Category: health

  • पुरुष ध्यान दें, इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का खतरा ज्यादा सिगरेट और शराब से

    [object Promise]

    हर कोई चाहता है कि उनकी सेक्स लाइफ बेहतरीन हो क्योंकि आखिरकार सबसे अच्छा स्ट्रेस बस्टर है और आपको रिलैक्स करने में मदद करता है। लेकिन सेक्स लाइफ का सिर्फ स्पाइसी ही नहीं हेल्दी होना भी जरूरी है। इन दिनों सेक्शुअली ट्रांसमिटेड इंफेक्शन (STI) और डिजीज (STD) के मामले काफी बढ़ रहे हैं। लिहाजा बेहद जरूरी है कि आप अपनी सेक्शुअल हेल्थ का ध्यान रखें। खासकर पुरुष अगर चाहते हैं कि उन्हें सेक्स से जुड़ी किसी तरह की कोई समस्या न हो तो उन्हें इन बातों का ध्यान रखना चाहिए।

    ​स्मोकिंग से रहें दूर

    आपको शायद ये न पता हो लेकिन बहुत ज्यादा स्मोकिंग करने से पुरुषों को सेक्स के दौरान होने वाली इरेक्शन से जुड़ी सबसे बड़ी दिक्कत इरेक्टाइल डिस्फंक्शन का सामना करना पड़ता है। इतना ही नहीं, स्मोकिंग की वजह से स्पर्म काउंट पर भी असर पड़ता है जिससे फर्टिलिटी प्रभावित होती है और नपुंसकता का खतरा रहता है। ऐसे में स्मोकिंग सिर्फ आपके फेफड़ों के लिए ही नहीं बल्कि सेक्स लाइफ के लिए भी बेहद हानिकारक है।

    ​बहुत ज्यादा शराब न पिएं

    सिगरेट की ही तरह शराब भी पुरुषों की सेक्स लाइफ को नुकसान पहुंचा सकती है। एक्सपर्ट्स की मानें तो बहुत ज्यादा ड्रिंक करने से इरेक्टाइल डिस्फंक्शन हो सकता है। ऐसा इसलिए क्योंकि ऐल्कॉहॉल पुरुषों में लिबिडो यानी सेक्स करने की इच्छा को कम कर देता है और साथ ही क्लाइमैक्स तक पहुंचने की ताकत भी कम हो जाती है। सेक्स के दौरान खुलकर ऑर्गैज्म इंजॉय करना चाहते हैं तो शराब कम पिएं।

    स्ट्रेस और गुस्से से रहें दूर

    जब कोई व्यक्ति तनाव में होता है तो न सिर्फ उने गुस्सा आता है बल्कि वह थकान भी महसूस करने लगता है, किसी भी चीज में मन नहीं लगता और ये सारी चीजें घूम-फिरकर आपकी सेक्शुअल हेल्थ पर बुरा असर डालती हैं। लिहाजा जहां तक संभव हो गुस्से और स्ट्रेस से दूर रहें और इसके लिए मेडिटेशन का सहारा लें।

    ​लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करें

    ऐसा नहीं है कि सिर्फ फीमेल पार्टनर को ही लुब्रिकेंट की जरूरत होती है। प्रैक्टिकली बात करें तो जैसे-जैसे पुरुषों की उम्र बढ़ती है उनके पीनिस में सेंसिटिविटी कम होने लगती है जिस वजह से इरेक्शन हासिल करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। लिहाजा लुब्रिकेंट्स का इस्तेमाल करें। इससे आपको सेक्स को बेहतर तरीके से इंजॉय करने में मदद मिलेगी।

    ​कीगल एक्सर्साइज करें

    अगर आप चाहते हैं कि बिस्तर में आपकी परफॉर्मेंस देर तक टिके और आपके इरेक्शन्स भी स्ट्रॉन्ग हों तो आपको नियमित रूप से कीगल एक्सर्साइज करना चाहिए। इस एक्सर्साइज की मदद से इजैक्युलेशन का फोर्स बेहतर होता है और प्रॉस्टेट ग्लैंड की स्थिति भी बेहतर होती है जिससे प्रॉस्टेट कैंसर का खतरा भी कम होता है। साथ ही कीगल एक्सर्साइज करने से प्रीमच्योर इजैक्युलेशन की दिक्कत भी नहीं होती।

