Category: health

  • दो मुंहे बालों से परेशान हैं, आज़माएं ये 3 लाजवाब नुस्खे

    [object Promise]

    नई दिल्ली। बाल हमारी ओवर ऑल पर्सनालिटी में निखार लाते हैं, इसलिए बालों की देखभाल करना बेहद जरूरी है। शायनी और खूबसूरत बाल पाने के लिए बालों को खास केयर की जरूरत होती है। महिलाओं को अक्सर दो मुंह वाले बालों की समस्या रहती है, दो मुंह वाले बाल और भी कई तरह की परेशानियां पैदा कर सकते हैं। दो मुंह वाले बाल महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सिर दर्द है, जो बालों की सेहत के लिए बेहद घातक हैं। दो मुंह के बाल बालों को जड़ों से कमजोर करते हैं, साथ ही बाल रूखे और बेजान भी नज़र आते हैं। बालों की इस समस्या को दूर करने के लिए बालों को बेहतर ऑयलिंग और कुछ खास पैक लगाने की जरूरत है। कुछ खास तरह के तेल का इस्तेमाल कर आप दो मुंह के बालों से छुटकारा पा सकती है। आइए जानते हैं कि कैसे दो मुंह के बालों से छुटकारा पाया जा सकता है।

    नारियल तेल से करें मसाज:

    नारियल का तेल दो मुंहे बालों को दूर करने के लिए सबसे कारगर माना जाता है। इसके साथ ही यह बालों को स्मूद और गंदगी दूर करने के भी काम आता है। इसे बालों पर लगाने के लिए 1 छोटी कटोरी में नारियल का तेल लें। इस तेल को गर्म करके बालों और स्कैल्प की अच्छी तरह से मालिश करें। फिर 1-2 घंटे बाद बालों को पानी से अच्छी तरह धो लें। इस तेल से आपको दो मुंह के बालों से निजात मिलेगी।

    शहद, ऑलिव ऑयल और अंडा लगाएं:

    शहद त्‍वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी बहुत अच्‍छा माना जाता है। यह बालों की हेल्‍थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाता है। आप शहद को दही, ऑलिव ऑयल और एग योक के साथ मिक्स कर लें, फिर इसे बालों पर लगाएं, फिर 20-25 मिनट के बाद बालों को धो लें। आपको दो मुंह वाले बालों से छुटकारा मिलेगा।

    एलोवेरा लगाएं:

    एलोवेरा खराब और दो मुंहे बालों को कम करने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। एलोवेरा में प्रोटियोलिटिक एंजाइम्‍स, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल प्रोपर्टीज होती हैं जो डेड सेल्स को निकाल देते हैं। 2-3 एलोवेरा की पत्तियों से जैल निकालकर बालों पर लगाएं। कुछ देर के लिए यह चिपचिपा लग सकता है लेकिन कुछ ही समय में आपको इसके गुण भी दिखने लगेंगे। 30-40 मिनट सूखने के बाद बालों पर शैंपू इस्तेमाल करके अच्छी तरह से धो लें।

    नई दिल्ली। बाल हमारी ओवर ऑल पर्सनालिटी में निखार लाते हैं, इसलिए बालों की देखभाल करना बेहद जरूरी है। शायनी और खूबसूरत बाल पाने के लिए बालों को खास केयर की जरूरत होती है। महिलाओं को अक्सर दो मुंह वाले बालों की समस्या रहती है, दो मुंह वाले बाल और भी कई तरह की परेशानियां पैदा कर सकते हैं। दो मुंह वाले बाल महिलाओं के लिए सबसे बड़ा सिर दर्द है, जो बालों की सेहत के लिए बेहद घातक हैं। दो मुंह के बाल बालों को जड़ों से कमजोर करते हैं, साथ ही बाल रूखे और बेजान भी नज़र आते हैं। बालों की इस समस्या को दूर करने के लिए बालों को बेहतर ऑयलिंग और कुछ खास पैक लगाने की जरूरत है। कुछ खास तरह के तेल का इस्तेमाल कर आप दो मुंह के बालों से छुटकारा पा सकती है। आइए जानते हैं कि कैसे दो मुंह के बालों से छुटकारा पाया जा सकता है।

    नारियल तेल से करें मसाज:

    नारियल का तेल दो मुंहे बालों को दूर करने के लिए सबसे कारगर माना जाता है। इसके साथ ही यह बालों को स्मूद और गंदगी दूर करने के भी काम आता है। इसे बालों पर लगाने के लिए 1 छोटी कटोरी में नारियल का तेल लें। इस तेल को गर्म करके बालों और स्कैल्प की अच्छी तरह से मालिश करें। फिर 1-2 घंटे बाद बालों को पानी से अच्छी तरह धो लें। इस तेल से आपको दो मुंह के बालों से निजात मिलेगी।

    शहद, ऑलिव ऑयल और अंडा लगाएं:

    शहद त्‍वचा के साथ-साथ बालों के लिए भी बहुत अच्‍छा माना जाता है। यह बालों की हेल्‍थ के लिए बहुत फायदेमंद होता है। यह हेयर फॉलिकल्स को मजबूत बनाता है। आप शहद को दही, ऑलिव ऑयल और एग योक के साथ मिक्स कर लें, फिर इसे बालों पर लगाएं, फिर 20-25 मिनट के बाद बालों को धो लें। आपको दो मुंह वाले बालों से छुटकारा मिलेगा।

    एलोवेरा लगाएं:

    एलोवेरा खराब और दो मुंहे बालों को कम करने के लिए सबसे बेस्ट माना जाता है। एलोवेरा में प्रोटियोलिटिक एंजाइम्‍स, एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटी-माइक्रोबियल प्रोपर्टीज होती हैं जो डेड सेल्स को निकाल देते हैं। 2-3 एलोवेरा की पत्तियों से जैल निकालकर बालों पर लगाएं। कुछ देर के लिए यह चिपचिपा लग सकता है लेकिन कुछ ही समय में आपको इसके गुण भी दिखने लगेंगे। 30-40 मिनट सूखने के बाद बालों पर शैंपू इस्तेमाल करके अच्छी तरह से धो लें।

  • रूसी दूर करने में बहुत ही असरदार है, ये टिप्स दाढ़ी की

    [object Promise]

    डैंड्रफ की समस्या बालों में ही नहीं, आईब्रोज, आइलिड्स के अलावा दाढ़ी में भी हो सकती है। जो अलग ही नज़र आती है। देखने में तो खराब लगता ही है साथ ही इससे बालों की ग्रोथ पर भी असर पड़ता है। दाढ़ी में डैंड्रफ की समस्या अपने साथ और भी कई दूसरी परेशानियां जैसे खुजली और पिंपल्स लेकर आती है। जिसका एक ही इलाज नजर आता है क्लीन शेव। लेकिन अगर आपको बीयर्ड लुक पसंद है तो जाहिर सी बात है क्लीन शेव आपके लिए मुश्किल और मजबूरी वाला उपाय होगा। तो ऐसे में आज हम आपको कुछ ऐसे उपाय बताएंगे जिन्हें अपनाकर आप बीयर्ड डैंड्रफ से छुटकारा पा सकते हैं। ये उपाय आसान होने के साथ ही खुद से करना पॉसिबल है। तो आइए जानते हैं इसके बारे में।

    1. ट्रिमिंग है बहुत जरूरी

    असल में दाढ़ी में डैंड्रफ की मुख्य वजह ही है साफ-सफाई और ट्रिमिंग न करना। बेशक आपको बीयर्ड लुक पसंद है लेकिन डैंड्रफ से बचने के लिए समय-समय पर इसकी ट्रिमिंग भी जरूरी है। जिससे बालों के बीच में डैंड्रफ पैदा करने वाले बैक्टीरिया ठहर नहीं पाते।

    2. बॉडी के साथ दाढ़ी को भी करें मॉइस्चराइज

    चेहरे पर दाढ़ी की वजह से अगर आप अब तक वहां मॉइस्चराइजर नहीं लगाते थे तो अब ऐसा न करें। दाढ़ी के बीच भी अच्छी तरह से मॉयस्चराइज़र लगाएं। जिससे वहां की स्किन ड्राय नहीं होगी और इससे रूसी की समस्या दूर होगी।

    3. हर्बल सोप का करें इस्तेमाल

    नहाने वाले साबुन ज्यादातर ड्राई होते हैं जो डैंड्रफ की वजह बन सकते हैं। इसलिए बेहतर होगा कि आप बॉडी के साथ दाढ़ी पर भी हर्बल प्रॉडक्‍ट्स का ही इस्‍तेमाल करें। क्योंकि अलग-अलग साबुन के चक्कर में लोग लापरवाही कर जाते हैं लेकिन जब एक ही साबुन रहेगा तो ऐसी दिक्कत नहीं होगी। दाढ़ी को धोने के लिए हमेशा ठंडे पानी का यूज करें।

