Category: health

  • इन अनोखे क्रेजी टैटूज के संग भरे गरबा में नए रंग

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    नवरात्रि पर हर तरफ भक्ति के रंग बिखरे नजर आते है। नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा का पावन समय होता है। नवरात्रि के शुरू होते ही देश के कई राज्यों में गरबे और डांडिया की धूम है। गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली सहित कई राज्यों में यह उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। नवरात्रि पर महिलाएं कलरफुल कपड़ों के साथ गरबा डांस करती है।

    युवतियां नवरात्रि उत्सव कार्यक्रमों के लिए खास तौर पर सज- संवरकर पहुंचती हैं। इसके लिए कई बार महिलाएं अस्थाई टैटू भी बनवाती हैं। गरबा के दौरान बदलते वक्त के साथ हमारे तौर-तरीके जरूर बदले हैं लेकिन भक्ति का भाव वही है।

    टैटू लवर्स जानते हैं कि मार्केट में टैटू से जुड़ी अब कई तकनीक और आर्ट मौजूद हैं। आप पर्मानेंट टैटू ही बनवाएं ऐसा जरूरी नहीं है। साथ ही आपको टैटू बनवाते समय दर्द हो ऐसा भी जरूरी नहीं है।

    आप चाहें तो कुछ दिन के लिए टैटू डिजाइन करा सकते हैं। खासतौर पर नवरात्रों में, जहां देश में चारो तरफ नवरात्रों में पूरे देश में गरबा डांस का आयोजन किया जाता है। जगह-जगह पांडाल लगाए जाते हैं और पारंपरिक गीतों की धूम पर लोग गरबा करते हैं।

    गुजराती या राजस्थानी पारंपरिक लहंगा और बैकलेस चोली के साथ यंग गल्र्स गरबा खेलते हुए कपल्स का टैटू बनवाना पसंद करती हैं। कुछ लोग अपने टैटू में अपना नाम लिखवाते हैं और मां दुर्गा का कोई प्रतीक चिन्ह जैसे त्रिशूल या शेर भी बनवाते हैं। कुछ लोग मां गौरी के प्रति श्रद्धा भी टैटू में दर्शाते हैं।

  • Health Tips: इन चीजों के सेवन से बढ़ाये प्लेटलेट्स की संख्या

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    बुखार होने के बाद अगर लगातार शरीर में दर्द की शिकायत हो रही हो तो प्लेटलेट्स की जांच करवाना चाहिए। दरअसल प्लेटलेट्स कम होने के लक्षण भी यही होते हैं। चक्कर आना और शरीर में दर्द होना प्लेटलेट्स कम होने की निशानी है। पर, चिंता की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ चीजों की मदद से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। प्लेटलेट्स छोटी रक्त कोशिकाएं होती हैं, जो खासतौर पर बोनमैरो में पाई जाती हैं। प्लेटलेट्स की कमी इस बात की निशानी है कि खून में बीमारियों से लड़ने की ताकत कम हो रही है। एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य प्लेटलेट काउंट 150 हजार से 450 हजार प्रति माइक्रोलीटर होता है। जब यह काउंट 150 हजार प्रति माइक्रोलीटर से नीचे चला जाये तो इसे लो प्लेटलेट माना जाता है।

    चुकंदर 
    प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए चुकंदर को तरह-तरह से अपने खाने में शामिल कीजिए। फिर चाहे उसकी सब्जी बनाइए या जूस पीजिए। एंटीऑक्सीट्डेंट से भरपूर चुकंदर में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए जरूरी सभी गुण होते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को भी मजबूत बनाता है। ज्यादा लाभ पाने के लिए दो से तीन चम्मच चुकंदर के रस को एक गिलास गाजर के रस में मिलाकर पिएं।

