Category: health-lifestyle

  • कपड़ो का रंग हो जाता है फेड, अपनाओ ये कमाल की टिप्स

    डेस्क। कई बार कपड़ों को बार-बार धोने से या धूप में सूखने की वजह से आपके कपड़े का रंग फेड हो जाता है। यानी की कपड़ो का रंग फीका पड़ने लगता है। यह  देखने में भी काफी खराब लगता है आपके कपड़े पुराने मालूम होते हैं। कपड़े की रौनक खराब होने के बाद इन्हें दोबारा पहनने का मन भी नहीं होता।

    जितना ज्यादातर कलरफुल कपड़ों होता है यह समस्या उसमें उतनी ही नार्मल होती है। ज्यादा कलरफुल कपड़ों का ध्यान रखना थोड़ा मुश्किल होता है, क्योंकि जरा सा भी इनका रंग फेड होता है तो यह खराब दिखने लगते है। इन कपड़ो को धोने में भी काफी मेहनत लगती है। इसके साथ ही कलरफुल कपड़ों को बाकी कपड़ों से अलग धोना पड़ता है क्योंकि कई बार इनका रंग दूसरे कपड़ों में लग जाता है। जिस कारण से बाकी के कपड़े भी खराब हो जाते हैं। 

    क्या आपको भी इन समस्याओं का सामना करना पड़ता है और आप अपने कॉलोरफुल्ल कपड़ों का रंग लूज नहीं करना चाहते। हम आपको कुछ ट्रिक को बताएंगे जिससे आप कपड़ों को फेड होने से बचा सकते हैं।

    कपड़े धोते टाइम डाल दें विनेगर

    कपड़े धोने के लिए आप मार्केट में मौजूद डिटर्जेंट का इस्तेमाल करते ही होंगे। पर क्या आप जानते हैं कि यह डिटर्जन काफी हॉर्ट होते हैं, जो कपड़ों की रंगत के साथ चमक को भी खराब कर देते हैं। ऐसे में अगर आप कपड़े के रंग को खराब होने से बचाना चाहते हैं तो कपड़ो को धोते टाइम उसमें कुछ बूंदे विनेगर डाल दें। विनेगर आपके कपड़ो का रंग बरकरार रखने में मदत करता है साथ ही कपड़ो की चमक बनाए रखता है।

    नमक डाल दें

    कपड़ों के कलर को नया करने के लिए आप नमक का भी इस्तेमाल कर सकते हैं। कपड़ों की चमक को बरकरार रखने के लिए नमक काफी उपयोगी इंग्रेडिएंट्स में से एक माना जाता है। इसके लिए कपड़े धोते समय डिटर्जेंट के साथ थोड़ा सा नमक पानी मे डाल दें। बता दे इससे आपके कपड़े भी धुल जाएंगे और कपड़ों का रंग भी नहीं निकलेगा।

    गर्म पानी और धूप से रखें दूर

    साथ ही अपने कपड़ों की केअर करें। उनको कभी भी गर्म पानी में न धोएं। कपड़े को हमेशा ठंडे पानी में ही धोना चाहिए। इसके अलावा कपड़े को कभी भी तेज धूप में न सुखाय। बता दें कि छांव वाली जगह में कलरफुल कपड़े को सुखाना चाहिए। क्योंकि धूप की वजह से भी कपड़ों के रंग फेड हो जाता है।

  • गर्मी में जरूर बनाए पोषण से भरपूर जामुन की ये आइसक्रीम

    डेस्क। गर्मी का मौसम आते ही आपको ठंडी-ठंडी चीजे खाने की क्रेविंग होने लग जाती है जैसे-जूस, नींबू पानी, कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम, चुस्की,  शेक्स आदि। पर बाहर की ये चीजे कई तरह के केमिकल से भरी हुई होतीं हैं जिसके सेवन से आपकी सेहत को काफी नुकसान पहुंचता है।

    इसी लिए हम आपके लिए घर पर जामुन आइसक्रीम बनाने की रेसिपी लेकर लाए हैं। बात दें कि जामुन एक सीजनल फ्रूट है जोकि गर्मियों में आपको आसानी से मिल जाएगा। इसके साथ ही ये आपकी सेहत के लिए भी बेहद फायदेमंद बताया जाता है। डाइबटीज से पीड़ित लोगों के लिए यह एक आयुर्वेदिक औषधि बताई जाती है। साथ ही यह रेसिपी बच्चों को शुद्ध फल खिलाने के लिए भी उपयुक्त है क्योंकि बच्चे फल खाने में आनाकानी करते रहते हैं। टेस्ट के मामले में ये आइसक्रीम बहुत ही स्वादिष्ट और लजीज होती है। तो आइये आपको बताते हैं स्वादिष्ट जामुन आइसक्रीम बनाने की रेसिपी-

