Category: health-lifestyle

  • इन उपायों से दूर होगी पाचन की समस्या, बनेगी बात

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    कहा जाता है कि हाजमा दुरुस्त तो शरीर तंदुरुस्त। इन दिनों देखने में आ रहा है कि अधिकतर लोग अपच की समस्या से परेशान हैं। खास तौर से शहरी लोग। इसका मुख्य कारण है उनकी अनियमित दिनचर्या और दूषित खान-पान। पेट ठीक रखने के लिए वे कई तरह के उपाय करते हैं, लेकिन कहीं न कहीं चूक हो जाती है। पाचन की समस्या के चलते न तो कुछ खाया अंग लगता है और न ही कुछ खाने का मन करता है।

    खाने को चबा-चबाकर खाएं

    कहा जाता है कि रोटी के एक ग्रास को 32 बार चबाकर खाना चाहिए। पुराने लोग ऐसा करते भी थे, जिससे उन्हें पाचन में कोई समस्या नहीं आती थी। भले ही आज कितनी ही भागमभाग भरी जिंदगी हो लेकिन हमें भी ऐसी आदत अपनानी होगी। जल्दबाजी में खाया गया खाना आसानी से पचता नहीं है। आम तौर पर लोग एक ग्रास को 8 से 10 बार ही चबाते हैं।

    गरम पानी पिएं

    पानी शरीर के विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालता है। आपको बता दें कि सामान्य की तुलना में गरम पानी पीने से पाचन शक्ति मजबूत होती है। रोजाना 8 से 10 ग्लास पानी पीना चाहिए। नींबू पानी भी मददगार है।

    सलाद से हो खाने की शुरुआत

    हैवी फूड लेने के बजाय खाने की शुरुआत सलाद से होनी चाहिए। इससे आप ओवरइटिंग से भी बचेंगे। जरूरत से ज्यादा खाने पर पेट गड़बड़ा जाता है। यह मोटापे की समस्या भी पैदा करता है, जो बात में गंभीर बीमारियों की जड़ बनता है।

    लें सुपाच्य आहार

    ऐसे आहार का सेवन करें जो पचने में आसान हों, जैसे – बथुआ, साबुत अनाज, अंगूर, सेब आदि। बथुआ और पालक का सेवन करने से पाचन शक्ति मजबूत होती है।

    ऐसे आहार से बचें

    ऐसे आहार का सेवन करने से बचें जिसमें फैटी एसिड की मात्रा ज्यादा हो, क्योंकि ये आसानी से नहीं पचते। इसलिए जितना हो सके जंक फूड, फास्ट फूड, तले-भुने खाद्य-पदार्थ आदि खाने से परहेज करें।

    विटामिन सी युक्त आहार बनाएगा बात

    विटामिन सी युक्त खाद्य-पदार्थों जैसे ब्रोकली, टमाटर, किवी, स्ट्राबेरी आदि का सेवन करने से से पाचन शक्ति मजबूत होती है।

    खाने का समय

    निश्चित समय पर खाना और दो खानों के बीच निश्चित अंतराल रखना जरूरी है। सुबह 8 बजे ब्रेकफास्ट, 1 बजे लंच और 8 बजे डिनर कीजिए। इन खाने के बीच हेल्दी स्नैक्स ले सकते हैं। सोने से दो घंटे पहले डिनर कीजिए।

    नियमित व्यायाम

    रोजाना नियमित रूप से कसरत करने पर पूरा शरीर फिट रहता है और आप बीमार नहीं होते। यह पाचन तंत्र के लिए भी कारगर है। इसके अलावा जितना ज्यादा हो सके पैदल चलें।

  • शहद का ऐसे करें इस्तेमाल ऑयली त्‍वचा को खूबसूरत बनाने के लिए

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    त्वचा संबंधी कई प्रकार की समस्याओं के इलाज के लिए शहद का इस्तेमाल एक गुणकारी आयुर्वेदिक औषधि के रूप में हजारों सालों से किया जा रहा है क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में पौषक तत्वों के गुण त्वचा को बेहतर बनाने में सहायता करते हैं। ऑयली त्वचा के लिए सबसे असरकारक उपाय है।

