Category: health-lifestyle

  • स्त्री ऐसे पुरुष को बनाना चाहती हैं अपना पति..?

    लाइफस्टाइल- विवाह ह्रदय का सम्बंध है। यह जीवन पर्यंत के लिए दो लोगों को एक कर देता है। विवाह के बाद सिर्फ दो लोग नहीं मिलते। क्योंकि विवाह में दो परिवार, दो विचार, दो भावनाएं एक होती हैं। 

    वैसे तो सब कहते हैं कि विवाह प्रेम से होता है। जिन लोगों में प्रेम है उनका आपस मे मिलना सुनिश्चित है। ईश्वर लोगों का भाग्य लिखकर भेजता है। लेकिन स्त्रियों में हमेशा यह इच्छा रहती है कि उनका पति बड़ा सामर्थ्यवान हो।
    कामसूत्र ग्रन्थ में आचार्य वात्सायन कहते हैं विवाह भले ही दो लोगों को एक करता है। लेकिन स्त्रियां हमेशा अपने पति के रूप में एक ऐसे पुरूष को चाहती हैं। जो गुणवान हो, वशवर्ती हो, सामर्थ्यवान हो। स्त्री की ओर आकर्षित हो। उसकी इच्छाओं का सम्मान करता हो और प्रत्येक परिस्थितियों में उनके साथ खड़ा हो।

  • रामायण की इन बेहतरीन चौपाइयों के साथ दें राम नवमी की शुभकामनाएं

    लाइफस्टाइल– आज पूरा भारत राम नवमी का पावन पर्व मना रहा है। चैत्र नवरात्रि का समापन रामनवमी के साथ होता है। कहते हैं असुरों का विनाश करने के लिए, धर्म की स्थापना करने के लिए प्रभु श्री राम ने धरती पर अयोध्या नरेश दशरथ जी के घर में जन्म लिया था।

    वहीं अगर आज राम नवमी के दिन अपने परिजनों को शुभकामनाएं अनोखें अंदाज में भेजना चाहते हैं। तो रामायण की इन प्रेरणादायक चौपाइयों के साथ आप उनको राम नवमी की शुभकामनाएं दे सकते हैं।

    जानें कैसे दें राम नवमी की शुभकामनाएं-

    बिनु सत्संग विवेक न होई। 
    राम कृपा बिनु सुलभ न सोई॥
    सठ सुधरहिं सत्संगति पाई।
    पारस परस कुघात सुहाई॥ 
    आप सभी को रामनवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। प्रभु का आशीर्वाद सदैव आप पर बना रहे।
    जा पर कृपा राम की होई।
    ता पर कृपा करहिं सब कोई॥
    जिनके कपट, दम्भ नहिं माया।
    तिनके ह्रदय बसहु रघुराया॥
    राम नवमी की ह्रदय से बधाई एवं शुभकामनाएं।
    कहेहु तात अस मोर प्रनामा।
    सब प्रकार प्रभु पूरनकामा॥
    दीन दयाल बिरिदु संभारी।
    हरहु नाथ मम संकट भारी॥
    राम नवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं।
    हरि अनंत हरि कथा अनंता।
    कहहिं सुनहिं बहुबिधि सब संता॥
    रामचंद्र के चरित सुहाए।
    कलप कोटि लगि जाहिं न गाए॥
    जय श्री राम। राम नवमी की हार्दिक बधाई।
    एहि महँ रघुपति नाम उदारा।
    अति पावन पुरान श्रुति सारा॥
    मंगल भवन अमंगल हारी।
    उमा सहित जेहि जपत पुरारी॥
    सभी परिजनों और प्रिय साथियों को राम नवमी की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। 

  • सफलता के लिए आवश्यक है यह चीज

    ज्ञान- सफलता किसी की विरासत नहीं है। यह हर उस व्यक्ति के पास आती है जो सफल होने के लिए प्रयास करता है। कई लोग अपने अथक परिश्रम से अपने लक्ष्य को आसानी से हासिल कर लेते हैं। लेकिन कई लोग हार मानकर अपने जीवन के लक्ष्य से विमुख हो जाते हैं।

