Category: health-lifestyle

  • शादी से पहले बेदाग़ त्वचा और वज़न पाने के टिप्स

    शादी से पहले अपनी त्वचा और वजन को कैसे पाएँ बेदाग़?

    क्या आप अपनी शादी की तैयारियों में इतनी व्यस्त हैं कि खुद पर ध्यान देने का समय ही नहीं मिल रहा? क्या आपकी त्वचा बेजान लग रही है और आपका वज़न भी बढ़ गया है? घबराएँ नहीं, क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ आसान टिप्स जिससे आप अपनी शादी के दिन सबसे ख़ूबसूरत दिख सकती हैं! हमारे एक्सपर्ट सुझावों से पाएँ अपनी चमकदार त्वचा और फ़िट बॉडी। अपनी शादी के दिन खुद को बेदाग़ बनाने के लिए पढ़ें ये आर्टिकल।

    रंगीन सलाद: रंगों से भरपूर सेहत

    रंगीन सलाद खाने से आप अपनी त्वचा और सेहत दोनों को निखार सकती हैं। हरी पत्तेदार सब्जियां, टमाटर, चुकंदर और स्वीट कॉर्न जैसे रंगीन सब्जियों से भरपूर सलाद में भरपूर एंटीऑक्सीडेंट और पोषक तत्व होते हैं। ये आपके शरीर को अंदर से साफ़ करने और आपकी त्वचा को चमकदार बनाने में मदद करते हैं। टमाटर में मौजूद लाइकोपीन त्वचा की उम्र बढ़ने से रोकता है, मुंहासों को कम करता है, और रंगत निखारता है। चुकंदर सूजन कम करता है और विटामिन-खनिज से भरपूर है जो आपकी त्वचा को चमकदार बनाते हैं। गाजर विटामिन A और C से भरपूर है, जो आपके शरीर को कोलेजन बनाने में मदद करता है जिससे आपकी त्वचा जवां दिखेगी।

    प्रोटीन पावर: सेहत का सुपरफ़ूड

    अपनी डाइट में प्रोटीन को शामिल करना बेहद ज़रूरी है। सोया, टोफू, पनीर, छोले, राजमा जैसे प्रोटीन से भरपूर भोजन को अपनी डाइट में शामिल करें। ये आपके शरीर के कोलेजन निर्माण में सहायक होते हैं और त्वचा को मज़बूत बनाते हैं। दिन में चार बार प्रोटीन का सेवन करना ज़रूरी है। यह आपकी मांसपेशियों को मज़बूत बनाने और टिशूज़ की मरम्मत के काम में आता है। साबुत अनाज, मछली, नट्स और बीन्स भी प्रोटीन के अच्छे स्रोत हैं।

    फलों का जादू: स्वाद और सेहत का संगम

    फल न केवल स्वादिष्ट होते हैं, बल्कि आपके शरीर और त्वचा के लिए भी बहुत फायदेमंद होते हैं। सेब एक बेहतरीन स्किन टोनर है, जो त्वचा को कसता है और रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है। स्ट्रॉबेरी में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं, जो उम्र बढ़ने के लक्षणों को कम करने में मदद करते हैं। चेरी विटामिन और खनिजों से भरपूर है जो आपकी त्वचा को पोषण देते हैं और UV नुकसान से बचाते हैं। अनार खून का बहाव बेहतर करता है और आपकी त्वचा को चमकदार और मुलायम बनाता है। इन फलों के सेवन से बालों की ग्रोथ में भी सुधार हो सकता है। पर याद रखें कि फलों में कैलोरी अधिक होती है, इसलिए उनकी मात्रा को नियंत्रित करना ज़रूरी है।

    वर्कआउट: फिटनेस का मंत्र

    वेट ट्रेनिंग से आप अपनी मांसपेशियों को टोन कर सकती हैं और शरीर में अतिरिक्त चर्बी को कम कर सकती हैं। रोज़ाना 30-45 मिनट वेट ट्रेनिंग ज़रूर करें। यह आपकी फिटनेस के साथ-साथ आपकी सेहत के लिए भी बहुत ज़रूरी है। नियमित व्यायाम से आप तरोताज़ा महसूस करेंगी और आपकी त्वचा में भी निखार आएगा। योग, एरोबिक्स, या कोई भी एक्सरसाइज जिसे आप एंजॉय करती हैं, को शामिल करें।

    हेल्दी फैट्स: त्वचा की जान

    हेल्दी फैट्स भी ज़रूरी हैं! अवोकाडो, नट्स और बीजों को अपनी डाइट में शामिल करें। बादाम, अखरोट, अलसी, चिया सीड्स और तिल जैसे नट्स और बीजों में पॉलीअनसेचुरेटेड फैट होता है जो आपकी त्वचा को मुलायम और बालों को चमकदार बनाए रखने में मदद करते हैं। ये नट्स आपको शुगर क्रेविंग्स से भी बचाने में मदद करते हैं। अखरोट और बादाम ओमेगा -3 फैटी एसिड से भरपूर होते हैं, जो त्वचा को मुलायम और जवां बनाए रखने में मदद करते हैं।

    हेल्दी कार्बोहाइड्रेट: ऊर्जा का स्रोत

    रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट से परहेज करें और साबुत अनाज जैसे गेहूं, रागी, जई, ब्राउन ब्रेड और क्विनोआ का सेवन करें। हेल्दी कोलेजन बनाने के लिए लीन मीट, बीन्स, और दाल का भी सेवन करें। ये हेल्दी कार्बोहाइड्रेट आपको ऊर्जा देंगे और आपकी त्वचा के लिए ज़रूरी पोषक तत्व प्रदान करेंगे। यह आपको शुगर क्रेविंग्स से भी दूर रखेगा।

    पानी पिएँ: जीवन का अमृत

    हर रोज़ कम से कम 6-8 गिलास पानी पीना बेहद ज़रूरी है। पानी आपकी त्वचा को हाइड्रेट रखने में मदद करता है, और आपकी भूख को नियंत्रित करता है, जिससे आप ओवरईटिंग से बच सकती हैं। अपनी शादी से पहले, और बाद में, पानी का सेवन ज़रूर करें।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • रंगीन सलाद खाएँ।
    • प्रोटीन का सेवन करें।
    • फल खाएँ (कैलोरी का ध्यान रखते हुए)।
    • नियमित व्यायाम करें।
    • हेल्दी फैट्स शामिल करें।
    • हेल्दी कार्बोहाइड्रेट खाएँ।
    • भरपूर पानी पिएँ।
  • सारा अली खान का दिवाली लुक: 3850 रुपये में मिले ये खूबसूरत अनारकली सूट!

