Category: health-lifestyle

  • Gale Ki Kharash Ka Ilaj : गले की खराश में अपनाएँ ये जाँचे-परखे घरेलू नुस्खे

    अक्सर मौसम बदलने की वजह से लोगों को कई तरह की परेशानी होने लगती है, जिसमें से एक गले की खराश है। कई बार लोग धूप से आते ही ठंडा पानी पी लेते हैं तो वो उन्हें नुकसान कर जाता है। वहीं कई बार गले में इन्फेक्शन की वजह से भी गले में खराश की दिक्कत होने लगती है। गले की समस्या से व्यक्ति को बहुत असहजता और परेशानी हो सकती है। विशेष तौर पर गले की खराश व्यक्ति को अधिक परेशान करती हैं। इसके कारण ना तो वह ठीक से खा पाते हैं और ना ही बोल पाते हैं। ऐसे में कुछ घरेलू उपाय करके गले में खराश की समस्या से छुटकारा पा सकते हैं।

    नमक के पानी से गरारे करे – अगर किसी को गले में खराश हो रही है तो इसके लिए सबसे आसान तरीका है नमक के गुनगुने पाने से गरारे करना। बता दे कि नमक में एंटीबैक्टीरियल गुण होते है जिससे गले की खराश की समस्या में आराम मिलता है।

    हल्दी का दूध भी लाभकारी – हल्दी में औषधीय गुणों का भंडार पाया जाता है। ऐसे में हल्दी पाउडर को एक गिलास दूध में मिलाकर पीने से गले की खराश के साथ-साथ गले की सूजन और दर्द में भी आराम मिलेगा।

    शहद का उपयोग – गले की खराश की समस्या को दूर करने के लिए शहद भी बहुत असरदार होता है। इसके लिए आप एक गिलास गर्म पानी में एक चम्मच शहद और नींबू का रस मिलाकर दिन में तीन बार पिएं। ऐसा करने से गले की खराश में आराम मिलेगा।

    लहसुन का सेवन करें – लहसुन में एंटी बायोटिक, एंटी माइक्रोबियल, एंटी इंफ्लेमेट्री जैसे कई गुण पाए जाते हैं। ये सभी गुण व्यक्ति की सेहत के लिए बहुत लाभकारी होते हैं। गले की खराश को दूर करने के लिए भी लहसुन बहुत कारगर है क्योंकि लहसुन में सल्फर प्रचुर मात्रा में होता है जो बैक्टीरिया को खत्म कर देता है।

    काली मिर्च – गले की खराश को दूर करने में काली मिर्च भी लाभदायक है। इसके सेवन से गला साफ होता है और दर्द भी गायब हो जाता है। काली मिर्च का सेवन आप साबुत ऐसे ही खाकर भी कर सकते हैं।

    Disclaimer: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें।  

  • Heart Attack से रहें सावधान, इन 10 वजहों से अचानक पड़ सकता है Heart Attack

    इंसान को हार्ट अटैक दिल की मांसपेशियों तक होने वाली खून की सप्लाई बाधित होने पर आता है. सबसे बड़ी वजह धूम्रपान, हाई फैट डाइट, डायबिटीज, हाई कॉलेस्ट्रोल, हाई ब्लड प्रेशर या मोटापे को हार्ट अटैक समझा जाता है.लेकिन कई और वजहें भी हार्ट अटैक को ट्रिगर कर सकती हैं जिस पर इंसान का ध्यान ही नहीं जाता है. वर्ल्ड हार्ट डे के मौके पर आपको ऐसी 10 वजहों के बारे में बताते हैं.

    नींद की कमी- अगर थकान के बाद आप रोजाना पर्याप्त नींद नहीं ले रहे हैं तो हार्ट अटैक का जोखिम बढ़ा सकती है. एक स्टडी के मुताबिक, रात में 6 घंटे से कम सोने वाले लोगों में हार्ट अटैक का खतरा 6-8 घंटे नींद लेने वालों की तुलना में दोगुना होता है. कम सोने से ब्लड प्रेशर और इन्फ्लेमेशन की दिक्कत बढ़ती है.

