Category: health-lifestyle

  • ऐसी लड़कियों संग रिश्ता बनाने पर आप सारी जिंदगी रहेंगे परेशान! जानें क्यों ?

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    शादी, किसी के भी जीवन का महत्वपूर्ण फैसला होता है। इसलिए पार्टनर का चुनाव सही होगा तभी शादीशुदा लाइफ को मजे से तब ही जिया जा सकता हैं ।

    जब आप और आपकी पार्टनर में बहुत अच्छी बॉन्डिंग हो और यह तब ही संभव हैं जब आपकी शादी से पहले ही लड़की की कुंडली अच्छे से देख ली जाये। अगर आप भी शादी करना चाहते हैं और इसके लिए आपके माता-पिता लड़की ढूंढ़ रहे हैं तो कुछ बातों का जरूर ध्यान रखें।

    एक हालिया अध्ययन के मुताबिक रिश्ता दूर तक चलेगा या जल्दी ही टूट जाएगा, इसका अंदाजा काफी हद तक पहले लगाया जा सकता है। महिलाओं की कुछ आदतों को देखकर आप इसका अंदाजा लगा सकते हैं। आइये जानते हैं कि किन चार आदतों वाली महिलाओं से शादी नहीं करनी चाहिए।

    किसी भी ऐसी लड़की से शादी न करें, जो आपके रिश्तेदारी में हो. आगे चलकर ऐसे रिश्तों में कई दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। गोत्र मिलने से भी दिक्कतें आती हैं सामने।

    आज के जमाने में यह कहना गलत होगा कि शादी से पहले कोई लड़की फ्रेंड या ब्वॉयफ्रेंड न बनाए। पर ब्वॉयफ्रेंड अगर बहुत बवाली हो तो शादी के बाद भी वह परेशान कर सकता है। ऐसे में शादी से पहले ही यह जान लेना बेहतर होगा कि उसका कोई बवाली फ्रेंड या ब्वॉयफ्रेंड तो नहीं है।

    ऐसे लड़कियों से भी बचें, जो बात-बात में गाली-गलौज करने पर उतारू हो जाती हैं। इससे घर का माहौल खराब हो सकता है और इसकी संभावना बहुत ज्यादा है कि गाली की वजह से घर में कलह बढ़ जाए।

    जिन लड़कियों को दिन में सोने की आदत और देर तक सोने वाली लड़कियों को कम जिम्मेदार माना जाता है। ऐसे में आप उन पर घर की पूरी जिम्मेदारी नहीं छोड़ सकते। इसलिए ऐसी लड़कियां आपकी जिंदगी को संकट में ला सकती हैं।

  • जानें सबकुछ बॉन्डेज प्ले यानी वाइल्ड सेक्स के बारे में

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    आजकल लोग सेक्स को लेकर न सिर्फ ओपन हो गए हैं बल्कि इसे इंजॉय करने के अलग-अलग और नए तरीके ढूंढते रहते हैं। यही वजह है कि पिछले कुछ सालों में करिज्जा, स्प्रेड ईगल, सुपरमैन और मिशनरी जैसी न जाने कितनी सेक्स पोजिशन्स और स्टाइल ने जोर पकड़ा। ऐसा ही एक और स्टाइल है, जो जोर पकड़ रहा है।

    क्या है बीडीएसएम

    इसका नाम है बॉन्डेज प्ले या बीडीएसएम। यानी बॉन्डेज ऐंड डॉमिनेशन (बंधन और शासन), डिसिप्लिन ऐंड सब्मिशन (अनुशासन और आत्मसमर्पण), सेडोमसोकिजम (दर्द देकर खुशी महसूस करना)….यह यौन संबंधों की ऐसी प्रक्रिया होती है, जिसमें पार्टनर को बांध दिया जाता है और फिर दूसरा पार्टनर जो चाहे उसके साथ कर सकता है।

    इन चीजों का किया जाता है इस्तेमाल

    इसमें चांटा मारने, चाबुक का इस्तेमाल करने से लेकर कई ऐसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है जो दोनों पार्टनरों को ही सेक्शुअल प्लेजर दें, जैसे कि शहद, चॉकलेट और फ्रूट्स आदि।