    जामुन आइसक्रीम बनाने की सामग्री (Ingredients to make Ice cream at Home)

    -जामुन का गूदा

    -फैट फ्री दूध

    -चीनी

    -कॉर्न फ्लोर

    जामुन की आइसक्रीम बनाने की रेसिपी (Recipe to make Ice-cream at Home)

    इसे बनाने के लिए आप सबसे पहले आधा कप दूध में कॉर्नफ्लोर मिला लें।

    अब आप इसको अच्छी तरह से मिक्स कर लें। 

    इसके बाद आप एक बर्तन में दूध डालकर इसे उबाल लें।

    अब आप इसको करीब 4 मिनट तक मीडियम आंच पर चलाते रहिए।

    इसके बाद आप दूध में कॉर्नफ्लोर का मिक्चर मिला लें और मिलाकर गैस को बंद कर दें।

    अब आप इस मिक्चर को ठंडा होने दें और थोड़ी देर के लिए छोड़ दें।

    इसके बाद आप इसमें जामुन का पल्प और थोड़ी सी चीनी अच्छे से मिला लें।

    फिर आप इसको आइसक्रीम मोल्ड या एक कंटनेर में डालें और फॉइल से इसको अच्छे से कवर कर दें।

    इसके बाद आप इसको फ्रिजर में कम से कम 7 घंटे के लिए जमने के लिए रख दें।

    अब आप जमे मिक्चर को निकालकर ब्लेंडर में पीस लें।

    अब इसे कंटेनर में डालकर एक बार और रात भर जमने के लिए रख दें।

    अब आपकी स्वादिष्ट जामुन की आइसक्रीम बनकर तैयार हो जाएगी।

  • National Doctor Day 2022: जाने क्यों इतना स्पेशल है डॉक्टर डे

    National Doctor Day 2022:मनुष्य के जीवन मे डॉक्टर का दर्जा भगवान के बराबर है। एक इंसान जब जन्म लेता है तब से उसके जीवन की कड़ी डॉक्टर से जुड़ जाती है। यह हमारी हर समस्या का हल खोजने का सम्भव प्रयास करते हैं और हमारे जीवन को खुशियों से भरने के लिए हमे हमेशा सुचारू उपाय बताते रहते हैं। डॉक्टर सभी को समान भाव से देखता है और सबका इलाज कर उन्हें शारिरिक व मानसिक रूप से स्वास्थ्य रखने का प्रयास करता है। वही अगर हम भीषण महामारी के दौर की बात करे तो कोरोना में डॉक्टर हर किसी के लिए भगवान बनकर आए।

    उन्होंने बिना अपने स्वास्थ्य की परवाह किए लोगो के लिए काम किया जब हर कोई कोरोना से खैफ खाकर अपने घरों में बैठे थे तब डॉक्टरों ने लोगो की मदद की। उन्हें इस बीमारी से बचाने का हर सम्भव प्रयास किया। वही इन डॉक्टरों के इस संघर्ष के लिए उनके प्रयत्नों और उनके काम को सम्मान देने के लिए हर साल जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस मनाया जाता है। इस दिन हम डॉक्टरों को सम्मान देते हैं। तो आइये जानते हैं कब मनाया जाता है डॉक्टर डे…..

    कब मनाया जाता है डॉक्टर डे:-

    डॉक्टर डे 1 जुलाई को हर साल मनाया जाता है। इस दिन सभी लोग, जिनका जीवन किसी न किसी डॉक्टर से जुड़ा हो, वह चिकित्सक को धन्यवाद करते हैं। वही लोगो के जीवन को स्वास्थ्य रखने के लिए उनके अथक प्रयास के लिए उन्हें धन्यवाद करता है। वही कोविड के बाद से डॉक्टर का दर्जा बढ़ गया है। इस साल डॉक्टर डे की थीम ‘फैमली डॉक्टर्स ऑन दि फ्रंट लाइन’ है।
    डॉक्टर की शुरुआत 1991 में हुई थी। इस साल केंद्र सरकार ने पहली बार डॉक्टर डे मनाया था। इस दिन को मनाने की शुरुआत एक डॉक्टर की याद में हुई थी। उनका नाम डॉ बिधान चंद्र राॅय था। वही डॉक्टर डे एक जुलाई को मनाए जाने का सबसे अमुख कारण यह था कि इस दिन महान चिकित्सक डॉ बिधान चंद्र रॉय का जन्मदिन होता है। इनका जन्म 1 जुलाई 1882 को हुआ था। इतना ही नहीं एक जुलाई 1962 को ही डॉ बिधान का निधन हुआ था।

