Category: health

  • संबंधों में पुल बनाएं खाई नहीं, पढ़ें दो भाइयों की यह प्रेरक कथा

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    आजकल के जीवन में स्वयं की प्राथमिकता ज्यादा हो गई। हम स्वयं को दूसरों से पहले रखकर सबकुछ सोचने लगते हैं। स्वयं के चक्कर में कई बार हम दूसरे को नीचा दिखाने लगते हैं या फिर गुस्से में छोटी-छोटी बातों पर मुंह फेर लेते हैं। छोटी-छोटी बातों से संबंधों में दरार पैदा हो जाती है। हमलोगों को छोटी बातों को नजरअंदाज कर देना चाहिए क्योंकि व्यक्ति के संबंध महत्वपूर्ण होते हैं। जागरण अध्यात्म में आज आपको एक प्रेरक कथा के बारे में बताते हैं, जिसे पढ़कर आप संबंधों के महत्व को समझ सकते हैं।

    एक गांव में दो भाई रहते थे। वे दोनों मिलकर खेती किया करते थे। उनकी मेहनत से फसलों की पैदावार अच्छी होती थी, जिससे उन दोनों की अच्छी आमदनी हो जाती थी। उस आमदनी को वे दोनों भाई आपस में बांट लिया करते थे। एक दिन दोनों भाइयों में एक किसी छोटी-सी बात पर झगड़ा हो गया।

    गुस्से में आकर बड़े भाई ने आधा खेत अपने कब्जे में कर लिया और बीच में खाई खुदवा दी, ताकि छोटा भाई उसके खेत में न आ सके। यह देखकर छोटे भाई ने भी तुरंत एक बढ़ई को बुलाया और कहा, मेरे खेत के किनारे लकड़ी की ऊंची-ऊंची बाड़ लगा दो, ताकि मुझे बड़े भाई की शक्ल भी न दिखाई दे।

    बढ़ई बोला- कल सुबह तक काम पूरा हो जाएगा। बढ़ई को दोनों भाइयों के बारे में पता चला। फिर उसके दिमाग में एक विचार आया। उसने दोनों भाइयों के बीच की खाई को पाटने के लिए एक तरकीब निकाली। अगली सुबह जब छोटा भाई अपने खेत में गया, तो देखा कि वहां बाड़ की जगह खाई पर लकड़ी का एक पुल बना हुआ था। यह देखकर वह गुस्सा हो गया।

    वह बढ़ई को डांटने ही वाला था कि उस जगह पर उसका बड़ा भाई भी आ गया। उसकी आंखों में पश्चाताप के आंसू थे। वह बोला, भाई, मैंने तुम्हारे साथ कितना अलगाव किया, संबंध तोड़ लेने के प्रयास किए, लेकिन तुमने इतना कुछ हो जाने के बाद भी मुझसे रिश्ता खत्म नहीं किया और संबंधों को जोड़े रखने के लिए पुल बनवा दिया।

    बड़े भाई ने संकल्प के साथ कहा कि दोनों भाइयों के बीच आई इस खाई को अब हम पाट देंगे और फिर से साथ मिलकर खेती करेंगे। बढ़ई की समझदारी से दोनों भाइयों के बीच संबंध सुधर गए और फिर वे मेहनत करके अच्छी पैदावार पाने लगे।

    कथा का सार

    नासमझी में आकर हम संबंधों में कड़वाहट पैदा कर लेते हैं, जिसे थोड़ी-सी समझदारी से दूर किया जा सकता है और आपस में प्रेम और सहयोगभाव से रहा जा सकता है।

  • आज़माएं ये 6 आयुर्वेदिक उपाय परेशान हैं नींद ना आने से

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    नई दिल्ली। क्या आपकी रातें भी करवटें बदलने में गुज़रती हैं? अगर ऐसा है तो यह एक बड़ी समस्या है और यकीन मानिए आप ऐसे अकेले इंसान नहीं हैं, जिन्हें यह परेशानी है। अब आप सोच रहे होंगे कि हम आज आपसे नींद की बात क्यों कर रहे हैं? तो जनाब! आज यानी 18 मार्च को वर्ल्ड स्लीप डे है, जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत ज़रूरी है।