    सारा अली खान का दिवाली लुक: किफायती अनारकली सूट में दिखा जलवा

    इस दिवाली पर बॉलीवुड अभिनेत्री सारा अली खान ने अपने परिवार के साथ जश्न मनाया और अपने खूबसूरत लुक से सबका ध्यान अपनी ओर खींच लिया। उन्होंने एक पीले रंग के आकर्षक अनारकली सूट में अपनी अदाकारी दिखाई जो कीमत में भी बेहद किफायती है! सोशल मीडिया पर छाई सारा की तस्वीरें देखकर हर कोई उनके लुक की तारीफ कर रहा है। आइए जानते हैं उनके इस खास लुक के बारे में सब कुछ…

    सारा का स्टनिंग पीला अनारकली लुक

    सारा के दिवाली लुक में पहने अनारकली सूट ने सभी का दिल जीत लिया। ‘बुनाई’ ब्रांड का यह ‘उर्वी कॉटन सूट सेट’ ना केवल आरामदायक है बल्कि इसकी खूबसूरती भी देखते ही बनती है। इस कॉटन सूट के साथ मैचिंग का दुपट्टा भी है जो लुक को और निखारता है। अनारकली कुर्ते की गोलाईदार नेकलाइन पर सोने के फूलों का बेहतरीन गोटा वर्क किया गया है, जो इसकी खूबसूरती को कई गुना बढ़ाता है। क्वार्टर-लेंथ स्लीव्स और कुर्ते की बॉर्डर पर की गई नाजुक कढ़ाई इसे एक अलग ही अंदाज देती है। इस पीले रंग के अनारकली कुर्ते के साथ उन्होंने मैचिंग पलाजो पैंट पहनी हैं, जिसपर भी सुनहरे रंग की गोटा कढ़ाई है। साथ ही, कोटा डोरिया दुपट्टा लुक को पूरा करता है जिसपर सोने की गोटा पट्टी कढ़ाई और फूल के आकार का गोटा वर्क लुक में चार चांद लगा रहा है।

    कितनी है कीमत?

    क्या आपको जानकर हैरानी होगी कि सारा का इतना खूबसूरत और स्टाइलिश अनारकली सूट महज 3,850 रुपये में मिलता है! यह कीमत किसी भी फैशन प्रेमी के लिए इसे खरीदने का बेहतरीन मौका बनाती है। यह सूट आपको किसी भी त्यौहार या खास मौके पर परफेक्ट लुक देगा।

    एक्सेसरीज़ और मेकअप ने बढ़ाई खूबसूरती

    सारा के लुक में एक्सेसरीज़ का भी बहुत बड़ा योगदान है। उन्होंने अपने पीले अनारकली सूट के साथ पीले रंग की चूड़ियाँ, एक अंगूठी, और झुमके पहने हैं। शिवलिंग पेंडेंट वाली चेन और कढ़ाई वाली पीली जूतियाँ पूरे लुक को परफेक्ट बनाती हैं। उनके बालों को बीच से बांधकर बनाई गई पोनीटेल उनके चेहरे की सुंदरता को और बढ़ाती है। मेकअप में उन्होंने काली बिंदी, आईलाइनर, बैंगनी लिपस्टिक, मस्कारा और ब्लश का इस्तेमाल किया है, जिससे उनका लुक और भी निखर गया है।

    मेकअप टिप्स

    सारा के मेकअप को ध्यान से देखने पर आप अपने मेकअप में भी कई नई बातें सीख सकती हैं। उदाहरण के लिए, उनके बैंगनी लिपस्टिक का इस्तेमाल करने का तरीका, और आईलाइनर का लगाना आपको अलग लुक देगा।

    सारा का फैशन सेंस

    सारा अली खान अपने फैशन सेंस के लिए जानी जाती हैं और कई युवा लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं। उनका यह दिवाली लुक इस बात की एक और मिसाल है कि आप कैसे कम बजट में बेहद खूबसूरत और स्टाइलिश दिख सकती हैं।

    फैशन टिप्स

    सारा के लुक से प्रेरणा लेते हुए आप भी अपने त्यौहारों और खास मौकों को और खास बना सकती हैं। एक सही कॉम्बिनेशन की मदद से, आप बजट में रहकर भी सबसे अलग दिख सकती हैं।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • सारा अली खान ने दिवाली पर पहना एक स्टनिंग पीला अनारकली सूट।
    • यह सूट ‘बुनाई’ ब्रांड का है और इसकी कीमत सिर्फ़ 3,850 रुपये है।
    • सारा ने अपने लुक को मैचिंग एक्सेसरीज़ और मेकअप से कंप्लीट किया।
    • सारा का यह लुक कम बजट में स्टाइलिश दिखने की एक बेहतरीन मिसाल है।
  • उत्तराखंड की रजत जयंती: PM मोदी के 9 अद्भुत आग्रह

    उत्तराखंड की रजत जयंती: PM मोदी के 9 अद्भुत आग्रह

    उत्तराखंड की रजत जयंती पर PM मोदी के 9 आग्रह: क्या आप जानते हैं?

    क्या आप जानते हैं कि उत्तराखंड के रजत जयंती वर्ष के शुभारंभ पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नौ अद्भुत आग्रह किए हैं? यह आग्रह सिर्फ उत्तराखंड के निवासियों के लिए ही नहीं, बल्कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए भी हैं। इन आग्रहों में उत्तराखंड की संस्कृति, पर्यावरण और आध्यात्मिक विरासत की रक्षा करने के संदेश छिपे हुए हैं। आइये, जानते हैं PM मोदी के इन 9 अहम आग्रहों के बारे में विस्तार से।

    उत्तराखंडवासियों के लिए PM मोदी के 5 आग्रह

    मोदी जी ने उत्तराखंड के लोगों से पांच विशेष आग्रह किए हैं जो राज्य के भविष्य और उसकी समृद्धि से जुड़े हैं।

    1. अपनी भाषाओं को सहेजें:

    मोदी जी का पहला आग्रह है कि उत्तराखंडवासी अपनी गढ़वाली, कुमाऊंनी और जौनसारी जैसी मूल भाषाओं को संजो कर रखें और आने वाली पीढ़ियों को सिखाएँ। यह उत्तराखंड की अनूठी पहचान को मजबूत करने के लिए बेहद आवश्यक है। यह उत्तराखंड की संस्कृति को बचाने और उसे आगे बढ़ाने का एक अद्भुत तरीका है।

    2. ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान में योगदान:

    प्रधानमंत्री ने ‘एक पेड़ माँ के नाम’ अभियान को आगे बढ़ाने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि हर महिला, माँ नंदा का स्वरूप है और प्रत्येक व्यक्ति को कम से कम एक पेड़ लगाना चाहिए। इससे जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों से निपटने में मदद मिलेगी और उत्तराखंड का हरा-भरा स्वरूप सुरक्षित रहेगा।

    3. नदियों और नौलों का संरक्षण:

    मोदी जी ने उत्तराखंड की जीवन रेखाओं, नदियों और नौलों के संरक्षण पर जोर दिया। उत्तराखंड की समृद्ध जैव विविधता का संरक्षण नदियों और जल स्रोतों के संरक्षण पर निर्भर है। यह हम सभी की जिम्मेदारी है कि हम अपने पवित्र जल स्रोतों को स्वच्छ रखें और इनका संरक्षण करें।

