बदलते लाइफस्टाइल में केवल बढ़ती उम्र के लोगों को ही नहीं, बल्कि बच्चों को भी कमजोर आंखों की शिकायत रहती है, जिस वजह से छोटी उम्र के बच्चों को भी चश्मा लग जाता है। घंटों टीवी देखना, लगातार कंप्यूटर पर बैठे रहना, मोबाइल पर गेम खेलने के कारण बच्चों की आंखों पर जोर पड़ने लगता है, जिससे नजरे कमजोर हो जाती है। कम उम्र में ही बच्चों की नजर कमजोर होने से पेरेंट्स भी परेशान रहते हैं। अगर आपके बच्चे की आंखों की रोशनी भी कम है तो ऐसे में कुछ नैचुरल फूड्स की मदद से इस समस्यां को कम करने की कोशिश करें। आज हम आपको उन्हीं फूड्स के बारे में बताएंगे जिनकों खाने से आंखों की रोशनी बढ़ाई जा सकती है।
1. आंवला
आंवला में मौजूद पोषक तत्व आंखों की रोशनी बढ़ाने के लिए वरदान है। रोजाना डाइट में एक कच्चा आंवला शामिल करने से आंखों की रोशनी बढ़ती है। आप आंवले का मुरब्बा या खाली पेट जूस भी पी सकते है।
2. बादाम वाला दूध
बादाम में विटामिन ई होता है जो आंखों संबंधित समस्याएं नहीं होने देता। बादाम वाला दूध पीने से आंखों की रोशनी बढ़ने के साथ चेहरे पर ग्लो भी आता है। अगर आप चाहे तो इस दूध में हल्दी डालकर भी पी सकते है।
3. गाजर
इसमें विटामिन ए, सी, के ,बी, पैंटोथैनिक एसिड, फोलेट, पोटैशियम, लौह, तांबा, मैंगनीज, खनिज और कई सारे पोषक तत्व पाएं जाते है जो शरीर को बीमारियों से बचाए रखते है और आंखों की रोशनी को बढ़ाते है। रोजाना 1 गिलास गाजर का जूस पीने से आंखों की रोशनी तेज होती है।
4. अंडा
अंडे में अमीनो एसिड, प्रोटीन, सल्फर, लैक्टिन, ल्युटिन, सिस्टीन, विटामिन बी2 होता है जो आंखों से चश्मा हटाने मदद करते हैं। इसलिए अपनी और बच्चे की डाइट अंडे को शामिल करें।
5.मेवे
मेवों में विटामिन ए होता है जो आंखों के लिए फायदेमंद होता है। रोजाना मेवे खाने से आंखों की कमजोरी दूर होेने के साथ- साथ कोलेस्ट्रोल की मात्रा ठीक रहती है।
6.हरी सब्जियां
हरी पत्तेदार सब्जियां खाने के स्वाद का बढ़ाने के साथ सेहत के लिए भी फायदेमंद होती है। इनमें मौजूद आयरन आंखों के लिए बहुत जरूरी होता है। इसलिए अपनी डाइट में इन स्बजियों को जरूर शामिल रखें।
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आंखों की रोशनी बढ़ाने में मदद करेंगे ये फूड्स, डाइट में करें शामिल
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जायफल के फायदे और उपयोग जानकर आप रह जायेगे हैरान!
