Category: health

  • आईआरसीटीसी ने लॉन्च की ऑनलाइन बस बुकिंग सेवा

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    इंडियन रेलवे कैटरिंग एंड टूरिज्म कॉर्पोरेशन (IRCTC) ने अपनी ऑनलाइन बस बुकिंग सर्विस (Online Bus Booking Service) लॉन्च कर दी है। आईआरसीटीसी की यह सेवा 29 जनवरी से शुरू हो गई है। कंपनी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। कंपनी ने एक बयान जारी कर कहा कि रेलवे मंत्रालय, वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय और उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्रालय के नेतृत्व में आईआरसीटीसी धीरे-धीरे स्वयं को देश के पहले सरकारी ‘वन स्टॉप शॉप ट्रैवल पोर्टल के रूप में विकसित करने की ओर बढ़ रही है।

    आईआरसीटीसी ने आगे कहा, ‘ग्राहकों को अधिक समग्र यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए हालिया डेवलपमेंट में, IRCTC ने, जो पहले से ही ऑनलाइन रेल और फ्लाइट टिकट बुकिंग के व्यवसाय में है, अपनी ऑनलाइन बस बुकिंग सेवाओं की शुरुआत की है, जो 29 जनवरी 2021 को लाइव हुई है।’

    कंपनी के बयान के अनुसार, IRCTC ने ग्राहकों को ऑनलाइन बस बुकिंग सेवाएं प्रदान करने के लिए 22 राज्यों और तीन केंद्र शासित प्रदेशों को कवर करते हुए 50,000 से अधिक राज्य सड़क परिवहन के साथ-साथ निजी बस ऑपरेटरों के साथ करार किया है।

    ऑनलाइन बस बुकिंग की इस नई सुविधा के जरिए ग्राहक विभिन्न प्रकार की बसों को देख सकते हैं और मार्ग, सुविधाओं, समीक्षाओं, रेटिंग्स व बस की तस्वीरों को देखते हुए अपने लिए उपयुक्त बस का चयन कर सकते हैं। इसके साथ ही ग्राहक अपने पिक-अप और ड्रॉप पॉइंट व टाइमिंग का चयन कर सकते हैं। इसके बाद ग्राहक मौजूदा बैंक और ई-वॉलेट डिस्काउंट के साथ उचित मूल्य पर अपनी यात्रा बुक कर सकते हैं।

  • भविष्य की चुनौतियों से निपटने को तैयार होगा स्वस्थ भारत

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    कोरोना की वैश्विक महामारी के बाद पेश पहले बजट में वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण ने देश को भविष्य में स्वास्थ्य आपदा से निपटने के लिए तैयार करने की रूपरेखा पेश की। 2020-21 के आर्थिक सर्वेक्षण की सिफारिश करते हुए बजट में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए आवंटन में 137 फीसद की बढ़ोतरी की गई। बढ़े हुए बजट से पूरे देश में प्राइमरी (प्राथमिक), सेकेंडरी (द्वितीयक) और टर्सियरी (तृतीयक) स्वास्थ्य सेवाओं के साथ ही महामारी की पहचान और जांच के लिए अत्याधुनिक ढांचा तैयार किया जाएगा।

    2021-22 के बजट के छह स्तंभों में स्वास्थ्य को सबसे ऊपर रखते हुए निर्मला सीतारमण ने साफ कर दिया कि आम लोगों को गुणवत्ता और सस्ता इलाज मुहैया कराने के लिए सिर्फ निजी क्षेत्र के भरोसे नहीं छोड़ा जा सकता है, बल्कि सरकार इसकी जिम्मेदारी उठाने को तैयार है।

    पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ्य भारत के नाम से योजना का ऐलान

    निर्मला सीतारमण के अनुसार सरकार की कोशिश सिर्फ बीमारियों के बेहतर इलाज का ढांचा तैयार करना नहीं है, बल्कि बीमारियों को होने के पहले से रोकने के उपायों पर समान रूप से जोर दिया जाएगा। वहीं, आम जनता के स्वस्थ्य सुखी जीवन के लिए 2018 में आयुष्मान भारत योजना के तहत खोले जा रहे हेल्थ और वेलनेस सेंटर के ढांचे को भी मजबूत किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने स्वास्थ्य क्षेत्र में आधारभूत ढांच के निर्माण के लिए ‘पीएम आत्मनिर्भर स्वस्थ्य भारत’ के नाम से नई योजना का ऐलान किया। अगले छह साल में इस योजना पर 64,180 करोड़ रुपये का व्यय आएगा।

