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  • जोड़ों के दर्द में सर्दियों में दिलाएगी आयुर्वेद राहत

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    नई दिल्ली। जोड़ों के दर्द से जूझ रहे लोगों के लिए सर्दियों का मौसम मुश्किल पैदा कर सकता है। ऑस्टियोआर्थराइटिस की स्थिति तब उत्पन्न होती है जब आपके जोड़ों में उपस्थित कार्टिलेज धीरे-धीरे क्षतिग्रस्त होने लगती है और इस वजह से हड्डियां आपस में एक-दूसरे से घिसने या रगड़ने लगती हैं, फलस्वरूप जकड़न, जोड़ों में दर्द और गति में दिक्कत इत्यादि की समस्या पैदा होने लगती है।

    जीवा आयुर्वेद के निदेशक डॉ.प्रताप चौहान ने कुछ उपाय सुझाए हैं, जिनका उपयोग आप जोड़ों के इस दर्द से उबरने के लिए कर सकते हैं।

    (1) नियमित ज्वॉइंट रोटेशन या जोड़ों का घुमाव

    साइकिलिंग और तैराकी जैसे कुछ कसरतों के साथ आप अपनी जीवन शैली में ज्वॉइंट रोटेशन को शामिल करें। जोड़ों के इस घुमाव से आपको इसमें दर्द से राहत मिलेगी और स्थिति को बिगड़ने से रोकने में मदद मिलेगी। इसके साथ ही वॉकिंग से भी आपको फायदा मिल सकता है, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि ज्यादा तेजी से न चलें और आरामदायक जूते पहनकर ही सैर पर निकलें, जिसकी सतह समान हो।

    (2) अभ्यंग का अभ्यास करें

    यह आयुर्वेद चिकित्सा का एक रूप है, जिसमें औषधीय तेलों से पूरे शरीर की मालिश की जाती है। इससे एक तो वात की समस्या कम होती है और दूसरी इससे उत्तकों से टॉक्सिन को बाहर निकलने में मदद मिलती है। इसके लिए ऑर्गेनिक तिल के तेल को गुनगुना गर्म करें और सिर से लेकर पांव तक लगाएं और हर रोज कम से कम दस मिनट तक मसाज करें। अगर आप रुमाटॉइट आर्थराइटिस से पीड़ित हैं तो अभ्यंग का अभ्यास न करें।

    (3) घी का सेवन

    गठिया को एक ऐसे रोग के रूप में देखा जाता है जिसमें वात की अधिकता हो जाती है जिससे पूरे शरीर में नमी कम होने लगती है और इस वजह से चिकनाई में कमी होने लगती है। घी, तिल या जैतून के तेल के उपयोग से सूजन में राहत मिलती है, जोड़ों में चिकनाई पैदा होती है और जोड़ों में जकड़न कम होती है।

    (4) योगा

    योग को अपनी जिंदगी में शामिल करें। ताड़ासन, वीरभद्रासन और दंडासन से जोड़ों के दर्द में राहत मिलती है और इससे गति में तेजी आती है।

    (5) उचित खानपान

    जोड़ों के दर्द से राहत के लिए उचित व संतुलित खानपान बेहद जरूरी है। ‘रक्ताशली’ और ‘शष्टिका’ जैसे अनाजों के सेवन से दर्द में राहत मिलती है। करेला, बैंगन, नीम और सहजन के डंठल का सेवन इस रोग में अधिक से अधिक करें और साथ ही तमाम तरह के बेर और एवोकैडो भी जकर खाए।

  • खोल देते है सभी राज स्त्रियों के ये अंग, ऐसे जानिए उनका चरित्र

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    यह बात हम सभी जानते है कि हमारे शरीर में बहुत से ऐसे अंग है जो हमको बहुत से संकेत देते है। समुद्रशास्त्र के मुताबिक स्त्री और पुरुषों के व्यवहार और उनकी आदतों के बारे में उनके शरीर के अंगो से पता लगाया जा सकता है।

    समुद्रशास्त्र के मुताबिक आज हम बताए गए कुछ संकेतों के बारे में बता रहे है जिससे आप महिला के व्यवहार जान सकते है। आइए इन अंगों से महिलाओं के व्यवहार के बारे में जानते है।

