Category: health

  • आपको पता भी नहीं चलेगा साइलंट हार्ट अटैक के बारे में

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    क्या आपने कभी सोचा है कि आपको हार्ट अटैक आए लेकिन आपको उसका पता भी न चले। शायद आपको यह सुनने में अजीब लग रहा होगा लेकिन यह सच है। इस तरह के हार्ट अटैक को साइलंट हार्ट अटैक कहते हैं और इसके लक्षण खुलकर या उभरकर सामने नहीं आते। उदाहरण के लिए- 70 साल की एक महिला को जब हार्ट अटैक आया और डॉक्टरों ने अस्पताल में उनकी जांच की तो पता चला कि यह उस महिला का पहला हार्ट अटैक नहीं था। हार्ट को हुए नुकसान की जांच करने के लिए जो टेस्ट किए गए थे उनसे पता चला कि हार्ट में कुछ डेड मसल्स भी थे जो पहले हुए हार्ट अटैक की वजह से था जिसकी पहचान नहीं हो पायी थी।

    साइलंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन या SMI

    इस बारे में डॉक्टरों ने बताया कि उस महिला को पूर्व में कभी साइलंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन या SMI हुआ था। इसे साइलंट इसलिए कहा जाता है कि क्योंकि इस दौरान होने वाले कोई भी लक्षण ऐसे नहीं होते जिसके लिए डॉक्टर के पास जाने या मेडिकल अटेंशन की जरूरत पड़े। दुनियाभर में इस तरह के लाखों लोग हैं जो इस तरह के साइलंट हार्ट अटैक का शिकार हो जाते हैं। ऐसे लोगों में गंभीर हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है जिससे उनकी मौत होने की आशंका भी बढ़ जाती है।

    कब, क्यों और कैसे होता है SMI
    सामान्य हार्ट अटैक जिसकी पहचान हो जाती है, वह एक वॉर्निंग की तरह है कि मरीज को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है ताकि कार्डिऐक रिस्क को कम किया जा सके। इसके लिए डायट और एक्सर्साइज के साथ-साथ जरूरी दवाईयां भी दी जाती हैं। आइसलैंड और फिनलैंड में पिछले दिनों हुई कुछ स्टडीज में यह जानने की कोशिश की गई कि आखिर एसएमआई यानी साइलंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन कैसे होता है, कब होता है और इससे जुड़े परिणाम क्या और कैसे हो सकते हैं।

    5869 में से 1322 लोगों में हुआ था SMI
    जुलाई 2019 में जामा कार्डियॉलजी नाम के जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में 5 हजार 869 महिलाओं और पुरुषों की ऑटोप्सी रिपोर्ट शामिल थी। इन सभी की औसत उम्र 65 साल थी और इन सभी की उत्तरी फिनलैंड में अचानक मौत हुई थी। 5869 लोगों में से 1 हजार 322 लोगों में साइलंट हार्ट अटैक के सबूत मिले थे और इन लोगों में पहले से किसी भी तरह की कोरोनरी आरट्री डिजीज नहीं थी। यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन के ऑथर्स की मानें तो जिन लोगों को साइलंट हार्ट अटैक आता है वे इसके लक्षणों से अनभिज्ञ होते हैं इसलिए वे अपने शारीरिक परिश्रम को कंट्रोल नहीं कर पाते।

    कुछ हल्के-फुल्के लक्षण दिखते हैं जिन्हें नजरअंदाज न करें
    नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के कार्डियॉलजिस्ट डॉ रॉबर्ट ओ बोनो की मानें तो साइलंट हार्ट अटैक हमेशा ही साइलंट नहीं होता बल्कि इसके कुछ लक्षण दिखते हैं जैसे- सीने में असहजता महसूस होना, हार्टबर्न यानी सीने में जलन, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ होना आदि। इस तरह की चीजें आए दिन बड़ी संख्या में लोगों को होती है लेकिन लोग इसे मामूली गैस या ऐसिडिटी की दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर महिलाओं में इस तरह के लक्षण अस्पष्ट या अज्ञात होते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि उन्हें हार्ट अटैक आया है।

  • DIWALI DRESS : बदलिए दिवाली पर स्टाइल, दिखें हॉट ये ड्रेस पहन कर

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    दिवाली का त्योहार शुरू हो गया है। घर के सामान से लेकर कपड़ों तक की शॉपिंग शुरु हो चुकी है। दिवाली के दौरान हर कोई अलग कपड़े और लुक को लेकर लंबी तैयारी करता है। इस दिन हम हर दिन पहने जाने वाले ड्रेस से हटकर कपड़े पहनते हैं। दिवाली पर लोग एथनिक या ट्रेडिशनल कपड़े पहनना पसंद करते हैं।