जायफल का इस्तेमाल खाने में स्वाद और खूशबू बढ़ाने के लिए किया जाता है। भोजन में स्वाद बढ़ाने के साथ-साथ औषधीएं गुणों से भरपूर जायफल से कई बड़ी-बड़ी बीमारियों को दूर किया जा सकता है। पोषक तत्व, फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, एंटी-इंफ्लेमेटरी और मिनरल्स से भरपूर जायफल बवासीर से लेकर अस्थमा तक के रोगों को हमेशा के लिए दूर करती है। आइए जानते है जायफल का चुटकी भर सेवन किन बीमारियों को जड़ से खत्म कर देता है।
1. बवासीर
देसी घी में जायफल को भून कर सूखा लें। इसके बाद इसे पीसकर आटे में मिक्स करने के बाद दोबारा देसी घी में सेंकें। इसके बाद इसमें शक्कर मिलाकर रोजाना 1 चम्मच खाली पेट खाएं। नियमित रूप से इसका सेवन आपको बवासीर से छुटकारा दिलाएगा।
2. गठिया रोग
जायफल के तेल से मालिश करने पर गठिया रोग और हाथें-पैरों की ऐठन दूर हो जाएगी। इसके अलावा इस रोग में जायफल और लौंग का काढ़ा पीने से भी यह समस्या दूर हो जाती है।
3. सर्दी-जुकाम
जायफल, सोंठ और जावित्री को एक साथ पीसकर किसी कपड़े में बांधकर सूंघने से जुकाम में आराम मिलता है। जायफल को पीसकर इसमें शहद मिक्स करें। इसे पानी के साथ चाटने से सर्दी, जुकाम और खांसी की समस्या दूर हो जाती है।
4. एसिडिटी
पेट की गैस और एसिडिटी की समस्या को दूर करने के लिए जायफल, सोंठ और जीरे को पीसकर चूर्ण बना लें। भोजन के बाद पानी के साथ इसका सेवन करने से गैस और एसिडिटी की परेशानी दूर हो जाएगी।
5. सिर दर्द
कच्चे दूध में जायफल घिसकर सिर में लगाने से आपको सिरदर्द से तुरंत आराम मिल जाएगा। इसके अलावा जायफल को घिसकर पानी में लेप बनाकर लगाने से भी सिरदर्द दूर हो जाता है।
6. मुंह के छाले
जायफल का काढ़ा बनाकर 3-4 बार गरारें करने से मुंह के छाले ठीक हो जाएंगे। इसके अलावा जायफल के टुकड़ें को 5 मिनट दांतों के नीचे रखने से कीड़े मर जाते है और कैविटी की समस्या नहीं होती।
7. अस्थमा
रोजाना सुबह खाली पेट 1 ग्राम जायफल चूर्ण में 1 ग्राम लौंग, 3 ग्राम शहद और एक रत्ती बंगभस्म मिलाकर खाएं। नियमित रूप से इसका सेवन अस्थमा और श्वास रोग को दूर कर देगा।
8. स्किन प्रॉब्लम्स
धब्बे, मुंहासे और झुर्रियों से छुटकारा पाने के लिए रोजाना चुटकीभर जायफल का सेवन करें। इसमें मौजूद एंटीसेप्टिक और एंटी-इनफ्लमेटरी स्किन को साफ रखते हैं। इसके अलावा जायफल के पाउडर को दूध में मिलाकर लगाने से स्किन समस्याएं दूर होती है। -
विटामिन की कमी के संकेत पहचानें और खाएं ये आहार
विटामिन और खनीज पदार्थ शरीर के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं। इनकी कमी से शरीर को बहुत सी समस्याएं हो सकती हैं। स्वस्थ शरीर के लिए विटामिन ए बहुत जरूरी है। विटामिन ए की कमी से त्वचा, बालों और आंखों संबंधित बीमारियां होने लगती हैं। विटामिन की मात्रा कम होने पर शरीर कुछ संकेत देने लगता है अगर समय रहते इन संकेतो को न समझा जाए तो आपको बहुत सी प्रॉब्लम का सामना करना पड़ सकता है। आज आपको विटामिन ए की कमी के लक्षणों के बारे में और इसकी कमी को पूरा करने के लिए कुछ खाद्य पदार्थों के बारे में बताएंगे।