    दरअसल कोरोना की महामारी ने देश में स्वास्थ्य ढांचे की कमजोरियों को उजागर कर दिया। कोरोना की टेस्टिंग से लेकर इलाज की सुविधाओं का अभाव एक भयावह तस्वीर पेश कर रह रहे थे। लॉकडाउन से लेकर युद्ध स्तर पर शुरू की गई तैयारियों की वजह से भारत अन्य देशों की तुलना में कोरोना से निपटने में बेहतर स्थिति में जरूर है, लेकिन इसने स्वास्थ्य के आधारभूत ढांचे को तत्काल मजबूत करने की जरूरत को नकारा नहीं जा सकता है।

    स्वास्थ्य क्षेत्र के बजट में एकमुश्त 137 फीसद की बढ़ोतरी

    जाहिर है वित्तमंत्री ने कोरोना महामारी के संदेश को सही तरीके से लिया और स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बजट के आवंटन को 2020-21 के 94,452 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 2021-22 में 2,23,846 करोड़ कर दिया। 137 फीसद बढ़ोतरी के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र में बजटीय आवंटन दो फीसद से ऊपर आ गया है। ध्यान देने की बात है कि 2017 के राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति में स्वास्थ्य क्षेत्र में बजट का 2.5 से तीन फीसद आवंटन का लक्ष्य रखा गया था और आर्थिक सर्वेक्षण में भी इसको तत्काल लागू करने की जरूरत बताई गई थी।

    बजट में संक्रामक बीमारियों का पता लगाने और उन्हें रोकने के लिए देश में सर्विलांस और टेस्ट का मजबूत ढांचा तैयार करने का प्रावधान किया गया है। इसके तहत बीमारियों की टेस्टिंग, रिपोर्टिंग और मॉनीटरिंग का ब्लाक व जिला स्तर से लेकर राष्ट्रीय स्तर पर कई लेबोरेटरी खोले जाएंगे। ऑनलाइन पोर्टल के सहारे देश के विभिन्न भागों में हो रही बीमारियों पर नजर रखी जाएगी।

    नर्सिंग व मिडवाइफ कमीशन बिल पेश करने का ऐलान

    नेशनल मेडिकल कमीशन के गठन कर दशकों से व्याप्त भ्रष्टाचार और लालफीताशाही को खत्म करते हुए मेडिकल शिक्षा में सुधारों की राह आसान करने के बाद सरकार ने अब नर्सिंग शिक्षा में भी सुधार करने का मन बना लिया है। निर्मला सीतारमण ने कहा कि इसके लिए इसी साल नर्सिंग व मिडवाइफ कमीशन बिल पेश करने का ऐलान किया है। माना जा रहा है कि नए बिल से देश में नर्सों और प्रशिक्षित दाइयों की कमी दूर करने में मदद मिलेगी। इसके अलावा सरकार नेशनल हेल्थकेयर प्रोफेशनल के लिए राष्ट्रीय कमीशन बनाने का विधेयक पहले ही लोकसभा में पेश कर चुकी है। इससे स्वास्थ्य सेवाओं में एकरूपता लाने में मदद मिलेगी।

  • तेलंगाना : कोराेना के 149 नए मामले दर्ज

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    हैदराबाद। तेलंगाना में सोमवार रात 8 बजे तक 31,834 लोगों का कोरोना परीक्षण किया गया। इस दौरान कोरोना के 149 नए मामले दर्ज किए गए। इसके साथ ही राज्य में अब तक कोरोना मामलों की संख्या 2,95,831 हो गई है। मंगलवार को राज्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्रालय ने बुलेटिन में बताया कि सोमवार को कोरोना से एक व्यक्ति की मौत हुई है।