    दर्द से कामोत्तेजना तक

    यह एक ऐसा स्टाइल है, जिसमें एक तरह से दर्द का लेन-देन होता है जिससे कामुकता और उत्तेजना एक अलग ही स्तर पर पहुंच जाती है। इसे कामोत्तेजना को बढ़ाने और सेक्स के लिए तैयार किए जाने वाले एक पावर प्ले के तौर पर जाना जाता है। इसमें मेल या फीमेल पार्टनर में से कोई भी अपने मनमुताबिक रोल चुन सकता है।

    यौन हिंसा नहीं है बीडीएसएम

    हालांकि कई लोग इसे यौन हिंसा मानते हैं लेकिन यह यौन हिंसा नहीं बल्कि एक अलग ही तरह का लाइफस्टाइल है जिसमें ताकत का इस्तेमाल उतना ही किया जाता है जिससे चोट न लगे। इसके अलावा इसमें जोर-जबरदस्ती या आजमाइश तभी की जा सकती है जब दोनों पार्टनर इसके लिए राजी हों।

    विदेशों में पॉप्युलर है बीडीएसएम

    बॉन्डेज प्ले यानी बीडीएसएम में पार्टनर को बांधने के लिए कफ्स, रस्सी या फिर बॉन्डेज टेप का सहारा लिया जाता है। विदेशों में बीडीएसएम खूब आम है, लेकिन भारत में अभी इसके लिए कम ही द्वार खुले हैं। हॉलिवुड फिल्म ‘फिफ्टी शेड्स ऑफ ग्रे’ में इसी सेक्स स्टाइल को दिखाया गया था। हालांकि इसी वजह से इस फिल्म को भारत में रिलीज नहीं होने दिया गया।

  • जिम में मेकअप लगाकर एक्सर्साइज करना है स्किन के लिए खतरनाक

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    क्या आप भी उन लड़कियों या महिलाओं में से हैं जो जिम जाने से पहले अपने चेहरे को फ्लॉन्ट करने के मकसद से मेकअप लगाती हैं? अगर हां तो आज ही अपनी इस आदत को बदल दीजिए। आप हल्का-फुल्का कार्डियो एक्सर्साइज कर रही हों या फिर इंटेन्सिव वर्कआउट, मेकअप लगाकर एक्सर्साइज करना आपकी स्किन को कई तरह से नुकसान पहुंचा सकता है। किसी भी तरह के वर्कआउट के दौरान चेहरे पर मेकअप लगाए रखना कहीं से भी उचित नहीं है। हम आपको बता रहे हैं उन 4 वजहों के बारे में जिनके कारण आपको एक्सर्साइज करते वक्त मेकअप लगाने से बचना चाहिए…

    इंफेक्शन का खतरा

    एक्सर्साइज करते वक्त खूब सारा पसीना निकलता है। ऐसे में अगर आप अपने चेहरे पर एक्सर्साइज करते वक्त मेकअप लगाकर रखेंगी तो बैक्टीरिया आने की आशंका बढ़ जाएगी क्योंकि मेकअप बैक्टीरिया को अट्रैक्ट करता है। शरीर से टॉक्सिन्स यानी हानिकारक तत्वों को बाहर निकालने का बेहतरीन तरीका है एक्सर्साइज और मेकअप लगाकर आप टॉक्सिन्स को बाहर निकलने से रोक रही हैं।

    स्किन के पोर्स हो जाएंगे बड़े
    क्लॉग्ड पोर्स यानी स्किन के रोमछिद्र जब बंद हो जाते हैं और ऐक्ने की समस्या होती है तो इसका हल तो निकाला जा सकता है लेकिन अगर स्किन के पोर्स यानी रोमछिद्र बड़े हो जाएं तो वह स्किन को पर्मानेंट डैमेज करते हैं। वर्कआउट करते वक्त आपकी स्किन के पोर्स खुलते हैं लेकिन अगर वे खुल न पाएं तो समय के साथ वे बड़े होते जाते हैं जिससे स्किन को स्थायी नुकसान होता है।

