Category: health-lifestyle

  • Coronavirus Attack: शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

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    कोरोना वायरस का संक्रमण थमने का नाम नहीं ले रहा है । चीन में इस वायरस से मरने वालों का आंकड़ा 490 तक पहुंच गया है जबकि 4000 नए मामले दर्ज किए गए हैं। चीन के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग के अनुसार, मरने वालों में 80 फीसदी लोग 60 साल की उम्र के हैं और 75 फीसदी लोग ऐसे हैं जो पहले ही किसी न किसी बीमारी से ग्रसित हैं।

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    कोरोना का अटैक : शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

    इसके अलावा कमजोर इम्यून सिस्टम वाले व्यक्तियों में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैलता हैविश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO)ने सोशल मीडिया पर कोरोना वायरस से संबंधित सभी सवालों के जवाब दिए हैं

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    कोरोना का अटैक : शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

     

     

    सांस की तकलीफ के साथ बहती नाक, सूखी खांसी, कफ, गले में दर्द के साथ बुखार आना कोराना वायरस के शुरुआती लक्षण हैं. कुछ लोगों में ये लक्षण और गंभीर हो सकते हैं जैसे निमोनिया या सांस लेने में दिक्कत महसूस करना।

    कोराना वायरस का संक्रमण जहां फैला हैं वहां आने-जाने वालों लोग जल्दी इसकी चपेट में आ जाते हैं। चीन के अलावा दूसरे देश के वो लोग भी इसके शिकार हो रहे हैं जो किसी काम के सिलसिले में यहां आए थे।

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    कोरोना का अटैक : शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

    कोराना वायरस से संक्रमित व्यक्ति अगर यात्रा कर रहा है तो उस दौरान भी ये वायरस और लोगों में फैल जाता है । मरीज में कोरोना वायरस के ही लक्षण हैं या नहीं, ये पता करने के दौरान डॉक्टर्स भी इसका शिकार हो जा रहे हैं।

    हालांकि कोरोना वायरस के बारे में अभी और पता किया जाना बाकी है लेकिन बुजुर्गों में और डायबिटीज, दिल के मरीजों या पहले से बीमार लोगों में कोराना वायरस के लक्षण जल्दी आ जाते हैं।

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    कोरोना का अटैक : शरीर में दिखें ये संकेत तो समझ लें हो गया है वायरस का संक्रमण !

    कोरोना वायरस संक्रमित व्यक्ति जब दूसरे व्यक्ति के संपर्क में आता है तो ये वायरल फैल जाता है। उदाहरण के तौर पर इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति के खांसने या नाक बहने के दौरान उसके आसपास कोई व्यक्ति मौजूद है तो उसमें भी कोराना वायरस का संक्रमण जा सकता है।

    WHO से पहले लांसेट मेडिकल जर्नल भी कोरोना वायरस की जानकारी पर एक लेख प्रकाशित कर चुका है। कोरोना वायरस से संक्रमित चीन के 99 मरीजों के बारे में लांसेट ने बताया है कि इन सभी मरीजों में सर्दी, खांसी की शिकायत के साथ निमोनिया के भी लक्षण पाए गए हैं। इन मरीजों के फेफड़ों में पानी भरा हुआ था।

    लांसेट में इस बात का भी जिक्र है कि इन सभी 99 मरीजों में पहले से कोई न कोई बीमारी थी। इस वजह से ये सभी आसानी से इस वायरस की चपेट में आ गए।

    कोराना वायरस से बचने के लिए हाइजीन बनाए रखना बहुत जरूरी है। अपने आस-पास साफ सफाई का पूरा ख्याल रखें। खांसने के दौरान टिश्यू मुंह पर रखें और फिर उसे कवर्ड डस्टबिन में फेंक दें । समय-समय पर साबुन से हाथ धोते रहें।

    ये वायरस संक्रमण प्रभावित व्यक्ति के संपर्क में आने से तेजी से फैलता है । इसलिए मास्क का उपयोग करें और भीड़ भाड़ वाले स्थानों या समूह से दूरी बनाए रखें।