    राज्य में अब तक कोरोना से मरने वालों की संख्या 1,612 हो चुकी है। सोमवार को

    186 लोगों को कोरोना से ठीक होने के बाद विभिन्न अस्पतालों से डिस्चार्ज किया गया। स्वास्थ्य विभाग के अनुसार वर्तमान में राज्य में 1,804 सक्रिय मामले हैं, जिनमें से 694 का इलाज गृह एकांतवास में चल रहा है। तेलंगाना में अब 81,54,347 कोरोना परीक्षण किए जा चुके हैं।

    तेलंगाना में अब 81,54,347 कोरोना परीक्षण किए जा चुके हैं

  • इस तरह मौनी अमावस्या के दिन करें मां लक्ष्मी को प्रसन्न, करें ये उपाय

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    आज माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या है। इसे मौनी अमावस्या भी कहा जाता है। यह माघ महीने में आती है जिसके चलते इसे माघी अमावस्या भी कहा जाता है। मान्यता है कि मौनी अमावस्या के दिन स्नान और दान का महत्व बहुत अधिक है। ऐसा करने से व्यक्ति को शुभ फलों की प्राप्ति होती है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, यही वो दिन था जब देवगँ संगम में निवास करते हैं। इस दिन गंगा स्नान का महत्व बहुत अधिक है। अगर इस दिन कोई व्यक्ति मौन रहकर व्रत करता है तो उसे मुनि पद की प्राप्ति होती है। अगर मौनी अमावस्या के दिन कुछ उपायों को करने से मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है।

    मौनी अमावस्या के दिन करें ये उपाय:

    1. अगर इस दिन अगर चींटियों को शक्कर मिलाकर आटा खिलाया जाए तो व्यक्ति के पाप-कर्म कम हो जाते हैं। वहीं, उनके पुण्य-कर्म में बढ़ोत्तरी होती है।

    2. इस दिन सुबह के समय स्नान करने के बाद आटे की गोलियां बनाएं फिर इन्हें मछलियों को खिलाए। यह बेहद शुभ होता है। अगर ऐसा किया जाए तो व्यक्ति के जीवन की परेशानियां खत्म हो जाती हैं।

    3. इस दिन अगर स्नान के बाद चांटी से बने नाग या नागिन की पूजा की जाए तो व्यक्ति को कालसर्प दोष से मुक्ति मिल जाती है। इसके बाद सफेद पुष्प के साथ इसे बहते हुए जल में प्रवाहित कर दें।

    4. इस दिन शाम के समय अगर घर के ईशान कोण में गाय के घी का दीपक जलाया जाए तो मां लक्ष्मी बेहद प्रसन्नो हो जाती हैं।

    मौनी अमावस्या 2021 मुहूर्त:

    माघ मास के कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि का प्रारंभ 10 फरवरी को देर रात 01 बजकर 08 मिनट पर हो रहा है, जो 11 फरवरी को देर रात 12 बजकर 35 मिनट तक है। ऐसे में उदया तिथि 11 फरवरी को प्राप्त हो रही है, ऐसे में मौनी अमावस्या 11 फरवरी को होगी। 11 फरवरी को ही मौनी अमावस्या का स्नान, दान, व्रत, पूजा-पाठ आदि किया जाएगा।

  • जापान में आज से शुरू हुआ Covid-19 वैक्सीनेशन कैम्पेन, Health Workers को 2 चरणों में लगेगा टीका

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    10 मार्च को दी जाएगी दूसरी खुराक

    देश भर में चयनित 100 अस्पतालों से करीब 40,000 चिकित्सकों और नर्सों ने आज टीके की पहली खुराक ली है और दूसरी खुराक इन्हें 10 मार्च को दी जाएगी. इनमें से आधी संख्या में लोग सात सप्ताह के स्वास्थ्य सर्वेक्षण में हिस्सा लेंगे. देश में 37 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण मार्च में शुरू होगा. इसके बाद 65 साल या इससे अधिक उम्र के कम से कम 3.6 करोड़ लोगों का टीकाकरण अप्रैल में शुरू होगा.