    4. अपनी जड़ों से जुड़े रहें:

    प्रधानमंत्री ने अपने गाँवों से जुड़े रहने का आग्रह करते हुए कहा कि उत्तराखंड के लोग अपने मूल गाँवों से लगातार संपर्क बनाये रखें। सेवानिवृत्ति के बाद भी अपने गाँव लौटकर रहना उत्तराखंड के ग्रामीण विकास और समाज में सकारात्मक योगदान देगा।

    5. टिबरी घरों में होम स्टे बनाएँ:

    मोदी जी ने उत्तराखंड के पारंपरिक टिबरी घरों को न भूलने और उनमे होम स्टे बनाने का सुझाव दिया। इससे स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। टिबरी घरों में होमस्टे बनाना एक रोजगार सृजन का बेहतरीन तरीका है और उत्तराखंड की संस्कृति को दर्शाता भी है।

    पर्यटकों के लिए PM मोदी के 4 आग्रह

    प्रधानमंत्री ने देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों से भी चार अनुरोध किए हैं जो उत्तराखंड की सुंदरता और संस्कृति के संरक्षण के साथ जुड़े हैं।

    6. स्वच्छता का ध्यान रखें:

    पर्यटकों से आग्रह है कि हिमालय की गोद में घूमते समय वे स्वच्छता का ध्यान रखें। उत्तराखंड की पवित्र भूमि को स्वच्छ रखना हम सभी की जिम्मेदारी है।

    7. ‘वोकल फॉर लोकल’ का पालन करें:

    मोदी जी ने पर्यटकों से अपनी यात्रा के खर्च का कम से कम 5% हिस्सा स्थानीय उत्पादों को खरीदने में लगाने का आग्रह किया। यह स्थानीय लोगों के लिए रोजगार पैदा करेगा और उत्तराखंड के स्थानीय अर्थव्यवस्था को बल मिलेगा।

    8. यातायात नियमों का पालन करें:

    प्रधानमंत्री ने यात्रा के दौरान यातायात नियमों का पालन करने का आग्रह किया है। यह सुरक्षा सुनिश्चित करेगा और यातायात की समस्याओं को कम करेगा।

    9. धार्मिक स्थलों के नियमों का पालन करें:

    मोदी जी का अंतिम आग्रह धार्मिक स्थलों के नियमों और रीति-रिवाजों का ज्ञान प्राप्त करके उनका पालन करने से जुड़ा है। यह स्थानीय संस्कृति और आस्था का सम्मान करता है।

    Take Away Points

    PM मोदी के ये नौ आग्रह उत्तराखंड के विकास और उसके भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण हैं। ये आग्रह केवल आग्रह ही नहीं, बल्कि उत्तराखंड को एक बेहतर और समृद्ध राज्य बनाने का मार्गदर्शन करते हैं। हमें सबको मिलकर इन आग्रहों को जीवन में उतारना चाहिए।

  • एसिडिटी से तुरंत छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय

    एसिडिटी से तुरंत छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय

    एसिडिटी से तुरंत छुटकारा पाने के 5 आसान घरेलू उपाय

    क्या आप भी एसिडिटी से परेशान हैं? क्या खट्टी डकारें, सीने में जलन और पेट में दर्द आपकी जिंदगी को बर्बाद कर रहे हैं? अगर हाँ, तो घबराएँ नहीं! आज हम आपको ऐसे 5 आसान घरेलू उपाय बताने जा रहे हैं, जिनसे आपको एसिडिटी से तुरंत राहत मिलेगी। ये उपाय न केवल कारगर हैं बल्कि बिलकुल सुरक्षित भी हैं।

    बादाम: एसिडिटी का दुश्मन

    बादाम में भरपूर मात्रा में फाइबर और हेल्दी फैट पाए जाते हैं जो पेट को लंबे समय तक भरा हुआ महसूस कराते हैं। बार-बार खाने की इच्छा कम होती है और एसिडिटी से बचाव होता है। बादाम पेट में एसिड को सोखने में भी मदद करता है, जिससे हार्टबर्न से छुटकारा मिलता है। रोजाना कुछ बादाम खाना एसिडिटी को कंट्रोल करने का एक बेहतरीन तरीका है।

    बादाम खाने के फायदे:

    • पेट भरा हुआ महसूस कराता है
    • एसिडिटी से बचाता है
    • हार्टबर्न से राहत देता है
    • हृदय के लिए भी फायदेमंद

    पुदीना: पेट की जलन को शांत करे

    पुदीने के पत्तों में मौजूद मेंथॉल पेट की जलन को शांत करने और एसिड रिफ्लक्स को कम करने में मदद करता है। पुदीने की चाय या पुदीने की पत्तियों की चटनी का सेवन एसिडिटी से तुरंत राहत दिला सकता है। पुदीना पेट को ठंडक भी पहुंचाता है।

    पुदीना कैसे करें इस्तेमाल:

    • पुदीने की चाय बनाकर पिएं
    • पुदीने की चटनी बनाकर खाएं
    • पुदीने की पत्तियों को चबाकर खाएं

    अदरक: एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों का धनी

    अदरक में पाए जाने वाले एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पेट की सूजन को कम करते हैं और एसिडिटी से बचाते हैं। यह पाचन तंत्र को भी दुरुस्त रखता है और पेट दर्द से राहत दिलाता है। अदरक का सेवन चाय, ड्रिंक या सलाद में किया जा सकता है।

    अदरक के फायदे:

    • एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण
    • पाचन तंत्र को दुरुस्त करता है
    • पेट दर्द से राहत देता है

    पपीता: पाचन तंत्र का सुपरहीरो

    पपीते में पाया जाने वाला नेचुरल एंजाइम पेपैन पाचन तंत्र को मजबूत बनाता है और मेटाबॉलिज्म को बूस्ट करता है। इससे एसिडिटी से बचाव होता है। पपीता इम्यूनिटी को भी बढ़ाता है।

    पपीता खाने के तरीके:

    • कच्चा पपीता खाएं
    • पपीते का जूस पिएं
    • पपीते का हलवा बनाकर खाएं

    केला: एसिडिटी से बचने का प्राकृतिक उपाय

    केला एसिडिटी को कम करने में काफी मदद करता है क्योंकि यह पेट के अम्ल को बेअसर करता है। इसमें मौजूद पोटेशियम पेट के अंदर के पीएच स्तर को बैलेंस करने में मदद करता है। केला हल्का क्षारीय होता है जो पेट के अम्ल को कम करता है और एसिडिटी से राहत देता है।

    केला खाने के फायदे:

    • एसिडिटी कम करता है
    • पेट के पीएच स्तर को संतुलित करता है
    • पोषक तत्वों से भरपूर

    Take Away Points:

    • एसिडिटी से बचने के लिए इन प्राकृतिक उपायों को अपनी डाइट में शामिल करें।
    • ज्यादा तेल-मसालेदार खाना खाने से बचें।
    • पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
    • तनाव से बचें।
    • अगर एसिडिटी की समस्या लगातार बनी रहती है तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।
  • दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से बचाव: N95 मास्क का महत्व और प्रकार

