Category: health

  • ये आसान 5 उपाय आज़माएं, ज़िद्दी पिंपल्स से छुटकारा पाएं

    [object Promise]

    नई दिल्ली। टीन-ऐज उम्र का ऐसा पड़ाव होता है जिसमें कील-मुंहासों या कहें पिंपल्स की समस्या आम होती है। ये समस्या पुरुषों की तुलना महिलाओं और लड़कियों में ज़्यादा देखी जाती है, क्योंकि उनके शरीर में हॉर्मोन में बदलाव ज़्यादा होते हैं। जो लोग एक्ने के शिकार होते हैं उनके चेहरे पर लाल रंग के दाने जैसे हो जाते हैं जिन्हें कील कहते हैं। इन्हें दबाने पर सफेद रंग का पदार्थ निकलता है। वैसे इन्हें बिलकुल भी दबाना या फिर छेड़ना नहीं चाहिए, ऐसा करने से कील की जगह पर गहरे और स्थाई दाग़ रह जाते हैं, साथ ही इंफेक्शन फैल भी जाता है।

    ख़ैर, ये ज़िद्दी पिंपल एक बार आपकी ज़िंदगी में आ जाए, तो जाने का नाम नहीं लेते। मूड उस वक्त ख़राब हो जाता है जब ये किसी खास मौके के कुछ वक्त पहले आ धमकते हैं, लेकिन इस परेशानी को ख़त्म करने के लिए गुस्से में आकर इसे फोड़ने की ग़लती बिल्कुल ना करें।

    अगर आप इसे आसानी से ख़त्म करना चाहती हैं, तो हम आज आपको बताने जा रहे हैं ऐसे घरेलू उपाय जिनकी मदद कुछ घंटों में ही आपकी समस्या काफी कम हो जाएगी।

    1. कई बार पिंपल आने से पहले उस जगह पर दर्द होना शुरू हो जाता है और आप उस दर्द को अच्छी तरह पहचानती होंगी। जैसे ही आपको पिंपल से पहले वाला दर्द हो या हल्का पिंपल नज़र आए सबसे पहले टी-ट्री ऑयल और एलो वेरा जेल मिलाकर इसे प्रभावित हिस्से पर लगा लें। दोनों में एंटीबैक्टीरियल प्रोपर्टीज़ होती हैं। एंटी पिंपल फेसवॉश से चेहरा धोने के बाद इसका इस्तेमाल करें।

    2. अगर अचानक कहीं आपको जाना पड़े, तो इसे छिपाने के लिए आप कंसीलर लगा सकती हैं। कंसीलर पिंपल पर लगाएं और अच्छी तरह ब्लेंड कर लें। इससे पिंपल छिप जाएगा और इससे होने वाली रेडनेस भी नज़र नहीं आएगी।

    3. रात में सोने से पहले चेहरे को धोएं और इस पर सफेद टूथपेस्ट लगा लें। ध्यान रखें हमेशा पिंपल के लिए व्हाइट टूथपेस्ट का ही इस्तेमाल करें। सुबह उठकर इसे धो लें।

    4. तेल, मसालेदार खाना और दूध वाली चीज़ों से दूर रहें। खासतौर पर जंक फूड न खाएं। इसके अलावा सोने से पहले मेकअप हटाना न भूलें। ऐसा न करने पर स्किन पोर्स बंद हो जातें हैं और इससे पिंपल्स होते हैं। चेहरे को दिन में दो बार धोएं करें।

     

  • ये कारगर उपाय सर्दियों में खिली और खूबसूरत त्वचा के लिए अपनाएं

    [object Promise]

    त्वचा को हमेशा स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि आपकी त्वचा में भरपूर मात्रा में नमी बनी रहें। जब आपकी त्वचा भरपूर मात्रा में नमी रहती है तो वो लंबे समय तक स्वस्थ रह सकती है। इसलिए जब आप अपनी त्वचा की मसाज करते हैं तो ऐसे प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करना चाहिए जो आपकी त्वचा में पर्याप्त मात्रा में नमी प्रदान करें। मसाज के साथ आपकी त्वचा में सही तरीके से खून का संचार होता है। जिसकी मदद से आपकी त्वचा में पर्याप्त ऑक्सीजन मिलता है।