  • हर्बल दवाएं बेहतर गैर संक्रामक रोगों से मुकाबले के लिए: विशेषज्ञ

    हर्बल दवाएं बेहतर गैर संक्रामक रोगों से मुकाबले के लिए: विशेषज्ञ

    नई दिल्ली। गैर संक्रामक रोगों से मुकाबले के लिए हर्बल दवाएं काफी बेहतर हैं। ह्दयरोग, कैंसर, स्ट्रोक इत्यादि गैर संक्रामक रोग (एनसीडी) के उपचार में इनका इस्तेमाल प्रभावी हो सकता है। तीन दिवसीय सातवीं अंतरराष्ट्रीय कांग्रेस में विशेषज्ञों ने यह बात कही। सोसायटी फॉर एथनोफामोर्कोलॉजी, केंद्रीय आयुष मंत्रालय और बॉयोटेक्रोलॉजी विभाग के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस तीन दिवसीय सम्मेलन में भारत और दुनिया के विभिन्न देशों के विशेषज्ञों ने खास तौर पर गैर संक्रामक रोगों का मुकाबला करने में जड़ी-बूटियों पर आधारित दवाओं की भूमिका पर जोर दिया।

    जामिया हमदर्द विवि में चल रहे इस सम्मेलन में कनाडा, नाइजीरिया, संयुक्त राज्य अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया सहित 40 देशों के 60 से अधिक विशेषज्ञों ने सहभागिता की। कनाडा के टोरंटो से आए डॉ. प्रदीप विसेन ने मधुमेह के टाइप-2 और कार्डियो वस्कुलर रोगों के संबंध में औषधीय पादपों की उपयोगिता पर प्रकाश डाला। हृदय रोग, कैंसर और मधुमेह जैसे रोगों को पहले जहां सिर्फ संपन्न लोगों से जोड़ा जाता था, लेकिन विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्लूएचओ) के मुताबिक अब ये वैश्विक खतरा बन चुके हैं और गरीब इनसे सबसे ज्यादा पीड़ित हो रहे हैं।

    एमिल फार्मा के डॉ. इक्षित शर्मा ने मधुमेह से लड़ने में बीजीआर-34 दवा की भूमिका के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने कहा कि औषधीय पादपों से बनी यह दवा न सिर्फ नियमित रूप से रक्त में सर्करा की मात्रा को नियंत्रित करती है, बल्कि साथ ही हमारे मेटाबोलिज्म को भी नियंत्रित रखती है।

    बांग्लादेश के ढाका विश्वविद्यालय के औषध निर्माण विज्ञान विभाग के चेयरमैन और प्रोफेसर डॉ. सीतेश सी बचर ने अपने प्रजेंटेशन में कहा कि आधुनिक चिकित्सा पद्धति की बहुत सी दवाओं को इन रोगों में प्रभावी माना गया है, लेकिन इनमें कैंसर कारक तत्व होते हैं और ये लीवर को गंभीर क्षति पहुंचाती हैं। उनके अध्ययन में जड़ी-बूटियों में पाए गए प्राकृतिक तत्वों की प्रभावशीलता को रेखांकित किया है।

    इनके अलावा नाइजीरिया की टेक्सोकोलॉजी यूनिवर्सिटी ऑफ अबुजा में एथनोफामोर्कोलॉजी के प्रोफेसर डॉ. पीटर ओ एजबोना ने कार्डियोवस्कुलर रोगों में पादपों के औषधीय महत्व पर चर्चा की। उन्होंने इसका अध्ययन जानवरों पर भी किया है। ऑस्ट्रेलिया में त्रिगोनेला लैब्स के निदेशक डॉ. दिलिप घोष ने मधुमेह के प्रबंधन में फेनुग्रीक बीज की भूमिका पर चर्चा की, जिसे संयुक्त राज्य अमेरिका में जीआरएएस (सामान्य तौर पर सुरक्षित) का दर्जा दिया।

  • Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    Corona Virus : भारत के कई राज्यों से कोरोना वायरस के नये मामले सामने आने के बाद देश में संक्रमित लोगों की संख्या मंगलवार को बढ़कर 126 हो गई। इनमें 22 विदेशी और दिल्ली, कर्नाटक और महाराष्ट्र में कोविड19 के कारण जान गंवाने वाले तीन लोग शामिल हैं। भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया के लिए ये काफी कठिन समय है।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    ऐसे में सावधानी बर्तना एकमात्र सबसे कारगर तरीका है. हालांकि इस संकट की घड़ी में सवाल ये भी उठता है कि हम अपने या अपने साथी को छू सकते हैं क्या ऐसे में सेक्स करना सेफ है क्या सेक्स से कोरोना फैल सकता है। आपको डेटिंग रोकने की आवश्यकता नहीं है।

