Category: health-lifestyle

  • आपकी यह आदतें रिश्ते को बनाएंगी मजबूत

    जीवन शैली : किसी के साथ रिश्ते में आना बेहद आसान है लेकिन उस रिश्ते को उम्दा तरीके से निभा पाना बेहद कठिन। असल में जब दो लोग किसी रिश्ते में आते हैं तो वह सिर्फ एक दूसरे की अच्छी आदतों को नहीं अपितु उनकी बुरी आदतों को भी स्वीकार करते हैं। लेकिन कई बार- हम देखते हैं कि लोगों का एक अच्छा रिश्ता उनकी छोटी- छोटी आदतों की वजह से टूट जाता है। 

    वही आज हम आपको कुछ ऐसी आदतों के विषय में बताने जा रहे हैं जिनको अगर आप अपना लेते हैं तो आपका रिश्ता सिर्फ सफल नही होगा बल्कि आप अपने पार्टनर के साथ जीवन पर्यंत खुश रहेगे। 

    वक्त देना सीखें –

    जब दो लोग रिश्ते में आते हैं तो उनको एक दूसरे को वक्त जरुर देना चाहिए। कई बार हम देखते हैं कि शुरुआत में पार्टनर अपने साथी को खूब वक्त देते हैं और बाद में वह उनके साथ टाइम एक्सपेंड नहीं करते। पार्टनर की यह आदत उनके रिश्ते को सबसे अधिक प्रभावित करती है कई बार साथी को वक्त न देने के कारण एक बेहतर रिश्ता खराब हो जाता है।  रिलेशनशिप एक्सपर्ट्स का कहना है कि सभी को अपने रिश्ते को वक्त देना ही चाहिए यदि आप अधिक व्यस्त हैं तो आप अपने पार्टनर के लिए स्पेशन टाइम बना लें और उस समय अपने सभी काम छोड़कर उसके साथ वक्त बिताएं। यदि आप यह करते हैं तो इससे आपका रिश्ता मजबूत होता है और आप दोनो के मध्य प्रेम बना रहता है। 

    बातों को सुनें :

    हम अक्सर अपनी कहना जानते हैं मानों बचपन से हमें यही सिखाया गया है कि अपनी कहो लेकिन धैर्य के साथ किसी की मत सुनों। हमारी यह आदतें हमारे रिश्ते को प्रभावित करती हैं और पार्टनर के मध्य बेवजह का झगड़ा शुरू हो जाता है। अगर आप किसी के साथ रिश्ते में बंधे हैं तो आपको अपने अंदर सुनने की प्रवृति विकसित करनी होगी। आपको अपने पार्टनर की हर बात सुननी चाहिए और उसके साथ बैठ कर उसकी समस्या का हल निकालने का प्रयास करना चाहिए। यदि आप ऐसा करते हैं तो इससे आपके पार्टनर का आप पर विश्वास बढ़ता है और आपका रिश्ता मजबूत होता है। 

    तनाव को नजर-अंदाज करें :

    कई बार हम अपने पार्टनर से झगड़ा करते हैं और तनाव में रहने लगते हैं। बार-बार यही सोचते हैं कि क्या सामने वाले की नजर में हमारी कोई इज्जत नहीं है क्या हम उसके लिए महत्वपूर्ण नही हैं। यह सभी बातें हमें तनाव में जकड़ती हैं और तनाव के चलते हम अपने रिश्ते को खत्म कर देते हैं।  कोशिश करनी चाहिए कि अपने आपस के झगड़े को सौम्यता के साथ सुलझा लें और अपने आपसी झगड़े को बार-बार याद करके तनाव न लें। 

    गलतियों को स्वीकार करें :

    जब दो लोगो रिश्ते में आते हैं और कभी-कभी दोनों में आपसी कहा-सुनी होती है तो लोग अपने पार्टनर के सम्मुख झुकना नहीं पसंद करते हैं। लोगों की न झुकने और अपनी गलती को न स्वीकारने की आदत उनके रिश्ते को कमजोर बनाती है। रिलेशनशिप एक्सपर्ट का कहना है कि यदि कोई व्यक्ति अपनी गलतियों को स्वीकार लेता है तो उसके रिश्ते में कभी फूट नही पडती और व्यक्ति अपने रिश्ते को बेहतर और सफल बना पाता है। 