    धूप आपकी त्वचा को काफी नुकसान पहुंचाती है, जिसके कारण आपकी त्वचा में अलग-अलग प्रकार की समस्याएं हो सकती है। इसके लिए जरूरी है कि आप धूप में कम से कम सीधा सामना करें और खुद को धूप से बचाव के लिए तरीके अपनाएं। इसके लिए सबसे ज्यादा जरूरी है कि अगर आप रोजाना धूप का सामना कर रहे हैं तो आपको सनस्क्रीन को त्वचा पर लगाना चाहिए।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए विशेषज्ञों द्वारा सलाह दी जाती है कि आप अपनी त्वचा को किसी भी मौसम में हाइड्रेट रखने से न चुकें। अगर आपकी त्वचा या शरीर में पानी की कमी होती है तो इससे न सिर्फ आपकी त्वचा पर बुरा असर देखने को मिलता है बल्कि आपके स्वास्थ्य को भी कई बीमारियों का खतरा होता है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी त्वचा या खुद को अच्छी तरीके से हाइड्रेड रखें। जिसे आपकी त्वचा किसी भी मौसम में खुद को स्वस्थ रखने में कामयाब रह सकें।

    त्वचा को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है कि आप अपनी डाइट में भरपूर मात्रा में आहार को शामिल करें, एक्सपर्ट बताते हैं कि आपकी डाइट में भरपूर मात्रा में हरी सब्जियां, फल और अन्य पोषक तत्व मौजूद होने चाहिए जो आपकी त्वचा के साथ आपके स्वास्थ्य को भी स्वस्थ रखने में आपकी मदद करें। इसके साथ ही आपकी डाइट में ओमेगा-3 फैटी एसिड है की मात्रा भी होनी चाहिए। क्योंकि ओमेगा-3 फैटी एसिड आपकी त्वचा को ज्यादा स्वस्थ रखने में मददगार होती है।

    प्रदूषण आपकी त्वचा को काफी नुकसान पहुंचाता है, इससे आपकी त्वचा में अलग-अलग तरह की समस्याएं पैदा हो सकती है जो आपकी त्वचा को खराब कर सकती है। इसलिए जरूरी है कि आप अपनी त्वचा को प्रदूषण से बचा कर रखें जो आपकी त्वचा को स्वस्थ रखने में आपकी मदद करे।

  • आंखें देखकर व्यक्ति का स्वभाव जानिए

    [object Promise]

    आंखों को व्यक्तित्व का आइना कहा जाता है। समुद्रशास्त्र में भी आंखों के बारे में जिक्र किया गया है और बताया गया है कि कैसे आप किसी से पहली बार मिलने पर ही उसके स्वभाव को भली-भांति जान सकते हैं।
    समुद्रशास्त्र के अनुसार, आंखों को देखकर हम पता लगा सकते हैं कि कौन वफादार और कौन धोखेबाज है। आज हम ऐसे राज बताने जा रहे हैं जिनके जरिए आप दूसरों के बारे में सिर्फ उनकी आंखें देखकर पता लगा सकते हैं, आइए जानते है।

    नीली आंखें…
    समुद्रशास्त्र में नीली आंखों वालों को बहुत चालाक कहा गया है। इन पर अत्याधिक भरोसा नही करना चाहिए। क्योंकि ये लोग किसी भी तरह अपना मतलब निकालते हैं।

    आंखें टिकाए रखना…
    बात करते समय अगर कोई व्यक्ति आपके चेहरे पर आंखें टिकाए रखता हैं तो समझ लीजिए कि वह व्यक्ति अहंकारी है। ऐसे लोगों में बहुत आत्मविश्वास होता है और ये लोग सामने वाले पर अपना प्रभाव जताने की कोशशि करते हैं।

    भूरी आंखें…
    भूरी आंखों वालों को स्वार्थी माना जाता है। कहते हैं जनि व्यक्तियों की आंखें भूरी होती है वह अपने मतलब से वास्ता रखने वाले होते हैं।