विटामिन ए कि कमी के लक्षण
1. बालों का झड़ना
बालों को घना, लंबा, मुलायम रखने के लिए विटामिन ए जरूरी होता है। जब बाल झड़ना शरू हो जाएं या रूखे हो जाएं तो समझ ले कि शरीर विटामिन ए की कमी है
लेकिन जरूरत से ज्यादा विटामिन का उपयोग करने से गंजेपन की शिकायत हो सकती है।
2. आंखों की समस्या
विटामिन ए में फैट सैल्यूबल विटामिन होते हैं। जो आंखों के लिए बहुत जरूरी है। इसकी कमी से आंखों मे चुभन, खुजली और आंखों की पुतलियां कमजोर और आंखों की रोशनी कम होती है। कुछ व्यक्तियों को नाइट ब्लाइंडनेस की समस्या भी होती है। जिससे रात के समय चीजों को देखने में परेशानी होती है। इसे अंधराता भी कहा जाता है।
3. सर्दी-जुखाम
सर्दी- जुकाम होने आम है, मौसम के बदलाव के कारण या इंफैक्शन की वजह से इस तरह की समस्या होने लगती हैं लेकिन जिन लोगों को हर वक्त सर्दी- जुकाम रहता है उन में विटामिन ए की कमी हो सकती है।
4. थकान
थोड़ा-सा भागने, चलने, काम करने से थकावट होने का मुख्य कारण विटामिन ए की कमी हो सकती है। जिन व्यक्तियों को जल्दी थकावट हो जाती है वह विटामिन ए की कमी से पीडित हो सकते हैं। अपने आहार में विटामिन ए युक्त आहार को शामिल करना शुरू कर दें।
5. कमजोर दांत
विटामिन दातों को मजबूत रखता है जिन लोगों के दांत उम्र से पहले कमजोर होते है, वह विटामिन ए की कमी का शिकार हो सकते हैं।
6. प्रेगनैंसी में कठिनाई
विटामिन ए की कमी से कई बार महिलाओं को प्रेगनैंसी में कठिनाई होती है। इस कमी से कुछ महिलाएं मां नहीं बन पाती। उनकी प्रजनना क्षमता कमजोर होनी शुरू हो जाती है।
7. नींद न आना
जिन व्यक्तियों को थकावट होने के बाद भी नींद नहीं आती या अनिद्रा की समस्या रहती है। उनके शरीर में विटामिन ए की कमी हो सकती है। अच्छी नींद के लिए रात को सोने से पहले दूध का सेवन करें।
8. शाकाहारी इन चीजों को खाकर दूर करें विटामिन ए की कमी
पनीर, चुकंदर,पीले या नारंगी रंग के फल,चुकंदर, टमाटर, ब्रोकली, चीकू, साबुत अनाज, मिर्च, बटर, गाजर, डेयरी प्रोडक्ट, हरी पत्घ्तेदार सब्घ्जियां, बींस, राजमा,
सरसों, पपीता, धनिया, मटर, कद्दू, लाल मिर्च खाने से विटामिन ए की कमी पूरी होती है।
9. मासाहारी लोग खाएं ये आहार, पूरी करें विटामिन ए की कमी
फूड, मीट, अंडा, मछली का तेल डाइट में शामिल करने से शरीर में विटामिन ए की कमी को पूरा कर सकते हैं। -
यह जादुई काढ़ा, इन 6 गंभीर बीमारियों को जड़ से खत्म करेगा
स्वस्थ और बीमारियों से दूर रहने के लिए आप हेल्दी भोजन, फल और सब्जियों का सेवन करते है। इसके बावजूद भी ब्लड प्रैशन, डायबिटीज, हार्ट ब्लॉकेज और जोड़ों के दर्द जैयी बीमारी हो जाती है। इन बीमारियों से छुटकारा पाने के लिए आप कई तरह की दवाइयों का सेवन करते है, जोकि शरीर को ज्यादा नुकसान पहुंचा देते है। दवाइयों के बजाए इन बीमारियों को दूर करने के लिए आप घरेलू तरीके भी इस्तेमाल कर सकते है। ओमेगा-3 फैटी एसिड, प्रोटीन, फाइबर, विटामिन्स और मिनरल्स से भरपूर अलसी के काढ़े का सेवन कई बीमारियों के इलाज में फायदेमंद है।
काढ़ा बनाने की विधिः