    वर्ल्ड स्लीप डे विशेषज्ञों और समाज के वरिष्ठ नागरिकों के एक समूह द्वारा 2007 में शुरू किया गया था। इसके बाद से वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी हर साल एक वैश्विक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करती है।

    क्यों मनाया जाता है कि वर्ल्ड स्लीप डे

    नींद की दिक्कत को ख़त्म करने और समाज पर नींद से जुड़ी समस्याओं के बोझ को कम करने के उद्देश्य से हर साल वर्ल्ड स्लीप डे का आयोजन किया जाता है। इसे वर्ल्ड स्लीप सोसाइटी (WSS) द्वारा होस्ट किया गया है, जो अमेरिका में एक गैर-लाभकारी संगठन है।

    दुनियाभर में इस वक्त 10 करोड़ से ज़्यादा लोग नींद से जुड़ी हुई समस्याओं से जूझ रहे हैं। ये मामूली दिक्कत एक गंभीर रूप ले लेती है, क्योंकि करीब 80 फीसद से ज़्यादा लोग इसका इलाज नहीं करा पाते।

    अच्छी नींद के लिए घरेलू उपाय हैं फायदेमंद

    1. लाइफस्टाइल सुधारें: दिनचर्या में सुधार बहुत ही ज़रूरी है। समय पर सोने के लिए बिस्तर पर जाना अच्छी नींद के लिए ज़रूरी है। अगर समय पर सोने की कोशिश नहीं करेंगे, तो अनिद्रा की समस्या और बढ़ सकती है।

    2. गर्म दूध: दूध में ट्रिपटोपॉन होता है, जो कि नींद को बढ़ाने में मदद करता है। रोज़ाना रात में सोने से पहले गर्म दूध पीने से अच्छी नींद आती है। सोने से पहले एक कप गर्म दूध में आधा चम्मच दालचीनी का पाउडर मिलाकर पी लें।

    3. तेल मालिश: सिर और पैर पर भृंगराज के तेल से मालिश करने से अच्छी नींद आने में मदद मिलती है। इस तेल से मालिश करने पर नर्वस सिस्टम को आराम मिलता है।

    4. जीरा: औषधीय गुणों से भरपूर जीरा आयुर्वेद में नींद के लिए फायदेमंद माना गया है। जीरे में मेलाटोनिन होता है, जो अनिद्रा और सोने से संबंधित अन्य विकारों को ख़त्म करता है। मेलाटोनिन एक ऐसा हार्मोन है जो सोने में मदद करता है। सोने से पहले जीरे की चाय अच्छी नींद में मदद कर सकती है। दूध में एक चम्मच जीरे पाउडर डालकर पी लेने से रात को अच्छी नींद आ सकती है।

    5. जायफल: गर्म दूध तो फायदेमंद होती ही है, इसमें अगर जायफल पाउडर मिलाकर पिय जाए, तो नींद न आने की समस्या भी दूर होगी।

    6. केसर: नींद का इलाज करना है, तो केसर भी इसमें आपकी मदद कर सकती है। एक कप गर्म दूध में दो चुटकी केसर मिलाकर इसे पिएं। केसर में ऐसे घटक मौजूद होते हैं, जो प्रतिरक्षा तंत्र को फायदा पहुंचाते हैं।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • Dash Diet फॉलो करें ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने और वजन घटाने के लिए

