Category: health-lifestyle

  • क्या आपको पता है दूध पीने का सही तरीका

    डेस्क। आपका कमजोर शरीर इंसान को निराश कर देता है। ऐसा शरीर न सिर्फ कमजोर होता है बल्कि कई बार आपको हंसी का पात्र भी बना देता है। स्वस्थ और तंदरूस्त रहने के लिए सही वेट का होना बेहद जरूरी है। और अगर आप वेट बढ़ाना चाहते हैं तो दूध पीना आपके लिए बहुत लाभदायक होता है।

    मगर दूध पीने का सही तरीका पता होना चाहिए। कुछ ऐसे खाद्य पदार्थ हैं जिनको दूध में मिलाकर सेवन करने से वेट तेजी से बढ़ता है। आइए जानते हैं हीरे जैसी फैलादी शरीर पाने के लिए क्या खाना चाहिए।

    केले को दूध में मिलाकर खाना बहुत लाभदायक होता है। ऐसे में दूध पीने से वेट तेजी से बढ़ता है। केले में बहुत ज्यादा मात्रा में कार्बोहाइड्रेट मौजूद होता है।

    दूध में खजूर मिलाकर पीने से बॉडी में शक्ति बढ़ती है। इससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है। खजूर कैल्शियम, विटामिन सी और कई अहम पोषक तत्वों से भरपूर होता है

    आपको बता दें कि अंजीर पोषक तत्वों से भरपूर होता है। अंजीर में कैल्शियम, मैग्नीशियम, पोटैशियम और विटामिन पाए जाते हैं। दूध के साथ अंजीर का सेवन करने से वजन बढ़ता है। ऐसे में दूध पीने से कई प्रकार रोगों का खतरा दूर रहता है।

  • क्या आपकी बॉडी देती है ये संकेत, कहीं आप डायबिटीज के शिकार तो नहीं

    डेस्क। Diabetes: मधुमेह ब्लड में शुगर की मात्रा बढ़ने से संबंधित एक गंभीर रोग है। वहीं इसे साइलेंट किलर भी कहा जाता है क्योंकि डायबिटीज (fasting sugar level) धीरे-धीरे लगभग सभी महत्वपूर्ण अंगों को नष्ट या क्षतिग्रस्त करने का काम भी करती है।
    वहीं इसमें मुख्य रूप से हृदय, मस्तिष्क, किडनी, लीवर, आंखें शामिल होती हैं। इसके साथ ही मधुमेह शरीर की हर क्रिया को प्रभावित भी करता है।

    साथ ही स्वास्थ्य विशेषज्ञों के मुताबिक मधुमेह के चेतावनी संकेतों को पहचान कर मधुमेह के खतरे (Dangerous blood sugar levels) को जल्दी से रोका भी जा सकता है। पर कई बार ये लक्षण इतने सूक्ष्म होते हैं कि इनका पता लगाना भी काफी मुश्किल हो जाता है। वहीं हम में से बहुत से लोग ये भी नहीं जानते हैं कि मधुमेह होने पर हमारा शरीर सुबह में कई संकेत भी भेजता है वहीं जो ब्लड शुगर लेवल में वृद्धि से संबंधित भी होते हैं। तो आइए जानते हैं, डायबिटीज के ये लक्षण क्या होते हैं-

    मुंह का सूखना

    डायबिटीज में मुंह सूखना मधुमेह का सबसे आम सुबह का लक्षण बताया जाता है। वहीं अगर आप सुबह उठने के बाद अक्सर सूखे हुए मुंह या अत्यधिक प्यास का अनुभव करते हैं तो इसका कारण हाई ब्लड शुगर लेवल भी (blood sugar ranges) हो सकता है। 
    साथ ही ऐसे में तुरंत डॉक्टर से जांच करवाना बेहद जरूरी है। और अगर आपको यह बात महसूस हो तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें और समय रहते डॉक्टर से सलाह लें और कुछ भी गलत होने पर तुरंत इलाज शुरू करने में भी संकोच न करें।