    ज्ञानात्माओं का कहना है कि अगर कोई व्यक्ति असफल हो रहा है तो उसके लिए लक्ष्य प्राप्त करना मुश्किल नही है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति यह मान लेता है कि मैं असफल हो गया हूँ। अब में अपने संघर्ष से सफलता को नहीं हासिल कर सकता। मेरे सभी प्रयास व्यर्थ हैं। तो वह व्यक्ति अपने जीवन में हार जाता है।
    कहते हैं सफलता का एकमात्र मूल मंत्र संघर्ष है। जो व्यक्ति अपने जीवन में संघर्ष करता है और अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अडिग रहता है। तो उसके लिए कुछ भी प्राप्त करना आसान होता है। लेकिन अगर कोई व्यक्ति अपने जीवन में विफल होने के बाद अपने लक्ष्य को त्याग देता है तो वह कभी भी सफल नहीं हो सकता है।

  • How to have safer sex

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    How to have safer sex

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    Safer sex is a way to reduce your risk of STIs and pregnancy

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    Use lots of condom-safe lubrication

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    Always sterilize sex toys

  • महावीर स्वामी जयंती:- जानें महावीर स्वामी के उपदेश और स्त्रियों के विषय मे तर्क

    लाइफस्टाइल- जैन समुदाय का प्रमुख पर्व महावीर जयंती इस साल 4 अप्रैल को मनाया जा रहा है। इस दिन महावीर स्वामी का जन्म हुआ था। यह जैन समुदाय के 24 वें तीर्थंकर थे।महावीर स्वामी के बचपन का नाम वर्धमान था। इनके पिता सिद्धार्थ और माता त्रिशला थीं।

    जैन धर्म की स्थापना किसने किया इसका श्रेय किसी को नहीं दिया गया है। कर्म और ज्ञान के आधार पर जैन धर्म के तीर्थंकर हुए। महावीर स्वामी जैन धर्म के 24 वें तीर्थंकर थे। जैन धर्म मे तीर्थंकर उस व्यक्ति को कहा जाता है जो सांसारिक सुख का त्याग करता है, मोह माया से विरक्त हो जाता है और लोगों को धर्म का पाठ पढ़ाता है।

    महावीर स्वामी के उपदेश-

    जैन धर्म के ग्रंथ आचारांग सूत्र के मुताबिक महावीर स्वामी एक साधु थे। वह अकेले रहते थे। उनका जीवन भ्रमण करना और लोगों को सही मार्ग पर चलने की प्रेरणा देना था। महावीर स्वामी ने अपनी भ्रमण यात्रा को 30 वर्ष की आयु में आरम्भ किया और 42 वर्ष तक यह भ्रमण करते रहे।
    महावीर स्वामी और गौतम बुद्ध में एक बात समान थी कि उन्होंने आम आदमी को उपदेश नहीं दिया। महावीर स्वामी अपने अनुयायियों को उपदेश देते थे। उन्होंने अपने अनुयायियों को असत्य से दूर रहने, मैथुन को त्यागने, हिंसा का विरोध करने, सांसारिक वस्तुओं का त्याग करने का उपदेश दिया।

    जैन धर्म के मुताबिक स्त्रियां-

    जैन ग्रंथो के मुताबिक स्त्रियों को लेकर महावीर स्वामी के कई अलग विचार थे। उनका मानना था कि महिलाएं कभी सन्यासी नहीं बन सकती हैं। महिलाओं में सबसे अधिक प्रलोभन होता है। उनके भीतर अंडाशय का निर्माण होता है जो मासिक धर्म के दौरान मर जाते हैं।
    कई लोगों का कहना है कि महावीर स्वामी के धर्म को मानने के लिए जिन नियमों को बनाया गया वह बेहद कठिन थे। उनका पालन करना आसान नहीं है। यही कारण है कि जैन धर्म का प्रसार-प्रचार भारत में भी कम हुआ है और विश्व स्तर पर भी जैन धर्म को लोग नहीं जान पाए।

  • अगर आपका पार्टनर आपके साथ इस जगह वक्त बिताता है तो समझें वो आपको लेकर है सीरियस

