Category: health-lifestyle

  • मध्य रात्रि के बाद उत्‍तराखंड के उच्च हिमालय में अपने पूरे यौवन पर होता है ब्रह्मकमल का यह फूल

    [object Promise]

    देहरादून। समुद्रतल से 12 हजार फीट से लेकर 15 हजार फीट तक उगने वाला देवपुष्प ब्रह्मकमल इन दिनों चमोली और रुद्रप्रयाग जिलों के उच्च हिमालयी क्षेत्र में छठा बिखेर रहा है। दुर्लभ प्रजाति का यह पुष्प अमूमन जून के आखिर में खिलना शुरू हो जाता है और सितंबर तक देखने को मिलता है। भारतीय वनस्पति सर्वेक्षण, देहरादून के वरिष्ठ विज्ञानी डॉ. अंबरीष कुमार बताते हैं कि कुछ स्थानों पर अक्टूबर में भी ब्रह्मकमल को देखा जा सकता है। लेकिन, इस साल यह केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग और नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व में बहुतायत में देखा जा रहा है। इसकी वजह लॉकडाउन में उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पर्यटकों की आवाजाही न होना भी है। इसे उत्तराखंड के राज्य पुष्प का दर्जा हासिल है।

    ब्रह्मकमल को पवित्रता और शुभ का प्रतीक माना गया है। ब्रह्मकमल का अर्थ ही है ‘ब्रह्मा का कमल’। यह पुष्प भगवान शिव को भी अत्यंत प्रिय है। सावन में भक्त ब्रह्मकमल से ही भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। यह फूल केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में पूजा के लिए भी प्रयोग में लाया जाता है। ब्रह्मकमल का वैज्ञानिक नाम सोसेरिया ओबोवेलाटा है। सफेद रंग का यह फूल 15 से 50 सेमी ऊंचे पौधों पर वर्ष में केवल एक ही बार खिलता है, वह भी सूर्यास्त के बाद। मध्य रात्रि के बाद यह फूल अपने पूरे यौवन पर होता है। यह अत्यंत सुंदर और चमकते सितारे जैसे आकार का मादक सुगंध वाला पुष्प है।

    मान्यता है कि रात को खिलते समय अगर इस पर किसी की नजर पड़ जाए तो उसके लिए यह बेहद शुभ होता है। ब्रह्मकमल स्वत: उगने वाला फूल है और इसका विस्तार भी प्राकृतिक रूप से ही होता है। हालांकि, नंदा देवी बायोस्फीयर रिजर्व, केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग और बदरीनाथ वन प्रभाग में इसके संरक्षण के लिए कार्य हो रहा है। वन विभाग ट्रांसप्लांट के जरिये इसे ऐसे स्थानों पर रोप रहा है, जहां अभी इसका फैलाव नहीं है। इसके अलावा बीज से भी इसे उगाने की योजना है। केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के प्रभागीय वनाधिकारी अमित कंवर बताते हैं केदारपुरी की पहाड़ी पर ध्यान गुफा के आसपास ब्रह्मकमल की वाटिका तैयार करने की योजना बनाई गई है। ताकि यात्री इसके दर्शनों से आनंदित हो सकें।

    श्रीविष्णु ने भोलेनाथ को अर्पित किए थे 1000 ब्रह्मकमल

    मान्यता है कि जब भगवान विष्णु हिमालयी क्षेत्र में आए तो उन्होंने भगवान भोलेनाथ को एक हजार ब्रह्मकमल अर्पित किए। लेकिन, किसी कारण एक पुष्प कम पड़ गया। तब भगवान विष्णु ने पुष्प के रूप में अपनी एक आंख भोलेनाथ को ब्रह्मकमल दी।

    तभी से भोलेनाथ का एक नाम ‘कमलेश्वर’ व विष्णु जी का ‘कमल नयन’ पड़ा। बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चंद्र उनियाल बताते हैं कि एक अन्य आख्यान के अनुसार, यक्षराज एवं भगवान नारायण के खजांची कुबेर के सेवक हेममाली शिव पूजन के लिए इसी फूल को लेने कैलास गए थे। लेकिन, विलंब के चलते वह इसे शिव को अíपत नहीं कर पाए। तब कुबेर ने हेममाली को शापित कर अलकापुरी से निकाल दिया।

    देवपुष्प होने के साथ औषधीय गुणों की खान है यह फूल

    ब्रह्मकमल देवपुष्प होने के साथ ही औषधीय गुणों की खान भी है। विशेषज्ञों के अनुसार, ब्रह्मकमल की जड़ एंटीसेप्टिक का काम करती है। यह कटे हुए अंग के इलाज के लिए महत्वपूर्ण है। तिब्बती क्षेत्र में इससे लकवा का इलाज होता है। जड़ी-बूटी शोध संस्थान के वैज्ञानिक डॉ. विजय भट्ट बताते हैं कि ब्रह्मकमल की पंखड़ियों से निकलने वाले पानी को पीने से थकान मिट जाती है। सर्दी, जुकाम, पुरानी (काली) खांसी और हड्डी के दर्द के साथ ही जले-कटे पर भी इसका उपयोग किया जाता है। इससे कैंसर समेत कई खतरनाक बीमारियों का इलाज होता है। इस फूल में लगभग 174 फाम्र्युलेशन पाए गए हैं। वनस्पति विज्ञानियों ने इस दुर्लभ-मादक फूल की 31 प्रजातियां चिह्न्ति की हैं। ब्रह्मकमल का पौधा जड़ से लेकर पुष्प तक औषधीय गुण लिए हुए है। इसे सुखाकर तैयार किए जाने वाले पाउडर में कई गुण मौजूद हैं।