    यूजर्स से कहा है कि वे चाहते हैं कि उनकी मौजमस्ती जारी रहे तो उन्हें हैंड सैनिटाइजर ले जाना और सामाजिक दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है. लेकिन आपको इससे डरकर डेटिंग को रोकने की जरूरत नहीं है।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    अगर मौजमस्ती जारी रहे तो उन्हें हैंड सैनिटाइजर साथ ले जाना और सामाजिक दूरी बनाए रखना बेहद जरूरी है। लेकिन आपको इससे डरकर डेटिंग को रोकने की जरूरत नहीं है।

    न्यूयॉर्क टाइम्स की खबर के मुताबिक आप अपनी डेट पर आप अपने साथी को किस कर सकते हैं लेकिन किस करने से निश्चित रूप से कोरोना वायरस फैल सकता है। ऐसा हेल्थ एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि पीड़ित व्यक्ति को किस करने से ये निश्चित तौर पर फैलेगा।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    लेकिन अगर आप किसी ऐसे के साथ सेक्स करने जा रहे हैं जो किसी ऐसे देश से ट्रैवल करके आया है जहां कोरोना के मामले बड़ी संख्या में पाए गए हैं तो आपको बचना चाहिए।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    क्या आपको उनके साथ घर जाना चाहिए ओके अगर आप किसी तरह किसी अजनबी के साथ बार में चले गए हैं तो अब क्या करना चाहिए वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन का कहना है कि कोरोना वायरस सेक्सुअल ट्रांसमिटेड डिसीज नहीं है। तो, आप आगे अपने रिस्क पर बढ़ें।

    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?
    Corona Virus की दशहत के बीच कितना सुरक्षित है सेक्स ?

    क्या सेक्स के दौरान गुप्तांगों पर सैनिटाइजर लगाना चाहिए बिल्कुल नहीं, कोरोना वायरस के भय से भले ही आप सेक्स न करें लेकिन अगर आप सेक्स करते हैं तो आपके लिए एक सलाह है कि अपने गुप्तांगों पर कोरोना प्रूफ कहे जा रहे सैनिटाइजर का इस्तेमाल न करें।

  • VIDEO : कोरोना वायरस कैसे संक्रमित करता है, और कैसे कोरोना वायरस से बचना है !

    VIDEO : कोरोना वायरस कैसे संक्रमित करता है, और कैसे कोरोना वायरस से बचना है !

    दुनिया भर के देश इस समय कोरोना वायरस के चलते दहशत में हैं। कोरोनावायरस से मरने वालों की संख्या पर नजर डालें तो अभी तक 3000 से ज्यादा लोग इसके चलते मरते हुए नजर आ रहे हैं । कोरोना वायरस की सबसे वही बात बोले या खास बात बोले तो वह यह है कि यह वायरल बहुत जल्दी लोगों में से एक दूसरे से फैलता हुआ नजर आता है।

    यदि एक व्यक्ति को कोरोनावायरस हो रखा है तो यह जल्द ही कुछ ही घंटों और कुछ मिनट में अपने आसपास के लोगों में यह वायरस फैला सकता है। कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को चीन में इस समय गोली के द्वारा मारा जा रहा है। चीन का वुहान अब कोरोना वायरस को रोक नहीं पा रहा है। चीन के कुछ लेख सोशल मीडिया पर यह बात बोल रहे हैं कि चीन में कोरोना वायरस के चलते अभी तक 50 हजार मौतें हो चुकी हैं लेकिन असल आंकड़ा छुपाया जा रहा है।पोलिस जिन लोगों को गोली से मार रही है उनको तो गिना ही नहीं जा रहा है. कोरोना वायरस से पीड़ित लोगों को मार कर दूर जंगलों में उनकी लाशों को जलाया जा रहा है।

    क्या है कोरोना वायरस
    कोरोना वायरस, वायरस परिवार का एक ऐसा जीव है जो कि व्यक्ति की नाक, गले और फेफड़ों को अपनी पकड़ में ले लेता है और यह व्यक्ति के अंदर ऐसे कीटाणु उत्पन्न करता है जिसके चलते व्यक्ति को जुखाम-बुखार और कुछ-कुछ निमोनिया जैसे हालात पैदा होने लगते हैं।

    कोरोना वायरस से पीड़ित व्यक्ति की मौत अगर किसी कारण से होती है तो उसकी मौत फेफड़ों में पानी भरने के कारण होती हुई नजर आ रही है। इस वायरस के चलते अभी तक दुनिया भर में 3000 से ज्यादा लोग अपनी जान गंवा चुके हैं और 40 से अधिक देशों में कोरोना वायरस फैलता हुआ नजर आ रहा है।

