Category: health-lifestyle

  • भूलकर भी इन चीजों के साथ मत खाना दही नहीं तो बढ़ेगा मोटापा

    हेल्थ- दही स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद माना गया है। कहते हैं अगर आप गर्मी के मौसम में दही का सेवन करते हैं तो इससे आपका पेट सही रहता है और दही आपको लू से बचाता है। वहीं घरों में दही का उपयोग करके कई अलग – अलग प्रकार के पकवान बनाएं जाते हैं जो खाने में बेहद स्वादिष्ट लगते हैं।

    दही प्रोबायोटिक्स, विटामिन C, एंटीऑक्सिडेंट और जरूरी मिनरल्स से भरपूर होता है जो हमारे शरीर को काफी लाभ देता है लेकिन कई बार जब हम कुछ विशेष चीजों के साथ दही का सेवन कर लेते हैं तो हमारे लिए फायदे की जगह नुकसान दे सकता है। 

    आइये जानते हैं किन चीजों के साथ दही खाने से होता है नुकसान –

    गुड़ के साथ नहीं खान चाहिए दही –

    अगर आप दही और गुड़ के शौक़ीन हैं और दोनों का सेवन एक साथ करते हैं तो यह आपकी हेल्थ को प्रभावित करता है और इससे आपका वजन तेजी से बढ़ने लगता है। असल में ऐसा इसलिए होता है क्योंकि गुड़ की तासीर गर्म और दही की तासीर ठंडी होती है जो फैट बढ़ाता है। 

    दूध और दही का सेवन –

    एक्सपर्ट का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति दूध और दही का सेवन साथ में करता है तो उसको संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है और यह मोटापा भी बढ़ता है। 

    चाय के साथ दही खाने से बचें-

    कई लोगों का स्वभाव होता है कि वह चाय के साथ दही का सेवन करते हैं। ऐसा नहीं करना चाहिए क्योंकि दही ठंडा और चाय गर्म होती है अगर आप एक साथ इसका सेवन करते हैं तो आपके मेटाबॉलिक सिस्टम में असंतुलन पैदा होता है और आपका स्वास्थ्य बिगड़ जाता है। 

    फलों के साथ दही-

    कई लोग दही शेक के बड़े शौक़ीन होते हैं उनको दही और फल साथ में खाना पसंद होता है। लेकिन एक्सपर्ट का कहना है कि – दही में एनिमल प्रोटीन पाया जाता है, जो फलों के साथ मिलने पर बॉडी में फर्मेंटेशन पैदा कर सकता है। 

  • Drinks For Summer: रोजाना पिएं यह ड्रिंक नहीं होगी डिहाइड्रेशन की समस्या

    Drinks For Summer: गर्मियों का सीजन आ गया है। पार दिन-प्रतिदिन चढ़ता जा रहा है। लोग तेज धुप के थपेड़ों से परेशान हैं। वहीं जो लोग बाहर निकल रहे हैं उनकी एनर्जी एकदम डाउन हो गई है। कोई डिहाइड्रेशन से परेशान है तो कोई स्वयं को बेहद कमजोर महसूस करता है। किसी की स्किन एकदम डल हो गई है तो कोई पिम्पल्स से ऊब गया है। लेकिन इन सभी समस्याओं का कारण सिर्फ एक है शरीर में पानी की कमी। पानी की कमी से हम आज कई बीमारियों से जूझ रहे हैं। वहीं आज हम आपको कुछ ऐसे ड्रिंक के बारे में बताने जा रहे हैं जिनको अगर आप गर्मी के सीजन में आप पीते हैं तो आपको न सिर्फ इन समस्याओं से निजात मिलेगा बल्कि आपके शरीर में पानी की कमी भी नहीं होगी। 

    खीरे का पानी –

    खीरे का पानी कोई स्पेशल पानी नहीं है लेकिन अगर आप इसका सेवन रोजाना करते हैं तो इससे आपका शरीर ठडा रहता है, आपका मुँह बार-बार नहीं सूखता है और आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती है। इस पानी को बनाने के लिए आपको सादे पानी में खीरे की दो से तीन स्लाइस काटकर डालनी होती हैं, आधा नीबू और साथ में दो तीन पुदीने की पत्ती। इस पानी को खीरे का फ्लेवर वॉटर भी कहते हैं। 

