Category: health-lifestyle

  • अगर पार्टनर करता है इग्नोर तो अपनाएं यह उपाय

    लाइफस्टाइल– रिश्ता कोई भी हो उसमे रूठना मनाना तो चलता ही रहता है। वही अगर आप किसी के साथ शादी के बंधन में बंध जाते हैं। तो आपके पार्टनर के साथ आपका झगड़ा कुछ समय का ही होता है। वही कई बार परिस्थिति ऐसी हो जाती है कि रिश्ते में दरार आने लगती है और रिश्ता टूटने की कगार पर आ जाता है।
    ऐसा सामान्य तौर पर तब होता है। जब आपका पार्टनर आपको इग्नोर करता है और आपके साथ ज्यादा टाइम एक्सपेंड नही करता है। वही आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं। जिनका उपयोग करके आप अपने रिश्ते को नया जीवन दे सकती है और उसमें पहले जैसी जान भी डाल सकती है।

    जाने कैसे अपने पार्टनर की इग्नोरेंस को करें गायब-

    बातचीत-

    अपने पार्टनर के साथ ज्यादा वक्त बिताने की कोशिश करें और अपने कामो में व्यस्त रहने की जगह अपने पार्टनर के साथ बैठें और उससे बातचीत करें। जब आप अपने पार्टनर के साथ बैठते हैं और उससे बातचीत करते हैं। तो आपके रिश्ते में न सिर्फ मिठास रहती है बल्कि आपके पार्टनर को यह विश्वास रहता है। कि कोई है उसके पास ऐसा जो उसकी समस्याओं को दूर कर सकता है।

    जरूरत-

    अपने रिश्ते को जीवंत रखने के लिये आपको अपने पार्टनर की जरूरतों को समझना चाहिए और उन्हें नजरअंदाज करने की जगह पूरा करने का प्रयास करना चाहिए। जब आप अपने पार्टनर की ज़रूरतों को पूरा करते हैं तो इससे आपके रिश्ते को मज़बूती मिलती है और आपके रिश्ते में एक दूसरे के प्रति जीवन भर समर्पण का भाव रहता है।

    तर्क करने से बचें-

    कई बार आपका पार्टनर आपसे इसलिए भी दूरी बना लेते हैं। क्योंकि आप तर्क बहुत ज्यादा करते हैं। आपको अपने पार्टनर से तर्क करने से बचना चाहिए और अगर आप दोनो के मध्य तनाव है तो उसे प्रेम से सुलझा लेना चाहिए। क्योंकि तर्क बात को बिगाड़ता है ओर रिश्ते में खटास लाता है।

  • सर्दियों में आपको राहत देगा ये गुड़ का पराठा, जानिए बनाने की विधि

    डेस्क। सर्दियों का मौसम है और इस मौसम में आप जितना खाते है वो सब आपकों पच भी जाता है। ऐसे में आप सर्दियों में गुड़ भी को काफी पसंद करते होंगे। लेकिन आपने आज तक कभी गुड़ के परांठे शायद नहीं खाएं होंगे।
    तो आज हम आपकों बताने जा रहे है गुड़ के परांठे बनाने की विधि। 
    होनी चाहिए ये सामग्री
    गेंहू का आटा 3 कप
    गुड़ 150 ग्राम
    तिल 4 चम्मच
    बेसन 50 ग्राम
    तेल आवश्यकता अनुसार 
    जानिए बनाने की विधि
    सबसे पहले आपकों तिल लेने है और उनकी सिकाई करनी है। इसके बाद आप इनकों दरदरा पीस लीजिए।
    अब इसके बाद बेसन को भी भून ले। इसके बाद गुड़ को कूटकर इसके छोटे छोटे टुकड़े कर लें। अब एक कढ़ाही में भुना बेसन, तिल और कुटा हुआ गुड़ डाल दीजिए। वहीं तीनों को अच्छी तरह से मिक्स करके मिश्रण भी तैयार कर लें। वहीं अब इसके बाद आटा लेकर उसे गूंथ ले और इसके बाद छोटी-छोटी लोइयां बना कर तैयार कर लें और इसके ऊपर गुड़ के मिश्रण को रखकर इसे बेल दें। अब गर्म तवे पर हल्की आंच पर इसे सेकें। अब आपका परांठा तैयार है।

