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  • Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    Corona Virus : भारत के कई राज्यों से कोरोना वायरस के नये मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमित लोगों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 126 हो गई। इनमें 22 विदेशी और दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कोविड19 के कारण जान गंवाने वाले तीन लोग शामिल हैं। भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए ये काफी कठिन समय है।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    ऐसे में सावधानी बर्तना एकमात्र सबसे कारगर तरीका है. हालांकि इस संकट की घड़ी में सवाल ये भी उठता है कि हम अपने या अपने साथी को छू सकते हैं क्या ऐसे में सेक्स करना सेफ है क्या सेक्स से कोरोना फैल सकता है। आपको डेटिंग रोकने की आवश्यकता नहीं है।

    यूजर्स से कहा है कि वे चाहते हैं कि उनकी मौजमस्ती जारी रहे तो उन्हें हैंड सैनिटाइजर ले जाना और सामाजिक दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है. लेकिन आपको इससे डरकर डेटिंग को रोकने की जरूरत नहीं है।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    अगर मौजमस्ती जारी रहे तो उन्हें हैंड सैनिटाइजर साथ ले जाना और सामाजिक दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। लेकिन आपको इससे डरकर डेटिंग को रोकने की जरूरत नहीं है।

    न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के मुताबिक आप अपनी डेट पर आप अपने साथी को किस कर सकते हैं लेकिन किस करने से निश्चित रूप से कोरोना वायरस फैल सकता है। ऐसा हेल्थ एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि पीड़ित व्यक्ति को किस करने से ये निश्चित तौर पर फैलेगा।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    लेकिन अगर आप किसी ऐसे के साथ सेक्स करने जा रहे हैं जो किसी ऐसे देश से ट्रैवल करके आया है जहां कोरोना के मामले बड़ी संख्या में पाए गए हैं तो आपको बचना चाहिए।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    क्या आपको उनके साथ घर जाना चाहिए ओके अगर आप किसी तरह किसी अजनबी के साथ बार में चले गए हैं तो अब क्या करना चाहिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि कोरोना वायरस सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिसीज नहीं है। तो, आप आगे अपने रिस्क पर बढ़ें।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    क्या सेक्स के दौरान गुप्तांगों पर सैनिटाइजर लगाना चाहिए बिल्कुल नहीं, कोरोना वायरस के भय से भले ही आप सेक्स न करें लेकिन अगर आप सेक्स करते हैं तो आपके लिए एक सलाह है कि अपने गुप्तांगों पर कोरोना प्रूफ कहे जा रहे सैनिटाइजर का इस्तेमाल न करें।

  • कोविड-19 का ‘टेस्ट’ किन स्थिति में करवाना चाहिए आइये जानते है इसके बारे में …..!

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    कोरोना वायरस भारत में  बड़ी तेज़ी से फैलता जा रहा है ऐसे में हर व्यक्ति इसके संक्रमण से संक्रमित न हो इस असामंजस्य की स्थिति में है कोरोना वायरस के डर के साथ, अलग-अलग तरह की भ्रांतियां भी फैली हुई हैं। जिससे, लोगों की चिंता और घबराहट और अधिक बढ़ रही हैं। इसे ही दूर करने के लिए आज हम आपके साथ शेयर करने जा रहे है उन सथियो के बारे में जिन पर आपको कोविड-19 का टेस्ट करवाने की जरुरत होगी साथ ही हम आपके साथ ये भी शेयर करने जा रहे है की किसी कोरोना पीड़ित मरीज के ठीक होने के बाद भी क्या संक्रमण फ़ैल सकता है या नहीं?,तो देर किस बात की है आइये जानते है इसके बारे में…!