    कोरोना वायरस के लक्षण
    कोरोना वायरस के लक्षणों की बात करेंगे तो इस वायरस के कारण व्यक्ति को गले में खराश होने लगती है, गले में सूजन आने लगती है व्यक्ति को तेज बुखार होने लगता है। इस वायरस के कारण बहुत तेज बुखार होता है और साथ ही साथ उल्टी आना, चक्कर आने जैसे हालात उत्पन्न हो जाते हैं।

    इस वायरस से अगर बचना है या फिर बोले अगर इस वायरस को आगे नहीं फैलाना है तो व्यक्ति को अपने चेहरे को ढककर रखना चाहिए। चेहरे से जुड़े अंग जिनमें की नाक और व्यक्ति का मुंह शामिल हैं, यह अंग बचाने बहुत जरूरी हो जाते हैं। कोरोना वायरस से अगर बचना है तो व्यक्ति को आपस में हाथ मिलाना छोड़ देना चाहिए। साथ ही साथ बाजार में अगर जाए तो हाथों को ढककर रखें, चेहरे को ढक कर रखें। अच्छे तरीके से मुंह-नाक को कवर रखें और साथ ही साथ घर आते ही हाथों को अच्छी तरीके से धोना शुरू कर दें. विश्व स्वास्थ्य संगठन भी कोरोना वायरस के कारण अब विश्वभर में चेतावनी जारी कर चुका है।

    कोरोना वायरस से बचने का अचूक उपाय
    कोरोना वायरस से यदि आपको बचना है तो एक बात का ध्यान रखें :

    1. व्यक्तिगत स्वच्छता और शारीरिक दूरी बनाए रखें।
    2. बार-बार हाथ धोने की आदत डालें। साबुन और पानी से हाथ धोएं या अल्कोहल आधारित हैंड रब का इस्तेमाल करें।
    3. साफ दिखने वाले हाथों को निरंतर धोएं।
    4. छींकते औरर खांसते समय अप नी नाक और मुंह को रूमाल या टिशू से ढंकें।
    5. उपयोग किए गए टिशू को उपयोग के तुरंत बाद बंद डिब्बे में फेंकें।
    6. बातचीत के दौरान व्यक्तियों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखें, विशेष रूप से फ्लू जैसे लक्षण दिखने वाले व्यक्तियों के साथ।
    7. अपनी कोहने के अंदरूनी हिस्से में छींके, अपने हाथों की हथेलियों में न खासें।
    8. अपने तापमान को और श्वसन लक्षणों की जांच नियमित रूप से करें। अस्वस्थ्य महसूस करने पर (बुखार, सांस लेने में कठिनाई और खांसी) डॉक्टर से मिलने के दौरान, अपने मुंह और नाक को ढंकने के लिए मास्क का प्रयोग करें।

    9. खांसने-छींकने वालों से कम से कम 1मीटर (3 फ़ीट) दूर ही रहिये.

    क्या नहीं करें:
    1. हाथ न मिलाएं।
    2. अगर आपको खांसी और बुखार महसूस हो रहा है तो किसी के साथ निकट संपर्क में न आएं।
    3. अपनी आंख, नाक और मुंह को स्पर्ष न करें।
    4. हाथों की हथेलियों में न छींके  और न ही खासें।
    5. सार्वजनिक रूप से न थूकें।
    6. अनावश्यक यात्रा न करें, विशेषकर प्रभावित इलाकों में।
    7. समूह में न बैठें, बड़े समारोहों में भाग न लें।
    8. जिम, क्लब और भीड़-भाड़वाली जगहों पर न जाएं।
    9. अफवाह और दहशत न फैलाएं।

    कोरोना वायरस : सरकारी अस्पतालों में गैर-जरूरी ओपीडी और जांच बंद

     

  • ये कंपनी हर दिन बना रही 3.5 लाख Corona Test Kit

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    कोरोना वायरस का अबतक कोई इलाज संभव नहीं हो पाया है. कई देश इसके परीक्षण में जुटे हुए हैं । हालांकि, इसका जांचने करने वाले किट का निर्माण कई देशों ने कर लिया है। भारत में पुणे की मायलैब डिस्कवरी पहली ऐसी फ़र्म है जिसे टेस्टिंग किट तैयार करने और उसकी बिक्री करने की अनुमति मिली है।