    स्किन इरिटेशन
    अगर आपकी स्किन बहुत ज्यादा सेंसेटिव यानी नाजुक है तब तो आपको एक्सर्साइज के वक्त मेकअप से बिलकुल दूर रहना चाहिए वरना आपको चेहरे पर रेडनेस, असमान रंगत और इरिटेशन यानी खुजली-जलन की दिक्कत हो सकती है।

    आदत नहीं बदल सकतीं तो प्रॉडक्ट बदलें
    अगर आप जिम में मेकअप लगाकर जाने की अपनी आदत को नहीं बदल सकतीं तो कम से कम अपने मेकअप प्रॉडक्ट्स को जरूर बदल दें। नॉन-कोमेडोजेनिक प्रॉडक्ट्स यूज करें जो आपके स्किन के पोर्स को बंद नहीं करेंगे। हेवी ऑइल बेस्ड मेकअप प्रॉडक्ट्स की जगह उनका हल्का वर्जन यूज करें। फाउंडेशन की जगह टिंटेड क्रीम या सीसी क्रीम यूज करें।

  • क्यों होती है पार्टनर से बिना पूछे उनका फोन चेक करने की तीव्र इच्छा ?

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    अपने पार्टनर के फोन में जासूसी करने की आदत बेहद कॉमन है और ज्यादातर महिलाएं ऐसा करती हैं, शालिनी भारद्वाज (बदला हुआ नाम) इसकी कोई अपवाद नहीं थीं। उन्हें पति को बिना बताए उनका फोन चेक करने में शर्मिंदगी भी महसूस होती थी लेकिन फिर भी वह नियमित रूप से ऐसा करती थीं। जब भी उनके पति अपने फोन का पासवर्ड बदल देते थे, तो वह जिद करके और बहला फुसलाकर पति से पासवर्ड जान ही लेती थी। हैरानी की बात ये है कि शालिनी के पति जानते थे कि वह क्या कर रही हैं, फिर भी उन्होंने कभी कोई शिकायत नहीं की। हालांकि शालिनी के पति की तरह हर कोई इतना सहज नहीं होता कि कोई भी उनका फोन चेक कर ले। फिर चाहे वह उनका पार्टनर ही क्यों न हो।

    पार्टनर के रिश्ते को कंट्रोल करना होता है मकसद

    यूनिवर्सिटी ऑफ ब्रिटिश कोलंबिया औऱ यूनिवर्सिटी ऑफ लिस्बन की संयुक्त स्टडी में यह बात सामने आयी कि ज्यादातर लोग जो अपने पार्टनर या दोस्तों का फोन चेक करते हैं उसके पीछे मुख्य वजह जलन होती है और साथ ही उनका इंटेशन ये रहता है कि वह दूसरों के साथ अपने पार्टनर के रिलेशनशिप को कंट्रोल कर सकें। हैरानी की बात यही है कि ज्यादातर लोग अपने पार्टनर, जीवनसाथी या दोस्तों द्वारा अपने फोन में ताका-झांकी करने की आदत पर रोक भी नहीं लगाते हैं। हालांकि कई लोग ऐसे भी हैं जिन्हें यह आदत पसंद नहीं आती है और इस वजह से उनका रिश्ता टूट सकता है।45 प्रतिशत रिश्ते टूटे, 55 प्रतिशत ने किया सर्वाइव
    हालांकि यह स्टडी बेहद छोटे लेवल पर की गई थी लेकिन इस स्टडी से निकलने वाले नतीजे और टिप्पणियां हैरान करने वाले थे। स्टडी में 102 लोगों को शामिल किया गया और उनसे उन घटनाओं को शेयर करने के लिए कहा गया जिसमें उनके पार्टनर ने उनके फोन में सेंधमारी की या फिर उन्होंने अपने पार्टनर के फोन में। उसके बाद उन्हें यह भी बताना था कि ऐसा करने के बाद उनके रिश्ते का क्या हुआ जब उनके पार्टनर को पता चला कि उन्होंने उनकी परमिशन के बिना फोन में ताका-झांकी की है। स्टडी की मानें तो करीब 45 प्रतिशत लोगों का रिश्ता टूट गया जबकी 55 प्रतिशत लोगों का रिश्ता इस तरह की जासूसी के बावजूद बचा रह गया।