    इसका इस्तेमाल करने के लिए रसोई घर में रखे सामानों के साथ इसे मिलाना है। अगर आप भी चेहरे पर प्राकृतिक चमक लाना चाहते हैं तो यहां हम आपको शहद के साथ अन्य वस्तुओं का इस्तेमाल करने के खास उपायों के बारे में बता रहे हैं जो तैलीय त्वचा के लिये एक वरदान साबित होती हैं।

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    हल्दी और शहद का पेस्ट

    यदि आपकी त्वचा पर कील-मुंहासे होने के साथ सूजन, घाव या किसी भी प्रकार का संक्रमण है तो यह पैक आपके लिए एक अच्छा उपचार है। इसके अलावा, यह आपकी त्वचा को खूबसूरत बनाने में भी मदद करता है। हल्दी और शहद का मिश्रण को अपने चेहरे पर लगाकर 20 मिनट तक लगा रहने दें। उसके बाद अपने चेहरे को ठंडे पानी से धो लें। इससे आपके चेहरे पर चमक बढ़ेगी।

    दूध और शहद का मिश्रण

    यह बात हम सभी जानते है कि दूध और शहद ये दोनों ही बेहतरीन मॉइस्चराइज़र के रूप में जाने जाते हैं जो आपकी त्वचा को हाइड्रेट रखने में सहायता करते हैं। अगर आप त्वचा में प्राकृतिक और निखार पाना चाहते हैं तो इसका उपयोग जरूर करें।

    शहद और नींबू का मिश्रण

    शहद और नींबू का इस्तेमाल प्राचीनकाल से चेहरे का खूबसूरत बनाने के लिए किया जाता है। इस दोनों के मिश्रण से चेहरे के मुँहासे और पिंपल्स को अासानी से दूर किया जा सकता है।

  • कैसे करे बच्चे को हैंडल अगर देख लिया है उसने पार्टनर के साथ आपको हमबिस्तर!

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    मान लीजिए किसी छुट्टी के दिन आप और आपके पार्टनर एक-दूसरे के साथ कुछ अच्छा वक्त बिताना चाहते हैं। आपको बच्चा कहीं आसपास नहीं दिखता और लगता है कि वह कहीं और उलझा हुआ है। धीरे-धीरे आपकी नजदीकियां बढ़ जाती हैं और आपको किसी और का खयाल नहीं रहता। तभी अचानक आपका बच्चा वहां पहुंच जाए! ऐसी सिचुएशन को कैसे संभालें, यहां है जवाब…

    सामान्य रहें और बच्चे को न डांटें

    कुछ देर के लिए ऐसा बिल्कुल भी मत सोचिए कि आपका बच्चा सब कुछ समझ गया होगा, खासतौर पर अगर वह 5 साल से छोटा है। ऐसा कुछ भी न कहें कि हम खेल रहे थे वगैरह। इसके बजाए सबसे पहले खुद को कवर करें और उससे कहें कि वह अपने कमरे में जाए और आप जल्द ही उसके पास आती हैं। आप कुछ भी कर रहे हों लेकिन बच्चे को डांटे नहीं।

    अपराधबोध न लें

    इस बारे में अपराधबोध न लें। थोड़े देर के लिए शर्मिंदगी ठीक है। बच्चे से इस बारे में बात करने के लिए कुछ समय ले लें। शर्मिंदगी में बच्चे से तुरंत चिड़िया, तोता जैसी इधर-उधर की बातें न करने लग जाएं। शांत और आराम से रहें। आपके बच्चे को नहीं लगना चाहिए कि आप इस पर बात करते हुए शर्मिंदा हैं।

    उम्र पर भी ध्यान दें

    बच्चे की उम्र को देखते हुए इस बारे में उससे बात करें। देखें क्या उन्हें बताने का सही वक्त आ गया है कि बच्चे कैसे इस दुनिया में आते हैं। अगर आपका बच्चा 5 साल के आसपास है तो आपको क्लीनिकल डिटेल या सेक्स पर डिसकशन नहीं करना चाहिए। कोई भी गैरजरूरी जानकारी न दें। अगर आपका बच्चा 5 साल से बड़ा है और वह नजदीकी के बारे में थोड़ा-बहुत समझता है तो उससे बात कर सकती हैं।