  • ब्यॉयफ्रेंड को जलन फील करवाने के लिए ब्रेकअप के बाद ये काम करती है लड़कियां

    [object Promise]

    जीवन में एक बार ऐसा वक्त अाता है जब हमें कोई बहुत ही ज्यादा पसंद आ जाता है कि हम उसके साथ जिंदगी बिताने की सोचने लगते हैं। सबकुछ सही चलता रहता है लेकिन अचानक कुछ चीजें ऐसी हो जाती है कि रिश्ते में दरार आ जाती है। फिर वही दो लोग अलग होने की बात करने लगते हैं जिन्होनें साथ जीने मरने की कसमें खाई थी।

    यह बात हम सभी जानते है कि किसी भी रिलेशनशीप में जाना जितना आसान है, जितना ही उससे निकलना मुश्किल है। ब्रेकअप का दौर बहुत मुश्किल होता है और इसके बाद हर किसी में काफी सारे बदलाव आते हैं। ब्रेकअप के इस दर्द को लड़कियां अपने ही तरीके से हैंडल करती हैं।

    बता दें कि ब्रेकअप के दर्द से उबरने के लड़कियां क्या-क्या करतीं है। बेशक लड़कियां इस गम से उबरने के लिए लडक़ों की तरह शराब न पीती हों लेकिन इनके तरीके जानकर आप भी लड़कियों की तारीफ करने लगेंगे। दिल टूटने के गम से उबरने के लिए लड़कियां अपने दोस्तों के साथ शॉपिंग करना पसंद करती हैं।

    अपनी पसंद की चीजें खरीदने से उनका स्ट्रेस कम हो जाती है। कुछ लड़कियां तो इस गम से उबरने के लिए स्पा, पार्लर और जिम में भी अपना टाइस स्पेंड करती हैं।

    [object Promise]

    अपने पार्टनर को जैलेस फील करवाने के लिए लड़कियां खुद पर ध्यान देती हैं। इसके अलावा वह सोशल साइट्स भी एक्टिव रहती है, ताकि उनका पार्टनर यह देखकर जैलेस फील करें। पार्टनर को जलाने के लिए लड़कियां सोशल एक्टिविटी बढ़ा देती हैं।

    अपने पार्टनर से ब्रेकअप होने के बाद लड़कियां अपने लिए पति की तलाश करने लगती हैं। वह जानना चाहती हैं कि आखिर वो कौन है जो उसे पूरी तरह समझेगा और वाकई में ऐसा कोई है भी या नहीं।

    [object Promise]

  • कोरोना वायरस – 96 विमानों के 20 हजार यात्रियों की भारत में थर्मल जांच

    [object Promise]

    नई दिल्ली । कोरोना वायरस मामले में भारत में 96 विमानों के 20 हजार यात्रियों की थर्मल जांच की गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इन स्वास्थ्य जांचों में कोई भी व्यक्ति कोरोना वायरस से ग्रसित नहीं पाया गया है। भारत सरकार के स्वास्थ्य मंत्रालय के अधिकारी ने कहा, “अभी तक अलग-अलग देशों से आ रहे 96 विमानों के यात्रियों की जांच की गई है। इन 96 विमानों में सवार सभी 20 हजार 844 यात्री कोरोना वायरस से पूरी सुरक्षित पाए गए हैं। कोरोना वायरस से चीन में कई व्यक्तियों की मौत के बाद केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन स्थिति की निकटता से समीक्षा कर रहे हैं।”

