Category: health

  • Alzheimers ( भूलने की बीमारी ) से जुड़े 5 मिथक और उनका सच

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    अल्जाइमर एक मानसिक बीमारी है, जो धीरे-धीरे पनपती है। इसकी शुरूआत ब्रेन के स्मरणशक्ति को नियंत्रित करने वाले पार्ट से होती है और फिर धीरे-धीरे यह ब्रेन के दूसरे हिस्सों में भी फैल जाती है। यह एक तरह की भूलने की बीमारी है। हर किसी की इसके बारे में अपनी एक सोच है, लेकिन इससे जुड़े मिथक क्या हैं और सच क्या, बता रहे हैं डॉ. राजीव आनंद।

    पुरुषों के मुकाबले महिलाओं में अल्जाइमर का जोखिम अधिक

    एक स्टडी के मुताबिक, 45 से 65 की उम्र के बीच की महिलाओं में अल्जाइमर रोग का जोखिम अधिक रहता है। अंतरराष्ट्रीय पत्रिका ‘गैरियाटिक साइक्रेट्री’ में प्रकाशित शोध के मुताबिक, स्ट्रेस हॉर्मोन ब्रेन हेल्थ में लैगिंक आधार पर अलग-अलग भूमिका निभाते हैं और महिलाओं में पुरुषों की तुलना में अल्जाइमर रोग अधिक होने का कारण भी यही है।
    मिथक 1 : अल्जाइमर बुजुर्गों की बीमारी है
    हकीकत : ज्यादातर लोग सोचते हैं कि अल्जाइमर रोग केवल बुजुर्ग लोगों को होता है। लेकिन युवा भी अल्जाइमर से पीड़ित हो सकते हैं। रिसर्च के अनुसार, 30, 40 और 50 की उम्र के 5 फीसदी लोगों में यह बीमारी पाई गई है। शुरुआत में अल्जाइमर आनुवांशिक हो सकता है। लेकिन जिन लोगों में आनुवांशिक नहीं है, उनमें इस बीमारी के होने की खास वजह उनकी खराब लाइफस्टाइल है।

    मिथक 2 : उम्र बढ़ने के साथ अल्जाइमर होना सामान्य बात है
    हकीकत : यह सच नहीं है। याददाश्त खोना उम्र बढ़ने का सामान्य हिस्सा है लेकिन अगर हमें रुटीन लाइफ में बिहेवियर चेंज, बोलने में दिक्कत, कन्फ्यूजन रहना और चीजों को रखकर भूल जाना जैसी दिक्कतें आ रही हैं, तो ये सामान्य उम्र बढ़ने का हिस्सा नहीं है। कार की चाबी जैसी चीजों को भूल जाना सामान्य हो सकता है, लेकिन यह भूल जाना कि कार कैसे चलाना है, गंभीर समस्या है।

    मिथक 3 : अल्जाइमर की वजह से डेथ नहीं होती
    हकीकत : यह मिथक पूरी तरह से गलत है। अल्जाइमर मौत का कारण बन सकता है और यूएस में डेथ होने की यह छठी मुख्य वजह है। हाल ही के एक अनुमान के अनुसार, वृद्ध लोगों के लिए हार्ट और कैंसर के बाद डेथ होने की एक बड़ी वजह अल्जाइमर भी है। दरअसल, अल्जाइमर से पीड़ित है खाना, पानी और दूध पीना भूल सकता है, जिससे शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है। ऐसी समस्याएं जब घातक रूप ले लेती हैं, तो डेथ होने की वजह बन सकती हैं।

    मिथक 4 : ट्रीटमेंट उपलब्ध है, जो बीमारी को बिगड़ने से रोक सकता है
    हकीकत : सच्चाई यह है कि अल्जाइमर रोग से लड़ने का कोई इलाज नहीं है। इलाज तो संभव है, वह सोच, याददाश्त, बोलने और बिहेवियर वगैरह में मदद कर सकता है। लेकिन दवाई लेना इसका कोई स्थायी इलाज नहीं है। हां, यह आपको तत्काल राहत दे सकता है, लेकिन ट्रीटमेंट नहीं।