    माइग्रेन- माइग्रेन की समस्या होने पर स्ट्रोक, सीने में दर्द और दिल का दौरा पड़ने की संभावना ज्यादा होती है. अगर किसी को दिल की बीमारी और माइग्रेन दोनों की समस्या है तो उसे माइग्रेन में ली जाने वाली दवा ट्रिपटैन नहीं लेनी चाहिए, क्योंकि ये रक्त वाहिकाओं को संकुचित कर देती है. हालांकि, अपने डॉक्टर से परामर्श जरूर लें.

    ठंडा मौसम- ठंडे तापमान में रहने की वजह से हमारी धमनियां पतली हो जाती हैं और इसी वजह से वाहिकाओं से दिल तक होने वाली ब्लड सप्लाई में रुकावट पैदा होती है. इसलिए ऐसे मौसम में दिल की मांसपेशियों को गर्म रखने के लिए फिजिकल एक्टिविटी जरूर करनी चाहिए.

    ज्यादा खाना- एक बार में बहुत ज्यादा अमाउंट में खाने से शरीर में स्ट्रेस हार्मोन नोरएपिनेफ्रीन रिलीज होता है. ये ब्लड प्रेशर और हार्ट रेट को बढ़ाकर हार्ट अटैक को ट्रिगर करने का काम करता है. दूसरा, बहुत ज्यादा फैट वाला खाना खाने से भी खून में फैट की मात्रा अचानक बढ़ जाती है जो अस्थायी रूप से रक्त वाहिकाओं को डैमेज कर सकता है.

    स्ट्रॉन्ग इमोशन- गुस्सा, शोक और तनाव जैसे भाव भी हार्ट से जुड़ी दिक्कतों को ट्रिगर करने के लिए जाने जाते हैं. बहुत ज्यादा खुशी भी अक्सर हार्ट अटैक कारण बन सकती हैं. इसलिए दुख या खुशी के भाव को खुद पर बहुत ज्यादा हावी नहीं होने देना चाहिए.

    एक्सरसाइज- वर्कआउट करना हमारे दिल की सेहत के लिए बहुत अच्छा माना जाता है. लेकिन बहुत ज्यादा एक्सरसाइज करने से भी दिल का दौरा पड़ सकता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि करीब 6 प्रतिशत हार्ट अटैक एक्सट्रीम लेवल के फिजिकल एफर्ट की वजह से ही होते हैं.

    सेक्स- किसी एक्सरसाइज की तरह सेक्सुअल एक्टिविटी भी हार्ट अटैक के जोखिम को बढ़ावा दे सकती है. ज्यादातर लोगों के लिए सेक्स महत्वपूर्ण और सेहतमंद होना चाहिए. यह जिंदगी का हिस्सा है. लेकिन अगर आपको दिल से जुड़ी कोई समस्या है तो एक बार डॉक्टर से जरूर बात करनी चाहिए.

    कोल्ड फ्लू- 2018 की एक स्टडी के अनुसार फ्लू हो जाने के एक हफ्ते बाद लोगों में हार्ट अटैक की संभावना छह गुना ज्यादा बढ़ जाती है. इसकी सही वजह पता नहीं चल पाई है, लेकिन एक्सपर्ट्स का कहना है कि इंफेक्शन से लड़ने के दौरान खून चिपचिपा हो जाता है और इसके थक्के बनने लगते हैं और हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है.

    कॉफी- एल्कोहल की तरह कॉफी के भी अपने फायदे और नुकसान हैं. इसमें मौजूद कैफीन कम समय के लिए आपका ब्लड प्रेशर बढ़ा देती है और इसी वजह से इंसान को हार्ट अटैक आ सकता है. एक्सपर्ट कहते हैं कि दिन मे दो या तीन कप कॉफी पीने वालों लोगों को कोई खतरा नहीं है.

    सुबह बिस्तर से उठना- किसी इंसान को सुबह के वक्त दिल का दौरा पड़ना बहुत सामान्य है. दरअसल हमारा दिमाग शरीर को हार्मोन से भर देता है जिससे हमें जागने में मदद मिलती है. इस वजह से हार्ट पर अतिरिक्त तनाव बढ़ता है. लंबी नींद के बाद आप डिहाइड्रेटेड भी हो सकते हैं, जिससे दिल को ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है.