    फोन चेक करने की आदत ऑब्सेशन न बन जाए
    सीनियर कंसल्टेंट साइकॉलजिस्ट श्वेता सिंह कहती हैं, ‘पार्टनर को बिना बताए या बिना पूछे उनके फोन में ताका-झांकी करने का मतलब है कि आप उनकी जासूसी कर रहे हैं और यही बात धीरे-धीरे आपकी आदत बन जाती है। अगर यह आदत हद से ज्यादा बढ़ जाए, कंट्रोल से बाहर हो जाए तो यह ऑब्सेशन बन जाती है और फिर आपके मन में पार्टनर के हर एक कदम के बारे में जानने की तीव्र इच्छा पैदा होने लगती है।’

  • वर्ल्ड स्ट्रोक डे: लकवे का खतरा चीनी, नमक, फ्राइड फूड ज्यादा खाने से

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    29 अक्टूबर को दुनियाभर में वर्ल्ड स्ट्रोक डे मनाया जाता है। इसका मकसद इस बीमारी के बढ़ते मरीज और इसकी गंभीरता को लेकर जागरुकता फैलाना है ताकि लोग इस बीमारी के बारे में जानें और इससे बचने के तरीके खोजे जा सकें। स्ट्रोक जिसे साधारण शब्दों में लकवा भी कहा जाता है एक ऐसी बीमारी है जिसमें मरीज का मुंह तिरछा हो जाता है, हाथ-पैर बेजान हो जाते हैं, जुबान लड़खड़ाने लगती है या आवाज पूरी तरह से चली जाती है। ऐसा होने पर अगर समय रहते इलाज न मिले तो परिणाम जानलेवा हो सकते हैं।

    तुरंत इलाज मिल जाए तो बचना आसान
    स्ट्रोक एक इमर्जेंसी कंडिशन है। अगर स्ट्रोक को शुरुआत में ही पहचान कर इलाज दे दिया जाए तो इससे प्रभावित लोग सामान्य जीवन जी सकते हैं क्योंकि इसका असरदार इलाज मौजूद है। हालांकि स्ट्रोक के लक्षणों को पहचानकर तुरंत हॉस्पिटल ले जाना बेहद जरूरी है। लक्षण दिखने के शुरुआती साढ़े चार घंटे के अंदर अगर इलाज शुरू हो जाए तो बड़े नुकसान से बचा जा सकता है। जितनी जल्दी क्लॉट खत्म करने की दवा दे दी जाएगी उतना ही बेहतर परिणाम मिलेगा।

    इन लक्षणों को न करें नजरअंदाज
    स्ट्रोक जिसे कभी-कभी ब्रेन अटैक भी कहते हैं, ये तब होता है जब दिमाग तक ब्लड पहुंचने में रुकावट आ जाती है। ऐसा होने पर दिमाग की कोशिकाएं मरने लगती हैं क्योंकि उन्हें काम करने के लिए जो ऑक्सिजन और पोषण मिलना चाहिए, वो नहीं मिल पाता। डॉक्टरों की मानें तो हार्ट अटैक के लक्षणों की तरह ब्रेन स्ट्रोक के लक्षण नहीं होते बल्कि यह आपके ब्रेन के किस हिस्से को प्रभावित कर रहा है लक्षण इस बात पर निर्भर करते हैं। स्ट्रोक, शरीर के किसी बॉडी फंक्शन का अचानक काम करना बंद कर देने से जुड़ा है। ऐसे में सबसे आसान और जरूरी नियम यही है कि आप त्वरिक कार्रवाई करें- बॉडी बैलेंस, आंखें, चेहरा, हाथ, बोलने का तरीका इन सबको लेकर अगर जरा भी दिक्कत महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।