  • ब्लास्ट हो सकता है आपका गीजर, जरूर फॉलो करें ये टिप्स

    डेस्क।  भारत में अब कड़ाके की ठंड शुरु हो चुकी है वहीं ज्यादातर गीजर का इस्तेमाल ठंड में किया जाता है। साथ ही गीजर का इस्तेमाल हर काम के लिए किया भी जाता है। और चाहे नहाना हो या बर्तन धोना आपको गीजर की जरूरत पड़नी आम है। 
    गीजर को घर में सबसे ज्यादा फायदेमंद भी माना जाता है, लेकिन यह बहुत ही खतरनाक भी हो सकता है। कई बार लोग गीजर का इस्तेमाल करते समय इसे बंद करना ही भूल जाते हैं, जो कि काफी खतरनाक साबित होता है। अक्सर लोग जरूरत के वक्त तो गीजर ऑन कर देते हैं, पर काम खत्म होने के बाद गीजर बंद करना ही भूल जाते हैं।
    वहीं आजकल ऑटोमेटिक ऑफ वाले गीजर भी आने लगे हैं। लेकिन जो लोग अभी भी पुराने गीजर का इस्तेमाल करते हैं उनके पास यह सुविधा उपलब्द नहीं है। वहीं अगर गीजर ज्यादा देर तक चालू रहता है तो गीजर में ब्लास्ट की घटना हो सकती है तो इसलिए इसे समय रहते बंद कर देने की सलाह दी जाती है। ताकि बड़ा हादसा न हो पाएं।
    वहीं अगर आपने नया गीजर खरीदा है और कुछ पैसे बचाने के लिए आप गीजर लगवाने की सोच भी रहे हैं तो ऐसा बिल्कुल न करें क्योंकि अगर इधर उधर कुछ हुआ तो बहुत भारी पड़ेगा। वहीं इसलिए गीजर फिट करने के लिए किसी इंजीनियर की मदद भी लें सकते हैं।
    बिजली की खपत ज्यादा न हो इसलिए लोग अक्सर गैस गीजर खरीदते हैं। वहीं इन गीजर में ब्यूटेन और प्रोपेन नाम की गैस होती है जो कि कार्बन डाइऑक्साइड पैदा करती है। वहीं अगर आपने भी बाथरूम में गैस गीजर लगाया है तो एग्जॉस्ट फैन जरूर लगाएं। जिससे गीजर से निकलने वाली गैस को बाहर निकलने की जगह मिल जाए और वह बाथरूम में जमा न हो, बाथरूम में गीजर लगाते समय अक्सर लोग यह गलतियां कर बैठते हैं। और वे इसे ऊपर नहीं बल्कि थोड़ा नीचे रखते हैं। अगर आपके घर में बच्चे हैं तो उन्हें उनकी पहुंच से दूर ही लगवाएं।  
    इसी कड़ी में लोग अक्सर सस्ते में स्थानीय गीजर खरीद लेते हैं, जो आईएसआई मार्का नहीं होता है और अगर आप गीजर खरीदना चाहते हैं तो ISI मार्क वाला गीजर ही खरीदें क्योंकि लोकल गीजर लो स्टार रेटिंग के साथ आते हैं, जिससे बिजली की खपत ज्यादा होती है और ये शॉकप्रूफ भी नहीं होते। 

  • इस दिन शरीर और बालों में मत लगाना तेल

    डेस्क। Jyotish Shastra About Oil: बालों को स्वस्थ्य रखने के लिए लोग सिर में अक्सर तेल की मालिश करते हैं। इससे एक ओर जहां थकावट दूर होती है। वहीं, मन भी काफी शांत रहता है। साथ ही ज्योतिष शास्त्र में तेल लगाने को लेकर कुछ नियम भी बताए गए हैं।
    इन नियमों का पालन न करने पर आपको कई तरह की समस्याएं भी होने लगती हैं। वहीं ऐसे में जरूरी है कि तेल लगाने के नियमों का पालन किया जाए और ज्योतिष शास्त्र में तेल लगाने के लिए दिन भी निर्धारित किए गए हैं। 