  • बस ये तरीका अपना लो कभी नहीं पूछोगे वजन घटाने के उपाय

    How To Burn Belly Fat। क्या आप भी बढ़ते वजन से परेशान है। काफी कुछ ट्राई भी कर चुके हैं पर ये रुक नहीं रहा।लाख कोशिशों के बावजूद पेट की चर्बी पिघलने का नाम नहीं ले रही। ऐसे में जरूरी है कि आप डेली वर्कआउट के साथ-साथ कुछ ऐसी चीजें भी खाएं जिससे आपको मनचाहे नतीजे मिले। ऐसे में आप खसखस (Poppy Seeds) खा सकते हैं। खस खस के बीजों को वजन घटाने के लिए काफी कारगर माना जाता है।

    खसखस में पाए जाने वाले न्यूट्रिएंट्स के बारे में जानिए

    खसखस के बीजों (Poppy Seeds) को औषधीय गुणों से भरपूर माना जाता है। क्योंकि इसमें एंटीइंफ्लेमेटरी, एंटीफंगल और एंटीबैक्टीरियल प्रॉपर्टीज पाई जाती है। साथ ही साथ ये कॉपर, ओमेगा 3 फैटी एसिड, प्रोटीन, कार्ब्स, कैल्शियम, फाइबर और मैंगनीज में भी रिच होता है।

    वजन घटाने के लिए कैसे यूज करें खसखस

    अगर आप पेट और कमर के आसपास बढ़ती चर्बी से परेशान हैं तो खसखस (Poppy Seeds) आपके लिए संजीवनी साबित हो सकता है। इसमें मौजूद ओमेगा 3 फैटी एसिड वजन घटाने में काफी कारगर साबित होते हैं। आज हम आपको तीन आसान तरीके बताएंगे जिससे आप इसे कनजूम कर पाएंगे।

    1. फूड को करें गार्निशिंग

    चूंकि खसखस के बीजों में फाइबर काफी मात्रा में पाया जाता है इसलिए ये वजन घटाने में काफी मदद करता है। आपको अपनी डेली डाइट में इसे शामिल करना चाहिए। इसके बीजों खाने के ऊपर गार्निशिंग कर दें और नियमित तौर से इसका सेवन करें कुछ ही हफ्तों में इसका असर आपको देखने को मिलेगा।

    2. खसखस का शरबत पिएं

    अगर खसखस के सेवन का टेस्ट विकल्प चाहते हैं तो इसके लिए बाजार से खस सिरप को खरीदकर इसका शरबत बना कर सेवन करें। इसे पीने से लंबे वक्त तक आपको भूख नहीं लगेगी और आप भोजन भी कम खा पाएंगे। रेगुलर ऐसा करने से आपका बढ़ता हुआ वजन अपने आप कम होने लगेगा।

    3. दूध में मिलाएं खसखस

    खसखस और दूध को मिक्स करने से हमारे शरीर को कई तरह के फायदेमंद न्यूट्रिन्ट मिलते हैं। इसके सेवन से मसल्स और हड्डियों को भी मजबूती मिलती है। आप एक ग्लास दूध में 1 चम्मच खसखस को मिलाकर उबाल लें और गुनगुना होने पर इसे पी लें। इससे लंबे वक्त तक आपका पेट भरा रहेगा और आप ओवरइटिंग की समस्या से बच जाएंगे। 

  • बॉडी से आता है एक्स्ट्रा पसीना और बदबू, ऐसे पाइए निजाद

    डेस्क। वैसे तो पसीना आना एक सामान्य बॉडी एक्टिविटी है। पर गर्मी के मौसम में कुछ लोगों को इतना पसीना आता है कि ये नार्मल नहीं रह जाती। आपकी इस बॉडी एक्टिविटी से आसपास बैठे लोग भी काफी असहज महसूस करने लग जाते हैं। इससे बचने के लिए लोग पाउडर और डियोज, परफ्यूम आदि का इस्तेमाल करते हैं।

    आप इससे बचने के लिए कई उपाय करते हैं पर दिन चढ़ने के बाद आपके सारे प्रयोग नाकाम हो जाते हैं। ऐसे में यह जरूरी है कि कुछ घरेलू उपाय कर इनसे निजाद पाया जाए। पर इसके लिए आपको कुछ आदतों को छोड़ना भी जरूरी है। तो आइए जानते हैं कि कैसे आप इनसे निजाद पा सकते हैं।