    अगर आप भी इस दिवाली कुछ हटके पहनना चाहते हैं तो हम आपको दिवाली ड्रेस आइडिया और ट्रेडिशनल ड्रेस के बारे में बताते हैं। इस दिवाली कुर्ता-पजामा का स्टाइल बदलिए। इसके बाद आपको फेस्टिव लुक मिल सकेगा। त्योहार के दिनों में इस तरह के ड्रेस के बिना कुछ अधूरा सा लगता है। इसलिए इस दिन फेस्टिव स्टाइल वाले ड्रेस ही पहनें।

    लेटेस्ट स्टाइल के कुर्ता-पजामा…
    इस तरह के ड्रेस में हम क्रिकेटर विराट कोहली, एक्टर आयुष्मान खुराना, कार्तिक आर्यन इत्यादी का लुक देख चुके हैं। इस तरह के ड्रेस में आप खुद को बेहतर लुक देना चाहते हैं तो बॉलीवुड के कई एक्टर्स को देख सकते हैं।

    सिंपल और स्टाइलिश कुर्ता…
    दिवाली पर अगर आप चाहे तो सिंपल और स्टाइलिश कुर्ता पहन सकते है। क्योंकि सिंपल लुक से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। इस तरह का कुर्ता आपको ट्रेंडी लुक दे सकते हैं। साथ ही आप इस तरह को दिवाली पार्टी के लिए पहन सकते हैं।

    स्ट्रेट कुर्ता और पजामा…
    अब अगर आपको बहुत वर्क यानी डिजाइन वाला कुर्ता पसंद नहीं है तो आपके लिए स्ट्रेट कुर्ता एकदम सही है। दिवाली पर आप इस तरह का कुर्ता भी पहन सकते है। ये देखने में एकदम सही होते हैं। आप इसके लिए कुर्ता सही कलर का चुनें। जैसे- ब्लू, रेड, मरून आदि कलर ही चुनें। इस दिन सफेद कलर की बजाय थोड़ा पार्टी वियर व्हाइट कलर के ड्रेस चूज करें।

    ट्रेडिशनल ड्रेस/एथनिक ड्रेस…
    अगर आपको इस तरह की ड्रेस पसंद नहीं है तो आप ट्रेडिशनल ड्रेस/एथनिक ड्रेस पहन सकते है।
    इस तरह की ड्रेसेस के साथ आप शूज और स्लीपर दोनों ही पहन सकते हैं। लेकिन कुछ बातों का ध्यान देना होगा। जैसे- इसके साथ मोजड़ी (शेरवानी के साथ पहने जाने वाले शूज), लोफर, लेदर के स्लीपर पहनना सही होगा।

  • ROOP CHAUDAS 2019 : ऐसे दिखे सबसे अलग रूप चौदस पर, निखारें अपनी खूबसूरती इन तरीकों से

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    हिंदू धर्म में रूप चौदस का दिन महिलाओं के लिए बेहद खास माना जाता है। यह दिन महिलाओं के लिए खुद को निखारने का समय होता है। क्योंकि दिवाली की साफ-सफाई लगभग अब हर घर में महिलाएं पूरी कर चुकी होती हैं। ऐसे में अब बारी है चेहरे को निखारकर आने वाले त्योहारों में सबसे खूबसूरत और अलग दिखने की। इस दिन महिलाएं अपने रूप यौवन को संवारने के लिए श्रृंगार करती है। इस दिन आपको किस तरह अपनी सुंदरता का ध्यान रखना है, आइए जानते है।

    पारंपरिक तरीका…
    रूप चौदस पर उबटन लगाने की परंपरा है। ये सब जानते है कि दिवाली की सफाई और खरीदारी के बीच अपना ध्यान रखने का वक्त कम ही मिल पाता है। ऐसे में आपकी त्वचा पर डस्ट और डलनेस नजर आने लगती है। इस दिन आप बाजार से उबटन लाकर लगा सकती हैं या घर पर बेसन, सरसों तेल, हल्दी, चंदन पाउडर और गुलाबजल मिलाकर खुद भी उबटन तैयार कर सकती हैं। इसे पूरे शरीर पर लगाएं और सूखने पर नहा लें। फर्क आप खुद महसूस करेंगी।

