Category: health-lifestyle

  • गोभी उत्तपम बनाने की सबसे आसान रेसिपी, नाश्ते में जरुर करें ट्राई

    Gobhi uttapam Recipe: अगर आप साउथ इंडियन फूड पसन्द करते हैं और नाश्ते में कुछ हल्का और टेस्टी भी खाना पसंद करते हैं तो ट्राई करें ये झटपट बनने वाली रेसिपी गोभी उत्तपम को।
    इस रेसिपी को बनाने के लिए फूलगोभी का इस्तेमाल भी किया जाता है। वहीं जो इसके स्वाद को और भी बढ़ा देता है। ये रेसिपी न सिर्फ खाने में बेहद टेस्टी होती है बल्कि बनने में भी बेहद आसान लगती है। तो आइए बिना देर किए जान लेते हैं कैसे बनाया जाता है टेस्टी गोभी का उत्तपम।
    Gobhi Uttapam Recipe: गोभी उत्तपम बनाने के लिए सामग्री-
    -1 कप सूजी
    -2 टेबल स्पून दही
    -4-5 कढ़ी पत्ता
    -1/2 कप फूलगोभी , कद्दूकस
    -2 हरीमिर्च
    -1 टी स्पून अदरक
    -2 टेबल स्पून प्याज
    -2 टी स्पून हरा धनिया
    -स्वादानुसार नमक
    -1/2 टी स्पून काली मिर्च
    -फ्रूट सॉल्ट
    -तेल
    जानिए गोभी उत्तपम बनाने की वि​धि-
    गोभी उत्तपम बनाने के लिए सबसे पहले एक बाउल में सूजी, दही, नमक, हरी मिर्च, अदरक, कढ़ीपत्ता, प्याज, कालीमिर्च पाउडर डालकर मिक्स करके पानी की मदद से बैटर तैयार करें। अब इसके बाद बैटर को कुछ देर के एक तरफ रख दें। वहीं थोड़ी देर बाद बैटर में कददूकस की हुई गोभी डालकर डालकर मिक्स करने के बाद इसमें फ्रूट सॉल्ट मिक्स कर दीजिए। अब गैस पर एक पैन रखकर उसमें तेल लगाकर उसे चिकना करते हुए गर्म कर लें। वहीं अब बैटर को पैन पर डालकर गोलाकार में फैलाकर ढक्कन लगाकर सेक लीजिए। ऐसा ही कुछ देर बाद दूसरी तरफ से भी सेक लें और आपका टेस्टी गोभी उत्तपम बनकर तैयार है, इसे गरमागरम ही सर्व करें।

  • BF.7 से लड़ने के लिए कितना तैयार भारत

    डेस्क। भारत के पड़ोसी देश चीन में तबाही मचाने वाले कोरोना के वैरिएंट BF.7 के मामले भारत में भी सामने आए हैं । साथ ही कोविड से निपटने के लिए देश के अस्‍पतालों में मॉक ड्रिल हुई और लोगों को मास्‍क लगाने की सलाह भी दी जा रही है।
    बता दें महामारी विशेषज्ञों के मुताबिक, BF.7 वैरिएंट तेजी से फैलता है और इससे संक्रमित एक इंसान 18 लोगों को बीमार भी बना सकता है। वहीं विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में चीन जैसे हालात बनने का खतरा कम है और इसमें सबसे बड़ा रोल रहेगा इंसान की इम्‍युनिटी का होगा।
    बता दें इम्‍युनिटी दो तरह की होती है हर्ड और हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी। पहले हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी को समझते हैं तो लैसेंट जर्नल की‍ रिपोर्ट के मुताबिक, शरीर में हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी तब बनती है जब किसी शख्‍स को संक्रमण और वैक्‍सीनेशन दोनों ही हो चुका होता है। साथ ही ऐसे में उसके शरीर में एंटीबॉडी का लेवल भी बढ़ जाता है और संक्रमण का खतरा कम होता है। वहीं आसान भाषा में समझें तो संक्रमण और वैक्‍सीनेशन दोनों से मिलने वाली इम्‍युनिटी को ही हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी बोला जाता हैं।
    वहीं वैज्ञानिकों का कहना है, सुरक्षा के लेवल पर देखें तो हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी को ज्‍यादा बेहतर बताया जाता है। साथ ही जिन लोगों ने केवल वैक्‍सीन लगवा रखी है, उनके मुकाबले ये कोरोना से ज्‍यादा बेहतर तरीके से निपट भी पाते हैं। और आसान भाषा में समझे तों हाइब्र‍िड इम्‍युनिटी दोहरे कवच के तौर पर काम करती है और इसे बेहतर माना जाता है। 
    तो आईए अब समझते हैं हर्ड इम्‍युनिटी क्‍या होती है-
    विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन के मुताबिक, हर्ड इम्‍युनिटी को पॉप्‍युलेशन इम्‍युनिटी भी बोला जाता है वहीं आसान भाषा में समझें तो यह एक सामूहिक प्रतिरोधक क्षमता होती है। साथ ही एक तय आबादी को संक्रमित होने या उनके वैक्‍सीनेशन के बाद उनमें वारयस के खिलाफ जो प्रतिरोधक क्षमता विकसित होती है, उसे ही हर्ड इम्‍युनिटी भी कहते हैं। साथ ही इससे आबादी में दोबारा संक्रमण फैलने का खतरा भी घटता है और WHO का मानना है कि वैक्‍सीनेशन हर्ड इम्‍युनिटी विकसित करने का सबसे बेहतर तरीका रहा है।  