    हर 1 मिनट में 3 भारतीय स्ट्रोक का शिकार
    ताजा आंकड़े जो सामने आए हैं वो बताते हैं कि हर 1 मिनट में 3 भारतीय यानी हर 20 सेकंड में 1 भारतीय ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। इस दर से हर साल 15 लाख भारतीय ब्रेन स्ट्रोक का शिकार हो रहे हैं और इनमें से 90 फीसदी मरीज समय पर अस्पताल नहीं पहुंच पाते। 55 साल की उम्र के बाद हर 6 में से 1 पुरुष और हर 5 में से 1 महिला को ब्रेन स्ट्रोक होने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। ब्रेन स्ट्रोक में 3 कंडिशन होती है- या तो आपकी मौत हो सकती है, या फिर आप रिकवर होकर सामान्य जीवन जी सकते हैं या फिर जीवन भर के लिए दूसरों पर निर्भर हो सकते हैं।

    ज्यादा चीनी-नमक भी है स्ट्रोक का कारण

    अगर आप डायबीटीज के मरीज हैं, कलेस्ट्रॉल बढ़ा हुआ है, हाइपरटेंशन यानी हाई ब्लड प्रेशर के मरीज हैं और मोटापे के ग्रसित हैं तो ये सारी दिक्कतें सिर्फ हार्ट डिजीज की ओर इशारा नहीं करतीं बल्कि स्ट्रोक यानी लकवे का भी सबसे बड़ा कारण हो सकती है। रिफाइंड ऑइल, चीनी, नमक और फ्राइड फूड ज्यादा मात्रा में खाने वाले लोगों को भी स्ट्रोक का खतरा अधिक रहता है। वैसे तो स्ट्रोक किसी को भी हो सकता है लेकिन यह पुरुषों में ज्यादा कॉमन होता है लेकिन इससे मरने वालों में 50 फीसदी महिलाएं होती हैं।

  • लौटा LBD का ट्रेंड, देखें, दीवाज का हॉट अंदाज ब्लैक ड्रेस में

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    ब्लैक कलर की शॉर्ट ड्रेस जिसे LBD यानी लिटिल ब्लैक ड्रेस कहते हैं वैसे तो लंबे समय से फैशन में है। लेकिन बॉलिवुड दीवाज के बीच एक बार फिर इस क्लासी और पॉप्युलर एलबीडी का ट्रेंड वापस आ गया है। ऑफिस की फॉर्मल पार्टी हो या फिर दोस्तों संग नाइट आउट का प्लान, ब्लैक कलर की ड्रेस हर अकेजन के लिए परफेक्ट मानी जाती है। एक नजर बॉलिवुड की उन न्यूकमर दीवाज पर जो एलबीडी लुक में दिख रही हैं बेहद हॉट..

    ​LBD में सारा अली खान

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    इन दिनों बॉलिवुड में फैशन ट्रेंड सेट करने के मामले में अगर किसी एक न्यूकमर ऐक्ट्रेस का नाम सबसे ज्यादा लिया जा रहा है तो वह हैं सारा अली खान। डीप नेकलाइन और ड्रमैटिक स्लीव्स वाले इस एलबीडी में बेहद सेक्सी नजर आ रही हैं सारा अली खान।

    अनन्या पांडे का अलग अंदाज

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    हाल ही में हुए एक अवॉर्ड फंक्शन के दौरान स्टूडेंट ऑफ द ईयर 2 की ऐक्ट्रेस अनन्या पांडे नजर आयीं ब्लैक कलर के इस रफल और सिक्वेंस वाले ब्लैक कलर के शॉर्ट ड्रेस में। अपनी इस ऑफ-शोल्डर ड्रेस को अनन्या ने ब्लैक कलर के ऐंकल लेंथ बूट्स के साथ टीमअप कर पहना था।