    दिल्ली-एनसीआर में वायु प्रदूषण से बचाव: N95 मास्क का महत्व और प्रकार

    दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते वायु प्रदूषण से बचाव के लिए N95 मास्क का महत्व | जानें विभिन्न प्रकार के मास्क और उनके फायदे

    दिल्ली-एनसीआर में सर्दियों के मौसम में वायु प्रदूषण एक गंभीर समस्या बन जाती है। खतरनाक स्मॉग से आपकी सांसों को बचाने के लिए N95 मास्क सबसे प्रभावी तरीका है। लेकिन, क्या आप जानते हैं कि N95 मास्क कई तरह के होते हैं और हर तरह का मास्क हर तरह के प्रदूषण के लिए सही नहीं होता? आइए जानते हैं विभिन्न प्रकार के मास्क के बारे में, और किस तरह का मास्क आपके लिए सबसे उपयुक्त है।

    N95 मास्क: प्रदूषण से बचने का सबसे कारगर तरीका?

    N95 मास्क सबसे प्रचलित और प्रभावी मास्क हैं, जो वायु प्रदूषण से सुरक्षा प्रदान करते हैं। ‘N’ का अर्थ है नॉन-ऑयली, मतलब यह मास्क तेल-आधारित कणों को फिल्टर नहीं करता है, जबकि ’95’ 0.3 माइक्रोन या उससे बड़े आकार के कम से कम 95% कणों को फिल्टर करने की क्षमता को दर्शाता है। यह पीएम 2.5 और पीएम 10 जैसे हानिकारक कणों से बचाने में बहुत कारगर है, जिससे सांस की बीमारियों से बचा जा सकता है।

    N95 मास्क के प्रकार और उनकी क्षमता:

    • N95: यह सबसे आम N95 मास्क है जो 95% कणों को फ़िल्टर करता है।
    • N99: यह N95 से भी बेहतर है और 99% कणों को फ़िल्टर करता है, जो अत्यधिक प्रदूषित क्षेत्रों के लिए उपयुक्त है।
    • N100: सबसे बेहतरीन फ़िल्टरेशन प्रदान करता है, लगभग 99.97% कणों को फ़िल्टर करके।

    हालाँकि, N99 और N100 मास्क साँस लेने में थोड़ी परेशानी पैदा कर सकते हैं, इसलिए इन्हें लंबे समय तक इस्तेमाल करने की सलाह नहीं दी जाती।

    अन्य प्रकार के मास्क और उनकी उपयोगिता:

    N95 मास्क के अलावा बाजार में और भी कई तरह के मास्क उपलब्ध हैं, जिनकी अपनी-अपनी विशेषताएँ और सीमाएँ हैं।

    P95 और R95 मास्क:

    P95 मास्क तेल-आधारित कणों को भी फ़िल्टर करने में सक्षम होते हैं, जबकि R95 मास्क तेल के छोटे-छोटे कणों को भी फ़िल्टर कर सकते हैं। यह ऑयल बेस्ड प्रदूषण से बचने के लिए उपयुक्त हैं। हालांकि, ये भी N95 मास्क की तरह लंबे समय तक इस्तेमाल के लिए उपयुक्त नहीं हो सकते।

    सर्जिकल और कपड़े के मास्क:

    सर्जिकल और कपड़े के मास्क केवल बेसिक सुरक्षा प्रदान करते हैं। ये पीएम2.5 जैसे सूक्ष्म कणों को फिल्टर करने में उतने प्रभावी नहीं होते, और अधिक प्रदूषित क्षेत्रों में ये काफी नाकाफी साबित हो सकते हैं। इनका इस्तेमाल घर में या कम प्रदूषण वाले क्षेत्रों में बेहतर होता है।

    मास्क चुनते समय क्या ध्यान रखें?

    • सही आकार: मास्क आपकी नाक और मुँह पर अच्छी तरह फिट होना चाहिए, ताकि हवा के लीक होने से बचा जा सके।
    • क्वालिटी: एक मान्यता प्राप्त ब्रांड का मास्क चुनें जो उच्च गुणवत्ता वाला हो और सही तरह से फिल्टरेशन करता हो।
    • आराम: मास्क आरामदायक होना चाहिए ताकि आप उसे लंबे समय तक पहन सकें।
    • वॉल्व: यदि आप भारी शारीरिक काम कर रहे हैं, तो कार्बन डाइऑक्साइड बाहर निकालने के लिए वॉल्व वाला मास्क चुनें।

    Take Away Points:

    • दिल्ली-एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण से बचाव के लिए N95 मास्क सबसे प्रभावी है।
    • विभिन्न प्रकार के N95 मास्क उपलब्ध हैं, जैसे N95, N99, और N100, जो विभिन्न स्तरों की सुरक्षा प्रदान करते हैं।
    • P95 और R95 मास्क तेल-आधारित कणों को भी फिल्टर करते हैं।
    • सर्जिकल और कपड़े के मास्क केवल कम प्रदूषण वाले क्षेत्रों के लिए उपयुक्त हैं।
    • मास्क चुनते समय आकार, क्वालिटी और आराम को ध्यान में रखें।
  • सर्दियों में शादी में लहंगा या साड़ी: स्टाइलिश और कम्फ़र्टेबल कैसे रहें?

    सर्दियों में शादी में लहंगा या साड़ी: स्टाइलिश और कम्फ़र्टेबल कैसे रहें?

    ठंड के मौसम में शादियों का सीज़न! क्या आप भी सर्दियों में शादी में स्टाइलिश दिखना चाहती हैं, बिना ठंड से परेशान हुए? यह लेख आपको बताएगा कैसे लहंगे और साड़ियों के साथ ठंड से बचाव के लिए स्टाइलिश तरीके अपनाएं! शादी के सीज़न में सबसे बड़ी चुनौती होती है स्टाइल और कम्फर्ट का सही संतुलन बनाना, खासकर जब ठंड का मौसम हो। तो चलिए जानते हैं कुछ शानदार टिप्स जिनसे आप सर्दी में लहंगे या साड़ी पहनकर भी स्टाइलिश और आरामदायक रह सकती हैं।

    1. थर्मल और लेगिंग्स: अदृश्य गर्मजोशी

    सबसे पहले, लहंगे या साड़ी के नीचे थर्मल इनरवियर पहनें! यह तरीका बेहद असरदार और सहज है। मार्केट में कई तरह के थर्मल टॉप और स्लीवलैस लेगिंग्स उपलब्ध हैं, जो दिखाई नहीं देते और शरीर को पूरी तरह से गर्म रखते हैं। ध्यान रखें कि थर्मल फ़ैब्रिक हल्का होना चाहिए, जिससे वह लहंगे के नीचे अच्छे से फिट हो जाए। यह टिप आपकी पार्टी को सबसे कम्फ़र्टेबल बना देगी।