  • मीठे से नहीं इन तीन आदतों से होता है ब्लड शुगर

    जीवन शैली: आज समय काफी बदल गया है, बीमारियां अब उम्र नहीं देखती, बच्चें हों या बड़े सब किसी न किसी बीमारी से जूझ रहे हैं वहीँ जब बाद आती है शुगर की तो हम सभी परेशान हो जाते हैं। आम तौर पर हमें लगता है शुगर या डायबिटीज अधिक मीठे के सेवन से होता है लेकिन जानकारों का मानना है कि यह एक गंभीर बीमारी है जो सिर्फ मीठा खाने से नहीं अपितु हमारी दैनिक आदतों से भी होती है। जो आइये जानते हैं किन आदतों के कारण होती है शुगर या डायबिटीज की समस्या। 

    नीद की समस्या-

    आज कल हम तकनीकी से जुड़ गए हैं पूरे दिन हम ऑफिस में अपना काम करते हैं और रात में समय पर सोने की जगह मोबाइल फोन चलाने में जुटे रहते हैं। जिसके चलते अगर सबसे अधिक कुछ प्रभावित होता है तो वह है हमारे सोने का समय। जब हम समय पर नहीं सोते हैं तो इससे हमारे शरीर में इन्सुलिन का प्रवाह सही नही होता है और हमारा ब्लड शुगर लेवल बढ़ जाता है। जानकारों का कहना है कि प्रत्येक व्यक्ति को रोजाना ८ घंटे की नींद लेनी चाहिए यदि आप ऐसा करते हैं तो आप कई बीमारियों से सुरक्षित रहते हैं और आपका ब्लड शुगर लेवल कंट्रोल में रहता है। 

    तनाव- 

    तनाव मानों आज हमारे जीवन का अभिन्न अंग हो गया है। छोटे-छोटे बच्चे भी आजकल तनाव में रहने लगे हैं। तनाव से हमारे शरीर में कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन बढ़ता है यह कई प्रकार की बीमारियों हमें जकड़ता है। वहीं तनाव के कारण शरीर में इन्सुलिन का प्रवाह बढ़ता है और डायबिटीज की समस्या से हमें जूझना पड़ता है। 

    योग से दूरी :

    काम का वजन आज दिमाग पर इतना बढ़ गया है कि हम अपने स्वास्थ्य पर बिल्कुल ध्यान नही दे पाते हैं न तो हम सही तरीके से भोजन करते हैं और न ही हम योग करते हैं। हमारी यह आदतें हमारे स्वास्थ्य को प्रभावित करती हैं एवं इससे भी ब्लड शुगर की समस्या होने की सम्भावना अधिक होती है। 

  • तुलसी के जड़ से करें यह काम जीवनभर होगी पैसों की बरसात

    हिंदू धर्म में तुलसी को एक पवित्र पौधा माना जाता है। कहा जाता है कि तुलसी के पौधे में मां लक्ष्मी का वास होता है। कार्तिक मास में तुलसी की विशेष रूप से पूजा की जाती है। इस दिन शालिग्राम और तुलसी का विवाह होता है। लेकिन क्या आप जानते हैं कि एकादशी के दिन तुलसी की पूजा करने से मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त होती है?

    आज 14 जून को कृष्ण पक्ष की एकादशी है। इस दिन तुलसी को जल चढ़ाना चाहिए और मिठाई और फल चढ़ाने चाहिए। कहा जाता है कि इसकी जड़ में शालिग्राम होता है इसलिए इस दिन तुलसी की जड़ से जुड़े कुछ उपाय करना बहुत ही चमत्कारी होता है। आज हम आपको तुलसी की जड़ के कुछ चमत्कारी उपाय बताने जा रहे हैं। कहा जाता है कि इन उपायों को करने से कई परेशानियों से मुक्ति मिलती है.

    तुलसी की जड़ से जुड़े कुछ खास उपाय

    – शास्त्रों के अनुसार अगर आपकी कुंडली में नवग्रह का दोष है तो आपको तुलसी की जड़ की पूजा करनी चाहिए। इससे शनि सहित सभी दोषों से मुक्ति मिल सकती है।

    – शास्त्रों के अनुसार यदि तुलसी की जड़ को लाल कपड़े में बांधकर तिजोरी में या जहां आप धन रखते हैं, वहां रख दें, जिससे धन आगमन के मार्ग खुल जाते हैं।

    – शास्त्रों के अनुसार तुलसी के पौधे की जड़ लेकर उसे गंगाजल से धो लें। अब इसे पीले कपड़े में बांधकर घर में रख दें। इससे घर में कलह दूर होते हैं।