  • शराब बन सकती है आपके पिता बनने में बाधा

    डेस्क। शराब और सिगरेट पीना स्वास्थ्य के लिए बहुत ही हानिकारक है वहीं इस बात को तो हम सभी जानते हैं, लेकिन इसके बाद भी लोग इन चीजों का सेवन करने से बाज नहीं आते और हाल ही में हुए एक रिसर्च में यह बात निकलकर सामने आई है कि आप कितनी मात्रा में और कब शराब पीते हैं इसका असर आपके फर्टिलिटी रेट पर सीधे तौर पर पड़ता है।
    यहां तक कि अगर आप तय मात्रा से ज्यादा शराब पीते हैं और फैमिली प्लानिंग के कुछ महीनों पहले तक शराब पीते हैं तो आप कभी बाप भी नहीं बन पाएंगे तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इसी से जुड़ी कुछ गंभीर जानकारियां भी देंगे।
    यूरोपियन जनरल आफ प्रीवेंटिव कार्डियोलॉजी में प्रकाशित हुईं एक रिसर्च में बताया गया है कि अगर आप फैमिली प्लानिंग से 3 महीने पहले तक शराब पीते हैं तो आपके बच्चे के अंदर कंजेनाइटल हार्ट डिजीज का खतरा 44% तक बढ़ जाता है और इस दौरान अगर आपको शराब पीने की लत है और आप एक बार जब पीने बैठते हैं तो 5 से ज्यादा पेग भी पी जाते हैं तो यह खतरा लगभग 52 फ़ीसदी तक और भी बढ़ जाता है। 
    वहीं इसके साथ ही ये आपके बाप बनने की संभावना को भी बेहद कम कर देती है और चीन के सेंट्रल साउथ यूनिवर्सिटी के जिआब किन का तो यहां तक कहना है कि शराब में मौजूद टेराटोजन इतने ज्यादा खतरनाक होते हैं कि वह महिला के अंदर पल रहे भ्रूण को भी खराब कर सकते हैं।
    फैमिली प्लानिंग से पहले क्यों नहीं शराब पीना चाहिए
    रिपोर्ट के अनुसार अगर आप फैमिली प्लानिंग कर रहे हैं तो इस बात ख्याल आपको रखना चाहिए कि फैमिली प्लानिंग से लगभग 6 महीने पहले से शराब पीना पूरी तरह से बंद कर दीजिए। वहीं इसके साथ ही सिगरेट को भी अलविदा कह दें और अगर आप शराब और सिगरेट पीना बंद नहीं करते हैं तो आपके बच्चों पर इसका खतरनाक प्रभाव देखने को मिल सकता है साथ ही उसे गंभीर तरह की बीमारियां भी हो सकती हैं। यहां तक कि अगर आपने बहुत ज्यादा शराब इन महीनों के दौरान पी है तो बच्चे की जान तक जा सकती है।

