लाइफस्टाइल- कहते हैं पति और पत्नी(Husband wife relationship) एक दूसरे के पूरक होते हैं। यह एक दूसरे का मार्गदर्शन करते रहते हैं। जब पति कोई काम करता है तो उससे पत्नी का जीवन प्रभावित होता है। वहीं कोई भी धार्मिक अनुष्ठान बिना पति पत्नी के सम्पूर्ण नहीं हो सकता है।
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पति के काम से पत्नी पर पड़ता है प्रभाव
आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने पति-पत्नी के रिश्ते को सबसे पवित्र रिश्ता बताया है। चाणक्य(According to Acharya Chanakya) का कहना है कि जब कोई काम पति करता है तो उससे पत्नी भी प्रभावित होती है। पति के कर्म पत्नी के जीवन पर अनुकूल और प्रतिकूल प्रभाव डालते हैं।आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का कहना है कि अगर किसी का पति अधर्मी है। वह सदैव गलत मार्ग पर चलता है। लोगों का अहित करता है और पाप में लिप्त हैं। तो उसके इन कर्मों का प्रभाव व्यक्ति की पत्नी पर पड़ता है।आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का कहना है कि पति के बुरे कर्म का फल पत्नी को मिलता है। अगर पति नकारात्मक(negativity) काम करता है तो पत्नी का जीवन खराब हो जाता है और उसके जीवन मे दुख के बादल मंडराने लगते हैं। -
जानें स्त्री में कब तक बनी रहती है सेक्स की इच्छा…?
लाइफस्टाइल:- सेक्स(Sex) जो स्त्री पुरुष के जीवन का अमुख हिस्सा माना जाता है। कहते हैं सेक्स(Sex) करने से व्यक्ति का स्ट्रेस कम होता है और दो लोगों के मध्य के सम्बंध मजबूत होते हैं। अगर कोई स्त्री पुरुष के साथ शरीरिक रूप से जुड़ती है तो वह उसपर अटूट विश्वास करती है।
वहीं सेक्स के परिपेक्ष्य में कामसूत्र(Kamasutra Granth) में कई बड़े रहस्यों से पर्दा उठाया गया है। वैसे तो हमने सामान्य तौर पर सुना है कि पुरुषों में सेक्स(sex) की इच्छा अधिक होती है। पुरूष सेक्स करने के लिए सदैव उत्तेजित रहते हैं। लेकिन वास्तविकता में स्त्री और पुरुष दोनों के मन मे सेक्स की इच्छा होती है।कामसूत्र ग्रंथ के मुताबिक(According to kamsutra)- पुरुष में शुरुआत में सेक्स की इच्छा अधिक होती है। लेकिन जब पुरूष स्खलित हो जाता है तो उसकी सेक्स की इच्छा समाप्त हो जाती है और उसका मन सेक्स से भर जाता है। लेकिन स्त्री के साथ ऐसा नहीं होता। क्योंकि स्त्री में सेक्स(Sex) की इच्छा धीरे-धीरे जाग्रत होती है और बाद में यह तेज हो जाती है।कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra Granth) के मुताबिक स्त्री में सेक्स की इच्छा शुरुआत से लेकर पुरूष के स्खलित होने तक लगातार बनी रहती है। स्त्री पुरुष की तरह शुरुआत से ही सेक्स की अनुभूति महसूस करती है और सेक्स(Sex) के अंत मे उसे भी सुख का अनुभव होता है। -
अधिक स्त्रियों वाले देश मे महिलाओं को पसंद है सेक्स, जानें आंध्रप्रदेश और महाराष्ट्र की महिलाओं में सेक्स की इच्छा
लाइफस्टाइल- सेक्स(Sex) आज स्त्री हो या पुरूष सभी के जीवन की जरूरत बन गई है। लोग आंनद के लिए सेक्स(Sex) करते हैं। क्योंकि सेक्स करने से व्यक्ति को मानसिक तनाव(, mental stress) से आराम मिलता है। व्यक्ति की मनोदशा बेहतर रहती है। स्त्रियों के चेहरे(skin glow) पर अलग ग्लो आता है।