    – शास्त्रों के अनुसार यदि कोई व्यक्ति अपनी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना चाहता है तो तुलसी की जड़ को शुक्रवार के दिन चांदी के ताबीज में रखकर उसकी माला बनाकर धारण करें।
     
    – शास्त्रों के अनुसार तुलसी की जड़ की माला बनाकर मंदिर में रखने से सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है, जिससे मन शांत रहता है और तनाव दूर होता है।

    – शास्त्रों के अनुसार तुलसी की जड़ की माला बनाकर अपने ऑफिस डेस्क पर रखने से नकारात्मक ऊर्जा दूर होती है। बिगड़े काम बनने लगते हैं और तरक्की होने लगती है।

  • पुरुषों की इन हरकतों से चिढ़ती हैं स्त्रियां

    जीवन शैली: हमने अक्सर देखा है कि पुरुष बड़ी जल्दी ही स्त्री की तरफ आकर्षित हो जाते हैं। पुरुषों का मन स्त्री से मिले न मिले उनकी यह इच्छा रहती है कि उनका शरीर स्त्री के साथ मिल जाए। लेकिन स्त्री पुरुषों की कुछ विशेष आदतों को बिलकुल नहीं पसंद करती हैं और यदि पुरुष उनके सामने यह सब काम करते हैं तो वह जल्द ही ऐसे पुरुषों से दूरी बना लेती हैं और उनका रिश्ता खत्म हो जाता है। तो आइये जानते हैं पुरुषों की किन आदतों से चिढ़ती हैं स्त्रियां। 

    बार – बार स्पर्श-

    कई पुरुषों की आदत होती है कि वह कहीं भी बैठें लेकिन वह स्त्री को बार-बार स्पर्श करते रहते हैं। स्त्री को पुरुष की यह आदत बिलकुल नहीं पसंद आती है। स्त्री ऐसे पुरुषों से दूर रहना छाती है और पुरुष की यह आदत उनके रिश्ते को स्वाहा कर देती है। स्त्रियां ऐसे पुरुषों को चरित्र हीन समझती हैं, स्त्रियों का मानना होता है ऐसे पुरुष कभी प्रेम में लॉयल नहीं रहते हैं। 

    देखने का तरीका-

    कई पुरुषों की आदत होती है वह स्त्री को अश्लील नजरों से देखते हैं ,स्त्री को इस प्रकार के पुरुष नहीं पसंद आते हैं। स्त्रियों को लगता है ऐसे पुरुष हर किसी पर अपनी नजर डालते हैं यह प्रेम के बड़े-बड़े वादे करते हैं लेकिन यह वास्तव में किसी से प्रेम नहीं करते हैं। स्त्रियों ऐसे पुरुषों को झूठा समझती हैं। 

    बार-बार शरीरिक संबंध बनाने की जिद्द –

    कई पुरुषों की आदत होती है कि वह किसी स्त्री के साथ रिलेशनशिप में आते हैं तो स्त्री से शारीरिक संबंध बनाने की जिद्द करते हैं। स्त्री को यह बिलकुल नहीं पसंद की कोई पुरुष किसी स्त्री  के साथ बार-बार संबंध बनाने की जिद्द करे और उसकी मर्जी के बिना उसे छुए। अगर कोई पुरुष किसी स्त्री के साथ संबधं बनाने की जिद्द करता है तो स्त्री उसको चरित्र हीन समझती है स्त्री को लगता है पुरुष उसके साथ सिर्फ शारीरिक सम्बन्ध बनाने के उद्देश्य से जुड़ा है। स्त्री ऐसे पुरुषों से जल्द ही अलग हो जाती है। 

  • लड़कियों की छाती कैसे बढ़ती ???

    डेस्क रिपोर्ट:

    जैसे कि हम जानते हैं, जब लड़की किशोरावस्था में आती हैं; तब उसके शरीर में कई सारे बदलाव होते हैं। यह शारीरिक बदलाव होने के बाद ब्रेस्ट में भी बदलाव देखा जाता है। अन्य शारीरिक विकास होने के साथ-साथ; किशोरावस्था के दौरान लड़कियों के जननांगों और स्तनों में भी विकास देखने को मिलता है।प्यूबर्टी के दौरान, लड़कियों के स्तन का आकार बदलने लगता है और बढ़ने भी लगता है। ऐसा कह सकते हैं; कि किशोरावस्था के समय से ही लड़कियों के ब्रेस्ट बढ़ने की शुरुआत हो जाती हैं। लड़कियों के जब पीरियड शुरू होते हैं; तब उनके शरीर में प्रोजेस्ट्रोन और एस्ट्रोजन नामक हार्मोन का स्तर बढ़ने लगता है।इसी कारणवश, लड़कियों के स्तनों का आकार बढ़ सकता है। अक्सर कहा जाता है: कि शादी के बाद लड़कियों के स्तनों का आकार बड़ा हो जाता है।