    कृति सैनन का हॉट लुक

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    एलबीडी के इस ट्रेंड में कृति सैनन भी शामिल नजर आयीं। अक्षय कुमार के साथ अपनी हालिया रिलीज फिल्म हाउसफुल 4 के प्रमोशन्स के दौरान कृति सैनन ने ब्लैक कलर की यह शॉर्ट ड्रेस पहनी थी जिसका हाइलाइट था ड्रेस का फुल स्लीव्स और प्लंजिंग नेकलाइन। अपनी इस ड्रेस को कृति ने गोल्डन कलर की स्टेटमेंट ईयररिंग्स और ब्लैक पंप्स के साथ टीमअप कर रखा था।

    ​स्पार्कलिंग ब्लैक ड्रेस में हिना खान

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    जल्द ही बॉलिवुड में डेब्यू करने जा रहीं टीवी की मशहूर ऐक्ट्रेस हिना खान भी नजर आयीं लिटिल ब्लैक ड्रेस में। हिना की यह ड्रेस ऐश ब्लैक कलर की थी और इस पूरी ड्रेस पर सिक्वेन्ड वर्क किया हुआ था यानी वह बहुत चमक रही थी। बेल स्लीव्स, वेस्ट बेल्ट और मैचिंग फ्लैट्स के साथ हिना खान बेहद खूबसूरत नजर आयीं।

    ​एलबीडी में कृति खरबंदा

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    दिवाली के मौके पर रिलीज हुई फिल्म हाउसफुल 4 की एक और ऐक्ट्रेस कृति खरबंदा भी अपनी फिल्म के प्रमोशन्स के दौरान लिटिल ब्लैक ड्रेस में नजर आयीं। कृति के इस वन-शोल्डर ड्रेस में रफल डिटेल्स थी जिसे उन्होंने सिल्वर कलर की हील वाली शिमरी जूती के साथ टीमअप कर पहना था।

  • आपके लिए हिचकी है आफत, दिलाएंगे ये नुस्खे राहत

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    वैसे तो हिचकी आना एक नैचरल प्रोसेस है और ये कभी भी और किसी को भी आ सकती है। लेकिन अगर हिचकी लंबे समय तक जारी रहे और बंद ही ना हो तो पीड़ित व्यक्ति को खीझ आने लगती है और वह हिचकी से छुटकारा पाने के लिए हर संभव कोशिश करने लगता है। आज हम आपको बता रहे हैं हिचकी कितने तरह की होती है, आखिर क्यों आती है हिचकी और कुछ आसान घरेलू नुस्खे जो हिचकी आने पर आपके काम आएंगे…

    ​…तो इसलिए आती है हिचकी

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    मेडिकल शब्दों में बात करें तो जब हमारे शरीर का डायफ्राम यानी मध्यच्छद झिल्ली सिकुड़ती है तो हमारे वोकल कॉर्ड्स यानी लैरिंग्स बंद हो जाते हैं जिससे हिचकी की आवाज आती है। हिचकी मुख्य रूप से 3 तरह की होती है-तेज हिचकी- 48 घंटे से कम समय के लिए रहती हैनिरंतर हिचकी- 2 दिन से ज्यादा समय के लिए रहती हैप्रचंड हिचकी- 1 महीने या इससे ज्यादा समय के लिए रहती है

    ​इन वजहों से आती है हिचकी

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    कार्बोनेटेड ड्रिंक्स का सेवन करना, बहुत ज्यादा ऐल्कॉहॉल पीना, अगर व्यक्ति आंत या भोजन नलिका से जुड़ी बीमारी से पीड़ित हो, बहुत ज्यादा सोडा पीना, डायफ्राम को कंट्रोल करने वाली नसों से जुड़ी कोई बीमारी हो, पेट में गैस हो गई हो जो डायफ्राम को दबा रही हो… इन सारी वजहों से भी हिचकी आती है।

    ​हिचकी को आने से कैसे रोक सकते हैं

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    लंबे समय तक हिचकी आती रहे तो आपकी नींद और खाना खाने का पैटर्न डिस्टर्ब हो जाता है जिस वजह से डिहाइड्रेशन और वेट लॉस तक की दिक्कत हो सकती है। लिहाजा, तापमान में अचानक होने वाले बदलाव से बचें, बहुत ज्यादा ठंडे पानी से गार्गल करने से बचें और बहुत ज्यादा जल्दी और तेजी से खाना खाने से बचें। इन चीजों पर नियंत्रण कर आप हिचकी को रोक सकते हैं।