वहीं सेक्स(Sex) को लेकर स्त्री और पुरुष की अलग-अलग विचार अपने मन में रखते हैं। जहां एक ओर पुरुष सेक्स(male think about sex) को लेकर हमेशा विचार करता रहता है। वहीं कामसूत्र ग्रंथ में महिलाओं(women thik about Sex) की सेक्स इच्छा को लेकर ऐसी बातें कही गई हैं। जिन्हें सुनकर आप दंग रह जाएंगे।कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra Granth) के मुताबिक जिन देशों में स्त्रियों की संख्या अधिक होती है, जो देश विकास(Developing country) के पथ पर तेजी से आगे बढ़ते हैं, और जो देश विकासशील हों। उन देशों में स्त्रियों को अपनी सेक्स(Sex) की इच्छा को शांत करने के लिए ऐसे पुरूष की जरूरत होती है जो सेक्स कला में निपुण हों। जिन्हें सेक्स आता हो और जो जल्दी ही स्खलित न होते हों।कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra Granth) के मुताबिक इन दोशों की स्त्रियों को ऐसे पुरुष की आवश्यकता होती है। जो उनकी यानि में अपना लिंग डालकर उसपर तेज से प्रहार कर सकें। ज्यादा देर तक लगातार उनके साथ सेक्स करें। सेक्स(Sex time) के दौरान उनके साथ देर तक आलिंगन करे। वहीं अगर सेक्स(Sex) की इच्छा महिला की पुरूष शांत नहीं कर पाता है। तो इन देशों की स्त्रियां सेक्स के लिए सेक्स टॉय का उपयोग करती हैं।जानें कैसे हैं आंध्रप्रदेश की महिलाएं-कामसूत्र ग्रंथ(kamsutra granth) में आंध्रप्रदेश(Andrapradesh women behaviour) की महिलाओं को चरित्रहीन महिला कहा गया है। ग्रंथ के मुताबिक यहां रहने वाली महिलाएं स्वभाव से नाजुक लगती हैं। लेकिन यह महिलाएं सेक्स(like Sex) को बेहद पसंद करती हैं। इनके मन मे सदैव अश्लील विचार(Noughty thought) आते रहते हैं। यह चरित्र से बेहद सेक्स(Sex) की ओर आकर्षित होती हैं।महाराष्ट्र की महिलाओं में सेक्स की इच्छा-कामसूत्र ग्रंथ के मुताबिक- महाराष्ट्र की महिलाओं को तेज सेक्स(Maharastra women like Hard Sex) पसन्द है। यह महिलाएं अश्लील बातों में अधिक रुचि रखती हैं। यह सेक्स की 64 कलाओं को पसन्द करती हैं। -
सेक्स के समय स्त्री और पुरुष में तेजी से होती है यह चीज
लाइफस्टाइल- सेक्स लाइफ(Sex Life) के लिए बेहद आवश्यक है। सेक्स करने से व्यक्ति को मानसिक तनाव(mental stress) से आराम मिलता है और व्यक्ति का मन शांत रहता है। सेक्स दो लोगों के रिश्ते को मजबूती देता है। लेकिन सेक्स(Sex) के दौरान स्त्री और पुरुष के मन मे वैसे तो अलग-अलग विचार आते हैं। लेकिन एक विचार ऐसा है जो दोनों के मन से एक जैसा उत्पन्न होता है वह है उत्तेजना को शांत करने का भाव।
कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra facts) के मुताबिक जब स्त्री और पुरुष सेक्स करते हैं। तो उनका मन उत्तेजना से भर जाता है। उनके मन मे बार-बार यही विचार आता है कि वह क्या करें कि उनकी सेक्स(Sex) की इच्छा शांत हो सके। व्यक्ति सेक्स(Sex thoughts) करते समय उचित अनुचित कुछ नहीं सोचता। क्योंकि उस दौरान उसका मन सिर्फ अपनी इच्छा को शांत करने के लिए दौड़ता है।सेक्स शास्त्र(Sex Shastra) में लिखा है जिस प्रकार घोड़ा भागते वक्त यह नहीं देखता कि उसके मार्ग में कितने गड्ढे हैं कितना पानी है। उसी प्रकार सेक्स(sex) के दौरान व्यक्ति यह नहीं सोचता वह जो कर रहा है उसका परिणाम क्या होगा। क्योंकि उस वक्त उसका उद्देश्य अपनी सेक्स की इच्छा को शांत कर परम सुख(Sex) प्राप्त करना होता है।कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra Granth) में यह भी कहा गया है कि जब आप अपनी सेक्स की इच्छा को शांत करने का प्रयास कर रहे हों। तो आपको अपने सहभागी की इच्छा को जानने की आवश्यकता होती है। क्योंकि स्त्री को प्रत्येक स्थिति में सेक्स करना नहीं पसन्द होता है। आप सेक्स की उसी स्थिति में उसके साथ सम्बंध बनाए जिसमे आपके साथ उसे भी मजा आ रहा हो। -