2 चम्मच अलसी के बीजों को 2 कप पानी में डालकर अच्छी तरह उबाल लें। जब यह उबल कर आधा हो जाए तो इसे छानकर ठंडा कर लें। रोजाना दिन में 1 बार इसका सेवन सेहत के लिए और बीमारियों को दूर करने के लिए फायदेमंद होता है।
इस काढ़े से दूर होने वाली बीमारियां
1. ब्लड शुगर
नियमित रूप से सुबह खाली पेट असली के काढेघ् का सेवन डायबिटीज लेवल को कंट्रोल करता है। जिससे आप ब्लड शुगर जैसी बीमारी से दूर रहते है।
2. थायराइड
हाइपोथायराइड को दूर करने के लिए सुबह खाली पेट 1 कप अलसी के बीजों का काढ़ा पीएं। इसके अलावा इसका सेवन बालों को झड़ने से भी रोकता है।
3. जोड़ों का दर्द
साइटिका, नस का दबना, घुटनों और जोड़ों के दर्द में नियमित रूप से इस काढ़े का सेवन करें। दर्द कुछ दिनों में ही गायब हो जाएगा।
4. हार्ट ब्लॉकेज
नियमित रूप से अलसी का काढ़ा पीने से आर्टरीज में ब्लॉकेज की समस्या दूर होता है। इसके अलावा इसमें मौजूद ओमेगा-3 शरीर में कोलेस्ट्रॉल एलडीएल के स्तर को कम करके हृदय संबंधी बीमारियों को रोकने में मदद करता है।
5. मोटापा
वजन कम करने के लिए आप कई तरह की डाइट और व्यायाम अपनाते है। इसकी बजाए दिन में 2 बार इस काढ़े का सेवन करें। अलसी में मौजूद फाइबर भूख को कम करता है और शरीर को ऊर्जा प्रदान करता है। इससे जल्दी वजन कम करने में मदद मिलती है।
6. पेट की समस्याएं
रोजाना नियमित रूप से इस काढ़े का सेवन करने पर कब्ज, पेट दर्द, अपच, पेट अफरना, इंफेक्शन और एसिडिटी की समस्या दूर होती है। -
हरी पत्तेदार सलाद रोज खाने से याददाशत और सोचने की क्षमता में होगा इजाफा
एक अध्ययन में सामने आया है जो लोग हरी पत्तेदार सब्जियों की सलाद अपनी रोज की खुराक में शामिल करते हैं वे दिमाग को 11 साल जवान रखते हैं.अमेरिका के रश विश्विद्यालय के शोधार्थियों ने पाया है कि जो लोग हर दिन हरी पत्तेदार सब्जियां खाते हैं उनकी याददाशत और सोचने की क्षमता में उन लोगों की तुलना में कम गिरावट होती है जो सब्जियां नहीं खाते हैं या कभी कभार खाते हैं.न्युरोलोजी जनरल में प्रकाशित हुए अध्ययन के मुताबिक, दोनों समूहों के बीच अंतर आयु में 11 वर्ष कम के बराबर था. खुराक में हरी पत्तेदार सलाद को शामिल करने से दिमाग 11 साल जवान रख सकते हैं.विश्विद्यालय से जुड़ी मार्था क्लेयर मॉरिस ने बताया कि अपने दिमाग की सेहत को बढ़ाने का सरल तरीका है कि आप अपनी खुराक में हरी पत्तेदार सब्जियों को शामिल करें.उन्होंने कहा कि ऐसे बुजुर्ग लोगों की संख्या में इजाफा हो रहा है जो डिमेंशिया के शिकार हो रहे हैं. ऐसे में इसे रोकना अहम है. -
तनाव घटाने में सहायक है नियमित साइक्लिंग
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स्वस्थ रहने के लिए साइकिल चलाना बेहतरीन जरिया है। यह आपके वजन को नियंत्रण रखने के अलावा अवसाद, तनाव व चिंता को भी कम करता है।अक्टिवहेल्थ क्लीनिक में फिजियोथेरेपिस्ट दीपाली बडोनी व डॉ. मोहन डायबिटिज स्पेशियलिटी सेंटर के प्रबंध निदेशक आर.एम. अंजना ने साइकिल चलाने के फायदों के बारे में बात की।