    लेकिन, पूरी तरीके से यह सही नहीं हो सकता। हालांकि, शादी के बाद सहजीवन शुरू करने के बाद एक लड़की के जीवन और शरीर में भी बदलाव देखे जाते हैं। शादी होने के बाद प्रेगनेंसी के दौरान महिलाओं के शरीर में कई हार्मोनल बदलाव होते हैं; जिसकी वजह से ब्रेस्ट का आकार बढ़ सकता है।डिलीवरी होने के बाद जब नवजात शिशु अपनी मां का दूध पीने लगता है; उस दौरान भी एक महिला के स्तनों के आकार में वृद्धि देखी जा सकती है। इसी के साथ, आजकल गलत खानपान की पद्धति के कारण लड़कियां मोटापा का शिकार होती जा रही है।

    ऐसे में, अगर कम उम्र में ही अधिक मोटापा हो जाता है; तो वजन बढ़ने के कारण भी लड़कियों के स्तनों का आकार बड़ा हो जाता है।किशोरावस्था के दौरान, लड़कों की तुलना में लड़कियों का शारीरिक विकास बहुत ही तेजी से होता है। लड़कियों में किशोरावस्था की औसतन उम्र 11=साल होती है। 8साल से लेकर 15साल तक लड़कियों में प्यूबर्टी का दौर देखा जाता है।ऐसा कहा जाता है; कि आजकल लड़कियां काफी कम उम्र में “बड़ी” बन रही है। इसके पीछे कई कारण मौजूद होते हैं। लेकिन, अध्ययन के अनुसार, प्यूबर्टी के 5सालों में ही लड़कियां पूर्ण यौन परिपक्वता प्राप्त कर लेती है। किशोरावस्था के दौरान ही लड़कियों के शरीर में हारमोंस के तेज बदलाव देखे जाते हैं

  • डायबिटीज का मरीज गन्ने का रस पिए या नहीं

    डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति को एक स्वस्थ व्यक्ति की तुलना में अपने खान-पान को लेकर कुछ सावधानियां बरतनी चाहिए। कुछ ऐसा जिसे खाने के बाद उनके शरीर को नुकसान न पहुंचे इसलिए थोड़ी डाइट से बचना चाहिए। गर्मी का मौसम है और बाजार में कई तरह के फल और जूस उपलब्ध हैं। ऐसे में मधुमेह रोगी को फलों का जूस पीना चाहिए और कौन सा फल खाना चाहिए आज आप बताएंगे। गर्मियों में बाजार में गन्ने का रस भरपूर मात्रा में मिलता है. ऐसे में आज बताएंगे कि डायबिटीज के मरीजों को गन्ने का जूस पीना चाहिए या नहीं।

    गन्ने का रस स्वास्थ्य के लिए अच्छा होता है।

    ओनली माय हेल्थ की एक रिपोर्ट के मुताबिक, गन्ने का रस एक प्राकृतिक पेय है। यह तांबा, मैग्नीशियम, पोटेशियम, विटामिन ए, बी1, बी2, बी3 और सी, जिंक, मैंगनीज, कैल्शियम और आयरन जैसे स्वास्थ्य का खजाना है। फार्माकोग्नॉसी रिव्यूज की एक रिपोर्ट के मुताबिक गन्ने के रस में 70-75% पानी, 13-15% सुक्रोज और 10-15% फाइबर होता है। इसके अलावा, इसी अध्ययन में कहा गया है कि भारत में पीलिया, रक्तस्राव, पेशाब में जलन, पेशाब में जलन और शौचालय संबंधी बीमारियों के इलाज में गन्ने का रस अत्यधिक प्रभावी है।

    क्या यह मधुमेह रोगियों के लिए सुरक्षित है?