    मायलैब डिस्कवरी में मॉलिक्यूलर डायगनॉस्टिक कंपनी, एचआईवी, हेपाटाइटिस बी और सी सहित अन्य बीमारियों के लिए भी टेस्टिंग किट तैयार करती है । कंपनी का दावा है कि वह एक सप्ताह के अंदर एक लाख कोविड-19 टेस्ट किट की आपूर्ति कर देगी और ज़रूरत पड़ने पर दो लाख टेस्टिंग किट तैयार कर सकती है।

    मायलैब की प्रत्येक किट से 100 सैंपलों की जांच हो सकती है. इस किट की कीमत 1200 रुपये है, जो विदेश से मंगाए जाने वाली टेस्टिंग किट के 4,500 रुपये की तुलना में बेहद कम है । लेकिन, विदेशों में इसका उत्पादन भारी मात्रा में हो रहा है। आज हम आपको बताने वाले हैं कैसे इस किट को तैयार किया जा रहा है और कौन सी कंपनी प्रतिदिन 3.5 लाख किट तैयार कर रही हैं।

    कंपनी प्रतिदिन 3.5 लाख किट का कर रही उत्पादन
    दरअसल, COVID-19 की जांच करने वाली किट को दक्षिण कोरियाई में भारी मात्रा में उत्पादन किया जा रहा है। दक्षिण कोरियाई की एक कंपनी एसडी बायोसेंसर हर दिन 3.5 लाख किट बना रही है। ऐसे महामारी के समय इस कंपनी का यह योगदान काफी अहम बताया जा रहा है । हालांकि, यह किट भारत में बन रहे किट से थोड़ा महंगा होता है।

    सफेद सूट में दिख रहे कर्मचारी उत्पादन में जुड़े हैं। जहां मशीनें 2.5 प्रति सेकंड की दर से परीक्षण किटों को पंप करती हैं. आपको बता दें कि यह कंपनी महामारी की गंभीरता को देखते हुए जनवरी से ही किट निमार्ण शुरू कर दी थी।

    एसडी बायोसेंसर दक्षिण कोरिया की उन पांच कंपनियों में से एक है – जो अपने देश में महामारी का पता लगाने के लिए तीन फार्मूला पर काम कर रही है। “ट्रेस, टेस्ट एंड ट्रीट” के प्रयास से ही दक्षिण कोरिया में यह वायरस नियंत्रण हो पाया है।

    यह कंपनी सियोल के दक्षिण में चोंग्जू में स्थापित है. फिलहाल, यह कंपनी एक दिन में 350,000 किट बना रही है. और प्रबंधकों की मानें तो अगले महीने 24 घंटे के संचालन को शुरू करने की योजना है। जिसके बाद दैनिक उत्पादन एक मिलियन से अधिक तक ले जाने का टारगेट है।

    कंपनी पहले से ही जर्मनी, ईरान, भारत और इटली सहित आठ देशों को निर्यात कर रही है, और लगभग 60 से अधिक के साथ चर्चा कर रही है, जिसका नेतृत्व संयुक्त राज्य अमेरिका कर रहा है । इस किट को उत्पादन से पहले और बाद में भी कई तरीकों से जांचा जाता है।

  • कैसे मालूम करें ये सब्‍जी और फल ताजे है या नहीं !

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    सब्जी खरीदने की बात आती है तो ज्यादातर लोग बस दाम पर ही ध्यान देते हैं, लेकिन सिर्फ प्राइस कम हैं तो इसका मतलब यह नहीं कि यह फायदे का सौदा है। बल्कि आपको इन्हें खरीदने के दौरान ऐसी कई चीजों का ध्यान रखना चाहिए जो सब्जी की मौजूदा क्वॉलिटी और वह कितनी जल्दी खराब हो जाएगी यह तय करते हैं।

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    कैसे मालूम करें ये सब्‍जी और फल ताजे है या नहीं !

    सब्जी जब लें तो उसे चारों ओर से पलटकर ध्यान से जरूर देखें। अगर उसमें जरा सा भी छेद या कट दिखाई देता है तो उसे न लें। ऐसी सब्जियों में कीड़े होने के चांस ज्यादा रहते हैं। वहीं अगर जो सब्जियां किसी हिस्से से दबी हुई हों खासतौर से टमाटर जैसी चीज तो इनके जल्दी खराब होने का डर रहता है।

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    कैसे मालूम करें ये सब्‍जी और फल ताजे है या नहीं !