    मिथक 5: अल्जाइमर हेल्दी व्यक्ति को भी हो सकता है
    हकीकत : अल्जाइमर रोग होने के कई कारण हो सकते हैं लेकिन हाई ब्लड प्रेशर, डायबीटीज होना और लाइफस्टाइल खराब होना भी इसकी एक बड़ी वजह है। किसी दुर्घटना के दौरान सिर में चोट लगने से भी भूलने का रोग हो जाता है। अल्ज़ाइमर रोग वाले अधिकांश लोगों की कोई फैमिली हिस्ट्री नहीं होती, लेकिन अगर आपके परिवार का कोई सदस्य हेड इंजरी या स्लीप ऐप्निया से पीड़ित है, तो यह रोग विकसित होने के चांस बढ़ जाते हैं।

  • बेहद फायदेमंद है मेल फर्टिलिटी के लिए टमाटर, चौंके वैज्ञानिक स्टडी रिजल्ट से

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    भारत में टमाटर की कीमत भले ही इस समय आसमान छू रही हो लेकिन अपनी रोजाना की डायट में टमाटर शामिल करने से चौंकाने वाले फायदे हो सकते हैं। यह बात एक रिसर्च में साबित हुई है।

    लैक्टोलायकोपीन के हैरान करने वाले फायदे

    यह देखा गया कि टमाटर में पाए जाने वाले कंपाउंड लैक्टोलायकोपीन से स्पर्म क्वॉलिटी में काफी सुधार देखा गया। जिन लोगों ने यह सप्लिमेंट लिया था उनके स्पर्म्स 40 फीसदी ज्यादा तेजी से स्विम करते पाए गए और उनके साइज और शेप में भी सुधार दिखा।

    वरदान साबित हो सकती है खोज

    स्टडी के बाद वैज्ञानिक भी इसके रिजल्ट देखकर काफी हैरान थे। उनमें से एक प्रफेसर ऐलन के मुताबिक, नतीजे देखने के बाद मैं कुर्सी से लगभग गिर गया था। अगर आगे भी एक्सपेरिमेंट सफल रहा तो यह खोज स्पर्म क्वॉलिटी और इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए किसी वरदान से कम नहीं। उन्हें सिंपली कुक किए टमाटर खाने हैं।

    टमाटर है मुख्य स्त्रोत

    बता दें कि लायकोपीन फलों और सब्जियों में भी पाया जाता है लेकिन डायट में इसका मुख्य स्त्रोत टमाटर ही है।

    अभी बाकी है स्टडी

    वैज्ञानिकों का अगला कदम अब इसी प्रक्रिया को उन लोगों में दोहराने का है जिनमें फर्टिलिटी की समस्या है। अब देखना होगा कि फर्टिलिटी ट्रीटमेंट को टमाटर से रिप्लेस किया जा सकता है या नहीं!

  • फैशन वीक: Ileana नजर आयीं ब्लैक लहंगे में सेक्सी

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    बॉम्बे टाइम्स फैशन वीक 2019 का ऑटम-विंटर एडिशन रविवार को खत्म हो गया। शो का समापन मशहूर फैशन डिजाइनर विक्रम फड़नीस ने अपने डिजाइन्स को शोकेस करके किया और विक्रम के शो की शो-स्टॉपर बनीं बॉलिवुड ऐक्ट्रेस इलियाना डिक्रूज।सभी तस्वीरें साभार: yogen shah

    इंडो-वेस्टर्न लुक वाला लहंगा

    इस दौरान रैंप वॉक करने पहुंचीं इलियाना डिक्रूज ने ब्लैक कलर का इंडो-वेस्टर्न लुक वाला फ्यूजन लहंगा पहन रखा था। साथ में खुले बाल और कानों में बड़ी-बड़ी ईयररिंग्स।

    ब्रालेट डिजाइन वाली चोली

    इलियाना के ब्लैक लहंगे में ब्लैक कलर से ही शिमरी इफेक्ट दिया हुआ था और साथ में ब्लैक कलर की हेवी वर्क वाली ब्रालेट डिजाइन चोली पहन रखी थी।