    खीरे का जूस-

    खीरे में पानी की भरपूर मात्रा होती है अगर आप गर्मी के सीजन में खीरे का जूस सुबह,शाम पीते हैं तो इससे आपकी स्किन पर ग्लो आता है। शरीर ठडा रहता है,पानी की कमी से आपको वीकनेस नहीं महसूस होती है और आपको डीहाइड्रेशन की समस्या से नहीं जूझना पड़ता है। 

    पुदीने का जूस –

    गर्मियों में अगर आप गन्ने के रस में ज्यादा पुदीना मिलाकर उसका जूस पीते हैं तो आपके शरीर में पानी की कमी नहीं होती हो और न आपको वीकनेस महसूस होती है। पुदीने का जूस शरीर के लिए बेहद फायदेमंद साबित हुआ है। 

    तरबूज का जूस-

    तरबूज में पानी की काफी मात्रा होती है। अगर आप तरबूत खाते हैं तो इससे भी पानी की कमी दूर होती है वही यदि आप रोजाना तरबूत का जूस पीते हैं तो यह आपको डिहाइड्रेशन की समस्या से बचाता है। तरबूज के जूस में नीबू,नमक,पुदीना मिलाकर पीना चाहिए। 

  • ट्रेंड में आया कपल टॉयलेट जानें क्या है खास

    लाइफस्टाइल : आज कल तकनीकी तीव्रता से आगे बढ़ती जा रही है। लोग तरह-तरह के इनोवेशन कर रहे हैं। घर का कमरा हो या बाथरूम सब नई और अनोखी डिजाइन में दिख जाता है। वहीं आज हम आपको एक ऐसे टॉयलेट के बारे में बताने जा रहे हैं जो कपल टॉयलेट है। सुनकर हैरानी हुई न लेकिन यह सच है। इस टॉयलेट को कपल एक साथ उपयोग कर सकते हैं। 

    असल में इस टॉयलेट का डिजाइन s शेप का होता है। टॉयलेट में एक-साथ दो कबोट लगे होते हैं। कपल इस टॉयलेट में एक साथ पोटी कर सकते हैं। यह टॉयलेट आज के समय में काफी प्रचलित है। कपल इस टॉयलट को काफी पसंद भी कर रहे हैं और कई कम्पनी इस टॉयलेट में इन्वेस्ट करने में रूचि भी दिखा रही हैं। इस टॉयलेट में आप अपने पार्टनर का चेहरा देख सकते हैं। 

    इको कमर्शियल स्टार्स केविन नीलॉन और विक्टोरिया जैक्सन ने साल 1991 में इसे बनाया था, लेकिन अब ये काफी चलन में है और इस पर काफी मीम भी बनने लगे हैं। उन्होंने इस उद्देश्य से इस टॉयलेट को बनाया कि जब पार्टनर साथ में भोजन करना,रहना,उठना,बैठना पसंद करते हैं तो वह साथ में टॉयलेट क्यों नहीं कर सकते हैं। 

  • अगर चाहिए चमकदार स्किन तो अपनाएं यह टिप्स

    स्किन ग्लो का मतलब होता है कि आपकी त्वचा स्वस्थ और चमकदार दिखती है। यह आमतौर पर अच्छी सेहत, सही खान-पान और सही देखभाल के चलते होता है। अगर आपका शरीर सही मात्रा में पानी, पोषक तत्वों और विटामिनों से भरपूर है तो आपकी त्वचा स्वस्थ रहती है जो उसे चमकदार दिखाता है। साथ ही सही तरीके से समय-समय पर स्किन केयर करने से भी आपकी त्वचा ग्लो करती है। 

