऑफिस की मीटिंग से लेकर डेटिंग तक एक कप कॉफी के साथ की जा रही है। सुबह की शुरुआत से लेकर दिन का अंत भी चाय की चुस्की के साथ ही होता है। पानी के बाद चाय दूसरा पेय पदार्थ है, जो हर दिन लगभग पूरी दुनिया में 18 अरब कप पिया जाता है। पूरे दिन शरीर में स्फूर्ति और ऊर्जा के लिए एक कप चाय की हर एक को तलब लगी रहती है।

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    ग्रीन टी का चस्का

    चाय के कई ब्रांड मार्केट में मौजूद हैं। चाय का स्वाद बेशक अलग हो, पर काम लगभग एक जैसा ही है। चाय के कुछ हेल्दी रूप भी बाजार में उपलब्ध हैं, जैसे ग्रीन टी, व्हाइट टी और ऑरगेनिक टी वगैरह। चाय में एंटी-ऑक्सीडेंट की मात्रा बहुत ज्यादा होती है जिससे यह कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से लड़ने में भी मदद करता है। ग्रीन टी और व्हाइट टी में ऐसे एंटी-आक्सीडेंट पाए गए हैं, जिससे स्तन कैंसर, प्रोस्टेट कैंसर और फेफड़े का कैंसर होने का खतरा कम होता है। एक शोध में यह पाया गया है कि ग्रीन टी मेटाबोलिक रेट को बढ़ाती है और शरीर में मोटापा भी नहीं आने देती। कैफिन के साथ-साथ ग्रीन टी में ऐसे तत्व पाए जाते हैं, जिससे शरीर में कैलरी तेजी से कम होती है और व्यक्ति ज्यादा ऊर्जावान महसूस करता है।

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    जो लोग अपना वजन कम करने के लिए व्यायाम करते हैं उनके लिए ग्रीन टी सबसे बेहतर विकल्प है। सर्दियों की ठिठुरन में जब व्यक्ति का स्वास्थ्य बिगड़ता है, तो एक प्याली चाय ही उन्हें स्वस्थ रखने में मदद करती है। चाय न सिर्फ अच्छी सेहत देती है, यह हर पल आपके साथ होती है। खुश हो तब, उदास हों तब भी। सुस्ती छाई हो तो बस एक प्याली चाय आप में जोश भर देती है।

    ग्रीन टी न सिर्फ ताजगी देती है बल्कि एक चाइनीज और भारतीय परम्परा में दवा का भी काम करती है। ग्रीन टी का इस्तेमाल एक उत्तेजक के रूप में भी किया जा सकता है। जिस व्यक्ति को यूरिन की परेशानी होती है, उनके लिए ग्रीन टी बेहद फायदेमंद है। दस्त, डायरिया में भी चाय कारगर साबित होती है। दिल को स्वस्थ रखने में भी चाय बेहतर काम करती है। ग्रीन टी के और भी कई फायदे हैं जैसे बॉडी का तापमान और ब्लड शुगर नियंत्रित रखना, डाइजेशन और मेंटल प्रोसेस बेहतर करना वगैरह।

    व्हाइट टी में और चाय के मुकाबले कैफिन की मात्रा कम होती है। यह चाय त्वचा को चमकदार और शरीर को ठंडा रखती है। इसे डिटॉक्स के लिए भी इस्तेमाल किया जाता है।

    ग्रीन टी को लेकर आम भारतीय परिवारों में थोड़ा संकोच रहता है। इसकी वजह यह है कि ज्यादातर लोगों को दूध की चाय की आदत है। लेकिन ग्रीन टी की खूबियां जानने के बाद लाखों परिवारों ने इसे अपनाया है। वैसे इसे बनाना भी कोई मुश्किल नहीं। एक बार पी लेने के बाद हर कोई इसका मुरीद बन जाता है। इसका लुत्फ सर्दियों और गर्मियों में भी बखूबी लिया जा सकता है। चाहे कितने ही कप पियें, यह नुकसान नहीं करती।

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  • जानिए, जिया का फिटनेस फंडा उन्हीं की जुबानी

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    साउथ इंडियन एक्ट्रेस जिया शंकर इन दिनों हिंदी सीरियल ‘मेरी हानिकारक बीवी’ में डॉक्टर का रोल प्ले करते हुए नजर आ रही हैं। सीरियल में उनका कैरेक्टर हेल्थ को लेकर बहुत कॉन्शस रहता है। असल जिंदगी में भी जिया खुद को फिटनेस फ्रीक मानती हैं।