    कच्चे दूध से साफ करें त्वचा…
    अपनी स्किन में नई जान भरने के लिए आप कच्चे दूध का उपयोग करें। दिन में नहाने के बाद अपने चेहरे पर कच्चा दूध लगाकर छोड़ दें फिर घर के बाकी काम निपटाने के बाद अपना चेहरा ताजे पानी से धो लें।

    अपने चेहरे के साथ ही आप कच्चा दूध अपनी गर्दन, हाथ और पैरों पर भी लगा सकती हैं। रात को कच्चा दूध लगाएं और जब यह सूख जाए तब सो जाएं। फिर सुबह उठकर नहाते समय इसे क्लीन कर लें। ऐसा करने से आपकी त्वचा में नई चमक आ जाएगी। रुखापन दूर होगा और आपकी स्किन हेल्दी और सॉफ्ट बनेगी।

    स्किन क्लिनिंग के लिए…

    घर के काम और साफ-सफाई के दौरान हम खुद को कितना भी कवर करके रखें डस्ट और कीटाणु हमें पकड़ ही लेते हैं। ऐसे में इनसे पूरी तरह मुक्ति पाने के लिए अपने बालों से लेकर पूरी बॉडी पर गुलाबजल में नींबू मिलाकर लगाएं। नींबू और गुलाबजल से आप अपने सिर और बालों की सुंदरता भी निखार सकती हैं। इस मिश्रण को शरीर और बालों में 30 मिनट लगाए रखने के बाद स्नान कर लें। इस प्रयोग से आपको सन टेन और पिंपल्स से भी राहत मिलेगी।

  • ऐसी लड़कियों संग रिश्ता बनाने पर आप सारी जिंदगी रहेंगे परेशान! जानें क्यों ?

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    शादी, किसी के भी जीवन का महत्वपूर्ण फैसला होता है। इसलिए पार्टनर का चुनाव सही होगा तभी शादीशुदा लाइफ को मजे से तब ही जिया जा सकता हैं ।

    जब आप और आपकी पार्टनर में बहुत अच्छी बॉन्डिंग हो और यह तब ही संभव हैं जब आपकी शादी से पहले ही लड़की की कुंडली अच्छे से देख ली जाये। अगर आप भी शादी करना चाहते हैं और इसके लिए आपके माता-पिता लड़की ढूंढ़ रहे हैं तो कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें।

    एक हालिया अध्ययन के मुताबिक रिश्ता दूर तक चलेगा या जल्दी ही टूट जाएगा, इसका अंदाजा काफी हद तक पहले लगाया जा सकता है। महिलाओं की कुछ आदतों को देखकर आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं। आइये जानते हैं कि किन चार आदतों वाली महिलाओं से शादी नहीं करनी चाहिए।

    किसी भी ऐसी लड़की से शादी न करें, जो आपके रिश्तेदारी में हो. आगे चलकर ऐसे रिश्तों में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गोत्र मिलने से भी दिक्कतें आती हैं सामने।

    आज के जमाने में यह कहना गलत होगा कि शादी से पहले कोई लड़की फ्रेंड या ब्वॉयफ्रेंड न बनाए। पर ब्वॉयफ्रेंड अगर बहुत बवाली हो तो शादी के बाद भी वह परेशान कर सकता है। ऐसे में शादी से पहले ही यह जान लेना बेहतर होगा कि उसका कोई बवाली फ्रेंड या ब्वॉयफ्रेंड तो नहीं है।

    ऐसे लड़कियों से भी बचें, जो बात-बात में गाली-गलौज करने पर उतारू हो जाती हैं। इससे घर का माहौल खराब हो सकता है और इसकी संभावना बहुत ज्यादा है कि गाली की वजह से घर में कलह बढ़ जाए।

    जिन लड़कियों को दिन में सोने की आदत और देर तक सोने वाली लड़कियों को कम जिम्मेदार माना जाता है। ऐसे में आप उन पर घर की पूरी जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकते। इसलिए ऐसी लड़कियां आपकी जिंदगी को संकट में ला सकती हैं।

  • ये ‘खास’ तेल मदद करेगा तोंद घटाकर वजन कम करने में

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    आपने भी ज्यादातर लोगों के मुंह से यही बात सुनी होगी कि अगर वजन कम करना है तो तेल से दूरी बनानी होगी। ज्यादातर लोग खाने के तेल को ही अपनी बढ़ती कमर और बाहर निकले पेट के लिए जिम्मेदार मानते हैं। लेकिन हम आपको बता दें कि इस बात में पूरी तरह से सच्चाई नहीं है। हम आपको बता रहे हैं एक ऐसे तेल के बारे में जिसके सेवन से न सिर्फ आपका वजन घटेगा बल्कि बाहर निकली तोंद भी अंदर हो जाएगी और वह खास तेल है- कास्टर ऑइल।