    लाइफस्टाइल– आजकल हमारी लाइफ़ पूरी तरह बदल गई है। हम सबसे पहले अब अपने करियर के बारे मे सोचते हैं और करियर सैटेल होते ही हम एक ऐसे साथी की तलाश में जुट जाते हैं जो जीवन भर हमारा साथ निभा सके। कई लोग जल्दबाज़ी में आकर रिलेशनशिप में चले जाते हैं और बाद में उनको अपने पार्टनर में कई कमियां नजर आने लगती हैं।

    लोगों का आपस मे बात- बेबात झगड़ा हो जाता है। तर्क-वितर्क का सिलसिला इतना बढ़ जाता है कि एक हेल्थी रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता है। हम समझ ही नहीं पाते हैं कि हमारा पार्टनर हमारे साथ रहना चाहता है या नहीं। लेकिन आज हम आपको एक ऐसी जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। जहां अगर आपका पार्टनर आपके साथ जाना पसंद करता है तो वह आपको लेकर लॉयल है और आपको अपना जीवन साथी बनाना चाहता है।
    वैसे तो ज्यादातर लोग अपने पार्टनर से मिलने के लिए होटल, रेस्तरां, पार्क जाना पसंद करते हैं। लेकिन कई पार्टनर ऐसे होते हैं जिन्हें वक्त मिलता है तो वह अपने साथी के साथ मंदिर जाने की बात करते हैं। ऐसे पार्टनर बेहद लॉयल होते हैं क्योंकि इनको लगता है कि उनके जीवन मे जो भी है वो ईश्वर की कृपा से है। अगर हम ईश्वर के दरबार जाते हैं तो हमारा जीवन खुशहाल रहेगा।
    जानकारों का कहना है कि बहुत कम लोग होते हैं जो अपने पार्टनर से मिलने के लिए मंदिर को चुनते हैं। लेकिन अगर किसी का पार्टनर अपने साथी के साथ मंदिर जाता है भगवान की पूजा करता है, ध्यान करता है और उसको आध्यायम से जुड़ने की प्रेरणा देता है। तो ऐसा पार्टनर अपने साथी के प्रति लॉयल होता है और अपने जीवनभर अपने साथी का साथ देता है।

  • इस एक चीज से सुलझती है हर बिगड़ी बात

    लाइफस्टाइल- आज कल हमारी लाइफस्टाइल पूरी तरह बदल गई है। लोग ईर्ष्या से घिरे हुए हैं, हम स्वयं से अधिक दूसरों पर ध्यान देते हैं। हमें इस बात से फर्क पड़ता है कि लोग हमारे साथ कैसा व्यवहार करते हैं लेकिन हम यह ध्यान नहीं देते कि हम स्वयं के साथ कैसा व्यवहार करते हैं।

    कई लोग आज उलझन में फंसे हैं। उनका कोई रिश्ता हो या उनकी लाइफस्टाइल सब इतना उलझा हुआ है कि उनको समझ नहीं आता वह इस समस्या से कैसे निकलें। कई बार लोग अपनी इन उलझनों से ऊब कर गुस्से से झुलझुला जाते हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि आपकी इन सभी समस्याओं का एक मात्र हल सत्य है।
    असल में हम जिन समस्याओं में उलझते हैं। हमको जो भी तकलीफ होती है। हमारे आस पास के लोगों से हमारा झगड़ा होता है। इस सबका एकमात्र कारण झूठ है।अगर हम अपने जीवन का आधार सत्य को बनाते हैं और यह संकल्प लेते हैं कि भले ही हमारे सत्य से किसी को समस्या हो लेकिन मैं अपने जीवन का आधार झूठ को नहीं बनाऊंगा। तो हम अपने जीवन की हर उलझन से सुलझ जाते हैं।
    ज्ञानात्माओं का कहना है सत्य जीवन है। यह हमें सुख देता है। अगर आप सत्य के साथ चलते हैं जो आपको अपने जीवन में समस्याओं से नहीं जूझना पड़ता। कई बार लोगों को आपके सत्य से समस्या होती है। आपके रिश्ते भी इससे प्रभावित होते हैं। लेकिन सत्य सर्वश्रेष्ठ होता है। यह आपके साथ उन लोगों को जोड़ता है जो जीवन में सकारात्मक होते हैं।