  • अभी से हो जाएं अलर्ट, ऐसे रखें इनका ध्यान, बढ़ती उम्र में आंखों से जुड़ी समस्याओं से दूर रहने के लिए

    [object Promise]

    उम्र बढ़ने के साथ हमारी आंखें कमजोर होने लगती हैं। इसकी वजह पलकों की झुर्रियां, रेटिना का सिकुड़ना और आंखों की मसल्स का कमजोर होना जैसे कारण होते हैं। वैसे ये सभी प्राकृतिक कारण होते हैं। वैसे ये सभी प्राकृतिक कारण हैं, जबकि हम लोग तो टेक्नोलॉजी ऐरा में जीने के नाम पर अपनी आंखों के खुद ही दुश्मन बन बैठे हैं। बिना पलके झपकाए देर तक मोबाइल स्क्रीन देखते हैं। ऐसे में बढ़ती उम्र के साथ आंखों की सेहत तेजी से गिर रही है। जानें बढ़ती उम्र में होने वाली आंखों से जुड़ी बीमारियों और उनके इलाज के बारे में…

    आंखों का सूख जाना

    लंबे समय तक मोबाइल, लैपटॉप, कंप्यूटर और टीवी देखने की वजह से हम अपनी पलकें सामान्य से कम झपकते हैं। इस कारण हमारी आई ग्लैंड सूख जाती हैं और आंखों में ऐसा लगने लगता है, जैसे कुछ किरकिरा रहा है। जबकि वास्तव में कुछ होता नहीं है। आंसू बनाने वाली ग्लैंड के सूख जाने के बाद कुछ ऐसी समस्याएं होती हैं।

    • आंखों में जलन होना

    • धुंधला दिखना

    • नजर कमजोर होने से सिरदर्द रहना

    • आंखें लाल होना

    • तेज रोशनी में आखें न खोल पाना जैसी समस्याएं होने लगती हैं।

    ऐसे बचें इन समस्याओं से

    • इन समस्याओं से बचने का अच्छा तरीका यह है कि आप अपना स्क्रीन टाइम कम करें।

    • इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स पर काम करते समय पलकें झपकाने का ध्यान रखें, आंखों से निश्चित दूरी पर इन गैजेट्स को रखकर इनका उपयोग करें।

    • दिन में दो बार साफ और ठंडे पानी से आंखें धोएं, आंखों पर 2 से 3 मिनट तक ठंडे पानी के छींटे दें।

    • नहाते समय मुंह में पानी भरकर मग में पानी लेकर उसमें आंखों को कुछ देर के लिए डुबोएं। इस दौरान लगातार पलकें झपकाते रहें। इससे आंखों की थकान दूर होगी, रोशनी सही बनी रहेगी।

    • अगर कई घंटे स्क्रीन पर काम करते हैं तो इस दौरान रोशनी की सही व्यवस्था हो जिससे आंखों पर बुरा असर न पड़े।

  • हर तरह की स्किन के लिए फायदेमंद है आलू, चेहरे की चमक बढ़ाने के साथ रिंकल्स से भी देता है छुटकारा

    [object Promise]

    आलू से अब तक आपने तरह-तरह की डिशेज़ ट्राई की होंगी, पर अब आलू का इस्तेमाल करके 2 तरह के होममेड मास्क आज़माकर देखें। हफ्ते भर में आपको इससे बेहतर परिणाम नज़र आने लगेंगे।

    पाएं रिंकल-फ्री स्किन

    साफ, सुंदर और जवां त्वचा के लिए आलू के मास्क का इस्तेमाल करें। इसमें दूध और ग्लिसरीन मिलाएं। इन तीनों का कॉम्बिनेशन आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद होगा और आप जवां नज़र आएंगी।

    सामग्री

    1 कद्दूकस किया आलू, 2 टेबलस्पून दूध, 3-4 बूंदें ग्लिसरीन

    विधि

    – बोल में सारी सामग्री डालकर मिलाएं।

    – चेहरे पर लगाएं। इसे लगाकर कम से कम 15-20 मिनट तक छोड़ दें।

    – अच्छी तरह सूख जाने के बाद इसे पानी से धो दें।

    – टॉवल से पोछें और मॉयस्चराइज़र लगाएं। इस पैक को सप्ताह में दो बार लगाएं।

    फायदा : ग्लिसरीन का इस्तेमाल त्वचा को मॉयस्चराइज़ करने के काम आता है तो वहीं आलू से रिंकल-फ्री त्वचा मिलती है। इससे चेहरे पर निखार आता है और डार्क सर्कल्स भी दूर हो जाते हैं।