    दुपट्टे को ट्रेल की तरह कैरी किया

    इलियाना के इस लहंगे का हाइलाइट था उनका नेट वाला हेवी वर्क दुपट्टा जिसे उन्होंने पीठ और कंधे पर इस तरह से कैरी कर रखा था कि वह एक ट्रेल का लुक दे रहा था।

    ​अमायरा ने किया रैंप वॉक

    बॉम्बे टाइम्स फैशन वीक के आखिरी दिन डिजाइनर सोनाली जैन ने भी अपना कलेक्शन पेश किया और सोनाली के लिए शो-स्टॉपर बनीं ऐक्ट्रेस अमायरा दस्तूर।

    ​रेड मोनोटोन लुक वाला लहंगा

    रेड कलर के मोनोटोन फ्रिल वाले लहंगे में बेहद खूबसूरत लग रहीं थीं अमायरा। लहंगे का हाइलाइट था उसका घेर और उस पर रेड कलर से ही बना गुलाबों वाला डिजाइन।

  • Fashion Week: छा गईं अदिति राव हैदरी ब्राइडल लहंगे में….

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    फैशन वीक 2019 के दूसरे दिन ऑटम-एडिशन में बॉलिवुड ऐक्ट्रेस ने अपकमिंग फैशन ट्रेंड की झलक दी। इस मौके पर अदिति राव हैदरी ने खूबसूरत लहंगा जिसमें वह किसी दुल्हन से कम नहीं दिख रही थीं।

    ग्रीन कलर के इस लहंगे में पूरा गोल्डन वर्क था। जैसा कि पहले भी हम देखते आए हैं कि दुल्हनों के लहंगे में काफी एक्सपेरिमेंट्स चल रहे हैं। लोग सुर्ख लाल लहंगे के बजाय रंगों में एक्सपेरिमेंट कर रहे हैं साथ ही इसमें कई तरह के फेब्रिक्स भी दिखाई दे रहे हैं। अदिति के इस लुक को देखकर कह सकते हैं कि ग्रीन कलर ब्राइडल लहंगों में एंट्री कर सकता है।

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    अदिति का लहंगा काफी हेवी दिख रहा है तो इसके साथ उन्होंने मेकअप न्यूड रखा है। साथ ही कोहनी तक डीप नेक ब्लाइज है जिसके साथ उन्होंने मैचिंग जूलरी कैरी की है।

  • एक्सपीरिएंस है कम जूलरी खरीदने में तो हमेशा फॉलो करें ये टिप्स

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    फेस्टिव सीजन या शादी के लिए अगर आप भी जूलरी खरीदने की तैयारी में हैं तो पहले से तैयारी कर लें। चाहे आपको कैजुअल खरीददारी करनी हो या ट्रडिशनल वही खरीदें जो आपके स्टाइल को सूट करे। यहां हैं कुछ काम के टिप्स…

    शुद्धता परखें

    जूलरी में BIS का हालमार्क जरूर देखें। BIS लोगो का मतलब है कि यह लेबोरेटरी से वेरीफाइड है। इसका कैरट चेक करें यह KT से दर्शाया गया होगा। यह सोने और प्लैटिनम की शुद्धता का पैमाना है।

    हल्की जूलरी खरीदें
    हल्की जूलरी खरीदें ताकि इसको डेली बेसिस पर पहना जा सके, यह अफॉर्डेबल होती है और इसको बदलना भी आसान होता है। जियोमेट्रिकल और सिंपल डिजाइन लेना बेहतर ऑप्शन है।

    डायमंड खरीदते वक्त रखें याद
    कैरट, कलर, क्लैरिटी और कट, डायमंड खरीदते वक्त ये चार क याद रखें। इसके लिए पहले से रीसर्च करके जाएं। जूलरी मार्केट के ट्रेंड्स और स्टायलिस्ट्स को फॉलो करें।

