Category: health-lifestyle

  • बच्चों से न कहें ये 5 बातें अगर बनाना है उनको स्ट्रॉन्ग

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    हर इंसान को अपने बच्चों की परवाह होती है और वे उनके लिए ओवर प्रटेक्टिव हो जाते हैं। इस वजह से हम उनके रास्ते से सारी परेशानियां हटाने की कोशिश करते रहते हैं। लेकिन हमें हमेशा याद रखना चाहिए कि हर बच्चा इस दुनिया में अपनी इंडिविजुऐलिटी लेकर आता है और वह आपका इन्वेस्टमेंट नहीं। जब तक बच्चे छोटे हैं उनकी हर जरूरत पूरी करना आपकी जिम्मेदारी है, इसके बाद धीरे-धीरे उन्हें ही सारे चैलेंजज फेस करने हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपका बच्चा हर परिस्थिति में खुद को ढाल पाए तो आपको उनसे कुछ बातें नहीं कहनी चाहिए…

    यह तो बहुत आसान

    कई बार बच्चों के सामने कोई चैलेंजिंग चीज होती है। पैरंट्स उनसे कह देते हैं कि यह टफ नहीं है और वे आराम से कर लेंगे। इसका मतलब यह जरा भी नहीं है कि ऐसा कहने से उन्हें वह काम टफ नहीं लगेगा। बेहतर होगा कि आप उनसे कहें कि आपको पता है कि काम उनके लिए थोड़ा कठिन है लेकिन जल्द ही कोई तरीका निकालेंगे और इसे र लेंगे। उस प्रॉब्लम को सॉल्व करने के लिए उन्हें थोड़ा सा पुश कीजिए इससे उन्हें काफी मदद मिलेगी।

    अरे कुछ नहीं हुआ

    कई बार आपका बच्चा गिर जाता है या उसको खरोंच वगैरह आ जाती है तो पैरंट्स कह देते हैं कि अरे कुछ नहीं हुआ तुम बिल्कुल ठीक हो। ऐसा आप उन्हें मजबूत बनाने के लिए कहते हैं। ऐसा न कहें क्योंकि हो सकता है कि वे अच्छा फील न कर रहे हों। जरूरी है कि वे क्या फील कर रहे हैं आप जानें। इसलिए अगर उसे चोट लगी है तो शांति से उसके पास जाएं और पूछें कि क्या वह ठीक फील कर रहे हैं।

    चोट लग जाएगी

    बच्चे शैतानियां करते हैं और ऐसे काम भी करते हैं जिनसे उन्हें चोट भी लगती है। कई बार माता-पिता ओवर प्रोटेक्टिव होने लगते हैं और ओवररिऐक्ट करते हैं। बात-बात पर उन्हें कहना कि चोट लग जाएगी या फलां चीज या काम सेफ नहीं है, सुनते-सुनते बच्चे अनसेफ फील करने लगते हैं। इसलिए बच्चा अगर स्लाइड पर जाना चाहता है तो उसे जाने दें लेकिन अगर गिरने का डर है तो उसे कैच करने के लिए भी मौजूद रहें। उन्हें रिस्क लेने से न रोकें।

    मैं कर देता/देती हूं

    कई बार होता है कि बच्चो को किसी कठिन काम में उलझे देखना मुश्किल होता है। कई बार ऐसा देखकर आप यह काम खुद करने बैठ जाते हैं। जब बच्चा ऐसे किसी काम में फंसा हो तो आप उन्हें सपोर्ट करें लेकिन खुद पूरा काम करने की गलती कभी न करें। ऐसा करने से उनका कॉन्फिडेंस कम हो जाएगा और हर समय वे आपकी या किसी और की मदद के भरोसे बैठे रहेंगे। इसलिए बच्चों को चैलेंज फेस करने दें।

    न मानें हार

    कोई काम नहीं हो पाएगा, यह सोचकर क्या आप बहुत जल्दी हार मानकर बैठ जाते हैं। क्या चीजें आपके मुताबिक नहीं होतीं तो आप परेशान होने लगते हैं। ध्यान रखें कि आपसे आपका बच्चा चीजों को हैंडल करना सीख रहा है। अगर वे आपको हार मानते देखेंगे तो वे भी जीवन में ऐसा ही करेंगे।

