Category: health

  • लंबे समय तक फिटनेस को बरकरार रखने के लिए क्या करना है जरूरी और क्या नहीं…

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    जिमिंग, स्विमिंग, रनिंग, एरोबिक्स, पावर योग और किक-बॉक्सिंग जैसे कई ऑपशंस फिट रहने के लिए लोगों के पास अवेलेबल हैं, लेकिन तुरंत रिजल्ट के चक्कर में वो किसी एक के बजाय हर एक को आजमाने में लगे हुए हैं। फिटनेस के लिए रोजाना 30 मिनट की सही एक्सरसाइज काफी होती है, लेकिन बहुत लोगों को लगता है कि इतना काफी नहीं और इसके चलते वो घंटों जिम में पसीना बहाते हैं और दो से तीन दिन में ही उनकी स्ट्रेंथ जवाब दे जाती है। अच्छी सेहत और फिटनेस के लिए आप क्या करें और क्या नहीं इसके बारे में थोड़ी जानकारी रखना बेहद जरूरी है।

    क्या करें

    • एक्सरसाइज के लिए एक समय तय कर लें। निश्चित समय पर हर हाल में वर्कआउट के लिए तैयार हो जाएं।

    • एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में पहली प्राथमिकता दें।

    • अच्छी फिटनेस की खातिर खुद को मोटिवेट करते रहें।

    • एक्सरसाइज को पूरी तरह एंजॉय करें, इसे बोझ न समझें।

    • हमेशा सकारात्मक सोच के साथ एक्सरसाइज की शुरूआत करें।

    • वर्कआउट्स में थोडे-थोडे बदलाव करें, ताकि हर दिन नया जैसा लगे।

    • हर वर्कआउट एक्सपर्ट की निगरानी में करें।

    • वर्कआउट से पहले हमेशा वॉर्म-अप करें और वर्कआउट के बाद पूरी तरह से रिलैक्स हो जाएं।

    • अपने फ्रेंड्स या जिम के ग्रुप के साथ एक्सरसाइज करें, ताकि एक-दूसरे को मोटिवेट कर सकें।

    • शुरुआत धीरे-धीरे करें। हर वर्कआउट के बाद कुछ मिनटों का आराम करें।

    • एक्सरसाइज के साथ-साथ हेल्दी डायट भी फॉलो करें, ताकि आपके शरीर में एनर्जी बनी रहे।

    • वर्कआउट सेशन के दौरान पानी जरूर साथ रखें। हर वर्कआउट के बाद बहुत ज्यादा नहीं पर एक-दो घूंट पानी पीते रहें। इससे आपका शरीर डी-हाइड्रेट नहीं होगा।

    • जितना हो सके सुबह के समय ही एक्सरसाइज करें।

    • एक्सरसाइज करने वालों के लिए अच्छी नींद भी बेहद जरूरी है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में नींद लें।

    • बेहद जरूरी है कि पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाए।

    क्या न करें

    • एक्सरसाइज को बोझ न समझें। स्ट्रेस दूर करने का यह बेहतरीन तरीका है। इसे एंजॉय करें।

    • एक्सरसाइज में बहुत ज्यादा प्रयोग करने से बचें।

    • शुरुआत में हेवी वर्क आउट से बचें।

    • लक्ष्य को पाने के लिए हडबडी न मचाएं। पूरे मन से एक्सरसाइज करें।

    • खुद को डी-हाइ्रेट होने से बचाएं। वर्कआउट से पहले, बाद और उसके दौरान पानी जरूर पिएं।

    • एक्सरसाइज के दौरान क्रैश डाइटिंग से बचें।

    • कार्डियो एक्सरसाइज को अनदेखा न करें। हफ्ते में कम से कम तीन बार कार्डियो एक्सरसाइज करें।

    • चाय, कॉफी, सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से बचें।

    • वेट-ट्रेनिंग के दौरान हेवी वेट्स न उठाएं। ट्रेनर की निगरानी में वेट ट्रेनिंग करें।

    • ट्रेडमिल पर दौडते समय कमर और कलाई पर बहुत ज्यादा भार न दें।

    • वर्कआउट के बाद ज्यादा कैलरी वाला खाना न खाएं।

    • वर्कआउट से पहले भी सिर्फ जूस पिएं या फिर कोई फल खाएं। ब्रेकफस्ट के बाद वर्कआउट न करें।

  • आपके फेफड़ों को बीमार कर सकता है धूएं से भरा कोहरा, ऐसे करें हिफाज़त

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    भारतीय उपमहाद्वीप में जैसे ही सर्दी का मौसम शुरू होता है, वैसे ही लोग ठंड और कर्कश सर्द मौसम, प्रदूषण और धुएं से भरे कोहरे से खुद को बचाने की जद्दोजहद में लग जाते हैं। जो लोग पहले से ही फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा, धूल से एलर्जी आदि से पीड़ित हैं, वायु प्रदूषण उनकी मुश्किलों को और बढ़ा देता है। वहीं, चल रही कोरोना वायरस महामारी न सिर्फ तनाव बल्कि गंभीर लक्षणों का जोखिम पैदा कर रही है।