    जी मिचलाना

    रोज सुबह जी मिचलाना डायबिटीज (Diabetic Patient) का लक्षण भी हो सकता है। भीं इसके बारे में एक और पेचीदा बात यह है कि ज्यादातर समय मतली आमतौर पर कमजोरी का कारण भी होती है। लेकिन अगर आप रोज सुबह उठते ही मिचली महसूस करते हैं तो यह मधुमेह का संकेत होने की अधिक संभावना को दर्शाता है। वहीं अगर यह समस्या बनी रहती है तो आपको तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए और इलाज भी कराना चाहिए।

    धुंधला दिखाई देना

    मधुमेह का आंखों पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ता है। वहीं ऐसे में अगर आपको सुबह साफ देखने में परेशानी हो रही है तो यह हाई ब्लड शुगर (Blood sugar test) का संकेत बताया जाता है। डॉक्टरों का कहना है कि मधुमेह के कारण लेंस बड़ा हो सकता है, जिससे दृष्टि धुंधली भी हो सकती है। ऐसे में इन लक्षणों के दिखते ही अपनी ब्लड शुगर की जांच करवाना आपके लिए फायदेमंद हो सकता है। 

    पैरों में सुन्नता का अनुभव

    हाई ब्लड शुगर लेवल तंत्रिका तंत्र को भी प्रभावित करता है। ऐसे में शरीर के कुछ हिस्सों में सुन्नपन भी आ सकता है। डायबिटिक न्यूरोपैथी पैरों और टांगों की नसों को सबसे ज्यादा प्रभावित कर देती है। यह झुनझुनी और दर्द से लेकर हाथ और पैरों में सुन्नता तक के लक्षण को पैदा कर सकता है। वहीं अगर आपको यह बात महसूस हो तो इसे बिल्कुल भी इग्नोर न करें और समय रहते डॉक्टर से सलाह भी लें और कुछ भी गलत होने पर तुरंत इसका इलाज शुरू करने में संकोच भी न करें।

  • रात में न करें ये काम आपको आ सकता है हार्ट अटैक

    डेस्क। Healthy Heart: नींद सेहत के लिए बहुत जरूरी होती है। साथ ही रात की अच्छी नींद आपको पूरे दिन ध्यान लगाने, तरोताजा और तनाव मुक्त रखने में भी मदद करती है। वहीं इसके साथ ही यह मजबूत इम्यून सिस्टम, हृदय रोग, वजन घटाने में भी आपकी मदद करता है।
    साथ ही अक्सर आपको नींद आने में परेशानी भी हो सकती है या जागने पर थकान भी महसूस हो सकती है। और इसके पीछे कई कारण हैं। वहीं ऐसा कई आदतों की वजह से भी होता है जो आपको बेकार भी लग सकती हैं।
    साथ ही लंबे समय तक इन आदतों के प्रभाव में रहने से नींद की कमी से होने वाली बीमारियों (Sleep Loss Can Increase Heart Disease) जैसे हार्ट अटैक, हार्ट स्ट्रोक, मोटापा होने का खतरा भीं काफी बढ़ जाता है। साथ ही ऐसी स्थिति में इससे बचने के लिए रात 10 बजे के बाद या सोने से पहले कभी भी इन कार्यों को न करें। क्‍योंकि ऐसा करना आपके स्‍वास्‍थ्‍य के लिए बहुत बड़ा जोखिम भी पैदा कर सकता है और विभिन्‍न बीमारियों और समस्‍याओं को न्यौता भी दे सकता है।
    फोन का प्रयोग कभी न करें
    स्लीप फ़ाउंडेशन के अनुसार सोने से पहले अपने फ़ोन का उपयोग करने से आपकी नींद की गुणवत्ता प्रभावित भी हो सकती है। साथ ही शरीर में प्राकृतिक रूप से सोने और जागने का चक्र भीं होता है। जिसके अनुसार शरीर सुबह कोर्टिसोल हार्मोन का उत्पादन भी करता है जो हमें जगाता है और जैसे ही सूर्य अस्त होता है, हार्मोन मेलाटोनिन का उत्पादन होता है, जो शरीर को सोने का संकेत दे देता है। और ऐसे में अगर आप सोने से पहले अपने फोन का इस्तेमाल करते हैं, तो इलेक्ट्रॉनिक्स में पाए जाने वाले फ्लोरोसेंट और एलईडी लाइट्स से निकलने वाली नीली रोशनी इस प्रक्रिया में बाधा भी डालती है।
    व्यायाम न करें
    स्वस्थ रहने के लिए व्यायाम बहुत ही जरूरी है। लेकिन अगर आप इसे करने के लिए समय में चूक जाते हैं, तो इसका आपके स्वास्थ्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। वहीं ऐसे में देर रात ज्यादा एक्सरसाइज करने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बनने भी लगते हैं। साथ ही आपका ब्लड सर्कुलेशन भी बढ़ जाता है जिससे नींद में खलल पड़ता है। और इतना ही नहीं, अगले दिन आप अधिक थकान भी महसूस कर सकते हैं।
    अधिक देर तक ये काम न करें
    आवश्यकता से अधिक घंटे या क्षमता से अधिक काम करना आपके स्वास्थ्य के लिए काफी हानिकारक हो सकता है। और एक नए अध्ययन में यह भी पाया गया कि सप्ताह में 55 घंटे से अधिक काम करने से हृदय रोग, हार्ट अटैक और मृत्यु का खतरा भी बढ़ जाता है। वहीं ऐसे में रात के खाने के बाद ऑफिस का काम न करें और आराम के लिए खास समय भी दें।
    चाय और कॉफी का सेवन न करें 
    चाय और कॉफी में कैफीन मौजूद होता है जो दिमाग को लंबे समय तक सक्रिय भी रखता है। साथ ही ऐसे में सोने से पहले कैफीनयुक्त खाद्य पदार्थों का सेवन भी आपको रात भर जगाए रख सकता है। साथ ही एक अध्ययन से यह भी पता चला है कि कैफीन आपके शरीर के प्राकृतिक नींद चक्र को भी बाधित करता है और जिससे अपर्याप्त नींद भी हो सकती है। 
    वहीं अगर आपको भी सोने से पहले चाय-कॉफी पीने की आदत है तो अब इस आदत को छोड़ दें। क्योंकि इस आदत से कई लोग प्रभावित हो चुके हैं। और अगर आप अपने शरीर को स्वस्थ रखना चाहते हैं तो इस आदत को भी छोड़ दें।