– साइकिलिंग एक एरोबिक व्यायाम है, जिसके कई फायदे हैं। इससे दिल के रोगों का खतरा कम होता है। इस गतिविधि से सिरोटोनिन, डोपामाइन व फेनिलइथिलामीन जैसे रसायनों का दिमाग में उत्पादन बढ़ता है, जिससे आप खुशी महसूस करते हैं और तनाव दूर होता है।– लगातार साइकिल चलाना घुटने व जोड़ों के दर्द से परेशान लोगों को आराम पहुंचाता है।– मधुमेह के रोगियों को साइकिल चलाने से पहले पर्याप्त मात्रा में पानी पीना चाहिए। टाइप-1 श्रेणी वाले मधुमेह रोगी यदि एक घंटे से ज्यादा साइकिल चलाते हैं तो उन्हें कुछ कार्बोहाइड्रेट युक्त आहार साथ में रखना चाहिए।मधुमेह वाले मरीज यदि नियमित तौर पर लंबी दूरी साइकिल से तय करते हैं तो उन्हें व्यायाम के पहले व बाद में ब्लड सुगर की जांच करानी चाहिए। यह जांच फिंगर स्टिक स्टाइल ब्लड ग्लूकोज मीटर से हो सकती है।– साइकिल चलाने से स्वास्थ्य संबंधी सभी फायदे मिलते हैं। इससे घुटनों के जोड़ों व आपके पैरों का पूरा व्यायाम होता है। दौडऩे की तुलना में साइकिल चलाने से आपके घुटनों पर बहुत कम दबाव पड़ता है और पैर की मांसपेशियों का व्यायाम होता है। -
कब्ज से तुरंत राहत पाने के ये हैं घरेलू इलाज, एक बार जरूर अजमाएं
कब्ज मिटाने के सरल उपचार पेट का तंदुरूस्त होना बहुत जरूरी है। यह शरीर का बहुत महत्वपूर्ण हिस्सा है अगर पेट में किसी तरह की कोई गड़बड़ी हो तो यह और भी बहुत सी बीमारियों को न्यौता देता है। बहुत से लोग अक्सर पेट साफ न होने यानि कब्ज की शिकायत करते हैं। इसका कारण पाचन क्रिया में गड़बड़ी के अलावा खान-पान का सही न होना है। कई बार हमारा गलत लाइफस्टाइल भी पेट पर बुरा असर पड़ता है। ज्यादा समय तक लगातार कब्ज की बीमारी से पीडित रहने पर त्वचा पर भी इसका असर दिखाई देने लगता है। इसेे चेहरे का कुदरती निखार खोना शुरू हो जाता है। इसके अलावा भूख न लगना,पेट की गैस,बेचैनी आदि की वजह भी पेट ही है। कब्ज मिटाने के सरल उपचार आपके लिए फायदेमंद हो सकते हैं।
कब्ज के कारण
कब्ज होने के बहुत से कारण हो सकते है लेकिन पेट से जुड़ी परेशानी होने पर इसका सही समय पर इलाज करवाना बहुत जरूरी है।
1. पानी का सेवन कम करना
2. तले हुए भोजन का ज्यादा सेवन
3. वजन घटाने के लिए डाइटिंग करना
4. मेटाबॉलिजम का कम होना
5. पेन किलर का ज्यादा सेवन
6. लगातार एक ही जगह पर बैठे रहना
7. एक ही प्रकार का भोजन खाना
कब्ज दूर करने के आसान घरेलू उपाय
1. गर्म पानी,नींबू और कैस्टर ऑयल
सुबह खाली पेट एक कप गर्म पानी में आधा नींबू निचोड़ कर इसमें एक छोटा चम्मच आरंडी यानि कैस्टर ऑयल डाल कर पी लें। इसे पीने के 15-20 मिनट बाद पेट साफ हो जाएगा। इसके अलावा रात को सोने से पहले 1 गिलास गर्म दूध में 2-4 बूंद कैस्टर ऑयल की डालकर पीएं। इससे सुबह पेट आसानी से साफ हो जाएगा।
2. शहद
रात को एक कप दूध में एक चम्मच शुद्ध शहद डालकर पीएं। रोजाना इसका सेवन करने से प्रतिरोधक क्षमता मजबूत होगी और पेट भी तंदुरूस्त रहेगा।
3. काला नमक
सुबह खाली पेट आधे नींबू के रस में काला नमक मिलाकर गुनगुने पानी के साथ सेवन कर लें। इससे पेट से जुड़ी समस्याएं दूर हो जाएगी।
4. त्रिफला