    पपीते का पत्ता 
    साल 2009 में मलेशिया के शोधकर्ताओं ने माना था कि प्लेटलेट्स बढ़ाने में पपीता ही नहीं, उसकी पत्तियां भी मददगार हैं। खासतौर पर डेंगू बुखार के कारण कम हुए प्लेटलेट्स को संतुलित करने में पपीता फायदेमंद होता है। प्लेटलेट्स संतुलित रखने के लिए नियमित रूप से पपीता खाएं। पपीते के पत्तों को पानी में उबालकर उसे ग्रीन टी के रूप में पिएं, ज्यादा फायदा होगा।

    आंवला 
    आंवले में मौजूद विटामिन-सी प्लेटलेट्स का उत्पादन तो बढ़ाता ही है, रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। नियमित रूप से हर सुबह खाली पेट 3 से 4 आंवला खाएं। आंवला इस तरह से नहीं खा पा रहे हैं तो दो चम्मच आंवले के जूस में शहद मिलाकर पिएं।

    इन्हें भी आजमाएं 
    – खाद्य पदार्थों को पका कर खाने की जगह कच्चा ही खाएं।
    – कीवी भी प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करती है।
    – गाजर का नियमित सेवन करें।
    – इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स प्लेटलेट्स बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं। नारियल पानी में यह दोनों ही तत्व प्रचुर मात्रा में होता है।
    – बकरी का दूध भी प्लेटलेट्स बढ़ाता है।

     

  • गुड़ करता है Weight Loss में मदद, ऐसे करें यूज

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    खाना खाने के बाद अक्सर लोगों को कुछ मीठा खाने का मन करता है। अगर आप भी उन लोगों में से एक हैं तो मुंह मीठा करने के लिए चीनी या मिठाई की जगह गुड़ खाएं। जी हां, ऐंटिऑक्सिडेंट्स से भरपूर गुड़, पावरहाउस की तरह है जिसमें आयरन, पोटैशियम, गंधक, फॉस्फॉरस, कैल्शियम, विटमिन ए और विटमिन बी भरपूर मात्रा में पाया जाता है। गुड़ खाने से न सिर्फ हमारा खून साफ होता है बल्कि शरीर का मेटाबॉलिज्म भी ठीक रहता है, इसलिए गुड़ वजन घटाने में भी आपकी मदद कर सकता है, कैसे यहां जानें…

    ​गुड़ में कम होती है कैलरी

    अगर आप वजन घटाने की सोच रहे हैं तो डायट में चीनी की जगह गुड़ का इस्तेमाल करें क्योंकि चीनी के मुकाबले गुड़ में कैलरीज की मात्रा बेहद कम होती है लिहाजा इसे आप नैचरल स्वीटनर के तौर पर इस्तेमाल कर सकते हैं।

    ​पाचन तंत्र को रखे दुरुस्त

    आयुर्वेद संहिता के अनुसार गुड़ शीघ्र पचने वाला, खून बढ़ाने वाला व भूख बढ़ाने वाला होता है। ऐसे में अगर आप गैस या ऐसिडिटी से परेशान हैं तो खाने के बाद थोड़ा गुड़ जरूर खाएं ऐसा करने से ये दोनों ही समस्याएं नहीं होती हैं। गुड़, सेंधा नमक, काला नमक मिलाकर चाटने से खट्टी डकारें आना बंद हो जाती हैं।

    ​शरीर को करे डिटॉक्स

    गुड़, खून को साफ कर शरीर में मौजूद हानिकारक टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है जिससे आपको वजन घटाने में मदद मिलती है। जिस तरह ग्रीन टी शरीर को डिटॉक्स कर वेट लॉस में मदद करती है ठीक उसी तरह गुड़ भी हमारे शरीर के लिए डिटॉक्स का काम करता है और वजन घटाता है।

    ​मेटाबॉलिज्म रेट को बढाए

    गुड़ में पोटैशियम की मात्रा अधिक होती है जिस वजह से यह शरीर के मेटाबॉलिज्म रेट को तेजी से बढ़ाता है और जब शरीर का मेटाबॉलिक रेट अधिक होता है तो कैलरीज को बर्न कर तेजी से वजन घटाने में मदद मिलती है।