  • समय की बर्बादी करने वाला, आजकल के लोगों का लोकप्रिय वाहन प्रेम

    Lifestyle| कहते है प्रेम सुख की दूसरी अनुभूति है जहां हर व्यक्ति खुशी का अनुभव करता है पर मैं आजकल के लोगों को जब देखती हूं तो बड़ा आश्चर्य चकित हो जाती हूं कि जहां प्रेम सुख का प्रतीक है जिसका होना जीवन को एक नया आधार प्रदान करता है वहीं लोग इससे व्यथित और परेशान क्यों है और आजकल ये लोगों की पीड़ा का कारण क्यों बन रहा है । 
    जहां 12 वर्ष के बच्चे का मन किताबों की दहलीज पर होना चाहिए वहीं उसका मन प्रेम से मिले दर्द को संभालने में लगा है बड़ी अजीब बात जहां इस उम्र में लोग खुद को नहीं संभाल पाते वहां बच्चे प्रेम को संभाल रहे हैं और उसको परिभाषित भी कर रहे हैं और उनकी परिभाषाओं को सुनकर मेरे कर्ण के पर्दे स्थिर से हो जा रहे हैं कि मैं आज तक इसका एक अंश न समझ पाई और मेरे पीछे ओर मेरे साथ की पीढ़ी इसको जी रही है पर उनके प्रेम का तरीका बड़ा अजीब है .
    जिसे देख कर मुझे बस यही लगता है वह उनके लिये भले ही प्रेम हो पर वास्तव में वह प्रेम नहीं बल्कि समय की बर्बादी करने वाला एक साधन हैं और जिस प्रेम को वो परिभाषित करते हैं वो शायद दर्द का कारण इसीलिए भी बन रहा है क्योंकि वह प्रेम को अनुभव नहीं कर रहे बल्कि एक संसाधन का उपयोग कर रहे हैं जिसका एक निश्चित मुकाम पर पंहुचने के बाद खराब होना जाहिर है। आज एक अजीब किस्सा आँखों के सामने था.
     जहां ये प्रेम रूपी वाहन पर एक व्यक्ति इस प्रकार सवार था मानो यह वाहन उसके लिये सर्व सुखदायी है इसकी चकाचौंध उसपर इस कदर हावी थी कि उसके आप पास का वातावरण उसके लिये शून्य था पर कुछ समय बाद उसके इस प्रेम रूपी वाहन की मशीन में शायद कुछ खराबी आ गई और वह अपने सर्व सुखदायी सुख से दुख की और बढ़ने लगा । उसके इस बदलते स्वभाव ने कई सावल तो जहन में जगा दिये हैं पर इनके जवाब की अभिलाषा मैं किसी से नहीं करती क्योंकि इसका जवाब वहीं दे सकता है जो इस वाहन के स्पर्श में न होकर प्रेम को समझता हो और जो प्रेम को समझता होगा वो स्वयं इस वाहन की लोकप्रियता की वजह जरुर खोज रहा होगा ।।

  • अहंकार ही है विनाश का कारण- विजयता पाण्डेय

    जीवन शैली l पत्रकारिता विभाग की प्रोफेसर रही विजयता पाण्डेय कहती है मनुष्य के जीवन का सबसे बड़ा संकट उसका अहंकार है। अहंकार जिस व्यक्ति पर छाता है यह उसे नष्ट कर देता है। यह व्यक्ति की सफलता का सबसे बड़ा रोड़ा बनता है। क्योंकि इतिहास कहता है की आज तक अहंकारी व्यक्ति को कभी कोई सफलता हासिल नहीं हुई है यह महज विनाश का कारण बना है। उदाहरण के लिए हम हिंदुओ के प्रमुख ग्रन्थ रामायण के अहम किरदार रावण को ही देख ले। रावण जिसे अमृत का वरदान प्राप्त था फिर भी वह श्री राम के सामने नही टिक पाया और अपने अहंकार के चलते अपने विनाश का कारण बना। वही यदि हम आज के परिपेक्ष्य की बात करें तो आज के मनुष्य का सबसे बड़ा दुश्मन उसका अहंकार है अहंकार को हम घमंड भी कह सकते हैं। 