    ऑनली माई हेल्थ के मुताबिक गन्ने के रस से जुड़े कई स्वास्थ्य लाभ हैं. हालांकि, यह चीनी में उच्च है, एक कार्बोहाइड्रेट जो शरीर ग्लूकोज में टूट जाता है और रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है.50 मिली जूस में 50 ग्राम चीनी होती है, जो 12 चम्मच चीनी से अधिक है. वयस्क महिलाओं को प्रतिदिन 24 ग्राम से अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए और पुरुषों को 36 ग्राम से अधिक का सेवन नहीं करना चाहिए.

    ग्लाइसेमिक आईइंडेक्स (जीआई) एक ऐसा माप है दो कोई भोजन या पेय कितनी जल्दी रक्त शर्करा के स्तर को बढ़ा सकता है. वह यह नापता है. डायबिटीज के मरीजों के लिए आदर्श जीआई 50-55 की सीमा में है. हालांकि गन्ने के रस का जीआई 43 है, जो मधुमेह रोगियों के लिए अनुशंसित खुराक से बहुत कम है, केवल थोड़ी मात्रा में ही दिया जा सकता है.हालांकि गन्ने के रस में जीआई कम होता है, फिर भी इसमें उच्च ग्लाइसेमिक लोड (जीएल) होता है. जिसका अर्थ है कि यह ब्लड के शुगर लेवल को प्रभावित कर सकता है. हालांकि, गन्ने का रस उन रोगियों के लिए मददगार हो सकता है, जिन्हें अचानक शुगर ड्रॉप हो जाता है. जिसे हाइपोग्लाइसेमिक (कम शुगर) भी कहा जाता है, जो शुगर लेवल को बढ़ाने में मदद करता है.

    यदि आप ब्लड में शुगर लेवल से परेशान हैं तो आपको गन्ने का रस संभल कर पीना चाहिए

    बढ़ी हुई प्यास

    जल्दी पेशाब आना
    वजन घटना

    थकान और कमजोरी महसूस होना

    चिड़चिड़ापन या अत्यधिक मूड परिवर्तन महसूस करना

    धुंधली दृष्टि

    धीरे-धीरे भरने वाले घाव

    बढ़े हुए संक्रमण, जैसे मसूड़े, त्वचा में इंफेक्शन

    डायबिटीज के मरीज को गन्ने का रस पीने से थोड़ा परेशानी हो सकती है. गन्ने का जूस पीने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूर लें. तले हुए, प्रोसेस्ड, बेक्ड और मीठे खाद्य पदार्थ खाने से बचें.तले हुए, प्रोसेस्ड, बेक्ड और मीठे खाद्य पदार्थों से बचें। पास्ता, सफेद ब्रेड और चावल जैसे साधारण कार्ब्स को अपने आहार में शामिल न करें. चीनी-मीठे न से न खाएं. 

  • 40 की उम्र में 25 की होगी त्वचा, तुरंत करें ऐसा

    हर कोई लंबे समय तक जवान और खूबसूरत दिखना चाहता है। इसलिए जैसे-जैसे वे बड़े होते जाते हैं, वे अपनी त्वचा की देखभाल में कई महंगे सौंदर्य उत्पादों को शामिल करते हैं जो न केवल रसायनों से भरे होते हैं बल्कि उनका कोई प्रभाव भी नहीं दिखता है। तो अगर आप बढ़ती उम्र के कारण चेहरे पर पड़ने वाली झुर्रियों और फाइन लाइन्स से परेशान हैं तो आज हम आपके लिए रॉ मिल्क फेस पैक लेकर आए हैं। यह एक एंटी एजिंग फेस पैक है। दूध में कई ऐसे गुण होते हैं जो आपकी त्वचा को लंबे समय तक जवां बनाए रखने में मदद करते हैं। साथ ही दूध त्वचा को अंदर से पोषण प्रदान करता है जो त्वचा को पोषित रखने में भी मदद करता है, तो आइए जानते हैं (How To Make Raw Milk Face Pack) कच्चे दूध का फेस पैक कैसे बनाएं…..

    कच्चे दूध का फेस पैक बनाने के लिए सामग्री-

    2 केले
    2 चम्मच शहद
    1 विटामिन- ई
    2 से 3 चम्मच कच्चा दूध 

    कच्चे दूध का फेस पैक कैसे बनाएं?

    कच्चे दूध का फेस पैक बनाने के लिए आप सबसे पहले एक बोतल लें।
    फिर आप 2 केले छीलकर अच्छे से मैश कर लें।
    फिर इसमें 2 बड़े चम्मच शहद और 2 से 3 बड़े चम्मच कच्चा दूध मिलाएं।
    – फिर आप इन चिनो चीजों को अच्छे से मिक्स कर लें.
    फिर आप 1 विटामिन-ई कैप्सूल को पंचर करके डालें।

    कच्चे दूध का फेस पैक कैसे लगाएं?