  • सुखी दाम्पत्य जीवन के लिए करें यह काम

    आध्यत्मिक- व्यक्ति अपने दाम्पत्य जीवन मे हमेशा खुश रहने का प्रयास करता है। लोगों की यही अभिलाषा होती है कि शादी के बाद हमारा जीवन खुशहाल रहे और हमारे घर मे सुख समृद्धि का वास हो। लेकिन कई बार हमारे व्यवहार को लेकर हमारा दाम्पत्य जीवन समस्याओं में आ जाता है और स्थिति यह हो जाती है कि हमारा रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता है।
    वहीं आचार्य चाणक्य ने सुखी दाम्पत्य जीवन के परिपेक्ष्य में कुछ विशेष नियम बताए हैं। आचार्य चाणक्य का कहना है कि यदि आप इन विशेष नियमों का पालन करते हैं तो आपका दाम्पत्य जीवन सुखी हो जाता है।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक यदि कोई व्यक्ति अपने पार्टनर के गुण देखकर उसके साथ रहता है तो उसे अपने जीवन मे समस्या से नहीं जूझना पड़ता है और ऐसे पार्टनर आपको समझते हैं। वहीं आपको सदैव अपने पार्टनर के संस्कार देंखने चाहिए। क्योंकि अगर आपका पार्टनर संस्कारी है तो वह आपके घर परिवार को जोड़कर रखेगा।
    आचार्य चाणक्य के मुताबिक व्यक्ति को अपने पार्टनर के साथ प्रत्येक विकट परिस्थितियों में खड़ा होना चाहिए और उसके सुख दुख का साथी बनना चाहिए। क्योंकि जब आप अपने पार्टनर का साथ देते हैं और आपका पार्टनर आपके परिवार के साथ मिलकर रहना जानता है। तो आपको अपने जीवन मे कभी समस्याओं से नहीं जूझना पड़ता और आपका दाम्पत्य जीवन सुखमय रहता है।

  • जाने आपका साथी आपसे प्रेम करता है या सिर्फ आपकी ओर है आकर्षित

    रिलेशनशिप- आज के समय मे किसी की ओर आकर्षित होना आम बात है। लेकिन किसी व्यक्ति से सच्चा प्रेम करना बेहद मुश्किल। क्योंकि प्रेम समर्पण का स्वरूप है और आकर्षण अभिलाषा का। लेकिन लोग आकर्षण और प्रेम में मध्य का अंतर नहीं जानते और अज्ञानता के कारण आकर्षण को प्रेम समझ लेते हैं।
    लेकिन वास्तव में आकर्षण प्रेम को कभी स्पर्श नहीं कर सकता है। क्योंकि दोनो में जमीन आसमान का अंतर है। आकर्षण व्यक्ति को सदैव दुख देता है और प्रेम व्यक्ति का प्रत्येक परिस्थिति में सुख बनाता है
    यदि हम आकर्षण की बात करें तो यह अभिलाषा, उम्मीद और इच्छाओं के साथ चलता है और जिसके प्रति आप आकर्षित होते हैं उससे यह कई चीजें प्राप्त करने की इच्छा रखने लगता है। वहीं यदि हम प्रेम की बात करें तो प्रेम सत्य, समर्पण और विश्वास से बनता है। प्रेम का एक मात्र भाव समर्पण होता है।
    यह आकर्षण से बिल्कुल अलग होता है। प्रेम में लोग किसी से कोई चाहता है रखते बल्कि प्रेम को अनुभव करते हुए प्रसन्न रहते हैं। जहां आकर्षण अभिलाषा से घिरा होने के कारण आपको दुख देता है वहीं प्रेम समर्पण के चलते सदैव आपको सुख देता है। प्रेम में कभी मिलन की इच्छा नहीं होती क्योंकि प्रेम अनुभव है उम्मीद नहीं और आकर्षण अभिलाषा है भाव नहीं।