    ​सीमित मात्रा में करें सेवन

    वैसे तो गुड़, सेहत के लिए कई तरह से फायदेमंद है औऱ कई बीमारियों को दूर करने में भी मदद करता है। बावजूद इसके किसी भी चीज की अति बुरी होती है। लिहाजा गुड़ का सेवन भी सीमित मात्रा में ही करें। बहुत ज्यादा गुड़ खाने से शऱीर को नुकसान भी हो सकता है।

  • Male Orgasm से जुड़ी ये बातें नहीं पता होतीं पुरुषों को भी

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    सेक्स के दौरान महिलाओं को ऑर्गैज्म फील हो न हो लेकिन पुरुषों को होता है और इसे कोई रोक नहीं सकता। हालांकि खबरों और इंटरनेट पर फीमेल ऑर्गैज्म के चर्चे होते हैं, जिससे लगता है कि मेल ऑर्गैज्म पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया जा रहा। तो यहां आप देख सकते हैं मेल ऑर्गैज्म से जुड़े कुछ मजेदार फैक्ट्स…

    पुरुषों का भी होता है G-Spot

    जैसे महिलाओं में जी-स्पॉट, ए-स्पॉट और डीप स्पॉट होता है, वैसे ही पुरुषों में भी ये तीनों स्पॉट्स होते हैं जो उन्हें एक्साइटेड करते हैं। ये पार्ट्स होते हैं पीनिस के हेड में मौजूद टिश्यूज (फ्रेनुलम), perineum (स्क्रॉटम और ऐनस के बीच का हिस्सा) और तीसरा प्रॉस्टेट ग्लैंड मेल प्लैजर पॉइंट्स होते हैं। इनमें से प्रॉस्टेट सबसे ज्यादा उत्तेजित करता है।

    उत्तेजित होने के बाद इजैक्युलेशन जरूरी

    इस प्रक्रिया को एक साइंटिफ टर्म इजैक्युलेटरी इनेविटेबिलिटी कहते हैं। इसका मतलब है कि एक पुरुष एक बार उत्तेजित हो गया तो एक सर्टेन पॉइंट तक पहुंचने के बाद ऑर्गैज्म तक पहुंचना जरूरी है।

    महिलाओं से कम देर तक रहता है पुरुषों का ऑर्गैज्म

    पुरुषों का ऑर्गैज्म 5 सेकंड्स से 22 सेकंड्स तक चलता है वहीं महिलाओं में 13 से 51 सेकंड्स।

    ऑर्गैज्म का मतलब इजैक्युलेशन नहीं

    कुछ पुरुष ऐसे भी हैं, हालांकि ऐसे लोगों की संख्या कम ही है जो कि बिना फ्लूइड के क्लाइमैक्स तक पहुंच जाते हैं, उनको ड्राई ऑर्गैज्म हो सकता है।

    पूरी लाइफ में पुरुष करीब 50 लीटर स्पर्म रिलीज करते हैं

    अगर शॉर्ट में कहें तो पुरुष 50 लीटर स्पर्म और पूरे लाइफटाइम में 14 गैलन्स सीमेन रिलीज करते हैं।

  • खतरनाक हो सकती हैं पुरुषों के लिए ये Sex Positions

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    पति-पत्नी और लाइफ पार्टनर्स की जिंदगी का एक अहम हिस्सा है सेक्स। अपनी बेडरूम लाइफ में बोरियत से बचने के लिए यंगस्टर्स अक्सर कुछ नया करना पसंद करते हैं। इसमें सेक्स टॉय से लेकर डिफरेंट सेक्स पोजिशन्स तक शामिल हैं। लेकिन आपको इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि कोई भी सेक्स पोजिशन ट्राई करते वक्त उस दौरान बरती जाने वाली सावधानियों पर भी ध्यान दें…