    विश्वसनीय दुकान से ही खरीदें
    दुकान में सेल्स के लोग आपकी जूलरी लेने में काफी मदद कर सकते हैं। ब्रैंडेड जूलरी वेबसाइट्स पर भी आसान रिटर्न पॉलिसीज हैं। दुकान जाकर या ऑनलाइन जैसे भी खरीदें लेकिन ब्रैंड का ध्यान जरूर रखें।

  • जानें, उम्र के साथ क्यों कई पुरुष हो जाते हैं ‘टकले’

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     की फिल्म ‘बाला’ में पहली बार पुरुषों में होने वाले गंजेपन और उससे होने वाली समस्याओं को बड़े पर्दे पर दिखाया जाएगा। इसके साथ ही इसी विषय को लेकर एक और फिल्म ‘उजड़ा चमन’ भी बनाई गई है। वैसे फिल्म ‘हाउसफुल 4’ में भी अक्षय कुमार को गंजा दिखाया गया है। वैसे गंजापन पुरुषों में आम समस्या है। लेकिन क्या कभी सोचा है कि महिलाओं के मुकाबले पुरुष भला क्यों इस स्थिति से ज्यादा गुजरते हैं?

    पुरुषों का प्रतिशत ज्यादा

    एक स्टडी के मुताबिक, 70 प्रतिशत पुरुष अपने जीवन में बाल गिरने और गंजेपन की समस्या से जूझते हैं। वहीं महिलाओं में यह प्रतिशत 40 है।

    पुरुषों के गंजे होने का खास पैटर्न

    पुरुषों में होने वाले गंजेपन को एंड्रोजेनिक एलोपेसिया या पैटर्न बॉल्डनेस कहा जाता है। इस स्थिति में बाल फोरहेड की ओर से स्थाई रूप से झड़ना शुरू करते हैं और फिर क्राउन एरिया यानी सिर के ऊपरी हिस्से में भी यह प्रक्रिया होने लगती है।

    पुरुषों में गंजेपन की वजह

    पुरुषों में गंजेपन की सबसे बड़ी वजह जेनेटिक्स और डी हाइड्रो टेस्टोस्टेरोन नाम के मेल सेक्स हॉर्मोन होते हैं। एक स्टडी के मुताबिक, प्यूबर्टी के दौरान मसल्स और हेड टिशू स्ट्रेच होती हैं। इस दौरान डी हाइड्रो टेस्टोस्टेरोन भी लड़कों के शरीर में ज्यादा प्रड्यूस होता है।

    फॉलिकल्स नहीं ले पाते पोषण

    डी हाइड्रो टेस्टोस्टेरोन जब ज्यादा होता है तो हेयर फॉलिकल्स में मौजूद ऐंड्रोजन रिसेप्टर्स जो बालों को हेल्दी रखने के लिए शरीर से पोषण लेते हैं वे इस हॉर्मोन को ज्यादा सोखने लगते हैं। इसके ज्यादा हो जाने पर फॉलिकल्स में सिकुड़न होने लगती है जिससे वह पोषक तत्व नहीं ले पाते और कमजोर होते जाते हैं। इस वजह से वह झड़ना शुरू हो जाते हैं।

    …और हो जाते हैं पर्मानेंट गंजे

    इस हॉर्मोन के बने रहने के कारण सिर पर नए बाल भी नहीं आ पाते हैं और शरीर फॉलिकल्स की स्पेस को बंद कर देता है। पुरुषों में चूंकि सारी उम्र इस हॉर्मोन का प्रॉड्क्शन जारी रहता है इसलिए वह गंजेपन के शिकार हो जाते हैं।

    तो सभी पुरुष क्यों नहीं होते गंजे?