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    अब वह एंड टीवी पर टेलीकास्ट हो रहे सीरियल ‘मेरी हानिकारक बीवी’ में लीड रोल कर रही हैं। वह अपने रोल के लिए जितना डेडिकेटेड रहती हैं, उतना ही अलर्ट अपनी फिटनेस को लेकर भी रहती हैं। वह खुद को फिट रखने के लिए खास एक्सरसाइज, डाइट पैटर्न भी फॉलो करती हैं। जानिए, जिया का फिटनेस फंडा उन्हीं की जुबानी।।

    इससे मैं सारा दिन फ्रेश और एनर्जेटिक भी फील करती हूं और अपना काम अच्छे से कर पाती हंू। इसके अलावा मैं एक्सरसाइज के कुछ प्रोग्राम्स भी देखती हूं, जिसमें 5 मिनट, 7 मिनट या 10 मिनट में मैक्सिमम एक्सरसाइज कैसे करें? इस बारे में बताया जाता है। इन टिप्स को शामिल करने से मेरी रेग्युलर एक्सरसाइज में वैरायटी आ जाती है, जिससे एंज्वॉयमेंट के साथ एक्सरसाइज कर पाती हूं।

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    बिना हेल्दी-न्यूट्रीशस डाइट के फिगर मेंटेन करना नामुमकिन है। बेसिकली मैं नॉनवेजीटेरियन हूं, लेकिन अपनी डाइट को लेकर बहुत अलर्ट रहती हूं। अपनी डाइट में वही चीजें शामिल करती हूं, जो हेल्दी होती हैं। इन दिनों सीरियल ‘मेरी हानिकारक बीवी’ की शूटिंग में काफी समय देना होता है, बहुत एनर्जी की जरूरत होती है।

    यही वजह है कि स्पेशल डाइट फॉलो कर रही हूं। इन दिनों मेरी डाइट में ज्यादातर सलाद, हरी सब्जियां, पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, ग्रीन टी और जूस शामिल हैं। ब्रेड अवॉयड कर रही हूं। खाने में कॉर्ब्स नहीं ले रही हूं। इसके साथ ही मैं खूब पानी भी पीती हूं, इससे डिहाइड्रेशन की प्रॉब्लम नहीं होती है।

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    स्क्रीन पर मुझे हमेशा हैवी मेकअप में रहना होता है। जबकि मैं घर पर लाइट मेकअप प्रेफर करती हूं। सिर्फ मस्कारा और लिपस्टिक लगाती हूं। मस्कारे से मेरी आंखें हाईलाइट होती हैं और लिपस्टिक से मेरे लिप्स अट्रैक्टिव नजर आते हैं। इससे मेरा लुक हमेशा अच्छा नजर आता है।

  • “सेल्फीसाइड” है खतरनाक बीमारी, अगर आपको है तो करायें तुरंत इलाज

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    बदलते परिवेश में लोगों में सेल्फी लेने का क्रेज मानसिक विकार को भी जन्म दे रहा है। इसे मनोचिकित्सक सेल्फीसाइड का नाम दे रहे हैं। इससे प्रभावित शख्स हमेशा अपने शरीर की सुंदरता को जानने के इच्छुक रहते हैं। बार-बार अपनी छवि को निहारना उन्हें खूब भाता है। लोगों में बने सेल्फी के क्रेज से लगातार हादसो की संख्या में वृद्धि होने लगी है। इस मामले में दिल्ली सरकार के डॉ.भीमराव अंबेडकर अस्पताल के मनोचिकित्सक डॉ. दिनेश त्यागी का कहना है कि दिन में बार-बार सेल्फी लेना व लालसा रखना एक ऐसा विकार है, जिससे प्रभावित होने की दशा में व्यक्ति शारीरिक व मानसिक रूप से क्षतिग्रस्त होता है।

     

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    ऐसे पहचानें सेल्फी के रोगी को
    इस विकार से पीड़ित अपने कई तरह के पोज बनाकर तस्वीरें खीचने को आतुर रहता है। यदि कोई व्यक्ति दिन में अधिक संख्या में अपनी सेल्फी लेता है, तो उसे मानसिक व्यग्रता से पीड़ित माना जाता है। ऐसे में पीड़ित अपना ज्यादातर वक्त सेल्फी लेने में व्यर्थ तो करते ही हैं, साथ ही सोशल साइट्स पर लगातार नजरें गड़ाए रहते हैं।