    विजयता पाण्डेय कहती हैं की जब कोई व्यक्ति खुद पर बिना वजह घमंड करता है किसी की नहीं सुनता है और अपने समान किसी को नहीं आंकता है तब वह अहंकार की बेड़ियों में जकड़ जाता है। कहते हैं कीड़े कपड़े को नष्ट कर देते हैं ठीक उसी प्रकार अहंकार व्यक्ति के विवेक को नष्ट कर देता है उसके सोचने समझने की शक्ति को क्षीण करता है और उसे स्कारतकता से नकारात्मकता की ओर ले जाता है। आजकल हम सब देखते है मुनष्य खुशी की तलाश करता है इधर उधर अपनी खुशी को खोजता है लेकिन उसे खुशी नहीं मिलती उसकी खोज अधूरी रहती है। इसका कारण उसका भाग्य नहीं अपितु उसका अहंकार है क्योंकि दुख का आरंभ अहंकार का प्रथम चरण है। व्यक्ति के दुखों का कारण उसका अहंकार ही है और अहंकार उसी के भीतर निवास करता है जो स्वयं को सर्वश्रेष्ठ, सर्वशक्तिमान और सर्वज्ञाता समझता है। 

    जाने कैसे लोग होते हैं अहंकारी-

    विजयता पाण्डेय कहती है अहंकारी व्यक्ति कहीं बाहर से नही आता वह हम आपके बीच का ही सामान्य व्यक्ति होता है। लेकिन उसका व्यवहार उसके आचरण का परिचय देता है। जो व्यक्ति अहंकार में डूबा होगा वह कभी भी अपने बारे में नहीं सोचता न अपने विषय मे बात करता है। उसका एकमात्र लक्ष्य दूसरों को आंकना उनके विषय मे सोचना और उनपर चर्चा करना होता है। क्योंकि इनका उद्देश्य नकारात्मक होता है यह सदैव दूसरो को खुद से नीचा दिखाने का प्रयास करते हैं और जब यह अपने उद्देश्य में सफल नही होते तो दुख में डूब जाते हैं और अपने भाग्य को कोसते है।
    उन्होंने अहंकार को ज्ञान से जोड़ते हुए कहा, अहंकार वान लोग खुद को सर्वश्रेष्ठ समझते हैं वह अपनी चीजो को बढ़ा चढ़ाकर दिखाते हैं। यह किसी की सलाह नहीं लेते और न किसी के ज्ञान को स्वीकारते हैं। क्योंकि अहंकार शराब की भांति एक लत है यह जिस व्यक्ति को लगती है उसे बर्बाद कर देती है। क्योंकि ऐसे व्यक्ति जीवन मे आगे नहीं बढ़ते और न अच्छे गुणों को खुद में प्रवेश करने देते यह खुद को बड़ा समझते हैं और अपने ज्ञान में बढ़ोत्तरी नहीं कर पाते।  

    अहंकार डालता है मानसिक स्थिति पर प्रभाव- विजयता पाण्डेय 

    विजयता पाण्डेय कहती है अहंकार व्यक्ति की मानसिक स्थिति पर को प्रभावित करता है। क्योंकि जब कोई इसकी संगति में होता है तो उसका साथ हर कोई छोड़ देता है। ऐसे लोगो का मानसिक स्वास्थ्य बिगड़ा रहता है यह कभी भी खुश नहीं रहते क्योंकि इनके दिमाग ने हर दम दूसरों को नीचा दिखाने का विचार चलता रहता है। यह इतने अकेले होते हैं कि यह अपने मन की बात कभी किसी से नहीं कह पाते हैं और अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं। ऐसे लोग कभी किसी से जुड़ नहीं पाते और यह सामाजिक नहीं होते क्योंकि यह लोगो के समूह में भी खुद की तारीफों के पुल बांधते रहते हैं और खुद को सर्वोच्च दिखाने का प्रयास करते हैं। यह इतने स्वार्थी होते हैं की इन्हें किसी अन्य के सुख दुख से ज्यादा अपने स्वार्थ से मतलब होता है यह स्वयं को खुश रखने हेतु किसी को दुख पहुंचाने या उनपर कटाक्ष करने से नहीं चूकते है। 
    सामान्यतः यह एक ऐसा रोग है जो अंदर ही अंदर व्यक्ति को नष्ट करता है। इसका कोई इलाज नहीं है और न इसे शांत किया जा सकता है। यह ऐसे स्वभाव के होते हैं की अपनी कमजोरियों को छुपाने के लिए किसी दूसरे को नीचा दिखाने लगते हैं। यह दूसरों की कमियों को निकालने में माहिर होते हैं। इनके सम्बंध से पारिवारिक सम्बन्धों में कटुता आती है। यह मुख्यतः व्यक्ति की क्षमताओं दया नम्रता जैसे गुणों को बर्बाद कर देता है।