    ध्यान देने वाली बात है की अगर आपको हल्का बुखार या खांसी है, गला ख़राब है तो, उसके बावजूद कोरोना टेस्ट कराने की ज़रूरत नहीं पड़ेगी। जी हां, इन दोनों हेल्थ प्रॉब्लम्स के साथ, 2 स्थितियों का ध्यान में रखते हुए नोवेल कोरोना का टेस्ट कराया जाता है। जैसे, क्या बीमार व्यक्ति ने पिछले 14 दिनों में कोई विदेश यात्रा की है। खासकर, उन देशों में जो कोरोना वायरस प्रभावित हैं।दूसरा, क्या आप किसी ऐसे व्यक्ति के सम्पर्क में आए हैं, जिसे लैब टेस्ट में कोविड-19 यानि कोरोना वायरस पॉजिटिव बताया गया है।

    सबसे महत्वपूर्ण बात ये है की यह एक वायरल इंफेक्शन है। लेकिन एच1एन1 औऱ स्वाइन फ्लू जैसे इंफेक्शन्स से अलग भी है। लेकिन, एक बार जब कोई व्यक्ति इसकी चपेट में आ जाता है। तो, इसके दोबारा होने की संभावना भी बहुत अधिक बढ़ जाती है। क्योंकि, इंफेक्शन होने पर शरीर में मौजूद एंटी-बॉडीज़ इंफेक्शन से बचने और उसके प्रभाव को कम करने के लिए काम करती हैं। इसीलिए, अगर किसी व्यक्ति को नोवेल कोरोना वायरस इंफेक्शन का इलाज करने के बाद स्वस्थ घोषित किया जाता है। तो, उसके बाद भी अगर दोबारा यह इंफेक्शन हुआ तो, वह माइल्ड या कमज़ोर होगा।

    VIDEO : कोरोना वायरस कैसे संक्रमित करता है, और कैसे कोरोना वायरस से बचना है !

  • कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के बीच ‘हार्ट पेशेंट्स’ ऐसे रखे अपना ख़याल !

    कोरोना वायरस का संक्रमण बड़ी तेजी से चल रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन से लेकर सभी देश की सरकार अपने नागरिकों के लिए तरह-तरह की हेल्थ एडवाइजरी जारी कर रही है ताकि लोगों को इसके संक्रमण से बचाने में मदद मिल सके। इसी बीच कोरोना वायरस के संक्रमण पर एक ऐसी रिपोर्ट सामने आई है, जिसमें ब्लड ग्रुप के अनुसार संक्रमित लोगों पर अध्ययन किया गया था। इस रिपोर्ट को सार्वजनिक किया गया है और लोगों को सतर्क रहने की सलाह भी दी गई है।

    कोरोना वायरस के बढ़ते कहर के बीच कई तरह के अफवाहे भी बढ़ रही है और ये सब मिलकर डर और भय का माहौल बना रहे है ऐसे में हार्ट पेशेंट्स के लिए जरुरी है की वे अपना मन शांत रखे और अपना ख्याल रखे। इसलिए आज हम आपके साथ शेयर करने जा रहे है कुछ ख़ास टिप्स जिसकी सहायता से आप अपना ख़याल रख सकते है , तो देर किस बात की है आइये जानते है इन टिप्स के बारे में ……!

    अवसाद रखे दूर म्यूजिक चिंता दूर करने और मूड सही रखने में बेहद प्रभावी साबित हो सकता है। एक अध्ययन के मुताबिक हमारे मूड और जीवन की गुणवत्ता पर म्यूजिक का काफी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

    दिल की सेहत रखे दुरुस्त जिन लोगों को दिल संबंधी कोई बीमारी है उन्हें खूब गाने सुनने चाहिए. एक अध्ययन में पाया गया है कि जब हम अपना पसंदीदा गाना सुन रहे होते हैं तब हमारे दिमाग से एंडार्फिन नाम का हार्मोन निकलता है. यह हार्मोन दिल संबंधी समस्याओं से निजात दिलाने में मददगार होता है।

    म्यूजिक जब भी हम कोई अच्छा गाना सुन रहे होते हैं तब हमारा दिमाग डोपामाइन रिलीज करता है. इसे हैप्पी हार्मोन भी कहा जाता है। हैप्पी हार्मोन खुशी और एक्साइटमेंट बढ़ाने में काफी असरदार है । इसलिए जब भी हम किसी अच्छे गाने को सुनते हैं तो हमारा मुड बदल जाता है और हम अंदर से खुशी का अनुभव करने लगते हैं।

    रोग प्रतिरोधक क्षमता रखे मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता को दुरुस्त रखने के लिए म्यूजिक सुनना काफी आवश्यक है. यह शरीर में स्ट्रेस हार्मोन के स्राव को कम करता है जो कि रोग प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करने के लिए जिम्मेदार है।

  • VIDEO : कोरोना वायरस कैसे संक्रमित करता है, और कैसे कोरोना वायरस से बचना है !