    ​फैट को पूरी तरह से नजरअंदाज न करें

    फैट शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है इसलिए तेल को पूरी तरह से ना कहने की जरूरत नहीं। तेल, हमारी डायट और लाइफ का अहम हिस्सा है इसलिए बेहद जरूरी है कि आप तेल को लेकर स्मार्ट चॉइस रखें। ऐसे कई तेल हैं जिसके सेवन से आपका बाहर निकला पेट भी कम हो जाएगा और वजन घटाने में भी मदद मिलेगी। ऐसा ही एक तेल है कास्टर ऑइल। जानें, इस तेल के कई फायदे

    ​ऐंटि-ओबेसिटी एजेंट है कास्टर ऑइल

    बालों को ग्रोथ देने के साथ ही कब्ज की समस्या दूर करने में मददगार है कास्टर ऑइल। इस तेल में रिसिनोलेइक ऐसिड होता है जो एक बेहतरीन ट्राइग्लिसराइड फैटी ऐसिड है जो बहुत ज्यादा नहीं पाया जाता। यह लैक्सेटिव के रूप में काम करता है और ऐंटि-ओबेसिटी यानी मोटापा कम करने वाले एजेंट के रूप में जाना जाता है।

    मेटाबॉलिज्म को बनाए बेहतर

    डायट में कास्टर ऑइल शामिल कर रेग्युलर बेसिस पर इसका सेवन करने से व्यक्ति का मेटाबॉलिज्म उत्तेजित होता है। मेटाबॉलिज्म जितना तेज होगा वजन घटाना उतना ही आसान और तेजी से हो पाएगा।

    ​वॉटर रिटेंशन की समस्या को करे दूर

    शरीर में वॉटर रिटेंशन होने की वजह से भी मोटापा ज्यादा पता चलता है। लिहाजा कास्टर ऑइल को शरीर पर लगाने या फिर इसका सेवन करने से यह गट, कोलोन और डाइजेस्टिव सिस्टम की दीवारों में जमा एक्सट्रा पानी को शरीर से बाहर निकालने में मदद करता है। इस प्रोसेस में शरीर भी डिटॉक्स हो जाता है।

    ​कैसे करें कास्टर ऑइल का सेवन

    बाकी तेलों की तुलना में कास्टर ऑइल का स्वाद बहुत अच्छा नहीं होता। बावजूद इसके अगर आप इस तेल की थोड़ी सी भी मात्रा का सेव कर लें तो न सिर्फ आपकी सेहत सुधरेगी बल्कि वेट लॉस का प्लान भी सफल होगा। आप चाहें तो हर दिन सुबह खाली पेट 1 चम्मच कास्टर ऑइल का सेवन करें। अगर आपको लगे कि इसके स्ट्रॉन्ग टेस्ट की वजह से आप इशे नहीं खा पा रहे हैं तो इसे फ्रेश फ्रूट जूस या अदरक के रस के साथ मिलाकर पिएं। साथ ही आप चाहें तो पेट और नाभि के आसपास के हिस्से में कास्टर ऑइल को गर्म कर मालिश भी कर सकते हैं। इससे भी तोंद घटाने में मदद मिलेगी।

    ​इस जरूरी बात का रखें ध्यान

    किसी भी चीज की अति बुरी होती है लिहाजा कास्टर ऑइल का सेवन भी लिमिट में रहकर ही करना चाहिए। चूंकि कास्टर ऑइल लैक्सेटिव एजेंट के रूप में काम करता है इसलिए इसके ज्यादा सेवन से डायरिया और दूसरी समस्याएं हो सकती हैं। वजन घटाने के लिए कास्टर ऑइल का सेवन करने के साथ-साथ हेल्दी और बैलेंस्ड डायट का भी सेवन करें और नियमित रूप से एक्सर्साइज भी करें।

  • क्यों होती है पार्टनर से बिना पूछे उनका फोन चेक करने की तीव्र इच्छा ?