    लेकिन आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी में हम अपनी स्किन का बिल्कुल ख्याल नहीं रख पाते हैं और हम देखते हैं हमारी स्किन का ग्लो अचानक से चला जाता है। कई बार हम अपनी त्वचा पर पुनः ग्लो प्राप्त करने के लिए तरह-तरह के कॉस्मेटिक प्रोडक्ट का उपयोग करते हैं लेकिन इससे हमारी स्किन की चमड़ी मोटी और खराब हो जाती है। वहीं आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनका उपयोग करके आप अपनी स्किन का ग्लो पुनः वापस प्राप्त कर सकते हैं। 

    जानें कैसे प्राप्त करें चेहरे का ग्लो- 

    पर्याप्त पानी पिएं: दिन में कम से कम 8-10 गिलास पानी पिएं। यह आपकी त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में मदद करेगा जो उसे ग्लोइंग बनाता है।

    सही खाद्य पदार्थों का सेवन करें: आपके खाद्य पदार्थों में प्रतिदिन फल, सब्जी, अंजीर, नट्स और सलाद शामिल होने चाहिए जो आपकी त्वचा को ग्लोइंग बनाने में मदद करते हैं।

    अच्छी नींद लें: रात में कम से कम 7-8 घंटे की नींद लें। अच्छी नींद लेने से आपकी त्वचा को विश्राम मिलता है जो उसे ग्लोइंग बनाता है।

    त्वचा को सूर्य किरणों से बचाएं: अधिक सूर्य किरणों के दायरे में रहने से त्वचा को नुकसान पहुंच सकता है। सूर्य के किरणों से बचने के लिए आप सनस्क्रीन का उपयोग कर सकते हैं।

    एक्सफोलिएशन करें: अपनी त्वचा को एक्सफोलिएट करने से उसमें मौजूद रुखापन और कलियों को हटाने में मदद मिलती है। यह स्किन के लिए बेस्ट उपाय साबित होता है। 
     

  • Sexual activity: सेक्स से होते हैं यह जबरदस्त फायदे

    Sexual activity: सेक्स एक उपयोगी व्यायाम और मनोरंजन का एक तरीका है जो आमतौर पर दो या उससे अधिक व्यक्तियों के बीच जीवनशैली जुड़ा होता है। सेक्स को सम्बन्ध बनाने वाले दो व्यक्तियों के बीच शारीरिक संबंध, भावनाओं और अभिव्यक्ति का एक मिश्रण माना जाता है।

    इसमें संभोग, स्पर्श, प्रेम, उत्साह, संतुष्टि, उत्साह और अनुभव शामिल होते हैं। सेक्स शारीरिक संपर्क, स्पर्श, भावनाओं का अभिव्यक्ति और आनंद का एक साथ अनुभव होता है।

    सेक्स जीवन की एक महत्वपूर्ण घटना होती है जो शारीरिक संतुष्टि और मानसिक तृप्ति के लिए महत्वपूर्ण होता है। यह स्वस्थ रहने और संतुष्ट जीवन जीने का एक महत्वपूर्ण अंग होता है।

    मनुष्य के शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य के लिए सेक्स करने के कई फायदे होते हैं। कुछ मुख्य फायदों में निम्नलिखित शामिल हैं:

    1. स्वस्थ रहना: सेक्स एक अच्छा व्यायाम है जो आपके शारीरिक स्वास्थ्य को बढ़ाता है। इससे आपके हृदय, श्वसन तंत्र, सिर्फ के साथ साथ आपके शरीर की कई अन्य अंगों को भी लाभ मिलता है।

    2. तनाव कम करना: सेक्स स्ट्रेस को कम करने में मदद करता है। इसमें हार्मोन फेलिंग व एक्सीटोसिन जैसे हार्मोन उत्पन्न होते हैं जो तनाव को कम करने में मदद करते हैं।

    3. सेल्फ एस्टीम में सुधार: एक संतुष्ट और समान में सेक्स शारीरिक और मानसिक रूप से आपको अधिक आत्मविश्वास प्रदान करता है।