  • अगर आपका बच्चा भी दूसरों में तलाशता है अपनों को तो अपनाएं ये टिप्स

    लाइफस्टाइल– हमारे अपने हमारे खुश रहने की वजह होते हैं। अगर हम अपनों के साथ रहते हैं। उनके साथ वक्त बिताते हैं। उनको अपने दिल की बात बताने मे हिजकिचाते नहीं हैं तो हमारे आपने हमारे साथी बन जाते हैं। हमें कहीं बाहर आपने लिए सुख की तलाश नहीं करनी पड़ती है।

    लेकिन कई बार हम देखते हैं घर के बच्चे घरवालों से ज्यादा बाहर वालों पर विश्वास करते हैं। बच्चों को लगता है उनके अपने वही हैं। क्योंकि वो बाहर वाले उनके अपनों से ज्यादा उनको समझते हैं। अब अगर आपके बच्चे भी किसी बाहर वाले पर विश्वास करते हैं तो आप अपने स्वभाव मे इन आदतों को ले आओ। अगर आप इन आदतों के साथ अपने बच्चों ने बात करेंगे तो आप उनका विश्वास आसानी से जीत पाएंगे।

    दोस्त-

    अभिभावकों को अपने बच्चों का दोस्त बनकर रहना चाहिए। उनको समझने का प्रयास करना चाहिए। कोशिश करनी चाहिए कि वो अपने बच्चों की मनोस्थिति समझें और उनपर अपनी इच्छओं का बोझ न लादें। दोस्त की तरह उनके साथ हंसी मजाक करें वक्त बिताएं और कभी-कभी उनको लेकर बाहर भी चले जाएं।

    भावनाओं का करें सम्मान-

    अगर आपका बच्चा किसी के साथ भावनात्मक रूप से जुड़ा है। तो आप उसकी भावनाओं का सम्मान करें। उसके मन की बात को समझें। उसको सहारा दें और उसके साथ के साथ उसके रिश्ते को समझकर उसकी कठिन परिस्थितियों में सहायता करें।

    वक्त बिताएं-

    समय-समय पर अपने बच्चों के साथ वक्त बिताने के कार्यक्रम बनाएं। उनको कहीं बाहर लेकर जाएं। उनके साथ बातें करें और उनकी इच्छाओं को पूरा करने का प्रयास करें। अगर आप अपने बच्चों के साथ उनकी इच्छाओं को खुश करने के लिए जुड़ते हैं तो इससे आपके बच्चों का आपके साथ भावनात्मक जुड़ाव हो जाता है और आपके बच्चे किसी अन्य व्यक्ति में अपनों की तलाश नहीं करते हैं।

  • सच्चे मित्र में होती हैं यह तीन आदतें

    रिलेशनशिप– मित्रता इस सम्पूर्ण संसार का सबसे सुंदर रूप है। अगर किसी व्यक्ति के पास समर्पित मित्र है तो उस व्यक्ति का जीवन सफल रहता है। मित्र के होने से हमें कठिनाइयों से लड़ने का साहस मिलता है। 

    हम परिस्थितियों से आसानी से उभर सकते हैं। यदि हम किसी मुसीबत में होते हैं तो सबसे पहले यदि कोई हमारा साथ देने आता है तो वह मित्र होता है। कुल मिलाकर अगर इस दुनिया मे सबसे सुंदर रिश्ता कोई है तो वह मित्रता का है।
    लेकिन आज के समय मे मित्रता का मूल बदल गया है। लोग अब मित्रता भी स्वार्थ साध कर करते हैं। कोई किसी के प्रति समर्पित नहीं होना चाहता। क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति अपना स्वार्थ चाहता है। आज हम स्वार्थ भरी दुनिया के बीच आपको सच्चे मित्र को पहचाने के कुछ तरीके बताने जा रहे हैं। यदि आपके मित्र में यह आदतें हुई तो वह आपके लिए कोहिनूर से कम नहीं है…

    जानें सच्चे मित्र की आदतें..?