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    अपने पार्टनर के फोन में जासूसी करने की आदत बेहद कॉमन है और ज्यादातर महिलाएं ऐसा करती हैं, शालिनी भारद्वाज (बदला हुआ नाम) इसकी कोई अपवाद नहीं थीं। उन्हें पति को बिना बताए उनका फोन चेक करने में शर्मिंदगी भी महसूस होती थी लेकिन फिर भी वह नियमित रूप से ऐसा करती थीं। जब भी उनके पति अपने फोन का पासवर्ड बदल देते थे, तो वह जिद करके और बहला फुसलाकर पति से पासवर्ड जान ही लेती थी। हैरानी की बात ये है कि शालिनी के पति जानते थे कि वह क्या कर रही हैं, फिर भी उन्होंने कभी कोई शिकायत नहीं की। हालांकि शालिनी के पति की तरह हर कोई इतना सहज नहीं होता कि कोई भी उनका फोन चेक कर ले। फिर चाहे वह उनका पार्टनर ही क्यों न हो।

    पार्टनर के रिश्ते को कंट्रोल करना होता है मकसद

    यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया औऱ यूनिवर्सिटी ऑफ लिस्बन की संयुक्त स्टडी में यह बात सामने आयी कि ज्यादातर लोग जो अपने पार्टनर या दोस्तों का फोन चेक करते हैं उसके पीछे मुख्य वजह जलन होती है और साथ ही उनका इंटेशन ये रहता है कि वह दूसरों के साथ अपने पार्टनर के रिलेशनशिप को कंट्रोल कर सकें। हैरानी की बात यही है कि ज्यादातर लोग अपने पार्टनर, जीवनसाथी या दोस्तों द्वारा अपने फोन में ताका-झांकी करने की आदत पर रोक भी नहीं लगाते हैं। हालांकि कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें यह आदत पसंद नहीं आती है और इस वजह से उनका रिश्ता टूट सकता है।45 प्रतिशत रिश्ते टूटे, 55 प्रतिशत ने किया सर्वाइव
    हालांकि यह स्टडी बेहद छोटे लेवल पर की गई थी लेकिन इस स्टडी से निकलने वाले नतीजे और टिप्पणियां हैरान करने वाले थे। स्टडी में 102 लोगों को शामिल किया गया और उनसे उन घटनाओं को शेयर करने के लिए कहा गया जिसमें उनके पार्टनर ने उनके फोन में सेंधमारी की या फिर उन्होंने अपने पार्टनर के फोन में। उसके बाद उन्हें यह भी बताना था कि ऐसा करने के बाद उनके रिश्ते का क्या हुआ जब उनके पार्टनर को पता चला कि उन्होंने उनकी परमिशन के बिना फोन में ताका-झांकी की है। स्टडी की मानें तो करीब 45 प्रतिशत लोगों का रिश्ता टूट गया जबकी 55 प्रतिशत लोगों का रिश्ता इस तरह की जासूसी के बावजूद बचा रह गया।

    फोन चेक करने की आदत ऑब्सेशन न बन जाए
    सीनियर कंसल्टेंट साइकॉलजिस्ट श्वेता सिंह कहती हैं, ‘पार्टनर को बिना बताए या बिना पूछे उनके फोन में ताका-झांकी करने का मतलब है कि आप उनकी जासूसी कर रहे हैं और यही बात धीरे-धीरे आपकी आदत बन जाती है। अगर यह आदत हद से ज्यादा बढ़ जाए, कंट्रोल से बाहर हो जाए तो यह ऑब्सेशन बन जाती है और फिर आपके मन में पार्टनर के हर एक कदम के बारे में जानने की तीव्र इच्छा पैदा होने लगती है।’

  • वर्ल्ड स्ट्रोक डे: लकवे का खतरा चीनी, नमक, फ्राइड फूड ज्यादा खाने से

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    29 अक्टूबर को दुनियाभर में वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है। इसका मकसद इस बीमारी के बढ़ते मरीज और इसकी गंभीरता को लेकर जागरुकता फैलाना है ताकि लोग इस बीमारी के बारे में जानें और इससे बचने के तरीके खोजे जा सकें। स्ट्रोक जिसे साधारण शब्दों में लकवा भी कहा जाता है एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज का मुंह तिरछा हो जाता है, हाथ-पैर बेजान हो जाते हैं, जुबान लड़खड़ाने लगती है या आवाज पूरी तरह से चली जाती है। ऐसा होने पर अगर समय रहते इलाज न मिले तो परिणाम जानलेवा हो सकते हैं।