    4. स्तंभन शक्ति में सुधार: नियमित सेक्स स्तंभन शक्ति में सुधार करता है जो आपके सेक्स जीवन को बेहतर बनाता है।

    5. नींद में मदद: सेक्स करने से शरीर में एक्सीटोसिन जैसे हार्मोन उत्पन्न होते हैं जो आपको नींद में मदद करते हैं।

  • जानें कब होती है डायबिटीज की समस्या

    डायबिटीज एक मौखिक रूप से उल्लेखनीय रोग है जिसमें शरीर में रक्त शर्करा का स्तर बढ़ जाता है जो शरीर की कोशिकाओं को ऊर्जा प्रदान करने में असमर्थ बनाता है। यह एक गंभीर स्थिति है जो लंबे समय तक अनदेखी नहीं की जा सकती है और यदि इसे नजरअंदाज किया जाता है तो यह कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को उत्पन्न कर सकता है।

    डायबिटीज के दो प्रकार होते हैं: प्रथम जो टाइप 1 डायबिटीज कहलाता है और दूसरा जो टाइप 2 डायबिटीज कहलाता है। टाइप 1 डायबिटीज में शरीर की इंसुलिन उत्पादन करने वाली कोशिकाएं नष्ट हो जाती हैं जिससे शरीर उसे स्वयं नहीं बना सकता है। टाइप 2 डायबिटीज में शरीर इंसुलिन का सही उपयोग नहीं करता है और इस तरह उत्पन्न होता है।

    डायबिटीज के लक्षण शामिल होते हैं: भूख लगने की बढ़ती हुई अवस्था, पेशाब की अधिक बार जाना, ज्यादा थकान या कम ऊर्जा, नाखूनों में संकुचन या फैलाव होना.

    कब होती है डायबिटीज की समस्या-

    डायबिटीज की समस्या कई कारणों से हो सकती है और इसका पता लगाना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। कुछ मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

    1. वय: बढ़ते उम्र में डायबिटीज के खतरे की संभावना बढ़ती है।

    2. वजन: वजन बढ़ने के साथ, ज्यादा वसा शरीर में जमा होती है जो इंसुलिन उत्पादन को कम करती है और डायबिटीज की समस्या होती है।

    3. बाहरी कारक: खाने की वस्तुओं में शक्कर और वसा की अधिक मात्रा, नियमित शारीरिक गतिविधियों की कमी और तंबाकू या अन्य नशीली चीजों का सेवन डायबिटीज के खतरे को बढ़ाते हैं।

    4. इतिहास: परिवार में डायबिटीज की समस्या होने की स्थिति में व्यक्ति को डायबिटीज के खतरे की संभावना बढ़ जाती है।

    5. अन्य समस्याएं: अन्य समस्याएं जैसे कि गलगंज, उच्च रक्तचाप और प्रश्न प्रतिरोध जैसी समस्याओं के साथ डायबिटीज के खतरे का बढ़ना होता है।

    डायबिटीज के लक्षण-

    डायबिटीज के लक्षण मुख्य रूप से निम्नलिखित होते हैं:

    1. भूख लगने में बदलाव: अचानक भूख लगने में कमी या बढ़ोतरी हो सकती है।

    2. पेशाब में बदलाव: ज्यादातर लोगों को डायबिटीज के लक्षण के रूप में पेशाब के बार-बार आने की समस्या होती है।

    3. थकान: थकान डायबिटीज के लक्षणों में से एक हो सकती है।

    4. पानी की थकान: मुँह में या जीभ पर सूखेपन की समस्या हो सकती है।

    5. वजन कम होना: यदि आपका वजन बिना किसी वजन घटाने की योजना के कम हो रहा है तो यह डायबिटीज का लक्षण हो सकता है।

    6. अस्थिरता: नियमित अस्थिरता या अनुभव के लिए डायबिटीज का एक और सामान्य लक्षण हो सकता है।

    7. घाव ठीक न होना: व्यक्ति के घाव ठीक न होने या देर से ठीक होने की समस्या डायबिटीज के लक्षणों में से एक हो सकती है।