    VIDEO : कोरोना वायरस कैसे संक्रमित करता है, और कैसे कोरोना वायरस से बचना है !

    दुनिया भर के देश इस समय कोरोना वायरस के चलते दहशत में हैं। कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या पर नजर डालें तो अभी तक 3000 से ज्यादा लोग इसके चलते मरते हुए नजर आ रहे हैं । कोरोना वायरस की सबसे वही बात बोले या खास बात बोले तो वह यह है कि यह वायरल बहुत जल्दी लोगों में से एक दूसरे से फैलता हुआ नजर आता है।

    यदि एक व्यक्ति को कोरोनावायरस हो रखा है तो यह जल्द ही कुछ ही घंटों और कुछ मिनट में अपने आसपास के लोगों में यह वायरस फैला सकता है। कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को चीन में इस समय गोली के द्वारा मारा जा रहा है। चीन का वुहान अब कोरोना वायरस को रोक नहीं पा रहा है। चीन के कुछ लेख सोशल मीडिया पर यह बात बोल रहे हैं कि चीन में कोरोना वायरस के चलते अभी तक 50 हजार मौतें हो चुकी हैं लेकिन असल आंकड़ा छुपाया जा रहा है।पोलिस जिन लोगों को गोली से मार रही है उनको तो गिना ही नहीं जा रहा है. कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को मार कर दूर जंगलों में उनकी लाशों को जलाया जा रहा है।

    क्या है कोरोना वायरस
    कोरोना वायरस, वायरस परिवार का एक ऐसा जीव है जो कि व्यक्ति की नाक, गले और फेफड़ों को अपनी पकड़ में ले लेता है और यह व्यक्ति के अंदर ऐसे कीटाणु उत्पन्न करता है जिसके चलते व्यक्ति को जुखाम-बुखार और कुछ-कुछ निमोनिया जैसे हालात पैदा होने लगते हैं।

    कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति की मौत अगर किसी कारण से होती है तो उसकी मौत फेफड़ों में पानी भरने के कारण होती हुई नजर आ रही है। इस वायरस के चलते अभी तक दुनिया भर में 3000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 40 से अधिक देशों में कोरोना वायरस फैलता हुआ नजर आ रहा है।

    कोरोना वायरस के लक्षण
    कोरोना वायरस के लक्षणों की बात करेंगे तो इस वायरस के कारण व्यक्ति को गले में खराश होने लगती है, गले में सूजन आने लगती है व्यक्ति को तेज बुखार होने लगता है। इस वायरस के कारण बहुत तेज बुखार होता है और साथ ही साथ उल्टी आना, चक्कर आने जैसे हालात उत्पन्न हो जाते हैं।

    इस वायरस से अगर बचना है या फिर बोले अगर इस वायरस को आगे नहीं फैलाना है तो व्यक्ति को अपने चेहरे को ढककर रखना चाहिए। चेहरे से जुड़े अंग जिनमें की नाक और व्यक्ति का मुंह शामिल हैं, यह अंग बचाने बहुत जरूरी हो जाते हैं। कोरोना वायरस से अगर बचना है तो व्यक्ति को आपस में हाथ मिलाना छोड़ देना चाहिए। साथ ही साथ बाजार में अगर जाए तो हाथों को ढककर रखें, चेहरे को ढक कर रखें। अच्छे तरीके से मुंह-नाक को कवर रखें और साथ ही साथ घर आते ही हाथों को अच्छी तरीके से धोना शुरू कर दें. विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कोरोना वायरस के कारण अब विश्वभर में चेतावनी जारी कर चुका है।