    आम आदमी में बीमारों को दी जाएगी प्राथमिकता

    आम लोगों के टीकाकरण से पहले स्वास्थ्य संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों का टीकाकरण होगा. गौरतलब है कि सरकार ने दवा निर्माता कंपनी फाइजर द्वारा विकसित टीकों के इस्तेमाल की मंजूरी दे दी, जिसका इस्तेमाल दिसंबर से ही कई देशों में हो रहा है. देश में 37 लाख से अधिक स्वास्थ्य कर्मियों का टीकाकरण मार्च में शुरू होगा. इसके बाद 65 साल या इससे अधिक उम्र के कम से कम 3.6 करोड़ लोगों का टीकाकरण अप्रैल में शुरू होगा

  • क्या कोरोना संक्रमण से कोल्ड की एंटीबॉडीज़ भी बचा सकती हैं?

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    नई दिल्ली। एंटीबॉडीज़ न सिर्फ संक्रमण का इलाज करती हैं, बल्कि इसे भविष्य में होने से रोकती भी हैं। आपका शरीर जब एक बार किसी रोगाणु के खिलाफ एंटीबॉडीज़ बना लेता है, तो रोगाणु के लिए कुछ समय के लिए शरीर को संक्रमित करना मुश्किल हो जाता है।

    कोविड-19 के मामले में पहले ऐसा पाया गया था कि इसी तरह के वायरस की एंटीबॉडीज़ भी कोरोना से कुछ हद से सुरक्षित रख सकती हैं। हालांकि, एक नए शोध में नई बातें पता चली हैं। नए शोध के मुताबिक, आम ज़ुकाम की वजह से शरीर में बनीं एंटीबॉडीज़ आपको कोरोना वायरस से नहीं बचा पाएंगी।

    क्या कहती है नई स्टडी

    पेंसिलवेनिया के पेरेलमैन स्कूल ऑफ मेडिसिन में कोविड महामारी से पहले मौसमी कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडी का पता लगाने के लिए करीब 100 लोगों के ख़ून के नमूनों की जांच की थी। जिसमें पाया गया कि लगभग 20 प्रतिशत लोगों में मौसमी कोरोना वायरस के खिलाफ एंटीबॉडीज़ थीं।

    शोधकर्ताओं ने पाया कि ये एंटीबॉडीज़ सर्दी पैदा करने वाले वायरस और SARS-CoV-2 से सुरक्षित रख सकते हैं। हालांकि, बाद में जिन लोगों को कोविड-19 संक्रमण हुआ उनके लिए ये एंटीबॉडीज़ काम नहीं आईं। शोधकर्ताओं ने ये भी पाया कि आम ज़ुकाम की एंटीबॉडीज़ छोटे बच्चों को भी कोविड-19 संक्रमण से नहीं बचाएंगी। हालांकि, छोटे बच्चे कितनी जल्दी कोविड से संक्रमित हो सकते हैं, और कितीन आसानी से इस संक्रमण को फैला सकते हैं, इस विषय पर अब भी बहस जारी है।

    शोधकर्ताओं ने ये भी पाया कि बच्चे औप बड़े दोनों में मौसमी कोरोना वायरस की एंटीबॉडीज़ का स्तर समान होता है। जिसे CoV कहा जाता है। जिसका मतलब ये हुआ कि CoV एंटीबॉडीज़ गंभीर कोविड-19 संक्रमण से बच्चों का बचाव नहीं कर सकतीं।

    इस शोध में कहा गया कि आम ज़ुकाम की एंटीबॉडीज़ भले ही कोविड-19 संक्रमण से बचाव नहीं कर सकतीं, लेकिन ऐसा संभव है कि पहले से मौजूद  मेमोरी बी-सेल्स और टी-सेल्स एक हद तक सुरक्षित रख सकती हैं, या कम से कम कोविड संक्रमण को गंभीर बनने से रोक सकती हैं।

    Disclaimer: लेख में उल्लिखित सलाह और सुझाव सिर्फ सामान्य सूचना के उद्देश्य के लिए हैं और इन्हें पेशेवर चिकित्सा सलाह के रूप में नहीं लिया जाना चाहिए। कोई भी सवाल या परेशानी हो तो हमेशा अपने डॉक्टर से सलाह लें।