    8. आंखों में समस्या: यह डायबिटीज का एक आम लक्षण हो सकता है, जिसमें आंखों में जलन, खुजली या धुंधला पन होता है।

    डायबिटीज का उपचार-

    डायबिटीज का उपचार व्यक्ति के स्थिति, उम्र, संभावित कारणों और उनके दौरान उपयोग की जाने वाली दवाओं पर निर्भर करता है। हालांकि, कुछ सामान्य उपचार निम्नलिखित होते हैं:

    1. आहार व्यवस्था: डायबिटीज के मरीजों को उनके आहार व्यवस्था को बदलने की आवश्यकता होती है। मरीजों को मीठे व तले चीजों से दूर रहना चाहिए और वे पूरे दिन भोजन के साथ साथ ज्यादा पानी पीना चाहिए।

    2. व्यायाम: डायबिटीज के मरीजों को नियमित व्यायाम करना चाहिए। यह शरीर के रक्त शर्करा स्तर को कम करने में मदद करता है।

    3. दवाओं का उपयोग: डायबिटीज के मरीजों को अपने डॉक्टर द्वारा निर्धारित दवाओं का उपयोग करना चाहिए। ये दवाएं रक्त शर्करा स्तर को नियंत्रित करने में मदद करती हैं।

    4. इंसुलिन इंजेक्शन: टाइप 1 डायबिटीज के मरीजों को इंसुलिन इंजेक्शन की जरूरत हो सकती है।

    डायबिटीज के मरीज का भोजन-

    डायबिटीज के मरीज को स्वस्थ आहार का अधिक महत्व होता है। उन्हें मीठे और तले हुए चीजों से दूर रहना चाहिए और ज्यादा पौष्टिक आहार को शामिल करना चाहिए। कुछ सुझाव निम्नलिखित हैं:

    1. फल और सब्जियां: डायबिटीज के मरीजों को ज्यादा से ज्यादा फल और सब्जियां खाना चाहिए। वे फल के रूप में सेब, केला, संतरा और अन्य फलों का सेवन कर सकते हैं जो मीठे नहीं होते हैं। सब्जियों के रूप में, लौकी, गोभी, फूलगोभी, बैंगन, गाजर, पालक और टमाटर शामिल किए जा सकते हैं।

    2. प्रोटीन: डायबिटीज के मरीजों को हाइप्रोटीन आहार की जरूरत होती है। वे दूध, दही, दलिया, अंडे, मछली, मीट और ताजे फलों और सब्जियों का सेवन कर सकते हैं।

    3. अनाज और अन्य अन्न: डायबिटीज के मरीजों को अनाज, जैसे कि गेहूं, जौ, राजमा, चने, मक्के का आटा और अन्य अन्नों को शामिल करना चाहिए।

  • अब रोबोट पैदा करेगा बच्चे

    लाइफस्टाइल- टेक्नोलॉजी निरंतर तरक्की कर रही है लोग आज टेक के उपयोग से अपना काम आसानी से कर ले रहे हैं वहीं साइंस के बढ़ते चलने ने एक और करिश्मा कर दिया है. असल में अब आप रोबोट की मदद से बच्चा पैदा कर सकते हैं.  स्पेन की एक मेडिकल संस्था से मिली सूचना के मुताबिक़- एक महिला ने बच्चे पैदा करने के लिए रोबोट की मदद ली है और दो स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है. 

    लोग आज बच्चे पैदा करने के लिए IVF टेक्निक का उपयोग करते हैं यह एक लम्बी और महंगी प्रक्रिया है इसमें डॉक्टर की मदद से महिला के गर्भाशय में अंडे यानी स्पर्म डाला जाता है और महिला बच्चे को जन्म देती है लेकिन अब यह काम रोबोट द्वारा किया जाएगा. स्पेन के मेडिकल संस्थान में दावा किया गया है कि महिला के गर्भाशय में स्पर्म रोबोट की मदद से डाला गया है. यह काफी सुरक्षित रहा और महिला ने स्वस्थ्य दो बच्चों को जन्म दिया है.