    डिस्क्लेमर : ग्लिसरीन से अगर आपको त्वचा में खुजली, जलन या चकत्ते होते हैं तो इसका प्रयोग न करें या इसे लगाने से पहले एक बार पैच टेस्ट करके देखें।

    दाग-धब्बे हटाएं

    आलू को चेहरे पर लगाने से आप अपने चेहरे पर कुछ दिनों में ही निखार महसूस करेंगी। इसमें नींबू और शहद मिलाएं। इन दोनों को मिलाने से आपको दाग रहित त्वचा मिलेगी।

    सामग्री

    2 टेबलस्पून आलू का रस, 2 टेबलस्पून खीरे का पानी, 1 टेबलस्पून नींबू का रस, चुटकी भर हल्दी

    विधि

    – बोल में सारी सामग्री को एक साथ मिलाएं। इस मिश्रण को चेहरे पर अच्छी तरह लगाएं।

    – इसे लगभग 15 मिनट के लिए छोड़ दें।

    – सूख जाने पर धोएं। इसे हफ्ते में दो बार लगाएं।

    फायदा : खीरे का पानी त्वचा को निखारता है। आलू रोमछिद्र को साफ करता है और चेहरे से अतिरिक्त तेल निकालता है। हल्दी में एंटी-बैक्टीरियल और एंटी-इन्फ्लेमेट्री गुण मौज़ूद होते हैं, जिससे स्किन को बैक्टीरिया फ्री बनाने में मदद मिलती है।

    डिस्क्लेमर : चेहरे पर अगर पिंपल्स की समस्या है तो नींबू के रस में उतना ही पानी डालकर डायल्यूट करके इस्तेमाल करें। जलन से राहत मिलेगी।

  • इस महाशिवरात्रि करें ये दो कार्य, आप पर होगी भगवान शिव की कृपा

    [object Promise]

    हिन्दू कैलेंडर के अनुसार फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि होती है। इस वर्ष महाशिवरात्रि 11 मार्च को है। जागरण अध्यात्म में आज हम आपको दो ऐसे कार्य करने के बारे में बता रहे हैं, जिसे करके आप भगवान शिव की कृपा प्राप्त कर सकते हैं। इन दो उपायों का जिक्र देवी भागवत पुराण में भी किया गया है। महाशिवरात्रि के दिन स्नान आदि से निवृत होकर आपको भगवान शिव की विधि विधान से पूजा करनी चाहिए। महाशिवरात्रि के दिन आप रुद्राक्ष और भस्म धारण करके शिव कृपा प्राप्त कर सकते हैं। आइए जानते हैं इनकी महत्ता के बारे में।

    1. भस्म धारण करना

    भगवान शिव की प्राप्ति के लिए भक्तों को भस्म धारण करना अत्यंत आवश्यक बताया गया है। इसे शिरोव्रत कहा जाता है। भस्म धारण करने का महत्व आप इस बात से समझ सकते हैं कि ब्रह्मा, विष्णु, रुद्र आदि सभी देवता भी भस्म धारण करते हैं। देवीभागवत पुराण के अनुसार, जो व्यक्ति तीनों संध्याओं के समय भस्म से त्रिपुंड धारण करता है, वह समस्त पापों से मुक्त हो जाता है और वह शिवलोक में स्थान प्राप्त करता है। पूरे शरीर में भस्म लगाने को भस्मस्नान की संज्ञा दी गई है।

    2. रुद्राक्ष धारण करना

    रुद्राक्ष धारण करने से व्यक्ति के सभी पाप कर्म मिट जाते हैं और वह शिव-सायुज्य की प्राप्ति करता है। इसके महत्व के बारे में एक कथा है। विन्ध्य पर्वत पर एक गर्दभ रुद्राक्ष ढोया करता था। एक दिन रुद्राक्ष ढोते समय ही गिरने से उसकी मौत हो गई। रुद्राक्ष के स्पर्श प्रभाव से वह गर्दभ शिवरुवरूप धारण करके शिवलोक चला गया। कहा गया है कि जो व्यक्ति रुद्राक्ष धारण करता है वो स्वयं शिवस्वरूप हो जाता है। रुद्राक्ष को श्रद्धापूर्वक पवित्रावस्था में ही धारण करना चाहिए। शिव मंत्रों की सिद्धि के लिए रुद्राक्ष की माला से जप करना चाहिए।