    धंसी आंखें…
    धंसी आंखों वाले लोग गहरी सोच रखने वाले होते हैं। इनकी रुचि रहस्यमयी चीजों में होती है। इनके दिल में बहुत रहस्य भी छुपे होते हैं।

    गोलाकर आंखें…
    गोलाकर आंखों वाले लोग समझदार तथा दूरदर्शी होते हैं। ये लोग अपना फैसला सोच-समझकर और जांच परखकर करते हैं। ऐसे व्यक्ति किसी भी चीज पर जल्दी यकीन नहीं करते हैं।

  • इतने मिनट एक हफ्ते में वर्कआउट जरूर करें वजन घटाने के लिए

    [object Promise]

    नई दिल्ली। आमतौर पर अनुचित दिनचर्या, गलत खानपान, तनाव जंक फ़ूड खाने और वर्कआउट नहीं करने से वजन बढ़ता है। साथ ही यह बीमारी आनुवांशिकी भी होती है। इससे छुटकारा पाने के लिए लोग कड़ी मेहनत करते हैं। इसके बावजूद उन्हें वजन कम करने में कोई खास मदद नहीं मिलती है। विशेषज्ञों की मानें तो वजन कम करने से पहले वजन संतुलित करना बेहद जरूरी है। चूंकि लोग वजन कम करने के लिए डॉयटिंग करने लगते हैं, जिसमें रोजाना भूखे-प्यासे रहते हैं। इससे वजन कम नहीं होता है, बल्कि शरीर कमजोर हो जाती है। बढ़ते वजन को कम करना चाहते हैं, तो इसके लिए पहले वजन को संतुलित करें। एक बार जब आपका वजन संतुलित हो जाएगा, तो फिर आप अपनी डाइट में धीरे-धीरे बदलाव कर इसे कम कर सकते हैं। साथ ही रोजाना एक्सरसाइज यानी वर्कआउट जरूर करें। इसके लिए यह भी जानना जरूरी है कि एक हफ्ते में कितने मिनट तक एक्सरसाइज करनी चाहिए। अगर आपको पता नहीं है, तो आइए जानते हैं-

    कई शोध में खुलासा हो चुका कि वजन घटाने के लिए वर्कआउट जरूरी है। इससे कैलोरीज बर्न होती है। कैलोरीज गेन के समानुपात में कैलोरीज बर्न करने से वजन घटाने में मदद मिलती है। हाल ही में एक शोध में खुलासा हुआ है कि रोजाना निर्धारित समय के लिए एक्सरसाइज करें। इससे मेटाबॉलिज़्म सक्रिय होता है। इस शोध में बताया गया है कि एक हफ्ते में आधा किलो वजन घटाने के लिए 3 हजार कैलोरीज बर्न करने की जरूरत पड़ती है। इसके लिए वर्कआउट भी अधिक करना पड़ता है। विशेषज्ञ वजन घटाने के लिए 3 हजार कैलोरीज बर्न करने के लिए रोजाना एक घंटे और सप्ताह में 300 मिनट एक्सरसाइज करने की जरूरत है।

    साथ ही International Journal of Cancer में प्रकाशित एक शोध में खुलासा हुआ है कि सुबह 8 बजे से 10 बजे के बीच एक्सरसाइज करने से स्तन और प्रोस्टेट कैंसर का जोखिम कम हो सकता है। ऐसा इसलिए होता है क्योंकि एस्ट्रोजन हार्मोन सुबह 7 बजे उच्च स्तर पर रहता है। एस्ट्रोजन एक हार्मोन है जो स्तन कैंसर कोशिकाओं को सक्रिय करता है। इससे स्तन कैंसर का जोखिम बढ़ जाता है।

     

  • बैक्टीरिया से खोई त्वचा की चमक लौटाएगा वापस नीम जैल

    [object Promise]

    कानपुर । आयुर्वेद की दुनिया में नीम एक बेहद महत्वपूर्ण औषधि मानी जाती है। इसका प्रयोग त्वचा संबंधी काफी बीमारियों से निजात पाने में किया जाता है।