    चीन के बाद अब सिंगापुर में भी नोवेल कोरोना वायरस का मामला सामने आया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन ने इसकी पुष्टी की है। पड़ोसी देशों में गंभीर बीमारी का यह वायरस पाए जाने के बाद अब भारत सरकार ने भी अतिरिक्त सर्तकता बरतनी शुरू कर दी है। इसी के तहत अलग-अलग देशों से आ रहे 20 हजार से अधिक विमान यात्रियों की विशेषज्ञों द्वारा गहन थर्मल जांच की गई है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने चेतावनी के रूप में दिल्ली, मुम्बई, कोलकाता, अहमदाबाद, अमृतसर, कोयंबटूर, गुवाहाटी, जयपुर, बागडोगरा, गया, त्रिवेंद्रम, त्रिची, वाराणसी और विजाग हवाई अड्डों के लिए सतर्कता निर्देश जारी किए गए हैं। चीन से आने वाले अंतर्राष्ट्रीय पर्यटकों की थर्मल स्कैनर के जरिये जांच करने का निर्देश भी दिया है। नागर विमानन मंत्रालय के सहयोग से विमान में इस संबंध में घोषणाएं की जा रही हैं। चीन जाने वाले और वहां से आने वाले यात्रियों के लिए यात्रा परामर्श भी जारी किया गया है। यह परामर्श स्वास्थ्य मंत्रालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।

    अभी तक दिल्ली, मुंबई और कोलकाता एयरपोर्ट पर चीन, सिंगापुर व जापान से आने वाले 60 विमानों में सवार कुल 12,828 यात्रियों की जांच की जा चुकी है।

    स्वास्थ्य मंत्रालय ने प्रयोगशाला जांच, निगरानी, संक्रमण रोकथाम तथा नियंत्रण (आईपीसी) और जोखिम संचार पर सभी सम्बन्धित को आवश्यक निर्देश जारी किया है। सामुदायिक निगरानी के लिए एकीकृत बीमारी निगरानी कार्यक्रम (आईडीएसपी) बनाया गया है। एनआईवी पुणे, आईसीएमआर प्रयोगशाला देश में एनसीओवी के लिए नमूने की जांच में समन्वय कर रहे हैं।

    उच्चस्तरीय बैठकों में अस्पतालों में प्रबन्धन तथा संक्रमण रोकथाम नियंत्रण सुविधाओं के बारे में तैयारी की समीक्षा की गई है। राज्यों के साथ परामर्श और आईपीसी दिशा-निर्देश साझा किए गए हैं। पीपीई सहित पर्याप्त लॉजिस्टक भंडार उपलब्ध है। राज्य सरकारों को आवश्यक एहतियाती उपाय करने की सलाह दी गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय कोरोना वायरस को लेकर विदेश मंत्रालय के भी सम्पर्क में है। हवाई अड्डों पर अप्रवासन अधिकारियों को इस बारे में सर्तक किया गया है।

    चीन में वायरस फैलने के बाद स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग की सचिव प्रीति सूदन को सार्वजनिक स्वास्थ्य व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा यह कदम समय से कोरोना वायरस की पहचान और इसके फैलाव को रोकने के लिए उठाए जा रहे हैं। इस वायरस का मानव से मानव संक्रमण वैश्विक स्तर पर कम है। इसलिए सीमित मानव से मानव संक्रमण के तथ्य को भी ध्यान में रखा जा रहा है।

    जेनेवा में गुरुवार को हुई विश्व स्वास्थ्य संगठन बैठक के बाद डब्ल्यूएचओ ने कहा कि अभी भी वायरस की स्थिति विकसित हो रही है। वायरस फैलने का ठोस कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है लेकिन डब्लूएचओ की प्राथमिक जांच इस वायरस को समुद्री खाद्य बाजार से जोड़ती है। कोरोना वायरस विषाणुओं के परिवार का है और इससे लोग बीमार पड़ जाते हैं। यह वायरस ऊंट, बिल्ली तथा चमगादड़ सहित पशुओं में प्रवेश कर जाता है। दुर्लभ स्थिति में पशु कोरोना वायरस बढ़कर लोगों को भी संक्रमित कर सकता है।