    विस्तार की है अपनी-अपनी वजह
    इसकी वजह सोशल मीडिया पर अपलोड की गई खुद की रोमांचक तस्वीरें हैं, जो सोशल साइट्स से जुड़ें लोगों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने लगती हैं। ऐसे में प्रभावित लोग स्वयं ही अपने व्यक्तित्व व सुंदरता का विस्तार करने में लगे रहते हैं, जिससे उन्हें ज्यादातर लोगों से कमेंट प्राप्त हो सकें। कुछ लोग इस तकनीक का उपयोग लोगों से जुड़ने व स्वयं के प्रति लोगों की प्रतिक्रिया जानने का भी प्रयास करने में लगे होते हैं। अधिक सेल्फी का क्रेज स्किन पर भी असर डालता है।

    चेहरे की दमक को भी फीका कर सकता है बार-बार सेल्फी लेना

    अंबेडकर अस्पताल के त्वचा रोग विषेषज्ञ डॉ. विवेक सागर के अनुसार सेल्फी लेना चेहरे की दमक को भी फीका कर सकता है। डॉ.सागर के अनुसार लगातार स्मार्टफोन के फ्लैश लाइट की वजह से स्किन में इलेक्ट्रोमेग्नेटिक रेडिएशन के पड़ने से स्किन के सेल्स पर बुरा असर पडता है। इसकी वजह से त्वचा पर झुर्रियां भी पड़ सकती हैं। साथ ही त्वचा समय से पहले ही बूढ़ी नजर आने लगती है।

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    महिलाएं हो रही सेल्फीसाइड से अधिक प्रभावित

    सेल्फी लेने का क्रेज आमतौर पर ज्यादातर महिलाओ में दिखाई देने लगा है। अक्सर महिलाएं खुद के रोमांचकारी व विभिन्न प्रकार के आकर्षक पोज बनाकर तस्वीरें खीच सोशल साइट्स पर अपलोड कर देती हैं। साथ ही अपलोड की गई तस्वीरो पर कमेंट पाने के चक्कर में उलझी रहती हैं।

    जानें इस बीमारी से बचाव के उपाय
    डॉ. दिनेश त्यागी के अनुसार युवाओं में मानसिक व्यग्रता रोग का इलाज काउंसिलिंग के जरिये संभव है। यदि कुछ सावधानियां बरती जाएं तो काफी हद तक सेल्फीसाइड नाम के विकार से बचाव किया जा सकेगा। सेल्फी का क्रेज ठीक है, लेकिन लोगों को सेल्फी से होने वाले नुकसान के प्रति जागरूक होना भी जरूरी है। यह न हो कि क्रेज के चक्कर में जान पर ही बन आए।

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    सेल्फी के नुकसान

    1. दिन भर सेल्फी लेने से लोग सेल्फी एल्बो नामक बीमारी से पीड़ित हो सकते हैं, क्योंकि बार बार सेल्फी लेने वाले व्यक्ति की कोहनी इससे प्रभावित होती है।

    2. ज्यादा सेल्फी लेने से चेहरे पर समय से पहले ही झुर्रियां आ सकती हैं। कैमरे से निकलने वाले नीले रंग के हानिकारक रेडिएशन त्वचा में मौजूद डीएनए पर प्रभाव डालते हैं, जिसके चलते स्किन की रिपेयरिंग क्षमता काफी हद तक खराब होती है ।

    3. एक सर्वे के अनुसार अस्पतालों में सेल्फीसाइड के जिन मरीजों का इलाज किया गया वो सब व्इेमेेपअम -ब्वउचनसेपअम क्पेवतकमत से ही पीड़ित थे।

    4. लोग झूठी शान दिखाने के चक्कर में खतरनाक स्थानों पर जाकर सेल्फी लेते हैं और अपनी जिंदगी से हाथ धो बैठते हैं। दुनिया भर में ऐसे हजारों मामले सामने आ चुके हैं।

  • सेहत के लिए बहुत फायदेमंद है पीपल, जानिए इसके चमत्कारी फायदे

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    आजकल की इस भागदौड़ भरी जिंदगी में हर 10 में से 8 व्यक्ति किसी न किसी बीमारी के शिकार है। कुछ लोग तो छोटी-छोटी समस्याओं के दूर करने के लिए भी दवाइयों का सेवन ही करते है लेकिन ज्यादा दवाइयों का सेवन भी लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है। इसकी बजाए आप छोटी से लेकर बड़ी समस्याओं को कुछ घरेलू तरीकों द्वारा दूर कर सकते है। आयुर्वेदिक गुणों से भरपूर पीपल के पेड़ के पत्ते सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होते है। इसका सेवन गैस, कब्ज, पेट दर्द, सांस की तकलीफ और सर्दी-खांसी जैसी समस्याओं को दूर किया जा सकता है। इसके अलावा भी इसके पत्तों या छाल से अस्थमा, दिल के रोग और डायबिटीज जैसे बड़ी-बड़ी बीमारियों को दूर किया जा सकता है। आइए जानते है सेहत की कई समस्याओं को दूर करने वाले पीपल के फायदे।
    1. सांस संबंधी समस्याएं
    इसकी छाल का अंदरूनी हिस्सा निकालकर सुखा लें। इसके बाद इसे पीस कर चूर्ण बनाने के बाद दूध में उबालकर पीएं। इसका सेवन सांस संबंधी समस्याएं और अस्थमा की समस्या को दूर करता है।