इन लोगों से नीच कोई नही है
Lifestyle- आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने लोगों के स्वभाव का विधि वत वर्णन चाणक्य नीति(Chanakya niti) में किया है। अगर कोई व्यक्ति आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) के बताए मार्ग पर चलता है तो उसके जीवन के सभी दुख नष्ट हो जाते हैं। व्यक्ति अपने जीवन मे सुख को प्राप्त करता है पर व्यक्ति का जीवन सकारात्मक(positive) मार्ग पर आगे बढ़ता है।
वहीं आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने नीच व्यक्ति के बारे में बड़ा खुलासा किया है। आचार्य चाणक्य (According to Acharya Chanakya)के मुताबिक व्यक्ति अपने कर्म के आधार पर नीच होता है। वहीं तत्वों का ज्ञान रखने वाले लोगों का मानना है कि इस सम्पूर्ण संसार मे सबसे नीच व्यक्ति वही है जो मांस का सेवन करता है।आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति मांस खाता है तो उसकी प्रजाति राक्षस की है। वह व्यक्ति चांडाल से भी बुरा है। उसका स्वभाव असुरिय है। मांस खाने वाले लोग कभी किसी के हितैषी नहीं होते। इनके शरीर से नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है। -
कुंवारी लड़की के साथ सेक्स के समय करें यह काम….आएगा
लाइफस्टाइल- सेक्स लाइफ(Sex Life) का एक ऐसा अनुभव है जो हमारे रिश्ते को मजबूत करता है और दो लोगों के मध्य भावनात्मक जुड़ाव उत्पन्न करता है। सेक्स करने से व्यक्ति को मानसिक तनाव से निजात मिलता है और चेहरे पर ग्लो आता है।
वहीं आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि अगर कोई पुरूष कुंवारी लड़की के साथ सेक्स करता है तो उसे क्या करना चाहिए। क्योंकि कुंवारी लड़की को सेक्स का अनुभव नहीं होता है और अगर उसके साथ कामसूत्र ग्रंथ के मुताबिक सेक्स किया जाता है तो लड़की को बेहद अच्छा लगता है और वह सेक्स को एन्जॉय करता है।कामसूत्र ग्रंथ(Kamasutra facts) के मुताबिक जब कोई पुरुष किसी कुंवारी लड़की के साथ सेक्स करता है तो उसे सींधे सेक्स नहीं करना चाहिए। पहले पुरुष को लड़की की बॉडी पर अपना हाथ फेरना चाहिए। धीरे- धीरे उसके साथ आलिंगन करना चाहिए। फिर उसका मुख अपनी और घुमाकर उसके हाथों पर चुम्बन करना चाहिए।अगर आप स्त्री को बार-बार चुम्बन करते हैं। तो वह उत्तेजित होती है और फिर आपको उसको सेक्स के लिए ऑफर करना चाहिए। जब वह सेक्स के लिए खूब आकर्षित हो जाए तो स्त्री के साथ धीरे-धीरे सेक्स करना चाहिए। जब आप सेक्स करें तो आप ज्यादा फोर्स न करें क्योंकि पहली बार सेक्स के समय लड़की उतना कम्फर्ट नहीं होती है कि वह दर्द सहन कर सके। -
सेक्स के बाद जरूर करना चाहिए यह काम नहीं तो आप होंगे…