    महिलाओं के होंठ जानिए स्वभाव

    समुद्रशास्त्र के अनुसार आप महिलाओं के व्यवहार के बारे में जान सकते है। जैसे की महिलाओं के होठ से आप बहुत से राज जान सकते है। आप ने यह तो सुना ही होगा कि होंठ महिलाओं के लिए बहुत बड़ा आकर्षण का केंद्र है। ऐसा कहा जाता है कि महिलाओं के होठों को देख कर आप महिला के बारे में बहुत कुछ जान सकते है।

    समुद्रशास्त्र के मुताबिक, जिन महिलाओं के होंठ डार्क और मोटे होते हैं, ऐसी औरते जल्द ही अपने पति को खो देती हैं। वहीं जिन महिलाओं के होंठ पतले, चिकने और लाल होते हैं ऐसी महिलाएं बहुत ही रोमांटिक होती है ये अपने पति पर प्यार की बरसात कर देती है। इनके पति इनसे हमेशा ही खुश रहते है।

    महिलाओं की ठोड़ी

    समुद्रशास्त्र के मुताबिक, महिलाओं के चेहरे पर ठोड़ी का एक अपना महत्व होता है इसका आकर महिलाओ की खूबसूरती को और भी बढ़ता है मगर क्या आपको पता है की इसके द्वारा आप किसी भी महिला के बारे मे बहुत सी जानकारी ले सकते है।

    बता दे की जिन महिलाओं की ठोड़ी पर डिंपल होती हैं, ऐसे महिलाएं ज्यादा भाग्यशाली होती हैं। वहीं जिन महिलाओं की ठोड़ी गोल होती है यह महिलाएं बहुत वफादार होती है। इसके अलावा जिन महिलाओं की ठोड़ी लंबी होती है वे सांसारिक सुखों की तरफ जल्दी आकर्षित हो जाती ऐसी महिलाओं से हमेशा ही बच कर रहना चाहिए।

  • Winter Food: सर्दियों के मौसम में रोज खाएं ये देसी चीजें, बीमारियां होंगी दूर….!

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    सर्दियों के मौसम में शरीर को गर्म बनाए रखने के लिए गर्म चीजें खानी चाहिए, कई तभी तो जो चीजें हम गर्मियों में नहीं खाते, वह सर्दी के मौसम में खाना शुरू कर देते हैं। इस मौसम में देसी चीजें मेवे, सूप, सोंठ फायदेमंद बताई गई हैं। इनका जिक्र आयुर्वेद में किया गया है। कहा जाता है कि इनके सेवन से बीमारियां होंगी दूर, शरीर चुस्‍त-दुरुस्‍त रहता है  ।

    ठंड बढ़ते ही सर्दी, खांसी, बुखार जैसी बीमारियों में बढ़ोतरी हो जाती है. चिकित्सकों का मानना है कि इस मौसम में ठंड से बचने के लिए हम गर्म कपड़े तो पहन लेते हैं, मगर ठंड के असर से बचने के लिए शरीर का बाहर के साथ-साथ अंदर से भी गरम रहना जरूरी है।
    इसलिए हम आपको ऐसी देसी चीजों के बारे में बता रहे हैं जो शरीर को गर्म रखती हैं साथ ही ताकत भी देती ।

    – ठंड में लौंग, तुलसी, काली मिर्च और अदरक का सेवन करना चाहिए. आप इन्‍हें चाय में डालकर भी पी सकते हैं। खांसी, सर्दी, जुकाम के लिए ‘रामबाण’ का काम करती है।

    – सर्दियों में शहद का सेवन करने से शरीर को कई तरह की रोगों से दूर रखा जा सकता है. आयुर्वेद में शहद को अमृत माना गया है। सर्दी, जुकाम होने पर रात को सोने से पहले एक ग्लास गुनगुने दूध में एक चम्मच शहद मिलाकर पीने से यह खत्म हो जाती है।