    मंगलवार

    मंगलवार के दिन भी तेल नहीं लगाना चाहिए वहीं ज्योतिष शास्त्र में इस दिन को तेल लगाने के हिसाब से अशुभ भी माना गया है। मंगलवार के दिन तेल लगाने से इंसान की आयु भी कम होती है और ऐसे में जरूरी है कि इस दिन तेल लगाने से बचे।

    बृहस्पतिवार 

    बृहस्पतिवार का दिन तेल लगाने के हिसाब से काफी अच्छा बताया जाता  है वहीं इस दिन बालों और शरीर में तेल लगाने से भी बचना चाहिए। साथ ही इस दिन तेल लगाने से धन की हानि होती है और आर्थिक तंगी का सामना भी करना पड़ता है।

    शुक्रवार

    शुक्रवार का दिन भी शरीर और बालों में तेल लगाने के लिहाज से अच्छा नहीं बताया जाता है वहीं इस दिन न तेल लगाना चाहिए और न ही बाल धोने चाहिए क्योंकि इससे जीवन में नकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और धन की हानि भी होती है। 

    रविवार

    अक्सर आप तेल लगाने के लिए रविवार का दिन यूज करते हैं और इसके पीछे की वजह इस दिन छुट्टी का होना भी होता है पर ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, रविवार के दिन सिर और शरीर में तेल बिलकुल नहीं लगाना चाहिए। साथ ही यह दिन भगवान सूर्य को समर्पित होता है और ऐसी मान्यता है कि इस दिन तेल लगाने से शरीर का ताप भी बढ़ता है।

  • इन सर्दियों में जरुर बनाए गर्मा गर्म टमाटर का शोरबा

    डेस्क। सर्दियों (Winter) के दिनों में अपनी सेहत का ख्याल रखना बेहद ही जरूरी हो जाता हैं। जहां इस दौरान गर्म खानपान का सेवन अच्छा रहता हैं। वहीं ऐसे में आज हम आपके लिए लेकर आए हैं टमाटर शोरबा बनाने की रेसिपी।
    गर्मागर्म टमाटर का शोरबा (Tomato Shorba) स्वाद और सेहत दोनों ने बहुत ही बेहतरीन होता हैं। वहीं जिन्हें भूख कम लगती हैं, वे खाने से पहले टमाटर का शोरबा (Tomato Shorba) भी ट्राई कर सकते हैं। साथ ही यह डाइजेशन को बेहतर बनाने के साथ ही भूख बढ़ाने का भी काम करता हैं। तो आइये जानते हैं इसकी रेसिपी।
    जानिए टमाटर का शोरबा (Tomato Shorba) बनाने की सामग्री
    टमाटर – 3-4
    बेसन – 1 टी स्पून
    जीरा – 1 टी स्पून
    अदरक-लहसुन पेस्ट – 1 टी स्पून
    लाल मिर्च पाउडर – 1/2 टी स्पून
    धनिया पाउडर – 1/2 टी स्पून
    काली मिर्च कुटी – 1/4 टी स्पून
    हल्दी – 1/4 टी स्पून
    लौंग – 2
    धनिया पत्ती – 2 टेबलस्पून
    तेजपत्ता – 2
    इलायची – 2
    तेल – 3 टी स्पून
    नमक – स्वादानुसार
    क्या है टमाटर का शोरबा (Tomato Shorba) बनाने की विधि
    टमाटर का शोरबा बनाने के लिए सबसे पहले टमाटर को धोएं और फिर उन्हें पोछकर उनके टुकड़े कर लें। अब एक कढ़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म कर लें। वहीं जब तेल गर्म हो जाए तो जीरा, लौगं, इलायची, तेजपत्ता और दालचीनी डालकर सभी मसालों को कुछ देर तक भून भी लें। इसके बाद अब इसमें अदरक-लहसुन का पेस्ट डाल दें और इसे तब तक भूनना है जब तक इस पेस्ट की कच्ची सुगंध खत्म न हो जाए।
    अब इन मसालों में 1 चम्मच बेसन डालें और इसे तब तक रोस्ट करें जब तक कि बेसन का रंग गोल्डन ब्राउन न हो जाए फिर इसके बाद इसमें टमाटर और धनिया डालकर मिक्स कर लें। अब टमाटर को तब तक पकने दें जब तक कि ये नरम न हो जाएं और इसमें 3-4 मिनट का वक्त लग सकता है। साथ ही इस बीच इस मिश्रण में हल्दी, लाल मिर्च पाउडर, धनिया पाउडर और कुटी काली मिर्च डालकर इसे मिला भी दें। फिर स्वादानुसार इसमें नमक मिक्स कर दें।
    जब मसाले में से भीनी खुशबू आने लगे तो इसमें 2 कप पानी डाल दीजिए। अब कढ़ाही को ढककर शोरबा धीमी आंच पर लगभग आधा घंटे तक पकने दीजिए। वहीं इसे तब तक उबालना है जब तक कि टमाटर पूरी तरह से पक न जाएं साथ ही बीच-बीच में करछी से चलाते हुए टमाटर को पूरी तरह से मैश भी कर दें। 
    वहीं तय समय के बाद गैस बंद कर पल्प और रस को अलग करने के लिए मिश्रण छलनी से छानें वहीं इसके बाद रस और पल्प अलग हो जाएगा। साथ ही अब पल्प को मिक्सर जार में डालकर ब्लेंड कर लें। जब चिकना पेस्ट तैयार हो जाए तो इसे एक बार फिर छलनी से छाने और टमाटर के बीज को अलग कर दें। अब इस रस को भी पुराने रस के साथ मिक्स कर दीजिए।
    वहीं अब शोरबे को 2 मिनट तक और उबालें साथ ही स्वादिष्ट और पौष्टिकता से भरपूर टमाटर का शोरबा बनकर तैयार हो चुका है और इसे हरी धनिया पत्ती से गार्निश कर सर्व करें।