    कोरोना वायरस से बचने का अचूक उपाय
    कोरोना वायरस से यदि आपको बचना है तो एक बात का ध्यान रखें :

    1. व्यक्तिगत स्वच्छता और शारीरिक दूरी बनाए रखें।
    2. बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल करें।
    3. साफ दिखने वाले हाथों को निरंतर धोएं।
    4. छींकते औरर खांसते समय अप नी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंकें।
    5. उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंकें।
    6. बातचीत के दौरान व्यक्तियों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें, विशेष रूप से फ्लू जैसे लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों के साथ।
    7. अपनी कोहने के अंदरूनी हिस्से में छींके, अपने हाथों की हथेलियों में न खासें।
    8. अपने तापमान को और श्वसन लक्षणों की जांच नियमित रूप से करें। अस्वस्थ्य महसूस करने पर (बुखार, सांस लेने में कठिनाई और खांसी) डॉक्टर से मिलने के दौरान, अपने मुंह और नाक को ढंकने के लिए मास्क का प्रयोग करें।

    9. खांसने-छींकने वालों से कम से कम 1मीटर (3 फ़ीट) दूर ही रहिये.

    क्या नहीं करें:
    1. हाथ न मिलाएं।
    2. अगर आपको खांसी और बुखार महसूस हो रहा है तो किसी के साथ निकट संपर्क में न आएं।
    3. अपनी आंख, नाक और मुंह को स्पर्ष न करें।
    4. हाथों की हथेलियों में न छींके  और न ही खासें।
    5. सार्वजनिक रूप से न थूकें।
    6. अनावश्यक यात्रा न करें, विशेषकर प्रभावित इलाकों में।
    7. समूह में न बैठें, बड़े समारोहों में भाग न लें।
    8. जिम, क्लब और भीड़-भाड़वाली जगहों पर न जाएं।
    9. अफवाह और दहशत न फैलाएं।

    कोरोना वायरस : सरकारी अस्पतालों में गैर-जरूरी ओपीडी और जांच बंद

     

  • ये कंपनी हर दिन बना रही 3.5 लाख Corona Test Kit

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    कोरोना वायरस का अबतक कोई इलाज संभव नहीं हो पाया है. कई देश इसके परीक्षण में जुटे हुए हैं । हालांकि, इसका जांचने करने वाले किट का निर्माण कई देशों ने कर लिया है। भारत में पुणे की मायलैब डिस्कवरी पहली ऐसी फ़र्म है जिसे टेस्टिंग किट तैयार करने और उसकी बिक्री करने की अनुमति मिली है।

    मायलैब डिस्कवरी में मॉलिक्यूलर डायगनॉस्टिक कंपनी, एचआईवी, हेपाटाइटिस बी और सी सहित अन्य बीमारियों के लिए भी टेस्टिंग किट तैयार करती है । कंपनी का दावा है कि वह एक सप्ताह के अंदर एक लाख कोविड-19 टेस्ट किट की आपूर्ति कर देगी और ज़रूरत पड़ने पर दो लाख टेस्टिंग किट तैयार कर सकती है।

    मायलैब की प्रत्येक किट से 100 सैंपलों की जांच हो सकती है. इस किट की कीमत 1200 रुपये है, जो विदेश से मंगाए जाने वाली टेस्टिंग किट के 4,500 रुपये की तुलना में बेहद कम है । लेकिन, विदेशों में इसका उत्पादन भारी मात्रा में हो रहा है। आज हम आपको बताने वाले हैं कैसे इस किट को तैयार किया जा रहा है और कौन सी कंपनी प्रतिदिन 3.5 लाख किट तैयार कर रही हैं।