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    2. विष का प्रभाव
    किसी भी जहरीले जीव-जन्तु के काटने पर पीपल के पत्तों का रस निकाल कर इस जगहें पर डालें। इसके अलावा उस व्यक्ति को थोड़ी-थोड़ी देर बार इसका रस पीलाएं। इससे विष का असर कम हो जाएगा।
    3. पेट की प्रॉब्लम
    पेट में गैस, एसिडिटी, कब्ज, पेट दर्द, अल्सर और इंफेक्शन की समस्या को दूर करने के लिए इसके ताजे पत्तों का रस रोजाना पीएं। सुबह-शाम इसका सेवन आपकी पेट की हर समस्या को दूर कर देगा।
    4. त्वचा रोग
    त्वचा पर होने वाली समस्याएं जैसी दाद-खाज, खुजली, रैशेज और स्किन इंफेक्शन को दूर करने के लिए पीपल के पत्तों का काढ़ा बना कर पी लें। इसके अलावा फोड़े-फुंसी होने पर इसकी छाल को पीस कर घाव वाली जगहें पर लगाने से वो ठीक हो जाता है।
    5. डायबिटीज
    रोजाना पीपल की छाल का चूर्ण बनाकर दूध के साथ पीने से डायबिटीज का खतरा कम होता है। इसके अलावा इसके पत्तों के रस का रोजाना सेवन डायबिटीज को खत्म करता है।
    6. दिल के रोग
    पीपल के पत्तों सा इसकी छाल का चूर्ण बनाकर रोजाना खाने से यह शरीर को दिल के रोगों से भी दूर रखता है। इसके औषधिएं गुण दिल को स्वस्थ बनाने में मदद करते हैं।
    7. सर्दी-जुकाम
    एंटीऑक्सीडेंट के गुणों से भरपूर पीपल के पत्तों का काढ़ा बनाकर उसमें मिश्री मिला लें। इसका सेवन करने से सर्दी, जुकाम, खांसी और कफ की समस्या दूर हो जाएगी। इसके अलावा इसका सेवन वायरल इंफेक्शन को भी खत्म करता है।

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  • लंबे समय से है जुकाम तो हो सकते हैं ये कारण

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    सर्दियों के मौसम में सर्दी-जुकाम होना आम है। सर्दी-जुकाम होने पर सिरदर्द, गले में परेशानी, नाक बहना आदि समस्याओं का सामना करना पड़ता है। वैसे तो यह 5 से 7 दिन तक रहता है लेकिन अगर इससे ज्यादा दिन जुकाम रहे तो एक बार डॉक्टरी सलाह जरूर लें। इसके अलावा जुकाम ज्यादा देर रहने के और भी कई कारण हो सकते है। आज हम आपको बताते हैं कि लंबे समय तक सर्दी-जुकाम होने के क्या कारण हो सकते है।

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    1. कम पानी पीना
    गर्मियों की अपेक्षा सर्दियों में लोग कम पानी पीते हैं जिससे शरीर हाइड्रेट नहीं रहता। लिक्ड चीजों का कम सेवन करने से थकान और डिहाईड्रेशन हो सकती है। वहीं, जब आप बीमार होते है तो शरीर को अधिक पानी की जरूरत होती है। ऐसे में जूस, पानी और सूप अधिक पीएं।

    2. गलत खानपान
    अक्सर लोग बीमार होने पर खाना-पीना छोड़ देते हैं या फिर मसालेदार चीजों का सेवन करते हैं,जोकि आपके शरीर को नुकसान पहुंचाती है। दरअसल, बीमार होने पर शरीर को अधिक पोषक तत्वों की जरूरत होती हैं। ऐसे में जुकाम होने पर पौष्टिक आहार लें। खानपान सही न रखना भी लंबे समय तक जुकाम रहने का कारण है।