    महामारी के दौरान वायु प्रदूषण ख़तरनाक है क्योंकि इससे आपके वायुमार्ग में जलन हो सकती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई आ सकती है। वायु प्रदूषण अस्थमा, निमोनिया, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), घुटन, मतली, उल्टी, थकान, ब्रॉन्काइटिस और यहां तक ​​कि फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों की भी वजह बन सकता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वायु प्रदूषण आपकी नसों, किडनी, लिवर और अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यह कुछ मामलों में घातक भी हो सकता है।

    ऐसे में जब हवा की गुणवत्ता इतनी ख़राब है, लोगों को घर से बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि के फेफड़ों को नुकसान पहुंचने से बचा सकें।

    जो लोग पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें कोविड-19 की हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। वहीं, लगातार बढ़ता हुआ प्रदूषण उनकी मुश्किलें बढ़ाने का काम कर रहा है। ऐसे में आइए जानें कि कोरोना वायरस महामारी के साथ आप प्रदूषण से खुद को कैसे बचा सकते हैं।

    1. कचरे को जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोका जाना चाहिए और कचरे को वहीं फेकें जहां उसके लिए जगह बनाई गई है।
    2. गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना चाहिए और जो लोग सड़कों पर थूकते हैं, उनके लिए सख्त कानून के तहत सज़ा मिलनी चाहिए।

    3. एंटी-प्रदूषण मास्क का इस्तेमाल करना बेहद ज़रूरी है। इसके लिए स्कार्फ, रुमाल या किसी भी कपड़े का उपयोग न करें, क्योंकि ये आपको प्रदूषण से नहीं बचा सकेंगे। साथ ही बाहर जाते वक्त कोविड-19 से बचने के लिए लोगों से ज़रूरी शारीरिक दूरी बनाए रखें। मास्क आपको कोविड-19 और प्रदूषण दोनों से सुरक्षित रखेगा।

    4. अपने शरीर को फिट रखने के लिए हफ्ते में 5 दिन रोज़ाना कम से कम 30 मिनट के लिए वर्कआउट करें। सांस को सही रखने के लिए आप एरोबिक्स, साइक्लिंग, डांस या फिर चाहे वॉक करें।
    5. खानपान का ख़ास ध्यान रखें। बाहर के खाने की बजाय ताज़े फल और सब्ज़ियां खाएं। सेब, हल्दी, ज़ैतून का तेल, बैरीज़, दालें और ड्राइ फ्रूट्स का सेवन करें, जो आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। जंक, ऑयली, मसालेदार और यहां तक कि प्रोसेस्ड फूड खाने से दूर रहें।
    6. अस्थमा और COPD के मरीज़ों को रोज़ाना अपनी दवाइयां लेनी चाहिए और इंहेलर को भी पास रखना चाहिए। उम्रदराज़ लोग जिन्हें डायबिटीज़ और दिल की बीमारी की शिकायत है, उन्हें ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। साथ ही अपने डॉक्टर से संपर्क में रहें।
    7. धूम्रपान फौरन छोड़ दें, क्योंकि ये आपकी मुश्किलें बढ़ा सकता है।
    8. घर से बाहर निकलते वक्त हवा की गुणवत्ता चेक कर लें। खासतौर, पर जब आप सुबह की सैर के लिए निकलते हैं।
    9. अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए खास वर्कआउट करें। प्राणायाम करें, इससे चेहरे और सीने में तनाव कम होता है।

  • 12 लाख 10 हजार में इस करवाचौथ पर लखनऊ में बिक रहा सोने का करवा, चांदी के बीकानेरी की भी मांग

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    लखनऊ। नवरात्र के बाद करवा चौथ की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक है। दुकानें ग्राहकों से गुलजार हैं। सर्राफा बाजार हो या फिर बर्तन बाजार सभी में करवा के खरीदारों की भीड़ है। यही हाल लहंगा और साड़ी की दुकानों का है। चौक सर्राफा बाजार में 212 ग्राम से अधिक वजन का करीब 12 लाख दस हजार रुपये की कीमत के सोने का करवा रविवार को बिक गया। चांदी के बीकानेरी करवा की मांग सर्राफा बाजार में खूब है। तो मुरादाबादी नक्कासी वाला पीतल और कांसा का करवा लोगों की खास पसंद है।

    12 लाख 10 हजार का सोने का करवा बिका

    लखनऊ सर्राफा के आदीश जैन ने बताया कि चौक बाजार में करीब 212ग्राम 200 मिलीग्राम का करवा आर्डर देकर बनवाया गया था। इसकी डिलीवरी हो गई है।

    हाथ से किए गए काम वाला ट्रेडिशनल करवा भा रहा

    बाजार में इस बार पुराने ट्र्रेडिशनल हाथ से काम किए जाने वाला करवा लोगों की पसंद में है। विशेष तरह से डिजाइन किया गया इस करवे का आकर्षण चेन और कुंदन का काम है। आलमबाग के सर्राफ राजीव गुप्ता ने बताया कि 390 ग्राम वजन के इस करवे की कीमत 31,200 रुपये है। इसमें सारा काम कारीगरों द्वारा हाथ से निर्मित किया गया है। चौक सिद्धार्थ जैन ने बताया कि कलकतिया काम वाला लखनवी चांदी का करवा भी पसंद किया जा रहा है। इसका मुख्य आकर्षण करवों पर की गई विशेष तरह की मीनाकारी है। यही वजह है कि इस करवा की भी खूब डिमांड है।