    ​हिचकी के लिए घरेलू नुस्खे आजमाएं

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    – 1 गिलास पानी पिएं लेकिन जल्दी-जल्दी ताकि डायफ्राम में होने वाली इरिटेशन को रोका जा सके।- 1 चम्मच चीनी खा लें। ऐसा करने से वेगस नर्व उत्तेजित हो जाती है और आपका शरीर हिचकी को भूल जाता है।- नींबू के रस का सेवन करें। इससे भी पेट में मौजूद ऐसिड न्यूट्रलाइज होता है और हिचकी रुक जाती है।- जीभ पर 1 बूंद विनिगर की डालें। विनिगर भी खट्टा होता है और हिचकी को रोकता है।- बेहद धीरे-धीरे और कंट्रोल्ड तरीके से सांस लें और इस प्रक्रिया को 3-4 बार दोहराएं।- सांस छोड़ते वक्त आगे की ओर झुक जाएं और अपनी छाती को थोड़ा कम्प्रेस कर लें, इससे भी हिचकी रुक जाएगी।

  • खेल प्रदर्शन में कॉफी पीने से होता है सुधार : सर्वे

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    लंदन। शोधकर्ताओं ने पाया है कि कॉफी पीना पुरुषों और महिलाओं दोनों के खेल प्रदर्शन में सुधार के साथ जुड़ा हुआ है। जर्नल न्यूट्रिएंट्स में प्रकाशित अध्ययन के लिए ब्रिटेन में कोवेंट्री विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं ने 38 प्रतिभागियों (19 पुरुष, 19 महिलाएं) को चुना और पाया कि कैफीनयुक्त कॉफी पीने से साइकिल चलाने की गति में सुधार होता है।

    अध्ययन के दौरान पाया गया कि कॉफी पीने के बाद पांच कि. मी. साइकलिंग के समय में पुरुषों और महिलाओं दोनों के प्रदर्शन में क्रमश: लगभग नौ सेकंड और छह सेकंड का सुधार देखने को मिला।

    अध्ययन के निष्कर्षो से पता चलता है कि पुरुष और महिलाएं दोनों कॉफी के सेवन के बाद समान प्रतिक्रिया करते हैं। इस तरह से प्रदर्शन में सुधार के लिए व्यायाम करने से पहले कैफीन का सेवन एक व्यावहारिक स्रोत हो सकता है।

    शोध में कॉफी के लाभों पर प्रकाश डालते हुए यह भी कहा गया है कि इसका सेवन बढ़ते शरीर में योगदान देता है।

    शोधकर्ताओं का कहना है कि अभी तक इस विषय पर किए गए अधिकांश शोध केवल निर्जल कैफीन और पुरुषों पर केंद्रित रहे हैं।

  • अपनाएं ये घरेलू उपाय कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए

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    आजकल ज्यादातर लोगों में कमर दर्द की समस्या बढ़ती जा रही है जिसकी चपेट में बड़ी उम्र के लोग ही नहीं, बल्कि युवा के लोग भी आ रहे है। कमर दर्द के होने का मुख्य कारण बदलती जीवनशैली के साथ ऑफिस में घंटों गलत पॉश्चर बैठे रहना है। यह समस्या अब न केवल उम्र से जुड़ी है बल्कि इससे लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी भी तकलीफदेह साबित हो रही है।

    कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप कई तरह के घरेलू उपचार करते है लेकिन इसका प्रभाव मात्र कुछ समय के लिए ही रहता है। आइए आज हम आपको कुछ घरेलू उपायों के बारे में बता रहे है जिसे अपनाने से जल्दी ही छुटकारा पा सकती है।

    कमर दर्द
    कमर दर्द से छुटकारा पाने के लिए आप एक खडाई में सरसो का तेल डालकर उसमें लहसुन की तीन-चार कलियॉ के साथ अजवाइन को डालकर गर्म कर लें। ठंडा होने पर इस तेल से कमर की मालिश करें। इस उपाय से आपको जल्द ही राहत मिलेगी।