    कंपनी प्रतिदिन 3.5 लाख किट का कर रही उत्पादन
    दरअसल, COVID-19 की जांच करने वाली किट को दक्षिण कोरियाई में भारी मात्रा में उत्पादन किया जा रहा है। दक्षिण कोरियाई की एक कंपनी एसडी बायोसेंसर हर दिन 3.5 लाख किट बना रही है। ऐसे महामारी के समय इस कंपनी का यह योगदान काफी अहम बताया जा रहा है । हालांकि, यह किट भारत में बन रहे किट से थोड़ा महंगा होता है।

    सफेद सूट में दिख रहे कर्मचारी उत्पादन में जुड़े हैं। जहां मशीनें 2.5 प्रति सेकंड की दर से परीक्षण किटों को पंप करती हैं. आपको बता दें कि यह कंपनी महामारी की गंभीरता को देखते हुए जनवरी से ही किट निमार्ण शुरू कर दी थी।

    एसडी बायोसेंसर दक्षिण कोरिया की उन पांच कंपनियों में से एक है – जो अपने देश में महामारी का पता लगाने के लिए तीन फार्मूला पर काम कर रही है। “ट्रेस, टेस्ट एंड ट्रीट” के प्रयास से ही दक्षिण कोरिया में यह वायरस नियंत्रण हो पाया है।

    यह कंपनी सियोल के दक्षिण में चोंग्जू में स्थापित है. फिलहाल, यह कंपनी एक दिन में 350,000 किट बना रही है. और प्रबंधकों की मानें तो अगले महीने 24 घंटे के संचालन को शुरू करने की योजना है। जिसके बाद दैनिक उत्पादन एक मिलियन से अधिक तक ले जाने का टारगेट है।

    कंपनी पहले से ही जर्मनी, ईरान, भारत और इटली सहित आठ देशों को निर्यात कर रही है, और लगभग 60 से अधिक के साथ चर्चा कर रही है, जिसका नेतृत्व संयुक्त राज्य अमेरिका कर रहा है । इस किट को उत्पादन से पहले और बाद में भी कई तरीकों से जांचा जाता है।

  • CoronaVirus से बचने का एकमात्र तरीका, तुरंत छोड़ दें इन 5 आदतों को !

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    कोरोना वायरस (coronavirus) से निपटने का तरीका एकमात्र साफ-सफाई रखना है क्योंकि अभी तक इसका कोई इलाज या दवा विकसित नहीं किया जा सका है। ऐसे में जरूरी हो गया है कि अब हम अपनी आदतों में पूरी तरह से बदलाव लाएं और कुछ चीजों का ध्यान रखें ताकि इस संक्रमण से बच सकें”

    कोरोना वायरस (Coronavirus) ने पूरी दुनिया में तबाही मचा रखी है। 16 लाख से अधिक लोग इस वायरस के संक्रमण से ग्रसित है। वहीं 85 हजार से अधिक लोगों की जान जा चुकी है। डॉक्टरों ने कोरोना वायरस से बचने के लिए सोशल डिस्टेनसिंग को सबसे कारगार बताया है। साथ ही रोजमर्रा की आदतों में सुधार लाने को भी अहम बताया है। मेडिकल एक्सपर्ट्स के अनुसार अगर आप कोरोना वायरस से बचकर रहना चाहते हैं तो जितनी जल्दी हो सके इन आदतों को तुरंत छोड़ना होगा।

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    CoronaVirus से बचने का एकमात्र तरीका, तुरंत छोड़ दें इन 5 आदतों को !

    कोरोना से बचना है तो नाखून चबाना बंद करना होगा। बिना धोए हाथों को सीधे मुंह में डालने से बैक्टीरिया आसानी से शरीर में प्रवेश कर जाते हैं।

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    CoronaVirus से बचने का एकमात्र तरीका, तुरंत छोड़ दें इन 5 आदतों को !

    बालों को उंगलियों फेरना भी खतरनाक हो सकता है। अगर बाल किसी भी तरह गंदी सतह से छू जाते हैं तो आपकी इस आदत की वजह से वायरस आपके हाथों में आ सकता है और फिर हाथों से होते हुए मुंह और नाक के जरिए शरीर में फैल सकता है।

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    CoronaVirus से बचने का एकमात्र तरीका, तुरंत छोड़ दें इन 5 आदतों को !