  • संभाले ऐसे रिश्ता टूटने पर खुद को…

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    रिश्तों की डोर ऐसी डोर होती है, जिसमें बंधकर हम ख़ुद को सुरक्षित अनुभव करते हैं। हर कोई चाहता है कि अपने पार्टनर के साथ उसका रिश्ता खास हो। वो उसे खूब प्यार करें। रिश्ते की बुनियाद रखते समय उद्देश्य यही होता है कि इससे हमारे जीवन में ख़ुशियों के रंग और खिलेंगे। कोई भी रिश्ता इस आशा से नहीं बनाया जाता कि इसमें किसी एक को कमज़ोर रखा जाएगा। लेकिन जब रिश्ते बिगड़ते हैं, तब बेहद तक़लीफ़ देते हैं।

    कई बार हम इस बात पर ध्यान ही नहीं दे पाते हैं कि जिस सुख की आशा में हम एक रिश्ते से जुड़े हैं, दरअस्ल, हमारे कष्ट का कारण वही रिश्ता है। कभी-कभी हम ग़लत रिश्तों में फंस कर रह जाते हैं और कई बार तो हमें ज्ञात ही नहीं होता कि हमारे अंदर पनप रही निराशा का कारण अमुक रिश्ता है। ऐसा लगता है कि अपने रिश्ते को बचाने की आपकी हर कोशिश नाकाम-सी क्यों लग रही है। क्या इस रिश्ते में सारी ग़लतियां मैं ही कर रहा या रही हूं।

    अगर ऐसे विचारों ने आपकी नींद उड़ा दी हो तो ऐसे में आपका अपने प्रति सबसे पहला कर्तव्य है कि ख़ुद को अहमियत दें और इस तरह के रिश्ते से जल्द से जल्द बाहर निकलने की राह तलाशें। ऐसे में आज हम ऐसे रिलेशनशिप से मुक्ति पाने का तरीक़ा बताने जा रहे है।

    अपनी बात ज़रूर कहें…
    जब भी आप के साथ ऐसा हो तो रिलेशनशिप को ख़त्म करने से पहले एक आख़िरी कोशिश अपनी बात कहने की करें। मुमक़िन है कि अपनी बात कहने पर आपको अपने पार्टनर के ग़ुस्से का शिकार होना पड़े। इसलिए सबसे अच्छा यह रहेगा कि आप अपनी बात लिख कर पहुंचा दें। आप मैसेज या वॉट्सऐप के द्वारा या ईमेल के ज़रिए अपनी भावनाओं को पहुंचाते समय इस बात का ध्यान रखें कि सीधा दोषारोपण न करें। कुछ यूं लिखें-मुझे अच्छा नहीं लगता जब तुम…, या फिर तुम्हारा ऐसा व्यवहार मुझे दुख पहुंचाता है।

    बदलाव की उम्मीद बेक़ार…
    रिश्तों में सबसे बड़ी ग़लती जो हम कर बैठते हैं वो है कि हम अपने पार्टनर से आशा करते हैं कि वो बदल जाएगा और अपनी ग़लत हरक़तों को दोहराना छोड़ देगा। यदि आप इस उम्मीद में रिश्ता कायम रखे हुई हैं तो चेत जाइए। अगर किसी इंसान को आप बदल सकती हैं तो वो इंसान हैं आप ख़ुद! हम किसी को ज़बरन नहीं बदल सकते।

    आप बेहतर की हक़दार हैं…
    जब हम किसी को प्यार करते हैं, और वो प्यार हमारी तरफ़ लौटकर नहीं आता, तब समझ जाना चाहिए कि आप अपना टाइम वेस्ट कर रहे हैं। ऐसे रिश्ते से बाहर आने में ही भलाई है। क्योंकि जब तक हमारे दिल के आईने में किसी ग़लत व्यक्ति की तस्वीर दिखती रहेगी, तब तक किसी दूसरे व्यक्ति का सही अक्स कैसे दिखाई दे सकता है, भला!