    कढ़ाई में दो-तीन चम्मच नमक डालकर इसे अच्छी तरह से गर्म कर लें। अब इस गर्म नमक को किसी सूती कपड़े में बांधकर पोटली बना लें। और इस पोटली से कमर की सिकाई करें काफी जल्द ही अाराम मिलने लगेगा।

    ऑफिस में काम करते समय ज्यादा देर तक एक ही पोजीशन में ना। हर चालीस मिनट में अपनी कुर्सी से उठकर थोड़ी देर टहल लें।

    कैल्शियम की कम मात्रा से भी हड्डियां कमजोर होने लगती हैं, जो कमर के दर्द का प्रमुख कारण बनती है इसलिए कैल्शियमयुक्त चीजों का सेवन करें।

    अजवाइन को तवे पर डालकर धीमी आंच पर सेंके और ठंडा होने पर धीरे-धीरे चबाते हुए निगल जाएं। इसके नियमित सेवन से कमर दर्द में लाभ मिलता है।

  • सेक्स से जुड़े इस सवाल में उलझे रहते हैं ज्यादातर पुरुष

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    बात जब बेडरूम लाइफ या सेक्स की हो तो ज्यादातर पुरुष इस बात को लेकर क्लियर नहीं होते हैं कि आखिर वे अपनी पार्टनर को अधिक से अधिक उत्तेजित करने के लिए क्या करें। ताकि वो दोनों ही इस हॉट ऐक्ट को पूरी तरह से इंजॉय कर सकें। यहां जानें अपनी फीमेल पार्टनर को उत्तेजित करने का बेस्ट तरीका…

    सही टच पर ध्यान देने की जरूरत है

    अपनी पार्टनर को उत्तेजित करने के लिए आपको अपने टच पर गौर करने की जरूरत है। सही समय और मूड होने पर आप सही जगह टच करेंगे तो आपकी पार्टनर का उत्तेजना के चरम पर आना तय है। इस बात का ध्यान रखें कि आपका टच सॉफ्ट और फुल ऑफ लव होना चाहिए।

    ऐसे करें शुरुआत

    फोर प्ले के बाद अपने ऐक्ट को आगे बढ़ाते हुए आप सबसे पहले अपनी पार्टनर के वजाइनल एरिया के आउटर लेबिया को टच करें। अपनी पार्टनर के ‘V’ एरिया को टच करने का यह आपका पहला ऐक्ट होना चाहिए। इससे पहले फोरप्ले के दौरान आप इस एरिया को टच ना करें।

    धीरे-धीरे बढ़ें आगे

    लेबिया में हालांकि अन्य पार्ट्स की तुलना में सेसेशन कम होता है लेकिन अगर आप अपनी पार्टनर को फुल मूड में लाना चाहते हैं तो उसके आउटर लेबिया सॉफ्टली टच और प्रेस करें। इसके बाद ही क्लिटरिस को टच करें।

    पार्टनर को मदहोश करने का तरीका

    वजाइनल पार्ट में क्लिटरिस को टच करने से पहले इसके चारो तरफ के पार्ट को सॉफ्टली टच करना आपकी पार्टनर को सबसे अधिक उत्तेजित करने का काम करेगा।

    फिंगर्स मूव्स

    सिर्फ पीनिस ही नहीं बल्कि फिंगर्स मूव्स के जरिए भी आप अपनी पार्टनर को सेक्स मूड में ला सकते हैं। यह भी एक आर्ट है, जिसे सीखने के लिए आपको मेहनत तो करनी ही होगी।

    ओरल सेक्स

    इसके जादू के बारे में तो आप जानते ही होंगे। अगर आप बाकी सब मूव्स के बाद इसके साथ आगे बढ़ेंगे तो यकीन मानिए आपकी पार्टनर पूरे ऐक्ट के दौरान 100 परसेंट आपका साथ देगी और आप दोनों ही इसे पूरी तरह इंजॉय कर पाएंगे।