    ज्यादा पसीने और इससे आने वाली बदबू से निजाद पाने के लिए रोजाना नहाने के बाद पानी में एक चुटकी बेकिंग सोडा मिलाएं और इसे अपने अंडरआर्म्स पर लगाएं। इससे आपको पसीने की गंध नहीं आएगी। अगर आपको बहुत ज्यादा पसीना आता है तो नहाने के बाद एक चुटकी बेकिंग सोडा में नींबू का रस मिलाकर अपने अंडरआर्म्स पर लगाने से आने वाली दुर्गंध दूर हो जाती है।

    बता दें शरीर की गंध का शारीरिक स्वच्छता से भी गहरा संबंध होता है। अगर आपको बहुत पसीना आता है, तो कभी भी आलस न करें। कपड़े पहनने से पहले सुनिश्चित करें कि वो धुले हुए हो। कपड़े पहनने से पहले उन्हें साफ कर लें। पसीने वाले कपड़े बार-बार पहनने से कई तरह की बीमारियों के संक्रमण का खतरा भी बढ़ जाता है।

    एंटीसेप्टिक साबुन का प्रयोग करें और एंटीफंगल पाउडर को उन बॉडी पार्ट्स पर लगाएं जहां अत्यधिक पसीना आता हो। नहाने के पानी में एक चुटकी नामक डालने से नहाने से भी दुर्गंध नहीं आती है। 

    क्या आप जानते हैं कि खीरा एंटीऑक्सीडेंट से भरपूर होता है। अगर आप नहाने के बाद खीरे के स्लाइस को अपने अंडरआर्म्स पर कुछ देर तक रखते हैं तो इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट पसीने के बैक्टीरिया को खत्म कर देते है। और इससे पसीने की गंध नहीं आएगी और आपको इससे निजाद मिलेगा।

    पसीने की बदबू को रोकने में फाइबर की भी अहम भूमिका होती है। बता दें कि गेहूं, सोया और हरी सब्जियां जैसे अनाज खाने से पसीने की बदबू नहीं आती है। साथ ही अधिक पानी पीने से भी पसीने की दुर्गंध कम हो जाती है क्योंकि पानी के सेवन से पसीने का कंसेंट्रशन लेवल कम होता है।

  • World population day:-भारत चीन को पछाड़ जल्द बनेगा सबसे ज्यादा आबादी वाला देश:- रिपोर्ट

    World population day:- हर साल 11 जुलाई यानी आज के दिन विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। साल 1990 में पहली बार विश्व जनसंख्या दिवस मनाया गया था। यूनाइटेड नेशंस डेवलपमेंट की काउंसिल की बैठक में 1989 में यह फैसला लिया गया कि हर साल 11 जुलाई को विश्व जनसंख्या दिवस मनाया जाएगा। इस घोषणा के बाद पहली बार जब 1990 में विश्व जनसख्या दिवस मनाया गया तो इसे 90 देशो ने मनाया। 

    विश्व जनसख्या दिवस मनाने के पीछे यह उद्देश्य रखा गया था कि देश मे बढ़ती जनसख्या ओर पर्यावरण के प्रति लोगो को जागरूक किया जाए ओर उन्हें विकास के अर्थ से भली भांति परिचत करवाया जाए। विकास, बढ़ती जनसख्या, पर्यावरण के मुद्दे को ध्यान में रखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की घोषणा की। विश्व जनसख्या दिवस को लेकर यूनाइटेड नेशंस पॉपुलेशन फंड (UNFPA) का कहना है कि यह प्रगति का उत्सव है यह प्रगति के लिए मनाया जाता है। क्योंकि कड़ी मुसीबतों को पार करके के बाद आज दुनिया मे कई देश ऐसे है जिन्होंने काफी प्रगति की है। 
    इस बार जनसख्या दिवस की थीम रखी गई है 8 अरब लोगों की दुनिया: हर किसी के लिए बेहतर भविष्य तय करने की ओर बढ़ते कदम, जहां अवसर हों, अधिकार हों और सब के पास अपनी पसंद का विकल्प हो। दुनिया की आबादी पर। अगर गौर करे तो UNFPA के आंकड़े के मुताबिक दुनिया की कुल आबादी 7 अरब 95 करोड़ 40 लाख है. इसमें 65% आबादी 15 से 64 साल की उम्र के लोगों की है. 65 साल से ऊपर के लोगों की कुल 10% और 14 साल से कम उम्र के लोगों की 25% हिस्सेदारी है। 