  • बहुत जल्द दूर कर सकते हैं, स्कैल्प की जमी पपड़ी और फंगस इन नेचुरल ऑयल्स से

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    वैसे तो डैंड्रफ की समस्या किसी भी मौसम में परेशान कर सकती है लेकिन ठंड के इन दिनों में कुछ ज्यादा ही परेशान करती है। कुछ लोग इसे मामूली समझते हैं लेकिन ये एक तरफ का इंफेक्शन है जिसे आप बालों की सही तरीके से साफ-सफाई से दूर कर सकते हैं लेकिन फिर भी अगर ये बार-बार वापस आ जाता है तो इसका एक दूसरा इलाज तेल भी है। जी हां, बहुत ही आसानी से अवेलेबल ये तेल बहुत जल्द अपना असर दिखाते हैं।

    नारियल तेल

    स्किन के लिए तो ये तेल फायदेमंद है ही लेकिन साथ ही साथ इसे आप बालों से जुड़ी इस प्रॉब्लम से भी छुटकारा पा सकते हैं। नारियल के तेल में मॉइश्चराइजिंग गुण होते है इसी वजह से बरसों से इसका इस्तेमाल बालों के लिए भी किया जाता रहा है। जो डैंड्रफ की समस्या दूर करने के साथ ही ड्राइनेस से भी बचाता है।

    जैतून तेल

    जैतून का तेल ड्राई हेयर के साथ- साथ ड्राई स्कैल्प की प्रॉब्लम को भी ठीक करता है। ऑलिव ऑयल में मॉइश्चराइजिंग तत्व होते हैं जो बालों और स्कैल्प में पर एक ऐसा लेयर बनाते हैं जिससे उनका टूटना-गिरना कम होता है।

    बादाम तेल 

    बादाम के तेल में विटामिन ई की अच्छी-खासी मात्रा मौजूद होती है जो बालों के मॉइश्चर को बनाए रखता है जिससे स्कैल्प फ्लैकी और ड्राय नहीं होती। बालों की चमक और सॉफ्टनेस को बढ़ाने और बनाए रखने में बादाम तेल है बेहद फायदेमंद।तिल का तेल

    तिल के तेल में ओमेगा -3, ओमेगा -6 और ओमेगा -9 एसिड्स होते है, जो बालों को मजबूत बनाता है। इसकी एंटी बैक्टिरियल प्रॉपर्टीज स्कैल्प में ड्राइनेस के कारण होने वाले बैक्टेरियल इन्फेक्शन से भी बचाता है। तिल के तेल में बहुत सारे नरिशिंग, ल्युब्रिकेटिंग और हीलिंग प्रॉपर्टीज होती है, जिसके कारण यह न सिर्फ बालों को समय से पहले सफेद होने से बचाता है बल्कि बालों को टूटने से भी बचाता है।

  • बड़े काम की चीज है सेब का सिरका, हार्ट अटैक का खतरा कम करने के साथ बल्ड शुगर कम करने में भी है मददगार

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    एपल साइडर विनेगर वजन घटाने के साथ कोलेस्ट्रॉल लेवल घटाने में भी कारगर है, जिसका पता ईरान में हुई एक स्टड़ी में चला है, 12 हफ्ते तक चली इस रिसर्च में सामने आया कि यह ट्राईग्लिसराइड और कोलेस्ट्रॉल लेवल घटाकर हार्ट अटैक के खतरे की संभावना को कम करता है। एक्सपर्ट कहते हैं, इसके कई फायदे हैं। लेकिन एपल साइडर विनेगर का इस्तेमाल सीमित मात्रा में करें वरना नुकसान भी हो सकता है। एक दिन में 30 एमएल से ज्यादा इसका इस्तेमाल न करें।

    क्या होता है एपल साइडर विनेगर?