    टमाटर हो, प्याज हो, आलू हो, गाजर हो या कोई अन्य सब्जी, उसे दबाकर जरूर देखें। हल्के से दबाव से ही पता चल जाता है कि कहीं वह सब्जी अंदर से खराब तो नहीं है। हालांकि, पत्तेदार सब्जियों पर यह तरीका काम नहीं करता है।

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    कैसे मालूम करें ये सब्‍जी और फल ताजे है या नहीं !

    पत्तेदार सब्जियों में इतने वैरायटी होती है कि सभी पर एक तरीका काम नहीं करता है। हालांकि, कुछ कॉमन बातें हैं जिनका इन्हें लेने के दौरान ध्यान रखना जरूरी है। ध्यान में रखें कि ऐसी पत्तेदार सब्जी न लें जो पानी में बहुत ज्यादा भीगी हो, इनके जल्दी खराब होने के डर रहता है। पालक, लाल भाजी जैसी सब्जियों को लेते वक्त एक-एक पत्ते को ध्यान से देख लें क्योंकि इनके बीच में कीड़े हो सकते हैं। पत्ते पीले या बड़े हों तो उन्हें न लें क्योंकि उनमें स्वाद कम होता है।

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    कैसे मालूम करें ये सब्‍जी और फल ताजे है या नहीं !

    मार्केट में पैक्ड मशरूम, कॉर्न्स, स्प्राउट्स जैसी चीजें मिलती हैं। इन्हें जब लें तो पैकेट को नाक से थोड़ी दूर पर रखते हुए उन्हें सूंघें। अगर वे पुराने होंगे तो उनकी स्मेल बदल चुकी होगी। ऐसे पैकेट्स को न लें, नहीं तो बीमार हो सकते हैं।

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    कैसे मालूम करें ये सब्‍जी और फल ताजे है या नहीं !

    कई ऐसी सब्जियां होती हैं जिन्हें सिर्फ उतना ही लेना चाहिए जितना आप इस्तेमाल कर पाएं। फ्रिज में भी ये सब्जियां ज्यादा दिन टिक नहीं पाती हैं। उदाहरण के लिए धनिया और टमाटर। ये दोनों ऐसी चीजें हैं जिन्हें आप ज्यादा ले तो लें लेकिन अगर ये सिर्फ फ्रिज में ही रखी हैं तो तीन-चार दिन में ही ये खराब होना शुरू कर देंगीं।

  • परफेक्ट पार्टनर होती हैं इस राशि की लड़कियां

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    लड़कियों की तरह लड़के भी चाहते हैं कि उनकी पार्टनर में यह सारी खूबियां हो। एक राशि ऐसी ही है, जो अपने पार्टनर पर जी-जान तक न्यौछावर कर देती हैं। हम बात कर रहे हैं कुंभ राशि की लड़कियों की। चलिए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर क्यों परफेक्ट पार्टनर होती हैं कुंभ राशि की लड़कियां…!

    होती है मिलनसार

    कुंभ राशि की लड़कियां मिलनसार स्वभाव की होती हैं और हमेशा अपने परिवार से जुड़ी रहती हैं। परिस्थिती चाहे कोई भी हो इस राशि की लड़कियां दिमाग ही नहीं बल्कि दिल से भी काम लेती हैं।

    ट्रैवलिंग की शौकीन

    कुंभ राशि की लड़कियां घूमने-फिरने की काफी शौकीन होती हैं, खासकर पार्टनर के साथ। अगर आप भी रोमांच के साथ रोमांस पसंद करते हैं इस राशि की गर्लफ्रेंड आपके लिए परफेक्ट हैं।

    कला में रुचि

    बात अगर कला या एग्जीबिशन की हो तो उसमें इन्हें खास दिलचस्पी होती हैं। हर चीज को कलात्मक तौर पर देखना इनके स्वभाव में होता है और कला की कद्र जरूर करती हैं।

    पैसा कमाने की शौकीन

    पुरुषों की तरह ही इस राशि की महिलाएं पैसा कमाने की इच्छुक होती हैं लेकिन यह इस बात का ध्यान भी रखती हैं कि पैसे कमाने का जरिया सम्मानजनक हो।

    पार्टनर को लेकर वफादार

    यह अपने रिलेशनशिप को लेकर हमेशा वफादार रहती हैं और पार्टनर को कभी धोखा नहीं देती। वहीं इन्हें अपने पार्टनर से भी यही उम्मीद होती है। ऐसे में उनका दिल जीतने के लिए जरूरी होता है कि उनसे कुछ छिपाएं नहीं।