  • सावधान:- महिलाओं से कमजोर है पुरूष इसलिए इनमें है हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा

    Life style| आजकल हार्ट अटैक का खतरा बेहद बढ़ गया है कोई भी यह भांप नहीं पता कि वह कैसे इसका शिकार हो गया है। यह बीमारी इतनीं घातक हो चुकी है कि आज कल कम उम्र के लोग जल्द ही इसका शिकार हो जाते हैं और अपनी जान से हाँथ धो बैठते हैं। अभी कल ही की खबर थी कि ऑस्ट्रेलिया के महान लेग स्पिनर शेन वॉर्न हार्ट की हार्ट अटैक से मौत हो गई। शेन वॉर्न को अचानक से हार्ट अटैक पड़ा और यह इस दुनिया को छोड़ गए। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि आखिर इतनी कम उम्र में हार्ट अटैक क्यों आता है वही यह समस्या पुरुषों में इतनीं अधिक क्यों है। 

    वैसे तो इससे जुड़े कई खुलासे हुए हैं लेकिन अमेरिका में हुए एक शोध में जो कहा गया उसे सुनकर हर कोई चौक गया। कि हार्ट अटैक महिलाओं के मुकाबले पुरुषों में ज्यादा होता है वही पुरष अब के दौर में दिल की बीमारी से अधिक ग्रसित होते हैं। यह दिन भर किसी न किसी विचार को अपने मस्तिष्क में पिरोहते है और उससे स्वयं को परेशान रखते हैं जिसके चलते उनमें हार्ट अटैक की समस्या अधिक देखने को मिलती हैं।
    यूएस सेंटर्स फॉर डिसीज कंट्रोल एंड प्रीवेंशन की रिपोर्ट के अनुसार अमेरिका में 7 लाख 35 हजार लोग हार्ट अटैक का शिकार हुए हैं। साल 2016 में जामा इंटरनल मेडिसिन में प्रकाशित नॉर्वे की ट्रोम्सो स्टडी के शोध के मुताबिक उम्र के एक पड़ाव में आते आते पुरुषों में हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है। क्योंकि यह उम्र बढ़ने के साथ साथ अधिक चिंतनशील हो जाते हैं। महिलाओं में पुरूष की अपेक्षा कुछ भी सहने की ताकत अधिक होती है जिसके चलते यह पुरूष से ज्यादा स्वास्थ्य रहती है।

  • Woman’s day| सिर्फ सोशल मीडिया तक क्यों सीमित है महिलाओं का सम्मान

    जीवन शैली| आज महिला दिवस है। हर ओर महिलाओं के सशक्तिकरण की बाते होगी। लोग सोशल मीडिया पर महिलाओं की सराहना करेंगे। लेकिन वह वास्तव में सशक्तिकरण के मूल को नही जानते हैं। क्योंकि महिला सशक्तिकरण एक सतत विवेकपूर्ण प्रक्रिया है और महिला दिवस का तब तक कोई औचित्य नही है जब तक की वास्तव में उनकी दशा नही सुधरती। क्योंकि महिला एक नीति है संविधान ने उन्हें अधिकार दिए हैं। हर कोई उसके अशिकारो की बात भी करता है। लेकिन वास्तव में क्या उन्हें उनके अधिकारों की प्राप्ति होती है या उसका औचित्य सिर्फ सोशल मीडिया पर दिखावे हेतु रह गया है। 

    क्योंकि आज भी यह स्पष्ट है कि महिलाओं को अपने हक के लिए निरंतर संघर्ष करना पड़ रहा है। वह आज भी आर्थिक रुप से पुरुष पर निर्भर है। उन्हें आज भी अपने निर्णय लेने के लिए स्वतंत्रता नही प्राप्त है। इसलिए यह आवश्यक है जानना की आज 21 वीं सदी में आने के बाद भी महिला दिवस का औचित्य सिर्फ एक रस्म भर रह गया है जिसने अब दिखावे की दुनिया मे अपना घर बना लिया है। आज वो लोग भी महिलाओं के सम्मान में बड़े बड़े खाखा लिखेंगे और सोशल मीडिया पर महिला सशक्तिकरण की बात करेंगे जो महिलाओं के अधिकार के लिए उनके साथ कभी नही खड़े होते।