    अकेले न हो परेशान…

    रिश्ता टूटने के बाद ऐसा लगता है माने जिदंगी खत्म हो गई है। लेकिन आपको संभलना होगा क्योंक आपकी ज़िंदगी अभी ख़त्म नहीं हुई है। एक बार फिर अपनी ज़िंदगी पर अपना कंट्रोल बनाएं। ऐसे रिश्ते से निकलना आसान काम नहीं है। ऐसे में न तो मदद लेने से हिचकिचाएं, और न ही आंसुओं पर बांध लगाएं। रोने से आप हल्का महसूस करेंगे। परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के आसपास रहने से आप जल्दी सदमे से उबर पाने में सफल होंगी और पुरानी कड़वी यादों को मन ही मन नहीं दोहराएंगी।

  • ऐथलीट्स जैसी एनर्जी मिलती है आलू-पूरी खाने से!

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    इंडियन फूड टेस्टी होने के साथ न्यूट्रिशनल वैल्यू में कई तरह से फायदेमंद होता है बशर्ते इसे सही समय और लिमिटेड क्वॉन्टिटि में खाया जाए। कुछ फूड कॉम्बिनेशन लोगों को सिर्फ टेस्टी लगने के चलते पसंद होते हैं जैसे दाल-चावल लेकिन न्यूट्रिशन के मामले में भी ये काफी आगे होते हैं। ऐसा ही एक फूड कॉम्बिनेशन है आलू-पूड़ी। जानें रिसर्च में क्या सामने आया…

    आलू-पूड़ी का दम

    एक रिसर्च स्टडी की मानें तो आलू-पूड़ी में उतना दम होता है जितना कि मार्केट में बिकने वाले ऐथलीट्स के प्रदर्शन को बढ़ाने वाले महंगे कार्बोहाइड्रेट जेल में।

    ऊर्जा के लिए टेस्टी ऑप्शन

    यह रिसर्च अमेरिका की इलिनॉयस यूनिवर्सिटी में हुई। इसमें शरीर में ऊर्जा बढ़ाने वाले कुछ टेस्टी ऑप्शंस पर रिसर्च की गई थी।

    कम लागत में ज्यादा एनर्जी

    रिसर्च पेपर में लिखा गया, आलू कम लागत में मिलता है। यह जरूरी पोषक तत्वों और कार्बोहाइड्रेट का बढ़िया स्त्रोत है। वहीं कार्बोहाइड्रेट जेल में मिठास ज्यादा होती है इसकी तुलना में आलू दौड़ में भाग लेने वाले ऐथलीट्स के लिए जबर्दस्त ईधन का काम करता है।

    ये बोले, को-ऑथर

    रिसर्च पेपर के को-ऑथर निकोलस बर्ड बताते हैं कि उनके अध्ययन का उद्देश्य ऐथलीट्स की दौड़-भाग के लिए ऊर्जा बढ़ाने वाले विकल्पों को बढ़ाना और इनमें वरायटी खोजना था।

    साइकिलिस्ट्स पर किया ट्रायल

    उन्होंने बताया कि इसके लिए साइकिलिस्ट्स की दो टीमें बनाई गईं। दोनों टीमों के कार्बोहाइड्रेट के सोर्सेज का फर्क था। एक ने जेल लिया और दूसरी टीम ने आलू-पूरी, लेकिन दोनों की एनर्जी लेवल में फर्क नहीं पाया गया।

  • मेन ट्राई कर सकते हैं इस फेस्टिव सीजन कुछ हटके…

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    फैशन के मामले में महिलाओं की तरह पुरुषों की वॉरड्रोब भी काफी रिच होती जा रही है। एसिमिट्रिकल पीसेज से लेकर मेटैलिक मोजड़ी के साथ मार्बल प्रिंट्स और स्ट्राइप्स यहां हैं मेन्जवेअर के कुछ टॉप ट्रेंड्स…

    इस फेस्टिव सीजन पुरुषों को अपने कपड़ों को सिर्फ चूड़ीदार और कुर्ते तक ही सीमित रखने की जरूरत नहीं। पूरी दुनिया के डिजाइनर्स पुरुषों के आउटफिट्स पर खूब एक्सपेरिमेंट्स कर रहे हैं।

    डिजाइनर सुरभि पंसारी बताती हैं कि आज के पुरुष ग्लोबल स्टैंडर्ड्स और फैशन ट्रेंड्स से अच्छी तरह वाकिफ हैं। वे अपनी पर्सनैलिटी को सूट करती हुई स्टाइल अपनाने में पीछे नहीं हट रहे।