    कच्चे दूध का फेस पैक लगाने से पहले अपने चेहरे को अच्छी तरह धो लें।
    फिर आप तैयार पैक को चेहरे पर अच्छे से लगाएं।
    फिर आप इसे करीब 15-20 मिनट तक सुखा लें।
    फिर आप अपने चेहरे को सादे पानी से धो लें।
    अच्छे परिणाम के लिए आपको इस पैक को हफ्ते में कम से कम 2-3 बार आजमाना चाहिए।

    कच्चे दूध के फायदे (कच्चे दूध के फायदे):

    कच्चा दूध आपकी त्वचा को कोमल बनाने में मदद करता है।
    कच्चा दूध त्वचा को गहराई से पोषण देता है।
    कच्चा दूध लगाने से आपके चेहरे पर बढ़ती उम्र के निशान धीमे पड़ने लगते हैं।

  • दूसरे की पत्नी पर फ़िदा हुआ पति

    कहा जाता है कि एक महिला दुनिया की हर चीज शेयर कर सकती है लेकिन उसका पति नहीं। कोई भी पत्नी कभी भी यह बर्दाश्त नहीं कर सकती कि उसका पति किसी दूसरी महिला को पसंद करे। क्योंकि वह एक आदमी के साथ घर बसाने के लिए सब कुछ पीछे छोड़ने का सपना देखती है। लेकिन वह एक अनजान महिला के लिए धोखा खाना नहीं समझता। एक विवाहित महिला के लिए यह स्वीकार करना बहुत मुश्किल होता है कि उसका पति किसी अन्य महिला से प्यार करता है। इसमें कोई शक नहीं कि आज एक्स्ट्रा मैरिटल अफेयर्स के मामले काफी आम हो गए हैं। अब अगर आपके पति को किसी परायी महिला से प्यार हो जाए तो क्या होगा? इस स्थिति को कैसे संभालना है, विशेषज्ञ से जानें।

    जब भी किसी महिला के साथ ऐसा होता है तो उसका सबसे बुरा हाल होता है। ऐसे में उन्हें समझ नहीं आता कि किससे बात करें और कैसे खुद को इस समस्या से बाहर निकालें। ऐसे नाजुक रिश्ते को बेहतर तरीके से हैंडल करना चाहिए।

    पत्नी अपनी बात खुलकर रखें

    हो सकता है कि आपके पति इस बारे में बात न करना चाहें। लेकिन आप एक बार उससे शांति से बात करने की कोशिश करें। इस नाजुक स्थिति को संभालने का सही तरीका है बिना किसी झूठ के बातचीत करना। संवाद के जरिए पति-पत्नी अपना भविष्य बेहतर तरीके से तय कर सकेंगे। इस दौरान क्रोध और कटुता से बचें।

    पति-पत्नी को अपने परिवार से सहयोग मिलेगा

    अपने पति से बात करने के बाद मामले को परिवार वालों के सामने उठाएं। यहां परिवार और बड़ों की मदद लेना बहुत जरूरी है। क्योंकि दो लोगों के बीच शादी में परिवार बहुत बड़ी भूमिका निभाता है। ऐसे में टूटे रिश्ते को बचाने के लिए सभी की मदद लेनी पड़ती है। इस भावनात्मक स्थिति में परिवार के सहयोग से चीजें आसानी से सुलझ सकती हैं।

    दर्द को दबाने से तकलीफ ही बढ़ेगी

    हर महिला को सबसे पहले जो करना चाहिए वह अपनी भावनाओं को दबाना नहीं है। क्योंकि दर्द को दबाने से तकलीफ और बढ़ जाएगी। आप अंदर ही अंदर घुट जाएंगे। इस वजह से आप लगातार दुखी, क्रोधित या बेवफा महसूस करेंगे। तो आइए इन सभी भावनाओं को बाहर आने दें।

    विशेषज्ञ की सलाह लें

    अगर सब कुछ करने के बाद भी आप स्थिति को सही तरीके से नहीं संभाल पा रहे हैं तो आपको विशेषज्ञ की मदद लेनी चाहिए। आपका परिवार इस मामले में भावनात्मक रूप से शामिल है इसलिए सही सलाह मिलना मुश्किल हो सकता है। विशेषज्ञ खुद को अभिव्यक्त करने के लिए एक सुरक्षित स्थान रहता है।