    3. तनाव
    आजकल अधिकतर लोग तनाव से ग्रस्त है। कई शोधों में पाया गया है कि तनाव कई बीमारियों की वजह बनता है। अगर आपको भी लंबे समय से जुकाम है तो एक बार डॉक्टरी जांच जरूर करवाएं क्योंकि तनाव भी इसका कारण हो सकता है।

    4. एक्सरसाइज
    जरूरत से ज्यादा एक्सरसाइज भी सेहत को नुकसान पहुंचाती है। वहीं, बीमार होने पर एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। ज्यादातर लोग सोचते हैं कि जुकाम होने पर एक्सरसाइज की जा सकती है। एक्सरसाइज करें लेकिन ज्यादा नहीं क्योंकि यह भी तनाव का कारण बन सकती है।

    5. भरपूर नींद न लेना
    अक्सर बिजी लाइफस्टाइल के कारण लोग भरपूर नींद नहीं ले पाते, जिसके कारण उनका जुकाम ठीक नहीं होता। ऐसे में जुकाम होने पर पूरी नींद लें इससे आपको जल्द आराम मिलेगा।

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  • अमरूद खाने के 20 Fayde कर देंगे दंग

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    अमरूद में विटामिन सी, विटामिन ए, विटामिन बी2, ई और के, फाइबर, कैल्शियम, आयरन तत्व काफी मात्रा में मौजूद होते है। इसीलिए तो अमरूद को सूपर फ्रूट कहा जाता है। अमरूद का सेवन करने से कई बीमारियां और परेशानियां दूर होती है। आइए जानते है अमरूद हमे कौन-कौन सी परेशानियों से बचाता है।

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    1. आंखों की रोशनी तेज
    आंखों की रोशनी के लिए विटामिन ए आवश्यक तत्व है और अमरूद में यह तत्व भरपूर होता है। इसलिए रोजाना अमरूद का सेवन करना चाहिए। इससे रतौंधी का खतरा काफी कम होता है और आंखों की रोशनी तेज होती है। आप अमरूद का जूस बना कर भी पी सकते है।
    2. दमकती त्वचा
    कम उम्र में ही त्वचा पर झुर्रियां पड़ने की शिकायत होने लगती है और चेहरे पर कालापन आने लगता है। ऐसे में लाल रंग का अमरूद त्वचा के लिए काफी सहायक होता है। इसमें मौजूद एंटीआक्सीडेंट हमारी त्वचा को नुकसान पहुंचाने से रोकते है।
    3. थायराइड प्राबल्म
    अमरूद में मौजूद कॉपर थायराइड के लिए आवश्य तत्व है। अमरूद वजन कंट्रोल करने में भी मददगार साबित होता है। इसलिए थॉयराइड मरीजों को रोजाना अमरूद का सेवन करना चाहिए और साथ ही अमरूद के पत्तों को चाय के रूप में सेवन करें।
    4. हृदय संबंधी बीमारियां
    कम उम्र से लेकर उम्रदराज लोग हृदय संबंधी बीमारियों से ग्रस्त होने लगे हैं। ऐसे में नियमित अमरूद के सेवन से रक्तचाप में कमी आती है और वसा भी कम होता है।
    5. कैंसर से बचाव
    अमरूद में कैंसर रोधी और ट्यूमर रोधी तत्व मसलन लाइकोपीन, विटामिन सी, पोलिफेनोल्स मौजूद हैं, जो कैंसर और ट्यूमर के खतरे को कम करते है। इसके अलावा अमरूद ब्रेस्ट, मुंह, त्वचा, पेट आदि कैंसरों में भी लाभकारी होता है।

     

  • इन आयुर्वेदिक औषधियों का इस्तेमाल दूर करेगा कई बीमारियां

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    बदलते मौसम और लाइफस्टाइल के कारण लोगों में बीमारियां भी बढ़ती जा रहें है। एक शोध के अनुसार आज के समय में हर 10 में 8वां व्यक्ति डायबिटीजए कैंसरए अस्थमा और गठिया जैसी खतरनाक बीमारियों से पीड़ित है। कुछ लोग तो इन बीमारियों को दूर करने के लिए कई तरह की दवाइयों का सेवन करते है लेकिन ज्यादा दवाइयों का सेवन लीवर को नुकसान पहुंचा सकता है।

    दवाइयों की बजाए आप ऐसी बीमारियों को कुछ घरेलू नुस्खों से दूर करते है। आपके रसोईघर में आसानी से मिलने वाली ये आयुर्वेदिक औषधियों इन बड़ी.बड़ी बीमारियों को दूर तो करती हैए साथ ही यह आपको कई बीमारियों से बचाती भी हैं। तो चलिए जानते है ऐसी आयुर्वेदिक जड़ी.बूटियांए जो बिना किसी साइड इफेक्ट के आपको स्वस्थ रखेंगी और सेहत की समस्याओं को दूर भी करेगी।