    वहीं डिजाइनर रोहित कामरा बताते हैं, बोल्ड कलर्स, रिच और ट्रडिशनल फैब्रिक्स इन हैं। फैशन अब यूनिसेक्स और जेंडर न्यूट्रल होता जा रहा है जिसके चलते कलीदार अंगरखा, जमीन तक टच करते जामा मेनस्ट्रीम फैशन में जगह बना रहे हैं।

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    आयुष्मान खुराना की तरह कैरी करें अफगानी पैंट्स, कुर्ता और दुपट्टा लुक

    डिजाइनर अनिकेत बताते हैं महिलाओं और पुरुषों के कपड़ों के फैब्रिक में फर्क होना पुरानी बात है। रोहित बताते हैं, पुरुषों के कपड़े अब सिल्क और लिनेन से आगे बढ़ चुके हैं। इनमें डाई करने के एक्सपेरिमेंट्स भी चल रहे हैं जो कि लहरिया या मार्बल लुक लाते हैं।

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    बेहद स्टाइलिश है कार्तिक आर्यन का एसिमिट्रिकल बंद गला कुर्ता

     

     

     

     

     

     

     

     

     

                                                                                                    बोल्ड प्रिंट्स कुर्ता में रणवीर का स्टाइलिश लुक

  • Diwali makeup tips: इस तरह करें मेकअप अगर दिवाली पर दिखना है खास

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    दिवाली पर कौन खास नहीं दिखना चाहता। इसके लिए खासतौर से महिलाएं स्पेशल साड़ी, जूलरी खरीदने के साथ ही पार्लर में भी अपनी ब्यूटी को निखारने के लिए काफी पैसे खर्च करती हैं। लेकिन पार्लर जाकर मेकअप करवाने का समय कम ही महिलाओं के पास होता है। तो क्यों न इस बार घर पर ही आप फेस्टिव मेकअप ट्राई करें, जो आपको ऐसा लुक देगा कि आप छा जाएंगीं।

    मेकअप प्राइमर
    मेकअप के बावजूद स्किन को ग्लोइंग दिखाना है तो प्राइमर जरूर लगाएं। इससे फाउंडेशन लगाने के बाद भी स्किन पर ग्लो बरकरार रहेगा, साथ ही में आपके पोर्स और स्किन को डैमेज भी नहीं होगा। इतना ही नहीं प्राइमर रिंकल्स, फाइन लाइन्स जैसी स्किन समस्या को छिपाने में भी बहुत मदद करता है।

    इल्यूमिनेटर फाउंडेशन
    मार्केट में कई तरह के फाउंडेशन उपलब्ध होते हैं जो स्किन को अलग-अलग फिनिश देते हैं। फेस्टिव लुक के लिए इल्यूमिनेटर फाउंडेशन का इस्तेमाल करें। दरअसल इस तरह के फाउंडेशन में शिमर ऐड होता है जिससे स्किन पर लाइट पड़ने पर वह काफी शाइनी लगती है।

    परफेक्ट मेकअप के 5 आसान तरीके

    बोल्ड पाउट
    आजकल वैसे तो लिपस्टिक के न्यूड शेड इन है, लेकिन फेस्टिवल पर तो बोल्ड कलर्स ही परफेक्ट लगते हैं। रेड, प्लम, हॉट पिंक, मरून जैसे कलर्स आपके पाउट के लुक को और बेहतर बनाने के साथ ही ओवरऑल मेकअप को परफेक्ट बनाएंगे।

    बोल्ड आई मेकअप
    दिवाली के लिए मेकअप करते हुए बोल्ड मेकअप करने से कतराए नहीं, क्योंकि फेस्टिवल्स पर ऐसे मेकअप अच्छे लगते हैं। काजल, आई लाइनर और आई शैडो को यूज करें और अपनी आंखों को और खूबसूरत बना दें।

    ब्लशर
    पाउडर ब्लशर की जगह क्रीम बेस्ड ब्लशर का इस्तेमाल करें। इस तरह का ब्लशर आपके इल्यूमिनेटर फाउंडेशन के साथ परफेक्ट मैच करेगा और आपके चीक्स के ग्लो को कम नहीं करेगा।