  • सुहागरात :जरूरी नहीं है कि आप शादी की पहली ही रात सेक्स करें

    डेस्क रिपोर्ट :

    शादी की पहली रात हर किसी के लिए खास होती है। इसे और भी स्पेशल बनाने में एक रोमांटिक शादी की पहली रात हर किसी के लिए खास होती है। इसे और भी स्पेशल बनाने में एक रोमांटिक सा गिफ्ट आपकी मदद कर सकता है। जी हां, शादी की पहली रात में पत्नी को एक बेहतरीन उपहार देकर उसे खुश किया जा सकता है। साथ ही रोमांटिक गिफ्ट या सरप्राइज आपकी सुहागरात को और भी यादगार बना देगा।शादी किसी भी व्यक्ति के जीवन का एक महत्वपूर्ण निर्णय होता है शादी के बाद जिंदगी बिल्कुल बदल जाती है. ऐसें में किसी भी लड़की को खुद को नए रिश्तों, और नए माहौल में ढालना होता है. शादी के बाद पत्नी को अपने पति की हर जरूरत का खास ख्याल रखना होता है। इन सभी जिम्मेदारियों से अगर एक लड़की अपनी शादी की पहली रात के बारे में भी काफी सोचती है।ऐसे में लड़कों के लिए जरूरी है कि वह पत्नी की हर इच्छा का ख्याल रखें।ऐसे में आज हम आपको उन बातों के बारे में बताने जा रहे हैं जो हर लड़की अपनी शादी की पहली रात में करना चाहती है:

    ऐसा जरूरी नहीं है कि आप शादी की पहली ही रात सेक्स करें. पहली रात आप अपनी पत्नी को बाहों में भरें उनसे प्यार भरी बातें करें और उन्हें एहसास दिलाएं कि आप उनसे कितना प्यार करते हैं.

    – शादी में तमाम रीति-रश्म निभाते हुए लड़कियां सही तरीके से खाना नहीं खा पाई होती. ऐसे में आप उनके लिए कुछ लाइट खाने का इंतेजाम कर सकते हैं. अच्छा होगा कि आप उनके लिए कैंडल लाइट डिनर का इंतेजाम करें.

    – हर लड़की चाहती है कि शादी की पहली रात पति से उन्हें कोई गिफ्ट मिले. ऐसे में आप उन्हें कुछ स्पेशल गिफ्ट दे सकते हैं.

    – शादी की पहली रात को आप पत्नी को हग करते हुए रोमांटिक सेल्फी ले सकते हैं. ताकि आपको यह दिन हमेशा याद रहे.

    – शादी में घर में काफी लोग होते हैं जिस कारण आप पत्नी को पूरा टाइम नहीं दे पाते. ऐसे में आप उनके लिए एक प्राइवेट पार्टी ऑर्गेनाइज कर सकते हैं. ताकि आपको प्यार जताने का पूरा समय मिले

    Suhagraat केवल सेक्स करने के बारे में नहीं होता हैं। यह एक ऐसा मौका हैं जब आप एक दूसरे को अच्छे से जान सकते हैं और समझ सकते हैं। आप चाहे तो रात भर सिर्फ बातें कर बिता सकते हैं। एक दूसरे को सहज महसूस करवाने के लिए एक दूसरे कि बारे जानें। साथ में प्यार भरे पल बिताने और ढेर सारी बातें करने से आपकी शादी को एक सकारात्मक शुरुआत मिलेगी। पहली बार सेक्स करने वालों के लिए यह और भी मुश्किल हो सकता हैं। ऐसे में इच्छा के विरूद्ध कुछ भी करना आपके रिश्ते के लिए अच्छा नहीं है। अपना पहला कदम उठाने से पहले एक दूसरे से बात करें और सेक्स में शामिल होने के पहले एक दूसरे की इच्छा को जानें और उसके बाद ही आगे बढ़े। सुहागरात में आगे बढ़ने से ए एक बात पर अच्छे से विचार कर ले। शादी के बाद पति नवविवाहित जोड़ों से अक्सर उम्मीद किया जाता है कि वह जल्दी अपने जिंदगी में एक बच्चे को का स्वागत करें। घर के बुजुर्गों द्वारा दबाव डालने पर उन्हें अक्सर अपने परिवार को बड़ा करने का निर्णय लेना पड़ता है। ऐसे में आगे बढ़ने से पहले एक दूसरे से इस बात पर चर्चा कर लें कि आप अपना परिवार अभी बढ़ाना चाहते हैं या नहीं। अगर आप इस वक्त बच्चे के लिए तैयार नहीं है तो याद से गर्भनिरोधक (contraception) या कंडोम (condom) के इस्तेमाल को लेकर बात कर लें।

     

  • सेक्स कब और कितने समय तक करना चाहिए?