    ये कर सकती हैं

    बच्चों को इस पर समझाने की हड़बड़ी न दिखाएं। उनके इमोशंस को पढ़ने की कोशिश करें अगर आपको लगता है कि वे इस पर ज्यादा ध्यान नहीं दे पाए हैं तो डिसकस न करें। अगर आपको बच्चा परेशान दिख रहा है और समझने की उम्र में हैं तो बता सकती हैं कि उसके मम्मी-पापा एक-दूसरे को प्यार करते हैं और यह प्यार जताने का एक तरीका। बड़े लोग कभी-कभी ऐसे प्यार जताते हैं। आपको समझ में नहीं आ रहा है कि बात कैसे करें तो एक्सपर्ट की मदद भी ले सकती हैं।

  • फीमेल बॉडी का सबसे लचीला या फ्लैग्जे़बल पार्ट है वजाइना

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    फीमेल बॉडी का सबसे लचीला या फ्लैग्जे़बल पार्ट है वजाइना। अक्सर महिलाओं और पुरुषों के मन में यह जिज्ञासा होती है कि क्या लंबे समय तक सेक्स ना करने, सेक्स टॉय का यूज ना करने से वजाइना का आकार छोटा और टाइट हो जाता है…

    बनावट और स्ट्रेचिंग

    बात इंटरकोर्स की हो, पीरियड्स के दौरान टैंपॉन लगाने की हो, सेक्स टॉय का यूज करने की हो या फिर चाइल्ड बर्थ से जुड़ी हो। वजाइना इन सभी प्रॉसेस के दौरान अपने आकार को बढ़ा लेती है जबकि इन प्रक्रियाओं से गुजरने के बाद यह वापस अपने आकार में आ जाती है।

    उत्तेजना के वक्त भी

    ऊपर बताई गई स्थितियों से अलग भी एक वक्त ऐसा होता है, जब वजाइना अपने आकार को नैचरल तरीके से बड़ा कर लेती है और यह होता है सेक्स के दौरान फॉरप्ले और उत्तेजना की चरम सीमा पर पहुंचने पर।

    इस तरह बढ़ता है साइज

    उत्तेजना के वक्त वजाइना का ऊपरी भाग कुछ लंबा और बड़ा हो जाता है। जिस तरह पीनिस का साइज बढ़ता है, उसी तरह वजाइना की डेप्थ भी बढ़ती है। पेनिट्रेशन के दौरान वजाइना की मसल्स फैलती और सिकुड़ती रहती हैं।

    ऐसा मानना सही नहीं

    कुछ महिलाओं और पुरुषों को लगता है कि अगर सेक्स लाइफ में लंबा ब्रेक लिया जाए तो वजाइना टाइट हो जाती है। लेकिन कई बार महिलाएं लंबे समय बाद सेक्स करने में दर्द के कारण झिझकती हैं।

    तब होती है पीड़ा

    अगर किसी महिला ने लंबे समय तक किसी भी वजह से सेक्स नहीं किया हो और फिर सेक्स के दौरान किसी कारण से वजाइना में जरूरी चिकनाहट और गीलापन ना होने के कारण भी सेक्स के दौरान दर्द होता है।

    तब होता है दर्द

    महिलाएं 45 की उम्र के बाद मेनोपॉज की स्थिति से गुजरती हैं। इस दौरान कई हॉर्मोनल चेंजेज के कारण कभी सेक्स की इच्छा नहीं होती तो कभी वजाइना में जरूरी चिकनाहट और गीलापन नहीं आता। इस कारण भी दर्द होता है और टाइटनेस का अहसास हो सकता है।

    तब महसूस होता है ऐसा

    जो महिलाएं लंबे समय तक सेक्स नहीं करती हैं या अपनी सेक्स लाइफ में बहुत ऐक्टिव नहीं रहती हैं, इस कारण उनकी वजाइना वापस अपने नेचरल साइज में आ जाती है, जिस कारण उन्हें लगता है कि टाइटनेस बढ़ गई है।