    इसी को ध्यान में रखते हुए छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय सीएसजेएमयू के फॉमेर्सी विभाग ने नीम के तेल से एक ऐसा ट्रांस एथोजोमल जैल विकसित करने का फार्मूला तैयार किया है, जो शरीर में पूरी तरह समा जाता है और साथ बैक्टीरिया (जीवाणु) से खोई त्वचा की चमक को लौटाने में सहायक है।

    सीएसजेएमयू के फॉमेर्सी विभागाध्यक्ष डॉ. अजय कुमार गुप्ता ने आईएएनएस को बताया, “नीम के गुणों से सभी लोग परिचित हैं। नीम की निंबोली से मिलने वाले तेल में बहुत तीखी गंध होती है। इस कारण लोग इसे प्रयोग में नहीं लाते हैं। इसका एक बड़ा कारण यह भी है कि शरीर में पूरी तरह नहीं समाता है। इसके अलावा इसे शरीर में लगाने के बाद धोना भी मुश्किल होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए नया ड्रग सिस्टम विकसित किया गया है। एथोसोमल ड्रग डिलिविरी सिस्टम अपने अंदर नीम के तेल को समाहित कर लेता है, जिससे बहुत छोटे-छोटे माइक्रो और नैनो सिस्टम के पार्टिकल बन जाते हैं। इसमें एक अल्कोहल होता है, जो त्वचा को साफ करता है। जो तेल समाहित होता है, वह रक्त के शुद्धीकरण में काफी सहायक होता है। यह त्वचा संबंधी चर्म और कुष्ठ रोग में लाभदायक है। यह त्वचा समेत कई रोगों का नाश करता है।”

    उन्होंने कहा, “नीम के तेल से भरे ट्रांसएथोसोमल जैल में ऐसी कोई गंध नहीं होती है, जबकि यह तुरंत साफ भी हो जाता है। ऐसा जहां लगाया जाता है, वहां धोने के बाद ऐसा लगता ही नहीं कि कोई चिकनी चीज लगाई गई थी। मरीज इसका इस्तेमाल कॉस्मेटिक की तरह कर सकेंगे। इसमें मन चाही सुगंध भी डाल सकते हैं। हालांकि अभी इसका प्रयोग कोरोना खत्म करने में नहीं किया गया है। इस पर शोध हो रहा है। एथोसेम तैयार करके जैल बनाया गया है।”

    डॉ. गुप्ता ने कहा, “अभी इसे बाजार में आने में समय लगेगा। यह संस्थान के स्तर का नहीं, बल्कि उद्योग के स्तर का कार्य है। आयुर्वेद में अभी कम उद्योग हैं। इसके लंबे समय तक टिकने की व्यवस्था पर शोध हो रहा है। क्योंकि अभी सुनने में आ रहा है कि कोराना नाशक वैक्सीन बहुत जल्दी नष्ट हो सकती है। हालांकि आयुर्वेदिक उत्पाद की एक्सपाइरी लंबी होती है। फार्मूला तैयार होने के बाद अब इसे आम आदमी तक पहुंचाने के लिए फार्मूलेशन डवलपमेंट किया जाएगा। इसके बाद इंडस्ट्री के पास यह फार्मूला भेजा जाएगा। वहां पर इसे उत्पाद के रूप में विकसित करने के लिए उसकी स्टडी करके मरीजों की जरूरत के अनुसार बाजार में उतारने की योजना है।”

    डॉ. गुप्ता ने बताया कि नीम के तेल से जैल का फार्मूला तैयार करने में करीब एक वर्ष का समय लगा। जैल बनाने के लिए पहले नीम के तेल के इथोजोम बनाए गए। उसके बाद इसे जैल के रूप में तैयार किया गया। डॉ. अजय गुप्ता ने बताया कि एथोजोमज ड्रग डिलिवरी सिस्टम का एक भाग होता है। इसी से जेल बनाकर उसे इस प्रकार तैयार किया जा सकता है कि उसे दवा के रूप में ट्यूब में रखा जा सके। इसे बनाने में शोधकर्ता अनुप्रिया व रुपाली ने सहायता की है।