लाइफस्टाइल- आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) जीवन के मार्गदर्शक हैं। उन्होंने जीवन के प्रत्येक तमगे पर अपना मत रखा है। उनके बताए मार्ग पर चलकर व्यक्ति आसानी से अपने लक्ष्य को हासिल कर लेता है। वहीं संभोग को लेकर आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का कहना है कि अगर कोई पुरूष किसी स्त्री के साथ संभोग(Sex) करता है। तो उसके मन मे महज अपनी इंद्रियों को शांत करने की अभिलाषा होती है। अगर कोई व्यक्ति सेक्स के बाद स्नान नहीं करता है तो वह चंडाल रहता है।
आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का मत है कि व्यक्ति को संभोग के बाद स्नान अवश्य करना चाहिए। क्योंकि स्नान करने से आपका मन शुद्ध होता है और आप बेहतर महसूस करते हैं। अगर कोई व्यक्ति सेक्स के बाद स्नान नहीं करता है तो उसका स्वभाव चांडाल का होता है।आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने कहा है कि अगर कोई व्यक्ति शरीर पर मालिश करवाता है। शमशान घाट जाता है। दाढी बनाता है, बाल कटवाता है और संभोग करता है। तो उस व्यक्ति को संयम से रहना चाहिए और स्नान करना चाहिए। क्योंकि यह सभी चीजें आपको चांडाल स्वरूप बनाती हैं। -
ये नहीं है प्रेम का वास्तविक रूप
लाइफस्टाइल- प्रेम (love’)इस संसार का सबसे सुंदर अनुभव है। प्रेम के बिना व्यक्ति का जीवन अधूरा है। जो व्यक्ति प्रेम को नहीं समझता वह इस संसार मे कभी भी सुखी नहीं रहता है। अगर कोई व्यक्ति प्रेम(Love) में छल करता है तो ईश्वर उस व्यक्ति के जीवन को दुखों की खाई में धकेल देता है।आज के समय में लोग जहां प्रेम के वास्तविक मूल को समझ नहीं पा रहे हैं। वहीं आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya about love,) ने प्रेम के वास्तविक स्वरूप का वर्णन चाणक्य नीति में किया है। आचार्य चाणक्य का मानना था कि वास्तविक प्रेम वही है जो निस्वार्थ है। जिसमे समर्पण का भाव होता है और जो सत्य को सबसे पहले देखता है।आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने कहा कि प्रेम सत्य है। जिसके बिना जीवन का कोई औचित्य नहीं। प्रेम वह भाव है जो दूसरों को दिया जाता है। अगर आप स्वयं से प्रेम करते हैं, स्वयं के लिए जीते हैं। आपका समर्पण सिर्फ आपके लिए है। तो यह प्रेम वास्तव में प्रेम नहीं स्वार्थ है।चाणक्य (According to Acharya Chanakya)कहते हैं कि अगर कोई भोजन पहले ब्राह्मण को देता है और बाद में स्वयं भोजन करता है तो वह भोजन सर्वश्रेष्ठ होता है। प्रेम सत्य का स्वरूप है। अगर कोई स्वयं से प्रेम करता है तो वह वास्तविक प्रेम नहीं। क्योंकि प्रेम दूसरों को दिया जाता है। बुद्धि वही है जो आपको नकारात्मक मार्ग पर जाने से रोके। वहीं दान सफल वही है जो किसी को बिना बताए दिया जाए। -
ऐसे लोगों से नहीं करना चाहिए…विवाह
आध्यत्मिक– आचार्य चाणक्य (Acharya Chanakya)व्यक्ति के जीवन के सर्वश्रेष्ठ मार्गदर्शक हैं। जो व्यक्ति उनके बताए हुए मार्ग पर चलता है उसका जीवन सुखमय व्यतीत होता है। वहीं आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya say about women marriage) ने स्त्री और पुरूष के विवाह के परिपेक्ष्य में कई बड़े रहस्य खोले हैं।