    बीकानेरी करवा

    बीकानेरी चांदी के करवा की मांग बहुत है। वजन के हिसाब से ऑन डिमांड इसे तैयार किया जाता है। बेजोड़ नक्कासी वाला यह करवा फिलहाल सवा सौ से ढाई सौ ग्राम के बीच बाजार में उपलब्ध है। मांग को देखते हुए जो लोग इसे और वजनदार बनवाना चाहते हैं। उनसे आर्डर लेकर तैयार करा दिया जाएगा। नक्कासी वाला करवा लोगों की खास पसंद है।

    बर्तन बाजार में सस्ते करवे की एक बड़ी रेंज

    यहियागंज बर्तन बाजार के नितेश अग्रवाल बताते हैं कि जो लोग चांदी का महंगा करवा नहीं खरीद सकते हैं उनकी पॉकेट के हिसाब से बर्तन बाजार में सस्ते करवे हैं। गीलट का करवा साढे़ पांच सौ रुपये किलो है तो पीतल का मुरादाबादी नक्कासीदार कटे ग्रुव वाला करवा साढे़ पांच सौ से लेकर पंद्रह सौ तक है। वहीं सादा पीतल का करवा छह सौ से लेकर एक हजार रुपये की कीमत का है। इसमें डिजाइनर थाली और छलनी भी है। एक सेट के रूप में भी पीतल का करवा लाया गया है। इसमें डिजाइनर थाली और छलनी भी है। पीतल का मुरादाबादी करवा ज्यादा पसंद किया जा रहा है। कांसे का करवा भी लोग मांग रहे हैं। इसके साथ ही फैंसी बर्तन, कुकर, कुकवेयर, पूजा के बर्तन, थाली,कटोरा, डिनर सेट समेत कई चीजों की खरीदारी लोग कर रहे हैं।

    साड़ी और लहंगा की हुई खरीदारी

    करवा के लिए साड़ियों और लहंगा की मांग भी खूब है। कारोबारी उत्तम कपूर बताते हैं कि दो हजार रुपये से लेकर बीस हजार तक की सिल्क की साड़ियां खरीदी जा रही हैं। जयपुरिया इंब्राइडरी वाली चुनरी साड़ी के अलावा पांच हजार से चालीस हजार रुपये की रेंज वाले लहंगा आकर्षण का केंद्र हैं। अशोक मंगलानी के मुताबिक साड़ियों में सिल्क की साड़ियों के अलावा लहंगे की डिमांड करवा पर है।

     

  • क्या आपके भी आंखों से आता है पानी तो अपनाएं यह उपाय…

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    कहते हैं जब मन उदास होता है तो आंखों से आंसू आना आम बात है, लेकिन टीवी,फोन, लेपटॉप के इस्तेमाल करने पर अगर आंखों से पानी आए तो ये कमजोरी या आंखों की रोशनी कम होने के कारण भी हो सकता है। अगर आपके आंखों से पानी या आंसू बिना किसी वजह के निकल आते हैं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में बिना किसी कारण आंखों से आंसू उत्पन्न हो जाते हैं और पूर्ण तौर पर बाहर निकल नहीं पाते हैं।

    चिकित्सकों के अनुसार आँसू की मदद से आँख की सतह नम रहती हैं, लेकिन हर वक्त आंखों से पानी आने से कुछ साफ़-साफ़ दिखाई भी नहीं देता है, इसके अलावा ये अन्य तरह की समस्याओं को बुलावा देने का काम कर सकती हैं। इसलिए बेहतर है कि आप इसका इलाज जल्द से जल्द कर लें। इस तरह की समस्या का इलाज घरेलू उपायों से भी किया जा सकता है। आज हम आपको इन्हीं घरेलू उपायों और इससे बचने के उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, आइए जानते हैं…

    ठंडे या गरम कपड़े से दबाना

    आंखों में पानी आने का प्रमुख कारण आंसू नलिकाओं की रुकावट माना जाता है। ऐसे में राहत पाने के लिए आप ठंडे या गरम कपड़े से अपनी आंखों को थोड़ा-थोड़ा दबाकर राहत पा सकते हैं। इससे नलिकाओं की रुकावट मानी जाने वाली परत हट जाता है। साथ ही जहरीले पदार्थ भी आंखों से बाहर निकाल जाते हैं और आंख की जलन भी ठीक हो जाता है।

    टी बैग

    आंखों से पानी निकलने की समस्या के लिए हर्बल टी बैग भी एक अच्छा उपाय है। इसके लिए आपको टी बैग को थोड़ी देर के लिए गर्म पानी में रखना होगा। इसके बाद इसे अपने आंखों पर रखकर सिकाई करें। ध्यान रहे टी बैग या पानी ज्यादा गर्म न हों। इससे आपको काफी जल्दी आराम मिल सकेगा।