    2027 तक भारत तोड़ेगा आबादी में रिकॉर्ड:-

    वर्ल्ड पॉपुलेशन प्रॉस्पेक्ट्स की रिपोर्ट के अनुसार दुनिया की कुल आबादी का 60 फीसदीं एशिया से है। वही अगर हम बात चीन और भारत की करे तो यह दुनिया के सबसे ज्यादा आबादी वाले देश है। वही अनुमान यह लगाया जा रहा है कि आगामी समय मे भारत आबादी के मामले में चीन से आगे निकल जायेगा और भारत की आबादी सबसे ज्यादा होगी। UNFA के मुताबिक़, इस वक्त चीन की आबादी क़रीब 1 अरब 44 करोड़ है. वहीं भारत की आबादी 1 अरब 40 करोड़ के आसपास है।

  • गर्मी से हाल बेहाल, हीट रैश से कैसे पाएं निजाद

     

    गर्मियों के साथ अत्यधिक पसीना आता है और इसके साथ ही त्वचा की कई समस्याएं भी आ जाती हैं।  हीट रैश अक्सर शरीर पर लाल चकत्ते के रूप में आते हैं, खासकर पीठ और कंधों पर।  मोतियों की तरह दिखने वाले छोटे लाल दाने से आपको काफी परेशानी, सूजन और जलन हो सकती है।

    जबकि कांटेदार गर्मी से निपटना कठिन हो सकता है, लेकिन ज्यादातर मामलों में हीट रैश विकसित होने पर डॉक्टर को देखने की आवश्यकता नहीं होती है।  इसका इलाज घर पर सरल ओवर द काउंटर नुस्खों से किया जा सकता है।

    हीट रैश से जल्दी छुटकारा पाने के 10 घरेलू उपाय

    हीट रैश एक चेतावनी संकेत के रूप में कार्य करता है कि आपका शरीर बहुत अधिक गर्मी के अधीन हो रहा है। यदि आप बाहर बहुत समय बिताते हैं, तो लंबे समय तक सीधी धूप से बचने की कोशिश करें और ठंडा रहने के लिए ढीले कपड़े पहनें।  इस कांटेदार गर्मी का इलाज करने के तरीकों के बारे में आज हम आपको बताएंगे।

     1. ढीले कपड़े पहनें

     कॉटन और लिनन सबसे अधिक गर्मी के अनुरूप कपड़े हैं क्योंकि वे अधिकतम सांस लेने की अनुमति देते हैं और पसीना नहीं फँसाते उसे सोख लेते हैं।  नमी से लथपथ कपड़े आपकी त्वचा को ठंडक और जलन पैदा किए बिना ठीक करने में मदद करते हैं।

    सिंथेटिक के बजाय ढीले, हल्के प्राकृतिक कपड़ों का चयन करने से हीट रैशेज को और खराब होने से रोकने में मदद मिलती है।

     2. एलोवेरा जेल 

    एलोवेरा जीवाणुरोधी और एंटीसेप्टिक गुणों से भरपूर होता है जो गर्मी के चकत्ते सहित विभिन्न प्रकार की त्वचा की सूजन को कम करने में मदद करता है।  एलोवेरा जेल सूजन को कम करने और लालिमा को कम करने में भी मदद करता है।  यह एक अद्भुत त्वचा कोमल और हाइड्रेटिंग एजेंट भी है जो त्वचा को हाइड्रेट रखता है।

    चकत्ते को शांत करने और उपचार में तेजी लाने के लिए एलोवेरा जेल को दिन में एक या दो बार चकत्ते पर लगाएं।

     3. आइस पैक या कोल्ड कंप्रेस

    हीट रैश के इलाज के सबसे आसान और प्रभावी तरीकों में से एक है त्वचा को ठंडा करना। चिड़चिड़ी त्वचा को शांत करने के लिए कोल्ड कंप्रेस एक आकर्षण की तरह काम करता है।  ठंडे पानी में भिगोए हुए चेहरे के कपड़े, या कपड़े में बर्फ लपेटकर, दर्द, लालिमा और सूजन को कम करने के लिए भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

    हालाँकि, सुनिश्चित करें कि आप इसे ज़्यादा नहीं करें;  आइस पैक को 5-10 मिनट के लिए रखें, इसे उतने ही समय के लिए हटा दें, फिर से लगाएं, और प्रक्रिया को दोहराना जारी रखें। यह बहुत ही कारगर है।

     4. कैलामाइन लोशन लगाएं

    कैलामाइन लोशन खुजली को कम करने में मदद करता है।  इस लोशन के त्वचा के लिए कई फायदे हैं क्योंकि इसमें जिंक ऑक्साइड होता है।  हालांकि, यह कुछ लोगों के लिए त्वचा को शुष्क कर सकता है, इसलिए आगे की जलन को रोकने के लिए इसके साथ एक मॉइस्चराइज़र का उपयोग करना एक अच्छा विचार हो सकता है।