    बन रही ब्रह्मवाटिका

    केदारनाथ वन्य जीव प्रभाग के डीएफओ अमित कंवर ने बताया कि केदारनाथ धाम में मंदिर परिसर के पास ब्रह्मवाटिका तैयार की जा रही है। साथ ही ब्रह्मकमल उगाने के लिए विभाग धाम में ही एक नर्सरी भी तैयार कर रहा है। जो एक हेक्टेयर क्षेत्र में होगी। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गत दस जून को इसकी वर्चुअल समीक्षा की थी।

     

  • अमित अग्रवाल का नया संग्रह ब्रह्मांड से प्रेरित है

    [object Promise]

    नई दिल्ली। लैक्मे फैशन वीक के चल रहे डिजिटल संस्करण के तीसरे दिन डिजाइनर अमित अग्रवाल ने अपना कलेक्शन पेश किया।

    ब्रह्मांड से प्रेरित अपने इस कलेक्शन को डिजाइनर ने एक फैशन फिल्म के माध्यम से लॉन्च किया। वीडियो में आकाशगंगा या गैलेक्सी को बैकग्राउंड के तौर पर पेश किया गया। अमित ने इस दौरान अपने परिधानों के माध्यम से सितारों, ग्रह-नक्षत्रों, धरती की प्रतिकृति को उकेरने का प्रयास किया। वीडियो की एक और खासियत यह रही कि इसे बिल्कुल ही स्लो मोशन में प्रदर्शित किया गया।

    उन्होंने कहा, “आज हम अपने घरों में सुरक्षित रहते हुए दुनिया का अनुभव कर रहे हैं, लेकिन सितारें पहले की ही तरह चमचमा रही हैं, ब्रह्मांड आज भी उतनी ही विशाल और शांत है। मैं इसी आजादी में जीने के सपने देखता हूं और मेरे मन में खूबसूरती की इसी भावना को अपने परिधानों के माध्यम से पेश करने की चाह रही थी। मेरे लिए सूक्ष्म व सटीक कारीगरी के माध्यम से ब्रह्मांड के उस हल्के व आसाधारण अनुभव को सामने लाने का अनुभव आकर्षक था।”

    उन्होंने अपने इस कलेक्शन में चंदेरी और मटका सिल्क का उपयोग किया और रंगों का चुनाव भी काफी सोच-समझकर किया, जिनमें गोल्ड, बैंगनी, गामा ग्रीन, प्लम जैसे रंग शामिल रहे। इन्हें और भी ज्यादा आकर्षक बनाने के लिए उन्होंने हाथों की कारीगरी पर ज्यादा गौर फरमाया। उनकी डिजाइनर साड़ियों और लंहगे इत्यादि में लहरिया तकनीक की खासियत भी देखने को मिली।

  • वजन घटाना है तो सुबह के नाश्ते में करें ये 5 चीज़ें शामिल

    [object Promise]

    नई दिल्ली। आधुनिक समय में लोग मोटापे से निजात पाने के लिए सुबह के नाश्ते को स्किप करते हैं। इस बारे में उनका मत है कि इससे बढ़ते वजन को नियंत्रित किया जा सकता है। कुछ लोग एक दिन छोड़कर उपवास करते हैं, तो कुछ लोग डाइटिंग पर चले जाते हैं। हालांकि, बढ़ते वजन से निजात पाने के लिए महज उपवास और ब्रेकफास्ट स्किप करना कारगर उपाय नहीं है। इसके लिए नियमित और संतुलित खानपान और सही दिनचर्या जरूरी है। विशेषज्ञों की मानें तो अनुशासित होकर खानपान और वर्कआउट पर ध्यान देने से वजन कम किया जा सकता है। अगर आप भी मोटापे से परेशान हैं और बढ़ते वजन को कम करने के लिए प्रयासरत हैं, तो रोजाना सुबह में 5 चीजों का जरूर ध्यान रखें-

    गर्म पानी पिएं

    रोजाना सुबह में नाश्ता करने से पहले दो गिलास गुनगुना गर्म पानी जरूर पिएं। आप चाहे तो स्वाद के लिए नींबू का भी सहारा ले सकते हैं। पानी शरीर में मौजूद टॉक्सिन को बाहर करता है। इससे पाचन तंत्र मजबूत होता है। साथ ही मेटाबॉलिज़्म में भी सुधार होता है। मोटापे से निजात पाने के लिए दोनों जरूरी हैं।

    ब्रेकफास्ट करें

    विशेषज्ञ का कहना है कि सुबह में जगने के बाद एक घंटे के अंदर नाश्ता कर लेना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि सुबह का समय वजन कम करने में अहम भूमिका निभाता है। आराम करने के चलते रात के खाने की ऊर्जा रात में खत्म हो जाती है। इससे मेटाबॉलिज़्म भी स्थिर हो जाता है। इसके लिए जरूरी है कि आप सुबह में जल्दी नाश्ता करें।

    कैलोरीज कम लें

    अपने नाश्ते में शुगर फ्री या कम चीजों का सेवन करें। इससे एक्स्ट्रा कैलोरीज गेन होने का जोखिम नहीं रहता है। वजन घटाने के लिए दिनभर खाने में कम कैलोरी का सेवन करें। जबकि सुबह के नाश्ते में दिनभर का केवल 30 प्रतिशत कैलोरीज लें।