    बताया गया है कि रोबोट को कंट्रोल करने लिए प्ले स्टेशन 5 के गेमिंग कंसोल की मदद ली गई. रोबोट की मदद से ही महिला ने गर्भ धारण किया और अब दो स्वस्थ बच्चों को जन्म दिया है.NHS के डेटा के अनुसार, IVF ट्रीटमेंट का कुल खर्च 5 लाख के आस-पास आता है जिसे हर कोई अफोर्ड नहीं कर सकता साथ ही IVF टेक्निक से बच्चा होने की गारंटी भी नहीं होती है.

    हालांकि इससे महिला के गर्भ धारण करने के चांसेस सामान्य की तुलना में बढ़ जाते हैं. क्योकि ये एक लम्बी प्रकिया है इसलिए इसका खर्च काफी ज्यादा आता है और कई लोग इसी के डर से IVF नहीं करवाते हैं. लेकिन अब जल्द रोबोट्स की मदद से इस खर्च को कम किया जा सकेगा और IVF के दाम भविष्य में अफोर्डेबल हो सकते हैं.

  • आपका यह काम आपके बालों को बताता है कमजोर

    लाइफ स्टाइल – लड़कियां अपने बालों को लेकर काफी सजग रहती हैं लेकिन इस दौड़-भाग भरी जिन्दगी में वह अपने बालों की अच्छी देखरेख नहीं कर पाती है जिसके चलते लडकियों के बाल डैमेज हो जाते हैं और उनके बाल झड़ने लगते हैं. जब बाल झड़ने लगते हैं तो हम इस समस्या से निजात पाने के लिए कई तरह के कैमिकल उपयोग करते हैं जो हमारे बालों को और खराब कर देते हैं. लेकिन आज हम आपको बालों की केयर के सन्दर्भ में कुछ विशेष टिप्स बताने जा रहे हैं यदि आप इन टिप्स को अपना लेते हैं तो इससे आपके बाल बेहतर और साइनी हो जायेंगे.

    तो आइये जानते हैं कैसे करें बालों की केयर- 

    अगर आप बालों में हेयर स्प्रे या हेयर जेल का उपयोग करते हैं तो आप इसका उपयोग बरसात के मौसम में बिल्कुल भी न करें क्योंकि यह आपके बालों को डैमेज करता है और आपके बाल इसके अधिक उपयोग से कमजोर हो जाते हैं. इसके साथ ही कई लोग बाल धुलने के बाद या अपने गीले बालों को सुखाने के लिए हेयर ड्रायर का उपयोग करते हैं अगर आप अपने बालों की लम्बी उम्र चाहते हैं तो आप इसका उपयोग कम कर दीजिये .

    जानकारों का मानना है कि रोजाना हेयर ड्रायर का उपयोग आपके बालों को कमजोर बनाता है उससे आपके बाल दो मुहें हो जाते है और अधिक टूटने लगते हैं कई बार यह आपके बालों की नमी खत्म करता है और आपके बाल कड़े हो जाते हैं. इसके आलावा आपको अपने बालों को कभी तौलिया से झटक के नहीं सुखाना चाहिए यह आपके बालों को तोड देता है.

    यदि आप अपने बालों को लम्बी उम्र देना चाहते हैं उन्हें नेचुरल तरीके से सूखने दें. बालों को धुलने के बाद मोटे कंघे से झाड़ें फिर उसे पतले कंघे से झाड़ें और धीरे-धीरे सुखाएं. इसके आलावा आपको महीने में बालों में दो बार हेयर स्पा जरुर करना चाहिए. इससे बाल चमकदार व मजबूत होते हैं. 