  • बेकिंग सोडे का ऐसे करें गोरी और निखरी त्वचा के लिए इस्तेमाल

    [object Promise]

    यह सबसे आसान तरीक़ा है स्किन वाइटेनिंग और अन इवन स्किन टोन के लिए। इसके लिए दो भाग बेकिंग सोडा को एक भाग गुलाबजल में मिलाकर पेस्ट बना लें। फिर इस पेस्ट को त्वचा पर 5-10 मिनट तक रगड़ें और इसे सूखने के लिए छोड़ दें। फिर गुनगुने पानी से धो लें। इस पेस्ट को हर हफ्ते 2-3 बार लगाएं।

    इसके लिए दो टेबलस्पून बेकिंग सोडा में तीन टेबलस्पून विनेगर को अच्छे से मिला लें। इस पेस्ट को फिर अपने चेहरे के डार्क एरिया पर लगाकर अच्छे से मसाज करे। यह स्किन को एक्सफोलिएट करने में भी मदद करता है। जब यह पेस्ट सूख जाए, तो गुनगुने पानी से धो लें। स्किन वाइटेनिंग के लिए बेकिंग सोडा और एप्पल साइडर विनेगर के इस पेस्ट को हफ़्ते में दो बार लगाएं।

    नींबू का रस स्किन के लिए काफ़ी अच्छा होता है। नींबू के रस में मौजूद विटामिन सी बेकिंग सोडा के साथ मिलकर स्किन वाइटेनिंग एजेंट की तरह काम करता है. यह ड्राई स्किन के लिए सबसे ज्यादा फायदेमंद है। इसके लिए एक टेबलस्पून बेकिंग सोडे में एक चौथाई टेबलस्पून नारियल तेल और तीन-चार बूंद नींबू का रस मिलाकर पेस्ट बना लें। अगर आपकी स्किन थोड़ी सेंसटिव है, तो आप इसमें कुछ बूंद टी ट्री ऑयल भी मिला सकते है। फिर स्किन पर इस पेस्ट से अच्छी तरह से मसाज करें। 5-10 मिनट बाद धो लें। यह स्किन वाइटेनिंग के साथ-साथ पिगमेंटेशन और स्किन पोर्स के लिए काफ़ी अच्छा होता है।

    [object Promise]

    इसके लिए एक टेबलस्पून बेकिंग सोडा में एक टेबलस्पून कॉर्नफ्लोर और हल्दी मिला लें, फिर इसमें चार टेबलस्पून रोज़ वॉटर और नींबू का रस मिला लें। इस फेस पैक को स्किन पर लगाएं और बीस से तीस मिनट के लिए सूखने के लिए छोड़ दें। जब यह सूख जाए, तब धो लें। यह पेस्ट स्किन वाइटेनिंग के साथ-साथ एक्ने, स्कार्स और स्किन डलनेस के लिए भी उपयोगी है।

    टमाटर में अनेक प्रकार के एंटी ऑक्सीडेंट्स और नेचुरल ब्लीचिंग एजेंट होते है, जो स्किन को चमकदार बनाए रखने के लिए सबसे अच्छा होता है। इसके लिए एक टेबलस्पून बेकिंग सोडा में टमाटर का जूस मिला लें फिर इस पेस्ट को पूरे स्किन पर लगा लें, जब यह सूख जा, तो धो लें। यह स्किन वाइटेनिंग के साथ-साथ डेड सेल्स को भी रिमूव करने में मदद करता है।

  • ऐसे बनाएं होममेड मेकअप रिमूवर घर पर

    [object Promise]

    दही एक बेहतरीन मेकअप रिमूवर है। इसके लिए सबसे पहले दही को अच्छी तरह से फेंट लें। फिर इसमें कॉटन बॉल डुबोकर चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से रगड़ें। जब मेकअप पूरी तरह निकल जाए तो चेहरा पानी से धो लें।