    महिलाओं के लिए है यह सवाल करने का दिन:- 

    आज जब हर कोई महिला सशक्तिकरण की बात करे ओर महिलाओं के सम्मान के लिए कुछ करे तो महिलाओं को उसे स्वीकारने से पूर्व उनसे यह सवाल अवश्य करना चाहिए कि यह सम्मान सिर्फ आज क्यों। महिला सशक्तिकरण की बात सिर्फ महिला दिवस पर क्यों। क्या एक दिन के सम्मान से महिला सशक्त हो जाएगी। क्योंकि आज कि महिला को इतनी समझ है कि वह अपने सामने बैठे व्यक्ति से इस एक दिन के सम्मान का कारण पूंछे और अपने अधिकारों के लिए एक कदम आगे बढ़ाए। क्योंकि आपका एक सवाल आपको घरेलू अत्याचारों से निजात दिला सकता है। कामकाजी महिलाएं अपने उत्पीड़न से छुटकारा पा सकती हैं। जिसके बाद ही महिला दिवस की सार्थकता सिद्ध होगी।

    आखिर क्यों पुरुष को करना सम्मान का दिखावा:- 

    आज महिला दिवस के मौके पर हर कोई महिलाओं के सम्मान में बड़े बड़े पोस्ट सोशल मीडिया पर पोस्ट करेंगा। इसमे कई लोग ऐसे भी होंगे जो महिलाओं का सच मे सम्मान करते हैं लेकिन कई लोग ऐसे भी होंगे जो महिलाओ के साथ उनके हक के लिए नही खड़े होते । लेकिन आज वह भी सोशल मीडिया पर उनके सशक्तिकरण की गाथा गायेंगे। लेकिन यदि आप सच मे महिलाओं के सम्मान के लिए खड़े होना चाहते हैं तो दिखावे से दूर हटकर उनके सम्मान के लिए खड़े हो और एक संकल्प के साथ उन्हें सशक्त बनाने का प्रयास करें। क्योंकि महिला दिवस महिला के सम्मान की कहानी बताता है और यह तब सशक्त होगा जब महिला को सम्मान के लिए किसी दिन की आवश्यकता नही होती।

  • नशे के विरोध में सोशल मीडिया पर ट्रेंड किया नशा करता नशा

    जीवनशैली| शराब जिसको आज कल के युवा बड़े ही चाहो के साथ आपनी आदत बनाए हुए हैं। उन्हें लगता है शराब के सेवन से उनकी प्रतिष्ठा बढ़ती है और समाज मे उनकी एक अलग छवि बनती है। लेकिन वह यह नहीं जानते उनका यह स्वैग उनके स्वास्थ्य पर कितना नकारात्मक प्रभाव डालता है और शराब का सेवन उन्हें अंदर से लगातार कमजोर बनाता चला जा रहा है। क्योंकि वह यह जानते ही नहीं है आज के समय मे उनका सबसे बड़ी दुश्मन शराब है जो कि उनके शरीर को धीरे धीरे दीमक की भांति खा रही है। शराब के सेवन के व्यक्ति का मस्तिष्क प्रभावित होता है और उसकी सोचने व समझने की शक्ति कम होने लगती है। 

    तो आइए जानते हैं शराब के सेवन से होने वाले नुकसान:- 

    जब व्यक्ति शराब का सेवन करता है तो उसका दुष्प्रभाव व्यक्ति के शरीर पर देखने को मिलता है। व्यक्ति का सोंचने समझने की शक्ति कम होती है। उनकी किडनी प्रभावित होती है। यह किडनी में यूरीन बनने से रोकता है जो बड़ी बीमारी का स्वरूप ले सकता है। वही इसके अधिक सेवन से डायबिटीज कैंसर इंसुलिन जैसी बड़ी बीमारी हो जाती है। वही आज कल शराब के विरोध में लोग अभियान चला रहे हैं। इसकी लत को छुड़ाने के लिए परिवार से लेकर बड़े स्तर तक प्रयास जारी है। 
    आज सोशल मीडिया पर शराब के विरोध में हैश टैग नशा करता नाश जमकर ट्रेंड कर रहा है। लोग इस हैश टैग में साथ नशे के विरोध में जमकर ट्वीट कर रहे हैं और लोगो को जागरूक करने का प्रयास कर रहे हैं।

     