    रुद्राक्ष की उत्पत्ति

    पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान शिव त्रिपुरासुर के वध के लिए एक हजार वर्षों तक अघोरास्त्र नामक महान अस्त का चिंतन करत रहे। उस समय अत्यंत व्याकुल होकर उनके नेत्रों से अश्रुपात होने लगा। उनकी दाहिनी आंख से कपिलवर्ण, बाईं आंख से श्वेतवर्ण तथा तीसरी आंख से कृष्णवर्ण के रुद्राक्ष उत्पन्न हुए। ये रुद्राक्ष एक से लेकर 14 मुख वाले होते हैं। इनको शिव जी का विभिन्न स्वरूप माना जाता है।

    डिसक्लेमर

    ‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी।’

  • अपनी डाइट जरूर करें शामिल, कोरोना वैक्सीन लेने के बाद में इस एक चीज को

    [object Promise]

    नई दिल्ली। देशभर में कोरोना टीकाकरण अभियान के दूसरे चरण में वरिष्ठ नागरिकों को टीका लगाया जा रहा है। स्वंय पीएम मोदी ने भी कोरोना वायरस टीका लगवाया है। इसके अलावा, देश के कई नामी हस्तियों ने भी कोरोना वैक्सीन लगवाया है। हालांकि, कोरोना वैक्सीन लेने के बाद कुछ लोगों में साइड इफेक्ट्स देखे गए हैं। इस स्थिति में व्यक्ति को हल्का बुखार और शरीर में दर्द हो सकता है। कोरोना वायरस के साइड इफेक्ट्स को लेकर कई शोध किए जा रहे हैं। वहीं, स्वास्थ्य मंत्रालय और रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र ने कई एडवायजरी कर लोगों को भ्रमित सूचनाओं से दूर रहने की सलाह दी हैं। साथ ही आवश्यक सावधानियां बरतने की सलाह दी हैं। इसके अलावा, एडवायजरी में टीका लेने के बाद क्या खाना अथवा पीना सही रहता है। इस बारे में भी बताया गया है। आइए जानते हैं-

    विशेषज्ञों की मानें तो कोरोना वायरस वैक्सीन लेने के बाद चिकन सूप का सेवन करना सबसे उत्तम होता है। वहीं, शाकाहारी लोग सब्जी के सूप का सेवन कर सकते हैं। रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र के अनुसार, किसी को कोरोना वैक्सीन लेने के बाद मामूली साइड इफेक्ट्स हो सकता है। इन साइड इफेक्ट्स से लड़ने में इम्यून सिस्टम का मजबूत होना बहुत जरूरी है। इसके लिए कोरोना वैक्सीन लेने के बाद इम्यून बूस्टिंग यानी मजबूत करने वाले चीजों का सेवन करना चाहिए।

    वहीं, रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र अधिक से अधिक पानी पीने की सलाह देती है। ऐसा माना जाता है कि कोरोना वैक्सीन से उबरने में लिक्विड अहम भूमिका निभाता है। अगर आप वैक्सीन लेने के बाद असहज महसूस करते हैं, तो चिकन सूप और चिकन नूडल का सेवन कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त आलू, ब्रोकली, बीन्स और केल का सेवन कर सकते हैं। आसान शब्दों में कहें तो कोरोना वैक्सीन लेने के बाद पानी का सेवन अधिक से अधिक करना चाहिए। साथ ही डाइट में केवल उन चीजों को शामिल करें, जिनमें पानी अधिक रहता है।

    डिस्क्लेमर: स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

  • इन मैसेजेस के जरिए उन सभी महिलाओं को फील कराएं स्पेशल जो हैं, आपके लिए खास

    [object Promise]

    नई दिल्ली। भारत में दैविक काल से नारी की पूजा की जाती है। वेदों में इसका वर्णन किया गया है। महिलाओं के योगदान, सम्मान और अधिकारों को दुनिया के सामने लाने और उन्हें खुद जागरूक करने के वास्ते हर साल 8 मार्च को दुनियाभर में अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस मनाया जाता है। जिसकी शुरुआत सन् 1909 से हुई थी। इसके बाद से हर साल मनाया जाता है। हालांकि, 1921 में पहली बार 8 मार्च के दिन महिला दिवस मनाया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को समाज में समान अधिकार दिलाना है। मनुस्मृति में साफ़ साफ़ लिखा है-‘यत्र नार्यस्तु पूज्यन्ते रमन्ते तत्र देवताः’यानी जहां नारी का सम्मान होता है। वहां, देवता वास करते हैं। इस मौके पर दुनियाभर में कई सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन कर महिलाओं को सम्मानित किया जाता है। वहीं, लोग एक दूसरे को सोशल साइट्स और फ़ोन पर महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हैं। अगर आप भी अपने प्रियजनों को इन संदेशों के जरिए महिला दिवस की शुभकामनाएं दे सकते हैं-