    – सर्दी के दिनों में बाजरे की रोटी खाने का बहुत फायदा मिलता है. यह शरीर को तो गर्म रखती ही है, साथ में बाजरे की रोटी में प्रोटीन, विटामिन बी, कैल्शियम, फाइबर और एंटी ऑक्सीडेंट शरीर के लिए अच्छे होते हैं. ठंड से बचने के लिए बच्चों को भी बाजरे की रोटी खिलानी चाहिए।

    – खाने में अदरक के प्रयोग से शरीर तो गर्म होता ही है, साथ में पाचन क्रिया भी अच्छी होती है।

    – आवंला की तुलना अमृत से की गई है. आंवला में विटामिन सी, विटामिन एबी, पोटेशियम, कैलशियम, मैग्नीशियम, आयरन, कार्बोहाइड्रेट, फाइबर और डाययूरेटिक एसिड होते हैं. आंवला और मूंगफली सर्दियों में फायदेमंद होते हैं।

    – खजूर को गर्म दूध के साथ खाने पर भी सर्दी से राहत मिलती है।

    – अक्सर हम लोग सौंफ तब खाते हैं जब पाचन से संबंधित कोई परेशानी होती है. पर इस मौसम में सौंफ खाने की सलाह दी जाती है. सौंफ सर्दी में खाने को हजम करने की शक्ति देती है. इसके लिए आप खाने के बाद सौंफ चबा सकते हैं, खाना बनाते हुए उसमें सौंफ का पाउडर डाल सकते हैं या फिर सौंफ का काढ़ा बनाकर पी सकते हैं।

    – इस मौसम में तापमान कम होने से स्किन रिलेटिड समस्याएं होती हैं। त्वचा में रूखापन होता है. इसे दूर करने के लिए ऐलोवेरा लगाएं. फ्रेश निकालकर लगाएंगे तो बेहतर रहेगा. इसके अलावा ऐलोवेरा का मॉस्चराइजर या जेल लगा सकते हैं. ऐलोवेरा जूस पीने से इन समस्याओं से छुटकारा मिलता है।

    – अगर आप सर्दी के मौसम में मूंगफली खाएंगे तो शरीर गर्म रहेगा. भोजन के अगर 50 या 100 ग्राम मूंगफली हर रोज खाते हैं तो इससे सेहत बनती है, खून की कमी पूरी होती है।

    जोड़ों के दर्द में सर्दियों में दिलाएगी आयुर्वेद राहत

  • प्यार में इन चार अक्षरों वाली लड़कियां कभी नहीं देती है धोखा

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    यह बात हम सभी जानते है कि प्यार दुनिया का सबसे खूबसूरत अहसास है। जो हर किसी को कभी ना कभी हो ही जाता है, मगर प्यार में दिल टूटने से लोग डरते भी है। इसी कारण हर कोई प्यार करने से डरता है। आइए आज हम आपको ऐसे अक्षरों वाली लड़कियों के बारे में बता रहे है। जो प्यार में कभी धोखा नहीं देती है। बल्कि आपके हर सुख-दुख में आपका साथ भी निभाएंगी। आइए जानते है उन अक्षरों वाली लड़कियों के बारे में…

    अक्षर D- इस अक्षर से शुरू होने वाले नाम वाली लड़कियां नेचर से बेहद रोमांटिक होती हैं। ऐसी लड़कियां बेहद व्यस्त होते हुए भी अपने पार्टनर के लिए समय निकाल ही लेती हैं। खास बात यह है कि ऐसी लड़कियां अपने पार्टनर के लिए बेहद ईमानदार होती हैं।

    अक्षर G- इस अक्षर से शुरू होने वाले नाम वाली लड़कियां स्वभाव में बहुत जिद्दी होने के साथ काफी मेहनती भी होती हैं। ज्योतिषशास्त्र के अनुसार ऐसी लड़कियां धार्मिक प्रवृति की होती हैं। ऐसी लड़कियां घर परिवार को संभालने में सबसे आगे रहती हैं।

    अक्षर S- इस अक्षर से नाम शुरू होने वाली लड़कियां अपने जीवनसाथी को लेकर बहुत गंभीर रहती हैं। ऐसी लड़कियों में धैर्य बहुत ज्यादा होता है। ये लड़कियां अपने रिश्ते और करियर से जुड़ी सभी जिम्मेदारियों को अच्चे से निभाती हैं।