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    नई दिल्ली। आमतौर पर वजन जंक फ़ूड खाने और वर्कआउट नहीं करने की वजह से बढ़ता है। साथ ही यह बीमारी आनुवांशिकी भी होती है। इससे छुटकारा पाने के लिए लोग कड़ी मेहनत करते हैं। इसके बावजूद उन्हें वजन कम करने में कोई खास मदद नहीं मिलती है। विशेषज्ञों की मानें तो वजन कम करने से पहले वजन संतुलित करना बेहद जरूरी है। चूंकि लोग वजन कम करने के लिए डॉयटिंग करने लगते हैं, जिसमें रोजाना भूखे-प्यासे रहते हैं। इससे वजन कम नहीं होता है, बल्कि शरीर कमजोर हो जाती है। आधुनिक समय में लोग बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए एटकिंस डाइट, Mediterranean डाइट, केटोजेनिक डाइट, वेगन डाइट, डॉक्टर दीक्षित डाइट और इंटरमिटेंट फॉस्टिंग फॉलो करते हैं। अगर आप भी बढ़ते वजन से परेशान हैं और वजन कंट्रोल करना चाहते हैं, तो डैश डाइट को अपना सकते हैं।  इसे फॉलो करने से बढ़ते वजन को कंट्रोल किया जा सकता है। आइए, इसके बारे में सब कुछ जानते हैं-

    हाल के दिनों में डैश डाइट बेहद पॉपुलर हुआ है। इस डाइट से न केवल वजन, बल्कि उच्च रक्तचाप को भी कंट्रोल किया जा सकता है। Harvard T.H. Chan School of Public Health की मानें तो डैश डाइट को पहली बार साल 1996 में American Heart Association की वार्ता में पेश किया गया था। इसके बाद साल 1997 में New England Journal of Medicine में डैश डाइट को पब्लिश किया गया था। एक शोध के जरिए खुलासा हुआ है कि डैश डाइट हाई बीपी के मरीजों के लिए फायदेमंद होता है। इस शोध में 456 लोगों को शामिल किया गया था।

    वजन घटाने में फायदेमंद

    इस डाइट में साबुत अनाज, फल, सब्जियां, नट्स, डेयरी प्रोडक्ट्स, मछली, बीन्स आदि चीजों का सेवन करने की सलाह दी जाती है। साथ ही डैश डाइट में सोडियम यानी नमक और जंक फूड्स से परहेज अथवा बहुत कम सेवन करना पड़ता है। डैश डाइट को दो चरणों में बांटा गया है। एक चरण में रोजाना 1500 सोडियम लेने की सलाह दी जाती है। वहीं,  दूसरे चरण में 2300 तक सोडियम सेवन करने की इजाजत होती है। इससे वजन कम  करने में मदद मिलती है।

  • 20 मार्च 2021 का राशिफल:, तुला राशि वालों का आर्थिक पक्ष मजबूत होगा बिजनेस में प्रतिष्ठा बढ़ेगी

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    12 राशियों में से हर व्यक्ति की अलग राशि होती है, जिसकी मदद से व्यक्ति यह जान सकता है कि उसका आज का दिन कैसा होगा? ज्योतिष में ग्रहों की चाल से शुभ और अशुभ घड़ियां बनती हैं, जो हमारे जीवन को प्रभावित करती हैं। अगर आपकी राशि के बारे में आज का दिन अच्छा है, तो आप उसे सेलिब्रेट कर सकते हैं, वहीं अगर आज का दिन आपके लिए खराब है तो आप पंडित जी के दिए गए सुझावों को अपनाकर कुछ अच्छा कर सकते हैं।

    आज का पंचांग

    दिन: शनिवार, फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, सप्तमी का राशिफल।

    आज का राहुकाल: प्रात: 09:00 बजे से 10:30 बजे तक।

    आज का दिशाशूल: पूर्व।

    विशेष: सूर्य का उत्तरगोल में प्रवेश।

    राशिफल

    मेष: दूसरे से सहयोग लेने में सफलता मिलेगी। उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी। शिक्षा प्रतियोगिता के लिए अधिक परिश्रम करना होगा।

    वृष: पारिवारिक समस्या से ग्रसित हो सकते हैं। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी। पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। किसी कार्य के संपन्न होने से प्रभाव में वृद्धि होगी।

    मिथुन: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। चली आ रही समस्या का समाधान होगा। भावुकता में नियंत्रण रखें। पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे।

    कर्क: उपहार या सम्मान में वृद्धि होगी। रिश्तों में मधुरता आएगी। किसी कार्य के संपन्न होने से आपके प्रभाव तथा वर्चस्व में वृद्धि होगी। रचनात्मक कार्यों में सफलता मिलेगी।