    सुझाव: नायलॉन या पॉलिएस्टर फ़ैब्रिक से बने थर्मल से दूर रहें और 100% कॉटन थर्मल चुनें।

    2. जैकेट और शॉल: स्टाइलिश वार्मर

    लहंगे या साड़ी के साथ एक लंबी एथनिक जैकेट या शॉल पहनें। यह न केवल ठंड से बचाता है बल्कि आपके लुक को और भी खूबसूरत बनाता है। एक कश्मीरी शॉल या ऊनी शॉल ना सिर्फ़ स्टाइलिश बल्कि आरामदायक भी होगा। कढ़ाई वाले, भारी काम वाली जैकेट या ब्रोकेड शॉल सर्दियों में सबसे उपयुक्त रहेंगे। इनमे सिल्क, वेलवेट, या ऊन जैसी गर्म फ़ैब्रिक का होना अतिरिक्त लाभ है।

    टिप: रंगों का चुनाव आप अपने लहंगे या साड़ी के साथ मैचिंग या कंट्रास्टिंग कर सकती हैं।

    3. बूट्स: आराम और स्टाइल का संगम

    पारंपरिक ड्रेस के साथ बूट्स एक बेमिसाल कॉम्बिनेशन हैं। वेलवेट या फ्लीस लाइन वाले बूट्स ठंड से आपके पैरों को बचाएंगे और स्टाइल भी बढ़ाएंगे। बूट्स के कई डिजाइन उपलब्ध हैं, जिससे आप अपने लहंगे या साड़ी से मैचिंग बूट्स आसानी से चुन सकती हैं।

    ज़रूरी नोट: बूट्स की ऊंचाई आपके लहंगे की लंबाई पर निर्भर करेगी, बेहतर होगा कि कम एड़ी वाले बूट्स को ही पहना जाए ताकि चलने-फिरने में कोई दिक्कत न हो।

    4. पार्का जैकेट: जब सर्दी ज्यादा हो

    अगर मौसम बेहद ठंडा है या आपको लंबे समय तक बाहर रहना है तो स्टाइलिश पार्का जैकेट आपके लिए परफेक्ट ऑप्शन है। पार्का जैकेट हुड के साथ आते हैं, जो आपके सिर और गर्दन को ठंड से बचाते हैं। इसे अपने लहंगे या साड़ी के ऊपर पहन कर आप स्टाइलिश और आरामदायक दोनों रह सकती हैं।

    पसंद: अपने लहंगे के रंग के हिसाब से पार्का का चुनाव करें और रंगों के परफेक्ट कॉम्बिनेशन का ध्यान रखें।

    टेक अवे पॉइंट्स:

    • थर्मल इनरवियर ठंड से बचाएगा बिना दिखे।
    • एथनिक जैकेट या शॉल स्टाइलिश और गर्म रहेगा।
    • बूट्स आपके पैरों को आरामदायक रखेंगे।
    • पार्का जैकेट ज़्यादा ठंड में बचाएगा।

    इन टिप्स को ध्यान में रखकर आप सर्दी में भी स्टाइलिश और कंफ़र्टेबल रह सकती हैं। शादी का सीज़न मज़े से एन्जॉय करें!

  • ठंड के मौसम में बालों की देखभाल: सर्दियों में बालों को मुलायम और चमकदार कैसे बनाए रखें

    ठंड के मौसम में बालों की देखभाल: सर्दियों में बालों को मुलायम और चमकदार कैसे बनाए रखें

    ठंड के मौसम में बालों की देखभाल: सर्दियों में बालों को मुलायम और चमकदार कैसे बनाए रखें

    क्या आप सर्दियों में अपने बालों को लेकर परेशान हैं? क्या आपके बाल रूखे, बेजान और बेडौल हो गए हैं? चिंता मत कीजिए, आप अकेले नहीं हैं! ठंडी हवा, कम आर्द्रता और बार-बार हीटर का उपयोग आपके बालों को नुकसान पहुंचा सकता है, जिससे वे रूखे, फ्रिज़ी और टूटने लगते हैं। लेकिन घबराएं नहीं, क्योंकि इस लेख में हम आपको सर्दियों में बालों की देखभाल के कुछ आसान और प्रभावी तरीके बताएँगे जिससे आपके बाल चमकदार और स्वस्थ बने रहेंगे।

    1. मॉइस्चराइज़ेशन की तरफ रुख करें: सर्दियों में बालों की रक्षा का रहस्य

    सर्दियों में आपके बालों को सामान्य से ज़्यादा मॉइस्चराइज़ेशन की ज़रूरत होती है। रोज़ाना मॉइस्चराइज़िंग बालों के लिए बहुत जरूरी है क्योंकि ठंडी हवा आपके बालों से नमी छीन लेती है जिसकी वजह से वो रूखे और टूटने लगते हैं। इसलिए, अपने बालों को नियमित रूप से मॉइस्चराइज़ करना ना भूलें। आप हल्के तेल या क्रीम का प्रयोग कर सकते हैं, जो आपके बालों को अतिरिक्त नमी प्रदान करेगा और उन्हें मुलायम बनाए रखेगा। ध्यान रखें कि तेल चुनते समय अपने बालों के प्रकार को ध्यान में रखें ताकि यह उनके लिए सही हो। नारियल तेल, आर्गन ऑयल, या जोजोबा ऑयल जैसे प्राकृतिक तेलों का उपयोग किया जा सकता है क्योंकि ये बालों को मुलायम बनाए रखते हैं।

    अतिरिक्त नमी: आपके बालों का सबसे अच्छा दोस्त

    यह सुनिश्चित करने के लिए कि आपके बाल जितने आवश्यक है उतने ही हाइड्रेटेड रहें, आप नारियल तेल जैसी अतिरिक्त मॉइस्चराइजर की मात्रा में बढ़ोतरी भी कर सकते हैं।

    2. डीप कंडीशनिंग: बालों को फिर से जीवंत बनाने का उपाय

    सप्ताह में एक या दो बार अपने बालों की डीप कंडीशनिंग करें। डीप कंडीशनिंग से आपके बालों को गहराई से पोषण मिलता है और वे स्वस्थ और चमकदार दिखाई देते हैं। आप अपने बालों के प्रकार के अनुरूप कंडीशनर चुन सकते हैं और अपने बालों को और अधिक पोषण देने के लिए हफ़्ते में एक बार तेल से मालिश करें। डीप कंडीशनिंग के अतिरिक्त, सुनिश्चित करें कि आप गर्म पानी से बालों को धोने से बचें क्योंकि इससे आपके बालों का प्राकृतिक तेल कम हो जाता है और वे और अधिक रूखे हो जाते हैं।

    कंडीशनर का चयन करें जो आपके बालों के लिए है

    आपके बालों की तरह कई अलग अलग तरह के कंडीशनर हैं, इसलिए अपने बालों के लिए सबसे अच्छा कंडीशनर चुनना महत्वपूर्ण है। अगर आप सुनिश्चित नहीं हैं कि किस कंडीशनर का चुनाव करें, तो किसी सैलून के विशेषज्ञ से सलाह ज़रूर लें।