    आप गर्मी में कैलामाइन युक्त साबुन या बॉडी वॉश का भी इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि घमौरियों से बचा जा सके।

     5. नीम के पेस्ट का प्रयोग करें

    नीम (मार्गोसा) में बहुत सारे एंटीमाइक्रोबियल और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।  आप बस एक गाढ़ा पेस्ट बनाने के लिए नीम के पाउडर को पानी के साथ मिला सकते हैं।  इस पेस्ट को सीधे रैश पर लगाएं, इसे 10-15 मिनट के लिए छोड़ दें और धो लें। आप गुनगुने पानी से नहाने के लिए अपनी बाल्टी में नीम का पाउडर मिला सकते हैं। इसे भी सभी बैक्टीरिया मर जातें हैं और आपको राहत मिलती है।

     6. मुल्तानी मिट्टी 

     ​​मुल्तानी मिट्टी त्वचा को स्वस्थ और चमकदार बनाए रखने के लिए इस्तेमाल की जाने वाली एक बहुत ही सामान्य सामग्री है लेकिन क्या आप जानते हैं कि यह रैशेज के इलाज में भी एक प्रभावी घरेलू उपाय है।

    मुल्तानी मिट्टी चकत्तों को शांत करती है और त्वचा की जलन को शांत करती है।  मुल्तानी मिट्टी को गुलाब जल या सादे पानी में मिलाकर पेस्ट बना लें, इसे 15 मिनट के लिए रैशेज पर लगाएं और ठंडे पानी से धो लें।

     7. खीरा 

    खीरे प्राकृतिक शीतलक होने के लिए प्रसिद्ध हैं;  चाहे लगाया गया हो या उपभोग किया गया हो।  कुछ पतले कटे हुए खीरे को फ्रीज करें और स्लाइस को प्रभावित जगह पर 15 मिनट के लिए रखें।

    यह तीव्र त्वचा को शांत करती है और इसकी उच्च जल सामग्री त्वचा को हाइड्रेट रखती है।

     8. चंदन पाउडर 

     चंदन अपने विरोधी भड़काऊ और एनाल्जेसिक गुणों के लिए प्रसिद्ध है, जिसका अर्थ है कि यह दर्द को कम करने में मदद करता है।  चंदन के चूर्ण को थोड़े से पानी के साथ मिलाकर चकत्ते पर लगाने से घमौरियों से जुड़ी जलन, दर्द कम हो जाएगी। साथ ही यह आपको ताज़ा और शानदार महक भी देगा।

     9. बेकिंग सोडा बाथ ट्राई करें

    अपने नहाने के पानी में 3 से 5 बड़े चम्मच बेकिंग सोडा मिलाएं ताकि गर्मी की जलन को शांत किया जा सके क्योंकि यह खुजली और जलन को कम करने में मदद करता है।  बेकिंग सोडा एक एक्सफोलिएटिंग एजेंट के रूप में कार्य करता है जो मृत त्वचा, गंभीर गर्मी के चकत्ते और गंदगी को हटाने में मदद करता है।  यह रोमछिद्रों को खोलकर त्वचा को साफ करता है जिससे खुजली और सूजन से भी राहत मिलती है।

     10. अपने नहाने में एप्सम सॉल्ट मिलाएं

    एप्सम सॉल्ट (मैग्नीशियम सल्फेट) स्किन को स्वास्थ्य लाभ देने की एक श्रृंखला है।  इसका उपयोग ज्यादातर मांसपेशियों को आराम देने और कंधों, गर्दन और पीठ के दर्द को दूर करने के लिए किया जाता है, लेकिन इसे गुनगुने बाल्टी या टब में मिला दें तो यह खुजली से भी राहत दिला सकता है।

    एप्सम सॉल्ट शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है और त्वचा को एक्सफोलिएट करता है।  यह रोमछिद्रों को खोलता है और घमौरियों को तेजी से ठीक करने में भी मदद करता है।

  • दाढ़ी घटा देती है आत्मविश्वास, अपनाएं ये Patchy Beard Solution

    Patchy Beard Solution। भारत मे ये कहावत बड़ी प्रचलित है कि मूंछ तो पुरुषों की शान होती है।

    भारत में पुराने समय से ही दाढ़ी-मूंछ का ट्रेंड चला आ रहा है। हालांकि, अब यह ट्रेंड और भी ज्यादा चल गया है अब सिर्फ दाढ़ी-मूंछ से काम नहीं चलता इसका खूब घना और बड़ा होना भी ट्रेंड का ही हिस्सा है। दाढ़ी-मूंछ पुरुषों को ज्यादा आकर्षक और दमदार दिखती है लेकिन, कुछ लोग चाहकर भी दाढ़ी नहीं रख पाते क्योंकि उनके चेहरे पर पैची बीयर्ड होती है। क्या आप जानते हैं कि दाढ़ी को घना और हैवी बनाना काफी मेहनत और सब्र का काम है। दाढ़ी को घना बनाने के आज हम आपके लिए निम्नलिखित टिप्स को लेकर आएं हैं (Tips to get beard)