  • क्या गर्म पानी से नहाने से आपको होगी इनफर्टिलिटी

    Health Tips: इन दिनों देश के अलग अलग हिस्सों में कड़क ठंड पड़ रही है। वहीं ऐसे में इस मौसम में गर्म पानी से नहाना आखिर किसे पंसद नहीं होगा साथ ही गर्म पानी से नहाने से शरीर की सारी थकान भी दूर हो जाती है।
    पर क्या आपको पता है, अधिक गर्म पानी से नहाने से शरीर को कई तरह की कठिनाइयों का सामना भी करना पड़ता है। वहीं इससे स्किन पर जल्द ही झुर्रियां भी आ जाती हैं। और इतना ही नहीं इससे कई अन्य नुकसान भी हो सकते है। वहीं रिसर्च में यह भी बात सामने आई है कि अगर नहाने वाले पानी का तापमान 32 डिग्री सेल्सियस से ज्यादा है तो इससे स्किन और बालों को काफी नुकसान भी होता है।
    साथ ही गर्म पानी से नहाने के नुकसान एक्सपर्ट के अनुसार गर्म पानी से किरेटिन कोशिकाएं डैमेज भी हो सकती हैं। वहीं अधिक गर्म पानी से नहाने से स्किन से मॉइस्‍चराइजर खत्म हो जाता है। वहीं जिससे आपकी त्वचा की चमक भी कम हो सकती है। और इससे समय से पहले झुर्रियां भी आ सकती हैं।
    आंखें कमजोर होना
    बता दें गर्म पानी से नहाने से आंखों पर भी काफी असर पड़ता है। वहीं इससे आंखों की नमी भी कम हो सकती है। साथ ही इसकी वजह से आंखों में रेडनेस, खुजली और बार-बार पानी आने की परेशानी भी आपको हो सकती है। साथ ही आखों के आसपास की स्किन झुर्रीदार भी हो सकती है।
    अच्छा होगा कि गर्म या ठंडे पानी की बजाय आप नॉर्मल पानी से नहाए। साथ ही प्रजनन क्षमता पर पड़ता है प्रभाव और कुछ लोग गर्म पानी में नहाते हुए बहुत देर तक बाथरूम में भी रहते हैं। साथ ही ज्यादा देर तक ज्यादा गर्म पानी में रहने से प्रजन्न क्षमता भी प्रभावित हो जाती है। वहीं डॉक्टरों के मुताबिक, 30 मिनट से ज्यादा देर तक हॉट वाटर बाथ लेने से इंसान की फर्टिलिटी संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं।
    वहीं इससे नुकसान गर्म पानी का बालों पर बुरा असर भी पड़ता है। साथ ही इससे बालों का मॉइश्चर कम हो जाता है। और जिससे बाल रफ और ड्राय भी हो सकते हैं। और तेज गर्म पानी से बाल धोने से स्कैल्प ड्राय भी हो जाती है।