आचार्य चाणक्य(According to Acharya Chanakya) का मानना है कि जब आप किसी स्त्री या पुरूष से विवाह करें तो आपको बराबरी का ध्यान अवश्य रखना चाहिए। क्योंकि अगर आप अपने से बड़े व्यक्ति से विवाह करते हैं तो कई बार आपको आर्थिक समस्याओं से जूझना पड़ता है।आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) का मानना है कि अगर आप हीन परिवार में जन्में हैं तो आपको कभी भी आर्थिक रूप से बहुत मजबूत व्यक्ति के घर मे शादी नहीं करनी चाहिए। क्योंकि ऐसा विवाह कई बार जीवन मे विपदा का कारण बनता है।आचार्य चाणक्य(Acharya Chanakya) ने यह तर्क भी दिया है कि अगर विवाह कर रहे हैं। तो आपके विचारों का मिलना आवश्यक है। अगर आपके विचार नहीं मिलते हैं और आप बराबरी में भी शादी कर रहे हैं तो आपकी शादी नरक बन जाती है। -
Self confidence लोगों में होते हैं यह गुण, आप भी अपनाएं
लाइफस्टाइल- कई बार हम समाज मे बाहर निकलते हैं तो हमको कुछ ऐसे लोग मिल जाते हैं। जिनके पास लोगों की भीड़ लगी होती है। वह लोग जिससे बात कर लें वो उनका हो जाता है। अगर कोई उनके संपर्क में आया तो उन्हें वह कभी नहीं भूल सकता।
यह लोग किसी की भी अटेंशन आसानी से प्राप्त कर लेते हैं। लोगों का सहारा बनते हैं। लोगों को मोटिवेट करते हैं। लेकिन इन लोगों को देखकर हर कोई चकित रहता है कि आखिर यह लोग हैं कौन हैं? यह लोग ऐसा कैसे कर लेते हैं कि हर कोई इनकी और आकर्षित हो जाता है। क्या खास है इन लोगों में जो अन्य में नहीं।असल मे यह लोग मजबूत आत्मविश्वास वाले लोग होते हैं। जो परिस्थितियों के अनुकूल स्वयं को ढलान जानते हैं। इन लोगों का विश्वास होता है निस्वार्थ लोगों की सहायता करता और उनके दुखों में उनका सुख बनाना- ऐसा नहीं है कि इन लोगों का जीवन बेहद सरल होता है लेकिन यह लोग अपनी मजबूत आत्म शक्ति से स्वयं को मजबूत रखते हैं। इन लोगों के कुछ विशेष गुण होते हैं। जिनको अगर कोई व्यक्ति अपना लेता है तो वह इनके जैसी मजबूत पर्सनालिटी का बन जाता है।जानें strong पर्सनालिटी के गुण-लोगों को पहचाने का गुण-मजबूत व्यक्तित्व वाले लोग लोगों को पढ़ने का हुनर जानते हैं। यह लोग सभी की परिस्थितियों के अनुकूल उससे बात करते हैं। लोगों के छल से सतर्क रहते हैं। लोगों का मार्गदर्शन करने का प्रयास करते हैं और उनका सहारा बनाते हैं। यह लोगों की बातों से लोगों के स्वभाव को पहचान जाते हैं। यह लोग अपने अलावा किसी पर विश्वास नहीं करते। यह सिर्फ लोगों का साथ देते हैं।स्वयं से संवाद-मजबूत व्यक्तित्व वाले लोग अक्सर अपने आप से बात करते हैं। यह किस परिस्थिति में हैं यह कोई नहीं समझ सकता। यह लोग किसी के सामने अपना दुख व्यक्त नहीं करते। जब यह किसी से मिलते हैं तो खुशमिजाज स्वभाव के साथ मिलते हैं। वहीं अपनी प्रत्येक परिस्थिति को अपने आप से संवाद करने सुलझाते हैं।आत्मविश्वास से लबरेज-मजबूत व्यक्तित्व वाले लोग आत्मविश्वास से भरे होते हैं। यह लोग हर परिस्थिति को आराम से झेल लेते हैं। इन्हें इस बात से कभी फर्क नहीं पड़ता लोग इनको लेकर क्या सोचते हैं। यह अपनी मस्ती में मस्त रहते हैं। यह अपने आप को भली भांति जानते हैं। यह अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए सदैव पप्रयास करते हैं और हारने के बाद भी मजबूती से संघर्ष करते हैं।सीखने की चाहता-मजबूत व्यक्तित्व के लोग सीखने की चाहत रखते हैं। इन्हें नई चीजों से भय नहीं लगता। यह खुद को अपडेट करते रहते हैं और नवीन ज्ञान से लोगों का मार्गदर्शन करते हैं।