    1  लेमन ग्रास
    इसे चाय में डालकर पीने से शरीरए जोड़ों सिर और मांसपेशियों के दर्द से निजात मिलती है। इसके अलावा इसकी 1 कप चाय थकावट और स्ट्रेस को भी दूर कर देती है।
    2  हल्दी
    एंटी.बैक्टीरियल गुणों से भरपूर हल्दी जोड़ों के दर्द आर्थराइटिस पाचन विकार दिल और लिवर की बीमारियों से लड़ने की क्षमता बढ़ाती है। इसके अलावा इसका सेवन शरीर में कैंसर सेल्स को मारने में मददगार होता है।
    3  सफेद कमल
    हैजाए पेट की बीमारियोंए कब्ज और आंखों के इंफेक्शन का इलाज करने के लिए सफेद कमल सबसे अच्छा है। इसके फूलए बीज और जड़ो को पीसकर खाने से यह सभी प्रॉब्लम दूर हो जाती है।
    4  पुदीना
    पुदीने की पत्तियों को कच्चा खाने से खून साफ होता है। एंटी.बैक्टीरियल गुणों के कारण इससे गले की इंफेक्शन उल्लटियां  सिरदर्द और कैविटी प्रॉब्लम से छुटकारा मिलता है।
    5  मेहंदी की पत्तियां
    मेहंदी की पत्तियां शरीर को डीटॉक्स करके कब्ज और यूरिन प्रॉब्लम को दूर करती है। इसके अलावा इसका सेवन छालेए अल्सरए चोटए बुखारए हैमरेज और मासिक दर्द से छुटकारा दिलाता है।
    6  गुलाब
    रोजाना गुलाब की पत्तियों का सेवन करने से दिल स्वस्थ रहता है। यह शरीर में ब्लड सर्कुलेशन को बढ़ाकर ब्लड प्रेशर को कम करता है। जिससे स्ट्रेसए मासिक पीड़ाए अपच और अनिद्रा की समस्याएं नहीं होती।
    7  सब्जा बीज
    इसमें ओमेगा.3 फैटी एसिड होने के कारण यह इम्यून सिस्टम को बढ़ाता है। फालूदा में कूलिंग एजेंट के तौर पर इस्तेमाल होने वाले सब्जा बीजों का सेवन शरीर में किसी भी तरह की सूजन को दूर करता है।
    8  इसबगोल
    कब्जए जोड़ों और आंतों में दर्द होने पर इसबगोल का सेवन करें। इससे आपको इन समस्याओं से तुरंत आराम मिल जाएगा।

     

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  • नींद भर सोने से मिलते हैं ये 5 फायदे

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    ऑफिस और घर की भाग दौड़ के चलते हम अपनी दैनिक आदतों में बहुत बदलाव कर लेते हैं। जल्दबाजी में ना हम भरपूर पोषक आहार ले पाते हैं और ना ही नियमित व्यायाम कर पाते हैं। इसके अलावा कम नींद लेना भी हमारी खराब हो चुकी लाइफस्टाइल का हिस्सा है। जिसका बुरा असर हमारी सेहत पर देखने को मिलता है। तरह-तरह की बीमारियां, आंख के नीचे डार्क सर्कल्स, और भी बहुत सारी स्वास्थ्य और  स्किन से जुड़ी समस्याएं पैदा होने लगती हैं।

    एक पुरानी कहावत है, अगर आपको अच्छी नींद आती है, तो समझिए कि आपके साथ सब ठीक है। यह बात कई वैज्ञानिक शोधों में प्रमाणित हो चुकी है कि भरपूर नींद लेने से आप ज्यादा स्वस्थ और सुंदर हो सकते हैं। गहरी नींद सोने वाला व्यक्ति दिन भर तरोताजा महसूस करता है और उसका मन भी प्रसन्न रहता है। आइए हम आपको बताते हैं कि भरपूर नींद लेने के क्या फायदे हैं-

    वजन रहता है नियंत्रित

    कम सोने वालों की अपेक्षा ज्यादा और बिना किसी चिंता के दिमाग शांत कर के सोने वालों का वजन संतुलित रहता है। रिसर्च से यह बात सामने आई है कि पांच घंटे की नींद लेने वाले लोगों में भूख बढ़ाने वाले हार्मोन्स 15 प्रतिशत अधिक रिलीज होते हैं जिससे उनके वजन पर सबसे अधिक प्रभाव पड़ता है। जबकि आठ घंटे पूरी नींद लेने वालों में हार्मोन्स की यह मात्रा सामान रहती है।