    नमक और पानी का घोल

    कई बार आंखों से ज्यादा पानी आने पर खुजली या जलन की समस्या होने लगती है। इससे आराम पाने के लिए नमक और पानी का घोल काफी अच्छा उपाय माना जाता है। नमक में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो आंखों से जहरीले बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मददगार साबित होते हैं। इस तरह तीन दिन तक लगातर करें, आप दिन में 4 से 5 बार ऐसा कर सकते हैं।

    बेकिंग सोडा

    आंखों से पानी आने की समस्या के लिए बेंकिग सोडा भी एक अच्छा विकल्प है। इसके लिए एक बर्तन में पानी गर्म कर लें और फिर इसमें एक चम्मच बेकिंग सोडा डालकर मिला लें। इस मिश्राण को असानी से आप अपने घर में बना सकते हैं। अब इस बने हुए मिश्रण से अपनी आंखों को 2 से 3 बार धोएं।

    यदि कोई धूल मिट्टी चली गई हो

    अगर आपको लगता है कि आंखों में कुछ धूल-मिट्टी चली गई है, इस वजह से पानी आ रहा है तो ऐसे में आप गीले कपड़े की मदद से इसे साफ कर सकते हैं। ध्यान रहें आंखों से आने वाले पानी या आंसुओं को कपड़े से ही साफ करना सही रहता है।

    आँखों में पानी आने की समस्या से बचने के उपाय

    • आंखों की अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार लें,
    • अपनी आंखों को धूप और जलन से बचाएं,
    • आंख में खुजली होने पर आंखों को बार बार न छुएं,
    • धूल-मिट्टी के बजाव के लिए आंखों पर चश्मा लगाएं,
    • एलर्जी वाले पदार्थों के वातावरण में जाने से सावधानी बरतें या बचें,
    • आंखों का मेकअप प्रोडक्ट्स किसी के साथ शेयर न करें।
    • आंखों से कुछ ज्यादा ही पानी आने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

    आंखों की सेहत के लिए आहार

    अगर आप सेहतमंद आंखे चाहते हैं तो इसके लिए पत्तेदार और हरी सब्जियां, ताजे फल, मछली, सूखे मेवे और अखरोट को अपनी डायट में शामिल जरूर करें। मछली और अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है। इसके सेवन से ड्राई मैकुलर की बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा आप सब्जियों में ब्रोक्कोली, गोभी, पालक, मटर को शामिल कर सकते हैं, इनमें एंटीऑक्सीडेंट के साथ ल्यूटीन मौजूद होता है। इनके सेवन से हर तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है।

    कहते हैं जब मन उदास होता है तो आंखों से आंसू आना आम बात है, लेकिन टीवी,फोन, लेपटॉप के इस्तेमाल करने पर अगर आंखों से पानी आए तो ये कमजोरी या आंखों की रोशनी कम होने के कारण भी हो सकता है। अगर आपके आंखों से पानी या आंसू बिना किसी वजह के निकल आते हैं तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। इस स्थिति में बिना किसी कारण आंखों से आंसू उत्पन्न हो जाते हैं और पूर्ण तौर पर बाहर निकल नहीं पाते हैं।

    चिकित्सकों के अनुसार आँसू की मदद से आँख की सतह नम रहती हैं, लेकिन हर वक्त आंखों से पानी आने से कुछ साफ़-साफ़ दिखाई भी नहीं देता है, इसके अलावा ये अन्य तरह की समस्याओं को बुलावा देने का काम कर सकती हैं। इसलिए बेहतर है कि आप इसका इलाज जल्द से जल्द कर लें। इस तरह की समस्या का इलाज घरेलू उपायों से भी किया जा सकता है। आज हम आपको इन्हीं घरेलू उपायों और इससे बचने के उपायों के बारे में बताने जा रहे हैं, आइए जानते हैं…

    ठंडे या गरम कपड़े से दबाना

    आंखों में पानी आने का प्रमुख कारण आंसू नलिकाओं की रुकावट माना जाता है। ऐसे में राहत पाने के लिए आप ठंडे या गरम कपड़े से अपनी आंखों को थोड़ा-थोड़ा दबाकर राहत पा सकते हैं। इससे नलिकाओं की रुकावट मानी जाने वाली परत हट जाता है। साथ ही जहरीले पदार्थ भी आंखों से बाहर निकाल जाते हैं और आंख की जलन भी ठीक हो जाता है।

    टी बैग

    आंखों से पानी निकलने की समस्या के लिए हर्बल टी बैग भी एक अच्छा उपाय है। इसके लिए आपको टी बैग को थोड़ी देर के लिए गर्म पानी में रखना होगा। इसके बाद इसे अपने आंखों पर रखकर सिकाई करें। ध्यान रहे टी बैग या पानी ज्यादा गर्म न हों। इससे आपको काफी जल्दी आराम मिल सकेगा।

    नमक और पानी का घोल

    कई बार आंखों से ज्यादा पानी आने पर खुजली या जलन की समस्या होने लगती है। इससे आराम पाने के लिए नमक और पानी का घोल काफी अच्छा उपाय माना जाता है। नमक में एंटी-बैक्टीरियल गुण होते हैं, जो आंखों से जहरीले बैक्टीरिया को बाहर निकालने में मददगार साबित होते हैं। इस तरह तीन दिन तक लगातर करें, आप दिन में 4 से 5 बार ऐसा कर सकते हैं।