    Patchy Beard Solution: पैची दाढ़ी को घना बनाने के लिए क्या करें

    पैची दाढ़ी के पीछे खानपान, वातावरण, आनुवांशिक कारण जैसी चीज़े जिम्मेदार होतीं हैं। जिनमें से कुछ कारकों को कंट्रोल किया जा सकता है और कुछ पर हमारा बस नहीं चलता। आइए घनी और हैवी दाढ़ी पाने के कुछ टिप्स आपको बताते हैं।

    सही विटामिन और पोषक 

    शरीर के किसी भी हिस्से को स्वस्थ बनाने के लिए खानपान पर ध्यान देना बेहद ही जरूरी है। डाइट के जरिए आप बालों को जरूरी विटामिन और मिनरल्स दे सकते हैं। आपको अपनी डाइट में विटामिन ई, विटामिन सी और प्रोटीन युक्त फूड्स को शामिल करना चाहिए।

    दाढ़ी को अच्छे से करें ब्रश 

    घनी और हैवी बीयर्ड पाने के लिए फेस में ब्लड सर्कुलेशन का सही होना एक अनिवार्यता है। इसके लिए आपको अपने चेहरे पर मुलायम ब्रिसल्स वाला कंघा इस्तेमाल करना हैं और ब्रश करने से दाढ़ी के बाल सीधे भी रहते हैं। जिससे आपकी दाढ़ी के बालों की ग्रोथ का भी पता चलता है।

    ट्रिमिंग पर दें ध्यान

    पैची बीयर्ड को भरने के लिए आपको बाल बढ़ाने और ट्रिमिंग दोनों पर ही ध्यान देना चाहिए। बाल बढ़ाने से बीयर्ड में नए बाल जुड़ते हैं और उन्हें ट्रिम करने से बालों को मजबूती मिलती है।

    इन प्रोडक्ट्स का भी करें इस्तेमाल

    आपने फिल्म और टीवी सीरियल्स में देखा होगा कि एक्टर्स की बीयर्ड काफी डार्क और हैवी नज़र आती है। इसके पीछे उसके महंगे बीयर्ड डाई का कमाल है। जो कि दाढ़ी को ज्यादा गहरा प्रदर्शित करतीं हैं। इसके साथ ही दाढ़ी के बालों को हेल्दी बनाने के लिए बीयर्ड ऑयल का इस्तेमाल दिया जाता है।

  • सावधान , असुरक्षित यौन संबंध से फैल रहा है मंकीफ़ॉक्स

    स्वास्थ्य: देश मे कोविड का तांडव खत्म हुआ नहीं कि मंकीफ़ॉक्स का डर लोगो को सताने लगा है। यह एक ऐसी बीमारी है जो तेजी से फैल रही है। मंकीफ़ॉक्स आज लोगो के लिये बड़ी समस्या बन गई है। लोग इससे काफी डर रहे हैं क्योंकि इसका स्वरूप बेहद डरावना है। मंकीफ़ॉक्स इस समय तेजी से फैलने वाला वायरस है दुनिया के 75 देशो में इस समय मंकीफ़ॉक्स का प्रकोप जारी है। वही भारत मे इसके मामले बढ़ने लगे हैं जिसने भारत की चिंता को बढ़ा दिया है।

    जहां मंकीफ़ॉक्स के लक्षणों पर लगातार शोध चल रहे हैं वही अब विशेषज्ञयों का कहना है कि असुरक्षित यौन संबंध भी मंकीफ़ॉक्स के संक्रमण को बढ़ा देते हैं। न्यू इंग्लैंड जर्नल ऑफ मेडिसिन में मंकीफ़ॉक्स को लेकर हुई एक रिसर्च में यह खुलासा किया गया कि मंकीफ़ॉक्स एक ऐसा वायरस है जो लोगो के लिए घातक साबित हो सकता है क्योंकि इसका प्रकोप उन लोगो ने अधिक बढ़ रहा है जो लोग असुरक्षित यौन संबंध बना रहे हैं।
    इसके अलावा रिपोर्ट में कहा गया है कि यह समलैंगिक जोड़ो मे अधिक तेजी से फैल रहा है। इस समय इस वायरस का सबसे ज्यादा प्रकोप गे पुरुषों और समलैंगिक जोड़ो में बढ़ रहा है। अब तक जितने भी लोग इस वायरस की चपेट में आये हैं उनमें से 98 फीसदी लोग ऐसे हैं जो की समलैंगिक संबंध में है या गे पुरुष है। उन्होंने कहा कि यह वायरस स्वांस नही से अंदर प्रवेश करता है। अगर आप लिप किस बार बार करते हैं तो आपको मंकीफ़ॉक्स से सावधान रहने की आवश्यकता है।
    मंकीफ़ॉक्स को लेकर कहा जा रहा है कि वायरस का प्रकोप समलैंगिक और उभयलिंगी पुरुषों में सामान्य रूप से फैल रहा है। यह कपड़ो व शरीर के अन्य अंगों के जरिये से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति पर अपना प्रभाव डालता है।