    1.नारी सीता नारी काली

    नारी ही प्रेम करने वाली

    नारी कोमल नारी कठोर

    नारी बिन नर का कहां छोर

    1. दिन की रौशनी ख्वाबों को बनाने में गुजर गई,

    रात की नींद बच्चे को सुलाने में गुजर गई,

    जिस घर में मेरे नाम की तख्ती भी नहीं,

    सारी उम्र उस घर को सजाने में गुजर गई।

    3.नारी ही शक्ति है नर की,

    नारी ही है शोभा घर की,

    जो उसे उचित सम्मान मिले,

    तो घर में खुशियों के फुल खिले।

    1. दुनिया की पहचान है औरत,

    हर घर की जान है औरत,

    बेटी, बहन, माँ और पत्नी बनकर,

    घर घर की शान है औरत।

    1. घर को स्वर्ग बनाती नारी,

    घर की इज्जत होती नारी,

    देव भी करते जिसकी पूजा,

    ऐसी प्यारी मूरत है नारी।

    1. हजारों फूल चाहिए एक माला बनाने के लिए,

    हजारों दीपक चाहिए एक आरती सजाने के लिए,

    हजारों बूंद चाहिए समुद्र बनाने के लिए,

    पर एक स्त्री अकेली है काफी है घर को स्वर्ग बनाने के लिए।

    1. मुस्कुराकर, दर्द भुलाकर,

    रिश्तों में बंद थी दुनिया सारी

    हर पग को रोशन करने वाली,

    वो शक्ति है एक नारी

    1. दुनिया की पहचान है औरत

    दुनिया पर एहसान है औरत

    हर घर की जान है औरत

    बेटी, माँ, बहन, भाभी बनकर

    घर-घर की शान है औरत

    ना समझो इसको तुम कमज़ोर कभी, ये है रिश्तों की डोर

    मर्यादा और सम्मान है औरत।

    1. तुम चहकती रहो

    तम महकती रहो

    तुम प्रेरणा बनकर

    चमकती रहो

    कभी बेटी बनकर

    कभी बहन बनकर

    कभी प्रेमिका बनकर

    कभी पत्नी बनकर

    खुशियों की बारिश करती रहो

    जीवन के इस लंबे सफर में

    मां बनकर मार्ग दर्शन करती रहो

    1. नारी एक मां है, उसकी पूजा करो

    नारी एक बहन है, उसका स्नेह करो

    नारी एक भाभी है, उसका आदर करो

    नारी एक पत्नी है, उसको प्रेम करो

    नारी एक दीदी है, उसका सम्मान करो

  • लग रहा है पंचक, जानें किन कार्यों को करने की है मनाही, इस बार महाशिवरात्रि पर

    [object Promise]

    हिंदू पंचांग के अनुसार, फाल्गुन कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को महाशिवरात्रि मनाई जाती है। इस दिन भगवान शिव की पूरे विधि-विधान और हर्षोल्लास के साथ पूजा की जाती है। इस बार यह तिथि 11 मार्च, गुरुवार को पड़ रही है। मान्यता है कि इस पूरे दिन अगर व्यक्ति पूरी श्रद्धा के साथ भगवान शिव की पूजा करे तो उसे उसके कष्टों से मुक्ति प्राप्त होती है। साथ ही इस दिन शिवजी का रुद्राभिषेक करना भी बेहद खास माना गया है। पंचांग के अनुसार, इस बार महाशिवरात्रि के दिन पंचक भी लग रहा है। आइए जानते हैं महाशिवरात्रि पर लगने वाले पंचक के बारे में।

    महाशिवरात्रि पर लग रहा पंचक:

    इस दिन सुबह में सुबह 9 बजकर 24 मिनट तक शिव योग रहेगा। इसके बाद सिद्ध योग शुरू हो जाएगा। यह योग 12 मार्च, शुक्रवार सुबह 8 बजकर 29 मिनट तक रहेगा। शिव योग में आप भी मंत्र उच्चारण करेंगे वे बेहद ही फलदायक होंगे। अगर आप कोई कार्य सीखने के बारे में विचार बना रहे हैं तो सिद्ध योग में इसकी शुरुआत की जा सकती है। इसमें व्यक्ति को सफलता जरुर हासिल होगी। वहीं, रात 9 बजकर 45 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा।