    बेकिंग सोडा

    आंखों से पानी आने की समस्या के लिए बेंकिग सोडा भी एक अच्छा विकल्प है। इसके लिए एक बर्तन में पानी गर्म कर लें और फिर इसमें एक चम्मच बेकिंग सोडा डालकर मिला लें। इस मिश्राण को असानी से आप अपने घर में बना सकते हैं। अब इस बने हुए मिश्रण से अपनी आंखों को 2 से 3 बार धोएं।

    यदि कोई धूल मिट्टी चली गई हो

    अगर आपको लगता है कि आंखों में कुछ धूल-मिट्टी चली गई है, इस वजह से पानी आ रहा है तो ऐसे में आप गीले कपड़े की मदद से इसे साफ कर सकते हैं। ध्यान रहें आंखों से आने वाले पानी या आंसुओं को कपड़े से ही साफ करना सही रहता है।

    आँखों में पानी आने की समस्या से बचने के उपाय

    • आंखों की अच्छी सेहत के लिए संतुलित आहार लें,
    • अपनी आंखों को धूप और जलन से बचाएं,
    • आंख में खुजली होने पर आंखों को बार बार न छुएं,
    • धूल-मिट्टी के बजाव के लिए आंखों पर चश्मा लगाएं,
    • एलर्जी वाले पदार्थों के वातावरण में जाने से सावधानी बरतें या बचें,
    • आंखों का मेकअप प्रोडक्ट्स किसी के साथ शेयर न करें।
    • आंखों से कुछ ज्यादा ही पानी आने पर डॉक्टर से संपर्क करें।

    आंखों की सेहत के लिए आहार

    अगर आप सेहतमंद आंखे चाहते हैं तो इसके लिए पत्तेदार और हरी सब्जियां, ताजे फल, मछली, सूखे मेवे और अखरोट को अपनी डायट में शामिल जरूर करें। मछली और अखरोट में ओमेगा-3 फैटी एसिड मौजूद होता है। इसके सेवन से ड्राई मैकुलर की बीमारी होने की संभावना कम हो जाती है। इसके अलावा आप सब्जियों में ब्रोक्कोली, गोभी, पालक, मटर को शामिल कर सकते हैं, इनमें एंटीऑक्सीडेंट के साथ ल्यूटीन मौजूद होता है। इनके सेवन से हर तरह की बीमारियों से बचा जा सकता है।

  • ‘उड़द दाल के कचालू’, रोटी हो या चावल हर किसी के साथ लगेगा मजेदार

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    कितने लोगों के लिए : 4

    सामग्री :

    100 ग्राम ताजा दही, 100 ग्राम उड़द दाल, चुटकी भर हींग, 1/4 टीस्पून जीरा, 1/4 टीस्पून हल्दी पाउडर, 2 टीस्पून धनिया पाउडर, 1 टीस्पून सौंफ पाउडर, 1/2 टीस्पून गरम मसाला पाउडर, 1/2 अमचूर पाउडर, स्वादानुसार नमक, थोड़ा जिंजर पेस्ट, सजाने के लिए हरी धनिया कटी हुई

    विधि :

    उड़द की दाल को पानी में दो घंटे के लिए भिगो दें। जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, बारीक पीस लें।
    पेस्ट हल्का गाढ़ा रखें। पीसते समय ज्यादा पानी न मिलाएं।

    पीसी हुई दाल में हींग, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
    दाल पेस्ट को 3-4 घंटे के लिए फर्मेशन के लिए छोड़ दें।
    एक प्रेशर कुकर में थोड़ा पानी डालकर गैस पर चढाएं। कुकर में जाली लगाएं और पानी को गर्म होने के लिए छोड़ दें।
    जब पानी उबलना शुरू हो जाए तब उड़द दाल पेस्ट की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर उसमें डालें। बिना सीटी के कुकर का ढक्कन लगाएं।
    10 मिनट तक पकाएं। आंच से उतारकर ठंडा होने के लिए अलग रखें, लेकिन कुकर का ढक्कन न खोलें।
    एक कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें। हीग, जीरा पाउडर और होममेड जिंजर पेस्ट डालें।
    जब मिश्रण भुनना शुरू हो जाए तब धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर चलाएं। अब दही डालकर तब तक पकाएं जब तक कि चिकनाई न छूटने लगे। फिर पानी डालकर पकाएं।
    जब 2-3 उबाल आ जाए तब दाल के टुकड़े डालकर दस मिनट तक पकाएं। जब ग्रेवी गाढ़ी होना शुरू हो जाए तब थोड़ा सा अमचूर पाउडर और गरम मसाला पाउडर डालकर 5 मिनट तक पकाएं।
    आंच से उतार कर कटी हुई हरी धनिया से सजाएं।
    उड़द दाल की कचालू सब्जी सर्व करने के लिए तैयार है।

  • भाई का प्यार चाहे बहन, नहीं चाहे महंगे उपहार, रहे हमेशा रिश्ता अटूट, मिले भाई को खुशियां अपार