  • शिशु में फ्रैक्चर होने का खतरा गर्भावस्था में धूम्रपान से

    [object Promise]

    लंदन। हाल ही में हुए एक शोध में शोधकर्ताओं ने पाया कि गर्भावस्था के शुरुआती चरण में धूम्रपान करने से शिशुओं की हड्डियों में फ्रैक्चर होने का खतरा कुछ हद तक बढ़ जाता है। ऐसे कई सारे शोध हुए हैं, जिनमें पाया गया है कि गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान और शिशुओं की वृद्धि में आने वाली समस्याओं का एक सीधा संबंध है, लेकिन गर्भावस्था के दौरान धूम्रपान का प्रभाव शिशुओं की हड्डियों के स्वास्थ्य और जीवन के विभिन्न चरणों में इनके फ्रैक्चर होने के खतरे के बारे में मिले साक्ष्य दुर्लभ और भिन्न है।

    स्वीडन के ऑरेब्रो विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने कहा, “अध्ययन से प्राप्त निष्कर्ष से यह संकेत मिलता है कि गर्भावस्था के दौरान मां के धूम्रपान का संबंध एक साल की उम्र से पहले के दौर में हड्डियों के फ्रैक्चर होने से है।”

    उन्होंने आगे कहा, “गर्भावस्था के दौरान सिगरेट के धुएं के संपर्क में आना वैसे तो बाल्यावस्था या युवावस्था के पहले चरण में फ्रैक्चर के जोखिम पर एक लंबे समय तक चलने वाला जैविक प्रभाव नहीं लगता है।”

    शोध का निष्कर्ष पत्रिका बीएमजे में प्रकाशित हुआ है। यह शोध साल 1983 से लेकर 2000 तक के बीच स्वीडन में पैदा हुए 16 लाख की आबादी पर आधारित था। माताओं में से 377,367 ने अपनी गर्भावस्था के प्रारंभिक चरणों में धूम्रपान किया था, जबकि 1,302,940 महिलाओं ने ऐसा नहीं किया था। जन्म से लेकर 21 वर्ष की औसत आयु (अधिकतम 32 साल) तक इसके नतीजे को देखा गया।

    शोध निष्कर्ष में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान 377,970 फ्रैक्चर की पहचान (हर साल 1,000 लोगों में 11.8 की दर से) की गई। शोधकर्ताओं ने भाई-बहनों के बीच तुलना कर इसका भी विश्लेषण किया, ताकि इनसे प्राप्त अपरिमेय पारिवारिक कारकों (आनुवांशिक और पर्यावरणीय) के अनचाहे प्रभावों को नियंत्रित किया जा सके।

    मोटे तौर पर, गर्भावस्था के दौरान मां के धूम्रपान करने का संबंध बच्चों में हड्डियों के फ्रैक्चर होने से हैं, जिसकी संभावना सबसे ज्यादा एक साल की आयु के पहले तक के दौर में होती है, लेकिन इसका प्रभाव बचपन से लेकर पांच साल की आयु व 32 साल तक की उम्र तक रहता है।

  • CORONAVIRUS: चीन में ठीक होने के बाद 328 मरीजों को मिली छुट्टी, अब तक 304 लोगों की मौत

    [object Promise]

    बीजिंग। कोरोनावायरस से संक्रमित कुल 328 मरीजों को ठीक होने के बाद शनिवार के अंत तक अस्पताल से छुट्टी मिल गई थी। चीन के स्वास्थ्य अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग (एनएचसी) ने अपनी दैनिक रिपोर्ट में कहा कि शनिवार को ठीक होने के बाद 85 लोगों (हुबेई में 49) को अस्पताल से छुट्टी मिली। शनिवार के अंत तक, बीमारी से कुल 304 लोगों की मौत हो गई थी और चीन में 31 प्रांतीय स्तर के क्षेत्रों और झिंजियांग प्रोडक्शन एंड कंस्ट्रक्शन कॉर्प’ कोरोनावायरस संक्रमण के 14,380 मामलों की पुष्टि हुई थी।