    निस्वार्थ-

    अगर कोई व्यक्ति आपके साथ निस्वार्थ जुड़ा है। तो वह आपके धन को देखकर आपकी ओर आकर्षित नहीं होगा। ऐसे लोग सिर्फ आपसे मतलब रखते हैं। इन लोगों को इस बात से फर्क नहीं पड़ता है कि आप क्या करते हैं और कैसे हैं। क्योंकि इनको सिर्फ यह पता होता है कि आप उनके मित्र हैं।

    कम बात दिल से साथ-

    कुछ लोग होते हैं कि रोज मिलते हैं दोस्तो के साथ घूमने जाते हैं। पैसा पानी की तरह उड़ाते हैं। लेकिन जो आपका सच्चा मित्र होगा। वह आपसे रोजाना बात नहीं करेगा। वह आपको अपने करियर बनाने के लिए प्रेरित करेगा। आपको सलाह देगा कि धन का सदुपयोग करें। इसे पानी की तरह न बर्बाद करें। समय की गरिमा को समझें और अपने जीवन मे सफल हो जाएं।

    साथ-

    एक सच्चा मित्र भले ही आपके साथ खुशी के वक्त न हो। लेकिन जब आपकी परिस्थिति खराब होगी और आपको एक साथी की आवश्यकता होगी। तो वह सदैव आपका साथ देगा, आपकी परिस्थितियों को समझेगा और आपको पुनः सही मार्ग पर लाने का प्रयास करेगा।

  • World Liver Day 2023: सावधान आपकी एक आदत आपको दे सकती है गंभीर बीमारी

    World Liver Day 2023: आज हमारा खान पान पूरी तरह से बदल गया है। हम न तो सुबह समय पर सो कर उठते है और न रात में समय पर सोते हैं। जीवन के रूटीन में आये परिवर्तन में हमारे भोजन के रूटीन को भी काफी प्रभावित किया है। ज्यादातर लोग आज हेल्थी फ़ूड की जगह फ़ास्ट फ़ूड खाने के शौक़ीन हैं। लेकिन क्या आपको पता है कि खान-पान में हमारी लापरवाही हमारे स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा साबित हो सकती है। जी हाँ ठीक पढ़ रहे हैं आप अगर आप अपने खाने का रूटीन सही नहीं रखते और फ़ास्ट फ़ूड अधिक खाते हैं तो आपको लीवर से जुडी कई बीमारियां हो सकती हैं। 

    लिवर कैंसर – 

    यह एक ऐसी बीमारी है जो लीवर की कोशिकाओं को इफेक्ट करती है. इसमें लिवर की कोशिकाएं बहुत तेज स्पीड से बढ़ती हैं। इस कंडीशन में हेल्दी कोशिकाओं को डेवलप होने के लिए जगह नहीं मिल पाती है।  लिवर पेट के ऊपरी दाहिने हिस्से में रिब केज के नीचे स्थित होता है और शरीर का सबसे बड़ा ठोस ऑर्गन होता है. प्राइमरी कैंसर लिवर के टिश्यू में पैदा होता है। 

    लीवर सिरोसिस-

    लीवर से जुड़ी एक क्रोनिक डिजीज है. इसकी शुरुआत लीवर में फैट जमा होने से होती है. फैट की वजह से डैमेज हुए लीवर को फैटी लीवर के नाम जाना जाता है.  इस समय लिवर कठोर हो जाता है. इसके बाद लिवर फाइब्रोसिस की समस्या रहने लगती है. लगातार कई साल तक ऐसी ही स्थिति रहने पर लिवर सिरोसिस हो जाता है. ये लिवर डैमेज होने की स्थिति होती है.

    हेपेटाइटिस-

    हेपेटाइटिस (Hepatitis) लिवर का एक गंभीर रोग है. ये वायरल इन्फेक्शन के कारण होता है. इस बीमारी में लीवर में सूजन आने लगती है. हेपाटाइटिस 5 तरह के वायरस से होता है, यानि ये 5 तरह का होता है. ए,बी,सी,डी और ई. इन पांचों  वायरस को गंभीरता से लेना चाहिए. खराब खान पान, अधिक शराब पीने, ऑटो इम्यून, दवा के साइड इफेक्ट के कारण ये हो जाता है.