रात को एक लिटर पानी में 20 ग्राम त्रिफला भिगोकर रखें। सुबह इस पानी को छानकर पी लें, ऐसा करने से कुछ ही दिनों में पुरानी कब्ज से भी छुटकारा मिल जाएगा।
5. पपीता
पपीता में विटामिन डी भरपूर मात्रा में होता है। खाने में टेस्टी होने के साथ-साथ यह पेट के लिए भी बहुत लाभकारी है। रोजाना दिन में एक बार पके हुए पपीते का सेवन करें। पका हुआ अमरूद खाने से भी कब्ज से राहत मिलती है।
6. अंजीर
सूखी अंजीर को रात के समय पानी में भिगोकर रखा दें और सुबह इसे चबाकर खाएं। इसके साथ दूध भी पी सकते हैं। 5-6 दिन इसका सेवन करने से कब्ज दूर हो जाएगी।
7. पालक
पालक की सब्जी या इसके जूस की अपनी डाइट में शामिल करें। इससे कब्ज से छुटकारा मिलेगा और सेहत भी अच्छी रहेगी। -
अब बढ़ते वजन पर ऐसे लगाएं रोक
मोटापा बढने के कई कारण होते हैं। आज हम उन्हीं के बारे में आपको बता रहे हैं। अनुचित खान-पान, आराम पसंद लाइफस्टाइल, अनुवंशिक स्थितियों में मासिक धम की अनियमितता, थायरॉइड, हार्मोनल असंतुलन के कारण वजन का बढना तनाव अवसादयुक्त जीवन आदि वजन बढने के मुख्य कारण होते हैं।slimming-treatment
मोटापा एक भयानक रोग नहीं है, लेकिन मोटापे के कारण कई प्रकार की बीमारियां जन्म ले लेती हैं। जिसे वजह से हर किसी के लिए यह किसी गंभीर समस्या से कम नहीं होता है। मोटापे की वजह से, हृदय रोग, मधुमेह, ब्लडप्रेशर, बांझपन, सांस फूलना आदि बीमारियां हो जाती हैं।सर्दियों में वजन का थोडा बढना बुरा नहीं है, लेकिन जो लोग पहले ही मोटे हैं, उनके लिए यह परेशानी का सबब बन जाता है। ऐसे लोगों को संतुलित भोजन के साथ व्यायाम और शारीरिक सक्रियता की जरूरत होती है।हालांकि सर्दियों में प्यास कम लगती है, लेकिन शरीर को हाइड्रेट करने के लिए कुछ समय पर पानी पीना जरूरी है। सर्दियों में मौसम रूखा भी होता है, इसमें त्वचा की स्वाभाविक नमी कम होती जाती है। इसे पानी से ही संतुलित किया जा सकता है।दही से इम्यून सिस्टम सही होता है। फ्लेवर्ड या मीठे दही के बजाय सादे दही का सेवन करें। दही को स्वादिष्ट और पौष्टिक बनाने के लिए उसमें ताजे फल मिलाएं।
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खाने की मात्रा पर ध्यान दें। कम मात्रा में दिन में कम से कम तीन बार भोजन करें। स्वादिष्ट होने के साथ ही खाना ताजा होना चाहिए। -
सर्दियों में जरूर खाएं स्टार फ्रूट, इन 6 प्रॉब्लम से मिलेगा छुटकारा
सर्दी के मौसम में लोग अपनी सेहत का खास ख्याल रखते है। क्योंकि इस मौसम में बीमारियां होने का डर सबसे ज्यादा होता है। बीमारियों से दूर रहने के लिए लोग अपनी डाइट में कई हेल्दी चीजें जैसे गर्म मसाले, फल और सब्जियां शामिल करते है लेकिन इसके बावजूद भी कई प्रॉब्लम हो ही जाती है। ऐसे में सर्दियों में मिलने वाला खट्टा कमरख यानि स्टार फ्रूट का सेवन सेहत की कई समस्याओं को दूर करता है। कैलोरी, विटामिन सी और मिनरल्स के गुणों से भरपूर स्टार फ्रूट का सेवन आपकी कई हेल्थ प्रॉब्लम को दूर करता है। आइए जानते है रोजाना 1 स्टार फ्रूट का सेवन कई समस्याओं को दूर करने में मदद करता है।
स्टार फ्रूट के स्वास्थ्य से भरपूर लाभ
1. त्वचा संबंधी समस्याएं