    3. ठंडी हवा से अपने बालों की रक्षा: सरल उपाय

    सर्दियों में ठंडी हवा से अपने बालों की रक्षा करना महत्वपूर्ण है। आप स्कार्फ, टोपी या हुड का इस्तेमाल कर सकते हैं, ताकि ठंडी हवा के सीधे संपर्क में आने से आपके बाल बचे रहें और नमी न खोएं। यदि आप बाहर जा रहे हैं तो ये चीजें बेहद फायदेमंद होती हैं। अगर आप हर वक़्त टोपी नहीं पहनना चाहते हैं, तो हेयर सेरम, या एक विशेष हेयर उत्पाद का उपयोग करें जो आपके बालों की नमी बनाए रखने में मदद करता हो।

    हेयर सेरम से रक्षा करें

    हेयर सेरम या अन्य हेयर स्प्रे, ऐसे उत्पादों में से एक हैं जो बाहरी प्रदूषकों और सर्दियों की हवा की रक्षा करने के लिए बनाये गए होते हैं।

    4. हाइड्रेशन के लिए पीएं भरपूर पानी

    अपने शरीर को अंदर से हाइड्रेटेड रखना, बालों को स्वस्थ और मजबूत बनाए रखने का सबसे अच्छा तरीका है। पानी शरीर के अंगों को सही तरह से काम करने में मदद करता है, जिसका बालों की स्वस्थता पर बहुत प्रभाव पड़ता है।

    पर्याप्त पानी का सेवन ज़रूरी है

    कभी-कभी ठंड के दिनों में पानी पीना भूल जाते हैं, क्योंकि हम ठंड के माहौल के साथ तालमेल बिठाने के लिए लगातार गर्म पेय पीते रहते हैं। कोशिश करें कि ज़्यादा से ज़्यादा पानी का सेवन करते रहें, और ध्यान रखें कि ठंड के मौसम में भी आपका शरीर हाइड्रेटेड रहे।

    5. अतिरिक्त टिप्स: अपने बालों को ज़िंदा रखें

    यदि आप सर्दियों में बालों के टूटने या ड्राईनेस से जूझ रहे हैं, तो यहां कुछ अतिरिक्त सुझाव दिए गए हैं जिन्हें अपनाकर आप अपने बालों को चमकदार, मजबूत और स्वस्थ बनाए रख सकते हैं। इन सुझावों का पालन करने से आपको सर्दियों के महीनों में बालों से जुड़ी समस्याओं से बचाने में मदद मिलेगी।

    • अपने बालों को ज़्यादा बार न धोएं।
    • अपने बालों को सूखाते वक़्त नरम तौलिया का प्रयोग करें।
    • हॉट एयर ड्रायर से बालों को सुखाने से बचें।
    • अपनी डाइट में हेल्दी खाद्य पदार्थों को शामिल करें।
    • अपने बालों में तेल से मसाज करें।

    Take Away Points

    अगर आप सर्दियों में अपने बालों की देखभाल करना चाहते हैं, तो इन टिप्स का ध्यान रखना ज़रूरी है। ये सारे उपाय आपके बालों की रक्षा कर के उन्हें स्वस्थ और मुलायम बनाए रखेंगे। अपने बालों को मॉइस्चराइज करना, उन्हें गहरे तौर पर कंडीशन करना, ठंडी हवा से बचाना और भरपूर पानी पीना ज़रूरी है। याद रखें, सुंदर और चमकदार बाल स्वस्थ बालों का परिचायक है!

  • चमकदार त्वचा के लिए 3 जादुई पेय

    चमकदार त्वचा के लिए 3 जादुई पेय

    चमकती और स्वस्थ त्वचा पाने की चाहत हर किसी को होती है, लेकिन बिगड़ती जीवनशैली, अस्वास्थ्यकर भोजन और प्रदूषण के कारण कई लोग अपनी त्वचा की देखभाल सही तरीके से नहीं कर पाते हैं। क्या आप जानते हैं कि कुछ आसान घरेलू उपायों से आप अपनी त्वचा को चमकदार और स्वस्थ बना सकते हैं? यह लेख आपको 3 ऐसे अद्भुत पेय पदार्थों के बारे में बताएगा जो आपकी त्वचा को अंदर से निखारने में मदद कर सकते हैं!

    अलसी के बीज का पानी: आपकी त्वचा के लिए एक जादुई पेय

    क्या आप जानते हैं कि अलसी के बीज आपके स्वास्थ्य और त्वचा दोनों के लिए कितने फायदेमंद होते हैं? यह पौष्टिक तत्वों का भंडार है जिसमें भरपूर मात्रा में फाइबर, लिग्नान, एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन ई पाए जाते हैं। ये सभी तत्व मिलकर आपकी त्वचा को हेल्दी और चमकदार बनाते हैं। अलसी के बीज का पानी पीने से आपकी त्वचा में नमी बनी रहती है, जिससे वह कोमल और मुलायम बनती है। यह एक्ने और मुंहासों से लड़ने में भी मदद कर सकता है। इसे तैयार करना बहुत आसान है! बस एक गिलास पानी में एक छोटा चम्मच भूने और पिसे हुए अलसी के बीज डालकर पी लें। आप इसका सेवन रोज़ाना कर सकते हैं।

    अलसी के बीज के और फायदे:

    • पाचन में सुधार: अलसी के बीज में मौजूद फाइबर पाचन तंत्र को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं।
    • कब्ज़ से राहत: अगर आपको कब्ज़ की समस्या है, तो अलसी के बीज का पानी आपको राहत दिला सकता है।
    • हृदय स्वास्थ्य: अलसी के बीज में ओमेगा-3 फैटी एसिड पाए जाते हैं, जो हृदय स्वास्थ्य के लिए फायदेमंद होते हैं।

    सब्जा और अलसी के बीज का जादुई मिश्रण

    सब्जा के बीज और अलसी के बीज दोनों ही त्वचा के लिए बेहद फायदेमंद होते हैं। सब्जा के बीज फ्लेवोनोइड्स और एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होते हैं जो आपकी त्वचा को मुक्त कणों से बचाते हैं और उसमें निखार लाते हैं। वहीं, अलसी के बीज ओमेगा-3 फैटी एसिड और विटामिन ई से भरपूर होते हैं। इन दोनों को मिलाकर बनाया गया पेय आपकी त्वचा को अंदर से साफ़ और स्वस्थ रखता है। सुबह खाली पेट आधा-आधा छोटा चम्मच सब्जा और अलसी के बीज एक गिलास पानी में डालकर पीने से आपको चमकदार और निखरी त्वचा पाने में मदद मिल सकती है।

    सब्जा और अलसी के बीज के अद्भुत फायदे:

    • त्वचा की रूखीपन से बचाव: यह पेय आपकी त्वचा को हाइड्रेटेड रखने में मदद करता है।
    • एक्ने और मुंहासों से राहत: यह पेय एक्ने और मुंहासों से लड़ने में मदद कर सकता है।
    • त्वचा की रंगत में निखार: यह पेय आपकी त्वचा की रंगत में निखार लाता है।