    प्रोटीन शामिल करें

    प्रोटीन के सेवन से हर समय खाने की आदत से निजात मिलता है। इसके सेवन से पेट हर समय भरा महसूस होता है। इसका मुख्य स्त्रोत ऊर्जा है। इसके लिए अपनी डाइट में प्रोटीन युक्त चीज़ें जैसे अंडे, दही, नट्स और साबुत अनाज को जरूर शामिल करें।

    फाइबर युक्त चीज़ें अधिक खाएं  

    सुबह के नाश्ते में फाइबर युक्त चीज़ें अधिक खाएं। फाइबर आंत में सही या गुड जीवाणुओं के विकास में मदद करता है, जिससे बार-बार खाने की समस्या से निजात मिलता है। इसके लिए अपने प्लेट में फाइबर युक्त फल और सब्जियां जरूर शामिल करें। रोजाना सुबह के नाश्ते में कम से कम 8 ग्राम फाइबर जरूर लें।

    आवश्यक : स्टोरी के टिप्स और सुझाव सामान्य जानकारी के लिए हैं। इन्हें किसी डॉक्टर या मेडिकल प्रोफेशनल की सलाह के तौर पर नहीं लें। बीमारी या संक्रमण के लक्षणों की स्थिति में डॉक्टर की सलाह जरूर लें।

     

  • लंबे समय तक फिटनेस को बरकरार रखने के लिए क्या करना है जरूरी और क्या नहीं…

    [object Promise]

    जिमिंग, स्विमिंग, रनिंग, एरोबिक्स, पावर योग और किक-बॉक्सिंग जैसे कई ऑपशंस फिट रहने के लिए लोगों के पास अवेलेबल हैं, लेकिन तुरंत रिजल्ट के चक्कर में वो किसी एक के बजाय हर एक को आजमाने में लगे हुए हैं। फिटनेस के लिए रोजाना 30 मिनट की सही एक्सरसाइज काफी होती है, लेकिन बहुत लोगों को लगता है कि इतना काफी नहीं और इसके चलते वो घंटों जिम में पसीना बहाते हैं और दो से तीन दिन में ही उनकी स्ट्रेंथ जवाब दे जाती है। अच्छी सेहत और फिटनेस के लिए आप क्या करें और क्या नहीं इसके बारे में थोड़ी जानकारी रखना बेहद जरूरी है।

    क्या करें

    • एक्सरसाइज के लिए एक समय तय कर लें। निश्चित समय पर हर हाल में वर्कआउट के लिए तैयार हो जाएं।

    • एक्सरसाइज को अपनी दिनचर्या में पहली प्राथमिकता दें।

    • अच्छी फिटनेस की खातिर खुद को मोटिवेट करते रहें।

    • एक्सरसाइज को पूरी तरह एंजॉय करें, इसे बोझ न समझें।

    • हमेशा सकारात्मक सोच के साथ एक्सरसाइज की शुरूआत करें।

    • वर्कआउट्स में थोडे-थोडे बदलाव करें, ताकि हर दिन नया जैसा लगे।

    • हर वर्कआउट एक्सपर्ट की निगरानी में करें।

    • वर्कआउट से पहले हमेशा वॉर्म-अप करें और वर्कआउट के बाद पूरी तरह से रिलैक्स हो जाएं।

    • अपने फ्रेंड्स या जिम के ग्रुप के साथ एक्सरसाइज करें, ताकि एक-दूसरे को मोटिवेट कर सकें।

    • शुरुआत धीरे-धीरे करें। हर वर्कआउट के बाद कुछ मिनटों का आराम करें।

    • एक्सरसाइज के साथ-साथ हेल्दी डायट भी फॉलो करें, ताकि आपके शरीर में एनर्जी बनी रहे।

    • वर्कआउट सेशन के दौरान पानी जरूर साथ रखें। हर वर्कआउट के बाद बहुत ज्यादा नहीं पर एक-दो घूंट पानी पीते रहें। इससे आपका शरीर डी-हाइड्रेट नहीं होगा।

    • जितना हो सके सुबह के समय ही एक्सरसाइज करें।

    • एक्सरसाइज करने वालों के लिए अच्छी नींद भी बेहद जरूरी है। इसलिए पर्याप्त मात्रा में नींद लें।

    • बेहद जरूरी है कि पर्याप्त मात्रा में कार्बोहाइड्रेट का सेवन किया जाए।

    क्या न करें

    • एक्सरसाइज को बोझ न समझें। स्ट्रेस दूर करने का यह बेहतरीन तरीका है। इसे एंजॉय करें।

    • एक्सरसाइज में बहुत ज्यादा प्रयोग करने से बचें।

    • शुरुआत में हेवी वर्क आउट से बचें।

    • लक्ष्य को पाने के लिए हडबडी न मचाएं। पूरे मन से एक्सरसाइज करें।

    • खुद को डी-हाइ्रेट होने से बचाएं। वर्कआउट से पहले, बाद और उसके दौरान पानी जरूर पिएं।

    • एक्सरसाइज के दौरान क्रैश डाइटिंग से बचें।

    • कार्डियो एक्सरसाइज को अनदेखा न करें। हफ्ते में कम से कम तीन बार कार्डियो एक्सरसाइज करें।

    • चाय, कॉफी, सोडा और सॉफ्ट ड्रिंक के सेवन से बचें।

    • वेट-ट्रेनिंग के दौरान हेवी वेट्स न उठाएं। ट्रेनर की निगरानी में वेट ट्रेनिंग करें।