    जो पुरुष गंजेपन की समस्या से नहीं जूझते उनके केस में दो स्थिति उन्हें इससे बचाती है। पहली यह कि इन पुरुषों में ऐंड्रोजन रिसेप्टर्स हॉर्मोन को कम अब्जॉर्ब करते हैं और दूसरी यह कि उन्हें जेनेटिक्स में गंजापन नहीं मिला होता।

    50 की उम्र के बाद बढ़ता गंजापन

    एक स्टडी के मुताबिक, 35 की उम्र तक के दो-तिहाई पुरुषों ने गंजेपन की समस्या से जूझने की बात मानी तो वहीं 50 से ऊपर के करीब 80 प्रतिशत पुरुषों ने बालों के पतले होने और गंजे होने की बात को स्वीकार किया है।

  • जानिए इन संकेत से आपका पार्टनर दे रहा है धोखा

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    प्यार में विश्वास हर रिश्ते की नींव होती है। प्यार में हर रिश्ता विश्वास से मजबूत करता है। यदि आप अपनी पार्टनर के साथ ईमानदारी से रिश्ता निभा रहे हैं, लेकिन ऐसे में कभी ना कभी आपके पार्टनर के धोखा देने की संभावना हमेशा बनी रहती है।

    यदि आपका पार्टनर आपको धोखा दे रहा है तो आप इन संकेतों के माध्यम से सच्चाई का पता लगा सकते हैं, तो इसके लिए आपके अपने पार्टनर के व्यवहार पर ध्यान देना पड़ेगा है।

    यदि आपका पार्टनर आपसे एक नहीं बल्कि बार-बार झूठ बोल रहा है तो आपको इस बात को समझ जाना चाहिए कि वह आपसे धोखा कर रहा है। तो आइए आज हम आपको इस पोस्ट के जरिए उन संकेतों के बारें में जानकारी दे रहे है।

    अगर आपका पार्टनर बिजनेस ट्रिप पर जाने की बात कहकर हर महीने घर से गायब रहता है तो आपको उस पर शक करना चाहिए। समझ लीजिए दाल में जरूर कुछ काला है और आपके पार्टनर का किसी और के साथ भी चक्कर चल रहा है।

    अगर आपके पार्टनर के पास अनजान नंबर से फोन में बार-बार मिस कॉल आता है तो समझे की वो आपको धोखा दे रहा है।

    अगर आपका पार्टनर बिजनेस ट्रिप का बहाना बनाकर हर माह घर से निकल जाता है तो आपको जरूर शक करना चाहिए।

    काम का बहाना बनाकर घंटों ऑफिस में बिताने की बात कहना और पूछताछ पर गुस्सा हो जाना।
    आपसे हर बात को लेकर प्राइवेसी मेंटेन करना। इंस्टाग्राम से लेकर मेल और फेसबुक अकाउंट छूने तक नहीं देना।

  • मुंहासों से सीधा रिश्ता है खान-पान और तनाव का

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    मैड्रिड। खान-पान की गलत आदतें, तनाव और गलत स्किनकेयर उन कुछ प्रमुख कारणों में से हैं जिनका सीधा संबंध मुंहासों से है। एक शोध में इसका खुलासा किया गया है। मैड्रिड में 28वें यूरोपियन अकादमी ऑफ डर्मेटोलॉजी एंड वेनेरियोलॉजी कांग्रेस में प्रस्तुत इस शोध में कुल छह देशों से 6,700 से अधिक प्रतिभागियों में मुंहासों के इन हानिकारक कारकों का परीक्षण किया गया।

    फ्रांस में यूनिवर्सिटी हॉस्पिटल ऑफ ननतेस से इस अध्ययन के प्रमुख शोधकर्ता ब्रिगिट डैनो ने कहा, “पहली बार, इस शोध ने हमें उपचार नुस्खे से पहले इससे संबंधिक कारकों की पहचान करने की अनुमति देता है।”

    परिणामों से यह पता चलता है कि मुंहासें रोजाना डेयरी उत्पादों का सेवन करने वाले व्यक्तियों में अधिक थी यानि कि 48.2 प्रतिशत लोग ऐसे थे जो डेयरी उत्पादों का सेवन नियमित तौर पर करते हैं, उनमें मुंहासे हैं जबकि न करने वाले 38.8 प्रतिशत व्यक्तियों में यह नहीं है।

    यह अंतर सोडा या सिरप (35.6 प्रतिशत बनाम 31 प्रतिशत), पेस्ट्रीज और चॉकलेट (37 प्रतिशत बनाम 27.8 प्रतिशत) और मिठाइयां (29.7 प्रतिशत बनाम 19.1 प्रतिशत) के लिए सांख्यिकीय रुप से महत्वपूर्ण था।