    सिंह: व्यावसायिक सफलता मिलेगी, लेकिन स्वास्थ्य के प्रति सचेत रहें। संतान के कारण चिंतित रहेंगे। संयम से काम लें। किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा। मधुर संबंध बनेंगे।

    कन्या: ससुराल पक्ष का सहयोग रहेगा। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। धन, यश, कीर्ति में वृद्धि होगी। पिता या धर्म गुरु का सहयोग मिलेगा। रचनात्मक प्रयास फलीभूत होंगे।

    तुला: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। रिश्तों में निकटता आएगी। पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। यात्रा देशाटन की स्थिति सुखद होगी, लेकिन सचेत रहें। व्यावसायिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी।

    वृश्चिक: गृह उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी। संतान के दायित्व की पूर्ति होगी, लेकिन कोई ऐसा घटना भी घट सकती है जो आपके हित में न हो। संयम बरतना जरूरी है।

    धनु: किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा। जीवनसाथी का सहयोग एवं सानिध्य मिलेगा। रिश्तों में निकटता आएगी। पारिवारिक जीवन सुखमय होगा। आर्थिक मामलो में प्रगति होगी।

    मकर: आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। शिक्षा प्रतियेागिता के क्षेत्र में चल रहा प्रयास फलीभूत होगा। किसी कार्य के संपन्न होने से आत्मविश्वास में वृद्धि होगी। कुछ नए संबंध बनेंगे।

    कुंभ: रचनात्मक प्रयास फलीभूत होगा। व्यावसायिक मामलों में प्रगति होगी। शासन सत्ता का सहयोग रहेगा। जीविका के क्षेत्र में प्रगति होगी। किया गया पुरुषार्थ सार्थक होगा।

    मीन: पारिवारिक प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। गृह उपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी। उपहार या सम्मान का लाभ मिल सकता है।

  • जानें शुभ मुहूर्त और महत्व, अंतिम प्रदोष व्रत कल है मार्च का

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    मार्च महीने का आखिरी प्रदोष व्रत 26 मार्च यानी कल पड़ रहा है। यह फलदायी व्रतों में से एक माना गया है। हिंदू पंचांगे के अनुसार, यह फाल्गुन मास के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि है। प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित होता है। ऐसे में इस दिन भगवान शिव की पूजा-अर्चना की जाती है। भक्तों की भक्ति को देख भोलेशंकर प्रसन्न हो जाते हैं और अपनी विशेष कृपा उनपर बनाए रखते हैं। दिन के अनुसार ही प्रदोष व्रत का नाम होता है। 26 मार्च शुक्रवार का दिन पड़ रहा है ऐसे में इसे शुक्र प्रदोष व्रत कहा जा रहा है। आइए जानते हैं प्रदोष व्रत का शुभ मुहू्र्त और महत्व।

    प्रदोष व्रत का शुभ मुहूर्त:

    फाल्गुन मास, शुक्ल पक्ष, त्रयोदशी तिथि

    26 मार्च शुक्रवार

    त्रयोदशी तिथि प्रारम्भ- 26 मार्च, शुक्रवार को सुबह 08 बजकर 21 मिनट से

    त्रयोदशी तिथि समाप्त- 27 मार्च, शनिवार को सुबह 06 बजकर 11 मिनट से

    प्रदोष व्रत का महत्व:

    यह व्रत भक्तों के सभी दोषों का निवारण करने वाला माना गया है। इस तिथि पर केवल शिवजी की ही नहीं बल्कि चंद्रदेव की भी पूजा की जाती है। पौराणिक कथाओं के अनुसार, सबसे पहला प्रदोष व्रत चंद्रदेव ने ही रखा था। इस व्रत के प्रभाव से भगवान शिव प्रसन्न हुए थे औऱ चंद्र देव को क्षय रोग से मुक्त किया था। इन दिनों होलाष्टक भी चल रहा है। इस दौरान भगवान शिव और भगवान विष्णु की पूजा करना बेहद विशेष माना गया है। ऐसे में इस दौरान पूजा पाठ का विशेष पुण्य बताया गया है।