    ऑलिव ऑयल यानी जैतून का तेल त्वचा के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। इससे चेहरे की मालिश करने से चेहरे का रंग निखरता है। साथ ही आप इसे मेकअप उतारने के लिए भी इस्तेमाल कर सकती हैं। इसके लिए दो टेबलस्पून तेल में आधा टीस्पून पानी मिलाकर चेहरे पर लगाएं और धीरे-धीरे मालिश करें। मेकअप उतारने के साथ ही ये स्किन को मॉइश्चराइज़ भी करता है।

    खीरे का उपयोग आप मेकअप रिमूवर के तौर पर भी कर सकती हैं। इसके लिए सबसे पहले खीरे को मिक्सर में पीसकर पतला पेस्ट बना लें, फिर इसे सीधे चेहरे पर लगाकर मालिश करें। मेकअप रिमूव करने के साथ ही ये स्किन को सॉफ्ट बनाता है और दाग़-धब्बों से भी निजात दिलाता है।

    नारियल का तेल चेहरे के लिए बहुत फ़ायदेमंद होता है। मॉइश्चराइज़र, लिप बाम और मेकअप रिमूवर के तौर पर आप इसे इस्तेमाल कर सकती हैं। हथेली पर थोड़ा-सा नारियल तेल लेकर इसे चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से मालिश करके टीशू पेपर से साफ़ कर लें और चेहरा धो लें। इसके बाद दोबारा थोड़ा तेल लेकर आंखों पर लगाएं और हल्के-से मसाज करें।

    कच्चा दूध स्किन के लिए बहुत अच्छा होता है। एक टेबलस्पून कच्चे दूध में बादाम के तेल की कुछ बूंदें मिलाकर चेहरे पर लगाएं और हल्के हाथों से मेकअप छुड़ाएं।

  • सिर्फ नाभि में लगायें ये एक चीज बाल हमेशा काले ही रहते हैं !

    [object Promise]

     

    आप सफेद बालों की समस्या से परेशान हैं तो आज हम नाभि में एक चीज लगाने के बारे में बताने जा रहे हैं जो आप के सफेद बालों को प्राकृतिक काला रंग देने में आपकी मदद करेगा। जी हां दोस्तों, हम जिस चीज की बात कर रहे हैं वह है देसी घी. देसी घी का सेवन करना सेहत के लिए बहुत फायदेमंद होता है। इससे शरीर ताकतवर बनने के साथ-साथ त्वचा की बीमारियां आदि भी दूर रहती है।

    1 .आयुर्वेद के अनुसार नाभि में देसी घी की मालिश करने से शरीर को ताकत मिलती है क्योंकि घी में मौजूद पोषक तत्व को नाभि अवशोषित कर लेता है। इससे पूरे शरीर को एनर्जी मिलती है.जो बालों को प्राकृतिक काले रंग पाने में मददगार होता है।

    2 .जिन लोगों को अर्थराइटिस यानी जोड़ों का दर्द हो उन्हें रात में सोने से पहले नाभि में देसी घी की कुछ बूंदे डालनी चाहिए. साथ ही हल्के हाथों से मसाज करनी चाहिए। इससे अवशोषित होकर पूरे शरीर तक पहुंचती है । और हड्डियों को मजबूत बनाती है. जिससे दर्द से राहत मिलता है।

    3 .जिन लोगों को रूखी त्वचा होने से परेशानी है. उन्हें देसी घी ग्लिसरीन मिलाकर नाभि में लगाना फायदेमंद होता है. ऐसा करने से त्वचा चमकदार बनती है।

    4 .घी में मौजूद फैटी एसिड आपकी त्वचा को गहराइयों से हाइड्रेट करने में मदद करता है । इसे आंखों के नीचे लगाने से डार्क सर्कल की समस्या से छुटकारा मिलती है।

    5 .अगर आपके बाल झड़ रहे हैं या सफेद हो रहे हैं तो देसी घी में शिकाकाई पाउडर मिलाकर लगाना चाहिए. ऐसा करने से आपके बाल मजबूत घने और काले हो जाएंगे।