  • ये गलतियां कर सकती है त्वचा को बेजान, सर्दियों में ऐसे करें देखभाल

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    अक्सर सर्दियों आप अनजाने में मॉइशचराइजर से जुड़ी कई गलतियां करते रहते है जिसके कारण आपकी त्वचा चिपचिपी और मुरझाई हुई बेजान सी बन जाती है। आपकी सबसे पहली गलती है यह कि अपनी त्वचा के प्रकार के जाने बिना ही सर्दी मौसम मॉइशचराइजर का इस्तेमाल करना।

    (1) मॉइशचराइजर नहीं लगाना
    सर्दियों के सीजन में रूखी और ठंडी हवा त्वचा को रूखा बना देती है। भले ही हमारी त्वचा किसी भी प्रकार की क्यों ना हो। उसें सर्दी के मौसम में मॉइशचराइज करने जरूरत होती है। अगर आप ऐसा नहीं करते हैं तो आपकी त्वचा बेजान और दरारों से भरी हुई दिखाई आएगी।

    (2) ऑयली त्वचा पर मॉइशचराइजर का उपयोग करें या नहीं
    अक्सर देखा जाता है कि जिन लोगों की त्वचा तेलीय होती है उनमें ये धारणा बनी रहती है कि मॉइशचराइजिंग क्रीम का उपयोग करने से उनकी त्वचा और ज़्यादा चिपचिपी हो जाएगी। मगर ऐसा नहीं है। जबकि अगर आप मॉइशचराइजर नहीं लगाते हैं तब आपकी त्वचा मॉइशचर को बनाए रखने के लिए खुद से ज़्यादा सीबम का उत्पादन करने लगता है।

    (3) ज्यादा मॉइशचराइजर का इस्तेमाल करना
    त्वचा की नमी के बनाए रखने के लिए ही मॉइशचराइजर का उपयोग करते है। लेकिन यदि आप जरूरत से ज्यादा मॉइशचराइजर क्रीम का इस्तेमाल त्वचा पर करते है तो आपकी त्वचा उसी पर निर्भर हो जाएगी और त्वचा के लिए बनने वाला सीबम काम करना बंद कर देगा। जिससे आपकी त्वचा का ग्लो कुछ समय के बाद खत्म हो जाएगा।

    (4) सही क्रीम का उपयोग नहीं करना
    इस बात आपको जरूर जानकारी होनी चाहिए कि आपके चेहरे की त्वचा का टेक्सचर आपके बॉडी के टेक्सचर से अलग होता है। इसी लिए अाप अपने फेस क्रीम का बॉडी के लिये नहीं कर सकते हैं और ठीक इसी प्रकार आप बॉडी क्रीम का उपयोग चेहरे पर नही कर सकते है।

  • भगाएं घर के कॉकरोच इन 5 घरेलू उपायों से

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    आजकल सभी घरों में कॉकरोच का होना आमबात हो गई है। अगर आपके घर में कॉकरोच का आगमन होता है तो आप मानकर चलिए कि एक से कई कॉकरोज आपके पूरे घर में अासानी के साथ राज करते दिखेगें।

    जानकारी के लिए हम आपको बता दें कि इनके घर में रहने से आप कई प्रकार बीमारियों के शिकार हो सकते है। चाहे दिन हो या रात ये हर वक्त सभी जगह घूमते हुए नजर आते है। अगर आप इन गन्दगी फैलाने वाले कॉकरोच से परेशान हो चुकी हैं और इनसे जल्द से जल्द राहत पाना चाहती है तो आइए हम आपको बता रहे है ऐसे घरेलू उपाय जिनकी सहायता से पूरी तरह से झुटकारा पा सकता है।

    (1) तेजपत्ते की गंध
    तेजपत्ते की गंध से कॉकरोच दूर भागते हैं। घर के जिस जगह या कोने में आपको कॉकरोच दिखें वहां तेजपत्ते की पत्ति‍यों को मसलकर रख दें।तेजपत्ते की तीखी गंध से कॉकरोच तुरंत इधर उधर भागने लगेगें।

    (2) लौंग की तीखी गंध
    लौंग की तीखी गंध से कॉकरोज तुरंत ही भाग खड़े होते है इस लिए इसका उपयोग करके आप असानी से कॉकरोज से छुटकारा पा सकती है।