    काम करने की स्पीड पर पड़ता है प्रभाव

    रात में कम लेने वालों के काम करने की क्षमता पर बुरा प्रभाव पड़ता है। गहरी नींद लेने वाले दूसरे दिन चुस्ती और ताजगी महसूस करते हैं। साथ ही शरीर में रोगों से लड़ने वाली कोशिकाएं भलीभांति काम करती हैं। जिससे काम करने की क्षमता बढ़ जाती है।

    अच्छी होती है याद्दाश्त

    पर्याप्त नींद लेने का सकारात्म्क असर याद्दाश्त पर भी पड़ता है। 8 घंटे की नींद सोने वाले लोग सीखी हुई चीजों को अच्छी तरह से याद रख पाते हैं। जबकि देर रात तक काम करने वाले लोगों की सोचने की क्षमता कम हो जाती है। तो समय के साथ आपकी याद्दाश्त को सही रखना हो तो भरपूर नींद लेना शुरू कर दीजिये।

    बीमारियों से बचाव

    गहरी नींद सोकर उठने पर आप स्वयं को तरोताजा तो महसूस करते ही हैं, साथ ही शरीर में रोगों से लड़ने वाली कोशिकाएं भलीभांति काम करती है। जिससे रोगों से लड़ने की क्षमता बढ़ जाती है। भरपूर नींद सोने वालों में सर्दी जुकाम और अल्सर जैसी बीमारियां भी कम होती हैं।

    बच्चों की मानसिकता पर प्रभाव

    पर्याप्त नींद न लेने से किशोरों में डिप्रेशन और आत्मविश्वास की कमी आ जाती है। आठ घंटे से कम नींद लेने वाले किशोरों में सिगरेट और शराब की लत ज्यादा पाई जाती है। साथ ही कम नींद लेने वाले विद्यार्थी बात-बात पर उग्र होकर मारपीट पर उतारू हो जाते हैं। जबकि पर्याप्त नींद लेने वाले किशोर इन सब से दूर रहते है।

    इसके अलावा भरपूर नींद ना लेने से आंखो में सूजन होना, स्मरण शक्ति में कमी आना, आलस्य, थकान, तनाव, कमजोरी, डायबिटीज, मोटापा, और हाई ब्ल्डप्रेशर आपको घेर सकती हैं इसलिए स्वस्थ रहने के लिए भरपूर नींद लेने बेहद जरूरी है। सारी चिंताओं, परेशानियों, तनाव आदि से दूर रहकर आप को अच्छी नींद लेनी चाहिए।

  • वजन नहीं बढ़ने देंगे कम फैट वाले ये हैल्दी फूड्स

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    खाने के बाद एक ही जगह पर बैठे रहने से वजन बढ़ना शुरू हो जाता है। बहुत से लोगों का तौंद बैठे रहने से बाहर निकल आती है, जिसको बाद में कम करने में बहुत परेशानी होती है। कुछ लोग तो इसके लिए डाइटिंग और यहां तक की घंटों जिम में समय बिताते हैं। जिसका नुकसान सेहत पर भी पड़ता है लेकिन यह बात भी सही है कि हैल्दी रहने के लिए खान-पान का सही होना चाहिए।

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    अधूरे पोषण से भी बाद में बहुत परेशानियों का सामना करना पड़ता है। इसके लिए यह जानना बहुत जरूरी है कि आप किस तरह के स्नैक्स या फूड्स खा रहे हैं और उनमें कितनी कैलोरी है, जो आपको पोषण देने के साथ-साथ वजन को भी कंट्रोल रखेंगी।

    आइए जानते है कौन से हैं ये कम कैलोरी वाले फूड्स
    1. सेब के साथ लें पीनट बटर
    इसे खाने से आपके शरीर को ऊर्जा मिलेगी और वजन पर भी कंट्रोल बना रहेगा। आप दिन में 50 ग्राम सेब को काट उस पर पीनट बटर लगाकर खा सकते हैं। इससे मोटापा का डर नहीं रहेगा।

    2. इन फलों का करें सेवन
    मोटापे को कम करने के लिए आप अपने आहार में कम कैलोरी वाले फल यानि अनानास, अंगूर और कीवी का सेवन करें। यह आपकी फालतू चर्बी को कम करने में काफी सहायक होगें और पोषण तत्वों की मात्रा भी शरीर में बनी रहेगी।