  • WHO ने कोरोना के बढ़ते केसेस को देखते हुए दुनिया को दी बड़ी चेतावनी

    डेस्क। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने गुरुवार को कोरोना महामारी को लेकर बड़ा बयान जारी किया है। WHO ने कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए कहा है कि कोविड-19 एक स्थानिक बीमारी बनने से बहुत दूर है और अभी भी यह दुनिया भर में बड़ी महामारी को जन्म देने में सक्षम है। 

    बात दें यह बयान डब्ल्यूएचओ के आपात निदेशक माइकल रयान की ओर से आया है। उन्होंने कहा है कि यह सोचना भी गलत होगा कि अगर कोविड-19 थम जाए और स्थानिक हो जाए, तो इसका यह मतलब है कि समस्या का अंत हो गया।

    रयान ने डब्ल्यूएचओ के सोशल मीडिया चैनलों पर लाइव आकर बताया कि, “मुझे निश्चित रूप से इस बात पर भरोसा नहीं है कि हम इस वायरस के साथ एक स्थानिक स्थिति के करीब पहुंच गए हैं।” 

    आगे उन्होंने कई मिथ का विखंडन करते हुए कहा कि अभी कोरोना ऐसा नहीं हुआ है कि यह किसी विशेष मौसम में ही फैले (यानी लोग ये ना समझे कि ये एक ही मौसम में ज्यादा प्रभावी होता है, यह कभी भी फैल सकता है)। 

    उन्होंने आगे कहा कि, यह किसी भी मौसमी पैटर्न में नहीं बदला है, और “अभी भी काफी अस्थिर है साथ ही बड़ी महामारी पैदा करने में भी सक्षम है।”

  • Earth Day पर जानिए कैसे आपके छोटे-छोटे स्टेप्स दे सकते हैं आने वाली पीढ़ी को स्वस्थ जीवन

    डेस्क। पृथ्वी, जिसमें जीवन को सहारा देने की शक्ति है। अब यह जलवायु परिवर्तन, प्रदूषण, वनों की कटाई, ग्लोबल वार्मिंग और कई अन्य समस्याओं से जूझती नज़र आ रही है। इस कारण से लोग ग्रीन हाउस इफ़ेक्ट, ओजोन लेयर डेपलिटीशन, Acid Rain, भूमि का कटाव जैसी कई समस्याओं से जूझने को मजबूर हैं। कई विशेषज्ञ अनुमान लगाते हैं कि अगर इसको अभी नही रोका गया तो आने वाली पीढ़ियों के लिए पृथ्वी पर रहना नामुमकिन हो जाएगा। और इसी तरह एक दिन पृथ्वी पर से जीवन का अंत भी हो जाएगा। 

    हालांकि, दुनिया भर में लोग इसे संरक्षित करने के लिए विभिन्न निवारक कदम उठा रहे हैं और इसी कड़ी में हर साल 22 अप्रैल को पृथ्वी दिवस भी मनाया जाता है। जिसकी शुरुआत विस्कॉन्सिन के जूनियर सीनेटर गेलॉर्ड नेल्सन ने की थी।

    पृथ्वी दिवस पहली बार 22 अप्रैल, 1970 को मनाया गया था। यह दिन 1970 में आधुनिक पर्यावरण आंदोलन की शुरुआत की वर्षगांठ का प्रतीक है।

    बता दें हर साल अलग-अलग थीम के साथ पृथ्वी दिवस मनाया जाता है।  इस वर्ष की थीम ‘इन्वेस्ट इन आवर प्लैनेट’ है। इन छोटी-छोटी बातों को करके कोई भी व्यक्ति पृथ्वी के संरक्षण में अपना योगदान दे सकता है।

    1. बर्ड फीडर या चिड़ियों के लिए घर बनाना या फिर छत पर उनके खाने पानी का इंतजाम करना।

    2. एक पेड़ लगाना, किसी भी दिन या महीने या साल में कुछ पेड़ लगाइये। इसमें भी ज्यादा ऑक्सीजन देने वाले पेड़ो जो चुनिए ताकि वातावरण शुद्ध हो सकने में मद्दत मिले।

    3. रीसाइक्लिंग डिब्बे बनाना।

    4.कूड़े को इकट्ठा कर अपने आसपास की सफाई करें।

    5. पानी बहता देख नल को बंद करना।

    6. उपयोग में नहीं होने पर लाइट बंद या बिजली उपकरणों को बंद रखना।

    7. सिर्फ पेड़ो को संरक्षित करने से नहीं, बल्कि जीवन को भी बचाने में सहयोग करें। विलुप्त हो रहे जीवो को बचाए।