  • फैशन वर्ल्ड में छाया हुआ है खादी

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    कभी राष्ट्रपिता महात्मा ने खादी को घर-घर पहुंचाने की मुहिम छेड़ी थी। उन्होंने ने ही स्वदेशी चीजें अपनाने के लिए लोगों को मोटिवेट किया। उसके बाद भी कई सालों तक लोग खादी को पूरी तरह से नहीं अपना पाए। लेकिन बीते कुछ सालों से खादी फैशन वर्ल्ड में छाया हुआ है। तमाम डिजाइनर्स भी खादी को खूब पसंद कर रहे हैं और अपने कलेक्शन में इसे खास तौर से शामिल कर रहे हैं। खास बात यह है कि खादी ट्रेंडी होने के साथ-साथ ठंडक का अहसास भी कराती है।

    अब जब खादी इतना चलन में है, तो फिर क्यों न आप भी इसे अपने वॉरड्रोब में शामिल कर लें? और तो और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी खूब खादी पहनते हैं। तो फिर चलिए हम आपको बताते हैं कि कैसे आप खादी के साथ स्टाइल स्टेटमेंट सेट कर सकते हैं

    खादी के कुर्ते
    ये ऐसे आउटफिट हैं जो लड़कों के साथ-साथ लड़कियों पर भी खूब फबते हैं। खास बात यह है कि ये कभी फैशन से बाहर नहीं होते। इन्हें आप अलग-अलग स्टाइल से कैरी कर सकते हैं। चाहे तो लड़कियां खादी के कुर्ते जीन्स या फिर लैगिंग्स के साथ आसानी से कैरी कर सकती हैं। वहीं लड़के खादी के शॉर्ट कुर्ते और पजामा में खूब जंचते हैं। इन्हें डेनिम के साथ भी पहना जा सकता है।

    मोदी स्टाइल के कुर्ते और जैकेट
    लड़के पीएम मोदी की तरह खादी का जैकेट और कुर्ता भी पहन सकते हैं। ट्रडिशनल होने के साथ-साथ यह क्लासिक लुक भी देते हैं।

    खादी की साड़ियां
    खादी की कुर्तियां और साड़ियां लड़कियों के बीच काफी पॉप्युलर हो गई हैं। कॉलेज से लेकर ऑफिस जाने वाली नौकरीपेशा महिलाएं भी अब हैंडलूम और खादी कॉटन को पसंद कर रही हैं। मार्केट में खादी कॉटन में अलग-अलग कलर की खूबसूरत साड़ियां उपलब्ध हैं। यहां से आप अपनी पसंद के हिसाब से चुन सकती हैं।

    ऐसे कैरी करें खादी की साड़ी
    अगर आप खादी की साड़ी पहन रही हैं तो उसे बेल्ट के साथ कैरी कर सकती हैं। साथ में हल्की जूलरी और एक हैंडबैग गजब का लुक देगा।

    खादी वेस्टर्न आउटफिट्स
    खादी में सिर्फ ट्रडिशनल ही नहीं बल्कि वेस्टर्न वेअर भी उपलब्ध है। खादी के टॉप्स भी काफी डिमांड में रहते हैं। खास बात यह है कि ये अलग-अलग स्टाइल में आसानी से मिल जाते हैं। जैसे कि प्लेन और स्ट्रेट लेंथ व क्रॉप स्टाइल।

  • किशमिश है कब्ज और पेट फूलने की समस्‍या में रामबाण

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    बहुत कम ही लोग कब्‍ज का इलाज कराने के लिए डॉक्टर के पास जाते हैं। इसकी बजाय वे कब्ज का अपने हिसाब से हल करते हैं। हालांकि कुछ प्राकृतिक चीजें हैं जो कब्ज और पेट फूलने की समस्या को दूर करने में मदद कर सकती हैं। ये नैचरल फूड आइटम्स आंतों के लिए क्लेन्जिंग एजेंट के रूप में काम करते हैं। साथ ही यह आपके शरीर को डिटॉक्स करने का एक शानदार तरीका भी है। तो आखिर कौन सी है, वे प्राकृतिक औषधी जिससे पेट की ज्यादातर समस्याएं होंगी दूर…

    त्रिफला

    इसमें तीन फल होते हैं-आंवला, हरितकी और विभीतकी। यह एक बेहतरीन औषधि है। यह पाचन और मल त्याग को विनियमित करने में मदद करता है। आप या तो गर्म पानी के साथ एक चम्मच त्रिफला ले सकते हैं या बिस्तर पर जाने से पहले या सुबह खाली पेट त्रिफला पाउडर को शहद के साथ मिलाकर खा सकते हैं।