    डिसक्लेमर

    ‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’  

  • ऐसे करें बचाव, वर्कआउट के बाद अगरपेट दर्द हो तो

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    वर्कआउट के बाद बॉडी में थोड़ा बहुत दर्द होना आम है, खासकर जब आपने कोई नया वर्कआउट ट्राई किया हो या वर्कआउट करने का टाइम पीरियड बढ़ा दिया हो। हालांकि, अगर यह दर्द पेट में हो रहा है और काफी दिनों तक ठीक नहीं होता, तो जरूरी है इसके पीछे की वजहों को जानना, जानिए इस तरह के दर्द के पीछे की कुछ कॉमन वजहें…

    हार्टबर्न और रीफ्लक्स

    कुछ इंटेंस वर्कआउट, जिनमें एब्स की मसल्स पर असर पड़ता है, आपकी बॉडी के एसिडिक फ्लो को डिस्टर्ब कर देती है। उन लोगों के लिए यह आम बात है, जो पहले से ही किसी रीफ्लक्स प्रॉब्लम का सामना कर रहे हैं। जब एक्सरसाइज के चलते आपकी बॉडी के अंदर फ्लूइड हिल जाते हैं तो आपको हार्टबर्न या पेट दर्द जैसी प्रॉबलम्स होती हैं। ऐसी शिकायत जॉगिंग या एरोबिक्स करते वक्त भी हो सकती है।

    मसल्स में कोई परेशानी

    अगर आप अच्छी तरह से वॉर्मअप नहीं कर रहे हैं या अपने फिटनेस लेवल से ज्यादा मुश्किल एक्सरसाइजेस कर रहे हैं तो पेट की कुछ मसल्स को नुकसान पहुंच सकता है। ऐसे में, वॉर्मअप ज्यादा वक्त के लिए करें और इस तरह की दर्दनाक सिचुएशन से खुद को बचाने के लिए एक्सरसाइज ज्यादा न करें। वैसे तो कसरत के दौरान या बाद में बॉडी में किसी भई मसल में दर्द हो सकता है, पर इसके पीछे की कुछ खास वजहें डिहाइड्रेशन, मिनरल्स की कमी और मसल्स में ऑक्सीजन की कमी भी हो सकती है। कुछ पेट की एक्सरसाइज जैसे क्रंचेस वगैरह ज्यादा न करें और इनकी ड्यूरेशन कम कर दें। एक्सरसाइज के दौरान और उसके बाद अच्छी क्वांटिटी में लिक्विड ड्रिंक्स पिएं।

    टेम्प्रेचर में बदलाव होना

    आपकी बॉडी या पेट में दर्द होने की एक वजह जिम में लगा एसी या ठंडा माहौल भी हो सकता है। अगर आप किसी ठंडी जगह पर वर्कआउट करते हैं, तो इससे आपका ब्लड सर्कुलेशन अच्छआ नहीं होगा, जिसके चलते मसल्स जल्दी थक जाती हैं। तो नॉर्मल टेम्प्रेचर वाली जगह पर ही वर्कआउट करें।

    खाने के बाद एक्सरसाइज

    अगर कुछ खाने के तुरंत बाद एक्सरसाइज करते हैं, तो भी पेट दर्द होने लगता है। ऐसा करने से बॉडी कन्फ्यूज हो जाती है। वह आपके डाइजेशन को छोड़कर मसल्स की ओर ध्यान देने लग जाती है। ऐसे में, पेट भी फूल सकता है, इसलिए खाने के तुरंत बाद एक्सरसाइज न करें। अच्छा होगा कि खाने और एक्सरसाइज के बीच में लगभग 2 घंटे का गैप हो। वर्कआउट करने से पहले आप क्या खाते हैं, यह भी बहुत अहम होता है। अगर आप कोई ऐसी चीज खाते हैं, जो हेल्दी नहीं है, तो भी पेट दर्द होने लगता है। अगर आप किसी मैराथन या हाई इंटेंसिटी वर्कआउट के लिए खुद को तैयार कर रहे हैं, तो न्यूट्रीशियस डाइट लें। अलग-अलग न्यूट्रिएंट्स को पचने में अलग वक्त लगता है। कार्बोहाइड्रेट जल्दी पच जाते हैं, जबकि फाइबर, प्रोटीन और फैट वाली डाइट को पचने में ज्यादा वक्त लगता है।