  • अगर बनाना है नए साल का जश्न शानदार तो जाएं इन चार जगहों पर

    Happy new year- साल 2022 खत्म होने वाला है। लोग अब नए साल के जश्न की तैयारी में जुट गए हैं। कई लोग अगर नए साल का जश्न अपने शहर में सेलीब्रेट करने का प्लान बना रहे हैं। तो कई लोग ऐसे भी हैं जो नए साल पर कहीं बाहर जाकर जश्न मनाते हैं। 
    वहीं अगर इस बार आप भी किसी दूसरे शहर जाकर अपने नए साल के जश्न को यादगार बनाना चाहते हैं। तो यह आर्टिकल आपके काम का साबित होगा। क्योंकि इस लेख में हम आपको बताने जा रहे हैं कुछ ऐसी खास जगहों के बारे में जहाँ जाकर आप बड़े धूम धाम से अपने नए साल का जश्न सेलीब्रेट कर सकते हैं।

    गोवा- 

    अगर आप नए साल का जश्न मनाने हेतु गोवा जाते हैं तो यह आपके लिए सबसे शानदार जगह साबित होगी। क्योंकि गोवा में नए साल का जश्न बड़े धूमधाम के साथ मनाया जाता है। रात भर पार्टी चलती है और लोग समुद्र के किनारे रात को एन्जॉय करते हैं।

    गुलमर्ग- 

    अगर आप इस नए साल पर वादियों और बर्फ का मजा लेना चाहते हैं। तो आपको गुल मर्ग जाना चाहिए। यह शानदार जगह है और दिसम्बर में यहां का नजारा कुछ और ही होता है।

    मनाली- 

    अगर आप ठंडक में ठंडक का मजा लेना चाहते हैं तो आपको इस नए साल का जश्न मनाने मनाली जाना चाहिए। यहां बर्फ गिरती है और काफी ठिठुरन रहती है। लेकिन यहां का नजारा लोगों को खूब आकर्षित करता है।

    उदयपुर-

    राजस्‍थान का उदयपुर. झीलों के इस शहर में आप रॉयल अंदाज में न्‍यू ईयर ईव को सेलिब्रेट कर सकती हैं. यहां कई ऐसे रिजॉर्ट और क्‍लब हैं जहां आप अपने परिवार दोस्‍तों के साथ मजे कर सकते हैं।