  • स्किनकेयर की इन गलतियों से बचें स्वस्थ त्वचा के लिए

    [object Promise]

    नई दिल्ली। अगर आप इस साल एक स्वस्थ और दमकती हुई त्वचा को पाने की चाह रखते हैं, तो त्वचा की देखभाल से जुड़ी इन गलतियों को करने से बचें। सेटाफिल इंडिया की ओर से त्वचा रोग विशेषज्ञ और कॉस्मेटोलॉजिस्ट डॉ. गीतांजलि शेट्टी ने त्वचा की दैनिक देखभाल के दौरान की जाने वाली चार ऐसी ही बेहद आम गलतियों का जिक्र किया।

    1. स्वस्थवर्धक भोजन का सेवन न करना

    आप जो भी खाते हैं आपकी त्वचा पर उसका प्रभाव पड़ता है। अगर आप अस्वस्थकर भोजन जैसे कि प्रोसेस्ड या जंक फूड का सेवन करेंगे, पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पीएंगे, हानिकारक पेय पदार्थो का सेवन करेंगे, तो इन सबसे आपकी त्वचा प्रभावित होगी। आपकी त्वचा इनसे रूखी हो जाएगी और इसमें नमीं भी नहीं रहेगी। इसलिए अच्छी कंपनी के सौन्दर्य उत्पादों के इस्तेमाल के साथ-साथ पोषण पर भी ध्यान देना आवश्यक है।

    [object Promise]

    2. उत्पादों में इस्तेमाल की गई सामग्रियों पर ध्यान न देना

    आपको ऐसा लग ही सकता है कि आप जिस मॉश्च्यूराइजर का इस्तेमाल कर रहे हैं वह सबसे बेहतरीन है क्योंकि इससे आपकी त्वचा में नमीं काफी लंबे समय तक बरकरार रहती है, लेकिन इसमें कुछ ऐसे अवयव भी हो सकते हैं जिनका हानिकारक प्रभाव आपकी त्वचा पर पड़ सकता है। ऐसे में आप अपने त्वचा विशेषज्ञ से उन उपादानों के बारे में जान सकते हैं जो आपकी त्वचा के अनुरूप हो।

     

    3. नियमित रूप से क्लींजिंग न करना

    क्लींजिंग हमारी त्वचा के लिए बहुत ज्यादा जरूरी है। ऐसे में इसे नियमित रूप से जरूर करें। दिन में मेकअप अप्लाई करने से पहले और रात में सोने से पहले क्लींजिंग निश्चित रूप से करें।

    4. मॉश्च्यूराइजिंग न करना

    आपकी त्वचा को हर रोज मॉश्च्यूराइजेशन की आवश्यकता पड़ती है। नहाने के तुंरत बाद मॉश्च्यूराइजर अप्लाई करने और नहाने के काफी समय बाद भी इसे न लगाने का प्रभाव आपकी त्वचा पर बिल्कुल पड़ता है। आपकी त्वचा को मॉश्च्यूराइजर न लगाने की भारी कीमत चुकानी पड़ सकती है।

  • जानिए क्यों देती है शादीशुदा महिलाएं अपने पति को धोखा ?

    [object Promise]

    लाइफस्टाइल। यह बात हम सभी जानते है कि कॉलेज के दिनों में इंसान प्यार में धोखा खाता और देता है। लेकिन आजकल शादी के बाद धोखा देने का एक ट्रेंड सा बन गया है। यदि आपको ऐसा लगता है कि शादी के बाद आपकी पत्नी या आपके पति का किसी अन्य के साथ अफेयर नहीं हो सकता है तो ऐसे में यह आपकी जीवन की सबसे बड़ी भूल होगी। शादी से पहले और बाद धोखा देने के लिए अक्सर पति को अपराधी माना जाता था परन्तु समय बदलने के साथ महिलाएं भी धोखा करने लगी है। यदि किसी शादीशुदा महिला को शादी के बाद भी मानसिक और शारीरिक रूप से शांति नहीं मिल पा रही होती है तब वह निश्चित रूप से कहीं और चली जाती है।