    आश्चर्यजनक ढंग से 7 प्रतिशत बिना मुंहासों वाले व्यक्ति के विपरीत 11 प्रतिशत मुंहासे से जूझ रहे व्यक्ति व्हे प्रोटीन का उपयोग करते हैं और 3.2 बिना मुंहासे वाले व्यक्तियों के विपरीत एनाबोलिक स्ट्रेरॉयड का सेवन करने वाले 11.9 प्रतिशत व्यक्ति इससे जूझ रहे हैं।

    इनके अलावा धूल और पॉल्यूशन भी इसके महत्वपूर्ण कारकों में से है।

    इतना ही नहीं, स्किनकेयर के लिए अत्यधिक केमिकल युक्त उत्पादों का उपयोग भी मुंहासों के लिए जिम्मेदार है।

    इस शोध में कहा गया, तंबाकू जिसे पहले मुंहासों के संभावित कारक के रूप में दर्शाया गया है, इस शोध में इसके प्रभाव को नहीं दिखाया गया है।

  • MENS HAIRCUTS : जानिए आपके फेस पर कैसा हेयरकट रहेगा परफेक्ट

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    आजकल के यूथ्स अपने लुक पर सबसे ज्यादा ध्यान देते है। कपडों के बाद बालों से ही उनका लुक सबसे ज्यादा असर पड़ता है। सिर्फ लड़कियां ही नहीं, बल्कि लड़के भी आजकल अपने बालों का खास ध्यान रखते हैं। लेकिन कभी-कभी लडक़ों के लुक में सबसे ज्यादा दिक्कत उनके बालों से आती है।

    फैशन के इस बदलते दौर में पुरुषों में भी अपने हेयरस्टाइल और लुक को संवारने का चलन जोरों पर है। अगर आप भी अलग दिखना चाहते है तो अपने चेहरे के आकार के अनुसार ही हेयर कट चुने जो आपके लिए सही होगा। हेयर स्टाइल का चुनाव करते समय चेहरे के आकार का ध्यान रखना बेहद जरूरी है। आज हम आपको बताने जा रहे हैं आप अपना हेयरकट कैसे चुने। आइए जानते है।

    अंडाकार चेहरा…
    ओवल आकार का चेहरा स्त्री या पुरुष किसी के लिए भी आदर्श चेहरा है। इस पर सभी तरह के हेयर स्टाइल सूट करते हैं। जिन पुरुषों का चेहरा अंडाकार आकृति का है, वे किसी भी प्रकार का हेयर स्टाइल रख सकते हैं। बस पूरी लंबाई वाले फ्रिंज से बचें, क्योंकि यह चेहरे को गोलाकार लुक देता है। वैसे आप अपनी पसंद का कोई भी स्टाइल बनाने के लिए स्वतंत्र हैं।

    लंबा चेहरा…
    लंबे चेहरे वाले लड़कों को आगे के बालों को फ्लेट, अनइवन कट कटवाना चाहिए, जिससे बाल जिग-जैग शेप में माथे पर पड़े रहें और चेहरा छोटा दिखने लगे। इसके आलावा ठंड में अगर आप स्पोर्टी स्वेटर का इस्तेमाल करते हैं, तो फंकी हेयर कट भी कटवा सकते हैं जो आपकी पर्सनेलिटी को अलग मूड देता है और चेहरे को राउंड लुक।

    लंबी गर्दन…
    अगर आपकी गर्दन लम्बी है तो सर्दियों से बचने के लिए लम्बे बाल रखे जा सकते हैं। साथ ही स्टाइल चाहते हैं, तो पेन्च भी रखा जा सकता है। इससे आपकी गर्दन की लम्बाई कम और स्टाइल का स्टाइल लगेगा।

    भारी चेहरा…
    भारी या गोल चेहरा होने पर स्पाइकी हेयर कट करवाना बेहतर होता है। यह ‘जेजी़ बी’ स्टाइल होता है, जिसमें बालों को आगे से सीध ऊपर की ओर कर दिया जाता है, यह स्टाइल सर्दियों में कोट व जैकेट्स पर बहुत सूट करता है।