    • ट्रेडमिल पर दौडते समय कमर और कलाई पर बहुत ज्यादा भार न दें।

    • वर्कआउट के बाद ज्यादा कैलरी वाला खाना न खाएं।

    • वर्कआउट से पहले भी सिर्फ जूस पिएं या फिर कोई फल खाएं। ब्रेकफस्ट के बाद वर्कआउट न करें।

  • Beauty products का हमारी ज़िंदगी में अहम भूमिका

    [object Promise]

    Beauty Product = Enhance Confidence 

    आजकल के युवाओं के हिसाब से ब्यूटी प्रोडक्ट उनकी लाइफ में काफी अहम भूमिका निभाता है, और धीरे-2 मेकअप करना हमारी ज़िंदगी में काफी जरूरी हिस्सा बन चुका हैं, अगर मेकअप नहीं किया तो हम्हे ख़ालीपन सा महसूस होने लगता हैं।

    पुराने ज़माने में दादी माँ और घर के बुजुर्ग भी सुंदर दिखने में ज्यादा ज़ोर देते थे, पहले तो सुंदर दिखने के लिए घरेलू नुस्खे इस्तेमाल किए जाते थे जिससे हमारी त्वचा में निखार आता था। पर आज कल के युवाओं के पास इतना समय नहीं है कि घरेलू नुस्खे पे ध्यान दे, लेकिन अब तो ब्यूटी प्रोडक्ट की काफी जरुरत पड़ती है, ताकि आजकल के प्रदूषण से महिलाओं और पुरुषों के चेहरे का नुकसान ना हो, उनकी त्वचा पे लाल धब्बे ना आए और किसी भी तरह का गंदा रंग ना दिखे चेहरे पे इसलिए ब्यूटी प्रोडक्ट काफी अहम भूमिका निभाता हैं।

    Beauty products के आने से अब कोई परेशानी नहीं है और अब ब्यूटी प्रोडक्ट के आने से लोगों की ज़िंदगी आसान बना दी हैं। महिला और पुरुष किसी भी वक़्त खुद को सवार सकते है चाहें वो स्कूल जाना हो, कॉलेज जाना हो, पार्टी या ऑफिस मीटिंग ब्यूटी प्रोडक्ट हमारे चेहरे को निखारने के लिए हमेशा तैयार रहता हैं।

    कुछ एहम ब्यूटी प्रोडक्ट महिलाओं के लिए ( COMMON BEAUTY PRODUCT FOR LADIES )

    *Eyeliner

    *Foundation

    *Lipstick

    *Concealer

    *Moisturizer

    LIPSTICK EFFECT – PSYCHOLOGICAL PHENOMENON

    Lipstick लगाने से लेडीज़ को शारीरिक रूप से आत्मविश्वास मिलता है और उनके बर्ताव में भी यह विश्वास झलकता है, lipstick से महिलाओं को और ज्यादा खूबसूरती का अहसास होता है। 

    MOISTURIZER: Moisturizer हम्हे हर रोज़ लगाना चाहिए क्योंकि हमारी skin काफी प्रकार की होती है जैसे कि dry, oily, rough, etc. इसलिए रोज़ मेकअप करने से आपकी त्वचा की गहराई में जा कर आपकी त्वचा को ख़राब कर सकता है, ऐसे में moisturizer का इस्तेमाल करने से आपकी त्वचा की काफी समस्या दूर हो जाती हैं और आपकी त्वचा को ग़लत प्रभाव से भी बचाती हैं।

    EYELINER/KAJAL: चेहरे पे सबसे नाज़ुक हमारी आँखें होती हैं, जो सबसे ज्यादा आकर्षक होती है, तो ऐसे में हम्हे कम से कम chemical प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना चाहिए या फिर आयुर्वेदिक प्रोडक्ट का इस्तेमाल करना चाहिए ताकि हमारी आँखों पे गलत प्रभाव ना पड़े, इसलिए नए ज़माने में eyeliner/kajal जैसे नई तकनीक के ब्यूटी प्रोडक्टस आए हैं जिससे आपकी आँखों पहले से ज्यादा ग्लो करेगी और ज्यादा आकर्षित लगेगी। 

    CONCEALER: Concealer आपके चेहरे के dark circles को छुपाने में मदद करता हैं, कभी-2 ना सोने के कारण या फिर प्रदूषण की वजह से या ज्यादा tension लेने की वजह से आपकी त्वचा में काफी असर पड़ता है, ऐसे में concealer आपकी त्वचा में होने वाले ग़लत अभाव को छुपाता है और आपकी skin को सामान्य बना देता है ( even tone ) और सुंदर निखार देता हैं। 

    कुछ एहम ब्यूटी प्रोडक्ट पुरुषों के लिए ( COMMON  )

    *Moisturizer

    *Sunscreen

    *Shampoo

    *Conditioner

    *Hair Oil

    *Scrub

    मेकअप करने के फायदे: 

    • मेकअप हमारी skin को ग्लो करता हैं।
    • मेकअप हमारे चेहरे को और सुंदर बनाता हैं।
    • मेकअप बाहरी प्रदूषण से हमारी त्वचा को बचाता हैं।
    • मेकअप खुद में आत्मविश्वास दिलाता हैं।
    • मेकअप करने से आपके चेहरे के wrinkles, dark circles, red spots, uneven tone, जैसी परेशानियों से बचाता हैं।

    मेकअप करने का नुकसान:

    • ब्यूटी प्रोडक्ट्स हमेशा chemicals से बनते हैं ऐसे में मेकअप करने से chemicals आपकी त्वचा को नुकसान पहुँचा सकता हैं और skin कैंसर जैसी घातक बीमारी भी दे सकता हैं।
    • मेकअप करने से आपकी skin भी rough हो सकती हैं।
    • कभी-कभी ज्यादा मेकअप करने से skin की originality भी कम हो जाती हैं।
    • ज्यादा lipstick के इस्तेमाल से आपके होंठो को भी नुकसान पहुँचा सकता हैं।

    Conclusion 

    ऐसे में सही ब्यूटी प्रोडक्ट्स आपको कभी भी कोई नुकसान नहीं पहुँचा सकता क्योंकि आजकल के ब्यूटी प्रोडक्ट्स chemicals less बनाये जाते हैं मतलब chemicals वही इस्तेमाल होते हैं जो आपकी त्वचा को नुकसान ना होने दे।

    मेकअप की जरूरत दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही हैं, पहले के ज़माने में फ़िल्म जगत के सितारे अपनी त्वचा को आकर्षित बनाने के लिए कई तरह के ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करते थे, वो ब्यूटी प्रोडक्ट्स बहुत ज्यादा ही हानिकारक होते थे क्योंकि आपकी त्वचा बहुत sensitive होती हैं ऐसे में भारी मेकअप करके और पुराने ज़माने की excessive lights का इस्तेमाल करने से कई बार फिल्मी सितारों को काफी तकलीफ़ होती थी। फ़िल्म सेट पे चक्कर आना, skin cancer और ना जाने कई प्रकार के हेल्थ परेशानियों का सामना करना पड़ता था, परंतु अब वक़्त बदल गया है, ब्यूटी प्रोडक्ट्स हमारे जीवन में नयी उमंग लेकर आया हैं, ब्यूटी प्रोडक्ट्स सही उम्र का पता चलने नहीं देता हैं ऐसे में त्वचा को और निखारने के लिए सही ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करे और खुद को और भी ज्यादा खूबसूरत बनाये|

    सुंदरता आपके जीवन में सफलता और आत्मविश्वास प्रदान करती है, और सही ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करने से आप अपने चेहरे को काफी हद तक प्रदूषण और गंदी हवा से बचा सकते हैं इसलिए अच्छे और सुरक्षित ब्यूटी प्रोडक्ट्स का इस्तेमाल करे और हमेशा खुश रहे।

    Trustworthy Beauty Products : 

    L’Oreal, NYX, NARS, Maybelline, Pantene, MAC, Bobbie Brown….etc…

  • 12 लाख 10 हजार में इस करवाचौथ पर लखनऊ में बिक रहा सोने का करवा, चांदी के बीकानेरी की भी मांग

    [object Promise]

    लखनऊ। नवरात्र के बाद करवा चौथ की खरीदारी के लिए बाजारों में रौनक है। दुकानें ग्राहकों से गुलजार हैं। सर्राफा बाजार हो या फिर बर्तन बाजार सभी में करवा के खरीदारों की भीड़ है। यही हाल लहंगा और साड़ी की दुकानों का है। चौक सर्राफा बाजार में 212 ग्राम से अधिक वजन का करीब 12 लाख दस हजार रुपये की कीमत के सोने का करवा रविवार को बिक गया। चांदी के बीकानेरी करवा की मांग सर्राफा बाजार में खूब है। तो मुरादाबादी नक्कासी वाला पीतल और कांसा का करवा लोगों की खास पसंद है।

    12 लाख 10 हजार का सोने का करवा बिका

    लखनऊ सर्राफा के आदीश जैन ने बताया कि चौक बाजार में करीब 212ग्राम 200 मिलीग्राम का करवा आर्डर देकर बनवाया गया था। इसकी डिलीवरी हो गई है।

    हाथ से किए गए काम वाला ट्रेडिशनल करवा भा रहा

    बाजार में इस बार पुराने ट्र्रेडिशनल हाथ से काम किए जाने वाला करवा लोगों की पसंद में है। विशेष तरह से डिजाइन किया गया इस करवे का आकर्षण चेन और कुंदन का काम है। आलमबाग के सर्राफ राजीव गुप्ता ने बताया कि 390 ग्राम वजन के इस करवे की कीमत 31,200 रुपये है। इसमें सारा काम कारीगरों द्वारा हाथ से निर्मित किया गया है। चौक सिद्धार्थ जैन ने बताया कि कलकतिया काम वाला लखनवी चांदी का करवा भी पसंद किया जा रहा है। इसका मुख्य आकर्षण करवों पर की गई विशेष तरह की मीनाकारी है। यही वजह है कि इस करवा की भी खूब डिमांड है।

    बीकानेरी करवा

    बीकानेरी चांदी के करवा की मांग बहुत है। वजन के हिसाब से ऑन डिमांड इसे तैयार किया जाता है। बेजोड़ नक्कासी वाला यह करवा फिलहाल सवा सौ से ढाई सौ ग्राम के बीच बाजार में उपलब्ध है। मांग को देखते हुए जो लोग इसे और वजनदार बनवाना चाहते हैं। उनसे आर्डर लेकर तैयार करा दिया जाएगा। नक्कासी वाला करवा लोगों की खास पसंद है।