  • किचन में मौजूद ये चीज शादीशुदा मर्दों के लिए वरदान

    डेस्क। आयुर्वेद में इसका प्रयोग औषधि के रूप में होता जाता है। साथ ही अदरक का काढ़ा मौसमी बीमारियों से भीं आपको निजात दिलाता है। साथ ही ज्यादातर लोग ठंड के दिनों में अदरक वाली चाय पीना खूब पसंद भी करते हैं। इसके साथ ही अदरक के गुण आपके इम्यून सिस्टम को बूस्ट भी करते हैं।
    इसके आलावा अदरक मधुमेह के रोगियों के लिए रामबाण का काम करता है। साथ ही अदरक शरीर की चर्बी को कम करके मोटापे से छुटकारा दिलाने में भी काफी मदद करता है और विशेषज्ञों का यह कहना है कि जो पुरुष यौन समस्याओं से परेशान हैं उन्हें अदरक का सेवन जरुर करना चाहिए।
    तो आइए जानते हैं अदरक के क्या-क्या होते हैं फायदे
    – पुरुषों की समस्या के इलाज के लिए लोगों को अदरक का सेवन जरुर से करना चाहिए।
    – इसकी तासीर गर्म होती है और सेक्स पावर के उत्पादन में सहायक होती है।
    – अदरक में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर में रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाने में काफी मदद करते हैं, साथ ही खराब प्रदर्शन और इरेक्टाइल डिस्फंक्शन के लिए भी फायदेमंद होते हैं।
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    – बहुत सारे लोगों को वर्कआउट थकान होती है और मांसपेशियों में दर्द भी महसूस होता है। ऐसे लोगों को अदरक का सेवन करना चाहिए बता दें यह मांसपेशियों के दर्द को कम करने का काम करता है और शरीर को आराम भी देता है।
    – शरीर की चर्बी भी कम होने लगती है।
    – पेट की समस्या को दूर करे और पाचन तंत्र को मजबूत करता है।

  • इन बीमारियों में नहीं खाना चाहिए लहसुन

    Garlic side effects: लहसुन का ज्यादा सेवन करने से स्वास्थ्य से जुड़ी कुछ समस्याएं आपको हो सकती हैं। वहीं इस लेख में जानें किन बीमारियों से ग्रस्त लोगों के लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए।
    who should not eat garlic: भारत में लहसुन का सेवन सदियों से किया जा रहा है और इसकी पहचान किसी मसाले या सब्जी के रूप में नहीं बल्कि एक जड़ी के रूप में करी जाती है। बता दें आयुर्वेद में भी सदियों से लहसुन का इस्तेमाल कई अलग-अलग प्रकार की बीमारियों का इलाज करने के लिए किया जाता है।
    लहसुन के फायदों के बारे में तो आपको भी पता होगा लेकिन क्या आपको पता भी है लहसुन का ज्यादा सेवन शरीर को काफी नुकसान भी पहुंचा सकता है। बता दें ज्यादा मात्रा में लहसुन का सेवन करने से कुछ लोगों को स्वास्थ्य से जुड़ी कई क्या समस्याएं भी हो सकती हैं। साथ ही लहसुन का सेवन करने से हर किसी को स्वास्थ्य से जुड़ी समस्याएं नहीं होती हैं, बल्कि कुछ लोग होते हैं, जिनके कारण स्थिति काफी खराब हो जाती है। वहीं इस लेख में हम आपको ऐसी ही बीमारियों के बारे में भी बताने वाले हैं, जिनसे ग्रस्त लोगों को ज्यादा मात्रा में लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए।
    एसिड रिफ्लक्स (garlic in acid reflux)
    एसिड रिफ्लक्स के मरीजों को ज्यादा मात्रा में लहसुन का सेवन भी नहीं करना चाहिए और लहसुन में मौजूद तत्व भोजन नली की अंदरूनी सतह को प्रभावित भी कर देता है, जिससे सीने में जलन जैसे लक्षण होने लग जाते हैं। वहीं डॉक्टर भी एसिड रिफ्लक्स के मरीजों को लहसुन खाने की सलाह नहीं देते हैं। 
    2. उल्टी या दस्त (garlic in nausea and vomiting)
    जिन लोगों को पेट से जुड़ी बीमारियों के कारण उल्टी या दस्त से जुड़ी समस्याएं हो रही हो, उन्हें भी लहसुन का सेवन नहीं करना चाहिए। ऐसी स्थितियों में लहसुन का ज्यादा सेवन करने से उल्टी या दस्त से जुड़ी कई समस्याएं गंभीर भी हो जाती हैं। इसके साथ ही कुछ लोगों को ऐसी स्थितियों में पेट में दर्द से जुड़ी समस्याएं भी होने लगती हैं।
    3.स्किन प्रोब्लेम्स (garlic in skin problems)
    स्किन से जुड़ी कुछ समस्याएं जैसे कॉन्टेक्ट डर्मेटाइटिस आदि समस्याओं में भी ज्यादा लहसुन खाना नुक्सान दे सकता है। और इसके अलावा त्वचा में सूजन व जलन से जुड़ी अन्य समस्याएं भी लहसुन से हो सकती हैं। वहीं ऐसा सिर्फ तब होता है जब व्यक्ति को लहसुन में मौजूद तत्वों से किसी प्रकार की एलर्जी हो गई हो।
    4. रक्त से जुड़े विकार (garlic in blood disorder)
    लहसुन में रक्त पतला करने वाले तत्व भी पाए जाते हैं और इसका ज्यादा सेवन करने से आपका खून पतला होने लगता है। वहीं जिन लोगों को पहले से ही ब्लड क्लॉटिंग से जुड़ी कोई समस्या है, तो ज्यादा मात्रा में लहसुन का सेवन आपको नहीं करना चाहिए। साथ ही जिन लोगों को ब्लड क्लॉटिंग की समस्या पहले से ही है, उन्हें ज्यादा लहसुन खाने से ब्लीडिंग और मसूड़ों से खून आना जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