    सेब को जूस को फर्मेंट करके विनेगर तैयार किया जाता है।

    इसमें एसिटिक एसिड और सिट्रिक एसिड के अलावा विटामिन-बी, सी पाया जाता है।

    बालों का संक्रमण दूर करता है यह विनेगर

    सिर में फंगल या बैक्टीरियल इंफेक्शन होने पर एक चौथाई कप पानी में दो छोटे चम्मच एपल विनेगर को मिलाएं।

    शैंपू के बाद इसे स्कैल्प पर लगाएं। सिर को तौलिया से कवर करें और 20 मिनट बाद पानी से धो लें। बालों में चमक आने के साथ पीएच लेवल भी मेंटेन रहता है।

    कील-मुंहासे की समस्या करता है दूर

    चेहरे पर धब्बे, पिंपल्स की समस्या होने पर एक कप पानी में एक चम्मच एपल विनेगर मिलाएं। इसे रूई की मदद से लगाएं फिर 10 मिनट बाद धो लें। इससे यह समस्या खत्म हो जाएगी।

    भूख कंट्रोल करने में मददगार

    बढ़ते वजन को कंट्रोल करने के लिए इस सिरके को अपने डेली रूटीन में शामिल करें।

    एक गिलास गुनगुने पानी में एक चम्मच एपल साइडर विनेगर को खाना खाने के 45 मिनट पहले पिएं।

    इससे वजन कम होने के साथ ही मेटाबॉलिज्म तेज होता है। साथ ही यह ब्लड शुगर लेवल और भूख दोनों को कंट्रोल करता है।

    कई रिसर्चेस में भी सामने आया है कि यह शरीर में कोलेस्ट्रॉल और ट्राइग्लिसराइड का स्तर कम करता है।

    इन बातों का भी रखें ध्यान

    कभी भी सेब के सिरके का इस्तेमाल ज्यादा मात्रा में न करें। ऐसा करने पर उल्टी हो सकती है।

    शरीर में ब्लड शुगर का लेवल अधिक गिर सकता है।

    वहीं, एसिडिक होने के कारण यह पेट, स्किन और दांतों की ऊपरी लेयर को नुकसान हो सकता है।

  • संकष्टी चतुर्थी आज, जानें मुहूर्त, राहुकाल एवं दिशाशूल, संकष्टी चतुर्थी आज, जानें मुहूर्त, राहुकाल एवं दिशाशूल

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    हिन्दू कैलेंडर के अनुसार, आज फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि है। आज 02 मार्च 2021 और दिन मंगलवार है। आज द्विजप्रिय संकष्टी चतुर्थी है। आज के दिन विघ्नहर्ता श्री गणेश जी की विधि विधान से पूजा की जाती है। उनको मोदक का भोग लगाया जाता है और दूर्वा अर्पित किया जाता है। आज मंगलवार का दिन है तो आपको हनुमान जी की आराधना करनी चाहिए। आज के पंचांग में राहुकाल, शुभ मुहूर्त, दिशाशूल के अलावा सूर्योदय, चंद्रोदय, सूर्यास्त, चंद्रास्त आदि के बारे में भी जानकारी दी जा रही है।

    आज का पंचांग

    दिन: मंगलवार, फाल्गुन मास, कृष्ण पक्ष, चतुर्थी तिथि।

    आज का दिशाशूल: उत्तर।

    आज का राहुकाल: दोपहर 03:00 बजे से 04:30 बजे तक।

    आज का पर्व एवं त्योहार: गणेश चतुर्थी, भौम अंगारक पर्व।

    विक्रम संवत 2077 शके 1942 उत्तरायन, दक्षिणगोल, शिशिर ऋतु फाल्गुन मास कृष्ण पक्ष की चतुर्थी 27 घंटे तक, तत्पश्चात् पंचमी चित्रा नक्षत्र 27 घंटे 29 मिनट तक, तत्पश्चात् स्वाती नक्षत्र गण्ड योग 09 घंटे 25 मिनट तक, तत्पश्चात् वृद्धि योग कन्या में चंद्रमा 16 घंटे 30 मिनट तक तत्पश्चात् तुला में।

    सूर्योदय और सूर्यास्त

    आज के दिन सूर्योदय प्रात:काल 06 बजकर 45 मिनट पर होगा, वहीं सूर्यास्त शाम को ठीक 06 बजकर 22 मिनट पर होगा।