  • अपने पार्टनर के साथ रिश्ते को मजबूत बनाना है तो अपनाएं यह टिप्स

    रिलेशनशिप– जब आप किसी के साथ रिलेशनशिप में जाते हैं। तो वह व्यक्ति आपकी लाइफ का हिस्सा बन जाता है। वहीं आप दोनो एक दूसरे के सुख दुख के साथी बनने का हर सम्भव प्रयास करते हैं। कई पार्टनर बेहतर करने के चक्कर मे कुछ ऐसी चीजें कर देते हैं जो उनके लिये समस्या बन जाती है। वहीं कई लोग ऐसे भी होते हैं जो अपने रिश्ते को बेहतर तरीके से संभाले रखते हैं।
    वहीं आज हम आपको कुछ ऐसे टिप्स बताने जा रहे हैं जिनका इस्तेमाल करके आप अपने रिश्ते को न सिर्फ मजबूती दे सकते हैं। बल्कि आप अपने रिश्ते में जान भी डाल सकते हैं। तो आइये जानते हैं….

    वक्त बिताना-

    अगर आप किसी के साथ रिलेशनशिप में हैं तो आपको अपने पार्टनर के साथ ज्यादा से ज्यादा वक्त बिताना चाहिए। आपको सदैव यह कोशिश करनी चाहिए कि आप किस तरह से अपने पार्टनर को समझ सकें और वह आपके साथ खुश रहता है या नहीं यह जान सकें।

    शेयरिंग-

    जब आप अपने पार्टनर के साथ अपने जीवन से जुड़ी अहम बातों को साझा करते हैं तो यह आपके पार्टनर का आपपर विश्वास बढ़ाता है और आपके रिश्ते को एक अलग मजबूती मिलती है। 

    शक को कहें अलविदा- 

    कोशिश करें की आप अपने पार्टनर पर बात-बात पर शक न करें और यदि वह आपको अपने जीवन से जुड़ा कोई रहस्य बताता है। तो आप उसपर बात बात पर शक न करें। क्योंकि शक आपके रिश्ते को खराब कर देता है और आपके पार्टनर और आपके बीच बात बात पर मतभेद शुरू हो जाता है।

  • कैसे बनाएं अपने वर्क स्टेशन को पॉजिटिविटी से भरपूर

    डेस्क। माना कि आपको काम की अच्छी नॉलेज है पर हर बार केवल यही काफी नहीं होता जिससे आप अपने ऑफिस में बेस्ट परफॉर्म भी करेंगे। नॉलेज के साथ-साथ हैप्पीनेस का होना भी काफी जरूरी है।
    हालिया एक शोध के अनुसार खुशी मन से किया गया हर काम बेहतरीन भी होता है। खुशी के इस फंडे को आप ऑफिस में अपना भी सकते हैं।

    वर्कस्टेशन को सजाएं

    वर्कस्टेशन को मोटिवेटिड रखें कोटेशंस से साथ ही यहां रहे कि सामान बिखरा-बिखरा नहीं हो। साथ ही ब्राइट कलर्स का इस्तेमाल यहां करें। और पॉजिटिव एनर्जी के लिए वर्कस्टेशन पर इंडोर प्लांट्स भी रखें। टेबल क्लॉक या कलेंडर साथ रखें। वहीं सजावट प्रोफेशनल हो झालर या गुब्बारे वाली न करें।

    पोस्टर को भी देखें

    झुक कर काम करना आराम दायक तो लग सकता है पर लंबे समय पर यह बीमारियों का कारण भी बन सकता है। साथ ही इस पर काम करने की आदत मूड को डल बना देती है। यानी बिगड़ता मूड और लो आउटपुट भी काफी बेहतर है आप सीधे पोस्टर में काम करें जो कि स्वास्थ्य और परफॉर्मेंस के लिए बेहतर साबित होता है।

    डिजिटल भी व्यवस्थि रहें

    हाल के समय में बहुत कुछ डिजिटल हो गया है। आप कितने भी बिजी हैं, काम के बीच में से कुछ समय बेकार मेल्स को डीलीट कर दें। डेस्टॉप या लैपटॉप पर यहां-बहां सेव फाइल्स का निरीक्षण भी करें। काम की फाइल्स को फोल्डर में सेव करें व बेकार फाइल्स को डीलीट कर हटा दीजिए। ट्रैश बिन को खाली ही रखें। गैजेट्स से डीलीट मैटर आपके दिमाग को भी रीस्टार्ट कर देगा और अगर आप हैप्पी हॉर्मोंस का स्त्राव शुरू हो जाएगा, जो आपकी दिखेगा परफॉर्मेंस में।