    पानी कम पीने के चलते

    वर्कआउट करने के बाद पसीने के तौर पर बॉडी से पानी और लिक्विड्स काफी निकल जाते हैं। हालांकि, आपके डिहाइडेट होने का लक्षण सिर्फ यही नहीं होता कि आपको प्यास लग रही है, बल्कि पेट में भी दर्द होने लगता है। यूरिन का रंग भी बदल जाता है, इसलिए अच्छी क्वांटिटी में पानी पिएं और खुद को हाइड्रेट रखें।

  • 24 घंटे में सामने आए 59 हजार से अधिक मामले, कोरोना का फिर टूटा रिकॉर्ड

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    नई दिल्ली। देश में कोरोनावायरस को लेकर दिन-ब-दिन स्थिति खराब होती जा रही है। पिछले 24 घंटों में देश में 59,118 नए मामले दर्ज हुए हैं, जो कि अक्टूबर 2020 के बाद से अब तक के सबसे ज्यादा दैनिक मामले हैं। इसके साथ ही अब देश में मामलों की संख्या 1,18,46,652 तक पहुंच गई है। पिछले 2 हफ्तों से मामलों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, नए मामलों के लिए सबसे ज्यादा जिम्मेदार महाराष्ट्र और पंजाब हैं। यहां रोजाना बड़ी संख्या में नए मामले दर्ज हो रहे हैं। देश में कोविड-19 के बढ़ते मामलों को देखते हुए केंद्र सरकार लगातार राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ मिलकर स्थिति को नियंत्रित करने के लिए काम कर रही है।

    इसी अवधि में 257 लोगों की मौत भी हुई है। इससे इस जानलेवा वायरस के कारण मरने वालों की संख्या 1,60,949 पर पहुंच गई है। देश में सक्रिय मामले भी बढ़कर 4,21,066 हो गए हैं। एक दिन में 32,987 लोगों के ठीक होने के बाद अब तक बीमारी से उबरे लोगों की संख्या 1,12,64,637 हो गई है।

    बता दें कि 16 जनवरी से शुरू हुए सामूहिक टीकाकरण अभियान के तहत अब तक 5.55 करोड़ कोरोना वैक्सीन डोज दिए जा चुके हैं। वहीं सरकार ने 1 अप्रैल से 45 साल की उम्र से ज्यादा के सभी लोगों को वैक्सीन देने की घोषणा की है

  • स्किन और हेयर केयर के लिए 14 कारगर ट‍िप्स और घरेलू नुस्खे स्किन और हेयर केयर के लिए 14 कारगर ट‍िप्स और घरेलू नुस्खे

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    होली के मौके पर अक्सर आप लोगों से कहते सुना होगा “बुरा न मानो होली है”। होली प्रेम और सद्भाव का पर्व है। इस मौके पर लोग गिले-शिकवे मिटाकर एक दूसरे को पहले रंग लगाते हैं। इसके बाद गले लगाते हैं। वहीं, छोटे अपने से बड़े लोगों को तिलक लगाकर उनसे आशीर्वाद प्राप्त करते हैं। देशभर में होली हर्षोउल्लास के साथ  सभी धर्मों के लोग मनाते हैं। हालांकि, रंगों के इस त्यौहार में आर्टिफिशियल रंगों से त्वचा और बालों को नुकसान पहुंचता है। इन रंगों में केमिकल्स मिले होते हैं। इसके लिए अपनी त्वचा और बालों का विशेष ख्याल रखें। अगर आप भी असमंजस में हैं कि कैसे त्वचा और बालों की देखभाल करें, तो इन आसान टिप्स को जरूर अपनाएं-