    चंद्रोदय और चंद्रास्त

    आज का चंद्रोदय रात 09 बजकर 41 मिनट पर होगा। चंद्र का अस्त अगले दिन सुबह 08 बजकर 51 मिनट पर होगा।

    आज का शुभ समय

    अभिजित मुहूर्त: आज दोपहर 12 बजकर 10 मिनट से दोपहर 12 बजकर 57 मिनट तक।

    विजय मुहूर्त: दोपहर 02 बजकर 29 मिनट से दोपहर 03 बजकर 16 मिनट तक।

    अमृत काल: रात 09 बजकर 38 मिनट से रात 11 बजकर 06 मिनट तक।

    आज फाल्गुन कृष्ण चतुर्थी है। आज मंगलवार के दिन हनुमान चालीसा, बजरंग बाण, सुंदरकांड और हनुमान जी के मन्त्रों का जाप करना अत्यंत मंगलकारी माना जाता है। आज आप कोई नया कार्य करना चाहते हैं तो शुभ मुहूर्त का ध्यान रखें।

  • इन चीज़ों की अनदेखी बन सकती है,जोड़ों के दर्द की वजह एक्सरसाइज के दौरान

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    ज्यादातर लोग वर्कआउट के बाद  अक्सर ज्वॉइंट पेन की शिकायत करते हैं जो दरअसल गलत तरीके से वर्कआउट करने के साथ ही आपकी कुछ गलत आदतों की ओर भी इशारा करता है। तो आइए जानते हैं इन कॉमन मिस्टेक्स के बारे में…

    गलत जूते पहनना

    रनिंग, वॉक और जॉगिंग के लिए ही नहीं, वर्कआउट के दौरान पहना जाने वाला शूज़ भी कंफर्टेबल होना चाहिए। अनकंफर्टेबल जूते न सिर्फ आपके पैरों और एड़ियों को, बल्कि घुटनों और कूल्हों पर भी असर डालते हैं। वर्कआउट शूज़ की शॉपिंग करते वक्त ध्यान दें कि आप किस तरह ऐक्टिविटीज़ करते हैं और कितने सपोर्ट की जरूरत है, जिससे एक्सरसाइज़ करते समय जॉइन्ट्स सही-सलामत रहें।

    एक्सरसाइज़ में वैराइटी लाएं

    कंफर्ट के हिसाब से रोजाना या वीकली वर्कआउट को चेंज करते रहें। जिसमें शरीर की सभी अंगों का वर्कआउट शामिल हो। इससे जोड़ों पर पड़नेवाला दबाव और दर्द दोनों कम होगा। बॉडी शेप और मोटापे को ध्यान में रखते हुए हाई और लो  इम्पैक्ट, दोनों तरह के वर्कआउट को शामिल करें। स्विमिंग बहुत ही अच्छी एक्सरसाइज होती है जिससे जोड़ों पर दबाव नहीं पड़ता। कुछ प्रशिक्षित व्यक्ति की निगरानी में ही वर्कआउट करें।

    वर्कआउट के पहले और बाद में रखें इन बातों का ध्यान

    अगर आप आर्थराइटिस की समस्या से जूझ रहे हैं तो पहला डॉक्टर की सलाह ले लें और इसके साथ ही हैं नॉर्मल से थोड़ा ज्यादा देर तक वार्मअप करें, जिससे आपके जॉइन्ट्स लुब्रिकेटिंग फ्लूइड प्रोड्यूस करना शुरू कर दें इससे मूवमेंट करना आसान हो जाएगा। बिना वॉर्मअप के मसल्स, लीगामेंट्स और जॉइन्ट्स पर बहुत दबाव पड़ताहै जिससे चोट लगने का ख़तरा बढ़ जाता है। वार्मअप करने से शरीर का तापमान और ब्लड फ़्लो बढ़ जाता है, जिससे मांसपेशियां ढीली पड़ जाती हैं और जॉइन्ट्स में लुब्रिकेशन बढ़ जाता है। किसी भी तरह के व्यायाम को सुरक्षित और प्रभावी बनाने के लिए प्रॉपर वार्मअप और वर्कआउट के बाद कूल डाउन रूटीन बहुत ज़रूरी है।