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    आज भाई दूज का त्योहार है। इसे यम द्वितीया के नाम से जाना जाता है। यह पर्व बहन और भाई के स्‍नेह का प्रतीक है। भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस त्योहार से भाई-बहन का रिश्ता मजबूत होता है। जहां बहन अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है वहीं, भाई अपनी बहन के मान सम्‍मान की रक्षा करने का वचन देता है। भाई दूज के साथ ही दिवाली का त्यौहार या पर्व खत्म हो जाता है। इस दिन गणेश जी, यम, चित्रगुप्त और यमदूतों की पूजा की जाती है। कई घरों में कलम-दवात की पूजा भी की जाती है। इस दिन घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाओं से पारंपरिक कथाएं भी सुनी जाती हैं। लेकिन हो सकता है कि कुछ भाई-बहन एक-दूसरे से दूर होने के चलते यह त्यौहार न मना पाएं। ऐसे में आप एक-दूसरे को एक प्‍यार भरा संदेश तो भेज ही सकते हैं। ऐसे में हम आपको कुछ शुभकामना संदेशों की जानकारी दे रहे हैं जिन्हें आप वॉट्सऐप और मैसेंजर पर भेज सकते हैं। आइए पढ़ते हैं भाई दूज के ये शुभकामना मैसेजेज।

    यम और यमी की कथा से भाई दूज के त्योहार के महत्व का पता चलता है। यमराज यमी यानी यमुना के घर पर कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन जाते हैं, इसलिए य​​ह यम द्वितीया भी है। यमी उनका तिलक करती हैं और भोजन कराती हैं। प्रस्थान करते समय यम अपनी बहन को दक्षिणा देते हैं और उनकी रक्षा का वचन देते हैं। उन्होंने अपनी बहन को वचन दिया है कि वे हर साल कार्तिक शुक्ल द्वितीया को उनसे मिलने आएंगे।

    1. आया भाई दूज का है प्‍यारा त्यौहार

    बहनों की दुआएं भाइयों के लिए हजार,

    भाई बहन का यह अनमोल रिश्ता है अटूट

    बना रहे यह बंधन हमेशा खूब।

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    2. बहन लगाती तिलक फिर मिठाई खिलाती है

    भाई देता तोहफा और बहन मुस्काती है,

    भाई बहन का ये रिश्ता न पड़े कभी लूज,

    आपको मुबारक हो आपको भाई दूज

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    3. भाई दूज के शुभ अवसर पर

    आपके लिए ढेर सारी शुभकामनाएं,

    आपके जीवन में सुख-शांति और

    समृद्धि हमेशा बनी रहे

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    4. कामयाबी तुम्हारे कदम चूमे

    खुशियां तुम्हारे चारो और हो,

    पर भगवान से इतनी प्रार्थना करने के लिए

    मुझे कुछ तो कमीशन दे दो भाई

    भईया दूज की बधाई

    5. भाई दूज का त्यौहार है, भैया जल्दी आओ,

    अपनी प्यारी बहना से तिलक लगवाओ

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    6. खुशनसीब होती है वो बहन,

    जिसके सिर पर भाई का हाथ होता है,

    हर परेशानी में उसके साथ होता है

    लड़ना-झगड़ृना फिर प्यार से मनाना,

    तभी तो इस रिश्ते में इतना प्यार होता है

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    7. बहन चाहे भाई का प्यार नहीं चाहे महंगे उपहार,

    रिश्ता अटूट रहे हमेशा मिले मेरे भाई को खुशियां अपार

    भाई दूज की ढेरों बधाईयां

    8. थाल सजा कर बैठी हूं अंगना

    तू आजा अब इंतजार नहीं करना

    मत डर तू अब इस दुनिया से

    लड़ने खड़ी है तेरी बहन सबसे

    भाई दूज की शुभकामनाएं

     

  • कब है जानिए तुलसी विवाह और क्या है इसका महत्व संग विधान

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    आगरा। हिन्दू पंचांग के अनुसार, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की एकादशी तिथि को तुलसी विवाह का आयोजन होता है। इस वर्ष तुलसी विवाह 25 नवंबर को है। इस दिन तुलसी की भगवान शालिग्राम से विधिपूर्वक विवाह किया जाता है। ज्योतिषाचार्य डॉ शाेनू मेहरोत्रा के अनुसार कार्तिक शुक्ल एकादशी को तुलसी का विवाह क्यों किया जाता है, इसके संदर्भ में एक पौराणिक कथा है, ​जिसमें वृंदा नाम की पतिव्रता स्त्री को भगवान विष्णु से शालिग्राम (पत्थर) स्वरुप में विवाह करने का वरदान प्राप्त हुआ था। विवाह के लिए शर्त थी कि वृंदा तुलसी का स्वरुप ले ले। वरदान के अनुसार, फिर तुलसी और शालिग्राम का विवाह हुआ।

    तुलसी विवाह का महत्व

    कार्तिक शुक्ल एकादशी को देवउठनी एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन भगवान विष्णु योग निद्रा से बाहर आते हैं। उनके साथ सभी देवता भी योग निद्रा का त्याग कर देते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा होती है। फिर भगवान शालिग्राम और तुलसी का विवाह कराया जाता है। इस दिन से ही विवाह, मुंडन, उपनयन संस्कार जैसे मांगलिक कार्य प्रारंभ हो जाते हैं।