  • ये तरीका अपनाएं जोड़ो के दर्द से आराम पाओ

    गठिया(arthritis) रोग एक व्याधि है जो जोड़ों की स्थिति में प्रभावित होती है। इस रोग में जोड़ों में सूजन, दर्द, अकड़न और कमजोरी होती है। इस रोग की सबसे आम वजह है शरीर में यूरिक एसिड की अधिकता होना, जो जोड़ों में एकत्रित होता है और उन्हें नुकसान पहुंचाता है। यह रोग आमतौर पर वयस्कों को प्रभावित करता है, लेकिन कभी-कभी बच्चों को भी प्रभावित कर सकता है।

    गठिया रोग के लक्षणों में सम्मिलित हैं:

    • जोड़ों में दर्द और सूजन
    • जोड़ों का अकड़न या असमर्थता
    • जोड़ों की स्थिति में सुधार के बाद भी दर्द या सूजन का फिर से उभरना

    यदि आपको लगता है कि आप गठिया रोग से प्रभावित हो सकते हैं, तो आपको एक चिकित्सक से संपर्क करना चाहिए। वे आपको अपने लक्षणों और आपके रोग के गंभीरता के आधार पर उचित उपचार का सुझाव देंगे।

    गठिया रोग के घरेलू उपचार में शामिल हैं:

    1. व्यायाम और योग: नियमित व्यायाम और योग गठिया रोग के उपचार में मददगार होते हैं। इनसे जोड़ों की स्थिति में सुधार होता है और जोड़ों की गतिविधि बढ़ती है।

    2. आहार: एक स्वस्थ आहार लेना भी गठिया रोग के उपचार में मददगार होता है। इसमें अंडे, हरी सब्जियां, फल, अनाज और दूध शामिल होते हैं। इसके अलावा यूरिक एसिड की मात्रा को कम करने के लिए खाद्य पदार्थों में शककरा और मीठा कम खाना चाहिए।

    3. अदरक और लहसुन: अदरक और लहसुन में एंटी-इनफ्लामेट्री गुण होते हैं जो जोड़ों में सूजन कम करने में मददगार होते हैं। इन्हें खाने से गठिया रोग के लक्षणों में राहत मिल सकती है।

    4. ज्योतिष्मती: ज्योतिष्मती के पत्तों को पीसकर लेप बनाकर जोड़ों पर लगाने से जोड़ों की स्थिति में सुधार होता है।

    गठिया की होम्योपैथिक दवा –

    गठिया के होम्योपैथिक उपचार में निम्नलिखित दवाएं शामिल होती हैं:

    1. बेल्लाडोना: यह दवा गठिया के लक्षणों जैसे जोड़ों का दर्द, सूजन और जोड़ों की स्थिति में सुधार करने में मददगार होती है।

    2. अर्निका: यह दवा जोड़ों के दर्द को कम करने में मददगार होती है और सूजन को भी कम करती है।

    3. ब्रोमेलिया: यह दवा जोड़ों की स्थिति में सुधार करने में मददगार होती है।

    4. बरेगेंसिया: यह दवा गठिया के लक्षणों को ठीक करने में मददगार होती है।

    5. कोल्चिकम: यह दवा गठिया के लक्षणों जैसे जोड़ों का दर्द, सूजन और जोड़ों की स्थिति में सुधार करने में मददगार होती है।

    हालांकि, होम्योपैथिक दवाओं का उपयोग करने से पहले, एक व्यवस्थित चिकित्सक से परामर्श करना अति आवश्यक होता है। वे आपकी स्थिति का आकलन करके आपको सटीक उपचार का सुझाव देंगे।

  • खान-पान में छिपी है परंपरा, इतिहास, आदत और संस्कृति की पहचान

    यदि हम वैसे ही हैं जैसा हमारा भोजन है, तो हम क्या हैं? लेखिका शैलाश्री शंकर की किताब ‘टर्मरिक नेशन: ए पैसेज थ्रू इंडियाज टेस्ट्स’ में खान-पान को परंपरा, धर्म, इतिहास, आदत, जेनेटिक्स, भूगोल आदि के नजरिए से देखने और समझने की कोशिश की गई है। यह पुस्तक लेखों का संग्रह है। शैलाश्री दिल्ली के सेंटर फॉर पॉलिसी रिसर्च में सीनियर फेलो हैं।