    8. लकड़ी से बनी चीज़ों का उपयोग कम करें और उन्हें reuse करें।

    9. प्लास्टिक बैग्स के उपयोग की जगह कपड़े का थैला इस्तेमाल करें।

    10. रिफाइंड और प्रोसेस्ड फ़ूड का बहिष्कार करें ताकि बड़ी-बड़ी कंपनियों पर रोक लग सके और उनसे निकलने वाले विषैले तत्वों पर खुदबखुद ही रोक लग जाए।

  • अगर आप भी देखते हैं सपने में अपनी प्रेमिका को तो हो जाइए सावधान

    हम जो भी सपने देखते हैं वो सभी अपने साथ कई शुभ या अशुभ संकेत लेके आतें हैं ओर इन संकेतों से सभी लोग सहमत भी है। हालांकि इन दिनों लोग अपने सपनो का भविष्य के साथ कोई संबंध नहीं मानते हैं, लेकिन पुराने समय के लोग इन बातों को बहुत महत्व दिया करते थे और यह सही भी हुआ करता था। आज कल लड़को को खासकर प्रेमिका, लड़किया या फिर स्त्रियों से जुड़े सपने अधिक दिखाई देते हैं। और अगर सपने में महिला दिख जाए तो यह बहुत ही शुभ फल प्राप्त करने का संकेत देता है। आपको बता दें कि प्रेमिका या स्त्री का सपने में देखना अर्थात व्यक्ति के साथ अच्छा होगा या फिर बुरा इस बात पर निर्भर करता है कि सपने में आपको प्रेमिका या स्त्री किस अवस्था में दिखाई दी है। सपने में प्रेमिका दिखाई देना व्यक्ति के लिए तत्कालिक स्थति को दर्शाता है। आज हम आपको बताएंगे कि प्रेम को अगर सपने में प्रेमिका दिखाई दे तो इसका क्या मतलब होता है।

    सपने में प्रेमिका को लाल ड्रेस में देखना

    अगर आपको सपने में आपकी प्रेमिका खुबसूरत लाल ड्रेस में दिखाई देती है तो यह आपके लिए अत्यधिक खुशी की बात है, क्योंकि यह प्रेम संबंध में सफलता मिलने का संकेत है।

    सपने में प्रेमिका को लहंगा पहने देखना

    अगर प्रेमिका सपने में लहंगा पहने दिखाई दे रही है तो याद रहे कि प्रेमिका से शादी होने की संभावना को बहुत बढ़ाती है और सुखी दाम्पत्य जीवन होता है व जीवन भर का साथ मिलता है 

    सपने मे प्रेमिका को पालतू जानवर के साथ देखना

    सपने मे प्रेमिका को पालतू जानवर के साथ यानि खरगोश या तोता के साथ देखते हैं तो प्रेमिका से मिलाप की संभावना बनती है।

    सपने में प्रमिका को सपने में मिठाई खाते देखना

    अगर आप सपने में अपनी प्रेमिका को कुछ मीठा खाते हुए देखते हैं तो दोनों का जीवन अमर प्रेम से भरा होता है।

    सपने में प्रेमिका को वस्त्र उतारते देखना

    अगर आप सपने में प्रेमिका को वस्त्र उतारते देखते हैं तो आपको भारी अपमान का समना करना पड़ सकता है और आपकी समाज मे इज्जत भी कम होगी व लोग आपपर विश्वास भी नहीं करेंगे ।

    सपने में प्रेमिका को कंगन पहनाते हुए देखना

    अगर आप सपने में अपनी प्रेमिका को कंगन पहनाते हुए या कंगन के साथ देखते हैं तो यह बहुत ही शुभ माना जाता है। आपको बता दें कि यह आपकी प्रेमिका आपके लिए योग्य वधु का संकेत देते हैं और यह आने वाले जीवन में धन का संकेत देता है।

    किसी अन्य पुरुष के साथ प्रेमिका को देखना;

    यह स्वप्न यह दर्शाता है कि आप अपने जीवन के किसी पे विश्वास नहीं कर पा रहे होंगे जिस कारण आपका किसी के साथ संबंध लंबे समय तक नहीं चल पाता है ।