  • Garlic Pickle Recipe: सर्दियों में जरुर ट्राई करें ये कमाल की रेसीपी

    डेस्क। Garlic Pickle Recipe: सर्दियों में लहसुन लोग सब्जी में डालकर बड़े ही चाव से खाते हैं। लहसुन के अंदर पोषक तत्वों का खजाना भी होता है। देखने में लहसुन भले ही छोटा-सा होता है पर इसके फायदे बहुत ही बड़े होते है।
    सब्जी में अगर आप लहसुन का पेस्ट बनाकर डाल दें तो उस खाने का स्वाद भी डबल हो जाता है। वहीं आज हम लहसुन के अचार के बारे में आपको बताने वाले हैं और इसका अचार सिर्फ खाने में स्वादिष्ट ही नहीं होता बल्कि सेहत के लिए भी काफी फायदेमंद बताया गया है। 
    इस अचार को बनाने का तरीका भी एकदम आसान है और इस सर्दी लहसुन को सब्जी में डालने के बजाय इसका अचार खाना शुरु कर दीजिए वहीं आपको इसके फायदों के बारे में खुद ही पता भी चल जाएगा। वहीं आज हम आपको लहसुन के अचार को बनाने का तरीका भी बताने जा रहे हैं, हम इसकी आसान-सी रेसिपी आपको बताने जा रहे हैं। जिसे आप आराम से घर में बना सकते हैं। 
    सब्जी के साथ ले लहसुन के अचार का मजा 
    लहसुन के अचार को बनाने के लिए 250 ग्राम लहसुन लीजिए। इसके साथ ही राई 1 चम्मच, मेथीदाना 1 चम्मच, सौंफ 1 टी स्पून, लाल मिर्च पाउडर 1 टी स्पून, हल्दी 1/2 टी स्पून ले लें। वहीं साथ ही 3 से 4 चुटकी हींग की लें और नींबू 1/2, तेल 250 ग्राम लें लीजिए। इसके बाद नमक अपने स्वादानुसार डाल लीजिए। बस ये सब सामान लेने के बाद सबसे पहले लहसुन की गांठ में से कलियां अलग कर लीजिए। 
    अब इसके बाद कलियां थोड़ी देर के लिए पानी में डाल दीजिए ताकि छिलके आसानी से निकल सकें। अब इसके बाद लहसुन की कलियों को एक बाउल में निकालकर रख दीजिए। इसके साथ ही अब मेथीदाना, सौंफ और राई को मिक्सर जार में डालकर पीस लीजिए और पाउडर तैयार कर लें।  
    अब आप कड़ाही में तेल डालकर उसे मीडियम आंच पर गर्म करने के लिए रख दीजिए और जब तेल गर्म हो जाए तो उसमें लहसुन कलियों को डालकर कुछ देर तक उसे भून लें।  
    अब आप लहसुन में लाल मिर्च पाउडर, हल्दी और हींग डालकर करछी की मदद से अच्छी तरह से मिक्स कर लीजिए। इसके बाद मेथी, राई और सौंफ का तैयार पाउडर डालकर अच्छे से मिला दें।
    अब इसमें स्वादानुसार नमक डालकर मिक्स करें और 4-5 मिनट तक अच्छे से पकने दीजिए। इसके बाद लहसुन के अचार में नींबू का रस निचोड़ दीजिए और करछी से मिक्स कर लें।
    अब इस अचार में बचा हुआ तेल डाल दें और आपका स्वाद और पौष्टिकता से भरपूर लहसुन अचार बनकर तैयार भी करें और इस अचार को एक जार में रखकर आप स्टोर भी कर सकते हैं और पूरी सर्दी रोटी-सब्जी के साथ खाकर अपनी सेहत बना भी सकते हैं।