    डेस्क रिपोर्ट:

    जब आप अपने साथी के साथ सेक्स करते हैं, तो आप एक संतुष्टि की भावना प्राप्त करते हैं। यह आपको एक-दूसरे के करीब लाने में मदद करता है और परिणामस्वरूप मजबूत और बेहतर संबंध बनता है। यौन गतिविधियों के आपके मनोवैज्ञानिक स्वास्थ्य के साथ सीधा संबंध है। हालांकि यह मायने नहीं रखता की आप कितने बार सेक्स करते है, बल्कि आप साथ में कितना अच्छा समय बिताते हैं।
    आधुनिक जीवनशैली और तनाव के कारण, नए कपल्स को बिस्तर पर एक साथ जाने का समय नहीं मिलता है, इस कारण सेक्स को ठन्डे बस्ते में डाल दिया जाता हैं। शोध में कहा गया है कि ज्यादातर युवा जोड़े अब सेक्स को माध्यमिक, यांत्रिक और नीरस मानते हैं, जिसे बाद में भी किया जा सकता है, लेकिन यह सामान्यता का संकेत नहीं है।

    आपको इसे दैनिक करने की आवश्यकता नहीं है, लेकिन सप्ताह में 2 या 3 बार स्वस्थ शरीर, दिमाग और रिश्ते के लिए फायदेमंद है।सेक्स एंडोर्फिन हार्मोन रिलीज़ करता है जो तनाव को कम करता है और आपको यूफोरिया का अनुभव भी देता है। यह आपको अधिनियम के दौरान और सामान्य रूप से आपके जीवन के साथ संतुष्ट और खुश महसूस करता है।यह सीधे आकर्षण को बढ़ावा देने से संबंधित है। यौन संभोग के दौरान, शरीर फेरोमोन जारी करता है जो आपको अन्य लोगों के लिए अधिक आकर्षक लगते हैं।

    यदि आप गतिविधि के दौरान ओर्गास्म का अनुभव करते हैं, तो शरीर के भीतर बेहतर परिसंचरण के प्रचार के कारण बेहतर जीवन काल होने की संभावना है।एंडोर्फिन रिलीज़ के कारण सेक्स एक उत्कृष्ट दर्द राहत के रूप में कार्य करता है।लिंग आपको संभोग के दौरान मांसपेशियों को काम करके अपने मूत्राशय पर बेहतर नियंत्रण रखने में भी मदद करता है।यह पुरुषों में प्रोस्टेट कैंसर के खतरे को कम करने के लिए भी दिखाया गया है। कुछ कारण हैं जो सेक्सोलॉजिस्ट और स्वास्थ्य देखभाल विशेषज्ञ आपको कम से कम दो बार साप्ताहिक संभोग करने की सलाह देते हैं

     आपको इसे नियमित रूप से करने की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि अधिक सेक्स नकारात्मक प्रभाव भी डालते है। यह यौन लत के साथ समस्याओं की शुरुआत को भी संकेत दे सकता है। बहुत अधिक सेक्स के कुछ नकारात्मक प्रभाव हो सकते हैं:इससे आपकी यौन गतिविधि पर हानिकारक असर पड़ता हैं। आपको अक्सर उत्तेजित होना मुश्किल लगता है।आप अपने शरीर पर ऐंठन का अनुभव करते हैं।आप अपने आंत्र और मूत्र कार्यों में कठिनाइयों का अनुभव करते हैं।आप सेक्स के विचारों से लगातार विचलित हो जाएंगे जो यौन व्यसन का कारण बन सकता है।एक सीमा के भीतर रहना सबसे अच्छा है, अपने साथी के साथ दो बार या तीन बार मजा लें और इस प्राकृतिक चमत्कार के स्वास्थ्य और मनोवैज्ञानिक लाभ का आनंद लें। यदि आप किसी विशिष्ट समस्या पर चर्चा करना चाहते हैं, तो आप एक सेक्सोलॉजिस्ट से परामर्श ले सकते हैं।