    रिश्ता निभाने के गुण

    यह अच्छी तरह जानती हैं कि किसी रिश्ते को कैसे निभाया जाए। रिश्ते को कैसे सही पड़ाव पर लाना है और इसके लिए क्या करना चाहिए, यह इन्हें बखूबी पता होता है।

    आजाद ख्याल

    ये किसी पर डिपेंट नहीं रहती और किसी को अपनी कमजोरी बनाना पसंद नहीं करती हैं। वह कोई भी फैसला लेते समय जल्दबाजी नहीं करतीं और जब कोई फैसला ले लेती हैं तो उससे पीछे नहीं हटतीं।

    रोमांटिक नेचर

    शादीशुदा लाइफ में बोरियत ना आए इसके लिए रिश्ते में रोमांस होना बहुत जरूरी है और वो कुंभ राशि की लड़कियों को बखूबी आता है। प्यार में इमोशनल होने के साथ-साथ इस राशि की लड़कियां काफी रोमांटिक भी होती हैं।

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    परफेक्ट पार्टनर होती हैं इस राशि की लड़कियां

  • यह घरेलू नुस्खे आपकी सर्दी को झट से कर देंगे गायब

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    इस समय कोरोना वायरस ने सभी को डरा दिया है और व्यक्ति को अगर नार्मल सर्दी भी हो रही है तो वह डर रहा है । ऐसे में आप तो जानते ही होंगे कि कभी कभी बंद नाक की समस्या का सामना सभी को करना पड़ता है और कई लोगों को आजकल भी यह समस्या हो रही है। ऐसे में हम सभी जानते ही हैं कि सर्दी-जुकाम एक आम बीमारी है और ठंड के मौसम में यह अधिक बढ़ जाती है लेकिन इस समय गर्मी में भी सभी को यह बीमारी होती नजर आ रही है। वैसे अगर आप भी बंद नाक की समस्या से परेशान हो रहे हैं।

    तो आइए, जानते है बंद नाक खोलने के घरेलू उपाय :

    भाप लेना – अगर आपको सर्दी हो गई है तो आपको गर्म पानी में खुशबूदार तेल की कुछ बूंदे डालनी हैं और इसके अलावा आप इसमें अयोडीन की कुछ बूंदें या फिर विक्स कैप्सूल भी डाल सकते हैं । उसके बाद गर्म पानी के बर्तन की ओर चेहरा करके भाप लें । यह नाक खोलने के साथ ही सर्दी में आराम देगा।

    व्यायाम – अगर आप अपनी बंद नाक को खोलना चाह रहे हैं तो एक छोटा सा व्यायाम कर सकते हैं. इसके लिए आपको अपनी नाक बंद करके सिर को पीछे की तरह झुकाना है और कुछ समय के लिए सांस को रोककर रखना है. इसे आप दो तीन बार दोहरा सकते हैं।

    गर्म पानी – अपना सिर पीछे की ओर झुकाएं और किसी ड्रॉपर की मदद से हल्के गर्म या गुनगुने पानी की कुछ बूंदे नाक के छिद्रों में डालें और उसके बाद कुछ ही देर में वापस सिर आगे कर लें और इस पानी को निकाल दें। ऐसा आप करेंगे तो लाभ होगा।

    नारियल तेल – कहा जाता है नारियल तेल बंद नाक को खोलने का एक बेहतरीन उपाय है. कभी आपको लगे कि आपकी नाक बंद है तो आप नारियल तेल अंगुली से नाक के अंदर तक लगाएं। इसके आलावा नरियल तेल की कुछ बूंदे नाक में डालें और फिर गहरी सांस लें। ऐसे करने से आपको राहत मिलेगी।

    कपूर की महक- बंद नाक के समय आप कपूर की महक भी ले सकते हैं और आप चाहे तो इसे नारियल तेल के साथ मिलाकर सूंघ सकते हैं।

  • कोरोना को हराना है तो खाने में ये चीज़ें खाना है, नहीं छू पाएगा कोरोना

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    इस समय कोरोना वायरस ने सभी जगह अपना प्रकोप फैला रखा है। ऐसे में इस समय इससे बचने के लिए इम्युनिटी को बढ़ाने के बारे में कहा जा रहा है और आज हम आपको बताने जा रहे हैं कि इस लॉकडाउन के दौरान आप कैसे अपनी इम्युनिटी को बढ़ा सकते हैं।