    किशमिश
    किशमिश फाइबर से भरी होती है और यह एक प्राकृतिक रेचक औषधि के रूप में कार्य करती है। यह उपाय दवा के दुष्प्रभावों के बिना, गर्भवतियों के लिए भी अद‌्भुत काम करती है। किशमिश खाने के और भी लाभ हैं। रात भर एक मुट्ठी किशमिश पानी में भिगोएं। सुबह खाली पेट इन्‍हें खाएं और किशमिश के पानी को भी पी जाएं।

    अंजीर

    सूखे या पके दोनों ही तरह के अंजीर फाइबर से भरे होते हैं। कब्ज से राहत के लिए, एक गिलास दूध में कुछ अंजीर उबालें, इस मिश्रण को रात को सोने से पहले पिएं। निश्चित करें कि मिश्रण को गुनगुना रहने तक पी जाएं। अंजीर को फल के तौर भी खा सकते हैं।

    खूब सारा पानी पिएं
    आयुर्वेदाचार्य डॉ चंद्रमोहन पांडेय कहते हैं, कब्ज से राहत के लिए तैलीय या मसालेदार खाद्य पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए। अगर कब्ज की समस्या से लगातार परेशान हैं तो काफी मात्रा में पानी पिएं।

  • Health Tips: इन चीजों के सेवन से बढ़ाये प्लेटलेट्स की संख्या

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    बुखार होने के बाद अगर लगातार शरीर में दर्द की शिकायत हो रही हो तो प्लेटलेट्स की जांच करवाना चाहिए। दरअसल प्लेटलेट्स कम होने के लक्षण भी यही होते हैं। चक्कर आना और शरीर में दर्द होना प्लेटलेट्स कम होने की निशानी है। पर, चिंता की जरूरत नहीं है, क्योंकि कुछ चीजों की मदद से इस समस्या को दूर किया जा सकता है। प्लेटलेट्स छोटी रक्त कोशिकाएं होती हैं, जो खासतौर पर बोनमैरो में पाई जाती हैं। प्लेटलेट्स की कमी इस बात की निशानी है कि खून में बीमारियों से लड़ने की ताकत कम हो रही है। एक स्वस्थ व्यक्ति में सामान्य प्लेटलेट काउंट 150 हजार से 450 हजार प्रति माइक्रोलीटर होता है। जब यह काउंट 150 हजार प्रति माइक्रोलीटर से नीचे चला जाये तो इसे लो प्लेटलेट माना जाता है।

    चुकंदर 
    प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए चुकंदर को तरह-तरह से अपने खाने में शामिल कीजिए। फिर चाहे उसकी सब्जी बनाइए या जूस पीजिए। एंटीऑक्सीट्डेंट से भरपूर चुकंदर में प्लेटलेट्स बढ़ाने के लिए जरूरी सभी गुण होते हैं। यह शरीर की रोग प्रतिरोधी क्षमता को भी मजबूत बनाता है। ज्यादा लाभ पाने के लिए दो से तीन चम्मच चुकंदर के रस को एक गिलास गाजर के रस में मिलाकर पिएं।

    पपीते का पत्ता 
    साल 2009 में मलेशिया के शोधकर्ताओं ने माना था कि प्लेटलेट्स बढ़ाने में पपीता ही नहीं, उसकी पत्तियां भी मददगार हैं। खासतौर पर डेंगू बुखार के कारण कम हुए प्लेटलेट्स को संतुलित करने में पपीता फायदेमंद होता है। प्लेटलेट्स संतुलित रखने के लिए नियमित रूप से पपीता खाएं। पपीते के पत्तों को पानी में उबालकर उसे ग्रीन टी के रूप में पिएं, ज्यादा फायदा होगा।

    आंवला 
    आंवले में मौजूद विटामिन-सी प्लेटलेट्स का उत्पादन तो बढ़ाता ही है, रोग प्रतिरोधक क्षमता भी बढ़ती है। नियमित रूप से हर सुबह खाली पेट 3 से 4 आंवला खाएं। आंवला इस तरह से नहीं खा पा रहे हैं तो दो चम्मच आंवले के जूस में शहद मिलाकर पिएं।