    -होली मनाने और खेलने से दस मिनट पहले चेहरे पर सनस्क्रीन जरूर लगाएं।

    -अपने चेहरे और शरीर पर सरसों, अरंडी, बादाम या नारियल तेल जरूर लगाएं।  साथ ही कानों के नीचे, कानों और नाखूनों में भी तेल लगाएं।

    -नारियल तेल की मदद से अपने बालों की मालिश करें। इससे बालों को मजबूती मिलती है। इसके अलावा, यह रंगों में मौजूद केमिलक्स, धुल और कण से बालों की सुरक्षा करता है।

    -अपने होंठों को लिप बाम से कवर करें। इसके लिए आप वेसलीन का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे होंठ खतरनाक केमिकल्स से सुरक्षित रहते हैं।

    -फूल बांह और पैरों वाले कपड़े पहनें। इससे त्वचा को नुकसान कम पहुंचता है।

    -होली खेलने के बाद धूप में न बैठें। इससे रंगों को छुड़ाने में परेशानी होती है। रंग खेलने के समय भी छांव में बैठें।

    -बालों से रंगों को दो से तीन बार साफ़ करें। जब रंग पूरी तरह से निकल जाए, तो शॉवर लें। इसके बाद त्वचा और शरीर पर मॉइस्चराइजर लगाएं।

    -दिन के समय लाइट मेक-अप करें।

    -अपने नाखूनों को नेल पॉलिश से कलर कर लें। इसके लिए आप गुलाबी या लाल रंग का यूज कर सकते हैं। ये दोनों रंग आसानी से निकल जाते हैं।

    -हर्बल रंगों का इस्तेमाल करें। अपने दोस्तों को हर्बल रंग इस्तेमाल करने की सलाह दें। इसके लिए हिना, पीला और हरा रंग का इस्तेमाल कर सकते हैं।

    डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

  • जानिये होलिका दहन की कथा, होलिका दहन कब है

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    होली का त्यौहार आने में कुछ ही दिन शेष हैं। इस वर्ष होली 29 मार्च, सोमवार को पड़ रही है। इस हिसाब से होलिका दहन रविवार 28 मार्च 2021 को मनाया जाएगा। होलिका दहन का मुहूर्त रविवार को सुबह 06 बजकर 37 मिनट से लेकर शाम 08 बजकर 56 बजे तक का है। होलिका दहन को होलिका दीपक और छोटी होली के नाम से भी जाना जाता है। इसे होली से एक रात पहले मनाया जाता है। मान्यता है कि होली के त्यौहार पर होलिका पूजा करने से सभी प्रकार के भय पर विजय प्राप्त होती है। होलिका दहन को लेकर एक कथा प्रचलित है जिसकी जानकारी हम आपको यहां दे रहे हैं।

    होलिका दहन की पौराणिक कथा:

    सबसे लोकप्रिय कथा भगवान विष्णु के भक्त प्रह्लाद और दानव होलिका के बारे में है। प्रह्लाद राक्षस हिरण्यकश्यप और उसकी पत्नी कयाधु का पुत्र था। हिरण्यकश्यप भगवान विष्णु का शत्रु था। वह नहीं चाहता था कि प्रह्लाद भगवान विष्णु की पूजा करे। वह अपने पुत्र भगवान विष्णु का भक्त होने के खिलाफ था। एक दिन, उसने अपनी बहन होलिका की मदद से अपने बेटे को मारने की योजना बनाई। होलिका के पास एक दिव्य शॉल थी। होलिका को यह शॉल ब्रह्मा जी ने अग्नि से बचाने के लिए उपहार में दिया था। होलिका ने प्रह्लाद को लालच दिया कि वो प्रचंड अलाव में उसके साथ बैठे। लेकिन भगवान विष्णु की कृपा के कारण, दिव्य शाल ने होलिका के बजाय प्रह्लाद की रक्षा की। इसलिए दानव होलिका जलकर राख हो गई और प्रह्लाद अग्नि से बाहर निकल आया। इसलिए इस त्यौहार को होलिका दहन के नाम से जाना जाता है।