    तुलसी विवाह से लाभ

    एकादशी के दिन तुलसी और भगवान शालिग्राम की विधिपूर्वक पूजा कराने से वैवाहिक जीवन में आ रही समस्याओं का अंत हो जाता है। जिन लोगों का विवाह नहीं हो रहा है, उन लोगों के रिश्ते पक्के हो जाते हैं। इतना ही नहीं, तुलसी विवाह कराने से कन्यादान जैसा पुण्य प्राप्त होता है।

    विवाह की विधि

    एकादशी के शाम को तुलसी के पौधे के गमला को गेरु आदि से सजाते हैं। फिर उसके चारों ओर ईख का मण्डप बनाकर उसके ऊपर ओढ़नी या सुहाग की प्रतीक चुनरी ओढ़ाते हैं। गमले को साड़ी में लपेटकर तुलसी को चूड़ी पहनाकर उनका श्रृंगार करते हैं। इसके बाद भगवान गणेश आदि देवताओं का तथा शालिग्राम जी का विधिवत पूजन करके श्रीतुलसी जी की षोडशोपचार पूजा ‘तुलस्यै नमः’ मंत्र से करते हैं। इसके बाद एक नारियल दक्षिणा के साथ टीका के रूप में रखते हैं तथा भगवान शालिग्राम की मूर्ति का सिंहासन हाथ में लेकर तुलसी जी की सात परिक्रमा कराएं और आरती के पश्चात विवाहोत्सव पूर्ण करें। तुलसी विवाह में हिन्दू विवाह के समान ही सभी कार्य संपन्न होते हैं। विवाह के समय मंगल गीत भी गाए जाते हैं। राजस्थान में तुलसी विवाह को ‘बटुआ फिराना’ कहते हैं। श्रीहरि विष्णु को एक लाख तुलसी पत्र समर्पित करने से बैकुण्ठ लोक की प्राप्ति होती है।

     

  • International Men’s Day 2020: इस दिन के इतिहास, महत्व और थीम से जुड़ी जरूरी बातें जानें

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    इंटरनेशनल मेन्स डे को मनाने की शुरुआत साल 1999 में हुई थी। पुरुषों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से हर साल 19 नवंबर को यह दिन सेलिब्रेट किया जाता है। तो आइए जानते हैं इस दिन के इतिहास, महत्व से जुड़ी जरूरी बातों के साथ ही क्या है इस बार का थीम।

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    हर साल 19 नवंबर को मनाया जाने वाला अंतराष्ट्रीय पुरुष दिवस की धूम 60 से भी ज्यादा देशों में देखने को मिलती है। भारत में अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस को पहली बार साल 2007 में सेलिब्रेट किया गया था।

    अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस का इतिहास

    अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस पहली बार 1999 में यूनिवर्सिटी ऑफ़ वेस्ट इंडीज के एक इतिहास व्याख्याता डॉ. जेरोम टेलेक सिंह द्वारा त्रिनिदाद बारगो में आयोजित किया गया था। 1992 में थॉमस ओस्टर द्वारा अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस का उद्घाटन किया गया था। डॉ. तीलेक सिंह ने 19 नवंबर को अपने पिता के जन्मदिन को अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस के रूप में मनाया था। अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस के बारे में जागरूकता लाने में भारतीय पुरुष अधिवक्ता उमा चल्ला का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। 2007 में, उन्होंने उन दर्दनाक व्यवहारों के बारे में जागरूकता बढ़ाई जो पुरुष विरोधी कानूनी व्यवस्था में पीड़ित हैं। उमा चल्ला बैंगलोर में स्थित प्रसिद्ध “सेव द इंडियन फैमिली फाउंडेशन” गैर-लाभकारी संगठन सहित कई संगठनों की संस्थापक हैं।

    अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस 2020 की थीम का विषय “Better Health for Men and Boys” रखा गया है। इस थीम का मकसद उन पुरुषों और लड़कों को महत्व देने और मदद करने पर ध्यान केंद्रित करता है जो विश्व स्तर पर पुरुषों और लड़कों के स्वास्थ्य और कल्याण के लिए काम और सुधार कर रहे हैं।

    अंतर्राष्ट्रीय पुरुष दिवस का महत्व

    अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस पुरुष और लड़कों के स्वास्थ्य पर ध्यान देने, लिंग संबंधों में सुधार और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने हेतु मनाया जाता है। अंतरराष्ट्रीय पुरुष दिवस की वेबसाइट के अनुसार, दुनिया में महिलाओं की तुलना में पुरुष 3 गुना अधिक आत्महत्या करते हैं। साथ ही, हर तीन में से एक आदमी घरेलू हिंसा का शिकार है। यह भी पाया गया कि महिलाओं की तुलना में दोगुने से अधिक पुरुष हृदय रोग से पीड़ित हैं।