    (3) रेड वाइन
    किचन से कॉकरोच को बाहर करने के लिए आप एक कटोरी में 1/2 रेड वाइन डाल कर रख दीजिए। इसकी तीखी गंध पाते ही अंदर के सभी छुपे कॉकरोच बाहर आकर मर जायेगें या फिर भाग जायेगें।

    (4) केरोसिन ऑयल
    केरोसिन के तेल की गंध से भी कॉकरोच भाग जाते हैं इसकी तीखी गंध होने की वजह से कॉकरोच इन जगहों से दूर रहते है। इसलिए आप उन जगहों पर इसका छिड़काव करके जल्द ही राहत पा सकती है।

    (5) बोरेक्स पाउडर
    बोरेक्स पाउडर के छिड़काव से कॉकरोच तुंरत रसोईघर से भाग जाते हैं लेकिन ये काफी खतरनाक साबित भी हो सकता है। इसी कारण इसका छिड़काव करते वक्त आप इसे बच्चों की पहुंच से दूर रखें।

  • सिर्फ फोरप्ले नहीं आफ्टरप्ले भी है जरूरी सेक्स में, ध्यान रखें ये बातें

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    इसमें कोई शक नहीं कि सेक्स से पहले फोरप्ले जिस तरह स्टार्टर का काम करता है, ठीक उसी तरह आफ्टरप्ले डिजर्ट की तरह है और इन दिनों के बिना आपका ऐक्ट अधूरा है। पुरुष जहां सिर्फ इंटरकोर्स में इंट्रेस्टेड रहते हैं और ऐक्ट खत्म होते ही सो जाते हैं वहीं, महिलाओं की दिलचस्पी फोरप्ले और आफ्टरप्ले दोनों में रहती है। ऐसे में हम आपको बता रहे हैं कुछ टिप्स के बारे में जिसके जरिए आपका आफ्टरप्ले भी होगा उतना ही रोमांचक जितना मेन ऐक्ट…

    ​तुरंत एक दूसरे से डिस्कनेक्ट न हों

    कई बार कपल्स की आदत होती है कि ऐक्ट खत्म हुआ नहीं कि एक दूसरे की तरफ पीठ करके सो जाते हैं या फिर बिस्तर से तुरंत उतरकर कपड़े पहनने लग जाते हैं या फिर बाथरूम जाने की हड़बड़ी मचाने लगते हैं। अगर आप भी ऐसा ही करते हैं तो इस आदत को आज ही बदल दें। बेहद जरूरी है कि सेक्स के बाद कुछ देर आप दोनों एक दूसरे के साथ रहें और फिजिकल इंटिमसी बरकरार रखें।

    ​सीने से लगकर प्यार करें

    सेक्स के बाद कुछ देर फिजिकल कॉन्टैक्ट बनाए रखना आपके रिश्ते के लिए बेहतर साबित हो सकता है। जहां तक संभव हो पार्टनर को हल्का-फुल्का नॉन सेक्शुअल किस करें, सीने से लगाकर रखें, उनका हाथ पकड़कर रखें। आप यकीन नहीं करेंगे लेकिन आपके ये छोटे-छोटे जेस्चर्स पार्टनर को ये बताने के लिए काफी है कि आप उनके बारे में क्या और कैसा फील करते हैं।

    ​हॉट शावर ट्राई करें

    अगर पोस्ट सेक्स शावर आपके लिए जरूरी है तो अकेले शावर लेने की बजाए क्यों न पार्टनर संग इसका मजा लिया जाए। गर्म पानी, साबुन से भरे हाथ और एक दूसरे की नेकेड बॉडी के प्रति आपका कंफर्ट लेवल, बेहतरीन कॉम्बो साबित हो सकता है। पोस्ट सेक्स शावर के दौरान आप चाहें तो बाथ सॉल्ट, सेन्शुअल शावर जेल, अरोथाथेरपी कैंडल्स और शैंपेन के जरिए इसे और ज्यादा सेन्शुअल बना सकते हैं।