    राज्य सरकार द्वारा टीमवर्क आर्ट्स के सहयोग से आयोजित सिक्किम आर्ट एंड लिटरेचर फेस्टिवल (6-8 मई) के पहले संस्करण के दौरान शंकर ने आईएएनएस को बताया, यही तथ्य हमें सही से परिभाषित करता है कि हम एक समान नहीं हैं। हमारी खाद्य संस्कृति के लिए भी यही सही है।

    अतीत में कई लोगों ने इस देश को जीता, लेकिन लेखिका को लगता है कि उनमें से किसी ने भी यहां के जीवन के तौर-तरीकों को समाप्त नहीं किया बल्कि खुद इस भूमि के कई सांस्कृतिक पहलुओं को अपनाया। यहां के स्थानीय स्वाद को चखने के बाद अपने भोजन में मसालों को शामिल कर कई नए व्यंजन विकसित करने वाले मुगलों का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा, विदेशों में मुगलई व्यंजनों को ही भारतीय व्यंजनों के रूप में जाना जाता है। बिना इस बात को जाने कि यह अपने-आप में कितने अलग-अलग अर्थो को समाये हुए है और स्वाद कहां से आया है, भोजन की धारणा के बारे में बात करना गलत होगा।

    भोजन द्वारा बनाई गई विभिन्न पहचानों को मोजाइक के रूप में देखते हुए और विविध मोजाइकों की जांच करते हुए, लेखिका भोजन को विभिन्न धर्मों के चश्मे से देखती हैं। अतीत में आधुनिक चिकित्सा के आने से पहले मुसलमान यूनानी और हिंदू आयुर्वेदिक सिद्धांतों का उपयोग करते थे। उस समय हम जो खाते थे उसका भी एक समग्र तौर-तरीका था। खाने पकाने के तरीके में संतुलन था। आम का शरबत पीने के साथ इसे किसी और चीज से संतुलित करना या बरसात में मछली नहीं खाना आदि। यह इस बारे में भी है कि यह हमारे व्यक्तित्व के बहुत से पहलुओं को कैसे प्रभावित करता है और हम अपने बचपन के खाद्य पदार्थों की ओर कैसे लौटते हैं। आप जिस भोजन के साथ सहज हैं उस पर लौटते हैं, लेकिन साथ ही प्रयोग भी करते हैं। और हमें नहीं भूलना चाहिए कि अतीत में भोजन किसी की पहचान – जाति, धर्म और पदानुक्रम का एक प्रमुख चिह्न् था। ब्राह्मण मांसाहार नहीं खाएंगे, जबकि क्षत्रिय और अन्य लोग खाएंगे।

    लेकिन एक राजनीतिक विश्लेषक ने भोजन के बारे में क्या लिखा? शंकर ने कहा कि इसे लेकर उनके मन में हमेशा एक अजीब आकर्षण रहा है। पिछले 25 साल से वह खान-पान के संस्मरण और खाना पकाने की विधि की किताबें पढ़ रही हैं – हर समय नया कुछ बनाती रहती हैं। वह खुद को नौसिखिया कहती हैं। उन्हें लगता है कि उनके मन में जो सवाल हैं वह दूसरे लोगों के मन में भी होंगे। वह कहती हैं, यह किताब लिखने के लिए मैंने उन प्रश्नों के उत्तर अलग-अलग जगहों पर तलाशने की कोशिश की। मैंने विज्ञान, मानव विज्ञान और पुरातत्व में उत्तर ढूंढा, और विद्वानों ने किस प्रकार इनका उत्तर दिया है यह देखा। यही कारण है कि ‘हल्दी राष्ट्र’ थोड़ा अलग है – इसमें एक नौसिखिए का अंदाज है – इसलिए यह अत्यधिक प्रयोगात्मक है और कुछ लेख दूसरों की तुलना में बेहतर हैं।

    अब लेखिका ऐसी चीज पर ध्यान केंद्रित करना चाहती हैं जिसके प्रति वह हमेशा आकर्षित रही हैं – क्राइम फिक्शन। वास्तव में, उसकी पांडुलिपि पहले से ही लंदन में उसके एजेंट के पास है।