    अक्सर रोजाना ऐसी खबरे आती रहती है कि प्रेमी के साथ मिलकर की पति की हत्या। जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि कोई भी व्यक्ति किसी को जान-बुझकर धोखा नहीं देना चाहता है हर स्त्री या पुरूष चाहता है कि वह अपने पति या पत्नी को खुश रखें। आइए हम आपको बताते है कि क्या वजह हो सकती है। जिसकी वजह से एक शादीशुदा महिला अपने पति को धोखा देती है।

    [object Promise]

    पहले प्यार को नहीं भूल पाना
    शादी से पहले किसी से लव अफेयर होने की वजह से सामान्य रूप से महिलाएं शादी के बाद पुरूषों को धोखा देने लगती हैं। अक्सर महिलाए पहले प्यार को नहीं भूल पाने के कारण वह धोखा देने पर मजबूर हो जाती हैं।

    घरेलू हिंसा

    शादी नए जीवन की शुरूआत होती है और हम अनेक सपने संजोए गृहस्थ जीवन में प्रवेश करते हैं। विवाह दो इंसानों का मिलन रूपी समझौता है, लेकिन अगर शादी के बाद घर में रोज ही झगड़े हो रहे होते हैं और हिंसा होती हैं तो ऐसे में बड़ी आसानी से कोई और जीवन में आ जाता है। खासतौर पर घरेलु हिंसा का सबसे ज्यादा प्रभाव महिलाओं पर पड़ता है ऐसे में उनका परिवार से विश्वास उठ जाता है और वह किसी और पार्टनर की तलाश मे रहती है जो उसकी परेशानी महसूस कर सके।

    ऐसी लाइफ से खुश ना होना
    यदि कोई भी मर्द या महिला शादी के बाद अपनी सेक्स लाइफ से संतुष्ट नहीं हो पा रहे होते हैं तो ऐसे में उनके किसी और के साथ अफेयर होने की संभावना ज्यादा बढ़ जाती हैं। कई बार महिला अपने पुरूष साथी से रोमांस के दौरान असंतुष्‍ट रहती है। उनकी यह असंतुष्टि महिलाओं को धोखा देने और बाहर की ओर जाने पर मजबूर करती है और वह जल्‍द ही दूसरे पुरूषों के सम्पर्क में आने लगती है।

    दोनों के बीच विश्वास में कमी
    अक्सर देखा जाता है कि कुछ महिलाएं शादी के बाद इसलिए धोखा देने लगती है। क्‍योंकि उनके पति को उन पर विश्वास नहीं होता और वह बिना किसी वजह के उन पर शक करते रहते हैं। अक्सर महिलाएं चाहती है कि वह अपने पति से खूब बातें करें और उनके पति भी अपनी बातें उनसे शेयर करें लेकिन जब आपसी वार्तालाप या संवाद की स्थिति खत्म हो जाती है तो रिश्तों में दरार आने और धोखा देने की संभावना अधिक बढ़ जाती है।

    [object Promise]

    बदला लेने की प्रवृति

    कुछ महिलाएं अपने पति से बदला लेने के लिए धोखा देने लगती है। जब पति द्वारा उनके भरोसे को तोड़ा जाता है। तो महिलाओं को दिल टूट जाता है और वह उसी तरह से धोखा और चोट पहुंचना चाहती हैं।

    कई बार ऐसा होता है कि महिलाओं को लगता है कि उनके पति उनके साथ धोखा कर रहे है और किसी और के बारें में बात करना उनकी तारीफ करना उन्हें समय नही देना जैसे कारण की वजह से महिलाएं अपने पति से बदला लेने के लिए कई ऐसा निर्णय लेती है।

  • Coronavirus Attack: शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

    [object Promise]

    कोरोना वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है । चीन में इस वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 490 तक पहुंच गया है जबकि 4000 नए मामले दर्ज किए गए हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, मरने वालों में 80 फीसदी लोग 60 साल की उम्र के हैं और 75 फीसदी लोग ऐसे हैं जो पहले ही किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं।