  • पेले होने का मतलब

    Sports descriptive:- पेले के निधन से सारी दुनिया उदास है! उन्होंने अपने चाहने वालों को आनंद के अनगिनत अवसर दिए! पेले के चाहने वाले कहते हैं कि वे महानतम थे। वे तीन बार जीती फीफा वर्ल्ड कप विजेता ब्राजील टीम के सदस्य रहे। वे दो बार उन ब्राजील की टीमों में रहे। उन्हें साल 2000 में फीफा फ्लेयर आफ दि सैंचुरी का भी सम्मान मिला। पर क्या पेले को मुख्य रूप से इसी आधार पर सर्वकालिक महानतम खिलाड़ी माना जाए क्योंकि वे तीन बार जीती ब्राजील टीम में सदस्य थे? वे 1958 में ब्राजील की टीम में थे। वे तब मात्र 17 साल के थे। वैसे वे 1962 और 1966 के वर्ल्ड कपों में चोटिल होने के कारण कोई खास जौहर नहीं दिखा सके थे। हां, 1970 के वर्ल्ड कप में वे अपने पीक पर थे। पर उस टीम के बारे में कहा जाता है कि वो वर्ल्ड कप में अब तक खेली महानतम टीम थी। वो टीम वैसे कहा जाय तो पेले के बिना भी वर्ल्ड कप जीतने की कुव्वत रखती थी। उस टीम में गर्सन, टोस्टओ, रेविलिनिओ और जेरजिन्हो जैसे महान फाऱवर्ड खिलाड़ी थे। ये किसी भी टीम की रक्षा पंक्ति को भेद सकने वाले महान खिलाडी थे।
    एक बात समझी जाए कि फुटबॉल का मतलब बड़ी शॉट खेलना कतई नहीं है। बड़ा खिलाड़ी तो वो ही होता है, जो ड्रिबलिंग करने में माहिर होता है। उसे ही दर्शक देखने जाते हैं। इस लिहाज से पेले बेजोड़ रहे हैं। खेल के मैदान में पेले के दोनों पैर चलते थे। उनका हेड शॉट भी बेहतरीन होता था। पेले के 1970 में इटली के खिलाफ फाइनल में हेडर से किए गोल को ज़रा याद करें। उस गोल के चित्र अब भी यदा-कदा देखने को मिल जाते हैं। वैसे, उस फाइनल में एक गोल कार्लोस एलबर्टों ने पेले की ही पास पर किया था।
    अगर गेंद उनके बायें पैर पर आ गई उनका गेंद पर नियंत्रण और विरोधी खिलाड़ी को छकाने की कला दुबारा देखने को नहीं मिलेगी। पेले के बारे में विरोधी टीम को पता ही नहीं चलता था कि वे कब अपनी पोजीशन चेंज कर लेंगे। वे मैदान में हर जगह मौजूद रहते थे। पेले की लाजवाब ड्रिबलिंग कला थी। उनका अपनी टीम पर गजब का प्रभाव था। हां, पासिंग और रफ्तार में दोनों का कोई सानी नहीं हुआ।
    पेले ने अपने करियर में 760 गोल किये जिनमें से 541 लीग चैम्पियनशिपों में किये गए थे, जिसके कारण वे सर्वकालीन सर्वाधिक गोल करने वाले खिलाड़ी माने जाते हैं। कुल मिलाकर पेले ने 1363 खेलों में 1281 गोल किए।
    हालांकि इनके आंकड़ों को चुनौती भी मिलती है। पेले खुद ही गोल करने के लालच में नहीं रहते थे। वे साथी खिलाड़ियों को गोल करने के बेहतरीन अवसर भी देते थे। वे बड़े और अहम मैचों में छा जाते थे। वे छोटी-कमजोर टीमों के खिलाफ अपने जौहर नहीं दिखा पाते थे। 
     अगर बात मैदान से हटकर करें तो पेले फुटबॉल के मैदान को छोड़ने के बाद सामाजिक कार्यों से जुड़ गए। ब्राजील में करप्शन से लेकर गरीबी के खिलाफ लड़ते रहे। पेले को 1992 में पर्यावरण के लिये संयुक्त राष्ट्र का राजदूत नियुक्त किया गया।