    बर्तन बाजार में सस्ते करवे की एक बड़ी रेंज

    यहियागंज बर्तन बाजार के नितेश अग्रवाल बताते हैं कि जो लोग चांदी का महंगा करवा नहीं खरीद सकते हैं उनकी पॉकेट के हिसाब से बर्तन बाजार में सस्ते करवे हैं। गीलट का करवा साढे़ पांच सौ रुपये किलो है तो पीतल का मुरादाबादी नक्कासीदार कटे ग्रुव वाला करवा साढे़ पांच सौ से लेकर पंद्रह सौ तक है। वहीं सादा पीतल का करवा छह सौ से लेकर एक हजार रुपये की कीमत का है। इसमें डिजाइनर थाली और छलनी भी है। एक सेट के रूप में भी पीतल का करवा लाया गया है। इसमें डिजाइनर थाली और छलनी भी है। पीतल का मुरादाबादी करवा ज्यादा पसंद किया जा रहा है। कांसे का करवा भी लोग मांग रहे हैं। इसके साथ ही फैंसी बर्तन, कुकर, कुकवेयर, पूजा के बर्तन, थाली,कटोरा, डिनर सेट समेत कई चीजों की खरीदारी लोग कर रहे हैं।

    साड़ी और लहंगा की हुई खरीदारी

    करवा के लिए साड़ियों और लहंगा की मांग भी खूब है। कारोबारी उत्तम कपूर बताते हैं कि दो हजार रुपये से लेकर बीस हजार तक की सिल्क की साड़ियां खरीदी जा रही हैं। जयपुरिया इंब्राइडरी वाली चुनरी साड़ी के अलावा पांच हजार से चालीस हजार रुपये की रेंज वाले लहंगा आकर्षण का केंद्र हैं। अशोक मंगलानी के मुताबिक साड़ियों में सिल्क की साड़ियों के अलावा लहंगे की डिमांड करवा पर है।

     

  • आपके फेफड़ों को बीमार कर सकता है धूएं से भरा कोहरा, ऐसे करें हिफाज़त

    [object Promise]

    भारतीय उपमहाद्वीप में जैसे ही सर्दी का मौसम शुरू होता है, वैसे ही लोग ठंड और कर्कश सर्द मौसम, प्रदूषण और धुएं से भरे कोहरे से खुद को बचाने की जद्दोजहद में लग जाते हैं। जो लोग पहले से ही फेफड़ों के कैंसर, अस्थमा, धूल से एलर्जी आदि से पीड़ित हैं, वायु प्रदूषण उनकी मुश्किलों को और बढ़ा देता है। वहीं, चल रही कोरोना वायरस महामारी न सिर्फ तनाव बल्कि गंभीर लक्षणों का जोखिम पैदा कर रही है।

    महामारी के दौरान वायु प्रदूषण ख़तरनाक है क्योंकि इससे आपके वायुमार्ग में जलन हो सकती है, जिससे सांस लेने में कठिनाई आ सकती है। वायु प्रदूषण अस्थमा, निमोनिया, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD), घुटन, मतली, उल्टी, थकान, ब्रॉन्काइटिस और यहां तक ​​कि फेफड़ों के कैंसर जैसी बीमारियों की भी वजह बन सकता है। आपको यह जानकर हैरानी होगी कि वायु प्रदूषण आपकी नसों, किडनी, लिवर और अन्य अंगों को भी नुकसान पहुंचा सकता है। यह कुछ मामलों में घातक भी हो सकता है।

    ऐसे में जब हवा की गुणवत्ता इतनी ख़राब है, लोगों को घर से बाहर निकलते वक्त सावधानी बरतनी चाहिए, ताकि के फेफड़ों को नुकसान पहुंचने से बचा सकें।

    जो लोग पहले से किसी गंभीर बीमारी से ग्रस्त हैं, उन्हें कोविड-19 की हाई-रिस्क कैटेगरी में रखा गया है। वहीं, लगातार बढ़ता हुआ प्रदूषण उनकी मुश्किलें बढ़ाने का काम कर रहा है। ऐसे में आइए जानें कि कोरोना वायरस महामारी के साथ आप प्रदूषण से खुद को कैसे बचा सकते हैं।

    1. कचरे को जलाने से होने वाले प्रदूषण को रोका जाना चाहिए और कचरे को वहीं फेकें जहां उसके लिए जगह बनाई गई है।
    2. गाड़ियों से होने वाले प्रदूषण को कम करना चाहिए और जो लोग सड़कों पर थूकते हैं, उनके लिए सख्त कानून के तहत सज़ा मिलनी चाहिए।

    3. एंटी-प्रदूषण मास्क का इस्तेमाल करना बेहद ज़रूरी है। इसके लिए स्कार्फ, रुमाल या किसी भी कपड़े का उपयोग न करें, क्योंकि ये आपको प्रदूषण से नहीं बचा सकेंगे। साथ ही बाहर जाते वक्त कोविड-19 से बचने के लिए लोगों से ज़रूरी शारीरिक दूरी बनाए रखें। मास्क आपको कोविड-19 और प्रदूषण दोनों से सुरक्षित रखेगा।