  • जाने पैरेंट्स बच्चों को क्यों पिलाते हैं दूध और क्या हैं दूध के फायदे

    लाइफस्टाइल– हमने अक्सर देखा के की हमारे अविभावक बच्चों को सुबह शाम दूध पीने के लिए जरूर देते हैं। चाहें बच्चा कितना भी नाटक करे लेकिन माता पिता अपने बच्चे को दूध का ग्लास पकड़ा देते हैं और कई तरह के लुभाने वादे करके उन्हें दूध पिलाते हैं। 
    लेकिन क्या आपको यह पता है कि आखिर वह लोग ऐसा करते क्यों है। क्या दूध इतना आवश्यक है कि बच्चों को बचपन से ही उसे पीने की आदत डाली जाती है। असल में दूध में कई पौष्टिक तत्व होते हैं और यह हमारी ग्रोथ को मेंटेन करता है। यदि आप अपने बच्चे को रोजाना दूध पीने को देते हैं तो उसकी हड्डियों को मजबूती मिलती है और वह बदलते समय मे मजबूत रोग प्रतिरोधक क्षमता के साथ विकसित होता है।

    तो आइये जानते हैं दूध पीने से होने वाले फायदो के बारे में…

    यदि आप रोजाना दूध का सेवन करते हैं तो आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है। जिससे आपको कैंसर और हार्ट अटैक जैसी समस्याओं से कम जूझना पड़ता है।
    दूध में कैल्शियम, पोटेशियम और मैग्नीशियम मौजूद होता है। जो ब्लड प्रेशर को मेंटेन करता है और हमें रक्त चाप की समस्याओं से कम जूझना पड़ता है।
    दूध में पानी की मात्रा अधिक होती है और बच्चे वैसे भी पानी का सेवन कम करते हैं। जिस कारण यह उनके शरीर मे होने वाली पानी की कमी को कंट्रोल करता है और बच्चों में डिहाइड्रेशन की समस्या नहीं होती है।
    दूध के नित्य सेवन से शरीर मे कैल्शियम की कमी नहीं होती है और आपकी हड्डियों को मजबूती मिलती है।