    ​सेन्शुअल मसाज करें

    सेक्स वैसे ही आपके लिए इतना रिलैक्सिंग होता है, स्ट्रेस दूर कर देता है और अगर ऐक्ट के बाद आपको एक रिलैक्सिंग मसाज मिल जाए और वह भी अपने पार्टनर से तो इसे कहेंगे सोने पर सुहागा। पार्टनर को एक रिलैक्सिंग सेन्शुअल मसाज दें या उनसे कहें कि वह आपका मसाज करें। नेकेड रहने पर इस तरह का मसाज, खासकर फुट मसाज और बैक मसाज, पूरे माहौल को और ज्यादा सेन्शुअल बना देता है।

  • आपको पता भी नहीं चलेगा साइलंट हार्ट अटैक के बारे में

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    क्या आपने कभी सोचा है कि आपको हार्ट अटैक आए लेकिन आपको उसका पता भी न चले। शायद आपको यह सुनने में अजीब लग रहा होगा लेकिन यह सच है। इस तरह के हार्ट अटैक को साइलंट हार्ट अटैक कहते हैं और इसके लक्षण खुलकर या उभरकर सामने नहीं आते। उदाहरण के लिए- 70 साल की एक महिला को जब हार्ट अटैक आया और डॉक्टरों ने अस्पताल में उनकी जांच की तो पता चला कि यह उस महिला का पहला हार्ट अटैक नहीं था। हार्ट को हुए नुकसान की जांच करने के लिए जो टेस्ट किए गए थे उनसे पता चला कि हार्ट में कुछ डेड मसल्स भी थे जो पहले हुए हार्ट अटैक की वजह से था जिसकी पहचान नहीं हो पायी थी।

    साइलंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन या SMI

    इस बारे में डॉक्टरों ने बताया कि उस महिला को पूर्व में कभी साइलंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन या SMI हुआ था। इसे साइलंट इसलिए कहा जाता है कि क्योंकि इस दौरान होने वाले कोई भी लक्षण ऐसे नहीं होते जिसके लिए डॉक्टर के पास जाने या मेडिकल अटेंशन की जरूरत पड़े। दुनियाभर में इस तरह के लाखों लोग हैं जो इस तरह के साइलंट हार्ट अटैक का शिकार हो जाते हैं। ऐसे लोगों में गंभीर हार्ट अटैक का खतरा काफी बढ़ जाता है जिससे उनकी मौत होने की आशंका भी बढ़ जाती है।

    कब, क्यों और कैसे होता है SMI
    सामान्य हार्ट अटैक जिसकी पहचान हो जाती है, वह एक वॉर्निंग की तरह है कि मरीज को अपनी लाइफस्टाइल में बदलाव करने की जरूरत है ताकि कार्डिऐक रिस्क को कम किया जा सके। इसके लिए डायट और एक्सर्साइज के साथ-साथ जरूरी दवाईयां भी दी जाती हैं। आइसलैंड और फिनलैंड में पिछले दिनों हुई कुछ स्टडीज में यह जानने की कोशिश की गई कि आखिर एसएमआई यानी साइलंट मायोकार्डियल इन्फार्क्शन कैसे होता है, कब होता है और इससे जुड़े परिणाम क्या और कैसे हो सकते हैं।

    5869 में से 1322 लोगों में हुआ था SMI
    जुलाई 2019 में जामा कार्डियॉलजी नाम के जर्नल में प्रकाशित एक स्टडी में 5 हजार 869 महिलाओं और पुरुषों की ऑटोप्सी रिपोर्ट शामिल थी। इन सभी की औसत उम्र 65 साल थी और इन सभी की उत्तरी फिनलैंड में अचानक मौत हुई थी। 5869 लोगों में से 1 हजार 322 लोगों में साइलंट हार्ट अटैक के सबूत मिले थे और इन लोगों में पहले से किसी भी तरह की कोरोनरी आरट्री डिजीज नहीं थी। यूनिवर्सिटी ऑफ मियामी मिलर स्कूल ऑफ मेडिसिन के ऑथर्स की मानें तो जिन लोगों को साइलंट हार्ट अटैक आता है वे इसके लक्षणों से अनभिज्ञ होते हैं इसलिए वे अपने शारीरिक परिश्रम को कंट्रोल नहीं कर पाते।