    कोरोना वायरस किसी भी सतह पर रह सकता है। ऐसे में चेहरे पर हुए मुंहासों को बार-बार छूने से संक्रमण का खतरा हो सकता है। इस लिए मुंहासों को फोड़ना नहीं चाहिए।

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    CoronaVirus से बचने का एकमात्र तरीका, तुरंत छोड़ दें इन 5 आदतों को !

    कोरोना से बचने के लिए अपने बेडशीट को हर दूसरे दिन धोना चाहिए। क्योंकि कोरोना वायरस सतह पर कुछ दिनों तक जिंदा रहता है. इसलिए शरीर के संपर्क में आने वाले कपड़ों को नियमित रूप से धोते रहें।

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    CoronaVirus से बचने का एकमात्र तरीका, तुरंत छोड़ दें इन 5 आदतों को !

    दांतों की सफाई बहुत अच्छे तरीके से करते हों लेकिन एक गलत आदत आपको बीमार बना सकती है। कुछ लोग खाते समय कई बार कुछ चीजें दांत में फंस जाती है तो वे अपने हाथों से उन्हें निकालने लगते हैं। ऐसे में ये खतरनाक साबित हो सकता है।

     

     

  • यह घरेलू नुस्खे आपकी सर्दी को झट से कर देंगे गायब

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    इस समय कोरोना वायरस ने सभी को डरा दिया है और व्यक्ति को अगर नार्मल सर्दी भी हो रही है तो वह डर रहा है । ऐसे में आप तो जानते ही होंगे कि कभी कभी बंद नाक की समस्या का सामना सभी को करना पड़ता है और कई लोगों को आजकल भी यह समस्या हो रही है। ऐसे में हम सभी जानते ही हैं कि सर्दी-जुकाम एक आम बीमारी है और ठंड के मौसम में यह अधिक बढ़ जाती है लेकिन इस समय गर्मी में भी सभी को यह बीमारी होती नजर आ रही है। वैसे अगर आप भी बंद नाक की समस्या से परेशान हो रहे हैं।

    तो आइए, जानते है बंद नाक खोलने के घरेलू उपाय :

    भाप लेना – अगर आपको सर्दी हो गई है तो आपको गर्म पानी में खुशबूदार तेल की कुछ बूंदे डालनी हैं और इसके अलावा आप इसमें अयोडीन की कुछ बूंदें या फिर विक्स कैप्सूल भी डाल सकते हैं । उसके बाद गर्म पानी के बर्तन की ओर चेहरा करके भाप लें । यह नाक खोलने के साथ ही सर्दी में आराम देगा।

    व्यायाम – अगर आप अपनी बंद नाक को खोलना चाह रहे हैं तो एक छोटा सा व्यायाम कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपनी नाक बंद करके सिर को पीछे की तरह झुकाना है और कुछ समय के लिए सांस को रोककर रखना है. इसे आप दो तीन बार दोहरा सकते हैं।

    गर्म पानी – अपना सिर पीछे की ओर झुकाएं और किसी ड्रॉपर की मदद से हल्के गर्म या गुनगुने पानी की कुछ बूंदे नाक के छिद्रों में डालें और उसके बाद कुछ ही देर में वापस सिर आगे कर लें और इस पानी को निकाल दें। ऐसा आप करेंगे तो लाभ होगा।

    नारियल तेल – कहा जाता है नारियल तेल बंद नाक को खोलने का एक बेहतरीन उपाय है. कभी आपको लगे कि आपकी नाक बंद है तो आप नारियल तेल अंगुली से नाक के अंदर तक लगाएं। इसके आलावा नरियल तेल की कुछ बूंदे नाक में डालें और फिर गहरी सांस लें। ऐसे करने से आपको राहत मिलेगी।

    कपूर की महक- बंद नाक के समय आप कपूर की महक भी ले सकते हैं और आप चाहे तो इसे नारियल तेल के साथ मिलाकर सूंघ सकते हैं।