    अक्षर M- इस नाम के लोग प्यार के मामले में थोड़ा कड़क स्वभाव के होते हैं। ये लोग अपने साथी से बेपनाह प्यार करते हैं। इतना ही नहीं इस अक्षर वाली लड़कियां अपने साथी का बहुत सम्मान भी करती हैं।

  • डॉक्टरों की सलाह, खुद को गर्म रखें ठंड से बचने के लिए

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    सर्द मौसम में शीत लहर ने पूरे उत्तर भारत को अपने कब्जे में ले लिया है, ऐसे में डॉक्टर लोगों को सर्दी से बचने और खुद को गर्म रखने की सलाह दे रहे हैं। एम्स के एक वरिष्ठ रेजीडेंट डॉक्टर अमरिंदर माल्ही ने कहा, “ज्यादार मरीज अपर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (यूआरटीआई), लोअर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन (एलआरटीआई), उच्च तनाव, स्ट्रॉक और म्योकार्डियल इंफेक्शन की शिकायत लेकर आ रहे हैं।”

    उन्होंने आगे कहा, “इन बीमारियों से अगर बचना है तो खुद को गर्म रखना काफी महत्वपूर्ण है। लोगों को प्रतिदिन चार से पांच गिलास गर्म पानी पीना चाहिए। पारंपरिक हीटर के बजाय तेल वाले हीटर का प्रयोग करें, क्योंकि पारंपरिक हीटर वातावरण को शुष्क कर देते हैं। लेकिन प्रमुख तौर पर अपने शरीर को ऊंनी कपड़े, दस्ताने, टॉपी, मोजे आदि से ही गर्म रखें।”

    माल्ही के अनुसार, शीत लहर से प्रभावित यहां आने वाले लोग ज्यादातर उत्तर प्रदेश और बिहार के हैं। उन्होंने कहा, “हमारे ज्यादातर मरीज उत्तर प्रदेश, बिहार, हिमाचल प्रदेश और पंजाब के हैं, उनमें बच्चों, शिशुओं और बुजुर्गो की संख्या अधिक है।”

    वहीं ठंड से बढ़ते मरीजों की संख्या देखते हुए अस्पताल के प्रबंधन को लेकर डॉक्टर ने कहा, “हमने अस्पताल में अतिरिक्त कंबल, बिस्तर और हीटर का प्रबंध किया है, ताकि मरीजों को दिक्कत न हो।”

    वहीं मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, शीत लहर का यह दौर कुछ और समय के लिए जारी रह सकता है।

    इस पर भारत आईएमडी के वरिष्ठ वैज्ञानिक राजेंद्र जेनामणि ने कहा, “यह लंबी अवधि वाला अलग तरह की ठंड है, जिससे पूरा उत्तर भारत प्रभावित है।”
    उन्होंने आगे कहा, “आम तौर पर कोई अत्यधिक ठंड की अवधि पांच से छह दिनों की होती है, लेकिन इस साल 13 दिसंबर से तापमान लगातार निम्नतम है, जो असाधारण है।”

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  • अपनी डाइट में शामिल करें ये फूड कॉम्बो वजन होगा कम

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    लाइफस्टाइल। हर लड़की का सपना होता है कि उसकी बॉडी स्लिम बनी रहे और वह हमेशा खूबसूरत दिखें। लेकिन वर्तमान की बदलती दिनचर्या में बहुत ही कम लोग ही ऐसे होगें जो इस सपने को पूरा कर पाते हैं।

    यह बात हम सभी जानते है कि वजन को कम करने के लिए लोग ना जाने कितने प्रकार की चीजों का उपयोग करते हैं। लेकिन रिजेल्ट ना के बराबर देखने को मिलता है जिससे वे हताश हो जाते हैं। लेकिन अब आपको परेशान होने की जरूरत नही है।

    आइए आज हम आपको इस पोस्ट के लिए ऐसे फूड्स के बारे में बता रहे हैं जिनका उपयोग करने से आप बिना जिम जाये अपना वजन असानी से कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं उन फूड्स के बारे में जो आपके वजन को कम करने में सहायता करते हैं।