    कुछ हल्के-फुल्के लक्षण दिखते हैं जिन्हें नजरअंदाज न करें
    नॉर्थवेस्टर्न यूनिवर्सिटी के कार्डियॉलजिस्ट डॉ रॉबर्ट ओ बोनो की मानें तो साइलंट हार्ट अटैक हमेशा ही साइलंट नहीं होता बल्कि इसके कुछ लक्षण दिखते हैं जैसे- सीने में असहजता महसूस होना, हार्टबर्न यानी सीने में जलन, चक्कर आना, सांस लेने में तकलीफ होना आदि। इस तरह की चीजें आए दिन बड़ी संख्या में लोगों को होती है लेकिन लोग इसे मामूली गैस या ऐसिडिटी की दिक्कत समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। खासकर महिलाओं में इस तरह के लक्षण अस्पष्ट या अज्ञात होते हैं और उन्हें पता भी नहीं चलता कि उन्हें हार्ट अटैक आया है।

  • DIWALI DRESS : बदलिए दिवाली पर स्टाइल, दिखें हॉट ये ड्रेस पहन कर

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    दिवाली का त्योहार शुरू हो गया है। घर के सामान से लेकर कपड़ों तक की शॉपिंग शुरु हो चुकी है। दिवाली के दौरान हर कोई अलग कपड़े और लुक को लेकर लंबी तैयारी करता है। इस दिन हम हर दिन पहने जाने वाले ड्रेस से हटकर कपड़े पहनते हैं। दिवाली पर लोग एथनिक या ट्रेडिशनल कपड़े पहनना पसंद करते हैं।

    अगर आप भी इस दिवाली कुछ हटके पहनना चाहते हैं तो हम आपको दिवाली ड्रेस आइडिया और ट्रेडिशनल ड्रेस के बारे में बताते हैं। इस दिवाली कुर्ता-पजामा का स्टाइल बदलिए। इसके बाद आपको फेस्टिव लुक मिल सकेगा। त्योहार के दिनों में इस तरह के ड्रेस के बिना कुछ अधूरा सा लगता है। इसलिए इस दिन फेस्टिव स्टाइल वाले ड्रेस ही पहनें।

    लेटेस्ट स्टाइल के कुर्ता-पजामा…
    इस तरह के ड्रेस में हम क्रिकेटर विराट कोहली, एक्टर आयुष्मान खुराना, कार्तिक आर्यन इत्यादी का लुक देख चुके हैं। इस तरह के ड्रेस में आप खुद को बेहतर लुक देना चाहते हैं तो बॉलीवुड के कई एक्टर्स को देख सकते हैं।

    सिंपल और स्टाइलिश कुर्ता…
    दिवाली पर अगर आप चाहे तो सिंपल और स्टाइलिश कुर्ता पहन सकते है। क्योंकि सिंपल लुक से बेहतर कुछ नहीं हो सकता। इस तरह का कुर्ता आपको ट्रेंडी लुक दे सकते हैं। साथ ही आप इस तरह को दिवाली पार्टी के लिए पहन सकते हैं।

    स्ट्रेट कुर्ता और पजामा…
    अब अगर आपको बहुत वर्क यानी डिजाइन वाला कुर्ता पसंद नहीं है तो आपके लिए स्ट्रेट कुर्ता एकदम सही है। दिवाली पर आप इस तरह का कुर्ता भी पहन सकते है। ये देखने में एकदम सही होते हैं। आप इसके लिए कुर्ता सही कलर का चुनें। जैसे- ब्लू, रेड, मरून आदि कलर ही चुनें। इस दिन सफेद कलर की बजाय थोड़ा पार्टी वियर व्हाइट कलर के ड्रेस चूज करें।

    ट्रेडिशनल ड्रेस/एथनिक ड्रेस…
    अगर आपको इस तरह की ड्रेस पसंद नहीं है तो आप ट्रेडिशनल ड्रेस/एथनिक ड्रेस पहन सकते है।
    इस तरह की ड्रेसेस के साथ आप शूज और स्लीपर दोनों ही पहन सकते हैं। लेकिन कुछ बातों का ध्यान देना होगा। जैसे- इसके साथ मोजड़ी (शेरवानी के साथ पहने जाने वाले शूज), लोफर, लेदर के स्लीपर पहनना सही होगा।