    होलिका दहन का महत्व:

    होलिका दहन का महत्व अत्याधिक है। मान्यता है कि इस दिन समाज की समस्त बुराईयों का अंत होता है। यह बुराइयों पर अच्छाइयों की विजय का सूचक है। इस दिन गांव में लोग देर रात तक जागते हैं और होली के गीत गाते हैं तथा नाचते हैं।

    डिसक्लेमर

    ‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’  

  • जानिए इसके हेल्थ बेनिफिट्स, गर्मियों में कूल रहने के लिए अपने आहार में जरूर शामिल करें ककड़ी

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    नई दिल्ली। गर्मी के दिनों में शिद्दत से पानी की प्यास लगती है, ऐसे में जितना भी पानी पीए कम लगता है। कई बार तो ऐसा भी होता है कि हम पानी पी-पी कर अपना पेट फूला लेते हैं, लेकिन फिर भी प्यास नहीं बुझती। इस मौसम में बॉडी को हाइड्रेट रखने के लिए ककड़ी बेस्ट सब्जी है, जो बॉडी में पानी की कमी को पूरा करके बॉडी को हाइड्रेट रखती है। हरी-भरी और कुरकुरी ककड़ी का इस्तेमाल गर्मी में हम सलाद के रूप में और दही के रायते के साथ करते हैं। ककड़ी का रायता तेज गर्मी या लू की मार से बचाने में सहायक होता है।

    ककड़ी में 90 प्रतिशत पानी, फाइबर, विटामिन, कैल्शियम, आयोडीन, पोटैशियम, फॉस्फोरस, मैग्नीशियम जैसे खनिज प्रचुर मात्रा में पाए जाते हैं, जो बॉडी के अंदर पानी की कमी की पूर्ति करते हैं। इसका सेवन करके कई बीमारियों का उपचार किया जा सकता है। आइये जानते हैं गर्मी में ककड़ी खाना किस तरह सेहत के लिए फायदेमंद है।

    गर्मी में बॉडी को हाइड्रेटेड रखती है:

    गर्मी में हमारी बॉडी को पानी की अधिक जरूरत रहती है, कम से कम पूरा दिन में 3-5 लीटर पानी पीना जरूरी है। अगर हम पर्याप्त पानी का सेवन नहीं करते तो शरीर के पीएच संतुलन में गड़बड़ी आ सकती है। ककड़ी में पानी की मात्रा ज्यादा होती है। यह शरीर से गंदगी को बाहर निकालती है। गर्मी में अधिक प्यास लगने पर आधा कप ककड़ी के रस में थोड़ी-सी चीनी मिलाकर पीना फायदेमंद है।

    पाचन को ठीक रखती है:

    ककड़ी में फाइबर बहुत अधिक पाया जाता है। फाइबर पाचन को दुरुस्त करता है साथ ही पेट की सफाई भी करता है। इसका लगातार सेवन करने से गैस्ट्रिक की परेशानियों, ब्लोटिंग, एसिडिटी, पेट दर्द और कब्ज से निजात मिलती है। ये पाचन को सुधारती है।

    वजन को कंट्रोल करती है:

    ककड़ी में मौजूद फाइबर की उच्च मात्रा अतिरिक्त वज़न को घटाने में मदद करती है। इसका सेवन करने के बाद आपको जल्दी भूख नहीं लगती और आपका वज़न कंट्रोल रहता है।

    ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखती है:

    ककड़ी शरीर में इंसुलिन के उत्पादन को बढ़ावा दे सकती है, बल्कि हमारे भोजन के ग्लूकोज को तोड़ने में भी मदद करती है। इसके लगातार सेवन से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है।

    गर्मी में बॉडी कूल रहती है:

    ककड़ी के बीजों में गर्मी दूर करने वाले गुण पाए जाते हैं। इनके सेवन से चिड़चिड़ापन, बौखलाहट, गुस्सा आने जैसी मानसिक परेशानियां भी दूर होती हैं। शरीर को कूल रखने के लिए इसके बीज का ठंडाई में इस्तेमाल करना फायदेमंद होता है।