    पुरुषों के प्राइवेट पार्ट में चोट

    काउगर्ल पोजिशन एक ऐसी सेक्स पोजिशन है जिसमें बड़ी संख्या में पुरुषों को प्राइवेट पार्ट में चोट लग जाती है। इस पोजिशन को ‘गर्ल ऑन द टॉप’ पोजिशन भी कहा जाता है। कई स्टडीज में भी इस पोजिशन को पुरुषों के लिए सबसे खतरनाक माना जाता है। कुछ वक्त पहले एक रिसर्च आयी थी, जिसमें बताया गया कि मर्दों के प्राइवेट पार्ट में होने वाले आधे फ्रैक्चर काउगर्ल पोजिशन की वजह से ही होते हैं।

    द पोगो स्टिक
    सेक्स की इस पोजिशन में इंटरकोर्स के दौरान मेल पार्टनर के घुटनों पर अधिक दबाव पड़ता है। साथ ही फीमेल पार्टनर का पूरा वजन मेल पार्टनर के हाथों पर होता है। ऐसी अवस्था में इंटरकोर्स के वक्त मेल पार्टनर को अत्यधिक प्रेशर लगाना पड़ता है, जिससे उसे कमरदर्द के साथ साथ प्राइवेट पार्ट में चोट लग सकती है।

    द बैलेंसिंग ऐक्ट
    इस सेक्स पोजिशन के दौरान मेल पार्टनर का अपने प्राइवेट पार्ट पर कंट्रोल नहीं रहता। क्योंकि इस दौरान पूरा चार्ज फीमेल पार्टनर के पास होता है। इस अवस्था में पूरा कंट्रोल फीमेल पार्टनर कर रही होती है और कई बार एक्साइटमेंट के चलते मेल पार्टनर के प्राइवेट पार्ट में फ्रैक्चर भी हो सकता है। इसलिए सेक्स की अलग-अलग पोजिशन को इंजॉय जरूर करें लेकिन सावधानी बरतते हुए।

     

  • Obesity Day:बढ़ रहा मोटापा घटाने की टेंशन में, ऐसे करें कम

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    जैसे ही शरीर का थोड़ा वजन बढ़ा नहीं कि लोग वजन घटाने की कोशिश करने की बजाए टेंशन लेना शुरू कर देते हैं। मेरा मोटापा दिखने लगा है लोग क्या कहेंगे, शादियों में नहीं जा पाउंगी, दोस्तों संग बाहर आउटिंग के लिए नहीं जाउंगी उन्हें मेरा मोटा पेट दिख जाएगा- इस तरह की बातें आपने भी बहुत से लोगों के मुंह से सुनी होगी। दरअसल मोटापे की वजह से कई बार लोगों का कॉन्फिडेंस कम हो जाता है क्योंकि वे मोटापा घटाने की टेंशन लेने लगते हैं।

    ​मोटापे की वजह से डिप्रेशन का खतरा

    एक्सपर्ट्स भी मानते हैं कि मोटापा हो तो लाइफस्टाइल से जुड़ी बीमारियां और साथ में डिप्रेशन होने का खतरा अधिक रहता है क्योंकि आप समाज में आना-जाना अवॉइड करने लगते हैं और उदास रहने लगते हैं। याद रखें टेंशन लेने से मोटापा घटेगा नहीं बल्कि बढ़ेगा क्योंकि टेंशन और उदासी में हम ज्यादा खाने लगते हैं और वर्कआउट भी नहीं कर पाते। WHO के आंकड़ों की मानें तो भारत में दुनिया की तीसरी सबसे ज्यादा मोटे लोगों की आबादी है। चाइल्डहुड ओबेसिटी यानी बचपन में मोटापे की समस्या भी तेजी से बढ़ रही है। 2025 तक भारत में 1 करोड़ 70 लाख मोटापे से ग्रसित बच्चे होंगे। हम आपको बता रहे हैं आसान तरीके जिसके जरिए आप बिना टेंशन लिए अपना वजन और मोटापा दोनों कम कर पाएंगे…