    खीरा और पालक का ताज़ा और स्वास्थ्यवर्धक जूस

    खीरे और पालक से बना जूस आपकी त्वचा के लिए एक प्राकृतिक और स्वस्थ उपाय है। खीरा त्वचा को हाइड्रेट करता है और पालक मिनरल्स और विटामिन्स से भरपूर होता है जो त्वचा की सेहत के लिए बेहद ज़रूरी होते हैं। इस पेय में मौजूद फाइबर शरीर से टॉक्सिन्स को बाहर निकालने में मदद करता है, जिससे त्वचा स्वस्थ और चमकदार दिखती है। सुबह खाली पेट ताज़ा खीरे और पालक का जूस पीने से आप अपनी त्वचा को एक नेचुरल ग्लो दे सकते हैं और शरीर को भी हेल्दी बनाए रख सकते हैं।

    खीरा और पालक के फायदे:

    • त्वचा का हाइड्रेशन: खीरा और पालक आपकी त्वचा को हाइड्रेट रखते हैं।
    • टॉक्सिन्स को बाहर निकालना: पालक में मौजूद फाइबर शरीर को टॉक्सिन्स से मुक्त करने में मदद करते हैं।
    • त्वचा की चमक: खीरा और पालक त्वचा को अंदर से चमकदार बनाते हैं।

    Take Away Points

    इन तीनों पेय पदार्थों का नियमित सेवन करके आप अपनी त्वचा की चमक को बढ़ा सकते हैं और स्वस्थ त्वचा प्राप्त कर सकते हैं। यह पेय न केवल आपकी त्वचा के लिए फायदेमंद हैं बल्कि आपके संपूर्ण स्वास्थ्य के लिए भी फायदेमंद हैं। अगर आपको कोई एलर्जी है तो किसी विशेषज्ञ से सलाह लेना जरूरी है।

  • दिल्ली की प्रदूषित हवा से बचाव के आयुर्वेदिक तरीके

    दिल्ली की प्रदूषित हवा से बचाव के आयुर्वेदिक तरीके

    दिल्ली की हवा में सांस लेना हुआ मुश्किल! सर्दी का मौसम आते ही बढ़ा प्रदूषण का स्तर, जानिए बचाव के आयुर्वेदिक उपाय

    दिल्ली में सर्दियों की आहट के साथ ही हवा की गुणवत्ता में भारी गिरावट आई है। नवंबर के मध्य में ही धुंध की एक मोटी चादर दिल्ली पर छा गई है, जिससे लोगों का सांस लेना तक मुश्किल हो गया है। प्रदूषण का स्तर खतरनाक रूप से बढ़ रहा है, और आने वाले दिनों में स्थिति और भी बिगड़ सकती है। लेकिन घबराने की ज़रूरत नहीं है, क्योंकि आज हम आपके लिए कुछ आसान और कारगर आयुर्वेदिक उपाय लेकर आए हैं जो इस प्रदूषण से आपकी रक्षा करेंगे। आइए जानते हैं इन उपायों के बारे में विस्तार से…

    हल्दी वाला दूध और गरारे – प्रदूषण से बचाव का आसान तरीका

    क्या आप जानते हैं कि एक कप गर्म हल्दी वाला दूध आपकी इम्यूनिटी को बढ़ाने में कितना कारगर है? सोने से पहले गर्म हल्दी वाला दूध पीना आपके इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने का एक सरल और प्रभावी तरीका है। हल्दी में मौजूद एंटी-इंफ्लेमेटरी और एंटीऑक्सीडेंट गुण श्वसन तंत्र को शांत करते हैं और प्रदूषित हवा से होने वाली जलन से राहत दिलाते हैं। इसके अलावा, हल्दी वाले गर्म पानी से गरारे करने से गले की खराश कम होती है और प्रदूषण के कारण होने वाली सूजन से भी राहत मिलती है। हल्दी में ऐसे कई तत्व हैं जो प्रदूषण से होने वाली तकलीफों से बचाते हैं। यह सर्दी के मौसम में संक्रमण से बचाव में भी मददगार है।

    हल्दी के अद्भुत फायदे

    हल्दी केवल एक मसाला नहीं है, बल्कि एक औषधि भी है। इसके एंटीऑक्सीडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण प्रदूषण के दुष्प्रभावों से लड़ने में अद्भुत काम करते हैं। नियमित रूप से हल्दी का इस्तेमाल करने से शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।

    आंवला जूस – विटामिन सी का पावरहाउस

    सर्दियों का मौसम आंवले का मौसम भी होता है। आंवला विटामिन सी का खज़ाना है। आंवले में भरपूर मात्रा में मौजूद विटामिन सी, शरीर को प्रदूषण के नुकसानदेह प्रभावों से बचाता है और इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाता है। आंवला जूस पीना या रोजाना एक आंवला खाना, आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है, सांस लेने में आसानी करता है और आपकी त्वचा को प्रदूषण के नुकसान से भी बचाता है।

    आंवले से बढ़ाएं इम्यूनिटी

    आंवले में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन सी मिलकर प्रदूषण से होने वाले नुकसान को कम करते हैं। यह सर्दी-खांसी से भी बचाने में मददगार है।

    ऑयल पुलिंग – मुंह के प्रदूषण से बचाव

    ऑयल पुलिंग एक प्राचीन आयुर्वेदिक तरीका है, जिसमें लगभग 5 मिनट तक नारियल या तिल के तेल की थोड़ी मात्रा को मुंह में घुमाया जाता है। यह तकनीक मुंह में एक सुरक्षात्मक परत बनाती है, जो प्रदूषित हवा से आने वाले टॉक्सिन्स और एलर्जी को आपके शरीर में जाने से रोकती है। तेल एक प्राकृतिक अवरोधक की तरह काम करता है और प्रदूषक तत्वों को आपके सिस्टम में प्रवेश करने से रोकता है, साथ ही मुंह को साफ भी रखता है।

    ऑयल पुलिंग के और भी फायदे

    ऑयल पुलिंग से मुंह की सफाई के साथ ही दांतों और मसूड़ों की सेहत भी बेहतर होती है। यह मुंह के संक्रमण से भी बचाता है।

    नीम का पानी – त्वचा और बालों की देखभाल

    नीम के पानी को रोजाना इस्तेमाल करने से त्वचा और बालों से प्रदूषक तत्व हटाने में मदद मिलती है। नीम में शक्तिशाली एंटीबैक्टीरियल, एंटीफंगल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो त्वचा और बालों को प्रदूषक तत्वों के बुरे प्रभावों से बचाते हैं। नीम की पत्तियों को पानी में उबालकर ठंडा करें और नहाने के लिए इसका इस्तेमाल करें।

    नीम के अद्भुत गुण

    नीम एक प्राकृतिक एंटीसेप्टिक है। इसके कई स्वास्थ्य लाभ हैं जिनमें त्वचा और बालों की देखभाल, इम्यूनिटी बढ़ाना और संक्रमण से बचाव शामिल हैं।