    (1) दालचीनी और कॉफी को सेवन
    वजन कम करने के लिए कॉफी तैयार करें और उसमें दालचीनी पाउडर मिला लें। दालचीनी में एंटीऑक्सिडेंट तत्व होते हैं जो इंसुलिन को संतुलित करने में मदद करते हैं, और जब इसे कॉफी के साथ मिलाया जाता है तो यह आपके शरीर से जमे फेट को हटाने में कारागार साबित होते है।

    (2) काली मिर्च और अंडे

    यह बात हम सभी जानते हैं कि अंडे में प्रोटीन की मात्रा प्रचूर मात्रा पाई जाती है पर क्या आपने कभी अंडे को काली मिर्च के साथ खाया है। लेकिन यह कॉम्बो फूड आपके वजन कम करने वाला सबसे अच्छा उपाय है। अंडे के साथ काली मिर्च का सेवन करने से आपका वजन काफी जल्दी कम हो सकता है क्योकि काली मिर्च में विटामिन सी की उच्च मात्रा पाई जाती है, और अंडे में प्रोटीन। जब दोनों को साथ मिलाकर खाया जाये तो ये तत्व आपके शरीर की अतिरिक्त चर्बी को कम करके वजन कम करने में मदद करते हैं।

    (3) पालक और केला का सेवन

    केले को पालक के साथ मिलाकर खाने से तेजी से शरीर से वसा और कैलोरी को कम होती हैं। यह शरीर के वजन को घटा देता है यह वजन को कम करने वाला सबसे अच्छा असान उपाय है।

    (4) दही और रैस्बेरी का सेवन

    बढ़ते वजन को कम करने के लिए कॉम्बो फूड अहम भूमिका निभात है। इसके लिये आप दही के साथ रैस्बेरी को मिलाएं। रैस्बेरी आपके शरीर के कार्ब्स को जलाने में मदद करता है।

  • 30-40 वर्ष के पुरुषों को पसंद करती हैं विवाहेतर संबंध के लिए भारतीय महिलाएं

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    नई दिल्ली। विवाहेतर संबंध यानी एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के लिए भारतीय महिलाओं को 30 से 40 वर्ष के पुरुष अच्छे लगते हैं, जबकि पुरुषों को इसके लिए 25 से 30 उम्र की महिलाएं पसंद आती हैं। विवाहेतर डेटिंग एप ग्लीडन के डाटा से यह बात सामने आई है। शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, इस तरह के संबंध में पुरुष ‘सब कुछ के लिए तैयार हैं’ और हमेशा ‘रोमांच’ की तलाश करते रहते हैं, जबकि भारतीय महिलाएं अधिक सतर्क हैं और ज्यादातर ‘वर्चुअल’ एक्सचेंजों को पसंद करती हैं।

    इसमें कहा गया कि भारतीय यूजर्स स्मार्टफोन्स के माध्मय से जुड़ना पसंद करते हैं और मोबाइल वेबसाइट के मुलाबले उन्हें एप ज्यादा पसंद है।

    कंपनी ने कहा कि वह तीन बार आकर चैट पर औसतन 1.5 घंटे बिताते हैं और ज्यादातर लंच ब्रेक में दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक व अपने पति-पत्नी के सोने के बाद रात 10 बजे से मध्यरात्रि तक यहां समय देते हैं।

    रिपोर्ट में यह भी कहा गया है कि शीर्ष बेवफा (अनफेथफुल) शहरों में दिल्ली चौथे स्थान पर है। देश में ग्लीडन समुदाय में से 18 प्रतिशत राष्ट्रीय राजधानी से हैं।

    इस सूची में बेंगलुरु पहले, मुंबई दूसरे, कोलकाता तीसरे और क्रमश: दिल्ली और पुणे चौथे और पांचवें स्थान पर है। सबसे राहत देने वाली बात यह है कि दिल्ली में पुरुष-महिला का अनुपात 65:35 है, जो कि देश के औसतन 70:30 में सर्वाधिक प्रतिशत है महिलाओं और पुरुष के बीच।