    11 मार्च, गुरुवार सुबह 9 बजकर 21 मिनट से ही पंचक शुरू हो जाएगा और यह 15 मार्च को पूरा दिन पार कर सुबह के समय 4 बजकर 44 मिनट तक रहेगा। इस दिन सुबह से ही पंचक लग जाएगा। पंचक के दौरान कुछ कार्यों की मनाही होती है। आइए जानते हैं इन कार्यों के बारे में-

    पंचक के दौरान लकड़ी इकठ्ठी करना, चारपाई खरीदना या बनवाना, घर की छत बनवाना तथा दक्षिण दिशा की यात्रा करना वर्जित माने जाते हैं। इन कार्यों को पंचक के दौरान नहीं करना चाहिए।

    डिसक्लेमर

    ‘इस लेख में निहित किसी भी जानकारी/सामग्री/गणना की सटीकता या विश्वसनीयता की गारंटी नहीं है। विभिन्न माध्यमों/ज्योतिषियों/पंचांग/प्रवचनों/मान्यताओं/धर्मग्रंथों से संग्रहित कर ये जानकारियां आप तक पहुंचाई गई हैं। हमारा उद्देश्य महज सूचना पहुंचाना है, इसके उपयोगकर्ता इसे महज सूचना समझकर ही लें। इसके अतिरिक्त, इसके किसी भी उपयोग की जिम्मेदारी स्वयं उपयोगकर्ता की ही रहेगी। ‘

  • लंबे समय में किस तरह की वैक्सीन होगी बेहतर, इंजेक्टेड या नेज़ल वैक्सीन ?

    [object Promise]

    नई दिल्ली।  भारत में कोरोना वायरस वैक्सीन ड्राइव का दूसरा चरण जारी है, जिसमें 60 साल से ज़्यादा की उम्र वाले लोगों के साथ वे लोग भी शामिल हैं, जिनकी उम्र 45 या उससे ज़्यादा है और किसी गंभीर बीमारी से पीड़ित हैं। इस वक्त कोविड वैक्सीन इंजेक्शन के ज़रिए लगाई जा रही है, वहीं दुनिया भर में नेज़ल यानी नाक के ज़रिए भी इस वैक्सीन को देने के विकल्प के बारे में सोचा जा रहा है।

    इंजेक्शन या नेज़ल वैक्सीन

    पारंपरिक तौर पर वैक्सीन को इंजेक्शन की मदद से त्वचा पर इंजेक्ट कर लगाया जाता है, यानी इसमें सुई का उपयोग होता है। पारंपरिक वैक्सीन से उलट, नेज़ल वैक्सीन म्यूकोसल मेम्ब्रेन में मौजूद वायरस को निशाना बनाता है और इसे हाथों या मुंह के ज़रिए नहीं, बल्कि नाक के ज़रिए दिया जाता है।

    कैसे काम करती है नेज़ल वैक्सीन?

    आमतौर पर नेज़ल वैक्सीन को नाक में स्प्रे किया जाता है। इसे लगाने के लिए बिना सुई की सीरिंज, एक नेज़ल स्प्रे, तरल दवा या विशेष एरोसोल वितरण के ज़रिए दिया जा सकता है।

    वायरस आमतौर पर आपके शरीर में आपकी नाक के माध्यम से प्रवेश करता है, वैक्सीन तब वायरस को स्वीकार करता है और आपके प्रतिरक्षा प्रणाली को वायरस से लड़ने के लिए आपके रक्त में और आपकी नाक में प्रोटीन बनाने का कारण बनता है। इससे वायरस बढ़ना भी रुक जाता है।

    नेज़ल वैक्सीन इंजेक्टेड वैक्सीन से कैसे अलग है?