    अनुलोम-विलोम – फेफड़ों की सफाई

    अनुलोम-विलोम एक सरल लेकिन प्रभावी प्राणायाम है जो फेफड़ों को मजबूत करता है, इम्यूनिटी बढ़ाता है और सांस की नली को साफ करने में मदद करता है। रोज़ाना 10-15 मिनट तक अनुलोम-विलोम करने से फेफड़ों की क्षमता बढ़ती है और सांस लेने में सुधार होता है। यह फेफड़ों को टॉक्सिन्स को प्रभावी ढंग से छानने में भी मदद करता है।

    प्राणायाम से लाभ

    अनुलोम-विलोम जैसे प्राणायाम शरीर और मन दोनों के लिए फायदेमंद होते हैं। यह तनाव कम करता है और श्वसन तंत्र को स्वस्थ रखता है।

    Take Away Points

    दिल्ली जैसे प्रदूषित शहरों में रहने वालों को इन आयुर्वेदिक उपायों को अपनी दिनचर्या में शामिल करना बेहद ज़रूरी है। ये उपाय न सिर्फ प्रदूषण से बचाते हैं बल्कि शरीर को स्वस्थ भी रखते हैं।

  • नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी के कैंसर इलाज का विवाद: क्या सच है?

    नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी के कैंसर इलाज का विवाद: क्या सच है?

    नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी के कैंसर से मुक्ति का दावा: सच्चाई क्या है?

    क्या आप जानते हैं कि नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी नवजोत कौर को स्टेज-4 के कैंसर से मुक्ति मिल गई है? सिद्धू के इस दावे ने सोशल मीडिया पर तहलका मचा दिया है। उन्होंने दावा किया है कि उनकी पत्नी का इलाज घरेलू नुस्खों से हुआ है, जिसमें हल्दी, नीम और खास डाइट शामिल है। लेकिन क्या वाकई ऐसा है? क्या घरेलू उपचार से कैंसर को मात दी जा सकती है? आइए इस विवादित मामले में सच्चाई जानते हैं।

    नवजोत कौर का कैंसर का इलाज: सिद्धू का दावा

    नवजोत सिंह सिद्धू ने दावा किया है कि उनकी पत्नी नवजोत कौर का कैंसर स्टेज-4 तक पहुँच गया था और डॉक्टरों ने उनके बचने की संभावना केवल 5 प्रतिशत बताई थी। लेकिन उन्होंने घरेलू नुस्खों का सहारा लिया। उन्होंने बताया कि शुगर और डेयरी उत्पादों से परहेज, हल्दी और नीम का सेवन, एप्पल साइडर विनेगर और नींबू पानी का नियमित इस्तेमाल और इंटरमिटेंट फास्टिंग से उनकी पत्नी महज 40 दिन में अस्पताल से डिस्चार्ज हो गईं। सिद्धू ने अपने इस दावे का वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर किया जिससे यह खूब वायरल हुआ है।

    सिद्धू के दावे पर सवाल

    लेकिन सिद्धू के इस दावे पर टाटा मेमोरियल अस्पताल के डॉक्टरों ने सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा है कि इस दावे के पीछे कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है और कैंसर के इलाज के लिए केवल सर्जरी, कीमोथेरेपी और रेडियोथेरेपी ही सही तरीका है। टाटा मेमोरियल के 262 कैंसर विशेषज्ञों ने एक स्टेटमेंट जारी कर सिद्धू के दावे का खंडन किया है। डॉक्टरों ने लोगों से अपील की है कि वे ऐसे अप्रमाणित इलाजों पर विश्वास न करें।

    वैज्ञानिक दृष्टिकोण: क्या घरेलू उपचार से कैंसर का इलाज संभव है?

    कैंसर एक गंभीर बीमारी है और इसके इलाज के लिए वैज्ञानिक रूप से सिद्ध उपचार ही कारगर साबित होते हैं। हालांकि, हल्दी, नीम जैसे कई प्राकृतिक पदार्थों में कुछ एंटी-कैंसर गुण पाए जाते हैं, लेकिन इनसे अकेले कैंसर का इलाज संभव नहीं है। कई शोध चल रहे हैं जिनमें प्राकृतिक उपचारों की भूमिका का पता लगाया जा रहा है लेकिन ये कैंसर का मुख्य उपचार नहीं हैं, बल्कि सहायक उपचार हो सकते हैं।

    क्या नवजोत कौर के ठीक होने में इन घरेलू उपचारों का कोई योगदान था?

    यह सवाल एक बड़ा चर्चा का विषय है। यह सम्भव है कि नवजोत कौर को इलाज के दौरान इन घरेलू उपचारों का सेवन करने से कुछ फायदा जरूर मिला होगा, लेकिन उनका मुख्य इलाज सर्जरी और अन्य पारम्परिक तरीकों से हुआ। यह भी संभव है कि नवजोत कौर का शरीर पहले से ही कुछ हद तक स्वस्थ था जिससे उनका रोग ठीक होने में मदद मिली। लेकिन उनके ठीक होने को केवल इन घरेलू उपचारों का श्रेय देना भ्रामक होगा।

    मीडिया का रोल और जनजागरण

    मीडिया का उत्तरदायित्व है कि वह ऐसी खबरें सावधानीपूर्वक दे, जिनसे गलत जानकारी का प्रसार न हो। नवजोत सिंह सिद्धू के दावे के कारण बहुत सारे कैंसर रोगी गुमराह हो सकते हैं। इस विषय पर सही और संतुलित खबरें देना और लोगों को जागरूक करना बहुत जरूरी है। हमारे देश में बहुत से लोग पारम्परिक और वैज्ञानिक तरीकों के बारे में सही जानकारी से अनजान होते हैं, और अक्सर अपुष्ट दावा करने वालों पर विश्वास कर लेते हैं।

    सतर्क रहें, धोखा न खाएं!

    कैंसर के इलाज से संबंधित जानकारी हमेशा किसी प्रमाणित डॉक्टर या कैंसर विशेषज्ञ से ही प्राप्त करें। सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी को सही न मानें और सतर्क रहें, धोखा न खाएं! कैंसर एक गंभीर बीमारी है और समय पर सही इलाज ही इसका इलाज है।

    टेक अवे पॉइंट्स

    • नवजोत सिंह सिद्धू का दावा कि उनकी पत्नी का कैंसर घरेलू नुस्खों से ठीक हुआ, विवादित है।
    • टाटा मेमोरियल अस्पताल के विशेषज्ञों ने सिद्धू के दावे का खंडन किया है।
    • कैंसर के इलाज के लिए वैज्ञानिक तरीके ही कारगर हैं।
    • सोशल मीडिया पर वायरल होने वाली हर जानकारी को सही न मानें।
    • कैंसर से जुड़ी किसी भी जानकारी के लिए हमेशा किसी योग्य चिकित्सक से सलाह लें।