    इन्हें भी आजमाएं 
    – खाद्य पदार्थों को पका कर खाने की जगह कच्चा ही खाएं।
    – कीवी भी प्लेटलेट्स बढ़ाने में मदद करती है।
    – गाजर का नियमित सेवन करें।
    – इलेक्ट्रोलाइट्स और मिनरल्स प्लेटलेट्स बढ़ाने में बेहद मददगार होते हैं। नारियल पानी में यह दोनों ही तत्व प्रचुर मात्रा में होता है।
    – बकरी का दूध भी प्लेटलेट्स बढ़ाता है।

     

  • इन अनोखे क्रेजी टैटूज के संग भरे गरबा में नए रंग

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    नवरात्रि पर हर तरफ भक्ति के रंग बिखरे नजर आते है। नवरात्रि पर मां दुर्गा की पूजा का पावन समय होता है। नवरात्रि के शुरू होते ही देश के कई राज्यों में गरबे और डांडिया की धूम है। गुजरात, राजस्थान, मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़, दिल्ली सहित कई राज्यों में यह उत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। नवरात्रि पर महिलाएं कलरफुल कपड़ों के साथ गरबा डांस करती है।

    युवतियां नवरात्रि उत्सव कार्यक्रमों के लिए खास तौर पर सज- संवरकर पहुंचती हैं। इसके लिए कई बार महिलाएं अस्थाई टैटू भी बनवाती हैं। गरबा के दौरान बदलते वक्त के साथ हमारे तौर-तरीके जरूर बदले हैं लेकिन भक्ति का भाव वही है।

    टैटू लवर्स जानते हैं कि मार्केट में टैटू से जुड़ी अब कई तकनीक और आर्ट मौजूद हैं। आप पर्मानेंट टैटू ही बनवाएं ऐसा जरूरी नहीं है। साथ ही आपको टैटू बनवाते समय दर्द हो ऐसा भी जरूरी नहीं है।

    आप चाहें तो कुछ दिन के लिए टैटू डिजाइन करा सकते हैं। खासतौर पर नवरात्रों में, जहां देश में चारो तरफ नवरात्रों में पूरे देश में गरबा डांस का आयोजन किया जाता है। जगह-जगह पांडाल लगाए जाते हैं और पारंपरिक गीतों की धूम पर लोग गरबा करते हैं।

    गुजराती या राजस्थानी पारंपरिक लहंगा और बैकलेस चोली के साथ यंग गल्र्स गरबा खेलते हुए कपल्स का टैटू बनवाना पसंद करती हैं। कुछ लोग अपने टैटू में अपना नाम लिखवाते हैं और मां दुर्गा का कोई प्रतीक चिन्ह जैसे त्रिशूल या शेर भी बनवाते हैं। कुछ लोग मां गौरी के प्रति श्रद्धा भी टैटू में दर्शाते हैं।

  • अगर करते है ज्यादा शॉपिंग तो हो जाइये सतर्क ….

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    त्यौहारों में बाजार की रौनक की बात ही कुछ और होती है। चाहे कपड़े हों या फिर फर्नीचर, त्यौहारों के समय इन सबकी शॉपिंग होती है। कई बार फेस्टिव मूड में हम ऐसी चीजें भी खरीदते जाते हैं, जिनकी हमे कोई खास जरूरत नहीं है। हालांकि, आप कई ऐसे लोगों को भी जानते होंगे जिन्हें शॉपिंग करने के लिए त्यौहारों का इंतजार नहीं करना पड़ता है। उनका जब मन करता है तब शॉपिंग पर निकल जाते हैं। आपको बता दें शॉपिंग की लत भी एक बीमारी है। इंग्लैंड के एक हेल्थकेयर ग्रुप ने ज्यादा शॉपिंग करने को उन बीमारियों की लिस्ट में शामिल किया है जिसके इलाज की जरूरत है।