सर्दियों में त्वचा संबंधी समस्याएं होना आम बात हैं। ऐसे में स्टार फ्रूट का सेवन स्किन इंफेक्शन, रूखापन, रैशेज और दाद-खुजली की परेशानी को दूर करता है।
2. प्रतिरोधक क्षमता
पोषक तत्व और विटामिन सी के गुणों से भरपूर स्टार फ्रूट का सेवन शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाता है, जिससे आप सर्दी में होने वाली समस्याओं से बचे रहते है। इसके अलावा इससे शरीर में ताजगी और एनर्जी भी बनी रहती है।
3. कैंसर
इसमें मौजूद एंटी-ऑक्सीडेंट्स तत्व शरीर में कैंसर कोशिकाओं को विकसित होने से रोकते है। इससे आप कैंसर जैसी बड़ी बीमारी से बचे रहते है। इसके अलावा इसका सेवन पेट में कीड़ों की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है।
4. भूख न लगना
इस मौसम में ज्यादातर लोगों को भूख और प्यास नहीं लगती है, जिससे शरीर कमजोर होने के साथ-साथ कई तरह बीमारियां भी हो जाती है। ऐसे में सुबह स्टार फ्रूट के एक गिलास जूस में चीनी मिलाकर पीएं। 3-4 दिन में ही असर दिखने लगेगा।
5. ड्रैंडफ
सर्दी के मौसम में अक्सर बालों में ड्रैडफ की समस्या देखने को मिलती है। ऐसे में स्टार फ्रूट और बादाम के तेल को मिक्स करके हफ्ते में 2 बार लगाएं। इससे ड्रैंडफ खत्म होने के साथ-साथ बाल भी चमकदार हो जायेंगे।
6. हैंगओवर
हैंगओवर होने पर आप नींबू के रस या चाय का सेवन करते है लेकिन इसके रस का सेवन करने से आपका हैंगओवर 5 मिनट में ही दूर हो जाता है।
7. दिल की बीमारियां
इसमें मौजूद विटामिन ठ9, राइबोफ्लेविन, एंटीऑक्सीडेंट और फोलिक एसिड शरीर से दिन की बीमारियों को दूर रखता है। इसके अलावा नियमित रूप से इसका सेवन हार्ट अटैक के खतरे को भी कम करता है।
8. आंखों के लिए फायदेमंद
मैग्नीशियम और विटामिन बी6 के गुणों के कारण यह आंखो के लिए फायदेमंद होता है। इससे आंखों में लालपन, सूजन, दर्द, पानी निकलना और कम दिखाई देने की समस्या दूर होती है। -
सेब और टमाटर खाने से फेफड़े रहेंगे स्वस्थ
apple=tomato
धूम्रपान के कारण होने वाले फेफड़ों के नुकसान को लेकर चिंतित हैं? तो फिर धूम्रपान करना छोड़कर रोजाना दो से ज्यादा टमाटर या ताजे फल का सेवन करें, खासतौर से सेबों का। इससे फेफड़ों को हुए नुकसान की भरपाई हो जाती है। एक शोध के निष्कर्षो से पता चलता है कि जो लोग धूम्रपान छोड़ देते हैं और टमाटर और फलों का ज्यादा सेवन करते हैं, उनमें 10 साल की अवधि में फेफड़ों की कार्यप्रणाली में गिरावट कम होती है।कमजोर फेफड़ों के कारण व्यक्ति की मौत की संभावना बढ़ जाती है, जो कि क्रोनिक ऑबस्ट्रक्टिव पलमोनरी डिजिज (सीओपीडी), हृदय रोग और फेफड़ों के कैंसर के कारण होती है।प्रमुख शोधार्थी जॉन हापकिन्स ब्लूमबर्ग स्कूल ऑफ पब्लिक हेल्थ की असिस्टेंट प्रोफेसर वानेशा गारेसिया-लार्सन ने बताया, इस शोध से पता चलता है कि आहार उन लोगों में फेफड़ों की क्षति की मरम्मत में मदद कर सकता है जिन्होंने धूम्रपान बंद कर दिया है।इससे यह भी पता चलता है कि फलों से समृद्ध आहार फेफड़ों की प्राकृतिक बुढ़ापे की प्रक्रिया को धीमा कर सकता है भले ही आप कभी धूम्रपान न करते हों या धूम्रपान करना छोड़ चुके हों।