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    3. गाजर और मेयोनीज
    बढ़ते वजन पर कंट्रोल पाने के लिए गाजर के टुकड़ें और मेयोनीज का इस्तेमाल करें। यह सबसे कम फैट वाला आहार है। इससे टेस्ट भी बना रहेगा और वजन भी नहीं बढ़ेगा।

    4. फल और दही
    फलों को साथ दही भी सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। आप 2 चम्मच ब्लूबेरी के साथ आधा कप दही खा सकते हैं। इसके अलावा भी फलों के साथ दही का सेवन करना अच्छा माना जाता है। यह शरीर में जमा एक्सट्रा फैट को कम करने का काम करता है।

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  • चेहरे का शेप है ओवल..तो कभी ना लगाएं ऐसी बिंदी, फेस शेप के हिसाब से चुनें अपने लिए बिंदी

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    भारत में हमेशा से ही बिंदी को सुहागिन की निशानी बताया गया है। शादीशुदा औरतों के लिए हिन्दू समाज में शादी के बाद बिंदी लगाना जरुरी होता है। मगर सदियों से चली आ रही इस परम्परा ने समय के साथ फैशन का रूप ले लिया है। अब औरतें सिर्फ सुहाग की निशानी के तौर पर ही नहीं बल्कि फैशन के लिए बिंदी लगाना पसंद करती हैं। इतना ही नहीं, सिर्फ इंडियन नहीं बल्कि वेस्टर्न कपड़ों के साथ भी आपको बिंदी लगाई लड़कियां दिख जाएंगी। लेकिन क्या कभी आपने जाना है कि आपके फेस पर कैसी बिंदी सबसे अच्छी लगती है या लग सकती है? दरअसल फेस शेप के अनुसार अगर आप बिंदी लगाएंगी तो खूब जचेंगी। तो आगे चुनें अपने चेहरे के शेप के हिसाब से परफेक्ट बिंदी स्टाइल।

    फेस हो अगर स्क्वायर

    अगर आपका फेस स्क्वायर है तो आपको अपने चेहरे पर गोल बिंदी लगानी चाहिए। ये ना सिर्फ आपके चेहरे को सूट करेगी, साथ ही चेहरे के लुक को बैलेंस भी बनाएगी। स्क्वायर शेप के फेस के साथ कभी भी इसी शेप की बिंदी ना लगाएं। ऐसी बिंदी आपके फेस लुक को पूरी तरह से बिगाड़ देगी।

    अगर  फेस है राउंड शेप

    अगर आपका चेहरा राउंड शेप का है तो आपको लंबी बिंदी लगानी चाहिए। ये बिंदी आपके चेहरे पर बेहद खूबसूरत लगेगी। ये बिंदी आपके चेहरे पर एक वर्टिकल इल्यूजन बनाएगी, जो आपके चेहरे को सूट करेगा। राउंड फेस पर लंबी बिंदी लगाने से चेहरा लंबा भी लगता है। लेकिन कोशिश करें कि अधिक लंबी बिंदी ना लगाएं। बिंदी कम लंबी होगी तो अधिक सुन्दर लगेगी।

    आपका चेहरा है ओवल शेप

    अगर आपका फेस ओवल शेप का है तो अपने चेहरे के साथ कई सारे एक्सपेरिमेंट कर सकती हैं। अगर बड़ी बिंदी लगाती हैं तो  वो आपके चेहरे पर ग्रेसफुल लगेगी। अगर आप फिर भी अपनी बिंदी को लेकर थोड़ा कशमकश में हैं तो आप लंबी बिंदी भी ट्राई कर सकती हैं।

    अगर चेहरा है डायमंड शेप का

    ऐसी महिलाओं का चेहरा थोड़ा छोटा होता है। बिंदी की बात की जाये तो आपको बिंदी लगाते वक्त नुकीली शेप वाली बिंदी को लगाने से थोड़ा बचना चाहिये। ये आपके चेहरे पर अच्छी नहीं दिखेंगी।

    अगर चेहरा है हार्ट शेप जैसा

    अगर आपका चेहरा हार्ट शेप का है और माथा थोड़ा बड़ा है तो आपको छोटी बिंदी लगानी चाहिये। लेकिन इसमें भी एक बात है, अगर आप छोटी बिंदी लगाती हैं तो ये आपके माथे पर काफी जगह छोड़ देगी। जिससे आपका चेहरा अच्छा नहीं लगेगा। इसलिये आप एक बड़ी बिंदी लगा सकती हैं।