    तुरंत इलाज मिल जाए तो बचना आसान
    स्ट्रोक एक इमर्जेंसी कंडिशन है। अगर स्ट्रोक को शुरुआत में ही पहचान कर इलाज दे दिया जाए तो इससे प्रभावित लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं क्योंकि इसका असरदार इलाज मौजूद है। हालांकि स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानकर तुरंत हॉस्पिटल ले जाना बेहद जरूरी है। लक्षण दिखने के शुरुआती साढ़े चार घंटे के अंदर अगर इलाज शुरू हो जाए तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। जितनी जल्दी क्लॉट खत्म करने की दवा दे दी जाएगी उतना ही बेहतर परिणाम मिलेगा।

    इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
    स्ट्रोक जिसे कभी-कभी ब्रेन अटैक भी कहते हैं, ये तब होता है जब दिमाग तक ब्लड पहुंचने में रुकावट आ जाती है। ऐसा होने पर दिमाग की कोशिकाएं मरने लगती हैं क्योंकि उन्हें काम करने के लिए जो ऑक्सिजन और पोषण मिलना चाहिए, वो नहीं मिल पाता। डॉक्टरों की मानें तो हार्ट अटैक के लक्षणों की तरह ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण नहीं होते बल्कि यह आपके ब्रेन के किस हिस्से को प्रभावित कर रहा है लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं। स्ट्रोक, शरीर के किसी बॉडी फंक्शन का अचानक काम करना बंद कर देने से जुड़ा है। ऐसे में सबसे आसान और जरूरी नियम यही है कि आप त्वरिक कार्रवाई करें- बॉडी बैलेंस, आंखें, चेहरा, हाथ, बोलने का तरीका इन सबको लेकर अगर जरा भी दिक्कत महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

    हर 1 मिनट में 3 भारतीय स्ट्रोक का शिकार
    ताजा आंकड़े जो सामने आए हैं वो बताते हैं कि हर 1 मिनट में 3 भारतीय यानी हर 20 सेकंड में 1 भारतीय ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। इस दर से हर साल 15 लाख भारतीय ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं और इनमें से 90 फीसदी मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। 55 साल की उम्र के बाद हर 6 में से 1 पुरुष और हर 5 में से 1 महिला को ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ब्रेन स्ट्रोक में 3 कंडिशन होती है- या तो आपकी मौत हो सकती है, या फिर आप रिकवर होकर सामान्य जीवन जी सकते हैं या फिर जीवन भर के लिए दूसरों पर निर्भर हो सकते हैं।

    ज्यादा चीनी-नमक भी है स्ट्रोक का कारण

    अगर आप डायबीटीज के मरीज हैं, कलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और मोटापे के ग्रसित हैं तो ये सारी दिक्कतें सिर्फ हार्ट डिजीज की ओर इशारा नहीं करतीं बल्कि स्ट्रोक यानी लकवे का भी सबसे बड़ा कारण हो सकती है। रिफाइंड ऑइल, चीनी, नमक और फ्राइड फूड ज्यादा मात्रा में खाने वाले लोगों को भी स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। वैसे तो स्ट्रोक किसी को भी हो सकता है लेकिन यह पुरुषों में ज्यादा कॉमन होता है लेकिन इससे मरने वालों में 50 फीसदी महिलाएं होती हैं।

  • लौटा LBD का ट्रेंड, देखें, दीवाज का हॉट अंदाज ब्लैक ड्रेस में

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    ब्लैक कलर की शॉर्ट ड्रेस जिसे LBD यानी लिटिल ब्लैक ड्रेस कहते हैं वैसे तो लंबे समय से फैशन में है। लेकिन बॉलिवुड दीवाज के बीच एक बार फिर इस क्लासी और पॉप्युलर एलबीडी का ट्रेंड वापस आ गया है। ऑफिस की फॉर्मल पार्टी हो या फिर दोस्तों संग नाइट आउट का प्लान, ब्लैक कलर की ड्रेस हर अकेजन के लिए परफेक्ट मानी जाती है। एक नजर बॉलिवुड की उन न्यूकमर दीवाज पर जो एलबीडी लुक में दिख रही हैं बेहद हॉट..