  • शादी के बाद लड़को का बदलना निश्चित है यह आदते हर लड़के में दिखेगी

    Lifestyle: शादी एक व्यक्ति का जीवन पूर्ण रूप से बदल देती है। चाहे व लड़का हो या लड़की शादी के बाद उनका अंदाज अलग ही हो जाता है वह पहले की तरह अकेले नहीं रहते उन्हें अपने साथ साथ अपने पार्टनर के बारे में सोचना पड़ता है। लोगो के रहन सहन से लेकर उनके व्यवहार में शादी के बाद काफी परिवर्तन देंखने को मिलते हैं जहां एक लड़की अपना परिवार छोड़कर किसी अन्य घर मे आती है और वहां एडजेस्ट होने के लिये वहां के रीतिरिवाजों और व्यवहार के अनुकूल खुदको डालने का प्रयास करती है। वही शादी के बाद कुछ ऐसे खास बदलाव है जो सिर्फ लड़को में होते हैं। तो आज हम इस आर्टिकल के माध्यम से यह जानने का प्रयास करेंगे की शादी के बाद लड़को के जीवन के क्या बदलाव होते हैं।

    जिमेदार:

    लड़को का रवैया अक्सर गौर जिम्मेदार होता है। वह न अपनी फिक्र करते हैं न अपने आस पास की चीजो की। उन्हें सिर्फ अपनी मस्ती में रहना पसंद होता है वह किसी की नही सुनते। लेकिन जैसे ही उनकी शादी होती है वह जिम्मेदार हो जाते हैं उन्हें यह पता चल जाता है कि वह अब अकेले नहीं है उन्हें अपने साथ किसी और कई जरूरतों का ध्यान रखना पड़ेगा और हर चीज के लिये वह दूसरों पर निर्भर नहीं रह सकते हैं।

    शेयरिंग:

    ज्यादातर लड़के ऐसे होते हैं जिनको अपनी चीजो को किसी के भी साथ बांटना बिल्कुल नही पसन्द होता है। लेकिन जैसे ही उनकी शादी होती है वह अपनी हर चीज अपने पार्टनर के साथ बांटने लगते हैं। उनके कमरे से लेकर हर चीज में उनके पार्टनर की भागीदारी होती है और लड़के शादी के बाद शेयरिंग का मूल मतलब समझते हैं।

    परिवार से जुड़ाव:

    शादी केवल एक लड़के या लड़की के बीच नही होती है। यह दो परिवारों को साथ लाती है। शादी के बाद लड़का समाजिक गतिविधियों को समझता है वह अपनी जिम्मेदारी को जान कर अपने परिजनों को खुश रखने की कोशिश करता है। शादी के बाद लड़के को अपने घर परिवार व ससुराल में संतुलन बनाना आ जाता है।

    केयर: 

    जो लड़का अपना सामान ठीक से नही रखता था वह शादी के बाद केयर का मतलब समझ जाता है। जो हमेशा अपनी मां पर निर्भर करता था वह अब अपनी मां के साथ अपनी पत्नी के साथ उनके सुख दुख में खड़ा होता है। शादी के बाद लड़के केयर करना और अपनों के साथ वक्त बिताना सिख जाते हैं।

    मैच्योर:

    लड़को की आदत होती है कि वह हर चीज में हसी मजाक करते हैं लोगो को परेशान करते रहते हैं। बेवजह गाड़ी लेकर लॉन्ग ड्राइव पर चले जाते हैं। लेकिन शादी के बाद उनकी यह लाइफ स्टाइल बिल्कुल बदल जाती है वह मैच्योर हो जाते है। उन्हें समझ आ जाता है कि उनकी लाइफ में इन सब चीजो को करने से उन्हें कुछ हासिल नहीं होगा। वह मैच्योर हो जाते हैं और अपने भविष्य को बेहतर बनाने का विचार करते रहते हैं।