    4. अपने शरीर को फिट रखने के लिए हफ्ते में 5 दिन रोज़ाना कम से कम 30 मिनट के लिए वर्कआउट करें। सांस को सही रखने के लिए आप एरोबिक्स, साइक्लिंग, डांस या फिर चाहे वॉक करें।
    5. खानपान का ख़ास ध्यान रखें। बाहर के खाने की बजाय ताज़े फल और सब्ज़ियां खाएं। सेब, हल्दी, ज़ैतून का तेल, बैरीज़, दालें और ड्राइ फ्रूट्स का सेवन करें, जो आपके फेफड़ों को स्वस्थ रखने में मदद कर सकता है। जंक, ऑयली, मसालेदार और यहां तक कि प्रोसेस्ड फूड खाने से दूर रहें।
    6. अस्थमा और COPD के मरीज़ों को रोज़ाना अपनी दवाइयां लेनी चाहिए और इंहेलर को भी पास रखना चाहिए। उम्रदराज़ लोग जिन्हें डायबिटीज़ और दिल की बीमारी की शिकायत है, उन्हें ज़्यादा सतर्क रहने की ज़रूरत है। साथ ही अपने डॉक्टर से संपर्क में रहें।
    7. धूम्रपान फौरन छोड़ दें, क्योंकि ये आपकी मुश्किलें बढ़ा सकता है।
    8. घर से बाहर निकलते वक्त हवा की गुणवत्ता चेक कर लें। खासतौर, पर जब आप सुबह की सैर के लिए निकलते हैं।
    9. अपने फेफड़ों को स्वस्थ रखने के लिए खास वर्कआउट करें। प्राणायाम करें, इससे चेहरे और सीने में तनाव कम होता है।

  • ‘उड़द दाल के कचालू’, रोटी हो या चावल हर किसी के साथ लगेगा मजेदार

    [object Promise]

    कितने लोगों के लिए : 4

    सामग्री :

    100 ग्राम ताजा दही, 100 ग्राम उड़द दाल, चुटकी भर हींग, 1/4 टीस्पून जीरा, 1/4 टीस्पून हल्दी पाउडर, 2 टीस्पून धनिया पाउडर, 1 टीस्पून सौंफ पाउडर, 1/2 टीस्पून गरम मसाला पाउडर, 1/2 अमचूर पाउडर, स्वादानुसार नमक, थोड़ा जिंजर पेस्ट, सजाने के लिए हरी धनिया कटी हुई

    विधि :

    उड़द की दाल को पानी में दो घंटे के लिए भिगो दें। जब दाल अच्छी तरह फूल जाए, बारीक पीस लें।
    पेस्ट हल्का गाढ़ा रखें। पीसते समय ज्यादा पानी न मिलाएं।

    पीसी हुई दाल में हींग, धनिया पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर अच्छी तरह मिलाएं।
    दाल पेस्ट को 3-4 घंटे के लिए फर्मेशन के लिए छोड़ दें।
    एक प्रेशर कुकर में थोड़ा पानी डालकर गैस पर चढाएं। कुकर में जाली लगाएं और पानी को गर्म होने के लिए छोड़ दें।
    जब पानी उबलना शुरू हो जाए तब उड़द दाल पेस्ट की छोटी-छोटी गोलियां बनाकर उसमें डालें। बिना सीटी के कुकर का ढक्कन लगाएं।
    10 मिनट तक पकाएं। आंच से उतारकर ठंडा होने के लिए अलग रखें, लेकिन कुकर का ढक्कन न खोलें।
    एक कड़ाही में तेल डालकर गर्म करें। हीग, जीरा पाउडर और होममेड जिंजर पेस्ट डालें।
    जब मिश्रण भुनना शुरू हो जाए तब धनिया पाउडर, हल्दी पाउडर, लाल मिर्च पाउडर और नमक डालकर चलाएं। अब दही डालकर तब तक पकाएं जब तक कि चिकनाई न छूटने लगे। फिर पानी डालकर पकाएं।
    जब 2-3 उबाल आ जाए तब दाल के टुकड़े डालकर दस मिनट तक पकाएं। जब ग्रेवी गाढ़ी होना शुरू हो जाए तब थोड़ा सा अमचूर पाउडर और गरम मसाला पाउडर डालकर 5 मिनट तक पकाएं।
    आंच से उतार कर कटी हुई हरी धनिया से सजाएं।
    उड़द दाल की कचालू सब्जी सर्व करने के लिए तैयार है।

  • भाई का प्यार चाहे बहन, नहीं चाहे महंगे उपहार, रहे हमेशा रिश्ता अटूट, मिले भाई को खुशियां अपार

    [object Promise]

    आज भाई दूज का त्योहार है। इसे यम द्वितीया के नाम से जाना जाता है। यह पर्व बहन और भाई के स्‍नेह का प्रतीक है। भाई दूज के दिन बहनें अपने भाई को तिलक लगाती हैं और उनकी लंबी उम्र की कामना करती हैं। इस त्योहार से भाई-बहन का रिश्ता मजबूत होता है। जहां बहन अपने भाई की लंबी उम्र की कामना करती है वहीं, भाई अपनी बहन के मान सम्‍मान की रक्षा करने का वचन देता है। भाई दूज के साथ ही दिवाली का त्यौहार या पर्व खत्म हो जाता है। इस दिन गणेश जी, यम, चित्रगुप्त और यमदूतों की पूजा की जाती है। कई घरों में कलम-दवात की पूजा भी की जाती है। इस दिन घर की बड़ी-बुजुर्ग महिलाओं से पारंपरिक कथाएं भी सुनी जाती हैं। लेकिन हो सकता है कि कुछ भाई-बहन एक-दूसरे से दूर होने के चलते यह त्यौहार न मना पाएं। ऐसे में आप एक-दूसरे को एक प्‍यार भरा संदेश तो भेज ही सकते हैं। ऐसे में हम आपको कुछ शुभकामना संदेशों की जानकारी दे रहे हैं जिन्हें आप वॉट्सऐप और मैसेंजर पर भेज सकते हैं। आइए पढ़ते हैं भाई दूज के ये शुभकामना मैसेजेज।