  • कैसे पूरी करें विटामिन डी की कमी

    डेस्क। विटामिन डी हमारे शरीर में हड्डियों और मांसपेशियों को काफी मजबूत बनाने का काम करता है। साथ ही शरीर में विटामिन डी की कमी भी इम्यून सिस्टम को प्रभावित करती है। साथ ही डी ग्रुप के विटामिन की कमी से शरीर में ऊर्जा की कमी, थकान और हड्डियों में दर्द भी होता है।
    विटामिन का सबसे प्राकृतिक स्रोत सूरज की रोशनी है। साथ ही विटामिन डी की कमी को आहार और सप्लीमेंट के जरिए भी पूरा किया जा सकता है। 
    वहीं सूर्य की किरणें विटामिन-डी का सबसे बड़ा स्रोत हैं, इसलिए इसे सनशाइन विटामिन भी बोला जाता है। साथ ही विटामिन-डी हमारी हड्डियों, दांतों और मांसपेशियों के स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी पोषक तत्व है। वहीं इसके साथ ही यह शरीर में कैल्शियम और फॉस्फेट के स्तर को भी मैनेज करता है, जो हमारी हड्डियों को मजबूत भी बनाता है। साथ ही विटामिन-डी का स्तर कम होने से हड्डियां कमजोर होने लगती हैं वहीं जिससे ऑस्टियोपोरोसिस और फ्रैक्चर का खतरा भी बढ़ जाता है।
    जिसे विटामिन डी की कमी है
    राष्ट्रीय स्वास्थ्य संस्थान के अनुसार, अकेले प्राकृतिक (गैर-फोर्टिफाइड) खाद्य स्रोतों से पर्याप्त विटामिन डी प्राप्त करना कठिन भी है। साथ ही कई लोगों के लिए, शरीर में विटामिन डी की स्थिति को बनाए रखने के लिए विटामिन डी-फोर्टिफाइड खाद्य पदार्थों का सेवन और धूप के संपर्क में आना भी आवश्यक है। हालांकि, कुछ लोगों को अपनी विटामिन डी की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए सप्लीमेंट्स लेने की आवश्यकता भी हो सकती है।

  • आंवला कैंडी आपकों देगी इन समस्याओं से निजाद, आज ही बनाए

    डेस्क। विटामिन सी से भरपूर आंवले को सुपर फ्रूट भी कहा जाता है। आयुर्वेद में इसकी बहुत ज़्यादा डिमांड रहती है। यह फल आंखों की रोशनी के साथ ही साथ रोग प्रतिरोधक क्षमताओं को भी काफी बढ़ाता है। एंटीऑक्सीडेंट की मौजूदगी की वजह से आंवला हमारी स्किन के लिए भी काफी गुणकारी होता है।
    खाने-पीने की समस्या जैसे अपच या खट्टे डकारों के आने के दौरान यदि हम आंवले का सेवन करें तो इससे आराम से निजात भी मिल जाता है। वहीं साथ ही इससे आपको बढ़ते वजन को भी कंट्रोल करने में मदद मिलेंगी। और इसलिए आज हम आपके लिए आंवले कैंडी बनाने की रेसिपी लेकर आए हैं। बता दें आंवला कैंडी स्वाद में बहुत चटपटी भी लगती है। इसको आप खाने के बाद खाते हैं तो आपका खाना आसानी से पच भी जाएगा। तो चलिए आपको बाते हैं इसकी रेसिपी
    आंवले कैंडी बनाने के लिए ज़रूरी सामग्री
    जीरा 1.5 चम्मच
    पिसी चीनी 1.5 चम्मच
    आंवला 2 किलो
    चीनी 1.5 किलो
    चाट मसाला 1.5 चम्मच
    जानिए आंवले कैंडी बनाने की विधि-
    आंवले कैंडी बनाने के लिए आंवले को धोकर साफ कर लें। अब इसको कुकर में डालकर 1 सीटी लगाएं और गैस बंद कर दें। जब ये ठंडे हो जाएं तो आप इनको छील लीजिए।अब आंवलों को कैंडी के आकार में काटकर रख लें।
    इसके बाद आंवला के कटे हुए टुकड़ों को एक प्लेट में फैलाकर रख दें। अब इनके ऊपर चीनी छिड़कें और सूखे कपड़े से ढक दें और अब इनको कम से कम एक दो दिन तक कपड़े से ही ढक्कर रखें। फिर छन्नी की मदद से आंवले का रस छानकर अलग कर दें और आंवला कैंडी को करीब दो दिन तक सूखने के लिए रख दें। अब आपकी चटपटी आंवला कैंडी बनकर एकदम तैयार हो चुकी है। आप आंवला कैंडी को कई दिनों तक स्टोर करके आराम से खा सकते हैं।