    दिल्ली की महिलाएं इसमें सबसे अधिक ऑनलाइन रहती हैं और रोजाना यहां दो घंटे व्यतीत करती हैं। इनमें से अधिकतर 30 से 40 उम्र की हैं और ये अधिक आय वाले व्यक्तियों को पसंद करती हैं। इसमें डॉक्टर, डेंटिस्ट, हाइअर मैनेजर्स और चार्टर्ड एकाउंटेंट शामिल हैं।

  • 2020 में अधिकतर लोग स्मार्टफोन की मदद से करेंगे खरीदारी

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    नई दिल्ली। बढ़ते सामथ्र्य और बेहतर यूजर अनुभव के चलते इस वर्ष स्मार्टफोन के माध्यम से खरीदारी करने वाले लोगों की संख्या में वृद्धि देखने को मिलेगी। अधिक लोग 2020 में ऑनलाइन खरीदारी करेंगे।

    ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म ‘क्लब फैक्टरी’ ने बुधवार को 2020 के लिए अपने अनुमान की घोषणा करते हुए यह जानकारी दी।

    इसने कहा, “कंपनियां ऑनलाइन खरीदारी के अनुभवों को बेहतर बनाने और सुधारने का प्रयास करेंगी इसलिए यह साल न केवल ऑनलाइन शॉपिंग के परिपक्व होने का गवाह होगा, बल्कि लाखों नए खरीदारों को भी देखेगा। साथ ही नए विचारों और नवाचारों का चरण भी तेज होता रहेगा।”

    फर्म के अनुसार, 2020 में अधिक पेमेंट ऑप्शन के साथ यूजर अधिक डिजटल पेमेंट कर सकेंगे, जिसके चलते कैश ऑन डिलिवरी में कमी आएगी। ई-कॉमर्स में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के बढ़ते उपयोग का मतलब होगा बेहतर लॉजिस्टिक्स, स्पीडी डिलीवरी और बेहतर खरीदारी अनुभव।

    यह डिजिटलीकरण प्लेटफॉर्म्स को सीधे सोर्स और फैक्ट्री तक जोड़ने में कामयाब होगा। यूजर्स को विनिर्माण और बेहतर उत्पाद अनुकूलन के साथ सर्वोत्तम संभव मूल्य का लाभ उठाने में मदद करेगा।

    इंटरनेट की पहुंच, ऑनलाइन शॉपिंग के लाभ और इससे परिचित होने वाले यूजर्स की वजह से ई-कॉमर्स मार्केट तेजी बढ़ेगा।

    ई-कॉमर्स छोटे शहरों और सिटी में यूजर्स के लिए एकसमान पारदर्शी अवसर पेश करेगी। इन शहरों में जितने अधिक यूजर्स ऑनलाइन होंगे, वे ई-कॉमर्स के विकास की कुंजी बनेंगे।

    डिलिवरी को रेगुलेट करने और पैसे बचाने के लिए सबसक्रिप्शन सर्विस पर अधिक यूजर्स साइन अप कर सकते हैं।

  • खुद को सर्दियों के मौसम में ऐसे रखे फिट, अपनाएं ये जरूरी टिप्स

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    लाइफस्टाइल। सर्दियों के मौसम में हेल्थ दिनचर्या को बनाए रखना काफी मुश्किल होता है। इस मौसम दिन छोटे होते हैं और रातें बड़ी जिससे काम आधे-अधूरे रह जाते हैं।

    सर्दियों में बाहर जाकर व्यायाम करना भी एक आफत बन जाता है। बाहर जाकर काम करने का मन नहीं करता फिर चाहे वो वॉक पर जाना हो या फिर बच्चे के साथ खेलना हो। परन्तु इन सब के बावजूद भी आप कुछ बातों को ध्यान में रखकर सर्दियों में भी फिट रह सकते हैं।

    कार्बोंहाइडे्रट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करें

    दिन ढलने के बाद कार्बोंहाइडे्रट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन करना चाहिए। कार्बोहाइडे्रट युक्त खाद्य पदार्थों का सेवन अगर आप शाम को करते हैं तो आपका शरीर तभी सेरोटोनिन पैदा करता है। जब उसे वाकई में जरूरत होती है। शाम के सामय आपकी एनर्जी का स्तर काफी बढ जाता है और यह आपको ज्यादा समय तक चुस्त रखता है।