    यम और यमी की कथा से भाई दूज के त्योहार के महत्व का पता चलता है। यमराज यमी यानी यमुना के घर पर कार्तिक शुक्ल द्वितीया के दिन जाते हैं, इसलिए य​​ह यम द्वितीया भी है। यमी उनका तिलक करती हैं और भोजन कराती हैं। प्रस्थान करते समय यम अपनी बहन को दक्षिणा देते हैं और उनकी रक्षा का वचन देते हैं। उन्होंने अपनी बहन को वचन दिया है कि वे हर साल कार्तिक शुक्ल द्वितीया को उनसे मिलने आएंगे।

    1. आया भाई दूज का है प्‍यारा त्यौहार

    बहनों की दुआएं भाइयों के लिए हजार,

    भाई बहन का यह अनमोल रिश्ता है अटूट

    बना रहे यह बंधन हमेशा खूब।

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    2. बहन लगाती तिलक फिर मिठाई खिलाती है

    भाई देता तोहफा और बहन मुस्काती है,

    भाई बहन का ये रिश्ता न पड़े कभी लूज,

    आपको मुबारक हो आपको भाई दूज

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    3. भाई दूज के शुभ अवसर पर

    आपके लिए ढेर सारी शुभकामनाएं,

    आपके जीवन में सुख-शांति और

    समृद्धि हमेशा बनी रहे

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    4. कामयाबी तुम्हारे कदम चूमे

    खुशियां तुम्हारे चारो और हो,

    पर भगवान से इतनी प्रार्थना करने के लिए

    मुझे कुछ तो कमीशन दे दो भाई

    भईया दूज की बधाई

    5. भाई दूज का त्यौहार है, भैया जल्दी आओ,

    अपनी प्यारी बहना से तिलक लगवाओ

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    6. खुशनसीब होती है वो बहन,

    जिसके सिर पर भाई का हाथ होता है,

    हर परेशानी में उसके साथ होता है

    लड़ना-झगड़ृना फिर प्यार से मनाना,

    तभी तो इस रिश्ते में इतना प्यार होता है

    भाई दूज की शुभकामनाएं

    7. बहन चाहे भाई का प्यार नहीं चाहे महंगे उपहार,

    रिश्ता अटूट रहे हमेशा मिले मेरे भाई को खुशियां अपार

    भाई दूज की ढेरों बधाईयां

    8. थाल सजा कर बैठी हूं अंगना

    तू आजा अब इंतजार नहीं करना

    मत डर तू अब इस दुनिया से

    लड़ने खड़ी है तेरी बहन सबसे

    भाई दूज की शुभकामनाएं

     

  • इन ईज़ी टिप्स के ज़रिए आप भी आईब्रोज़ को घना व आकर्षक बना सकती है…

    [object Promise]

    आईब्रोज़ को भी उसी तरह के देखभाल की आवश्यकता होती है, जैसा कि आप अपने चेहरे और स्कैल्प व बालों की करती हैं। लेकिन ज्यादातर लोग आईब्रोज़ को ही अनदेखा कर देते हैं। चाहे भले ही आप उन्हेंं नियमित रूप से शेप देती हैं या फिर मेकअप करके संवारती हों लेकिन आपको थिक आईब्रोज़ की चाहत के लिए उससे आगे जाकर सोचना होगा। इसकी ग्रोथ बढ़ाने के लिए आपको एक्स्ट्रा केयर करनी पड़ेगी। तो आइए जानते हैं कुछ टिप्स, जिसके ज़रिए आप आईब्रोज़ को घना व आकर्षक बना सकती हैं।

    ज़रूरी टिप्स

    सबसे पहले आईब्रोज़ को साफ कर उसे एक्सफॉलिएट करें। यह आईब्रो की हाइज़ीन को बनाए रखने और ग्रोथ बढ़ाने में मदद करता है। इसके लिए होममेड नैचरल स्क्रब का इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक टीस्पून ऑलिव में एक टीस्पून क्रश्ड शुगर और नींबू की कुछ बूंदें डालकर मिलाएं। इस मिश्रण से आईब्रोज़ की मालिश करें और कुछ देर बाद इसे धो दें। कुछ दिनों तक इस टिप्स को आज़माएं और फर्क देखें।

    कंघी करें

    अपने आईब्रोज़ को हमेशा कंघी करें। कॉम्ब करने से ब्लड सर्कुलेशन बढ़ता है, जिससे आईब्रोज़ की ग्रोथ अच्छी होती है। यह आईब्रोज़ को आकर्षक बनाने की एक प्रक्रिया है। अच्छे रिज़ल्ट के लिए स्टील आईब्रो कॉम्ब का इस्तेमाल करना न भूलें।

    तेल लगाएं

    आईब्रोज़ को नरिश करने और हेयर ग्रोथ बढ़ाने के लिए उसे कैस्टर ऑयल से मालिश करना न भूलें। कैस्टर ऑयल बालों की थिक ग्रोथ के लिए जाना-माना ऑयल है और यह बालों को शाइनी बनाने के साथ नमी भी प्रदान करता है।

    ग्रूमिंग के लिए…

    बेसिक ब्रो ग्रूमिंग प्रोडक्ट्स को छोड़ दें। इसके बजाय आईब्रोज़ ग्रोथ सीरम को चुनें। यह प्रोडक्ट्स आईडियली एप्लिकेटर ब्रशेज़ के साथ आते हैं, जो आपकी आईब्रोज़ को ग्रूम करने और उनको उसी जगह बने रहने में मदद करने के साथ ही आईब्रोज़ को थिक बनाने और पोषण तत्व प्रदान करते हैं।