  • क्या होंगे पनीर खाने के फायदे, जानिए

    Paneer ke fayde: आज हम आपके लिए पनीर खाने के फायदे लेकर आए हैं बता दें ये स्वादिष्ट होने के साथ ही सेहत के लिए बेहद फायदेमंद भी है। खासकर ये शाकाहारी लोगों के लिए प्रोटीन का बढ़िया सोर्स होता है।
    हेल्थ एक्सपर्ट्स कहते हैं कि पनीर के सेवन से मांसपेशियां मजबूत हो जाती हैं। खास बात ये है कि पनीर में मौजूद कैल्शियम हड्डियों को मजबूत भी बनाता है और दांतों को भी स्वस्थ रखता है।
    साथ ही पनीर में कई पोषक तत्व भी पाए जाते हैं। और ये विटामिन, कैल्शियम, फॉस्फोरस और फोलेट से भरपूर होता है। साथ ही पनीर में मौजूद पोषक तत्वों से शरीर को एनर्जी भी मिलती है। वहीं इसके अलावा, पनीर हमारे दिल के स्वास्थ्य के लिए भी बहुत फायदेमंद होता है। पनीर का सेवन करने से शरीर में गुड कोलेस्ट्रॉल का स्तर भी बढ़ता है।
    पनीर के फायदे
    पनीर शरीर ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल का स्तर संतुलित करने में मददगार करता है। और ये आंखों के लिए भी फायदेमंद होता है।
    पनीर से मासपेशियां मजबूत बनती हैं। और पनीर में मौजूद प्रोटीन मांसपेशियों को मजबूत भी बना देता है और कमजोरी दूर करने में भी मदद करता है।
    पनीर बच्चों की सेहत के लिए बेहद फायदेमंद होता है। पनीर के सेवन से बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास में भी सहायता मिलती है।
    पनीर हड्डियों को मजबूत बना देता है। इसमें कैल्शियम पाया जाता है, जो हड्डियों और दांतों को मजबूती देने के लिए जाना भी जाता है।
    विटामिन डी से भरपूर पनीर शरीर को अंदर से मजबूत बनाता है और वजन घटाने में भी काफी फायदेमंद होता है।

  • सुखी अदरक होती है इतनी लाभकारी, मिलेगा इन समस्याओं से छुटकारा

    डेस्क। Dry Ginger Powder Benefits: सर्दियों का मौसम आते ही शरीर की इम्युनिटी तेजी से कम भी होने लगती है जिसकी वजह से सर्दी-जुकाम समेत कई तरह की मौसमी बीमारियां हमारे शरीर को अपनी चपेट में लेने लग जाती हैं।
    सर्दियों के मौसम में वातावरण नम होता है जिसकी वजह से बैक्टिरिया और फंगस तेजी से ग्रोथ भी करते हैं। साथ ही जब इनका हमला हमारे शरीर पर होता है तो दिक्कतें और भी बढ़ने लगती हैं।
    वहीं आपको बता दें कि किचन में रखा एक मसाला सर्दियों की दिक्कतों से आपको छुटकारा दिला सकता है। साथ ही इसके पाउडर को दूध में डालकर पिया जाए तो शरीर की इम्युनिटी जबरदस्त हो जाती है।
    सर्दियों के मौसम में सौंठ का ऐसे करें इस्तेमाल
    1. सौंठ का इस्तेमाल आमतौर पर सभी घरों में किया ही जाता है। वहीं ज्यादातर लोग इसे मसाले के तौर पर यूज करते हैं तो आपको बता दें कि सौंठ को कई जगहों पर आयुर्वेदिक औषधि की तरह भीं इस्तेमाल किया जाता है। सौंठ के पाउडर को दूध में मिलाकर पीने से गले की खराश से भी निजात मिलता है।
    2. हेल्थ एक्सपर्ट्स यह भी बताते हैं कि सौंठ का इस्तेमाल सूजन को खत्म करने के लिए भी किया जाता है और इसका सेवन करने से शरीर डिटॉक्स होता है और शरीर के सारे टॉक्सिंस बाहर निकल जाते हैं वहीं शहद में मिलाकर इसका सेवन करने से यह ज्यादा फायदेमंद साबित भी होता है।
    3. आपको बताते हैं कि सौंठ के पाउडर को दूध में मिलाकर भी आप पी सकते हैं। इससे आपको सर्दी की मौसमी बीमारियों से छुटकारा मिलता है और सर्दी-जुकाम कम हो जाता है और शरीर की इम्युनिटी बढ़ने लगती है।
    4. ठंड के मौसम में कई लोगों के जोड़ों में दर्द की समस्या देखने को मिलती है तो आप सौंठ वाला दूध पीकर जोड़ों के दर्द से निजात पा सकते है। वहीं इसके अलावा यह पाचन तंत्र को भी ठीक रखता है और सौंठ वाला दूध अपच, पेट दर्द जैसी समस्याओं से भी आपको छुटकारा दिलाता है।