    डाइट में शामिल कीजिए खट्टे फल – आप सभी को अभी अपने शरीर की प्रतिरोधक क्षमता अधिक करने के लिए रोज की डाइट में कुछ खट्टे फल भी जरूर शामिल कीजिए। इनमे नींबू से लेकर संतरे, मौसंबी तक कुछ भी हो सकते हैं जिन्हे आपको खाना शुरू कर देना चाहिए।

    खूब पिएं पानी, रहे तंदुरुस्त – पानी के फायदे तो आप जानते ही हैं। चेहरे पर निखार लाने से लेकर प्रतिरोधक क्षमता तक के बढ़ने के लिए पानी जरुरी है। भरपूर मात्रा में पानी के सेवन से हमारे शरीर में घर किए कई तरह के विषैले तत्व को बाहर निकल जाते हैं । इसी के साथ कोशिश करें कि फ्रिज का पानी न पिएं।

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    कोरोना को हराना है तो खाने में ये चीज़ें खाना है, नहीं छू पाएगा कोरोना

    अदरक: अदरक में एंटीऑक्सिडेंट और इंफ्लेमिट्री कंपाउंड पाया जाता है। इसी के साथ एंटीवायरल और जिंजरॉ से भरपूर अदरक आपकी इम्यूनिटी बढ़ाने में मदद करता है।

    हल्दी: आप सभी को बता दें कि एंटीऑक्सिडेंट और इंफ्लेमिट्री कंपाउंड से भरपूर हल्दी आपके शरीर को एलर्जी से लडऩे के काबिल बनाता है । इसी के साथ यह आपकी इम्यूनिटी को मजबूत बनाता है। आप गर्म दूध में एक चम्मच हल्दी पाउडर मिलाकर उबालकर पिए।

    अलसी: अलसी दिल से लेकर दिमाग तक को स्वस्थ रखता है. जी दरअसल अलसी में एंटी एलर्जिक सीलियम और ओमेगा-3 फैटी ऐसिड होता है।कहा जाता है एक चम्मच अलसी के बीज को गरम दूध के साथ पीने से या इम्यूनिटी बढ़ती है।

    दालचीनी: सर्दी और सीजनल फ्लू में दालचीनी एंटी वायरल और एंटी फंगल गुणों के कारण उसे खत्म करती है। इसी के साथ पॉलिफेनॉल्स और प्लांट एंटीऑक्सिडें से भरपूर दालचीनी आपकी इम्यूनिटी दुरुस्त रखती है।

  • इन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स का इस्तेमाल करने से प्रेग्नेंसी में महिलाये बचे, नहीं तो हो सकते है गंभीर परिणाम

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    गर्भावस्था में महिलाओं को खाने-पीने से लेकर पहनने-ओढ़ने और मेकअप तक के सामान में खास तरह की सावधानी बरतने की जरूरत पड़ती है। आज हम आपको बता रहे हैं कि प्रेग्नेंसी में महिलाओं को किन ब्यूटी प्रॉडक्ट्स से दूर रहना चाहिए।

    हेयर रिमूवल क्रीम – गर्भावस्था के समय हेयर रिमूवल क्रीम का प्रयोग भी नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसमें भी कई तरह के केमिकल होते हैं जो आपको स्किन के लिए खतरनाक हो सकते है। इसलिए आपको अपनी सुरक्षा और शिशु की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए हेयर रिमूवल क्रीम से भी दूर रहना चाहिए।

    एंटी एजिंग क्रीम – प्रेग्नेंसी के वक्त महिलाओं को एंटी एजिंग क्रीम को यूज करने से बचना चाहिए। क्योंकि इनमें एक ऐसा केमिकल आता है जो आपको नुकसान पहुचांने के साथ ही आपके शिशु को भी गर्भ में ही नुकसान पहुंचा सकता है।

    एक्ने क्रीम से सावधान – प्रेग्नेंसी में अगर आप अपने चेहरे पर एक्ने या पिंपल्स की कोई क्रीम लगाती हैं तो इसे बंद कर दें। ऐसा इसलिए क्योंकि ऐसा करने के लिए क्रीम की कंपनी भी मना करती है। साथ ही ये आपके शिशु को भी प्रभावित कर सकती हैं।

    सेंट और तेज खुशबू से बचें – अगर आपके पेट में बेबी है तो आपको इन खुशबू वाली क्रीम और सेंट का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ऐसा करने से भविष्य में बेबी कई तरह की बीमारियों की चपेट में आ सकता है।