    ​अपने बीएमआई पर नजर रखें

    ओबेसिटी यानी मोटापे को आमतौर पर बीएमआई यानी बॉडी मास इंडेक्स के जरिए नापा जाता है। इसमें व्यक्ति की लंबाई और उसके वजन का रेशियो निकाला जाता है। लिहाजा आपको पता होना चाहिए कि आपका बीएमआई कितना है और कब आप मोटापे के करीब पहुंच रहे हैं।नॉर्मल बीएमआई- 18-22.9 kg/m2ओवरवेट- 23-24.9 kg/m2मोटापा- 25 kg/m2 से अधिकबीमारी बन चुका है मोटापा- 32.5kg/m2 से अधिक

    ​अपना खाना खुद बनाएं

    अपना खाना खुद अपने हाथों से बनाना न सिर्फ हाइजीनिक होता है बल्कि हेल्दी और वेट लॉस का फ्रेंडली तरीका भी है। खाना बनाने के प्रोसेस में आप काफी कैलरी भी बर्न कर सकते हैं। खाना खाने से पहले कम से कम 30 से 45 मिनट का समय सब्जियों को धोने, काटने, पकाने और फिर किचन को साफ करने में लगाएं। ऐसा करने से आप बाहर का अनहेल्दी और कैलरी वाला खाना खाने से बच जाएंगे। इस पूरी प्रक्रिया में आप करीब 128 कैलरी बर्न कर सकते हैं।

    ​जहां तक संभव हो खड़े रहें

    इन दिनों सीटिंग जॉब्स की संख्या बढ़ रही है। ऐसे में ज्यादातर लोग हर दिन ऑफिस में 8 से 10 घंटे लैपटॉप लेकर बैठे रहते हैं और बैठकर ही काम करते हैं। लिहाजा यह बेहद जरूरी है कि आप अपनी जगह से उठें और थोड़ी फिजिकल ऐक्टिविटी करें। इसलिए एक दिन में कम से कम 40 मिनट खड़े रहना बेहद जरूरी है। पानी को बोलत भरने जाएं, अपने बे में ही इधर उधर टहल लें, कुछ देर खड़े रहकर काम करें। ऐसा करने से आप हर दिन करीब 100 कैलरी बर्न कर पाएंगे।

    खान-पान का ध्यान रखें

    रात में कम यानी हल्का खाना खाएं और खाने के बाद थोड़ा टहलें जरूर। कोशिश करें कि बच्चे की तरह बार-बार खाने की आदत से बचें क्योंकि ऐसा करने से आपका मोटापा बढ़ने लगता है। इसके अलावा नियमित व्यायाम को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं।

  • ऐसे लगाएं अंडा चमकदार और काले-घने बालों के लिए

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    लाइफस्टाइल। बालों से जुड़ी सभी प्रकार की समस्या के लिए अंडा उसका इलाज करने में मदद करता है। अंडे में मौजूद पोषक तत्व जैसे प्रोटीन, विटामिन और ओमेगा बालों को पोषण देते हैं। इसके अलावा अंडा बालों को सिल्की और शाइनी भी बनाते है तो अंडे का सही उपयोग आपको पता होना चाहिए।

    बालों की कई समस्या होती है जैसे- बालों के झड़ने, बेजान होना और दोमुंहे होना। अगर इन सभी समस्याओं से आप छुटकारा पाना चाहते हैं तो आज ही अंडा लगाना शुरू कर दें। आइए हम आपको अंडे से होने वाले फायदे बता रहे हैं जो बालों के लिए अच्छे हैं।।

    बालों के झड़ने की समस्या दूर होना
    बढ़ते प्रदूषण और खराब जीवनशैली की वजह से बालों के झड़ने की समस्या हर किसी को होती है। इस दौरान यदि आप बालों में अंडा लगाती हैं तो आपके बालों को पोषण मिलता है। इससे आपके बाल मजबूत होते हैं और बालों की झड़ने की समस्या से छुटकारा मिलता है।