    [object Promise]
    कोरोना का अटैक : शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

    इसके अलावा कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलता हैविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)ने सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस से संबंधित सभी सवालों के जवाब दिए हैं

    [object Promise]
    कोरोना का अटैक : शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

     

     

    सांस की तकलीफ के साथ बहती नाक, सूखी खांसी, कफ, गले में दर्द के साथ बुखार आना कोराना वायरस के शुरुआती लक्षण हैं. कुछ लोगों में ये लक्षण और गंभीर हो सकते हैं जैसे निमोनिया या सांस लेने में दिक्कत महसूस करना।

    कोराना वायरस का संक्रमण जहां फैला हैं वहां आने-जाने वालों लोग जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। चीन के अलावा दूसरे देश के वो लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं जो किसी काम के सिलसिले में यहां आए थे।

    [object Promise]
    कोरोना का अटैक : शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

    कोराना वायरस से संक्रमित व्यक्ति अगर यात्रा कर रहा है तो उस दौरान भी ये वायरस और लोगों में फैल जाता है । मरीज में कोरोना वायरस के ही लक्षण हैं या नहीं, ये पता करने के दौरान डॉक्टर्स भी इसका शिकार हो जा रहे हैं।

    हालांकि कोरोना वायरस के बारे में अभी और पता किया जाना बाकी है लेकिन बुजुर्गों में और डायबिटीज, दिल के मरीजों या पहले से बीमार लोगों में कोराना वायरस के लक्षण जल्दी आ जाते हैं।

    [object Promise]
    कोरोना का अटैक : शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

    कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति जब दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आता है तो ये वायरल फैल जाता है। उदाहरण के तौर पर इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या नाक बहने के दौरान उसके आसपास कोई व्यक्ति मौजूद है तो उसमें भी कोराना वायरस का संक्रमण जा सकता है।

    WHO से पहले लांसेट मेडिकल जर्नल भी कोरोना वायरस की जानकारी पर एक लेख प्रकाशित कर चुका है। कोरोना वायरस से संक्रमित चीन के 99 मरीजों के बारे में लांसेट ने बताया है कि इन सभी मरीजों में सर्दी, खांसी की शिकायत के साथ निमोनिया के भी लक्षण पाए गए हैं। इन मरीजों के फेफड़ों में पानी भरा हुआ था।

    लांसेट में इस बात का भी जिक्र है कि इन सभी 99 मरीजों में पहले से कोई न कोई बीमारी थी। इस वजह से ये सभी आसानी से इस वायरस की चपेट में आ गए।

    कोराना वायरस से बचने के लिए हाइजीन बनाए रखना बहुत जरूरी है। अपने आस-पास साफ सफाई का पूरा ख्याल रखें। खांसने के दौरान टिश्यू मुंह पर रखें और फिर उसे कवर्ड डस्टबिन में फेंक दें । समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें।

    ये वायरस संक्रमण प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आने से तेजी से फैलता है । इसलिए मास्क का उपयोग करें और भीड़ भाड़ वाले स्थानों या समूह से दूरी बनाए रखें।

  • हर्बल दवाएं बेहतर गैर संक्रामक रोगों से मुकाबले के लिए: विशेषज्ञ

    हर्बल दवाएं बेहतर गैर संक्रामक रोगों से मुकाबले के लिए: विशेषज्ञ

    नई दिल्ली। गैर संक्रामक रोगों से मुकाबले के लिए हर्बल दवाएं काफी बेहतर हैं। ह्दयरोग, कैंसर, स्ट्रोक इत्यादि गैर संक्रामक रोग (एनसीडी) के उपचार में इनका इस्तेमाल प्रभावी हो सकता है। तीन दिवसीय सातवीं अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस में विशेषज्ञों ने यह बात कही। सोसायटी फॉर एथनोफामोर्कोलॉजी, केंद्रीय आयुष मंत्रालय और बॉयोटेक्रोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत और दुनिया के विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने खास तौर पर गैर संक्रामक रोगों का मुकाबला करने में जड़ी-बूटियों पर आधारित दवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