  • इन टिप्स की मदद से कम कर सकते हैं वजन बिना फिजिकल एक्टिविटी के

    [object Promise]

    घर से बाहर निकलने पर और सफर करने पर हमें प्यास ज़्यादा लगती है, वहीं आजकल ज़्यादा घर पर रहने से हम आमतौर की तुलना पानी भी कम पी रहे हैं। दिन में कम से कम दो लीटर पानी ज़रूर पिएं, इससे आप बेवजह स्नैक्स खाने से भी दूर रहेंगे।

    वज़न कम करना ग्रीन-टी के कई फायदों में से एक है। कई शोध में ये साबित हो चुका है कि ग्रीन-टी को रोज़ाना पीने से वज़न घटाने में काफी हद तक मदद मिलती है।

    रिफाइन्ड कार्ब्स और अतिरिक्त चीनी भी वज़न बढ़ाने में ज़िम्मेदार होते हैं। इसलिए ब्रेड, पास्ता, केक, कुकीज़ और डोनट्स जैसी चीज़ों से दूर रहें। ये सभी चीज़ें अचानक आपके ब्लड शुगर के स्तर को बढ़ा देती हैं।

    शराब न सिर्फ आपके शरीर में अतिरिक्त कैलोरी जोड़ती है, बल्कि एक समय में कितना खाना है इसका कंट्रोल भी आपसे छीन लेती है। इसके लिए शराब छोड़ना ज़रूरी नहीं है, लेकिन एक बार में कम पिएं।

    भोजन के साथ या भोजन करने से पहले अच्छी खासी मात्रा में सलाद खाएं। इससे पेट फुल हो जाता है जिससे आप भूख से थोड़ा कम ही खाते हैं जो सेहत के लिए बहुत ही अच्छी चीज़ है इससे वजन कम करने में भी मदद मिलती है।

  • कोवैक्सीन बनाने वाली कंपनी भारत बायोटेक का एलान, वैक्सीन के दुष्प्रभाव सामने आने पर मुआवजा देगी कंपनी

    कोरोना वायरस के खिलाफ कोवैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक ने कहा है कि अगर खुराक लगने के बाद किसी को गंभीर दुष्प्रभाव का सामना करना पड़ता है तो कंपनी इसके लिए मुआवजा देगी। भारत बायोटेक की भारत सरकार की ओर से कोवैक्सीन की 55 लाख खुराकों की खरीद का ऑर्डर मिला है।

     

    अपने पहले और दूसरे चरण के ट्रायलों में भारत बायोटेक की कोवैक्सीन ने कोविड-19 के खिलाफ एंटीडोट उत्पन्न करने की क्षमता का प्रदर्शन किया है। कोवैक्सीन की चिकित्सकीय प्रभावकारिता का निर्धारण किया जाना अभी बाकी है। इसकी प्रभावकारिता का अध्ययन अभी भी इसके तीसरे चरण के ट्रायलों के डाटा के आधार पर किया जा रहा है।

     

    फॉर्म में कहा गया है कि वैक्सीन की खुराक लगने का मतलब यह नहीं है कि इसके बाद कोविड-19 से बचाव के लिए निर्धारित अन्य मानकों का पालन करना बंद कर दिया जाए। इसके साथ ही वैक्सीन प्राप्तकर्ताओं को एक फैक्टशीट भी दी गई और एक फॉर्म दिया गया जिसे पीड़ित को प्रतिकूल प्रभावों के सामने आने के सात दिन के अंदर जमा करना होगा।

    बता दे, स्वदेश में विकसित कोवैक्सीन को भारत के औषधि नियामक ने आपात उपयोग की अनुमति दी थी। राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में 81 केंद्रों पर स्वास्थ्यकर्मियों और अग्रिम पंक्ति के कर्मचारियों को वैक्सीन की खुराक देने का अभियान शुरू हुआ। इनमें से 75 केंद्रों पर ऑक्सफोर्ड की कोविशील्ड और बाकी छह केंद्रों पर कोवैक्सीन की खुराक दी जा रही है।