    बालों की लंबाई बढ़ाने में मददगार
    यदि आप अपने बालों की लंबाई को बढ़ाना चाहती हैं तो आपके लिए अंडा सबसे अच्छा विकल्प है। सप्ताह में एक बार बालों में अंडे का मास्क लगाना चाहिए। ऐसा करने से आपके बालों की लंबाई बढ़ेगी। दरअसल, अंडे में प्रोटीन होता है और यह बालों की ग्रोथ को बढ़ाने में मददगार होता है।

    हेयर शाइन
    बालों की खोई चमक पाने के लिए अंडा सबसे अच्छा स्त्रोत है। आप घर पर ही अंडे का बालों में इस्तेमाल करके बालों की खोई चमक पा सकती हैं। बालों में प्रचुर मात्रा में प्रोटीन मौजूद होता है। यदि आप बालों में अंडा लगाती हैं तो बालों को भी प्रोटीन मिलता है।

    दो मुंहे बालों के लिए फायदेमंद
    आजकल की भागदौड़-भरी जीवनशैली में दो मुंहे बालों की समस्या आम हो गई है। कई लोगों का भ्रम है कि बालों को यदि रेग्यूलर ट्रिम नहीं करवाया जाता है तो वह दो मुंहे हो जाते हैं। अंडे के सफेद भाग को आप शैंपू में मिलाकर या फिर किसी हेयर मास्क में मिला कर भी लगा सकती हैं।

  • हेयर कलर को लॉन्ग लास्टिंग चलाने के ये आसान टिप्स

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    बालों में कलर करवाना आजकल फैशन बन गया है। हेयर कलर करवाना आसान होता है लेकिन अगर इसकी सही देखभाल न की जाए तो कलर जल्दी हटने लगता है। ऐसे में आज हम आपको कुछ आसान से टिप्स देंगे, जिससे आपके बालों का कलर जल्दी लाइट नहीं होगा। चलिए बताते हैं हेयल कलर को लॉन्ग लॉस्टिंग चलाने के कुछ आसान टिप्स।
    हेयर कलरिंग के बाद न लगाएं शैंपू
    बालों को कलर करवाने के करीब 72 घंटे यानी 3 दिन तक शैंपू न करें। अगर 1 या 2 दिन बाल ऑयली या ग्रीजी हो जाएं तो आप ड्राई शैंपू लगाएं।
    सूरज की किरणों से करें प्रोटेक्टेड
    कलर किए बालों को सूरज की हानिकारक किरणों से बचाए। इससे भी बाल जल्दी फेड हो जाते हैं। बाहर जाते समय बालों को छतरी या स्कार्फ से कवर जरूर करें।
    फिल्टर पानी का करें इस्तेमाल
    जब भी बाल धोएं इस बात का ध्यान रखें कि पानी गर्म ना हो क्योंकि इससे बालों के क्यूटिकल्स को नुकसान पहुंचता है। हो सके तो बाल धोने के लिए फिल्टर पानी का इस्तेमाल करें।
    हीटिंग मेटीरियल से दूरी
    बहुत ज्यादा हीटिंग मेटीरियल यूज करने से बचें। वहीं स्विमिंग करने जा रही हैं तो बालों में नारियल तेल जरूर लगाएं, ताकि कलर को नुकसान न हो।
    स्पा करवाएं
    हेयर कलर करवाने के बाद रेगुलर स्पा जरूर लें। इससे हेयर क्युटिकल में कलर लॉक हो जाता है और लंबे समय तक टिका रहता है। साथ ही यह बालों बालों रूखेपन की समस्या को दूर करता है।
    इन बातों का भी रखें ध्यान…
    1. अच्छी क्लाविटी का कलर प्रिवैंट शैंपू इस्तेमाल करें। यह कलर को जल्दी हल्का होने से रोकता है।
    2. कभी भी कलर्ड बालों में शैंपू का इस्तेमाल न करें और न ही एंटी डैंड्रफ शैंपू चुनें।
    3. कलर किए बालों में कोई भी कंडीशनर न लगाएं, खासकर कैमिकल्स युक्त कंडीशनर।
    4. बालों में तेल लगाना जरूरी है लेकिन सिर्फ स्कैल्प में तेल लगाएं। इस एरिया में तेल न लगाएं, जहां कलर किया हो।
    5. हेयर मास्क इस्तेमाल करें, ताकि बॉल सॉफ्ट रहें। मगर इस बात का ध्यान रहें कि आप घर का बना मास्क ही इस्तेमाल करें।