    जामिया हमदर्द विवि में चल रहे इस सम्मेलन में कनाडा, नाइजीरिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित 40 देशों के 60 से अधिक विशेषज्ञों ने सहभागिता की। कनाडा के टोरंटो से आए डॉ. प्रदीप विसेन ने मधुमेह के टाइप-2 और कार्डियो वस्कुलर रोगों के संबंध में औषधीय पादपों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह जैसे रोगों को पहले जहां सिर्फ संपन्न लोगों से जोड़ा जाता था, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक अब ये वैश्विक खतरा बन चुके हैं और गरीब इनसे सबसे ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं।

    एमिल फार्मा के डॉ. इक्षित शर्मा ने मधुमेह से लड़ने में बीजीआर-34 दवा की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि औषधीय पादपों से बनी यह दवा न सिर्फ नियमित रूप से रक्त में सर्करा की मात्रा को नियंत्रित करती है, बल्कि साथ ही हमारे मेटाबोलिज्म को भी नियंत्रित रखती है।

    बांग्लादेश के ढाका विश्वविद्यालय के औषध निर्माण विज्ञान विभाग के चेयरमैन और प्रोफेसर डॉ. सीतेश सी बचर ने अपने प्रजेंटेशन में कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति की बहुत सी दवाओं को इन रोगों में प्रभावी माना गया है, लेकिन इनमें कैंसर कारक तत्व होते हैं और ये लीवर को गंभीर क्षति पहुंचाती हैं। उनके अध्ययन में जड़ी-बूटियों में पाए गए प्राकृतिक तत्वों की प्रभावशीलता को रेखांकित किया है।

    इनके अलावा नाइजीरिया की टेक्सोकोलॉजी यूनिवर्सिटी ऑफ अबुजा में एथनोफामोर्कोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. पीटर ओ एजबोना ने कार्डियोवस्कुलर रोगों में पादपों के औषधीय महत्व पर चर्चा की। उन्होंने इसका अध्ययन जानवरों पर भी किया है। ऑस्ट्रेलिया में त्रिगोनेला लैब्स के निदेशक डॉ. दिलिप घोष ने मधुमेह के प्रबंधन में फेनुग्रीक बीज की भूमिका पर चर्चा की, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका में जीआरएएस (सामान्य तौर पर सुरक्षित) का दर्जा दिया।

  • कोरोनावायरस के मामलों में इराक में वृद्धि

    कोरोनावायरस के मामलों में इराक में वृद्धि

    बगदाद। इराक ने देश के उत्तरी प्रांत किरकुक में कोरोनोवायरस के एक नए मामले की घोषणा की है, जिससे इस मध्य पूर्वी देश में कोरोनावायरस के कन्फर्म मामलों की संख्या सात हो गई है। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, इराकी स्वास्थ्य मंत्रालय ने गुरुवार को एक बयान में कहा कि उसे 51 वर्षीय एक इराकी शख्स के कोरोनोवायरस से संक्रमित होने के एक नए मामले का पता चला है, जो पड़ोसी ईरान से इराक लौटा था। एक अस्पताल में भर्ती किए जाने के बाद उसका रिपोर्ट पॉजिटिव आया और अंतरराष्ट्रीय प्रक्रियाओं के अनुसार उसे क्वारन्टीन में रखा गया है।

    इससे पहले, मंत्रालय ने एक बयान में इराकी राजधानी बगदाद में एक इराकी युवक के कोरोनावायरस से संक्रमित होने के एक मामले की घोषणा की थी, वह भी पड़ोसी ईरान से बगदाद लौटा था।

    हाल ही में, इराकी अधिकारियों ने नजफ और किरकुक प्रांतों में इस बीमारी के मामलों की पुष्टि होने के बाद कोरोनावायरस के प्रसार को रोकने के लिए एहतियाती कदम उठाए हैं।