  • युवाओं को पोर्न देखने नहीं लगता गलत- सर्वे में हुआ खुलासा

    देश– आज जब लोग तकनीकी से जुड़ गए हैं। तो कई लोग इसका सदुपयोग करते हैं तो कई लोग तकनीकी के माध्यम से गलत राह पर चलते हैं। वहीं अब पोर्न फ़िल्म के परिपेक्ष्य में एक बड़ा खुलासा हुआ है। जिंसमे बताया गया है कि ज्यादातर युवाओं को लगता है कि पोर्न फिल्म देखना गलत नहीं है।
    NGO कॉमन सेंस मीडिया की सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 50 फीसदी बच्चे महज 13 वर्ष की उम्र से ही पोर्न फिल्म देखना आरम्भ कर देते हैं। यह लोग अकेले ऐसी फिल्म देखते हैं। वहीं 43 फीसदी लोग ऐसे हैं जो अपने दोस्तों के साथ पोर्न फिल्म देखने में दिलचस्पी रखते हैं।
    यह सर्वे 1,350 बच्चों पर किया गया है। वहीं इस सर्वे में यह भी खुलासा हुआ है कि 38 फीसदी पोर्न फिल्मों की पहुंच सोशल मीडिया से बड़ी है। इसके अलावा लोग पोर्न वेबसाइट और सब्सक्रिप्शन प्लान के माध्यम से भी पोर्न फ़िल्म देखते हैं।
    सर्वे में 50 फीसदी लोगों को पोर्न फिल्म देखने में शर्मिंदगी महसूस हुई और 67 फीसदी लोग ऐसे हैं जिन्होंने पोर्न फ़िल्म को सही बताया है और कहा है कि इसमें कोई बुराई नहीं है। जो लोग पोर्न फ़िल्म देखते हैं उनका कहना है कि वह सेक्स समझने और इसपर युवाओं के साथ चर्चा करने के उद्देश्य से पोर्न फिल्म देखते हैं।