  • कोरोना ‘स्पाइक्स’ हेयरस्टाइल बनी लोगों की पसंद, देखें तस्वीरें

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    नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण से दुनिया के करीब 200 देश प्रभावित हैं। भारत समेत कई देशों में लॉकडाउन चल रहा है। इस बीच जहां लोगों की आम दिनचर्या, रहन-सहन, रोजगार, खानपान वगैरह प्रभावित हुआ है, वहीं लोगों के सामने एक समस्या बढ़ते बालों को लेकर भी है। सेविंग तो घर में संभव है, लेकिन हेयर कटिंग मुश्किल है। ज्यादातर नाई की दुकान, सैलून, ब्यूटी पार्लर वगैरह बंद हैं। अधिकतर देशों में ऐसी दिक्कत है। वहीं दूसरी ओर पूर्वी अफ्रीका में इन दिनों ‘कोरोना वायरस हेयरस्टाइल’ बहुत मशहूर हो रही है।

    कोरोना वायरस की रोकथाम के लिए लगे प्रतिबंधों के कारण आर्थिक समस्याओं के बीच यह हेयरस्टाइल लोगों के लिए किफायती साबित हो रही है। इस हेयरस्टाइल में लोग अपने बालों में कोरोना वायरस के आकार की चोटियां बनवा रहे हैं। केन्या में बच्चों के बीच यह हेयरस्टाइल बहुत ही पसंद की जा रही है।

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    कोरोना ‘स्पाइक्स’ हेयरस्टाइल बनी लोगों की पसंद, देखें तस्वीरें

    इस हेयरस्टाइल के माध्यम से लोग कोरोना के प्रति लोगों को जागरूक भी कर रहे हैं। लोग यह बताने की कोशिश कर रहे हैं कि वायरस का खतरा वास्तव में गंभीर है। पिछले कुछ सालों में यह हेयरस्टाइल भारत, ब्राजील और चीन से आए सिंथेटिक बालों वाली स्टाइल की मांग के कारण फैशन में नहीं थी लेकिन अब फिर से इसकी मांग बढ़ गई है।

    विदेशी हेयरस्टाइल वाले बालों की तस्वीरें अफ्रीका के सैलूनों में छाई हुई हैं। द गार्जियन की एक रिपोर्ट के मुताबिक, केन्या की राजधानी नैरोबी में 24 वर्षीय हेयरड्रेसर शेरोन रेफा ने एक झुग्गी बस्ती में बच्चों और युवाओं के बालों को एंटीना जैसे स्पाइक्स की तरह डिजाइन करते हैं। इसे कोरोना वायरस हेयरस्टाइल कहा गया। कुछ लोग कोरोना वायरस को गंभीर नहीं मान रहे, वहीं ज्यादातर छोटे बच्चे अपने हाथों को साफ करने और मास्क पहनने के प्रति जागरूक हैं।

  • 99 फीसद मरने वाले संक्रमितों में पाई गई विटामिन डी की कमी

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    नई दिल्ली। दुनिया में कोरोना वायरस से मरने वालों का आंकड़ा थमने का नाम नहीं ले रहा है। कोरोना से दुनिया में साढे चार लाख से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इन परिस्थितियों में एक विश्लेषण ने चौंकाने वाले नतीजे पेश किए हैं। एक सर्वे के अनुसार इंडोनेशिया के शोधकर्ताओं ने 780 लोगों के विश्लेषण के जरिए बताया है कि इससे मरने वालों में से 99 फीसद लोग ऐसे थे, जिनमें विटामिन डी की कमी पाई गई है। नतीजों के अनुसार, इन परिस्थितियों में पोषक तत्व ‘धूप‘ जीवन रक्षक हो सकती है।

    यूरोपीय देशों में कम विटामिन डी, अधिक मौतें : कैम्ब्रिज में एंग्लिया रस्किन विश्वविद्यालय ने पाया कि कम विटामिन डी के स्तर वाले यूरोपीय देशों में महामारी के कारण मरने वाले लोगों की संख्या बहुत अधिक है। वहीं ब्रिटेन के नेशनल इंस्टीट्यूट एंड केयर एक्सीलेंस इस मुद्दे की समीक्षा आयोजित कर रहा है, जिसका प्रकाशन अगले महीने हो सकता है।