  • World Arthritis Day:डायबीटीज और हृदय रोग के मरीज बढ़ रहे गठिया की वजह से

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    लखनऊ: 12 अक्टूबर को हर साल वर्ल्ड आर्थराइटिस डे मनाया जाता है। इसका मकसद लोगों को जॉइंट्स से जुड़ी इस बीमारी के प्रति सजग बनाना है जो बुजुर्गों में ही नहीं बल्कि अब युवाओं को भी अपनी चपेट में ले रही है। यह बात तो सभी लोग जानते हैं कि गठिया यानी आर्थराइटिस से जोड़ों में दर्द और शरीर में अकड़न आ जाती है जिससे चलना-फिरना मुश्किल हो जाता है। लेकिन शायद कम ही लोग जानते होंगे कि गठिया होने से शरीर में ब्लड प्रेशर, डायबीटीज और हृदय रोग बीमारियां घातक बीमारियां भी हो सकती हैं। यह जानकारी दी है ऑर्थोपेडिक एक्सपर्ट डॉ. आनंद स्वरूप ने।

    गठिया से बचना है तो व्यायाम करें
    डॉ. आनंद ने बताया कि गठिया से बचना है तो नियमित रूप से व्यायाम करें और संतुलित भोजन लें क्योंकि शरीर में गठिया एक बार हो जाए तो इससे कई और तरह की बीमारियां पैदा हो जाती हैं। शरीर का वजन बढ़ने लगता है, हाइपरटेंशन, डायबीटीज, हार्ट फेल्योर, अस्थमा, कलेस्ट्रॉल, बांझपन समेत कई तरह की बीमारियां हो जाती हैं।

    आखिर क्यों होता है गठिया
    गठिया 100 से भी ज्यादा प्रकार का होता है। यह रोग मूलतः प्यूरिन नामक प्रोटीन के मेटाबॉलिज्म की विकृति से होता है। खून में यूरिक ऐसिड की मात्रा बढ़ जाती है। व्यक्ति जब कुछ देर के लिए बैठता या फिर सोता है तो यही यूरिक ऐसिड जोड़ों में इकठ्ठा हो जाता है, जो अचानक चलने या उठने में तकलीफ देता है। शरीर में यूरिक ऐसिड की मात्रा काफी बढ़ जाने पर यह गठिया का रूप ले लेता है। ध्यान न देने पर घुटना, कूल्हा आदि खराब हो जाते हैं। इस कारण कृत्रिम घुटना लगवाने की नौबत तक आ जाती है। हालांकि घुटना रक्षित तकनीक से लंबे समय तक घुटने के दर्द से बचा जा सकता है।

    सोशल साइट्स के ज्यादा इस्तेमाल से आर्थराइटिस का खतरा


    क्या करना चाहिए

    अगर आपके जोड़ों में जरा सा भी दर्द, शरीर में हल्की अकड़न है तो भी सबसे पहले किसी डॉक्टर को दिखाएं। कोशिश करें दिनचर्या नियमित रहे। डॉक्टर की सलाह पर व्यायाम नियमित रूप से करें।