  • जामुन का सिरका मधुमेह रोगियों के लिए अमृत है …

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    नई दिल्ली। डायबिटीज एक लाइलाज बीमारी है। डायबिटीज रोग में रक्त में शर्करा स्तर बढ़ जाता है। साथ ही अग्नाशय से इंसुलिन हार्मोन निकलना बंद हो जाता है। डायबिटीज दो प्रकार के होते हैं। टाइप 1 टायबिटिज और टाइप 2 डायबिटीज। टाइप 2 डायबिटीज अधिक खतरनाक है। यह बीमारी ज्यादातर वयस्कों को होती है। इस बीमारी में दवा के साथ परहेज की विशेष जरूरत होती है। अगर लापरवाही बरतते हैं, तो यह सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकती है। विशेषज्ञों की मानें तो डायबिटीज के मरीजों को खानपान पर विशेष ध्यान देना चाहिए और नियमित रूप से एक्सरसाइज करनी चाहिए। जबकि मीठे चीजों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। अगर आप भी डायबिटीज के मरीज हैं और अपना ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल करना चाहते हैं, तो रोजाना जामुन के सिरके का सेवन करें। आइए जानते हैं-

    जामुन का पेड़ देश के सभी हिस्सों में आसानी से मिल जाता है। इसे कई नामों से जाना जाता है। अंग्रेजी में इसे ब्लैकबेरी कहा जाता है। इसका स्वाद कसैला और अम्लीय होता है। गांव इलाके में लोग जामुन को नमक के साथ खाते हैं। डाइट चार्ट के अनुसार, एक एक कप जामुन में 20-25 कैलोरीज पाया जाता है। आयुर्वेद में जामुन का दवा की तरह इस्तेमाल किया जाता है। इस फल में फाइबर, मैग्नीशियम, आयरन और विटामिन-ए, बी, सी,  पाए जाते हैं जो सेहत के लिए लाभदायक होते हैं। वहीं, जामुन का सिरका भी सेहत के लिए वरदान साबित होता है। खासकर डायबिटीज के मरीजों के लिए यह अमृत समान है। यह त्वचा, मसूढ़ों और कई अन्य रोगों में गुणकारी है। डायटीशिन हमेशा ब्लड शुगर कंट्रोल करने के लिए जामुन के सिरके का सेवन करने की सलाह देते हैं।

    कैसे करें सेवन

    रोजाना सुबह में जामुन के सिरके का सेवन करने से डायबिटीज रोग में आराम मिलता है। इसके लिए रोजाना नाश्ते के समय एक चम्मच जामुन के सिरके को आधे गिलास पानी में मिलाकर सेवन करें। इससे ब्लड शुगर लेवल नियंत्रित रहता है। साथ ही पाचन तंत्र मजबूत होता है।

  • तेज दिमाग पाने के लिए गोटू कोला जरूर शामिल करें अपनी डाइट में

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    नई दिल्ली। आधुनिक समय में लोग तनाव भरी ज़िदंगी जीने लगे हैं। इससे मानसिक और शारीरिक सेहत पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। खासकर कोरोना काल में लोगों के मानसिक सेहत पर गहरा असर पड़ा है। इस दौर में सेहतमंद रहने के लिए आप जड़ी-बूटी का सहारा ले सकते हैं। प्राचीन काल से जड़ी-बूटियों का इस्तेमाल दवा की तरह किया जाता है। इनमें एक वनस्पति गोटू कोला है। आयुर्वेद में गोटू कोला को औषधि माना जाता है। इसे ब्राह्मी बूटी या मण्डूकपर्णी भी कहा जाता है। जबकि अंग्रेजी में गोटू कोला को सेंटेला आस्टीटिका (Centella asiatica) कहा जाता है। इसकी पत्तियां हरे रंग की होती है और गोटू कोला का पौधा नमी वाले स्थान पर उगता है। इसमें कई औषधीय गुण पाए जाते हैं जो सेहत और सुंदरता दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। गोटू कोला कई तरह की बीमारियों को दूर करने में सक्षम है। अगर आप भी मानसिक तनाव से जूझ रहे हैं और इससे निजात पाना चाहते हैं, तो अपनी डाइट में गोटू कोला जरूर शामिल करें। आइए, गोटू कोला के फायदे जानते हैं-

    दिमाग तेज होता है

    गोटू कोला के सेवन से ऑक्सीडेटिव तनाव कम होता है। साथ ही दिमाग तेज होता है। अगर शार्प मेमोरी की इच्छा है, तो अपनी डाइट में गोटू कोला को जरूर शामिल करें।

    रक्त चाप नियंत्रित रहता है

    एक शोध में खुलासा हुआ है कि गोटू कोला के सेवन से रक्त चाप नियंत्रित रहता है। इसमें टोटल फेनोलिक कंटेंट पाया जाता है जो रक्त चाप को कंट्रोल करने में सहायक होते हैं।

    त्वचा के लिए भी गुणकारी है

    गोटू कोला में पानी अधिक मात्रा में पाया जाता है। इसके सेवन से शरीर हायड्रेट रहता है। जबकि त्वचा में नमी बनी रहती है। साथ ही त्वचा संबंधी परेशानियों से निजात मिलता है।

    घाव भरता है

    2012 की एक शोध के अनुसार, गोटू कोला के सेवन से घाव जल्दी भर देता है। चूहों पर किए गए शोध में पाया गया है कि गोटू कोला घाव को भरने में सक्षम है। इसमें विटामिन-बी, सी, फ्लेवोनॉयड्स, टैनिन और पॉलीफिनोल पाए जाते हैं।