    विटामिन डी की कमी खतरनाक : इस विश्लेषण के मुताबिक, यदि व्यक्ति के शरीर में 20 नैनोग्राम प्रति मिलीलीटर से कम विटामिन डी पाया जाता है तो कोरोना वायरस से संक्रमित 98.9 फीसद लोगों की मृत्यु हो जाती है। हालांकि जिन रोगियों के पास पर्याप्त मात्रा में विटामिन डी पाया गया, उनकी मौत का आंकड़ा सिर्फ 4.1 फीसद था। यह बताता है कि विटामिन डी की न्यून मात्रा कोरोना संक्रमित व्यक्ति के लिए घातक परिणाम देने वाली हो सकती है।

    विटामिन डी ऐसे करता है प्रभावित : आपके शरीर में विटामिन डी का स्तर कम होता है तो आपकी हड्डियां पतली और कमजोर होने लगती हैं। साथ ही यह इंसुलिन प्रतिरोध, उच्च रक्तचाप और इम्युन सिस्टम को सुचारू रखने में भूमिका निभाता है। साथ ही यह कैंसर और हृदय रोगों में भी प्रभावी होता है, हालांकि इस पर शोध जारी है।

    अन्य अध्ययनों के भी मिलते-जुलते परिणाम : लंदन के क्वीन मैरी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर एड्रियन मार्टिनों ने एक परीक्षण के माध्यम से बताया है कि जीवनशैली के कुछ कारक जिनमें विटामिन डी का स्तर भी शामिल है, वायरस के प्रति संवेदनशीलता को प्रभावित करते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि श्वसन संक्रमण में विटामिन डी की दवा के बारे में सोचा जा सकता है। वहीं सर्रे विश्वविद्यालय के मुताबिक, विटामिन डी स्वस्थ जीवनशैली का हिस्सा हो सकता है, लेकिन यह चमत्कारिक नहीं है, क्योंकि इसका प्रमाण स्पष्ट नहीं है।

    कई सवाल भी हैं : घटता विटामिन डी, बढ़ते संक्रमित (प्रति 10 लाख पर कोविड-19 संक्रमण मामले) इंडोनेशिया में सामने आया यह अध्ययन किसी भी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय या फिर कोविड-19 रिसर्च से नहीं जुड़ा है। सभी पांच शोधकर्ता जिनका नेतृत्व प्राबोवो रहारुसुना करते हैं, स्वतंत्र शोधकर्ता हैं। साथ ही उनकी वैज्ञानिक पृष्ठभूमि के बारे में भी कोई जानकारी नहीं है। यह रिसर्च अप्रैल में प्रकाशित हुई थी, जिसकी समीक्षा की जानी है। टीम ने पाया कि विटामिन डी की कमी वाले रोगियों की उम्र, लिंग और अन्य बीमारियों को ध्यान में रखते हुए मृत्यु की संभावना 10 फीसद अधिक थी।

    सूर्य की रोशनी से बढ़ाएं विटामिन डी : विटामिन डी का सबसे अच्छा स्नोत सूर्य की रोशनी है। यदि आप अपने भोजन में विटामिन डी का बेहतर स्नोत नहीं ढूंढ पा रहे हैं तो आपके लिए सूर्य की रोशनी से बेहतर कुछ नहीं है। कुछ देर धूप में रहने से विटामिन डी के साथ ही कई अन्य लाभ भी मिलते हैं। सूर्य की रोशनी से शरीर अल्ट्रावायलेट किरणों के संपर्क में आता है और यह शरीर में विटामिन डी की पूर्ति करता है। धूप के अतिरिक्त विटामिन डी की पूर्ति के सबसे अच्छे स्रोतों में ऑयली फिश, अंडा, दूध और कुछ प्रकार के मशरूम शामिल किए जाते हैं।