    ज्यादा शॉपिंग करने को एक डिसॉर्डर माना गया है। मेडिकल टर्म में इसे कंपल्सिव बाइंग डिसॉर्डर या ओनियोमेनिया कहा जाता है। कई लोग इस डिसॉर्डर का शिकार होते हैं लेकिन बहुत कम लोग इसे पहचानकर इसका इलाज कर पाते हैं। 2015 के रिव्यू के अनुसार विकासशील देशों में हर बीस में से एक व्यक्ति इस बीमारी का शिकार है।

    क्या हैं नुकसान
    शॉपिंग अडिक्शन के कारण जिंदगी पर बुरा असर पड़ता है। लोगों का निजी जीवन इससे प्रभावित होता है और कपल्स के बीच दरार आ सकती है। शॉपिंग की लत के कारण आप कर्ज ने भी आ सकते हैं जो धीरे-धीरे अवसाद का रूप ले लेता है। सही काउंसेलिंग और थेरपी के जरिए यह लत छुड़ाई जा सकती है।

    ऐसे बचें
    शॉपिंग अडिक्शन से बचने के लिए आपको इसके बारे में आपको यह समझना चाहिए कि किस वजह से आपको शॉपिंग का मन करता है। जैसे, अगर आप तनाव से बचने के लिए शॉपिंग करते हैं तो आपको तनाव का करण समझना चाहिए। खर्च के लिए प्लान बनाएं और इस प्लान पर डटे रहें। अपनी जगह घर के किसी और को सामान लेने भेजें।

  • मुश्किल घड़ी में ऐसे रखें ख्याल…मुसीबत में दें दोस्त का साथ

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    मुसीबत किसी को बातकर नहीं आती है। अक्सर कहा जाता है कि मुसीबत में दोस्त ही दोस्त के काम आता है। मुसीबत के समय ही दोस्ती की पहचान होती है। कभी-कभी स्थिति ऐसी आ जाती है कि इंसान के लिए खुद को संभालना बहुत मुश्किल हो जाता है। ऐसे में अगर किसी को खुद को और दूसरों को संभालना आ जाए तो स्थिति को कुछ बेहतर किया जा सकता है। इस दौरान कुछ ऐसी बातों का ध्यान रखना चाहिए, जिससे आपका दोस्त सदमे से निकल जाए।

    ऐसे में कुछ बातों का ध्यान रखने से न सिर्फ आपके दोस्त को अच्छा लगेगा बल्कि उसे इस सदमे से निकलने में मदद भी मिलेगी। दुख की घड़ी में अपने दोस्तो का ख्याल कैसे रखना चाहिए, आइए जानते हैं।

    साहसी बनने के लिए न कहें…

    इस तरह की सिचुएशन में तुंरत उन्हें साहसी बनने और आगे बढऩे की सलाह न करें। अक्सर लोग दिलासा देने के चक्कर में यह कह देते हैं कि ‘जो होता है अच्छे के लिए होता है’ या ‘सब ठीक हो जाएगा।’ मगर इससे उनका दुख कम होने की बजाए और भी बढ़ सकता है।

    साथ समय बिताए…

    मुसीबत के समय अपने दोस्त के साथ ज्यादा से ज्यादा समय बिताए। उनका ध्यान इधर-उधर लगाने की कोशिश करें। हालांकि लोगों को दुख से उभरने में महीनों तक लग जाते हैं लेकिन उन्हें अहसास करवाए कि आप हमेशा उनके साथ है। इससे उन्हें दुख भुलाने में मदद मिलेगी। उन्हें बाहर घुमाने ले जाएं, लेकिन जबरदस्ती बिल्कुल न करें।

    खामोशी से काम लें…
    अगर आपके किसी दोस्त ने करीबी को खोया है तो उसके सामने कोई गलत या फालतू की बात न करें। ऐसी स्थिति में समझदारी और खामोशी से काम लें। हालांकि उनसे यह भी पूछ लें कि उन्हें किसी चीज की जरूरत तो नहीं है। इससे उसे यह अहसास होगा कि आप हर मुश्किल घड़ी में उसके साथ है।

    प्रोफेशनल की सलाह लें…
    कुछ लोग समय बीत जाने के बाद भी अपने गम से बाहर नहीं आ पाते। वह अंदर ही अंदर घुटते रहते हैं और लोगों से मेल-जोल खत्म कर देते हैं। ऐसे में आप उन्हें किसी प्रोफेशनल के पास ले जाए।