  • ऐसे ऐलोवेरा लगाने से आपको मिलेंगी चमचमाती त्वचा

    डेस्क। आज के समय में खराब लाइफस्टाइल, धूल मिट्टी और अनियमित खान के कारण सेहत के साथ-साथ स्किन पर भी काफी बुरा असर पड़ता है। और हमारे चेहरे की रौनक गायब होने के साथ-साथ स्किन संबंधी कई समस्याओं का भी सामना आपको करना पड़ता है।
    जिससे आप निजात पाने के लिए महंगे से मंहगे प्रोडक्ट का इस्तेमाल भी करते हैं जिससे आपको नैचुरल निखार तो नहीं मिलता लेकिन आपकी स्किन और बेकार भी हो जाती हैं। वही ऐसे में आप चाहे तो गुलाब जल और एलोवेरा (Aloe Vera) का इस्तेमाल भी कर सकते है। साथ ही यह दोनों आपकी स्किन को हेल्दी रखने के साथ हर बीमारी से कोसों दूर भी रखेंगे।
    एलोवेरा (Aloe Vera) में एंटी-बैक्टीरियल गुण मौजूद होते हैं जो स्किन संबंधी हर बीमारी से आपको कोसों दूर भी रखती हैं। वहीं गुलाब जल आपकी स्किन को हाइड्रेट करने के साथ ही मॉश्चराइज करके हेल्दी रखने में मदद भी करता है। साथ ही इसमें अलावा एंटी-एजिंग और मॉइस्चराइजिंग गुण भी पाए जाते हैं जो स्किन का रूखापन भी खत्म करते हैं।
    2 चम्मच एलोवेरा (Aloe Vera) जेल
    एक चम्मच गुलाब जल और एलोवेरा जेल दोनों को अच्छी तरह से मिक्स करके बोतल में रख लें। रात को सोने से पहले कॉटन की मदद से इसको चेहरे पर लगाकर छोड़ दें। दूसरे दिन चेहरे को धो लें और इससे आपको फ्रेश स्किन के साथ हेल्दी और ब्राइट स्किन भी मिलेगी।

  • जानें कैसे हुई थी चुम्बन की शुरुआत

    रिलेशनशिप- किस एक अनुभूति है जिसका सीधा संबंध रोमांस और स्नेह से है। साइकोलॉजी के मुताबिक जब कोई व्यक्ति आपको किस करता है तो आप उस व्यक्ति से भावनात्मक रूप से जुड़ते हैं और आपका रिश्ता मजबूत होता है।
    वहीं अब एक सवाल यह भी है कि आखिर किस की शुरुआत कैसे हुई। वहीं सबसे पहले kiss किस व्यक्ति ने की। एक थ्योरी के मुताबिक चुम्बन एक एक्सीडेंट की देन है। रिसर्चर का कहना है कि लोगों ने एक दूसरे को महसूस करते हुए अचानक से एक दूसरे के होठों को चूम लिया होगा और यहीं से चुम्बन की शुरुआत हुई।
    वहीं यदि हम इतिहास की बात करें तो चुम्बन शिष्टाचार को व्यक्त करने के लिए उपयोग किया जाता है। कहते हैं लोग एक दूसरे को सम्मान देने के लिए चुंबन का उपयोग करते थे और अपने बड़े छोटे का माथा चूम कर प्रेम जाहिर करते थे। क्योंकि चुम्बन ह्रदय की गति तेज करता है और रिश्ते को मजबूती प्रदान करता है।

  • सौंफ खाइये और स्वस्थ हो जाइये

    लाइफस्टाइल– हर घर की रसोई में सौंफ मिल जाती है। क्योंकि इसका उपयोग ज़्यादातर सब्जियों को बनाने में किया जाता है। लोग कहते हैं कि इसके इस्तेमाल से सब्जियों में स्वाद बढ़ जाता है। 
    वहीं डॉक्टर का कहना है कि सौंफ का इस्तेमाल स्वास्थ्य के लिए काफी फायदेमंद होता है। इससे हमारी स्किन ग्लो करती है और हमारे शरीर मे रक्त प्रवाह भी बेहतर होता है।
    वहीं आज हम आपको सौंफ खाने के फ़ायदे के विषय मे बताने जा रहे हैं। 

    खाली पेट सौंफ का सेवन-

    अगर आप मोटे दाने की सौंफ को रात में भिगोकर रखते हैं और सुबह खाली पेट उसे खाते हैं। तो आपका वजन कम होता है और आप फिट रहते हैं। इसके साथ ही खाली पेट सौंफ खाने से एसीडिटी की समस्या से नहीं जूझना पड़ता है।

    खाने के बाद सौंफ-

    अगर आप रोजाना खाने के बाद सौंफ का सेवन करते हैं। तो आपके मुह से बदबू नहीं आती है और आपका भोजन अच्छे से पच जाता है। वहीं इसके सेवन से हार्ट अटैक की समस्या भी कम हो जाती है।

    स्वास्थ्य के लाभ-

    विशेषज्ञ का कहना है कि अगर आप रोजाना सौंफ का सेवन करते हैं तो आप एक्टिव रहते हैं और आपको कई विशेष समस्याओं से निजात मिलता है। वहीं सौंफ के लाभकारी तत्व आपको कैंसर, हार्ट अटैक की समस्या से निजात दिलाते हैं।