    गठिया से कैसे बचें
    – ऑर्थराइटिस के कारण कार्टिलेज को नुकसान पहुंचता है। यह 70 प्रतिशत पानी से बने होते हैं, इसलिए ढेर सारा पानी पिएं।
    – कैल्शियम युक्त खाद्य पदार्थों जैसे दूध, दुग्ध उत्पादों, ब्रॉकली, साल्मन मछली, पालक, राजमा, मूंगफली, बादाम, टोफू आदि का सेवन करें।
    – जोड़ों के स्वास्थ्य के लिए विटमिन सी और डी बहुत जरूरी है। इसलिए विटमिन सी और डी से भरपूर खाद्य पदार्थों जैसे स्ट्रॉबेरी, संतरे, कीवी, अनानास, फूलगोभी, ब्रॉकली, पत्ता गोभी, दूध, दही, मछली आदि का सेवन करें।
    – कुछ समय धूप में भी बिताएं। यह विटमिन डी का बेहतरीन स्रोत है।
    – वजन को नियंत्रण में रखें। वजन ज्यादा होने से जोड़ों जैसे घुटनों, टखनों और कूल्हों पर दबाव पड़ता है।
    – नियमित रूप से व्यायाम करके ऑर्थराइटिस के खतरे को कम किया जा सकता है। लेकिन एक बार डॉक्टर से सलाह जरूर लें।
    – अधिक मात्रा में फल और सब्जियों का सेवन करें। ये ऑस्टियो ऑर्थराइटिस से बचाते हैं।

  • मेल पार्टनर वर्जिन है या नहीं, जानें इन 4 संकेतों से

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    वह दिन गए जब फीमेल वर्जिनिटी को हद से ज्यादा तवज्जो दी जाती थी। 21वीं सदी में तो अब महिलाएं भी बिस्तर में बॉस बनने को तैयार हैं। वैसे तो दोनों पार्टनर जब म्युचुअल सेक्स के लिए तैयार हैं तो वर्जिनिटी कोई बहुत बड़ा मुद्दा नहीं होना चाहिए। बावजूद इसके अगर आप जानना चाहती हैं कि आपका मेल पार्टनर फर्स्ट टाइम सेक्स कर रहा है या नहीं, तो इन 5 संकेतों से मेल वर्जिनिटी के बारे में जान सकती हैं…

    ​जब तुरंत हो जाए ऑर्गैज्म

    अगर कोई पुरुष वर्जिन हो और पहली बार सेक्स कर रहा हो तो इस बात की संभावना अधिक है कि उसे तुरंत और अनरेग्युलेटेड ऑर्गैज्म हो जाए। ऐसे में अगर आपका मेल पार्टनर तुरंत क्लाइमैक्स तक पहुंच जाए तो इसका मतलब है कि वह फर्स्ट टाइमर है।

    ​हो सकती है ब्लीडिंग

    आश्चर्यचकित न हों, सिर्फ महिलाओं को ही नहीं पुरुषों को भी फर्स्ट टाइम सेक्स के दौरान ब्लीडिंग हो सकती है, हालांकि ऐसे पुरुषों की संख्या बेहद कम होती है। ऐसा इसलिए होता है कि बहुत से पुरुषों की फोरस्किन टाइट होती है और इसलिए इंटरकोर्स के दौरान पीनिस पर हल्का खून आ सकता है।

    ​बिस्तर में क्या करना है, पता न हो

    अगर आप सेक्स के दौरान किसी ऐसे पुरुष के साथ हैं जिसे पता न हो कि आगे क्या करना है, अपना हाथ कहां रखना है, पार्टनर को कैसे पकड़ना है, आपको नेकेड देखकर अगर उसे अजीब फील हो रहा हो तो ये सारी बातें, इस बात का संकेत हो सकती हैं कि आपका मेल पार्टनर वर्जिन है। सेक्स में अनुभवी पुरुषों को इन बातों से कोई फर्क नहीं पड़ता।

    ​फोरप्ले के बारे में जानकारी न हो

    अगर आप सेक्स से मैक्सिमम प्लेजर हासिल करने के बारे में सोच रहे हैं तो इसके लिए फोरप्ले बेहद जरूरी है। लेकिन अगर आपके पार्टनर को फोरप्ले के बारे में कुछ पता नहीं है और इसे कैसे करना है, इसकी जानकारी नहीं है तो यह इस बात का संकेत हो सकता है कि आपका पार्टनर वर्जिन हो।