    SARS-COV-2 से जुड़े अधिकांश विषाणुओं, म्यूकोसा के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं और म्यूकोसल मेमब्रेन में मौजूद कोशिकाओं और अणुओं को संक्रमित करते हैं, ऐसे में नाक के द्वारा दी जानी वाली वैक्सीन को एक प्रभावी समाधान माना जा रहा है।

    इसके विपरीत, इंट्रामस्क्युलर टीके या इंजेक्शन म्यूकोसा से ऐसी प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया को ट्रिगर करने में विफल हो जाते हैं और शरीर के अन्य भागों से प्रतिरक्षा पर निर्भर करते हैं। इसके अलावा, नाक के ज़रिए वैक्सीन देना आसान है और साथ ही आसानी से प्रतिरक्षा प्रदान भी करता है। एक प्रभावी नेज़ल वैक्सीन न सिर्फ कोविड​​-19 से रक्षा प्रदान कर सकती है, बल्कि टी-कोशिकाओं के साथ सीधे संपर्क करती है, जो नाक और गले में मौजूद होती हैं और श्लेष्म झिल्ली में मौजूद प्रतिरक्षा कोशिकाओं को लक्षित करती हैं।

    भारत बायोटेक के अनुसार, उनकी इंट्रानैसल वैक्सीन उम्मीदवार, जो जल्द ही नैदानिक ​​परीक्षणों के पहले चरण में प्रवेश करने वाला है, अभी तक प्रभावी साबित हुआ है। चूहों पर हुए अध्ययन में नेज़ल वैक्सीन ने उच्च स्तर की सुरक्षा दी थी।

    इंजेक्शन से कैसे बेहतर है नेज़ल वैक्सीन?

    नेज़ल स्प्रे वैक्सीन न सिर्फ बेहतर इम्यूनिटी देगी, बल्कि इसे लोग खुद लगा सकेंगे। एक्सपर्ट्स के मुताबिक, इसके साइड-इफेक्ट्स भी बेहद कम हैं। इसकी कीमत भी कम होगी क्योंकि इसे लगाने के लिए सीरिंज जैसी चीज़ों की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। इसे ब्लड वेसल्स तुरंत सोख लेंगी, इसलिए हमारे शरीर के इसे रिजेक्ट करने का आसार भी कम हैं।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • बेहद कारगर हैं ये कुदरती उपाय वजन घटाने में

    [object Promise]

    बढ़ते वजन और मोटापे से आज हर दूसरा व्यक्ति परेशान हैं क्योंकि ये बॉडी के साइज के साथ और भी कई दूसरी समस्याएं बढ़ा रहा है। लेकिन अगर आपकी हाल फिलहाल कोई सर्जरी हुई है या ऐसी कोई प्रॉब्लम है जिसमें एक्सरसाइज या योग कर पाना मुमकिन नहीं तो फिर नेचुरल उपाय ही बचते हैं जिनकी बदौलत आप मोटापे पर लगाम लगा सकती हैं। आइए जानते हैं इनके बारे में।

    1) सुबह उठने के बाद खाली पेट पानी पीने के बाद एक से दो टमाटर खाने की आदत डालें।

    2) गुनगुने पानी में नींबू का रस, काली मिर्च पाउडर और शहद मिलाकर पिएं। कुछ ही महीनों में आपको इसका असर नजर आने लगेगा।

    3) एक ग्लास गाजर का जूस बहुत ही असरदार है मोटापे को कंट्रोल करने में।

    4) खाने के साथ सलाद जरूर लें। इसमें ढेर सारी पत्तागोभी शामिल हो। जो आपकी बॉडी को बनाएगी स्लिम-ट्रीम। आसानी से डाइजेस्ट होने वाली पत्तागोभी खाने से देर तक पेट भरा होने का एहसास होता है।

    5) मोटापे के साथ ही ओवरईटिंग से भी बचना है तो एक ग्लास गरम पानी में अदरक और नींबू की स्लाइस को कुछ देर के लिए उबालें, फिर इसे छानकर पी लें।

    6) हरी पत्तेदार सब्जियों की ज्यादा से ज्यादा मात्रा खाएं। कुछ दिनों के लिए चावल और आलू छोड़ दें। इसका फर्क आपको बहुत जल्द देखने को मिलता है।

    7) मौसमी फलों के अलावा अंगूर, पपीता, पाइनेप्पल, सेब, फ्रेंच बीन्स, अंजीर, पीच, अमरूद आदि फलों को अपनी डायट में शामिल करें। जूस की जगह फ्रूट्स खाने पर फोकस करें।

    8) दोपहर और रात के खाने के बाद एक कप ग्रीन टी जरूर पिएं, जो मोटापा कम करने में मदद करती है।

    9) हफ्ते में एक बार या एक टाइम उपवास जरूर रखें। इससे पेट को आराम मिलता है और मोटापा तो कम होता ही है। भूख लगे तो स़िर्फ लिक्विड चीज़ें लें।

    10) ज़्यादा नमक और चीनी के सेवन से बचें, जो वज़न बढ़ाने का काम करती हैं।