    मौसम से प्रभावित होने वाले व्यवहार से व्यक्तियों पर अलग-अलग तरह से पड़ते हैं। अध्ययनों से पता चलता है कि इसका लोगों पर नकारात्मक प्रभाव पडता है। सोने की तीव्र इच्छा, ऐच्छिक गतिविधियों में कमी, कुल मिलाकर आलसीपन तथा खाने की ज्यादा इच्छा होती हैं।

    इन सभी कारणों के चलते शरीर का वजन अचानक ही बढ जाता है। सही तरह से व्यायाम ना कर पाने के कारण कैलोरी तो खर्च नहीं होती और मोटापा बढ जाता है।

    व्यायाम में कॉर्डियो और एरोबिक्स को शामिल करें

    अपने व्यायाम में कॉर्डियो और एरोबिक्स को शामिल करें, इनको करने से उन कैलोरी पर सही प्रभाव पड़ता है जो आप खाने के दौरान लेते हैं। खास तौर यह है कि इन एक्सरसाइजों से रिलीजिंग प्लजर एंडोफिन्स निकलते हैं जो कि विंटर ब्लू से मुकाबले के लिए कारगर होता है।

    इसी के साथ आप घर पर रहकर ही रस्सी कूदना, सीढियों पर चढना जैसी एक्सरसाइज कर सकते हैं। आप दीवार के आगे हाथ करके भी एक्सरसाइज कर सकते हैं। साथ ही स्टै्रचिंग और कार्डियो एक्सरसाइज भी कर सकते हैं।

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  • बीयर हेल्थ के लिए अच्छी है या नहीं , शोध में निकले ये नतीजे

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    बीयर हेल्थ के लिए अच्छी है या नहीं इस पर काफी डिबेट होता रहता है। हालांकि जो लोग बीयर नहीं पीते उनके मन में हमेशा यह बात आती है कि आखिर ऐसा क्या है जो लोग इसके दीवाने होते हैं। अब इस बात का जवाब साइंटिस्ट्स को मिल गया है।

    कई फूड्स कराते हैं ‘फील गुड’

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    वैज्ञानिकों की मानें तो बीयर आपके दिमाग के उस हिस्से को उत्तेजित कराती है जो आपको फील गुड करवाता है। बता दें कि कुछ फूड्स आपको इतना अच्छा फील करवाते हैं कि आप इनको खाना बंद नहीं कर पाते, भले ही जरूरत से ज्यादा खा लिया हो।

    पेट के लिए खुशी के लिए खाता है इंसान

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    वैज्ञानिक इसे Hedonic Hunger (सुख देने वाली) भूख कहते हैं। इसमें इंसान बायलॉजिकल नीड के बजाय खुश रहने के लिए किसी चीज को खाता या पीता है।

    उत्तेजित होते हैं फील गुड हॉर्मोन्स

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    बीयर या टेस्टी फूड न्यूरोट्रांसमीटर डोपामीन को बढ़ाता है। ये फूड्स दिमाग के रिवार्ड सेंटर को स्टिम्यूलेट करते हैं जिससे डोपामीन D2 रिसेप्टर होते हैं। बता दें कि डोपामीन फील गुड हॉर्मोन होता है।

    शोध में निकले ये नतीजे

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    जर्मनी की फ्रेडरिक अलेक्जेंडर यूनिवर्सटी के शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कि कुछ फूड्स में क्या स्पेशल सब्सटेंस होते हैं जो डोपामीन की तरह ही डी 2 रिसेप्टर को ऐक्टिवेट करते हैं। इसके बाद 13000 मे से 17 ऑप्शंस चुनकर उनको लैब में टेस्ट किया गया। सबसे अच्छे रिजल्ट बीयर के निकले।

    बीयर पीकर होती है खुशी

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    रिसर्च मोनिका ने बताया कि यह काफी चौंकाने वाला था कि बीयर में मौजूद तत्व डी2 रिसेप्टर को ऐक्टिव करते हैं।