    उन्हें 1995 में खेलों की दुनिया में विशेष योगदान के लिये युनेस्को सद्भावना राजदूत बनाया। पेले ने ब्राज़ीली फुटबॉल में भ्रष्टाचार को कम करने के लिये एक कानून प्रस्तावित किया, जिसे पेले कानून के नाम से जाना जाता है। माराडोना ने पेले की तरह का कोई सामाजिक आंदोलन से अपने को न हीं जोड़ा। 
    पेले का कद इतना ऊंचा था कि उनसे अमेरिका के राष्ट्रपति भी आदर से मिलते थे। उनका बचपन अभावों में गुजरा। पेले बेहद शांत और विनम्र थे।  
     पेले के भारत में भी करोड़ों फैंस हैं। वे दो बार भारत आए। वे भारत को प्रेम करते रहे। वे पहली बार जब कोलकाता आए थे तो देर रात को एयरपोर्ट पहुंचने पर भी हजारों फैन्स ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया था।
    वे जब भी यहां आए तो भारत के फुटबॉल फैन्स ने उन्हें भरपूर स्नेह और सम्मान दिया। पेले 1977 में भारत आए थे। पेले कोलकाता (तब कलकता में) में एक प्रदर्शनी मैच खेलने आए थे। वे तब काज़्मोस क्लब से जुड़े हुए थे। काज़्मोस का एक मैच ईस्ट बंगाल के साथ रखा गया था। मुकाबला बराबर रहा था। बंगाली भद्रलोक पेले को खेलता देखकर अभिभूत थे। धन्य महसूस कर रहे थे। पेले का पीक तब तक नहीं रहा था।
     पेले ने कभी अपने चमत्कारी खेल का प्रदर्शन दिल्ली में नहीं किया! पर वे साल 2015 में दिल्ली आए थे। वे सुब्रत कप के फाइनल मैच के मुख्य अतिथि थे। पेले ने फाइनल मैच को देखा था। उन्हें देखने के लिए अंबेडकर स्टेडियम खचाखच भरा हुआ था। उन्होंने फाइनल मैच के बाद एक खुली जीप पर सारे स्टेडियम का चक्कर लगाकर दर्शकों का अभिवादन स्वीकार किया था।
    पेले ने वहां पर मौजूद दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा था, ‘मैं सुब्रतो कप में हिस्सा बनकर बहुत खुश हूं। मुझे भारत के युवा फुटबॉल खिलाड़ियों से मिलकर बहुत अच्छा लगा।’ वे उम्र दराज होने पर भी बिल्कुल फिट लग रहे थे। भारत महिला फुटबॉल टीम के कोच रहे अनादि बरूआ को याद है वह दिन जब पेले को देखने अंबेडकर स्टेडियम में सभी उम्र के हजारों फुटबॉल प्रेमी पहुंचे थे। हालांकि सुरक्षा कारणों के चलते वे किसी को ऑटोग्राफ नहीं दे सके थे!
    पेले को 2015 में दिल्ली में लाने का श्रेय भारतीय वायुसेना को ही जाता है! पेले ने फाइनल को देखने आए दर्शकों को संबोधित करते हुए कहा था, ‘मैं भारतीय वायुसेना की कड़ी मेहनत से प्रभावित हूं।’ सुब्रतो कप का सफल आयोजन भारतीय वायुसेना ही करती है। चूंकि एयऱ चीफ मार्शल सुब्रत मुखर्जी फुटबॉल में गहरी दिलचस्पी लेते थे, इसलिए उनके नाम पर यह चैंपियनशिप चालू हुई थी। सुब्रतो मुखर्जी भारतीय एयरफोर्स के पहले प्रमुख थे।
    वे 1 अप्रैल 1954 को भारतीय वायुसेना के पहले प्रमुख बनाए गए थे। उनको फादर ऑफ द इंडियन एयर फोर्स कहा जाता है। सुब्रतो मुखर्जी बंगाल के एक प्रमुख परिवार से था। उनके पिता सतीश चंद्र मुखर्जी आईसीएस अफसर थे। सुब्रत मुखर्जी 1932 में वायुसेना में शामिल हुए।
    पेले को दुनिया सर्वकालिक महान खिलाड़ियों में से एक रूप में याद रखेगी! उनका कद इतना ऊंचा हो गया था कि वे अपने जीवनकाल में ही किसी दंतकथा का पात्र बन गए थे! 

    लेखक वरिष्ठ संपादक, स्तभंकार और पूर्व सांसद आर.के. सिन्हा की कलम से