    छोटी गर्दन…
    आपकी गर्दन अगर छोटी है, तो भूल जाइए कि सर्दियां हैं क्योंकि पीछे की ओर लम्बे बाल रखने से गर्दन की लम्बाई और भी कम लगेगी। ऐसे ब्यॉज को बालों को छोटा ही रखना चाहिए और आर्मी कट और कैप कट इनके लिए बढ़िया विकल्प होते हैं।

    त्रिकोणीय चेहरा…
    इस तरह के फेस शेप पर हेयरस्टाइल का चुनाव करना काफी कठिन कार्य है। मैं ऐसे चेहरे के लिए ढेर सारी लेयर्स के साथ लंबी हेयरस्टाइल का सुझाव देता हूं, जिससे चेहरा चौडा लगता है। हल्की सी फ्रिंज भी चेहरे की बनावट में निखार ला सकती है।

  • डेनिम से बनाएं अपने फेस्टिव लुक को रिफ्रेशिंग

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    नई दिल्ली। ऐसा कहा जाता है कि डेनिम का अपना कोई स्टाइल नहीं होता है, लेकिन इसे आधार बनाकर आप अपने खुद के स्टाइल को तैयार कर सकते हैं। ऐसे में इस दीवाली अगर आप पारंपरिक साज-सज्जा में खुद को सवारने की सोच रहे हैं या कुछ सिंपल पहनने का विचार है तो लीवा बिरला सेलूलोज की हेड ऑफ डिजाइन नेल्सन जाफरी और स्पाइकर लाइफस्टाइल में डिजाइन हेड अभिषेक यादव के ये कुछ फैशन टिप्स आपके काम आ सकती है।

    1. आप चाहें तो कुर्ते को जीन्स के साथ पेयर कर सकते हैं। त्यौहारों के मौसम में कुर्ते आमतौर पर महिलाएं और पुरूष दोनों ही पहनते हैं। एक खूबसूरत सफेद कुर्ते को ब्लू जीन्स के साथ पेयर करें, आप चाहें तो इसके साथ हमेशा फैशन में रहने वाले नेहरू जैकेट को भी ऊपर से डाल सकते हैं। महिलाएं भी अनारकली या लंबे टॉप के साथ डेनिम को पेयर कर सेमी-ट्रेडिशनललुक में खुद को सजा सकती हैं।

    2. अगर आप क्लासी लुक पाना चाहते हैं तो किसी भी सफेद पोशाक के ऊपर से एक लाइट वेट डेनिम जैकेट को पहन लें। पारंपरिक भारतीय कढ़ाई से सजे लंबे जैकेट को भी आप ब्लू डेनिम संग पेयर कर खुद को भीड़ से अलग रख सकते हैं।

    3. डेनिम थोड़ा सा सख्त होता है, इसमें लचीलापन या सॉफ्टनेस कम होता है, ऐसे में त्यौहारों के इस सीजन में ऐसे डेनिम का उपयोग करें जो किसी भी तरह के पारंपरिक भारतीय पोशाक के साथ आसानी से तालमेल बिठा पाए क्योंकि भारतीय परिधानों में कई सारे प्लेट्स या घेरे का इस्तेमाल किया जाता है, ऐसे में जीन्स भी ऐसा हो, जो इनके साथ सही से जा पाए।

    4. कई बॉलीवुड सेलेब्रिटीज को साड़ी के साथ जीन्स पहनते देखा गया है। यह सुनने में भले ही थोड़ा सा अटपटा लगे, लेकिन सेमी ड्रेप्ड साड़ी को जीन्स के साथ पहनकर आप एक ही समय में पारंपरिक और मॉर्डन लुक दोनों को ही पा सकते हैं। ऐसा करना भले ही आसान न हो, लेकिन आप चाहे तो ऐसा कर सेंटर ऑफ अट्रैक्शन बन सकते हैं। इसके साथ ही जीन्स के साथ जूत्ती भी पहन सकते हैं।