    ​LBD में सारा अली खान

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    इन दिनों बॉलिवुड में फैशन ट्रेंड सेट करने के मामले में अगर किसी एक न्यूकमर ऐक्ट्रेस का नाम सबसे ज्यादा लिया जा रहा है तो वह हैं सारा अली खान। डीप नेकलाइन और ड्रमैटिक स्लीव्स वाले इस एलबीडी में बेहद सेक्सी नजर आ रही हैं सारा अली खान।

    अनन्या पांडे का अलग अंदाज

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    हाल ही में हुए एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 की ऐक्ट्रेस अनन्या पांडे नजर आयीं ब्लैक कलर के इस रफल और सिक्वेंस वाले ब्लैक कलर के शॉर्ट ड्रेस में। अपनी इस ऑफ-शोल्डर ड्रेस को अनन्या ने ब्लैक कलर के ऐंकल लेंथ बूट्स के साथ टीमअप कर पहना था।

    कृति सैनन का हॉट लुक

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    एलबीडी के इस ट्रेंड में कृति सैनन भी शामिल नजर आयीं। अक्षय कुमार के साथ अपनी हालिया रिलीज फिल्म हाउसफुल 4 के प्रमोशन्स के दौरान कृति सैनन ने ब्लैक कलर की यह शॉर्ट ड्रेस पहनी थी जिसका हाइलाइट था ड्रेस का फुल स्लीव्स और प्लंजिंग नेकलाइन। अपनी इस ड्रेस को कृति ने गोल्डन कलर की स्टेटमेंट ईयररिंग्स और ब्लैक पंप्स के साथ टीमअप कर रखा था।

    ​स्पार्कलिंग ब्लैक ड्रेस में हिना खान

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    जल्द ही बॉलिवुड में डेब्यू करने जा रहीं टीवी की मशहूर ऐक्ट्रेस हिना खान भी नजर आयीं लिटिल ब्लैक ड्रेस में। हिना की यह ड्रेस ऐश ब्लैक कलर की थी और इस पूरी ड्रेस पर सिक्वेन्ड वर्क किया हुआ था यानी वह बहुत चमक रही थी। बेल स्लीव्स, वेस्ट बेल्ट और मैचिंग फ्लैट्स के साथ हिना खान बेहद खूबसूरत नजर आयीं।

    ​एलबीडी में कृति खरबंदा

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    दिवाली के मौके पर रिलीज हुई फिल्म हाउसफुल 4 की एक और ऐक्ट्रेस कृति खरबंदा भी अपनी फिल्म के प्रमोशन्स के दौरान लिटिल ब्लैक ड्रेस में नजर आयीं। कृति के इस वन-शोल्डर ड्रेस में रफल डिटेल्स थी जिसे उन्होंने सिल्वर कलर की हील वाली शिमरी जूती के साथ टीमअप कर पहना था।

  • आपके लिए हिचकी है आफत, दिलाएंगे ये नुस्खे राहत

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    वैसे तो हिचकी आना एक नैचरल प्रोसेस है और ये कभी भी और किसी को भी आ सकती है। लेकिन अगर हिचकी लंबे समय तक जारी रहे और बंद ही ना हो तो पीड़ित व्यक्ति को खीझ आने लगती है और वह हिचकी से छुटकारा पाने के लिए हर संभव कोशिश करने लगता है। आज हम आपको बता रहे हैं हिचकी कितने तरह की होती है, आखिर क्यों आती है हिचकी और कुछ आसान घरेलू नुस्खे जो हिचकी आने पर आपके काम आएंगे…

    ​…तो इसलिए आती है हिचकी

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    मेडिकल शब्दों में बात करें तो जब हमारे शरीर का डायफ्राम यानी मध्यच्छद झिल्ली सिकुड़ती है तो हमारे वोकल कॉर्ड्स यानी लैरिंग्स बंद हो जाते हैं जिससे हिचकी की आवाज आती है। हिचकी मुख्य रूप से 3 तरह की होती है-तेज हिचकी- 48 घंटे से कम समय के लिए रहती हैनिरंतर हिचकी- 2 दिन से ज्यादा समय के लिए रहती हैप्रचंड हिचकी- 1 महीने या इससे ज्यादा समय के लिए रहती है

    ​इन वजहों से आती है हिचकी

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    कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन करना, बहुत ज्यादा ऐल्कॉहॉल पीना, अगर व्यक्ति आंत या भोजन नलिका से जुड़ी बीमारी से पीड़ित हो, बहुत ज्यादा सोडा पीना, डायफ्राम को कंट्रोल करने वाली नसों से जुड़ी कोई बीमारी हो, पेट में गैस हो गई हो जो डायफ्राम को दबा रही हो… इन सारी वजहों से भी हिचकी आती है।

    ​हिचकी को आने से कैसे रोक सकते हैं

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    लंबे समय तक हिचकी आती रहे तो आपकी नींद और खाना खाने का पैटर्न डिस्टर्ब हो जाता है जिस वजह से डिहाइड्रेशन और वेट लॉस तक की दिक्कत हो सकती है। लिहाजा, तापमान में अचानक होने वाले बदलाव से बचें, बहुत ज्यादा ठंडे पानी से गार्गल करने से बचें और बहुत ज्यादा जल्दी और तेजी से खाना खाने से बचें। इन चीजों पर नियंत्रण कर आप हिचकी को रोक सकते हैं।

    ​हिचकी के लिए घरेलू नुस्खे आजमाएं

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    – 1 गिलास पानी पिएं लेकिन जल्दी-जल्दी ताकि डायफ्राम में होने वाली इरिटेशन को रोका जा सके।- 1 चम्मच चीनी खा लें। ऐसा करने से वेगस नर्व उत्तेजित हो जाती है और आपका शरीर हिचकी को भूल जाता है।- नींबू के रस का सेवन करें। इससे भी पेट में मौजूद ऐसिड न्यूट्रलाइज होता है और हिचकी रुक जाती है।- जीभ पर 1 बूंद विनिगर की डालें। विनिगर भी खट्टा होता है और हिचकी को रोकता है।- बेहद धीरे-धीरे और कंट्रोल्ड तरीके से सांस लें और इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं।- सांस छोड़ते वक्त आगे की ओर झुक जाएं और अपनी छाती को थोड़ा कम्प्रेस कर लें, इससे भी हिचकी रुक जाएगी।

  • लडकियाँ अपने पार्टनर से बेवफाई करने पर इस वजह से हो जाती हैं मजबूर! जानिए कारण

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    प्यार एक खूबसूरत एहसास है। इसे लव्जों में बयां नहीं किया जा सकता। इसे सिर्फ महसूस किया जा सकता है। कहते हैं कि प्यार तो सभी करते हैं लेकिन वो लोग ज्यादा खुशनसीब होते हैं जिन्हें प्यार की मंजिल मिल पाती है। कुछ लोग भले ही प्यार को खेल समझते हों लेकिन प्यार की राह इतनी आसान नहीं होती है। कई मुश्किलों, कई बंदिशों और जमाने की रुसवाइयों को झेलकर ही किसी को प्यार की मंजिल मिल पाती है। लेकिन ये मुमकिन तब होता है जब प्यार की मंजिल तक पहुंचने के लिए लड़का और लड़की दोनों मिलकर प्यार की राह में आनेवाले तमाम मुश्किल हालातों का सामना करते हैं।

    आज के दौर में लड़के और लड़कियों को आसानी से प्यार मिल तो जाता है वहीं उतनी ही आसानी से उस प्यार से छुटकारा पाने के लिए बहाना भी मिल जाता है। लेकिन ज्यादातर मामलों में लड़कियां अपने पार्टनर से बेवफाई करने पर उतर आती हैं। ये हम नहीं कह रहे बल्कि एक सर्वे में इस बात का खुलासा किया गया है। इस सर्वे में बताया गया है कि आखिर लडकियाँ क्यों बेवफाई करती हैं। आइए जानते है।

    आज के इस दौर में लोग छोटी-छोटी बातों पर अपने पार्टनर से ब्रेकअप कर लेते हैं। हालांकि ब्रेकअप के बाद लड़के अपने प्रेमिका की यादों को दिल से मिटाने के लिए उसके सारे मैसेजेस, फोटोज, ईमेल और फोन नंबर डिलीट कर देते हैं। लेकिन कभी आपने सोचा है कि ब्रेकअप होने का कारण ज्यादातर मामलों में लड़कियों को ही माना जाता है।

    एक सर्वे के मुताबिक, जो लड़कियां या महिलाएं अक्सर चरम सुख (ऑर्गेज्म) को फील करने की बात को स्वीकार करती हैं वही अपने पार्टनर से बेवफाई करके उसे धोखा देती है। सर्वे में कहा गया है कि इस तरह की महिलाएं अपने पार्टनर को कभी भी धोखा दे सकती हैं।

    वहीं दूसरी तरफ अगर महिलाओं को अपने पार्टनर से वो सम्मान नहीं मिल रहा है जिसकी वो उम्मीद करती हैं तो ऐसे हालात में वो अपने पार्टनर से दूर होने की कोशिश करती हैं।

    इस सर्वे में शामिल ज्यादातर महिलाओं का यही मानना था कि रिलेशनशिप में मर्दों का व्यवहार काफी मायने रखता है। उनका कहना था कि अगर उनका पार्टनर उनकी देखभाल ठीक तरीके से करता है तो धोखे की संभावना कम हो जाती है। वहीं अगर पार्टनर उनकी इज्जत ना करें तो ऐसे में वो बेवफाई करने से पीछे नहीं हटती हैं।